Wednesday, July 8, 2026 10:53 am

कलेक्टर ने की निर्मला सीनियर सेकेंडरी स्कूल की वार्षिक खेल उत्सव में सहभागिता

मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने निर्मला सीनियर सेकेंडरी स्कूल मण्डला के वार्षिक खेल उत्सव में सहभागिता की। कलेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में खेलों का अत्यधिक महत्व होता है। खेल हमें अनुशासन के साथ-साथ एक टीम के रूप में समन्वय करने की शिक्षा भी देते हैं। अपने काम के प्रति ईमानदार रहें, अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहें, सपने देखें एवं उनको पूरा करने के लिए हमेशा प्रयास करें। उन्होंने पालकों का आव्हान किया कि बच्चों को पर्याप्त अवसर प्रदान करें तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए समुचित सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करें। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट ने कहा कि खेल से व्यक्तित्व का विकास होता है। खेलों से हमें नेतृत्व तथा प्रबंधन की क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने बच्चों का आव्हान किया कि वे अपने पालकों और गुरूजनों का सम्मान करें तथा उनकी मेहनत और समर्पण को सार्थक करें। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए धैर्य, आत्मविश्वास और कठिन मेहनत आवश्यक है। इससे पूर्व कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट द्वारा फायरगन जलाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। विद्यार्थियों द्वारा सदनवार परेड का प्रदर्शन के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में बैंड प्रदर्शन, रिले दौड़, जलेबी दौड़ और सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा विजेताओं को कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य, उप प्राचार्य सहित स्कूल स्टॉफ उपस्थित थे। recent visitors 68

‘भोपाल यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा 4 सप्ताह में हटाया जाए ‘, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

भोपाल / जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड परिसर का जहरीला कचरा एक माह में हटाने के निर्देश दिए हैं। इस सिलसिले में एक सप्ताह में संयुक्त बैठक कर सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए कहा गया है। यह चेतावनी भी दी है कि यदि कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है तो उसके प्रमुख सचिव के विरुद्ध अवमानना कार्रवाई की जाएगी। ऐसा नहीं करने पर प्रदेश के मुख्य सचिव और भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण पेश करना होगा. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है. हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार युगलपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सरकार को फटकार लगाते हुए अपने आदेश में कहा कि "राज्य सरकार की तरफ से इस साल 20 मार्च को पेश की गई योजना के अनुसार न्यूनतम अवधि 185 दिन और अधिकतम 377 दिनों में जहरीले कचरे को हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. हम यह समझने में विफल हैं कि सर्वोच्च तथा इस न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश के अनुसार आज तक जहरीले कचरे को हटाने कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया है. अधिकारी निष्क्रियता में हैं और आगे की कार्रवाई करने से पहले एक और त्रासदी आकार ले सकती है." '40 साल बाद भी दुखद स्थिति' याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि "पूर्व में पारित आदेश का अवलोकन करने पर स्पष्ट होता है कि याचिका साल 2004 में दायर की गई थी और 20 वर्ष बीत गए हैं. प्रतिवादी अभी तक पहले चरण में हैं. वास्तव में यह दुखद स्थिति है, क्योंकि प्लांट साइट से विषाक्त अपशिष्ट को हटाना, एमआईसी और प्लांट को बंद करना और आसपास की मिट्टी और भूजल में फैले दूषित पदार्थों को हटाना भोपाल शहर की आम जनता की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है. भोपाल में गैस आपदा आज से 40 साल पहले हुई थी. 'वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का करें पालन' हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग को आदेश दिया है कि "देश के पर्यावरण कानूनों के तहत अपने वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का पालन करें. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री साइट की तत्काल सफाई और संबंधित क्षेत्र से पूरा जहरीला कचरे को हटाने और सुरक्षित विनष्टीकरण करने उपचारात्मक उपाय करें. इसकी लागत राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा वहन करेंगे." '1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें' हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि "जहरीला कचरा हटाये जाने के लिए सरकार, संबंधित अधिकारी और प्रतिवादी संयुक्त बैठक कर 1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें. कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो संबंधित प्रमुख सचिव पर अवमानना की कार्यवाही की जायेगी.कोई अधिकारी आदेशों के पालन के संबंध में कोई बाधा या रुकावट पैदा करता है, तो इसकी जानकारी मुख्य सचिव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्यायालय को प्रदान करेंगे. जिससे अगली सुनवाई पर न्यायालय उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर सकें." 6 जनवरी को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि "जहरीले कचरे के परिवहन और निपटान के दौरान सभी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे. प्रतिदिन की प्रगति के साथ तैयार की गयी रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग हलफनामे के साथ पेश की जाये." युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ उपस्थित हुए. पीथमपुर में होना है जहरीले कचरे का विनष्टीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान पूर्व में केन्द्र सरकार की तरफ से युगलपीठ को बताया कि वह अपने हिस्से की राशि 126 करोड़ रुपये पहले ही राज्य सरकार को दे चुके हैं. राज्य सरकार ने यह राशि खर्च नहीं की है. राज्य सरकार ने राशि मिलने की जानकारी देते हुए बताया गया कि ठेकेदार को 20 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है लेकिन संबंधित ठेकेदार ने कोई कार्य प्रारंभ नहीं किया है. सरकार 3 सप्ताह के भीतर प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी. म.प्र. प्रदूषण बोर्ड धार के क्षेत्रीय अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताया था कि जहरीले कचरे का विनष्टीकरण पीथमपुर में किया जाना है, जिसके लिए हम तैयार हैं. उनके पास 12 ट्रक उपलब्ध हैं, जिसका उपयोग राज्य सरकार जहरीले कचरे के परिवहन के लिए कर सकती है. 2004 में दायर की गई थी याचिका बता दें कि आलोक प्रभाव सिंह ने साल 2004 में यूनियन कार्बाइड के कचरे को हटाने को लेकर याचिका दायर की थी. याचिका में कहा गया था कि भोपाल गैस त्रासदी के दौरान यूनियन कार्बाइड कंपनी से हुए जहरीले गैस रिसाव में लगभग 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. भोपाल गैस त्रासदी के बाद यूनियन कार्बाइड फैक्टरी में करीब 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरा पड़ा है. याचिका में जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान लेकर कर रहा है. recent visitors 78

नौकरी को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी, राजस्थान-जयपुर में 23,820 सफाई कर्मियों की भर्ती निरस्त

जयपुर. राजस्थान में चल रही सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आयी है। सफाई कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। इसको लेकर स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। स्वायत्त शासन विभाग ने भर्ती के लिए जारी विज्ञापन प्रत्याहारित करते हुए बताया कि 23,820 पदों पर 185 निकायों के लिए भर्ती की जानी थी। आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 27 नवंबर थी। इसको लेकर राज्य सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थी। विभिन्न निकायों में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने की शिकायतें थीं। इसके चलते जयपुर ग्रेटर व जयपुर हेरिटेज निगम ने पिछले दिनों प्रक्रिया स्थगित की थी।  जयपुर के अलावा अन्य निकायों से भी ऐसी शिकायतें मिल रही थी।  इसी के चलते भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने का बड़ा फैसला किया गया है। recent visitors 95

मोबाइल लूटकर फरार, छत्तीसगढ़-कांकेर में बाइक सवार तीन नकाबपोशों ने दो युवकों को मारे चाकू

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं. आज बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नाबालिग समेत दो युवकों पर चाकू से हमला किया और मोबाइल लूटकर फरार हो गए. इस वारदात के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. पूरा मामला चारामा थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, बदमाशों ने रतेसरा और मचांदूर के बीच दो अलग-अलग जगहों पर वारदात को अंजाम दिया है. चाकू से हमले कर आरोपियों ने नाबालिग से मोबाइल लूट लिया. इसके बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए. हमले में दो युवक घायल हुए हैं. एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है. पुलिस जल्द आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही. recent visitors 80

करोड़ों रुपयों का कारोबार प्रभावित, राजस्थान-केकड़ी मंडी में दलहन पर टैक्स हटाने चल रही हड़ताल

केकड़ी. केकड़ी में स्थित महावीर मिल्स के मनीष कटारिया, हेम इण्डस्ट्रीज के प्रेमचंद बाकलीवाल, केडीएम इण्डस्ट्रीज के हरिनारायण मंत्री, राजश्री इण्डस्ट्रीज के दिनेश काबरा, बरफीदेवी इण्डस्ट्रीज के पारस कुमार जैन, आर के इण्डस्ट्रीज के पार्थिक जैन, अरावली इण्डस्ट्रीज के विनोद जैन आदि मिल मालिकों ने बताया कि राजस्थान में दलहन पर 1.60 प्रतिशत मंडी शुल्क एवं 0.50 प्रतिशत कृषक कल्याण नामक सेस वसूला जा रहा है। जबकि अन्य राज्य गुजरात में मंडी टैक्स 0.60 प्रतिशत व हरियाणा में 1 प्रतिशत लिया जाता है तथा पंजाब, दिल्ली और बिहार में कोई मण्डी टैक्स नहीं लिया जाता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में दलहन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार को आयातित दलहन को मंडी टैक्स के दायरे से बाहर करना चाहिए तथा कृषक कल्याण शुल्क भी समाप्त करना चाहिए। उन्होनें कहा कि दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश भले ही राजस्थान से आगे हो। लेकिन दाल उत्पादन में राजस्थान देश में नंबर वन पर है। राजस्थान में तीन हजार से ज्यादा दाल मिले है। प्रदेश के व्यवसायियों को कच्चे माल की पूर्ति के लिए पड़ोसी राज्यों से मंडी शुल्क चुका कर माल खरीदना पड़ रहा है। फिर यहां आते ही फिर से मंडी टैक्स के साथ कृषि कल्याण टैक्स की मार है। इसका फायदा उठाकर दूसरे राज्य के लोग राजस्थान में दाल बेचकर मुनाफा कमा रहे है और प्रदेश का दलहन उद्योग अन्य राज्यों में पलायन के लिए मजबूर हो रहा है। टैक्स की दोहरी मार के कारण प्रदेश का दलहन आधारित उद्योग संकट में है। ज्यादातर व्यापारी अपने उद्योग को उन पड़ोसी राज्य में शिफ्ट करने पर विचार कर रहे है, जहां टैक्स कम है। कृषि मण्डी व्यापारिक एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवप्रकाश तोषनीवान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दलहन पर जो टैक्स लिया जा रहा है, उसे तत्काल प्रभाव से हटाना चाहिए तथा अन्य राज्यों के समान टैक्स में छूट देने चाहिए, जिससे दाल मिल संचालकों को प्रोत्साहन मिल सके और दलहन की असीमित संभावनाओं वाले राजस्थान प्रदेश में व्यापार फल फूल सके। इस दौरान प्रमोद जैन, नमन जैन, विनय जैन, दीपक धूपिया, पारस जैन, मुकेश कुमार शर्मा, वैभव धूमिया, अमन जैन, मनीष मंत्री, शंभू प्रकाश पारीक, शांतिलाल जैन, गौतमसिंह जैन, भंवर लाल फतेहपुरिया, ओमप्रकाश फतेहपुरिया, शैलेंद्र कुमार बोरदिया, सुशील चौधरी, अमित धूपिया, विजय तोषनीवाल, सुरेश कुमार जैन सहित कई मंडी व्यापारी भी मौजूद थे। recent visitors 143

कांग्रेसियों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन, राजस्थान-अजमेर दरगाह के उर्स में हो पुख्ता व्यवस्था

अजमेर. ख्वाजा साहब के उर्स में पुख्ता व्यवस्था करने की बात, कांग्रेसियों ने दिया जिला कलेक्टर को ज्ञापनअजमेर. विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के आगामी सालाना उर्स में जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता व्यवस्था करने के लिए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी महेंद्र सिंह रलावता के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने जिला कलेक्टर अजमेर लोकबंधु को ज्ञापन दिया। कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय निवासी कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और आगामी ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के सालाना उर्स पर जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की। जिला कलेक्टर को दिए पत्र में उर्स मेला क्षेत्र में आने वाले वार्ड सं. 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 69 व 70 आते हैं। उर्स से पूर्व मेला क्षेत्र में सफाई कराते हुए आम रास्ते पर जमा मलबा व कचरा तुरंत प्रभाव से हटवाने व उर्स अवधि में 24 घण्टे राउंड द क्लॉक मेला क्षेत्र में सफाई की व्यवस्था, जायरीनों के आने जाने के सुविधार्थ मेला क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर पूर्णतः रोक लगवाये, विद्युत तार, टेलीफोन के तार व केबल के लटके हुए तारों को दुरस्त कराये, पर्याप्त रोड लाइट के लिये स्थायी व अस्थायी विद्युत व्यवस्था करे, उर्स मेला क्षेत्र की सड़कों पर उर्स प्रारंभ होने से पूर्व पेचवर्क कराया जाये एवं जहां आवश्यक हो वहां नई सड़क निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही दरगाह संपर्क सड़क को उर्स प्रारंभ होने से पूर्व दुरुस्त कराया जाए, क्योंकि उर्स में शामिल होने वाले जायरीन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। उर्स मेला क्षेत्र की सभी नालियों को दुरस्त व साफ करवाए, ताकि नालियों का गंदा पानी सड़कों पर नहीं फैले, मेला क्षेत्र में जल सप्लाई की लाइनों के लीकेज को दुरस्त कर आवश्यकता अनुसार समय-समय पर जलापूर्ति करने का पेयजल विभाग को पाबंद करे। मेला क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा बंदोबस्त हेतु पर्याप्त मात्रा में पुलिस इम्दाद लगाए व मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इस अवसर पर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव शिवकुमार बंसल अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व जिला अध्यक्ष राशिद खान, वरिष्ठ पार्षद गजेंद्र सिंह रलावता, मुनीरचंद तंबोली, मुख्तियार नवाब, अमाद चिश्ती, ऋषि घारू, एसएम अकबर ,आजाद लखन, पप्पू कुरैशी, संपत कोठारी, समीर भटनागर, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय निवासी उपस्थित रहे। recent visitors 101

हसदेव क्षेत्र के राजनगर उपक्षेत्र स्थित झिरिया अंडरग्राउंड खदान में दो मजदूरों की मौत

राजनगर मध्य प्रदेश अनुपपुर जिले के झिरिया अंडरग्राउंड खदान में ब्लास्टिंग के बाद ड्रेसिंग के दौरान दुर्घटना हो गई। जिससे दो मजदूरों की मौत हो गईड्रेसिंग काम के ब्लास्टिंग के बाद मजदूर काम कर रहे थे तभी ऊपर छत से पत्थर गिरने से इसकी चपेट में आ गए दरअसल, यह पूरा मामला SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के हसदेव क्षेत्र के राजनगर उपक्षेत्र स्थित झिरिया अंडरग्राउंड खदान का है। जहां पर ब्लास्टिंग के बाद ड्रेसिंग के दौरान छत से गिरते पत्थरों के गिरने के कारण मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए। जिसके बाद तुरंत घायल मजदूर को अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक मजदूरों का नाम लखन लाल और वॉल्टर तिर्की है। वहीं इस घटना के बाद से खदानों में मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। recent visitors 54