Wednesday, July 8, 2026 9:49 am

होटल मेपल और परिक्रमा रेस्तरां,अरविंद अग्रवाल और आयुष अग्रवाल की मेहनत की गूंज

भोपाल यह कहानी है अरविंद अग्रवाल साहब और उनके बेटे आयुष अग्रवाल की, जिन्होंने अपनी दूरदृष्टि, मेहनत और जुनून से मध्य प्रदेश के आतिथ्य और पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने न केवल नर्मदापुरम रोड पर स्थित होटल मेपल को खड़ा किया, बल्कि इसके साथ "परिक्रमा", मध्य प्रदेश का पहला घूमने वाला रेस्तरां भी बनाया, जो आज हर किसी के आकर्षण का केंद्र बन चुका है।  शुरुआत: पिता-पुत्र की अनोखी साझेदारी अरविंद अग्रवाल साहब हमेशा से एक दूरदर्शी इंसान रहे हैं। उनका सपना था कि वे मध्य प्रदेश में ऐसा कुछ बनाएं, जो सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक पहचान बन जाए। दूसरी ओर, आयुष अग्रवाल, जो युवा और ऊर्जा से भरपूर थे, अपने पिता के सपनों को नई सोच और तकनीक के साथ साकार करना चाहते थे। दोनों ने मिलकर एक ऐसी जगह बनाने का सपना देखा, जो न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण हो, बल्कि लोगों को एक यादगार अनुभव भी प्रदान करे। इस सपने को साकार करने की दिशा में उन्होंने होटल मेपल और परिक्रमा रेस्तरां की योजना बनाई।  होटल मेपल: नर्मदापुरम रोड की शान होटल मेपल, नर्मदापुरम रोड पर स्थित, सिर्फ एक होटल नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और आधुनिकता का मेल है। अरविंद साहब ने होटल के हर पहलू पर ध्यान दिया, जिससे यह स्थान अपने मेहमानों के लिए घर जैसा आरामदायक और अनोखा अनुभव बन सके।  होटल मेपल की खासियतें: 1. आधुनिक डिज़ाइन: होटल को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह प्राकृतिक सुंदरता के बीच एक आधुनिक अनुभव प्रदान करता है। 2. सांस्कृतिक झलक: हर कमरे और सजावट में मध्य प्रदेश की लोक कला और परंपराओं की झलक दिखाई देती है। 3. उत्तम सेवा: यहां हर मेहमान का स्वागत एक विशेष अनुभव के साथ किया जाता है, जिससे वे खुद को खास महसूस करते हैं। 4. स्थानीय स्वाद: होटल के रेस्तरां में परोसा जाने वाला भोजन न केवल ताजा और स्वादिष्ट है, बल्कि यह स्थानीय व्यंजनों को भी बढ़ावा देता है।   परिक्रमा: मध्य प्रदेश का पहला घूमने वाला रेस्तरां होटल मेपल की सफलता के बाद, अरविंद और आयुष ने "परिक्रमा रेस्तरां" का सपना देखा। यह रेस्तरां होटल मेपल का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया। परिक्रमा, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, एक ऐसा रेस्तरां है, जो लगातार घूमता रहता है। परिक्रमा रेस्तरां की अनोखी बातें: 1. 360 डिग्री घूमने वाला डिज़ाइन: यह रेस्तरां धीरे-धीरे घूमता है, जिससे मेहमान न केवल स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेते हैं, बल्कि 360 डिग्री का मनोरम दृश्य भी देखते हैं। चाहे वह सूरज की किरणों का खेल हो या रात में चमकते सितारे, परिक्रमा हर पल को खास बना देता है। 2. तकनीकी चमत्कार: परिक्रमा को उच्च-स्तरीय तकनीक का उपयोग करके डिज़ाइन किया गया है, जो इसे सुरक्षित और सहज रूप से घूमने में सक्षम बनाती है। 3. वातावरण का अद्भुत अनुभव: रेस्तरां के अंदर बैठते ही मेहमानों को ऐसा महसूस होता है, जैसे वे प्रकृति और आधुनिकता के संगम का हिस्सा बन गए हों। खिड़की से दिखने वाले दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। 4. स्वाद का जादू: यहां परोसे जाने वाले व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि वे स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्वादों का अद्भुत मिश्रण हैं।    मेहनत रंग लाई अरविंद साहब के अनुभव और आयुष की नई सोच ने परिक्रमा को हकीकत में बदल दिया। इस रेस्तरां ने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित किया। यह मध्य प्रदेश का पहला और अनोखा घूमने वाला रेस्तरां बन गया, जो हर किसी के दिल को छू लेता है।  पिता-पुत्र की साझेदारी का जादू अरविंद अग्रवाल साहब और आयुष अग्रवाल की यह साझेदारी केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है। यह साझेदारी उनके मजबूत रिश्ते, आपसी सम्मान और सहयोग का प्रमाण है। अरविंद साहब ने अपने बेटे को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी, जबकि आयुष ने अपने पिता के अनुभव का सही दिशा में उपयोग कर आधुनिक तकनीक और सोच को जोड़ा।  आज का होटल मेपल और परिक्रमा आज होटल मेपल और परिक्रमा मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान रखते हैं। यह स्थान न केवल अपने मेहमानों को शानदार आतिथ्य प्रदान करता है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को भी बढ़ावा देता है।  निष्कर्ष यह कहानी हमें सिखाती है कि जब अनुभव और नई सोच का मेल होता है, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। अरविंद अग्रवाल और आयुष अग्रवाल की मेहनत, दूरदृष्टि और समर्पण ने न केवल एक होटल और रेस्तरां बनाया, बल्कि मध्य प्रदेश को एक नई पहचान दी। "होटल मेपल और परिक्रमा" आज केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि उन सपनों का प्रतीक हैं, जिन्हें जुनून और मेहनत से पूरा किया गया। यह पिता-पुत्र की जोड़ी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है कि जब सपने को हकीकत में बदलने की ठान लो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। recent visitors 96

‘मंत्री बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार’, छत्तीसगढ़-विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से सियासी तूफान

रायपुर. पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से छत्तीसगढ़ के सियासत में उबाल आ गया. विधायक ने कहा कि मंत्री बनना, नहीं बनना कब बनना और कैसे बनना है. यह विशुद्ध रूप से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. इस बारे में मुझे ना कुछ बोलना है. ना ही कुछ कहना है. खाली विभाग जो है. वे विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं. विधायक चंद्राकर ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी सहित कई बड़े नेताओं से मुलाकात भी की है. चर्चा है की मंत्री के दो खाली पड़े पद में एक नाम अजय चंद्राकर का भी हो सकता है. धान खरीदी को लेकर विधायक का बयान: कांग्रेस के धान खरीदी केंद्रों को लेकर प्रेस वार्ता को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा-  कोई गंभीर बात वो नहीं बता सके हैं. सुचारू रूप से काम चल रहा है. वहीं धान खरीदी कम होने को लेकर कहा, धान की कटाई पूरी तरह हुई नहीं है. समय बढ़ाने के आवश्यकता नहीं पड़ेगी. निर्धारित समय में पूरी खरीदी हो जाएगी. क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे दिल्ली दिल्ली दौरे को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि हम निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे. कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर जा सकते हैं, जो केंद्र सरकार से संबंधित है. मैंने अपने सांसद से लेकर छत्तीसगढ़ के मंत्री तोखन साहू के साथ में क्षेत्र की जो समस्याएं थी, केंद्र सरकार के समक्ष उसके बारे में ही चर्चा हुई. नगरीय निकायों में विकास को लेकर कांग्रेस पर पलटवार बीजेपी की सरकार बनने के बाद निकायों में विकास नहीं होने के बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विकास जिसका होना है, उसका तो पूरा विकास हो गया. रायपुर में कितने तालाबो का सौंदर्यीकरण हुआ है देखिए. ये कांग्रेस का विकास है रायपुर में. कांग्रेस के आंदोलन पर दिया बयान अपराध और धान को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है. इस सवाल पर विधायक चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस हमलावर रहेगी. एक प्रेस वार्ता लेकर एक बार क्रोध में उन्होंने आंदोलन किया. टोल नाका के लिए टोल नाका में 15 से 20 कांग्रेसी थे, कुछ पुलिस वाले थे. पहले जन समर्थन लेना चाहिए, उसके बाद करें. केवल समाचार पत्रों में, मीडिया भर में वे आंदोलित हैं. जमीन में कहीं कांग्रेस की उपस्थिति नहीं है. कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता चरण दास महंत : विधायक अजय चंद्राकर ने आगे कहा कि कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता हैं, चरण दास महंत. उनके अनुभव का ही कांग्रेस उपयोग करती, तो यह गति नहीं होती. जिस गति में आज कांग्रेस है. 0- ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक 0- ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक recent visitors 59

उषा ठाकुर ने प्रशासन ने मांग कि जितने भी बांग्लादेशी इंदौर में काम करने आए है इनका भी परिक्षण किया जाना चाहिए

 इंदौर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन जारी है. इसी बीच इंदौर में काम कर रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ बीजेपी विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है. पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने प्रशासन से मांग की है कि सराफा बाजार और सदर बाजार में रहकर काम कर रहे बांग्लादेशियों की जांच कर उन्हें तत्काल यहां से विदा किया जाए. वहीं विधायक रमेश मेंदोला भी विरोध कर रहे हैं.   कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने भी इंदौर में रह रहे बांग्लादेशियों की जांच की मांग की थी. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जो भी यहां अनैतिक तरीके से रह रहा है उसकी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए.   उषा ठाकुर ने की मांग महू विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि, हम जिला प्रशासन को पत्र लिखकर यह मांग कर रहे है कि जितने भी बांग्लादेशी कारोबारी और मजदूर यहां काम करने आए है, इनका भी परिक्षण किया जाना चाहिए. इनका आधार कार्ड और समग्र आईडी चेक करना चाहिए. वहीं जितने भी बांग्लादेशी है उन सबको यहां से तत्काल विदा करना चाहिए.   मेन्दोला का नोबल पुरस्कार समिति से मांग इंदौर 2 के विधायक रमेंश मेंदोला ने बांग्लादेश में निर्दोष हिन्दुओं के नरसंहार के विरोध में नोबल पुरस्कार समिति से मांग की है, उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लेने की मांग की है. विधायक रमेश मेन्दोला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा की  बांग्लादेश में हिन्दुओं के नरसंहार और उत्पीड़न के विरुद्ध इंदौर से उठी आवाज अब वैश्विक स्वर ले रही है. मैं नोर्वे स्थित नोबल पुरस्कार समिति से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लेने की मांग करता हूं. इंदौर 2 के विधायक रमेंश मेंदोला ने बांग्लादेश में निर्दोष हिन्दुओं के नरसंहार के विरोध में नोबल पुरस्कार समिति से मांग की है कि, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लिया जाए। मेंदोला ने एक्स पर भी पोस्ट करते हुए कहा है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं के नरसंहार और उत्पीड़न के विरुद्ध इंदौर से उठी आवाज अब वैश्विक स्वर ले रही है। मैं नोर्वे स्थित नोबल पुरस्कार समिति से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लेने की मांग करता हूं। बता दें कि युनुस मोहम्मद को नोबल प्राइज कमेटी ने साल 2006 में नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया था। नोबल प्राइज कमेटी से मांग करते हुए मेंदोला ने कहा कि- पुरस्कार की नीति की समीक्षा करनी चाहिए। जो व्यक्ति अपने देश का मुखिया रहते हुए हिंदू उत्पीड़न, अवैध धर्मांतरण और नरसंहार का जिम्मेदार है। वह नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार विजेता कहलाने के योग्य नहीं हो सकता। बंगाली कारीगर एसोसिएशन बोला- अगर कोई बांग्लादेशी तो हमें कैसे पता चलेगा बंगाली कारीगर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशांत सामवंत ने कहा कि, सराफा बाजार में काम करने वाले कारीगर पश्चिम बंगाल से आए हैं, जो भारत का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इंदौर सराफा बाजार में लगभग 15 से 20 हजार बंगाली कारीगर काम कर रहे है। वहीं उनकी एसोसिएशन में 10,000 से अधिक कारीगर रजिस्टर्ड हैं। यदि कोई बांग्लादेशी नागरिक बंगाली बनकर काम कर रहा है, तो इसकी जानकारी पुलिस को ही जांच कर पता लगानी चाहिए। बता दें कि कल इंदौर में हुए बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन में इंदौर बंगाली कारीगर एसोसिशन ने भी हिस्सा लिया था।   बांग्लादेशी कारीगरों की आशंका इंदौर के सराफा बाजार में 15,000 से अधिक बंगाली कारीगर सोने के जेवर बनाने का काम करते हैं. यहां काम करने वाले कारीगर सराफा बाजार के आसपास ही किराए के मकानों में रहते हैं. सराफा में काम करने वाले कारीगरों का एक एसोशिएसन भी है, जानकारी के अनुसार  इन कारीगरों में कुछ बांग्लादेश से आए लोग भी शामिल हो सकते हैं. लेकिन उन कारीगरों के सही आंकड़े का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं है   recent visitors 80

बेटे ने अपने ही परिवार को उतरा बेरहमी से मौत के घाट, बेहद चालक निकला हत्यारा, नहीं चलने दिया किसी को पता

नई दिल्ली दिल्ली के नेब सराय में ट्रिपल मर्डर की खबर ने पूरी दिल्ली को दहला दिया तो वारदात के खुलासों ने हैरान कर दिया है। एक बेटे ने ही अपने मां-बाप और बड़ी बहन को बेहरमी से मौत के घाट उतार दिया। उसने बेहद क्रूरता से पहले तीनों का खून किया और फिर शातिराना तरीके से कहानी रच दी। हालांकि, पुलिस के सवालों में फंसकर उसने कुछ ही घंटों में अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने हत्या की वजह, तरीके और बचने के लिए किए उपायों के बारे में एक-एक राज उगल दिया। बुधवार सुबह अचानक नेब सराय के देवली गांव में एक साथ तीन लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर देने की खबर आई तो दिल्लीवाले खौफजदा हो गए। मॉर्निग वॉक से लौटे 20 साल के अर्जुन ने शोर मचाते हुए पड़ोसियों को बुलाया कि उसकी गैरमौजूदगी में किसी ने उसके मां-बाप और बहन की हत्या कर दी। फिर उसने पुलिस खुद पुलिस को फोन करके वारदात की जानकारी दी। ना सिर्फ नेब सराय बल्कि पूरी दिल्ली के लोग चिंतित हो उठे। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना को लेकर पहले सोशल मीडिया और फिर विधानसभा में चिंता जाहिर की और कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। बिगड़ैल बेटे ने खत्म कर दिया रिटायर्ड फौजी का परिवार मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले 51 वर्षीय राजेश सेना से रिटायर्ड थे। एनएसजी कमांडो रह चुके राजेश अभी दिल्ली में एक उद्योगपति के पीएसओ के रूप में काम कर रहे थे। वह अपनी पत्नी कोमल (46) और बेटी कविता (23) और बेटे अर्जुन (20) के साथ देवली गांव में रह रहे थे। बिगरैल बेटे अर्जुन ने पिता और बहन से बदला लेने के लिए पूरे परिवार को खत्म कर दिया। पिता से नफरत और बहन से जलन में हत्या अर्जुन बॉक्सिंग का खिलाड़ी था। उसका पढ़ाई पर कम और खेल पर अधिक ध्यान देता था, जिसको लेकर पिता टोकते थे। अर्जुन इस बात को लेकर पिता से नाराज रहता था। हाल ही में उसका गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया जब पिता ने सबके सामने उसकी पिटाई कर दी। इसके अलावा उसे यह भी लगता था कि मां-बाप उसकी बहन कविता को अधिक प्यार करते हैं। उसके मन में यह बात घर कर गई थी कि पिता सारी संपत्ति बहन के नाम कर देंगे। पिता से नफरत और बहन से जलन की आग में उसने तीनों को खत्म करने की प्लानिंग कर ली थी। पहले से कर ली थी पूरी प्लानिंग अर्जुन ने अचानक इस वारदात को अंजाम नहीं दिया बल्कि कई दिनों से इसकी प्लानिंग में जुटा था। उसने सेना से रिटायर्ड पिता के पास मौजूद एक धारदार चाकू को छिपाकर अपने पास रख लिया था। इसके अलावा उसने वारदात के लिए 4 दिसंबर की तारीख तय कर रखी थी। इस दिन उसके मां-बाप की शादी की सालगिरह थी। उसने इस खास मौके पर ही उन्हें मौत के घाट उतराने की प्लानिंग की थी और फिर उसे अंजाम भी दिया। हत्या करके चला गया घूमने बुधवार सुबह अर्जुन ने प्लानिंग के मुताबिक एक-एक करके तीनों को मौत के घाट उतार दिया। पहले उसने ग्राउंड फ्लोर पर सो रही अपनी बहन का गला रेत दिया। फिर वह ऊपर की मंजिल पर गया जहां पिता सो रहे थे। उसने पहले पिता का गला रेत दिया और फिर उनके सिर में भी चाकू से कई बार वार किया। इस दौरान उसकी मां बाथरूम में थी। जैसे ही वह बाहर निकलीं अर्जुन ने उनके गले पर भी चाकू से वार कर दिया। तीनों हत्याओं को अंजाम देकर वह टहलने के लिए निकल गया। वह करीब एक घंटे तक मॉर्निंग वॉक करता रहा और फिर वहां से लौटकर वारदात को अलग रंग देने में जुट गया। चीख ना निकले इसलिए गले पर वार जिस मकान में इस वारदात को अंजाम दिया गया वह एक सघन बस्ती में हैं। आसपास दूसरे घर भी हैं। अर्जुन इस तरह से तीनों का कत्ल करना चाहता था कि वे चीख ना सकें। उसे डर था कि चीख सुनकर पड़ोसी वहां आ सकते हैं। एक अनुभवी हत्यारे की तरह अर्जुन ने चीख रोकने के लिए तीनों का गला रेत दिया। खून की धार रोकने के लिए दूसरे हाथ में कपड़ा रखा था। गर्दन पर चाकू चलाते ही वह कपड़े से दबा देता था। recent visitors 92

21351 किसानों से 234 करोड़ की खरीदी, छत्तीसगढ़-गरियाबंद निकला समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में सबसे आगे

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में इन दिनों समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का दौर जारी है. ऐसे में गरियाबंद जिला सबसे बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. गरियाबंद में अब तक 21351 किसानों से 234 करोड़ की धान खरीदी की जा चुकी है. वहीं धान विक्रय करने वाले 94 फीसदी किसानों ने ऑनलाइन टोकन की सुविधा का लाभ उठाया है. गरियाबंद जिले के 90 धान खरीदी केंद्र में से 50 का बफर लिमिट महज 13 दिन की खरीदी में पार हो गया है. खरीदी लिमिट ओवर होने से भले केंद्रों को रख रखाव के लिए मशक्कत उठानी पड़ रही है, पर यह एक सुखद खबर है कि प्रदेश भर में गरियाबंद जिला खरीदी में अव्वल स्थान पर है. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 21351 किसानो के 28236 हेक्टेयर में  101740 मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई है जो कुल पंजीयन के 25.43 फीसदी है. गरियाबंद के किसान अब तक 234 करोड़ के धान बेच चुके हैं. भुगतान की प्रकिया भी संतोष जनक बताई जा रही है. खरीदी को लेकर कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने कहा कि शुरू से ही हमने किसानों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लगातार नोडल, खरीदी प्रभारियों की बैठक लिया गया. खरीदी में हर उस कमजोर कड़ी को हटाने की कोशिश की गई, जिससे पहले खरीदी प्रभावित हो रही थी. हमारी टीम सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में पूरी तल्लीनता से लगी हुई है. मिलर्स के हड़ताल खत्म, उठाव में आयेगी तेजी अपनी मांगो को लेकर प्रदेश भर के मिलर्स हड़ताल पर थे, जिसके चलते उठाव की समस्या हो रही थी. हालांकि जिला प्रशासन ने सरकारी संग्रहण केंद्र के लिए उठाव शुरू कर दिया था. डीएमओ मार्कफेड अमित चंद्राकर ने बताया कि जिले में 59 मिलर्स हैं, जिसमें से 11 ने पंजीयन के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि मिले निर्देश के मुताबिक जिन मिलरों ने पिछले साल के एफसीआई मिलिंग या समायोजन 80 फीसदी कर दिया है उन्हें ही नए सीजन में मिलिंग हेतु पंजीयन किया जाना है. जानिए वर्ग वार लाभान्वित कृषकों का प्रतिशत (रकबा अनुसार): राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ सभी वर्ग के किसानों तक पहुंच रहा है। अब तक योजना के तहत अलग-अलग रकबे के किसानों को इस प्रकार से लाभान्वित किया गया है: 0- ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक 0- ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक recent visitors 57

चीन ने युवाओं में शादी और रिश्तों पर सकारात्मक विचारों को बढ़ावा की योजना बनाई, जन्म दर बढ़ाने का ढूंढा अनोखा तरीका

बीजिंग चीन इन दिनों देश में गिरती प्रजनन दर को लेकर चिंतित है। अपनी वन चाइल्ड पॉलिसी लाकर चीन ने अपनी बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने की कोशिश की जो अब उस पर बैकफायर कर रही है। देश के युवाओं में शादी-विवाह और रिश्तों को लेकर नकारात्मक छवि बन गई है और वह साथ आने से कतरा रहे हैं। इसे देखते हुए अब चीन ने युवाओं में शादी और रिश्तों पर सकारात्मक विचारों को बढ़ावा की योजना बनाई है। इसके तहत चीन ने विश्वविद्यालयों से अपने कॉलेज के छात्रों को लव एजुकेशन यानी प्यार के पाठ पढ़ाने के निर्देश देने को कहा है। चाइना पॉपुलेशन न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को विवाह और लव एजुकेशन सिलेबस प्रदान करके कॉलेज के छात्रों को विवाह के प्रति दिलचस्पी जगानी चाहिए। चाइना पॉपुलेशन न्यूज द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक यहां के 57% कॉलेज के छात्र रिश्तों को आगे बढ़ाने में इंट्रेस्ट नहीं रखते हैं। इसके लिए वह पढ़ाई और रोमांस के बीच संतुलन बनाने में कठिनाइयों का हवाला देते हैं। सर्वे ने बताया कि प्रेम और विवाह पर व्यवस्थित और साइंटिफिक शिक्षा की कमी के कारण छात्रों के बीच भावनात्मक संबंधों की समझ कम हो गई है। इसने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय छात्रों को जनसंख्या प्रवृत्ति, शादी और बच्चे पैदा करने की आधुनिक अवधारणाओं के बारे में शिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। गौरतलब है कि 1.4 बिलियन की आबादी वाला चीन की आबादी बूढी हो रही है जो भविष्य में सरकारी खर्च को बढ़ाएगा और अर्थव्यवस्था पर दबाव डालेगा। आने वाले सालों में प्रजनन दर को बढ़ाने में कॉलेज के छात्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। recent visitors 42

जिले में राजस्व प्रकरणों का किया जा रहा तेजी से निराकरण

शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के मागर्दशन मे जिले में राजस्व महा अभियान 3.0 के अंतर्गत राजस्व  प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा खेत खलिहानों में पहुंचकर राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज तहसील ब्यौहारी के ग्राम  बेडरा में राजस्व महा अभियान 3.0 के तहत नक्शा बटांकन  का कार्य किया गया। recent visitors 48