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तलाशी अभियान के दौरान सेना के जवान की हार्ट अटैक से मौत, घटना के बाद से सेना और स्थानीय प्रशासन में शोक की लहर

श्रीनगर श्नीनगर के हरवां क्षेत्र में चल रहे एक सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के जवान जसविंदर सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना के बाद से सेना और स्थानीय प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई है। जवान की असामयिक मौत सेना के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है, क्योंकि वह अपनी सेवा में पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे थे। सेना के अधिकारी और अन्य जवान इस घटना के बाद दुखी हैं और शव को परिवार को सौंपने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।   अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा बल शुक्रवार सुबह हरवां क्षेत्र में फकीर गुजरी, दारा में आतंकवादियों के खिलाफ सर्च कर रहे थे, तभी आर्मी जवान जसविंदर सिंह को हार्ट अटैक आया। आर्मी के 34 असम राइफल्स के जवान जसविंदर सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। आप को बदा दें कि मंगलवार की मुठभेड़ के बाद से सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का पता लगाने के लिए विशाल जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रखा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 58

भूस्खलन प्रभावित लोग राज्य और केंद्र सरकारों की ओर उम्मीद के साथ देख रहे हैं, उन्हें अब बहाने नहीं चाहिए: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शुक्रवार को कहा कि आपदाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और भूस्खलन प्रभावित वायनाड के लोग राज्य और केंद्र सरकारों की ओर उम्मीद के साथ देख रहे हैं तथा उन्हें अब बहाने नहीं चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि वायनाड के लोगों को सम्मान के साथ अपने जीवन को पटरी पर लाने में सक्षम होने के लिए तत्काल मदद की आवश्यकता है। इससे एक दिन पहले ही प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर केरल के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। वायनाड की सांसद ने शुक्रवार को ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘आपदाएं राजनीति का विषय नहीं होनी चाहिए। ऐसी आपदाओं के पीड़ितों के सहयोग के प्रयासों में मानवता और करुणा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।'' कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘वायनाड के लोग राज्य और केंद्र सरकारों की ओर आशा से देख रहे हैं, उन्हें बहाने नहीं चाहिए, उन्हें गरिमा के साथ अपने जीवन पटरी पर लाने में सक्षम होने के लिए तत्काल मदद की जरूरत है।'' उनका कहना था कि जब सरकार में हर स्तर पर घावों को भरने और जीवन के पुनर्निर्माण के लिए मिलकर काम किया जाता है तो भारत मजबूत होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकार को आगे बढ़कर वायनाड के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में ‘‘वायनाड में भूस्खलन और बाढ़ के लिए सहायता पर नोट'' के स्क्रीनशॉट साझा किए। इस नोट में लिखा है, ‘‘केंद्र सरकार वायनाड के प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील है और राज्य सरकार को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए सक्रिय रूप से आगे बढ़ी है।'' इसमें कहा गया है कि वायनाड में भूस्खलन आपदा के बाद प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए केंद्र के सहयोग की पहली किस्त 145.60 करोड़ रुपये 31 जुलाई, 2024 को और 145.60 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त एक अक्टूबर, 2024 को जारी की गई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 60

केजरीवाल ने कहा- पिछले चुनाव के दौरान किए तीन वादे वह पूरा नहीं कर पाए, फिर मौका दिया तो वह इन कामों को पूरा करेंगे

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार किया है कि पिछले चुनाव के दौरान किए तीन वादे वह पूरा नहीं कर पाए। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि यदि जनता उन्हें एक बार फिर मौका दिया तो वह इन कामों को पूरा करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि अच्छी सड़कें, यमुना की सफाई और 24 घंटे साफ पानी का वादा वह पूरा नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कोरोना और जेल जाने को इसकी वजह बताई। अरविंद केजरीवाल ने इंटरव्यू में कहा कि वह पिछले चुनाव के तीन वादे और महिलाओं को आर्थिक सहायता के नए वादे समेत चार काम आगे करना चाहते हैं। पिछले चुनाव के वादों को नहीं पूरा कर पाने की बात को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘तीन चीजें मैंने पिछले चुनाव में कही थी। मैं दिल्ली की सड़कों को बहुत शानदार बनाना चाहता हूं, यूरोपियन स्टैंडर्ड की साफ सुथरी, वेल पेंटेंड, दोनों तरफ फूल पत्तियां, यमुना साफ करना चाहता हूं, घर-घर में 24 घंटे साफ पानी आए। ये तीन वादे मैंने पिछले चुनाव में किए थे, ये तीनों वादे मैं पूरे नहीं कर पाया।’ केजरीवाल ने अधूरे वादों की वजह करोना और शराब घोटाले के फंदे को बताया। उन्होंने कहा, ‘कारण रहा कि दो ढाई साल कोरोना रहा और डेढ़ दो साल ये सारा बेल और झूठे मामले में हमें उलझा दिए। अब हम सारी चीजों से निपट गए हैं। सारा मामला भी खत्म हो गया। कोरोना भी नहीं है। अब हम शांति से काम कर सकते हैं। ये तीन बड़े काम करने के लिए यदि जनता मुझे एक मौका और देती है तो ये तीन बड़े काम मैं करना चाहता हूं। एक काम जो अब मैंने वादा किया है, 18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को 1000 रुपए देंगे।’ गौरतलब है कि यमुना में प्रदूषण और सड़कों की खराब हालत को लेकर भाजपा और कांग्रेस की ओर से आम आदमी पार्टी की सरकार को लगातार घेरा जा रहा है। अब केजरीवाल ने खुद इसे स्वीकार किया है। दिल्ली में अगले साल जनवरी या फरवरी में चुनाव होने जा रहा है। पूर्व सीएम ने इंटरव्यू में कहा कि वह जनता को 6 रेवड़ी दे रहे हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी विकास कर रहे हैं। आप के मुखिया ने कहा कि वह महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाना चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल ने भरोसा जताया कि अगले चुनाव में उनकी पार्टी एक बार फिर जीत हासिल करेगी। उन्होंने अपनी तरफ से सीटों की संख्या तो नहीं दी, लेकिन कहा कि पूर्ण बहुमत हासिल करेंगे। 2020 में 'आप' को 70 में से 62 और 2015 में 67 सीटों पर जीत हासिल की थी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 38

नेपाल पर चीन के बढ़ते कर्ज का बोझ चिंता का विषय बनता जा रहा है, BRI पर जतानी पड़ी सहमति

नेपाल नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चीन के साथ अपने संबंध मजबूत करने की नीति अपनाते हुए चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) पर अपनी सहमति जताई है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत से दूरी बनाते हुए चीन के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत करने की नीति अपनाई है। लेकिन उनके इस कदम से नेपाल पर चीन के बढ़ते कर्ज का बोझ चिंता का विषय बनता जा रहा है। केपी शर्मा ओली इस साल चौथी बार प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने परंपरा तोड़ते हुए कार्यकाल की शुरुआत के बाद भारत के बजाए चीन का दौरा किया और चीन को खुश करने की कोशिश की। वहीं चीन ने भी नेपाल को स्थल से जुड़ा हुआ देश बताते हुए और वहां के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए समर्थन दे रहा है। बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई बैठक में 9 पुराने समझौतों को दोहराया गया, जिनमें बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) प्रमुख है। इसके तहत नेपाल को चीन के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह सहयोग नेपाल को चीन के कर्ज के जाल में और गहराई तक धकेल सकता है। नेपाल अपने अधिकांश व्यापार और ईंधन आपूर्ति के लिए लंबे समय तक भारत पर निर्भर रहा है, अब चीन पर निर्भरता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। नेपाल का दो-तिहाई व्यापार भारत के साथ होता है, जबकि चीन के साथ केवल 14% व्यापार है। बावजूद इसके, चीन अब नेपाल का सबसे बड़ा कर्जदाता बन गया है। पोखरा में चीन द्वारा निर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस बढ़ती निर्भरता का प्रतीक है। लेकिन भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग न कर पाने जैसी चुनौतियों ने इस परियोजना की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओली की चीन-समर्थित परियोजनाओं को लेकर विपक्षी दल और गठबंधन सहयोगी आलोचना कर रहे हैं। उनका मानना है कि चीन से कर्ज लेकर शुरू की जा रही परियोजनाएं नेपाल को दीर्घकालिक आर्थिक संकट में डाल सकती हैं। 2016 में भारत द्वारा छह महीने के लिए तेल आपूर्ति रोकने के बाद ओली ने चीन से पेट्रोलियम आयात का समझौता किया था, जिससे भारत पर निर्भरता कम करने का प्रयास शुरू हुआ। लेकिन अब विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या चीन पर बढ़ती निर्भरता नेपाल के लिए भारत से दूरी बनाने का सही विकल्प है। कर्ज की बढ़ती मात्रा और परियोजनाओं के स्थायित्व को लेकर बढ़ती चिंताओं ने ओली की नीति पर गहरी बहस छेड़ दी है। नेपाल का यह झुकाव कूटनीति का एक नया अध्याय तो जरूर है, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभाव नेपाल के आर्थिक और रणनीतिक भविष्य के लिए कितने लाभकारी होंगे, यह समय ही बताएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

मनोज जारांगे ने राज्य सरकार से 5 जनवरी तक मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाने को कहा, दिया अल्टिमेटम

मुंबई मुंबई के आजाद मैदान में भव्य तरीके से महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के एक दिन बाद ही मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने नई सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। मनोज जारांगे ने राज्य सरकार से 5 जनवरी तक मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझाने को कहा है। जारांगे ने कहा कि वह महायुति सरकार के गठन के लिए शुभकामनाएं देते हैं लेकिन अब लोगों की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। मनोज जारांगे ने कहा, "अगर सरकार 5 जनवरी तक मराठा समुदाय की सभी मांगें पूरी नहीं करती है तो मराठा फिर से आंदोलन में खड़े होंगे और सरकार की नाक में दम कर देंगे।" उन्होंने मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम को बधाई देते हुए कहा कि आइए मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अब शुरुआत करें, नाटक बंद करें। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम समाज का ख्याल रखने के लिए सामूहिक भूख हड़ताल की तारीख की घोषणा करेंगे, ध्यान रहे, जनता ने आपको चुना है, आप लोगों का दिल जीतने के लिए काम करें। जारंग ने कहा कि अगर फडणवीस मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझा लेंगे तो यह अच्छी बात है। एक दिन पहले 5 दिसंबर को देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भव्य शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मंत्रालय पहुंचे। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को महायुति सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कई सवालों के विस्तार से जवाब दिए। मराठा आरक्षण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तथ्य पहले ही राज्य विधानसभा में उठाया जा चुका है। पिछली सरकार ने केंद्र को ऐसी रिपोर्ट भेजी थी कि उसे डेटा नहीं मिल रहा था। इस बीच काफी कार्रवाई हुई, हमने कोर्ट में सपोर्टिंग एफिडेविट दिया। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हमने अपना मामला स्पष्ट कर दिया है। देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि पिछली सरकार में हमने ही मराठा समुदाय को न्याय देने की कोशिश की थी और हम मराठा समुदाय को न्याय दिलाकर रहेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

पूर्व SC जज ने बताया- बाबरी विवाद के फैसलों में सेकुलरिज्म के सिद्धांत के तहत न्याय नहीं दिया गया, कोई राम मंदिर नहीं मिला था

नई दिल्ली पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आरएफ नरीमन ने बाबरी विवाद से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि इन फैसलों में सेकुलरिज्म के सिद्धांत के तहत न्याय नहीं दिया गया। उन्होंने 2019 के ऐतिहासिक फैसले की भी आलोचना की, जिसमें विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण की अनुमति दी गई थी। जस्टिस नरीमन ने इसे ‘न्याय का बड़ा मजाक’ करार दिया और कहा कि इन फैसलों में सेकुलरिज्म को उचित स्थान नहीं दिया गया। जस्टिस नरीमन ने यह टिप्पणी "सेकुलरिज्म और भारतीय संविधान" विषय पर आयोजित प्रथम जस्टिस एएम अहमदी स्मृति व्याख्यान में की। उन्होंने बताया कि 'खुद सुप्रीम कोर्ट ने ये बात मानी थी कि बाबरी मस्जिद के नीचे कोई राम मंदिर नहीं था।' उन्होंने इस मामले से जुड़े पहले के फैसलों पर खुलकर बात की। लिब्रहान आयोग और राष्ट्रपति संदर्भ पर टिप्पणी रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस नरीमन ने कहा, ""सबसे पहले सरकार ने लिब्रहान आयोग नियुक्त किया, जो निश्चित रूप से 17 वर्षों तक सोया रहा और फिर 2009 में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। दूसरा, इसने अयोध्या अधिग्रहण क्षेत्र अधिनियम और साथ ही सुप्रीम कोर्ट को राष्ट्रपति संदर्भ दिया, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि मस्जिद के नीचे कोई हिंदू मंदिर था या नहीं।" उन्होंने इसे "भ्रामक और शरारतपूर्ण प्रयास" बताया। 1994 का इस्माइल फारूकी मामला उन्होंने इस्माइल फारूकी बनाम भारत सरकार (1994) के फैसले का जिक्र किया, जिसमें अयोध्या क्षेत्र अधिग्रहण अधिनियम, 1993 की वैधता और राष्ट्रपति संदर्भ पर सुनवाई हुई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 67 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को वैध ठहराया, लेकिन न्यायमूर्ति अहमदी ने असहमति जताते हुए कहा कि यह कानून सेकुलरिज्म के खिलाफ है। 2019 का राम जन्मभूमि फैसला जस्टिस नरीमन ने राम जन्मभूमि मामले (2019) में अंतिम फैसले का भी जिक्र किया। इसमें तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया कि अयोध्या में 2.77 एकड़ की पूरी विवादित भूमि राम मंदिर के निर्माण के लिए सौंप दी जानी चाहिए। साथ ही, सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक भूमि देने का आदेश दिया गया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि 1992 में मस्जिद का विध्वंस कानून का गंभीर उल्लंघन था। जस्टिस नरीमन ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा, "कोर्ट ने माना कि 1857 से 1949 तक मुसलमान वहां नमाज पढ़ते थे। लेकिन यह कहा गया कि वे इस स्थल पर 'एकमात्र कब्जे' का दावा नहीं कर सकते भले ही हिंदू पक्ष ने कई बार कानून के विपरीत कार्य किए हों। इसके बावजूद कोर्ट ने पूरा स्थल हिंदू पक्ष को सौंप दिया। यह न्याय का बड़ा मजाक है।" जस्टिस नरिमन ने इस फैसले को लेकर कहा, "मस्जिद का निर्माण 1528 में हुआ था और यह तब से एक मस्जिद के रूप में अस्तित्व में थी। लेकिन 1853 में पहली बार इसमें विवाद हुआ। जैसे ही ब्रिटिश साम्राज्य ने 1858 में ईस्ट इंडिया कंपनी से सत्ता ली, एक दीवार को अंदर और बाहर के आंगन के बीच खड़ा किया गया। इस दीवार के बाद, अंदर के आंगन में मुस्लिम नमाज पढ़ते थे और बाहर के आंगन में हिंदू। यह तथ्य दर्ज है कि 1857 से लेकर 1949 तक दोनों पक्षों की प्रार्थनाएं होती रही थीं। लेकिन 1949 में कुछ लोग मस्जिद में घुसकर मूर्तियां स्थापित कर गए, जिसके बाद मुस्लिमों की प्रार्थनाएं रुक गईं।" एएसआई रिपोर्ट और ऐतिहासिक संदर्भ उन्होंने 2003 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा तैयार रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में विभिन्न धर्मों से संबंधित पुरावशेष पाए गए, जिनमें शैव, बौद्ध और जैन संस्कृतियों के चिन्ह भी थे। जस्टिस नरिमन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने यह पाया था कि "कोई राम मंदिर बाबरी मस्जिद के नीचे नहीं था।" इसके बावजूद कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि मुस्लिमों के पास 1857 से 1949 तक के बीच विवादित स्थल पर "विशेष अधिकार" नहीं था, क्योंकि यह स्थान विवादित था। उन्होंने कहा, "कोर्ट ने माना कि इस स्थान पर हिंदू पक्ष ने कानून का उल्लंघन किया और इसलिए इस मामले में कोई एकतरफा दावा नहीं किया जा सकता था।" सेकुलरिज्म की अनदेखी पर नाराजगी जस्टिस नरीमन ने जोर देकर कहा, "हर बार हिंदू पक्ष ने कानून का उल्लंघन किया, लेकिन इसका परिणाम मस्जिद के पुनर्निर्माण के बजाय केवल वैकल्पिक भूमि देने के रूप में सामने आया। यह सेकुलरिज्म के साथ न्याय करने में असफलता है।" जस्टिस नरिमन ने इस बात पर जोर दिया कि हर बार जब कोई कानून का उल्लंघन हुआ, तो वह हिंदू पक्ष द्वारा हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि "क्या न्याय का सही पालन किया गया था? इस फैसले में किसी तरह से सेकुलरिज्म को सम्मान नहीं दिया गया, जो कि मेरी व्यक्तिगत राय में न्याय का एक बड़ा अपमान है।" उन्होंने यह भी कहा कि, "आखिरकार, जो 'सुधार' किया गया वह यह था कि मस्जिद को पुनर्निर्मित करने के बजाय सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए कुछ और भूमि दी गई।" उन्होंने बाबरी विध्वंस साजिश मामले का भी जिक्र किया, जिसमें सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस पर उन्होंने कहा, "जिन न्यायाधीश ने यह फैसला दिया, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद उत्तर प्रदेश के उप-लोकायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। यह हमारे देश की स्थिति को दर्शाता है।" Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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गैस पीड़ितों के लिए आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के तहत 5 दिसम्बर तक 20 हजार 199 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके

भोपाल भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। गैस पीड़ितों के लिए आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के तहत 5 दिसम्बर तक 20 हजार 199 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। गैस पीड़ितों और उनके बच्चों के लिए भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के तहत 6 अस्पताल और 9 औषधालय भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां सभी प्रकार की जांच, उपचार और आवश्यक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत भोपाल गैस राहत विभाग से अनुबंधित सभी अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधाएँ दी जा रही हैं। गंभीर बीमारियों के विशेष इलाज किडनी, लीवर ट्रांसप्लांट और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित के इलाज के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। कैंसर उपचार के लिए विभाग ने एम्स भोपाल और 3 निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध किया है। इसके अतिरिक्त कमला नेहरू अस्पताल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई है, जहां 13 डायलिसिस मशीनों के जरिये पीड़ित मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। अत्याधुनिक आपातकालीन सेवाएं भी जारी भोपाल गैस राहत विभाग के सभी अस्पतालों में 24×7 इमरजेंसी यूनिट संचालित की जा रही है। इन यूनिट्स में गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को तुरंत और उन्नत चिकित्सा सेवाएं, सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गैस प्रभावित विधवाओं (कल्याणियों) को राज्य सरकार द्वारा विशेष राहत दी जा रही है। इन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अतिरिक्त 1,000 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में 4 हजार 406 विधवाओं को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार भोपाल गैस पीड़ितों के स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रमुख लक्ष्य कल्याण योजनाओं के तेज क्रियान्वयन और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से गैस पीड़ितों के जीवन स्तर में त्वरित सुधार लाना है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25