प्रियंका गांधी ने भाजपा की सरकार पर संविधान बदलने की कोशिश का आरोप लगाया, कहा- काम शुरू हो गया है

नई दिल्ली प्रियंका गांधी ने संविधान पर बहस के दौरान लोकसभा में कांग्रेस की ओर से मोर्चा खोला। उन्होंने भाजपा नेता राजनाथ सिंह की स्पीच के बाद संसद में अपना पहला भाषण दिया तो जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी तक की सरकारों का बचाव किया। इसके अलावा दादी इंदिरा गांधी की ओर से आपातकाल लगाने की गलती को भी स्वीकार किया। उन्होंने इमरजेंसी को लेकर कहा, 'यहां 1975 की बातें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि मैं कहती हूं कि फिर आप भी सीख लीजिए ना। आप बैलेट पेपर से ही क्यों नहीं चुनाव करा लेते। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।' उन्होंने राजनाथ सिंह की ओर से यूपी में सरकार के उलटफेर पर कहा कि मैं भी बता देती हूं कि महाराष्ट्र में सरकारों के साथ क्या हुआ। हिमाचल प्रदेश में कैसे सरकार गिराने की कोशिश हुई। पूरी जनता जानती है और हंसती है कि इनके यहां तो वॉशिंग मशीन है। यहां से जो वहां जाता है, वह धुल जाता है। इस तरफ दाग और उधर स्वच्छता। यही नहीं प्रियंका गांधी ने भाजपा की सरकार पर संविधान बदलने की कोशिश का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने कहा, 'संविधान बदलने का काम शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष के लोगों ने संविधान के सुरक्षा कवच को तोड़ना शुरू कर दिया है, जो आम आदमी को मिला था।' वायनाड की सांसद ने कहा,'लेटरल एंट्री और निजीकरण के जरिए यह सरकार आरक्षण को कमजोर कर रही है। यदि लोकसभा में ऐसे नतीजे नहीं आए होते तो ये संविधान बदलने का काम भी शुरू कर देते। आज सच्चाई यह है कि ये लोग संविधान-संविधान इसलिए कर रहे हैं क्योंकि चुनाव के नतीजों ने बता दिया कि जनता ऐसा नहीं होने देगी। हारते-हारते जीतने के बाद इनका सुर बदला है। आज जनता की मांग है कि जाति जनगणना हो। यह जनगणना इसलिए जरूरी है ताकि पता चले कि किसकी क्या स्थिति है और उसके हिसाब से नीतियां बनें।' जाति जनगणना की बात की तो कहने लगे- भैंस चुरा ली जाएगी कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमने जब जाति जनगणना की मांग उठाई तो इनका जवाब भैंस चुरा लेंगे और मंगलसूत्र चुरा लेंगे। प्रियंका गांधी ने कहा कि आप लोग जिनका नाम लेने से बचते हैं और कभी कभार धड़ाधड़ लेते हैं। उन्होंने ही देश को तमाम पीएसयू दिए। उन्होंने ही बांधों से लेकर तमाम कॉलेजों को खड़ा किया। आज सत्ता पक्ष में बैठे लोग ज्यादातर अतीत की बातें करते हैं। नेहरू जी ने क्या किया। अरे! वर्तमान की बात करिए और देश को बताइए। आपकी जिम्मेदारी क्या है, सब जिम्मा जवाहर लाल नेहरू का ही है क्या। एक आदमी को बचाने में जुटी है सरकार, अडानी पर फिर से वार प्रियंका गांधी ने कहा कि आज आम आदमी के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच को तोड़ा जा रहा है। हिमाचल में सेबों के कारोबार में भी अडानी को एंट्री दी गई है। उनके ही हाथ में कोल्ड स्टोरेज हैं। उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि कैसे एक आदमी को बचाया जा रहा है। सारे एयरपोर्ट, खदान, बंदरगाह और कंपनियां सिर्फ एक आदमी को दिए जा रहे हैं। जनता में यह विश्वास था कि कुछ नहीं है तो संविधान हमारी रक्षा करेगा। लेकिन आज आम लोगों में यह धारणा बनती जा रही है कि यह सरकार सिर्फ अडानी के लिए चल रही है। आज अमीर और अमीर हो रहा है और गरीब की गरीबी बढ़ती जा रही है। recent visitors 86

रणथंभौर में टाइगर सफारी का उठाया लुत्फ, राजस्थान-सवाई माधोपुर की तीन दिवसीय निजी यात्रा पर पहुंचीं प्रियंका

सवाई माधोपुर. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा इन दिनों तीन दिवसीय निजी दौरे पर रणथंभौर में हैं। शनिवार शाम उन्होंने रणथंभौर नेशनल पार्क में टाइगर सफारी का आनंद लिया। इस दौरान जोन नंबर तीन में बाघिन रिद्धि और उसकी बेटी माही अठखेलियां करती नजर आईं। टाइगर सफारी के दौरान प्रियंका गांधी और बाघिन रिद्धि व माही के बीच करीब दो से तीन घंटे तक लुकाछिपी चलती रही। प्रियंका और दूसरे पर्यटकों ने बाघिन रिद्धि और माही की शिकारी हरकतों का भी लुत्फ उठाया। माही ने जहां चीतल के शिकार की कोशिश की वहीं रिद्धि ने सांभर का पीछा करते हुए उसे पकड़ने की कोशिश की जिसमें उसे सफलता नहीं मिल पाई। प्रियंका के बेटे रेहान वाड्रा ने शनिवार सुबह भी अपने दोस्तों के साथ सफारी की थी, लेकिन उन्हें कोई टाइगर नहीं दिखा था। बाघिन रिद्धि और माही की हरकतों को देखकर प्रियंका गांधी खासा अभिभूत नजर आईं। वे शुक्रवार शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से रणथंभौर पहुंची थीं। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट व गाइड विजय सिंह मीणा ने बताया- प्रियंका गांधी ने शनिवार को दूसरी पारी में सफारी की थी। इस दौरान सेंचुरी के जोन-3 में उन्हें बाघिन रिद्धि ओर उसकी बेटी माही दिखी। माही ने टूरिस्ट के सामने ही चीतल के शिकार की भी कोशिश की। इससे पहले नवंबर में भी प्रियंका गांधी ने परिवार के साथ रणथंभौर में टाइगर सफारी की थी। उस दौरान भी जोन नंबर-3 में बाघिन ऐरोहेड और उसके तीन शावकों की साइटिंग हुई थी। रणथंभौर नेशनल पार्क 1700 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां बाघों की संख्या 75 हो चुकी है। राहुल भी आज राजस्थान में गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी आज सवेरे ही जयपुर पहुंचे हैं। वे यहां सामोद में आयोजित कांग्रेस के 'नेतृत्व संगम' कैंप में शामिल होने के लिए आए हैं। recent visitors 79

भूस्खलन प्रभावित लोग राज्य और केंद्र सरकारों की ओर उम्मीद के साथ देख रहे हैं, उन्हें अब बहाने नहीं चाहिए: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शुक्रवार को कहा कि आपदाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और भूस्खलन प्रभावित वायनाड के लोग राज्य और केंद्र सरकारों की ओर उम्मीद के साथ देख रहे हैं तथा उन्हें अब बहाने नहीं चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि वायनाड के लोगों को सम्मान के साथ अपने जीवन को पटरी पर लाने में सक्षम होने के लिए तत्काल मदद की आवश्यकता है। इससे एक दिन पहले ही प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर केरल के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। वायनाड की सांसद ने शुक्रवार को ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘आपदाएं राजनीति का विषय नहीं होनी चाहिए। ऐसी आपदाओं के पीड़ितों के सहयोग के प्रयासों में मानवता और करुणा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।'' कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘वायनाड के लोग राज्य और केंद्र सरकारों की ओर आशा से देख रहे हैं, उन्हें बहाने नहीं चाहिए, उन्हें गरिमा के साथ अपने जीवन पटरी पर लाने में सक्षम होने के लिए तत्काल मदद की जरूरत है।'' उनका कहना था कि जब सरकार में हर स्तर पर घावों को भरने और जीवन के पुनर्निर्माण के लिए मिलकर काम किया जाता है तो भारत मजबूत होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकार को आगे बढ़कर वायनाड के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में ‘‘वायनाड में भूस्खलन और बाढ़ के लिए सहायता पर नोट'' के स्क्रीनशॉट साझा किए। इस नोट में लिखा है, ‘‘केंद्र सरकार वायनाड के प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील है और राज्य सरकार को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए सक्रिय रूप से आगे बढ़ी है।'' इसमें कहा गया है कि वायनाड में भूस्खलन आपदा के बाद प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए केंद्र के सहयोग की पहली किस्त 145.60 करोड़ रुपये 31 जुलाई, 2024 को और 145.60 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त एक अक्टूबर, 2024 को जारी की गई। recent visitors 94

निर्वानच क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि वह वायनाड के लोगों को कभी निराश नहीं करेंगी: प्रियंका गांधी

वायनाड कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वायनाड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर केरल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने चुनाव में जीत दिलाने के लिए निर्वानच क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि वह वायनाड के लोगों को कभी निराश नहीं करेंगी। प्रियंका गांधी ने वायनाड में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "सबसे पहले मैं आप सभी को आज यहां लाने और मुझे अपना सांसद बनाने के लिए तहे दिल से धन्यवाद देती हूं। आपने मुझे जो कुछ दिया है, उसके लिए मैं आप सभी के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहती हूं। असली मूल्य आपके प्यार और विश्वास में निहित है। संसद में आपके प्रतिनिधि के रूप में मैं आपकी आवाज को बुलंद करूंगी, आपकी समस्याओं को हल करने के लिए अथक प्रयास करूंगी और आपके विश्वासों, मूल्यों, आशाओं और आकांक्षाओं को हर दिन, अभी और हमेशा बनाए रखूंगी।" राहुल गांधी को किया धन्यवाद उन्होंने पिछले पांच वर्षों में वायनाड के लोगों के लिए किए गए कार्यों के लिए अपने भाई राहुल गांधी को भी धन्यवाद दिया। प्रियंका गांधी ने वायनाड में सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''मैं अपने भाई को पिछले पांच वर्षों में यहां किए गए सभी कार्यों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। यह आपके उस विश्वास के कारण है कि आपने मुझ पर भरोसा किया है। मैं सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं नेताओं… आपने मुझे जो प्यार दिया है उसके लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देती हूं।'' आपको निराश नहीं करूंगी- प्रियंका गांधी प्रियंका ने आगे कहा कि वह निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से सीखने के लिए यहां आई हैं, उन्होंने कहा कि वह यहां की "समस्याओं से अवगत हैं। उन्होंने कहा, "मैं आपसे सीखने के लिए यहां हूं। मैं आपकी समस्याओं को गहराई से समझने के लिए यहां हूं। बेशक, मैं रात्रि प्रतिबंध, मानव-पशु संघर्ष, स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता, बेहतर शैक्षणिक संस्थानों की आवश्यकता के बारे में जानता हूं। लेकिन मैं हूं अब इन सबके लिए लड़ने, आपके साथ काम करने और उन्हें ठीक से समझने के लिए मैं आपके घर आऊंगी, आपसे मिलूंगी, मेरे कार्यालय के दरवाजे खुले हैं… मैं आपको निराश नहीं करूंगी।'' कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 35 सालों में वह प्रचार करती रही हैं लेकिन यह पहली बार है जब उन्होंने चुनाव लड़ा है। प्रियंका ने कहा, "मुझे चुनाव प्रचार करते हुए 35 साल हो गए हैं और यह पहली बार है, जब मैंने चुनाव लड़ा है। इन वर्षों में, मैं इन अभियानों में लाखों लोगों से मिला हूं… मैं कहना चाहती हूं कि मुझे उनमें से हर एक याद है आप, जिन्होंने वायनाड में मेरा इंतजार किया, मुझे आपकी हर मां, बच्चे याद हैं… मुझे आपका हर एक आलिंगन, चुंबन, फूल याद हैं।'' 28 नवंबर को लोकसभा में सांसद के रूप में शपथ ली कांग्रेस महासचिव ने इससे पहले 28 नवंबर को संविधान की प्रति हाथ में लेकर लोकसभा में सांसद के रूप में शपथ ली थी। दक्षिणी राज्य के प्रतिनिधि के रूप में शपथ लेते समय प्रियंका को केरल कसावु साड़ी पहने देखा गया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सत्यन मोकेरी को हराकर वायनाड लोकसभा सीट 4,10,931 वोटों के अंतर से हासिल की। वायनाड सीट उनके भाई राहुल गांधी द्वारा खाली की गई थी, जो पहले वायनाड का प्रतिनिधित्व करते थे लेकिन इस साल के आम चुनावों के दौरान वहां से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उत्तर प्रदेश के रायबरेली में स्थानांतरित हो गए। recent visitors 80

प्रियंका गांधी ने सांसद की शपथ के साथ दिया बड़ा संदेश, संविधान वाले दांव को भी शपथ के साथ ही चलने की कोशिश

नई दिल्ली वायनाड लोकसभा सीट से चुनी गईं प्रियंका गांधी ने आज सांसद के तौर पर शपथ ली। कांग्रेस की नेता शपथ के दौरान हाथ में संविधान की कॉपी लिए रहीं। इस तरह उन्होंने संविधान वाले दांव को भी शपथ के साथ ही चलने की कोशिश की, जिस पर कांग्रेस समेत विपक्ष ने लोकसभा चुनाव के दौरान नैरेटिव तैयार किया था। लोकसभा इलेक्शन में कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि सरकार इसलिए 400 सीट चाहती है ताकि संविधान बदला जा सके और गरीबों का आरक्षण छीन लिया जाए। इसके बाद जब लोकसभा का सत्र शुरू हुआ तो कांग्रेस के सांसदों ने संविधान लेकर ही शपथ ली थी। अखिलेश यादव और अवधेश प्रसाद जैसे नेता भी संविधान की कॉपी लिए दिखे। उसी को अब प्रियंका गांधी ने भी आगे बढ़ाया है। प्रियंका गांधी की शपथ के मौके पर उनके पति रॉबर्ट वाड्रा, बेटे रिहान वाड्रा और बेटी मिराया वाड्रा भी लोकसभा पहुंचे। इसके अलावा उनकी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी पहले से ही सदन में मौजूद थे। राहुल गांधी खुद रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद हैं, जबकि सोनिया गांधी राज्यसभा की मेंबर हैं। प्रियंका गांधी ने वायनाड लोकसभा सीट का उपचुनाव 4 लाख 10 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रत्याशी सत्यन मोकेरी को मात देकर लोकसभा में एंट्री की है। यहां से भाजपा ने नव्या हरिदास को चुनाव में उतारा था। बुधवार को ही अपने निर्वाचन का सर्टिफिकेट प्रियंका गांधी ने लिया था और कहा था कि यह हमारी मेहनत, प्यार और जनता के भरोसे की जीत है। प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा था, 'मेरे साथ वायनाड से मेरी जीत का सर्टिफिकेट लेकर आए। मेरे लिए यह सिर्फ एक दस्तावेज नहीं है बल्कि प्यार, भरोसे और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुझे चुनने के लिए वायनाड का धन्यवाद।' इसी साल जून में आए लोकसभा के नतीजों में राहुल गांधी यहां से जीते थे। इसके अलावा रायबरेली से भी वह जीते थे, ऐसे में उन्होंने वायनाड की सीट छोड़ी दी और अब यहां उपचुनाव हुआ तो प्रियंका गांधी को जीत मिली है। recent visitors 67

प्रियंका गांधी इन्वेस्टमेंट के लिए करती हैं सरकारी कंपनियों पर भरोसा, पोर्टफोलियो के 18 में से 6 पीएसयू स्टॉक

नई दिल्ली कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से अक्सर सरकारी कंपनियों की आलोचना की जाती है, लेकिन निवेश के लिए उनकी पहली पसंद पीएसयू शेयर ही हैं। केरल के वायनाड में लोकसभा के लिए उपचुनाव लड़ रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा दिए गए हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने शेयर बाजार में भी निवेश किया हुआ है और उनके पोर्टफोलियो में कुल 18 कंपनियां शामिल हैं, जिसमें से 6 कंपनियां सरकारी क्षेत्र की हैं। हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेत्री के कुल स्टॉक पोर्टफोलियो की वैल्यू 18 अक्टूबर तक 65,72,012 रुपये है। इसमें से 19,08,875 रुपये सरकारी शेयरों में निवेशित हैं। उनके पोर्टफोलियो में शामिल पीएसयू में रेलवे और खनन क्षेत्र की कंपनियां हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा के पास इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के 1,000 शेयर हैं और इनकी वैल्यू 2,21,800 रुपये है। उनके पास नेशनल एलुमिनियम के 2,000 और एनएमडीसी के 1,000 शेयर हैं, जिनकी वैल्यू क्रमश: 4,64,000 रुपये और 2,31,450 रुपये है। इसके अतिरिक्त प्रियंका गांधी वाड्रा के पास रेल विकास निगम लिमिटेड और राइट्स लिमिटेड के 1,000-1,000 शेयर हैं। इनकी वैल्यू क्रमश: 4,77,200 रुपये और 3,02,800 रुपये है। वायनाड से कांग्रेस की प्रत्याशी के पास रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के 500 शेयर हैं। इसकी वैल्यू 2,11,625 रुपये है। इसके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने उषा मार्टिन, इन्फोसिस, एनआईआईटी, टाटा पावर, स्पाइसजेट, पीसी ज्वेलर्स और फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों में भी निवेश किया हुआ है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, कांग्रेस नेत्री ने म्यूचुअल फंड में भी निवेश किया हुआ है, जिसकी वैल्यू 2 करोड़ 24 लाख है। इसके अलावा उनके पीपीएफ खाता में 17 लाख रुपये जमा है। प्रियंका गांधी ने सोने और चांदी में भी निवेश किया हुआ है। उनके पास 59.83 किलो के चांदी से बनी चीजें हैं, जिसकी वैल्यू 29.55 लाख रुपये और 4.41 किलो की ज्वेलरी है, जिसमें 2.5 किलो सोने से बनी चीजें शामिल हैं और इनकी कीमत 1.15 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त उनके पास शिमला में घर और गाड़ी भी है। recent visitors 76

कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को बनाया उम्मीदवार, चुनाव आयोग द्वारा वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा

नई दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर प्रियंका गांधी वाड्रा की उम्मीदवारी घोषित कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरल से लोकसभा और विधानसभा के उपचुनावों के लिए सदस्यों को पार्टी उम्मीदवार के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें केरल की वायनाड लोकसभा सीट से प्रियंका गांधी वाड्री को उम्मीदवार घोषित किया गया है तो वहीं केरल की पलक्कड़ विधानसभा सीट से राहुल ममकूटाथिल और चेलक्करा (SC) से राम्या हरिदास को उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि केरल की वायनाड लोकसभा सीट और विभिन्न राज्यों की 47 विधानसभा सीट के लिए 13 नवंबर को उपचुनाव होगा। वहीं नतीजे 23 नवंबर को आएंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी। राहुल गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था। इस सीट से राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा पार्टी की उम्मीदवार बनाया गया है। अगर प्रियंका गांधी वाड्रा लोकसभा उपचुनाव जीत जाती हैं, तो गांधी परिवार के तीनों सदस्य पहली बार संसद में होंगे। राहुल गांधी द्वारा वायनाड सीट खाली करने के बाद ही कांग्रेस ने घोषणा कर दी थी कि प्रियंका गांधी वाड्रा वहां उपचुनाव लड़ेंगी। राहुल ने रायबरेली सीट इसलिए चुनी क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस का मजबूत इतिहास रहा है, जिसने 1977, 1996 और 1998 को छोड़कर सभी लोकसभा चुनाव जीते हैं। राहुल के दादा-दादी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी भी इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। रायबरेली में राहुल अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह सीट पहले 2004 से 2019 तक सोनिया गांधी के पास थी। 2019 में राहुल ने अमेठी और वायनाड दोनों सीटों से चुनाव लड़ा, लेकिन केवल केरल की वायनाड में ही जीत हासिल की। सोनिया गांधी अब राज्यसभा सांसद हैं। प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने की संभावना के साथ, गांधी परिवार संसद में अपना प्रभाव मजबूत करना चाहेगा। इसके अलावा, वायनाड में प्रियंका की मौजूदगी से पार्टी को उम्मीद है कि वह जनता को एक रणनीतिक संदेश भेजकर उत्तरी और दक्षिणी दोनों क्षेत्रों में कांग्रेस की मौजूदगी का संकेत देगी। recent visitors 109