Sunday, July 5, 2026 9:53 am

स्कूली बच्चों के लिये राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलम्पियाड 14-15 दिसम्बर को

भोपाल भारत मौसम विज्ञान विभाग 14 और 15 दिसम्बर, 2024 को अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलम्पियाड आयोजित कर रहा है। ओलम्पियाड में कक्षा-8, 9 और 11 के छात्र शामिल हो सकेंगे। ओलम्पियाड युवाओं के मौसम विज्ञान के क्षेत्र में गहराई से जानने और पुरस्कार अर्जित करने का शानदार अवसर है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मौसम कार्यालय के टेलीफोन नम्बर-0755-2550345 पर प्राप्त की जा सकती है। मौसम केन्द्र कार्यालय भोपाल के अरेरा हिल्स में स्थित है।   recent visitors 42

भाजपा और आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने कहा- ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को कर रहीं बर्बाद

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वो प्रदेश को बर्बादी की राह पर धकेल रही हैं। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने एक आंकड़ा भी साझा किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पोस्ट में कहा, “अगर मुख्यमंत्रियों के लिए ‘हॉल ऑफ शेम’ हो तो सबसे शीर्ष पर ममता बनर्जी का नाम आएगा।” भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल से जुड़े कुछ चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल भारत में लगभग 67 फीसद केरोसिन की खपत करता है और यह स्थिति एलपीजी के पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद बनी हुई है।” उन्होंने सवाल उठाया, “क्या कारण हो सकता है? गरीबी, कालाबाजारी या बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी, सत्तारूढ़ टीएमसी के लिए वोट बैंक के रूप में दोगुना हो रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा, “कारण चाहे जो भी हो। लेकिन, इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि ममता बनर्जी अपने पीछे एक बर्बाद राज्य छोड़ रही हैं।” उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद समिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी से इस मुद्दे को लेकर सवाल पूछे थे। अमित मालवीय ने इसी को आधार बनाकर अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर प्रतिक्रिया दी। दरअसल, भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने सवाल किया था कि क्या पश्चिम बंगाल देश में सबसे अधिक मात्रा में केरोसिन की खपत करता है? क्या मंत्रालय को पश्चिम बंगाल में केरोसिन के दुरुपयोग और कालाबाजारी की जानकारी है? क्या सरकार ने इस दावे का संज्ञान लिया है कि केरोसिन का सेवन बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा किया जाता है? इस तरह के दुरुपयोग को रोकने और इच्छित लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और वितरण में सुधार के लिए क्या उपाय लागू किए जा रहे हैं और ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में केरोसिन निर्भरता को कम करने के लिए वैकल्पिक, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने वाली पहल क्या हैं? इन सभी सवालों के जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री मंत्री सुरेश गोपी ने लिखित जवाब दिया था । जिसमें उन्होंने विस्तारपूर्वक भाजपा सांसद के सभी सवालों का जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “भारत सरकार खाना पकाने के उद्देश्य से तिमाही आधार पर पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को “सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिट्टी के तेल का आवंटन करती है। वर्ष 2023-24 के दौरान विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पीडीएस एसकेओ का आवंटन अनुबंध में दिया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “वर्ष 2023-24 के दौरान, पश्चिम बंगाल राज्य को 7,04,016 केएल पीडीएस एसकेओ आवंटित किया गया था, जो देश भर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को किए गए 10,60,524 केएल के कुल आवंटन का 66.38 फीसदी है। भारत सरकार ने समय-समय पर संशोधित केरोसिन (उपयोग पर प्रतिबंध और अधिकतम कीमत का निर्धारण) आदेश 1993 जारी किया है, जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत केरोसिन की बिक्री केवल खाना पकाने और रोशनी के प्रयोजनों के लिए पात्र उपभोक्ताओं तक सीमित कर दी गई है। कीमत सरकार या सरकारी तेल कंपनियों द्वारा तय की जाती है। पीडीएस नेटवर्क के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर पीडीएस केरोसिन का वितरण पश्चिम बंगाल राज्य सहित संबंधित राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है।”   recent visitors 50

महतारी वंदन से सास-बहू की रिश्तों में आई मिठास

रायपुर, प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस राशि से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को भी पूरा कर रही है। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं की जिंदगी बदलने से लेकर रिश्तों में आई कड़वाहट को भी मिठास में बदल रही है। अमूमन यह कहा जाता है कि सास और बहू के रिश्ते में खटास आ ही जाती है। लेकिन इस योजना ने इस खटास को भी मिठास में बदल दिया है।         महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम बेमचा की रहने वाली शैलेन्द्री धु्रव की बहू गेस कुमारी एक ही घर में एक ही छत के नीचे खुशी-खुशी से जीवन यापन कर रही है। पिछले तीन वर्षों से बहू उनके साथ रह रही है। अभी वर्तमान में उनके यहां नया मेहमान भी आने वाला है। गरीबी और आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे इस परिवार के लिए दो हजार रुपए प्रतिमाह की आवक बड़ी राशि है। इससे दैनिक खर्च के अलावा छोटी-मोटी स्वास्थ्यगत समस्याओं का भी समाधान आसानी से हो जाता है। हालांकि दोनों के बीच कभी अनबन नहीं रही। सास श्रीमती शैलेन्द्री धु्रव हमेशा बेटी की तरह ही अपनी बहू को लाड़-प्यार करती है। यह संयोग ही है कि जैसे महतारी वंदन योजना की शुरूआत हुई वैसे ही घर में नए मेहमान आने की सुखद समाचार भी मिला, जिससे घर में खुशियों का लहर दोगुना हुआ। अभी उनकी बहू गेस कुमारी के यहां नए मेहमान दस्तक देने वाला हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में उनका नियमित चेकअप, खानपान और स्वास्थ्य की देखभाल करना जरूरी हो जाता है। महतारी वंदन की राशि जो हर माह नियमित रूप से मिल जाती है, उससे सास के रूप में मेरी चिंता दूर हुई। मेरे पति और बेटे कृषि और मजदूरी कर जीवन यापन चलाते हैं। ऐसी परिस्थिति में इस राशि का कितना महत्व है यह हमसे बेहतर कोई नहीं बता सकते। उन्होंने राज्य के मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना से आर्थिक मजबूती के साथ-साथ रिश्तों में मिठास आई है।         ज्ञात है कि इस योजना से 12 हजार रुपए वार्षिक वित्तीय सहायता विवाहित महिलाओं के खाते में (प्रतिमाह एक हजार रूपए) दी जा रही है। महासमुंद जिले में कुल 3 लाख 26 हजार महिलाओं को लाभ मिल रहा है। शासन द्वारा 10 किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। recent visitors 100

लोकपथ ऐप ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, कौन बनेगा करोड़पति में हुआ उल्लेख

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विकसित किया गया लोकपथ मोबाइल ऐप अब राष्ट्रीय पहचान बन चुका है। हाल ही में इस ऐप का उल्लेख देश के सबसे प्रतिष्ठित टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” में हुआ। इस कार्यक्रम के होस्ट, प्रख्यात अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन ने लोकपथ ऐप से जुड़ा सवाल प्रतिभागी से पूछा। यह उल्लेख न केवल मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रदेश में सड़कों के रखरखाव और सुधार के लिए किए गए नवाचारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करता है। नरसिंहपुर जिले के श्री रचित कुमार बेल्थरिया ने इस सवाल का सही उत्तर बिना किसी सहायता के देकर शो में सभी का ध्यान आकर्षित किया। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कौन बनेगा करोड़पति में मध्यप्रदेश के नवाचार को स्थान देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर श्री अमिताभ बच्चन का आभार व्यक्त किया और प्रतिभागी श्री रचित का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मात्र 6 माह में इस ऐप ने प्रदेश से निकलकर राष्ट्र स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है एवं पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने इस घटना को गर्व का क्षण बताते हुए कहा, “लोकपथ ऐप लोक निर्माण से लोक कल्याण का सेतु है। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि मध्यप्रदेश के नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। लोकपथ ऐप प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ा नवाचार है, जो सड़कों को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने में सहायक है।” मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पित लोकपथ ऐप, लोक निर्माण विभाग की एक अनूठी पहल है। इस ऐप का उद्देश्य प्रदेश की सड़कों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। नागरिक इस ऐप के माध्यम से क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपोर्ट सीधे विभाग को भेज सकते हैं, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान हो रहा है। मंत्री श्री सिंह ने यह भी कहा कि लोकपथ ऐप सरकार की लोक कल्याणकारी सोच और प्रौद्योगिकी के कुशल उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विभाग के इस अभिनव प्रयास ने साबित किया है कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोक कल्याण के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। लोकपथ ऐप पर अब तक 4536 से अधिक शिकायतें प्राप्त की गई हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण 7 दिनों के भीतर किया गया। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार ने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए इस तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की सड़कों को गुणवत्तापूर्ण, सुदृढ़ और सुरक्षित बनाना है और लोकपथ ऐप इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।   recent visitors 52

हम होंगे कामयाब अभियान: 10 दिसम्बर मानव अधिकार दिवस पर होगी जागरूकता दौड़

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार 16 दिवसीय एक्टीविजम-लिंग आधारित हिंसा के उन्मूलन के लिये “हम होंगे कामयाब’’ अभियान की शुरूआत 25 नवम्बर से की गयी है। मानव अधिकार दिवस तक चलने वाले इस अभियान के तहत 10 दिसम्बर को जागरूकता दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। जागरूकता दौड़ में पुलिस विभाग सहित प्रदेश के अन्य विभागों के अधिकारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी एवं एनजीओ के लगभग 1500 प्रतिभागी भाग लेंगे। जागरूकता दौड़ का शुभारंभ महापौर श्रीमती मालती राय करेंगी। बोट क्लब पर होने वाली इस दौड़ का समापन पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना द्वारा किया जायेगा।   recent visitors 51

इसरो वैज्ञानिक प्रमोद आर. नायर को युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया

तिरुवनंतपुरम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक प्रमोद आर नायर को हाई एनर्जी मैटेरियल्स सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डीआरडीओ और इसरो के संयुक्त संगठन, हाई एनर्जी मैटेरियल्स सोसाइटी ऑफ इंडिया ने 'एम.आर.' कुरुप एंडोमेंट अवार्ड' की स्थापना की है, जो उच्च ऊर्जा सामग्री (प्रणोदक और पायरो) के क्षेत्र में काम करने वाले युवा वैज्ञानिकों को मान्यता देता है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने डीआरडीओ के महानिदेशक और वीएसएससी, एलपीएससी और आईआईएसयू के निदेशकों की उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किया। गौरतलब है कि एम.आर. कुरुप एक भारतीय रॉकेट वैज्ञानिक और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में भारत के पहले ठोस रॉकेट प्रणोदक संयंत्र के संस्थापक थे। उन्हें तिरुवनंतपुरम में वीएसएससी केंद्र के निदेशक के रूप में संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान (एएसएलवी) के सफल प्रक्षेपण में योगदान देने के लिए जाना जाता है। केरल के चेंगन्नूर के मूल निवासी श्री कुरुप ने इसरो के वीएसएससी से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने वीएसएससी में महाप्रबंधक, उप निदेशक और रसायन, सामग्री और प्रणोदन इकाइयों के मुख्य कार्यकारी जैसे विभिन्न पदों पर काम किया, जहां उन्हें ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के साथ काम करने का अवसर मिला। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश में पहला ठोस रॉकेट प्रणोदन संयंत्र स्थापित किया। वह विक्रम साराभाई द्वारा पहले भारतीय उपग्रह प्रक्षेपण यान को डिजाइन करने के लिए चुनी गई टीम के सदस्य भी रहे हैं। वह 1990 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, 'पद्म श्री' से भी अलंकृत हैं।   recent visitors 67

प्रदेश ने इतिहास में पहली बार 18 हजार मेगावॉट से ऊपर विद्युत आपूर्ति की

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार 18 हजार मेगावॉट से ऊपर की विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के पूरी करने में सफलता प्राप्त हुई है। छ: दिसम्बर को प्रातः 9:15 बजे मध्यप्रदेश के इतिहास की सर्वाधिक विद्युत मांग 18077 मेगावॉट दर्ज की गई। इसके पूर्व 24 जनवरी 2024 को 17614 मेगावॉट अधिकतम मांग दर्ज की गई थी। अधिकतम डिमांड के समय मध्यप्रदेश की विद्युत लाइनों और सबस्टेशनों से निर्वाध विद्युत आपूर्ति की गई। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस उपलब्धि पर विभाग के सभी विद्युत कार्मिकों को बधाई दी है।   recent visitors 54