Sunday, July 5, 2026 10:59 am

बिजली कर्मियों से मारपीट करने पर दो आरोपियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भोपाल शहर वितरण केन्‍द्र अंतर्गत शासकीय कार्य के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारी से अभद्र व्यवहार एवं मारपीट करने के आरोप में दो आरोपियों पर अलग – अलग थानों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल शहर के पिपलानी वितरण केन्‍द्र अंतर्गत लाइन परिचारक (संविदा) श्री रवि अहिरवार द्वारा साथी स्‍टॉफ श्री रामआश्रय साहू, श्री हेमराज लोधी एवं श्री साहिबराव के साथ बकाया राशि राजस्‍व वसूली का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान उपभोक्‍ता श्री नवनीत सिंह से बकाया राशि जमा नहीं करने के चलते कंपनी द्वारा कनेक्‍शन विच्‍छेदित करने की बात कही गई। उसी समय उपभोक्‍ता द्वारा मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में जूनियर इंजीनियर श्री राहुल पांडे के साथ पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई गई। इसी तरह एक अन्‍य मामले में आरोपी श्री कदरउल्‍ला खां के खिलाफ थाना श्‍यामला हिल्‍स में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के टीटी नगर जोन में पदस्‍थ सहायक प्रबंधक श्री संजू कुमार उईके ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्‍होंने बताया कि आरोपी पर बिजली बिल की राशि 21975 रुपये बकाया होने पर लाइन काटने की कार्रवाई की गई। बाद में आरोपी श्री कदरउल्‍ला ने स्‍टॉफ के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसकी थाना श्‍यामलाहिल्‍स में एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों क्रमश श्री नवनीत सिंह व श्री कदरउल्‍ला खान के खिलाफ कंपनी के अधिकारियों/कर्मचारियों से मारपीट, अभद्र व्‍यवहार तथा जान से मारने की धमकी देने तथा शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में कंपनी द्वारा कार्यवाही करते हुए थाना पिपलानी तथा थाना श्‍यामला हिल्‍स में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी श्री नवनीत सिंह पर धारा 121(1) एवं 132 में एफाआई दर्ज की गई है, जबकि आरोपी श्री कदरउल्‍ला खान के खिलाफ भारतीय न्‍याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 121(1), 132, 296, 351 (2) में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना पिपलानी तथा थाना श्‍यामला हिल्‍स द्वारा दोनों आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारी कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।   recent visitors 41

म्यांमार में भारत की सहायता से बदल रही लोगों की जिंदगी

म्यांमार म्यांमार के नाय पी ताव में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया जिससे नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और म्यांमार के लोगों की जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी। इन परियोजनाओं का काम भारत की 50 लाख डॉलर की वार्षिक अनुदान सहायता से पूरा किया गया है। म्यांमार में भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने देश के केंद्रीय सामाजिक कल्याण, राहत और पुनर्वास मंत्री डॉ. सो विन और सीमा मामलों के मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल तुन तुन नौंग के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) और राखीन प्रांत विकास कार्यक्रम (आरएसडीपी) परियोजनाओं का उद्घाटन किया। म्यांमार में भारतीय दूतावास के अनुसार, उद्घाटन की गई परियोजनाएं चिन प्रांत और नागा स्व-प्रशासित क्षेत्र में स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण नई सामाजिक और आर्थिक सुविधाएं प्रदान करेंगी, जो उनकी भलाई के लिए फायदेमंद होंगी। चिन प्रांत में 16 सड़कों और पुलों के साथ एक शिक्षा केंद्र का निर्माण पूरा होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसी तरह, नागा स्व-प्रशासित क्षेत्र में 19 सड़कों और पुलों और दो शिक्षा केंद्रों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। कुल मिलाकर, इन पहलों में 45 लाख अमेरिकी डॉलर की लागत से 38 गतिविधियां शामिल हैं, जो क्षेत्रीय विकास के लिए व्यापक प्रयास और प्रतिबद्धता को दिखाती हैं। इसके अलावा, महत्वपूर्ण परियोजनाओं में ग्वा टाउनशिप में जल आपूर्ति प्रणाली का निर्माण और मराउक यू टाउनशिप में भस्मक का काम पूरा होना शामिल है। भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि ये परियोजनाएं आवश्यक सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करती हैं। बीएडीपी और आरएसडीपी ढांचे के तहत, भारत सरकार प्रति वर्ष 50 लाख डॉलर की अनुदान सहायता प्रदान करती है, जैसा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तय किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जल आपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल, बिजली, सड़क निर्माण, स्कूल निर्माण और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुधारना और लोगों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। सरकार ने पिछले साल यांगून क्षेत्र, नाय पी ताव, तनिनथारी क्षेत्र, सागांग क्षेत्र, मैगवे क्षेत्र और मांडले क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा, ई-लर्निंग और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में इसी तरह की पहल का समर्थन किया है। भारतीय दूतावास ने बताया, "यह साझेदारी सागांग क्षेत्र, चिन प्रांत और राखीन प्रांत जैसे सीमावर्ती इलाकों में समुदायों के विकास और सशक्तिकरण के लिए है। यह म्यांमार के लोगों के लिए सतत विकास और बेहतर जीवन स्थितियां सुनिश्चित करने के लिए दोनों सरकारों की प्रतिबद्धता को दिखाता है।" शुक्रवार का कार्यक्रम अक्टूबर में भारत सरकार द्वारा सहायता प्राप्त पांच त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (क्यूआईपी) के हस्ताक्षर समारोह के बाद हुआ। ये परियोजनाएं म्यांमार के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, हथकरघा और आपदा जोखिम न्यूनीकरण क्षेत्रों में नागरिक बुनियादी ढांचे को सुधारने का काम करेंगी। recent visitors 71

बिजली कंपनी ने सार्वजनिक किये बड़े बकायादारों के नाम, उपभोक्ताओं से अपील : बिजली बिल का भुगतान करें

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत आने वाले ऐसे बिजली उपभोक्ता जिनके द्वारा अपने बकाया बिजली बिलों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके नाम, पते और बकाया राशि की जानकारी को सार्वजनिक कर दिया है। कंपनी द्वारा बकायादारों के नामों की सूची कंपनी के पोर्टल पर सार्वजनिक की गई है। इन बकायादरों के नाम आमजन और उपभोक्ताओं द्वारा क्षेत्रवार देखा जा सकता है। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर होम पेज पर Consumer Arrears List पर क्लिक करते ही वृत्त के आधार पर कुल बकायादारों की सूची उपलब्ध हो जाएगी। इसी लिंक को कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि पर भी साझा कर दिया गया है। कम्पनी द्वारा इस सूची को प्रति सोमवार अद्यतन किया जा रहा है। जो उपभोक्ता अपने बिजली बिल की बकाया राशि जमा कर रहे हैं, उनके नाम पोर्टल पर जारी सूची से तथा सोशल मीडिया से हटा दिए जाते हैं। इसलिए बकाया राशि समय पर जमा करें, ताकि बकायादारों की सूची से नाम हटाया जा सके। recent visitors 48

देश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही, यह अत्यंत गंभीर मुद्दा है, इसे रोकने में असमर्थ अमित शाह को बाहर करें मोदी: कांग्रेस

नई दिल्ली कांग्रेस ने कहा है कि सरकार कहती है कि देश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही है तो यह अत्यंत गंभीर मुद्दा है और ऐसी साजिश करने वालों का पर्दाफाश करने में असमर्थ रहे देश के गृहमंत्री अमित शाह को पद से हटा देना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे देश में साम्प्रदायिकता, हिंसा और नफरत का जहर घोला जा रहा है- 'बंटेंगे तो कटेंगे' जैसे नारे दिए जा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक और मणिपुर से महाराष्ट्र तक यात्राएं निकाली, जिसका उद्देश्य मोहब्बत से भारत को जोड़ना था। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति जो मजदूर, किसान, मोची, बढ़ई, ड्राइवर जैसे तमाम वर्गों के जीवन से जुड़े संघर्षों को समझकर उसका समाधान ढूंढता है, एक व्यक्ति जो दलितों, पिछड़ों, महिलाओं की आवाज उठाता है, उनके हक की लड़ाई लड़ता है, उस व्यक्ति को ये लोग देशद्रोही कहते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि भाजपा-आरएसएस देश का सबसे बड़ा टुकड़े-टुकड़े गैंग है। राहुल जी हमेशा जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं और आगे भी उठाएंगे। वे आपकी धमकियों और आरोपों से डरने वाले नहीं हैं।” प्रवक्ता ने कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईएसआई को रेड कार्पेट बिछाकर देश में बुलाते हैं, और वही आईएसआई पुलवामा का सारा ठीकरा हमारे देश पर फोड़ देता है, तब आपने उन्हें देशद्रोही नहीं कहा। जब मोदी विदेश जाकर कहते हैं कि पिछले जन्म में कोई पाप किए होंगे, तभी भारत में पैदा हुए हैं, तब उन्हें देशद्रोही नहीं कहा जाता। जब श्री मोदी बिन बुलाए बिरयानी खाने पाकिस्तान चले जाते हैं, तब उन्हें देशद्रोही नहीं कहा जाता। जब श्री मोदी चीन को क्लीन चिट दे देते हैं, तब ये देशद्रोह की कैटेगरी में नहीं आता। आज देश की जनता ऐसा दोहरा चरित्र रखने वाले भाजपा के लोगों पर हंस रही है।” उन्होंने कहा, “ जब देश का अन्नदाता कहता है- हम काले कानून बर्दाश्त नहीं करेंगे, हम आंदोलन करेंगे तो भाजपा के लिए ये अंतरराष्ट्रीय साजिश और फंडिंग का हिस्सा हो जाता है। जब सोनम वांगचुक अपने साथियों के साथ लद्दाख से आते हैं, अपनी मांग रखते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो जाते हैं। मणिपुर डेढ़ साल से जल रहा है, लेकिन नरेंद्र मोदी वहां नहीं जाते क्योंकि वो भी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। अगर श्री मोदी से महंगाई, बेरोजगारी पर सवाल पूछ लिया जाए तो आप देशद्रोही हैं। युवा रोजगार मांग लें तो उनको लाठी मारी जाएगी, क्योंकि वो भी साजिश का हिस्सा हैं। अगर देश में इतनी अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही है तो आप गृहमंत्री अमित शाह की छुट्टी क्यों नहीं करते हैं। क्या नरेंद्र मोदी सरकार इतनी कमजोर है, जिसके खिलाफ कोई भी अंतरराष्ट्रीय साजिश होती रहती है। इस देश में किसी ने अंतरराष्ट्रीय साजिश रची है तो वो गौतम अडानी है, जिस पर रिश्वतखोरी, हेरा-फेरी का आरोप लगा है और जिसने भारत की छवि को धूमिल करने का काम किया है।” प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा वाले कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी देश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का काम कर रही है।लेकिन सच्चाई यह है कि अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का काम भाजपा के लोग करते हैं। देश में जब नोटबंदी, गलत जीएसटी लागू की गई तो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी ने नरेंद्र मोदी को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि अगर आप नोटबंदी के साथ आगे बढ़ेंगे तो जीडीपी गिरेगी, तब श्री मोदी ने उनका मजाक उड़ाया था, लेकिन आज देश के सामने पूरी सच्चाई है।”   recent visitors 63

कृषक उन्नति योजना ने बेटी की शादी में लगा दिया चार चांद

  किसान हितैषी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल से किया धन्यवाद रायपुर, बेटी की शादी करना एक पिता के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती होती है। एक किसान परिवार में जन्मी बेटी की शादी में किसी तरह की कोई कसर ना रह जाए, इसकी चिंता बेटी की डोली घर से उठते तक पिता को सताती है। प्रदेश के मुखिया  विष्णु देव साय ने ऐसे बेटियों के पिता की चिंता को दूर कर करने हुए गत वर्ष के धान उपार्जन की राशि देने की योजना प्रारंभ किया है।      धमतरी जिले के ग्राम भटगांव के किसान लोकेश राम साहू की बिटिया की शादी के ठीक पहले उन्हें कृषक उन्नति योजना के तहत राशि मिली। वे बताते हैं कि कृषक उन्नति योजना से मिली धान की राशि ने उनकी बेटी की शादी में चार चांद लगा दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी एक एकड़ 30 डिस्मिल जमीन है, जिस पर उपजाए लगभग 26 क्विंटल 80 किलोग्राम धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। उन्हें कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 25 हजार रूपये बोनस राशि मिली, वह भी तब जब उनकी बिटिया की शादी होने वाली थी। किसान लोकेश राम साहू खुश होकर प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए कहते हैं कि किसान के हित में मुख्यमंत्री ने इतना अच्छा फैसला लिया हैं। जिससे किसानों की समस्या का समाधान हो रहा है      कृषक उन्नति योजना के माध्यम से राज्य के किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान में 19 हजार 257 रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता राशि दी जा रही है। किसानों को धान के प्रति क्विंटल के मान से भुगतान की जा रही यह राशि देश में सर्वाधिक है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसान हितैषी कृषक उन्नति योजना आरंभ किया। recent visitors 53

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डॉक्टर्स की हड़ताल अब नहीं होगी गैरकानूनी, लंबित मांगों का समाधान करेगी हाई लेवल कमेटी प्रदर्शन

इंदौर  अब डॉक्टर्स की हड़ताल गैरकानूनी नहीं मानी जाएगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डॉक्टर्स को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है, यह निर्णय चिकित्सा सेवाओं की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए लिया गया। क्योंकि डॉक्टर्स की हड़ताल से मरीजों की देखभाल पर खतरा आ सकता है, इसलिए हड़ताल पर जाने की छूट नहीं दी जाती थी। आमतौर पर, यदि डॉक्टर्स किसी आदेश या घटना से आहत होकर हड़ताल पर जाते थे, तो यह हड़ताल गैरकानूनी मानी जाती थी। कई मामलों में सरकार और विभाग ने हड़ताल पर गए डॉक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। एक मामले की सुनवाई के दौरान, एमपी हाईकोर्ट ने डॉक्टर्स को राहत दी है। डॉक्टर्स को हड़ताल से रोकने के कारण डॉक्टर्स को हड़ताल पर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है, क्योंकि इससे मरीजों के इलाज में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। भारतीय चिकित्सा परिषद (पेशेवर आचरण, शिष्टाचार और नैतिकता) विनियम, 2002 के तहत भी डॉक्टरों को हड़ताल से मना किया गया है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि न्यायाधीश और डॉक्टर हड़ताल पर नहीं जा सकते, क्योंकि उनका काम जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों से संबंधित होता है। हड़ताल पर जाने से पहले अनुमति की जरूरत हाई कोर्ट ने डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने की छूट दी है, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों के हड़ताल से संबंधित मामले में स्पष्ट किया कि अगर डॉक्टर सरकार के किसी निर्णय से आहत होते हैं, तो वे हड़ताल कर सकते हैं, बशर्ते कोर्ट को पहले सूचित किया जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को डॉक्टरों की लंबित मांगों को हल करने के लिए 2 सप्ताह में एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का आदेश दिया है। पूरा मामला यह मामला 2023 में प्रदेशभर के डॉक्टरों की हड़ताल से जुड़ा था। 3 मई को चिकित्सक महासंघ के आह्वान पर राज्यभर के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएससी और पीएचसी के डॉक्टर हड़ताल पर गए थे। उन्होंने अपनी कार्यकाल, वेतन और सुविधाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें राज्य सरकार के सामने रखी थीं, जिनका समाधान न होने पर डॉक्टरों ने हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। हाई कोर्ट ने चिकित्सक महासंघ को एक हफ्ते का समय दिया है, ताकि वे अपनी सभी लंबित मांगों और सुझावों को राज्य सरकार तक पहुंचा सकें। पहले कोर्ट ने इस हड़ताल को गैरकानूनी करार दिया था और भविष्य में किसी भी हड़ताल के लिए कोर्ट से अनुमति अनिवार्य कर दी थी। 1 हफ्ते में मांग-सुझाव सरकार तक प​हुंचाएं     हाई कोर्ट ने चिकित्सक महासंघ को एक हफ्ते का समय दिया है, ताकि वे अपनी सभी लंबित मांगों और सुझावों को राज्य सरकार तक पहुंचा सकें।     यह मामला 2023 में प्रदेशभर के चिकित्सकों की हड़ताल से जुड़ा था। तब 3 मई को चिकित्सक महासंघ के आह्वान पर राज्यभर के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएससी और पीएचसी के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।     चिकित्सक महासंघ ने राज्य सरकार से डॉक्टरों के कार्यकाल, वेतन और सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इन मांगों का समाधान न होने पर डॉक्टर लगातार हड़ताल और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।     शासकीय-स्वशासी चिकित्सा महासंघ मप्र के मुख्य संयोजन डॉक्टर राकेश मालवीय के मुताबिक पहले हाई कोर्ट ने प्रदेश के डॉक्टरों की हड़ताल को गैरकानूनी करार दिया था। साथ ही भविष्य में किसी भी टोकन स्ट्राइक के लिए कोर्ट की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया था। इसके बाद डॉक्टरों ने अपनी आवाज उठाने के लिए अन्य विकल्प तलाशे।   recent visitors 58

जन्म के समय लिंगानुपात में हुआ सुधार, 918 से बढ़कर 2023-24 में 930 हो गया: केन्द्र सरकार

नई दिल्ली स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार देश में लिंगानुपात (एसआरबी)  2014-15 में 918 से बढ़कर 2023-24 में 930 हो गया है। साथ ही, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई +) के आंकड़ों के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर स्कूल में लड़कियों का राष्ट्रीय सकल नामांकन अनुपात 2014-15 में 75.51 प्रतिशत से बढ़कर 2021-22 में ग्रामीण क्षेत्रों सहित 79.4 प्रतिशत हो गया है। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी। आपको बता दें, देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) योजना 22 जनवरी, 2015 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर शुरू की गई थी। यह लिंग-पक्षपाती लिंग-चयनात्मक प्रथाओं को रोकने, बालिकाओं के अस्तित्व और सुरक्षा को सुनिश्चित करने और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। वहीं, योजना के प्रभाव का आकलन करने और प्रगति का मूल्यांकन करने के प्रमुख मानदंड जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) में सुधार और माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं के सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार एसआरबी 2014-15 में 918 से बढ़कर 2023-24 में 930 हो गया है। साथ ही, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई +) के आंकड़ों के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर स्कूल में लड़कियों का राष्ट्रीय सकल नामांकन अनुपात 2014-15 में 75.51 प्रतिशत से बढ़कर 2021-22 में ग्रामीण क्षेत्रों सहित 79.4 प्रतिशत हो गया है। इस तथ्य की पहचान करते हुए कि बीबीबीपी के तहत बहु-क्षेत्रीय हस्तक्षेपों के लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस सहित गतिविधियों में कम भागीदारी वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए, मंत्रालय ने बीबीबीपी के लिए एक संचालन नियमावली जारी किया है। इसमें बालिकाओं, उनके परिवारों और समुदायों की साल भर की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विकसित जिलों के लिए एक विस्तृत और अच्छी तरह से सुझाया गया गतिविधि कैलेंडर शामिल है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के आधार पर धनराशि जारी की जा रही है, जिसने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) की एकल नोडल एजेंसी (एसएनए) के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। इसके अलावा, वर्ष 2020-21 के लिए एचएमआईएस डेटा के अनुसार जिलों की अलग-अलग एसआरबी स्थिति के आधार पर, बीबीबीपी के तहत धनराशि जारी करने के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं – जिन जिलों का एसआरबी 918 या उससे कम है, उन्हें प्रति वर्ष 40 लाख रुपये आवंटित किए जाते हैं। एसआरबी 919 से 952 वाले जिलों को 30 लाख रुपये प्रति वर्ष आवंटित किए जाते हैं। 952 से अधिक एसआरबी वाले जिलों को 20 लाख रुपये प्रति वर्ष आवंटित किए जाते हैं। गौरतलब हो, बीबीबीपी एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका मिशन शक्ति के संबल वर्टिकल के तहत देश के सभी जिलों में केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्त पोषण किया जाता है। बावजूद इसके पश्चिम बंगाल सरकार बीबीबीपी को लागू नहीं कर रही है।   recent visitors 76