उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से शीतलपानी में माध्यमिक शाला भवन का भूमिपूजन

कवर्धा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की गति और तेजी आई है। आज ग्राम शीतलपानी में 21 लाख 59 हजार रुपए की लागत से एक नई माध्यमिक शाला भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। इस मौके पर स्थानीय लोगों को एक और बेहतर शैक्षिक सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि जनपद पंचायत बोड़ला, मंडल अध्यक्ष रेंगाखार कला, झलमला सोसायटी अध्यक्ष, ग्राम पंचायत शीतलपानी के सरपंच एवं भूतपूर्व सरपंच, मंडल महामंत्री, और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी उपस्थित थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा का विकास किसी भी समाज की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस नए शाला भवन के निर्माण से शीतलपानी क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में वनाचल क्षेत्र ग्राम शीतलपानी में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी शीघ्र नए योजनाओं की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं और क्षेत्र के समग्र विकास में अपना योगदान दें। क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने के लिए प्रतिबद्ध है, और यह योजना इसके अंतर्गत एक अहम कदम है। सरकार के प्रयासों की ग्रामीणों ने की सराहना   भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भी इस पहल को लेकर आभार व्यक्त किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की। गांव के नागरिकों ने कहा कि यह शाला भवन बच्चों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा, जिससे भविष्य में उनकी शिक्षा और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार का धन्यवाद भी किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी और शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की योजनाओं को लेकर सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि इस शाला भवन के बनने से शीतलपानी सहित आसपास के क्षेत्र के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उनका भविष्य उज्जवल होगा। recent visitors 51

स्टीव स्मिथ बोले – मेरे करियर में पिछले तीन साल सबसे कठिन रहे

ब्रिस्बेन. ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने रविवार को कहा कि पिछले तीन साल उनके शानदार करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण रहे हैं क्योंकि उन्हें कूकाबुरा की नई गेंद से सामांजस्य बैठाने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। कूकाबुरा ने 2020 में गेंद की सीम पर अतिरिक्त लैकर लगाना शुरू किया। लैकर किसी प्लास्टिक की परत जैसी होती है जो गेंद को सख्त बनाती है। इससे गेंद अधिक स्विंग होती है। स्मिथ को यहां भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन अपने 33वें शतक की राह में एक बार फिर इन सब चीजों से जूझना पड़ा। यह पिछले 18 महीनों में उनका पहला टेस्ट शतक था, जो उनके जैसे कद के बल्लेबाज के लिए बहुत लंबा अंतराल है। स्मिथ ने तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन के खेल के बाद कहा, ‘‘2021 के बाद से जब से कूकाबुरा ने गेंद को बदला है तब से बल्लेबाजी निश्चित रूप से अधिक कठिन हो गई है। खासकर क्रीज पर आने वाले नये बल्लेबाज के लिए। पिच से अगर तेज गेंदबाजों के लिए मदद हो तो यह परेशानी और बढ़ जाती है।’’ उन्होंने कहा कि चुनौती पहले 30-35 ओवरों को खेलने में है जब गेंद ज्यादा स्विंग होती है। ऐसे में जसप्रीत बुमराह जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाज का सामना करना बल्लेबाजों के लिए और भी मुश्किल हो जाता है। ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि विशेषकर पारी के पहले 35 ओवर सिम की मदद से मिलने वाली स्विंग के कारण बल्लेबाज के लिए परिस्थितियां बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। मुझे लगता है कि इस दौरान गेंद सख्त रहती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप एक बार जब उस अवधि को पार कर लेते है तो आपके पास ट्रेविस (हेड) और मार्शी (मिचेल मार्श) और एलेक्स (कैरी) जैसे कुछ आक्रामक बल्लेबाज हैं (जो चीजों को आसान कर सकते हैं)।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, पिछले तीन साल शायद मेरे करियर में सबसे कठिन रहे हैं। यह गेंद को मिलने वाली अतिरिक्त स्विंग के कारण हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप देख सकते हैं कि किस तरह से स्कोर में भी कमी आई है। आप जानते हैं, गेंदबाजी औसत में कमी आई है, बल्लेबाजी औसत में कमी आई है।’’ स्मिथ ने कहा, ‘‘अगर आप पहली पारी पर नजर डाले तो पांच साल पहले आसानी से 400 या 500 रन बन जाते थे लेकिन अब 300 रन बनने के बाद भी आप मजबूत स्थिति में रहते है।’’ स्मिथ ने कहा कि आज के दौर में बड़ा स्कोर करने के लिए किस्मत का साथ मिलना जरूरी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘आपको बड़ा स्कोर करने के लिए भाग्य की आवश्यकता होगी। आपको टेस्ट दर टेस्ट वास्तव में अच्छा खेलना होगा।’’ इस शतकीय पारी से स्मिथ, रिकी पोंटिंग (41) के बाद ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी बना गये। स्मिथ के नाम अब 33 शतक है। वह जून 2023 के बाद अपना पहला शतक जड़कर राहत महसूस कर रहे है। उन्होंने कहा, ‘‘तीन अंकों तक पहुंचना बहुत अच्छा था। थोड़ी देर हो गई। पहले कुछ मैच मुश्किल रहे हैं। कुछ अच्छी गेंदें खेलीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं पिछले एक महीने से अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं। यह एक तरह से मेरी प्रक्रियाओं पर टिके रहने जैसा था, इस भरोसे के साथ कि सब कुछ बदल जाएगा।’’ स्मिथ और हेड की शतकीय पारियों से ऑस्ट्रेलिया ने सात विकेट पर 405 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। recent visitors 63

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा- राहुल गांधी हल्के आदमी, विपक्ष के नेता हैं, गंभीरता लानी चाहिए

पटना जदयू के नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने रविवार को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को हल्का आदमी बताते हुए नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के नेता है उन्हें गंभीरता लानी चाहिए। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने साफ लहजे कहा कि कांग्रेस पार्टी कोई काम करना ही नहीं चाहती है। आज तक क्या किया? उन्होंने कहा, “कल सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक- एक योजना को बता दिया। प्रधानमंत्री ने तो साफ कहा कि हमने भी संविधान संशोधन किये, लेकिन वह देश की भलाई के लिए किया, जबकि कांग्रेस ने संविधान संशोधन अपनी गद्दी बचाने के लिए किए।” बिहार के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के ‘माई -बहिन मान योजना’ के एलान पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि उनके माता – पिता ने 15 साल राज किया था, जरा बता दें, उस समय वे कौन सी योजना लाए थे। यह भी उन्हें बताना चाहिए। उस दौर में न सड़क थी, न बिजली थी। उनके राज में अपहरण ही उद्योग था। इस पर भी उन्हें बोलना चाहिए।” दरअसल, बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को कहा है कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो सरकार ‘माई-बहिन मान योजना’ शुरू करेगी, जिसके तहत महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिमाह 2,500 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि बिहार का नवनिर्माण महिलाओं की समृद्धि के बिना अधूरा है। इस योजना के तहत बिहार की प्रत्येक महिला के बैंक खाते में प्रत्येक महीने 2,500 रुपए हस्तांतरण किए जाएंगे। तेजस्वी ने कहा कि ये योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर उमर अब्दुल्ला के एक बयान के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वो क्या कहेंगे। वहां हम लोग रहकर के भी क्या करते, उन लोगों का हाल देख रहे हैं ना, क्या हो रहा है।   recent visitors 62

कप्तान हरमनप्रीत कौर बोलीं- ऑस्ट्रेलिया में वनडे और वेस्टइंडीज़ के ख़‍िलाफ़ घरेलू सरजमीं पर टी20 मैचों के बीच छोटे बदलाव से निपटना काफी मुश्किल है

मुंबई. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बड़े टूर्नामेंटों ख़ासकर इस साल एशिया कप और टी20 विश्व कप में अहम मैच जीतने में नाकाम रहने के लिए व्यक्तिगत खिलाड़ियों की मानसिकता को जिम्मेदार ठहराया है। हरमनप्रीत ने रविवार को वेस्‍टइंडीज़ के ख़‍िलाफ़ शुरू होने वाली टी20 सीरीज़ से पहले कहा, “मुझे लगता है कि यह केवल माइंडसेट की बात है क्‍योंकि अगर आप देखें तो हमारी टीम में बहुत अच्‍छे खिलाड़ी हैं। जब भी मौक़ा मिला है सभी ने बहुत अच्‍छा किया है। मुझे लगता है कि बड़े मैचों में केवल माइंडसेट की बात है और क्‍या आप व्‍यक्तिगत तौर पर सोच रहे हैं। क्‍योंकि बतौर खिलाड़ी, बतौर टीम आप केवल इस बात पर काम कर सकते हैं कि आपने अच्‍छा किया है। दिन के अंत में, यह केवल आप हैं जो परिस्‍थ‍ितियों को सह रहे होते हैं और यह केवल आपकी बात बात है कि कैसे आप आगे जाने को देख रहे हैं।” “हम इस बारे में बात करते हैं कि हमें जीत के लिए क्‍या ज़रूरत है, लेकिन अंत में तो यह व्‍यक्तिगत खेल है कि कैसे आप टीम को जिताने जा रहे हैं।” इस साल भारत ने 20 में से 13 टी20 जीते हैं, लेकिन इनमें से सभी अहम मैचों में उनको हार मिली है। एशिया कप में वह अजेय थे, लेकिन फ़ाइनल में श्रीलंका से हार गए। इसके बाद वे टी20 विश्‍व कप में ऑस्‍ट्रेलिया से अहम मैच में हारकर ग्रुप स्‍तर में ही बाहर हो गए। एशिया कप के फ़ाइनल में स्‍मृति मंधाना ने सबसे अधिक रन बनाए लेकिन अन्‍य बल्‍लेबाज़ विफल हो गए। ऑस्‍ट्रेलिया के ख़ि‍लाफ़ हरमनप्रीत का एकल प्रदर्शन भी बेकार गया।   recent visitors 41

लोकसभा XI की ओर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए कप्तान अनुराग ठाकुर ने शतकीय पारी खेली, जीता मैच

नई दिल्ली टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सांसदों के बीच खेले गए दोस्ताना क्रिकेट मैच में लोकसभा अध्यक्ष एकादश ने राज्यसभा अध्यक्ष एकादश को 73 रनों से हरा दिया। लोकसभा XI की ओर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए कप्तान अनुराग ठाकुर ने शतकीय पारी खेली। इसके अलावा, लोकसभा XI के गेंदबाज दीपेंद्र हुड्डा का भी जलवा दिखा और उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट चटकाए। इसके लिए उन्हें बेस्ट बॉलर ऑफ मैच का अवॉर्ड दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष XI ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 251 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में राज्यसभा XI 178 रन ही बना सकी। राज्यसभा XI की ओर से बल्लेबाजी करते हुए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सबसे ज्यादा 74 रनों की पारी खेली। उन्हें कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आउट किया। उनके अलावा, कप्तान किरेण रिजिजू सिर्फ एक ही रन बना सके। एन डांगी ने 28 रन बनाए, जबकि के सुधाकर ने 27 रनों की पारी खेली। टीम राज्यसभा XI टारगेट को हासिल नहीं कर सकी और निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेटों पर 178 रन ही बना सकी। इस तरह से लोकसभा XI टीम ने 73 रनों से यह मैच जीत लिया। लोकसभा XI के बॉलर निशिकांत दुबे ने भी बॉलिंग की और दो विकेट चटकाए। लोकसभा XI ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 251 रन बनाए, जिसके जवाब में राज्यसभा XI की टीम 178 रन ही बना सकी। लोकसभा XI की ओर से मनोज तिवारी ने छह गेंदों में 13 रन बनाए। दीपेंद्र हुड्डा ने छह रन बनाए, चंद्रखेशर आजाद ने 54 रनों की पारी खेली। अनुराग ठाकुर 65 गेंदों में 111 रन पर नाबाद रहे। वहीं, राज्यसभा XI की ओर से किरेण रिजिजू ने चार ओवरों में 57 रन देते हुए एक विकेट झटका। सौमित्र खान ने दो ओवरों में 20 रन देकर एक विकेट लिया। रवि किशन ने एक ओवर में 17 रन देते हुए एक भी विकेट नहीं लिया। कमलेश पासवान ने तीन ओवरों में 26 रन देते हुए तीन विकेट झटके। इसके अलावा, राघव चड्ढा ने भी एक ओवर बॉलिंग की, लेकिन एक भी विकेट नहीं मिल सका। लोकसभा अध्यक्ष एकादश के कप्तान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने जीत के बाद कहा, "…पिछले 10 वर्षों में टीबी के कारण होने वाली मृत्यु दर में 38% की गिरावट आई है…नए टीबी मामलों में लगभग 18% की गिरावट आई है। लेकिन हमें अभी लंबी दूरी तय करनी है। टीबी को लेकर अब भी एक कलंक है…इसलिए, हमें सभी को बताना होगा कि टीबी का इलाज संभव है। सरकार मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराती है।'' बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष एकादश की कप्तानी की, जबकि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा अध्यक्ष एकादश की अगुआई की। इस मैत्रीपूर्ण आयोजन को 'टीबी मुक्त भारत जागरूकता क्रिकेट मैच' नाम दिया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हमारे कई सांसद साथी यहां आए हैं। फिटनेस के मंत्र के साथ…यह आयोजन लोगों को खेलों के माध्यम से जोश से भरने के लिए किया गया है। मेरा मानना ​​है कि हर कोई ऊर्जा के साथ खेलेगा। हमारा मंत्र 'टीबी मुक्त भारत' और 'फिट इंडिया मूवमेंट' है।" उन्होंने कहा, "फिटनेस के बिना आप देश की सेवा नहीं कर सकते। आपको मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहना होगा।" भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया है, जबकि वैश्विक लक्ष्य 2030 है। अगर आप 2015 से अब तक देखें तो भारत में टीबी से होने वाली मौतों में 38 प्रतिशत की कमी आई है। नए मामलों में 18 प्रतिशत की कमी आई है। वैश्विक स्तर पर यह संख्या करीब 8 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि भारत बाकी दुनिया से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश है। इसका इलाज है। सरकार मुफ्त दवाइयां देती है और इसके लिए 1000 रुपये देती है। recent visitors 61

गेंदबाजी कोच बोले – भारत को 50-80 ओवरों के बीच पुरानी गेंद से बेहतर प्रदर्शन करना होगा

ब्रिसबेन. गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने रविवार को स्वीकार किया कि भारतीय गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई शतक बनाने वाले ट्रेविस हेड के खिलाफ योजनाओं को लागू करने में विफल रहे और उन्होंने उन्हें 50 से 80 ओवरों के बीच पुरानी गेंद से अपने खेल को सुधारने की बात कही। हेड और साथी शतकवीर स्टीव स्मिथ ने मेजबान टीम को तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन तीसरे सत्र में 31 ओवरों में 171 रन बनाने में मदद की। ऑस्ट्रेलिया ने स्टंप तक सात विकेट पर 405 रन का स्कोर बनाया। मोर्कल ने दिन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम कह सकते हैं कि वह (हेड) काफी अच्छी फॉर्म में हैं। लेकिन मुझे लगता है कि अगर आप 50 से 80 ओवरों तक देखें तो गेंद के साथ हम पिछले मैच में भी पिछड़ गए। हमने थोड़े बहुत रन लुटाए। इसलिए मुझे लगता है कि हमें इस विभाग में बेहतर होने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि सुबह के सत्र में तीन विकेट लेने के बाद भारतीय गेंदबाज लय बरकरार नहीं रख सके। मोर्कल ने कहा, ‘‘आज सुबह हमने 70 रन देकर तीन विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन दो विश्व स्तरीय खिलाड़ियों का कुछ नहीं कर सके। स्मिथ को हम जानते हैं, वह एक ऐसा खिलाड़ी है जो लंबे समय तक बल्लेबाजी कर सकते हैं और रन बना सकते हैं। उन्होंने (स्मिथ और हेड) वहां साझेदारी की और हमें दबाव में डाल दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से ऐसा विभाग है जिस पर हमें ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है शायद पारी की गहराई में। हमारे पास योजना हैं लेकिन क्या हम दोनों छोर से इन योजनाओं को लागू कर रहे हैं? यह कुछ ऐसा है जिसमें हमें बेहतर होने की जरूरत है।’’ दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने बताया कि हेड के खिलाफ पहले से तय योजना विफल हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘इस मैच से पहले हमारी योजना थोड़ी ‘ओवर द विकेट’ और सीधी लाइन पर गेंदबाजी करने की थी। हमें लगा कि जब हमने एडिलेड में ‘अराउंड द विकेट’ गेंदबाजी की तो वह काफी अच्छा खेले। एक बार जब वह मैदान में आ गए तो टीम और आपके लिए सबसे अच्छा तरीका शायद स्कोरिंग गति को धीमा करना है क्योंकि आप जानते हैं कि वह आक्रामक होने वाले हैं। हेड को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका थोड़ा नियंत्रण लाना है।’’ recent visitors 74

आज 3-3 महामिसाइल बनाकर पूरी दुनिया को चुनौती दे रहा है भारत, जो अमेरिका बनाने के लिए संघर्ष कर रहा

नई दिल्ली सपने अक्सर उन्हीं के सच होते हैं, जो उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं. दुनियाभर में ताकत का प्रतीक माना जाने वाला अमेरिका भी आज हाइपरसॉनिक मिसाइल बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है. लेकिन भारत जो कभी तकनीकी क्षमता में दुनिया की दौड़ में पीछे समझा जाता था, वही आज 3-3 महामिसाइल बनाकर पूरी दुनिया को चुनौती दे रहा है. प्रोजेक्ट ध्वनि के तहत हाइपरसॉनिक मिसाइल तकनीकी क्षमता में पीछे रहने वाले देश को आज दुनिया की अग्रणी सूची में गिना जाता है. इसका श्रेय भारत के वैज्ञानिकों का जुनून और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की मेहनत को जाता है. DRDO के वैज्ञानिकों ने प्रोजेक्ट ध्वनि के तहत ऐसे हाइपरसॉनिक हथियार बनाए है, जिन्हें रोक पाना अब नामुमकिन है. ध्वनि की गति से भी तेज होते हैं हाइपरसॉनिक मिसाइल दरअसल, हाइपरसॉनिक मिसाइल उन हथियारों को कहा जाता है जो कि ध्वनि की गति से पांच गुणा तेज यानी 6,200 प्रति घंटे की रफ्तार से उड़कर अपने लक्ष्य पर हमला करते हैं. इनकी तेज रफ्तार और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले खासियत के बदौलत ये हाइपरसॉनिक मिसाइल बेहद खतरनाक हो जाते हैं, जिसे कोई भी रडार पकड़ नहीं सकता है. DRDO की यह हाइपरसॉनिक तकनीक पूरी तरह से स्वदेशी है. हाइपरसॉनिक मिसाइल रॉकेट इंजन के जरिए लॉन्च होता है और वातावरण में 6 से 7 Mach की गति से उड़ता है. वहीं, 1,500 किलोमीटर से अधिक की रेंज में पेलोड ले जाने में सक्षम है. भारत के तीनों सेनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है हाइपरसॉनिक मिसाइल ध्वनि की गति से 5 गुना तेज उड़ने, किसी भी रडार के पकड़ में न आने वाली खासियत से यह हाइपरसॉनिक मिसाइल भारत की तीनों सेना (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के लिए अत्यंत उपयोगी है. इसमें मिसाइल में स्क्रैमजेट इंजन का इस्तेमाल होता है, जो उड़ान के दौरान मिसाइल की गति को बनाए रखता है. भारत का ब्रह्मोस-2 इस हाइपरसॉनिक तकनीक का सटीक उदाहरण है. बता दें कि DRDO अभी तीन अलग-अलग डिजाइनों पर काम कर रहा है. पाकिस्तान और चीन की अब खैर नहीं उल्लेखनीय है कि भारत ने एक बार गलती से पाकिस्तान की ओर एक ब्रह्मोस मिसाइल दाग दी थी, जिसे पाकिस्तान ट्रैक नहीं कर पाया था. वहीं, अब ब्रह्मोस-2 और प्रोजेक्ट ध्वनि की हाइपरसॉनिक मिसाइलों के सामने पाकिस्तान तो क्या चीन और अमेरिका के डिफेंस सिस्टम भी पूरी तरह से बेबस नजर आ रहे हैं. जहां अमेरिका अब तक अपने हाइपरसॉनिक प्रोग्राम को सफलता नहीं दिला पाया, वहीं भारत रूस के साथ मिलकर इस तकनीक में महारथ हासिल कर ली है. recent visitors 68