हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले तीन नेशनल हाइवे बंद, चार लोगों की मौत

शिमला हिमाचल प्रदेश में ताजा बर्फबारी के बाद लोगों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले तीन नेशनल हाइवे बंद हो गए हैं। इसके अलावा 174 सड़कों पर भी यातायात रोक दिया गया है। इतना ही नहीं, 683 बिजली लाइनें भी ठप हैं और पिछले 24 घंटे के दौरान चार लोगों की जान भी चली गई है। हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि सोमवार दोपहर के बाद से हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई, जिसमें शिमला भी शामिल है। ताजा बर्फबारी के बाद पर्यटक और बागवान खुश हैं। हालांकि, लोगों की दिक्कतें भी बढ़ी हैं। बर्फबारी के बाद हिमाचल में तीन एनएच समेत 174 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। उन्होंने बताया, "बर्फबारी के कारण 683 बिजली की लाइनें बाधित हुई हैं। शिमला में सबसे अधिक सड़कें बंद हैं। इसके अलावा चार लोगों की मौतें हुईं, जो किसी ऊंचाई वाली जगह गिरने और फिसलने की वजह से हुई है। साथ ही कई लोगों को चोटें भी आई हैं।" ओंकार शर्मा ने कहा, "बर्फबारी के चलते दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ समेत कई अन्य क्षेत्रों से टूरिस्ट के हिमाचल प्रदेश आने का भी सिलसिला जारी है। नए साल से पहले मौसम विभाग की तरफ से बारिश और बर्फबारी को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।" हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पर्यटकों को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मेरी पर्यटकों से अपील है कि वह निर्देशों का पालन करें और बर्फबारी वाले क्षेत्र में ड्राइविंग करने से बचें, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। मौसम विभाग ने हिमाचल में मंगलवार को भी बर्फ और बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 से 29 दिसंबर के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। recent visitors 75

नक्सलियों के कोर इलाके में आगे बढ़ी फोर्स, नक्सलियों ने दागे बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, दो जवान घायल

सुकमा छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित इलाके रायगुडेम नक्सलियों ने एक बार फिर सिर उठाने की नाकाम कोशिश की। यहां देर रात नक्सलियों ने जवानों के कैंप पर हमला बोल दिया। दो जवान घायल हुए हैं, जिनका हालत खतरे से बाहर है। रायगुडेम पर किसी समय नक्सलियों का कब्जा हुआ करती थी।। यहां नक्सलियों की बटालियन रहा करती थी, लेकिन हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने लगातार एक्शन लिया है। सुरक्षाबलों ने रायगुडेम में कैंप खोलने के बाद अब गोमगुड़ा नदी के उस पार भी कैंप खोल दिया है। इससे परेशान होकर नक्सलियों ने देर रात को कैंप पर हमला बोल दिया। नक्सलियों ने दागे बैरल ग्रेनेड लॉन्चर जानकारी के मुताबिक, चिंतलनार थानाक्षेत्र स्थित गोमगुड़ा में नया कैंप स्थापित किया गया है। जहां बीती रात नक्सलियों ने अचानक हमला कर दिया। नक्सलियों ने बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) दागे, जिसके फटने से कोबरा 206 के दो जवान को मामूली चोट लगी। ये दो जवान कैंप के बाहर आउटर कार्डन में लगे थे। उधर जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद नक्सली वहां से भाग गए। दोनों जवानों का प्राथमिक उपचार किया गया, और बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। recent visitors 41

हमास नेता इस्माइल हानिया की तेहरान में हत्या करवाई थी इजरायल ने पहली किया स्वीकार

यरूशलम इजरायल ने पहली बार माना है कि उसने हमास नेता इस्माइल हानिया की तेहरान में हत्या करवाई थी। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने एक कार्यक्रम में हूती ग्रुप को चेतावनी देते हुए यह बात कही। कैट्ज ने कहा, "हम हूती ग्रुप पर कठोर हमला करेंगे, उनके रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे और उनके नेताओं का सिर कलम करेंगे – ठीक वैसे ही जैसे हमने तेहरान, गाजा और लेबनान में हानीया, सिनवार और नसरल्लाह के साथ किया था।" हूती ग्रुप ने सोमवार को एक और ड्रोन हमला किया था। हालांकि इजरायली सेना ने दावा किया था कि ड्रोन को उसकी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा रोक दिया गया। गाजा संघर्ष छिड़ने के बाद से हूती ग्रुप इजरायल के शहरों पर रॉकेट-ड्रोन हमले कर रहे हैं और लाल सागर में 'इजरायल से जुड़े' जहाजों को निशाना बना रहा है। हानिया की हत्या 31 जुलाई को तेहरान के एक गेस्टहाउस में कथित तौर पर एक विस्फोटक उपकरण के जरिए की गई थी। व्यापाक रूप से माना जाता है कि विस्फोटक उपकरण इजरायली एजेंटों ने रखा था। अपनी मृत्यु के समय, हानिया हमास के लिए इजरायल के साथ युद्ध विराम वार्ता का नेतृत्व कर रहे थे। ईरान और हमास हानीया की हत्या के लिए इजरायल को जिम्मेदार बताते रहे हैं। इजरायल इससे पहले दक्षिणी गाजा में हमास नेता याह्या सिनवार (हानिया का उत्तराधिकारी) और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहिएह में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या की जिम्मेदारी ले चुका है। हानिया के उत्तराधिकारी सिनवार को अक्टूबर में गाजा में एक मुठभेड़ में इजरायली सेना ने मार गिराया था। हमास अभी भी नया नेता चुनने की प्रक्रिया में है। ईरान समर्थित लेबनानी समूह हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की सितंबर में एक इजरायली एयर स्ट्राइक में मौत हुई थी। recent visitors 48

सीएम भजनलाल ने कांग्रेस पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब पर राजनीति शर्मनाक

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संसद और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर चल रही राजनीति के बीच कांग्रेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संविधान निर्माता बाबा साहब को न केवल अनदेखा किया, बल्कि उनके योगदान का बार-बार अपमान भी किया है। मुख्यमंत्री ने जयपुर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान निर्माता के नाम का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन उनके वास्तविक योगदान को कभी सम्मान नहीं दिया। बयान में यह भी जोड़ा गया कि कांग्रेस को "शर्म" करनी चाहिए और अपने इतिहास का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। बाबा साहब ने सामाजिक अधिकार और सशक्तिकरण के लिए जो कार्य किए, उन्हें कांग्रेस ने लगातार कमजोर किया। आरोपों में यह भी शामिल है कि कांग्रेस ने बाबा साहब के नाम का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार ने बाबा साहब की स्मृति को सम्मानित करने के लिए कई कदम उठाए, जैसे अंबेडकर सेंटर और अंबेडकर स्मृति स्थल का निर्माण। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका और भारतीय राजनीति में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को लेकर एक बार फिर से सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष वह भूमिका नहीं निभा पा रहा है, जो आजादी के बाद से निभाई जानी चाहिए थी। बाबा साहब अंबेडकर, जो देश के पहले कानून मंत्री थे, ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बाबा साहब के योगदान को कभी पूरी तरह सम्मान नहीं दिया। 1954 में बाबा साहब ने चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस ने उनका विरोध किया। यहां तक कि उन्हें भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस पर जाति और धर्म की राजनीति करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए गए। राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा गया कि कांग्रेस में सांसदों को अपमानित करने की घटनाएं आम हो गई हैं। इस दौरान यह भी कहा गया कि मौजूदा मोदी सरकार ने दिल्ली में अंबेडकर सेंटर और अंबेडकर हाउस बनाकर बाबा साहब की स्मृति को सम्मानित करने का काम किया है। इसके अलावा, अंबेडकर स्मृति स्थल का भी निर्माण किया गया। सीएम भजनलाल ने तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास आज कोई ठोस मुद्दा नहीं है। कांग्रेस ने देश के विकास और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण पर कभी ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस हमेशा सत्ता के लालच में रही और जब जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर किया, तो उनका "अंदर का बड़ा दर्द" अब सामने आ रहा है। recent visitors 45

40 वर्षों से नक्सल संगठन में सक्रिय, 25 लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार

कांकेर जिले के अंतागढ़ से पुलिस ने शीर्ष नक्सली प्रभाकर उर्फ बालमूरी नारायण राव को गिरफ्तार किया है। प्रभाकर पर 25 लाख का इनाम घोषित है। वह सक्रिय उत्तर सब जोनल ब्यूरो में रसद आपूर्ति एवं मोबाइल पालेटिकल स्कूल का प्रभारी रहा। प्रभाकर नक्सल संगठन में विगत 40 वर्षों से सक्रिय रहकर कार्य कर रहा था। छत्तीसगढ़ राज्य सहित कई अन्य राज्यों में गिरफ्तार शीर्ष नक्सली प्रभाकर राव के विरूद्ध दर्जनों अपराध पंजीबद्ध है। रसद आपूर्ति एवं रसद इंचार्ज, ओड़िसा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ के शीर्ष नक्सल नेताओं का करीबी सहयोगी रहा। सीसीएम सचिव गणपति का चचेरा भाई प्रभाकर राव है। कुख्यात नक्सलियों से संबध सीसीएम सचिव बसवा राजू, सीसीएम के.रामचंद्र रेड्डी उर्फ राजू, देवजी उर्फ कुमा दादा, कोसा, सोनू, मल्लाराजा रेड़डी उर्फ संग्राम से करीबी संबंध है। प्रभाकर राव की पत्नी डीवीसी सदस्य राजे कांगे रावघाट एरिया कमेटी की प्रभारी है। विगत कुछ दिनों से प्रभाकर की गतिविधि कांकेर जिले क्षेत्र में परिलक्षित होने की जानकारी मिलने पर पुलिस द्वारा उक्त आसूचना पर तस्दीकी की जा रही थी। बस्तर संभाग से इस साल 884 नक्सली गिरफ्तार 22 दिसंबर को अंतागढ़ क्षेत्रांतर्गत पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी कार्यवाही में प्रभाकर राव को गिरफ्तार किया गया है। उससे लगातार पूछताछ कर अग्रिम कानूनी कार्यवाही की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर सुन्दरराज पी. ने बताया गया कि बस्तर संभाग में इस वर्ष 884 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रभाकर राव की गिरफ्तारी नक्सल विरोधी अभियान की दृष्टिकोण से पुलिस बल को प्राप्त एक महत्वपूर्ण सफलता है। 1984 से नक्सल संगठन में सक्रिय है प्रभाकर तेलांगाना के जगित्याल जिले के ग्राम बीरपुर निवासी 57 वर्षीय प्रभाकर उर्फ बालमूरी नारायण राव वर्ष 1984 में नक्सल संगठन में भर्ती हुआ था। वर्ष 1984-1994 तक अविभाजित राज्य आंध्रप्रदेश में नक्सल संगठन में सक्रिय रहा। वर्ष 1995-1997 तक बालाघाट क्षेत्र (मध्यप्रदेश) में सक्रिय, वर्ष 1998-2005 तक उत्तर बस्तर, कोयलीबेड़ा क्षेत्र में सक्रिय रहे। वर्ष 2005-2007 डीकेएसजेडसी आपूर्ति टीम, शहरी नेटवर्क का कार्य, वर्ष 2007-2008 मानपुर-मोहला क्षेत्र में सक्रिय, वर्ष 2008-2024 वर्तमान समय तक- डीकेएसजेडसी आपूर्ति एवं मोबाइल पालेटिकल स्कूल का प्रभारी रह चुका है। recent visitors 49

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की सफलता एवं आगामी कार्य योजना पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण में ऐसी तकनीको का प्रयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे प्रकृति संरक्षण और समावेशी विकास हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सड़कों के निर्माण में ग्रीन टेक्नोलॉजी में अगुआई करने वाला राज्य बनेगा। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि राज्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के तीनों चरणों में उत्कृष्ट कार्य किया है, चौथे चरण में भी बेहतर काम होगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में योजना के सभी लक्ष्य समय सीमा में पूर्ण होंगे। मंत्री श्री पटेल मंगलवार को "प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की सफलता 2000-2024 एवं आगामी कार्य योजना पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम मे शामिल हुए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क प्राधिकरण श्री दीपक आर्य उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की शुरुआत की। यह योजना से ग्रामीण विकास के लिए वरदान साबित हुई। उनकी जनशताब्दी पर योजना ने 25 वर्ष पूर्ण कर लिए है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के शरीर में जिस तरह रीढ़ की हड्डी है, उसी तरह ग्रामीण सड़कों ने देश के विकास में अपना योगदान दिया है। मध्यप्रदेश ने योजना के प्रारंभ से ही उल्लेखनीय कार्य किए गए है। एमपीआरआरडीए के नवाचार ई-मार्ग, संवेग की सराहना केंद्र सरकार द्वारा की गई है, यह विशेष उपलब्धि है। प्राधिकरण द्वारा योजना के तहत बनाई गई 77 सड़कों का संधारण महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है, यह अत्यंत सराहनीय है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि राज्य में 10 हजार किलोमीटर के अधिक सड़कें वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग कर बनाई गई है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल कहा कि जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम भी इस योजना ने किया है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों में सड़कों के बनने से सरकार की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने बताया कि कैसे नरसिंहपुर जिले के जनजातीय गांव बमनी तक सड़क बनने से शेष गांव भी लाभान्वित हुए। उन्होंने पीएम जनमन योजना में जनजातीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो बसाहटें सड़क विहीन हैं, उन्हें इस योजना के आगामी चौथे चरण में शामिल किया जायेगा। वर्कशॉप में आगामी कार्ययोजना और संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार विमर्श हो। प्रमुख सचिव श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि पीएमजीएसवाय की सफलता का कारण योजना की सेंट्रलाइज्ड प्लानिंग है। मध्यप्रदेश हमेशा इस योजना के क्रियान्वयन में अव्वल रहा है, हम आगे भी अग्रणी रहेंगे। आगामी योजना में नई टेक्नोलॉजी के उपयोग पर अधिक जोर दिया जाएगा साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी। संयुक्त सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में कई नवाचार किए गए हैं, जो सराहनीय है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का चौथा चरण प्रारंभ हो रहा है। इस चरण में 2011 की जनसंख्या अनुसार मैदानी इलाकों में 500+, पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, विशेष श्रेणी क्षेत्रों (जनजातीय अनुसूची V, आकांक्षी जिले/ब्लॉक, रेगिस्तानी क्षेत्र) में 250+ की जनसंख्या से अधिक बसाहटों को जोड़ा जायेगा। सर्वे कार्य जनवरी 2025 तक पूर्ण होगा। सड़क निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों को शामिल किया जाएगा, कोल्ड मिक्स प्रौद्योगिकी, अपशिष्ट प्लास्टिक, पैनलयुक्त सीमेंट कंक्रीट, सेल-भरे कंक्रीट तथा अन्य अपशिष्ट, फ्लाई ऐश और स्टील धातुमल का उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई जाए। योजना के लिए कार्य योजना पीएम गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से बनाई जाएगी, साथ ही पोर्टल पर उपलब्ध नियोजन टूल डीपीआर तैयार करने में भी सहायक होगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर्य ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विगत तीन वर्षों से सड़क निर्माण एवं गुणवत्ता में अग्रणी होने से केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया है। राज्य में आई टी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा। प्राधिकरण द्वारा विकसित ई-मार्ग सॉफ्टवेयर सम्पूर्ण देश में लागू किया गया है। यह गर्व का विषय है। संवेग पोर्टल से सड़को का संधारण बेहतर हो रहा है। नवीन टेक्नोलॉजी समावेश, कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए राज्य में प्रशिक्षण अकादमी भी स्थापित की गई है। इस अवसर पर पीएमजीएसवाय की उपलब्धियों पर आधारित फिल्म दिखाई गई। मुख्य अभियंता आरआरडीए श्री विजय गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।   recent visitors 67

राज्य उपभोक्ता आयोग, दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ई-हियरिंग से मिला है प्रोत्साहन

रायपुर प्रदेश के उपभोक्ताओं में अपने अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ने लगी है। लोग 10 रुपये के स्टांप के सहारे अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में दैनिक जीवन से जुड़े कई तरह के प्रकरण सामने आ रहे हैं। राजधानी में फोरम स्थापित होने के बाद से अब तक हजारों लोगों ने आवेदन किया, जिनमें रोज प्रकरणों की सुनवाई कर उनका निपटारा भी किया जा चुका है। उपभोक्ता अधिकार नियम का फायदा बड़ी संख्या में शहरवासियों के साथ पूरे प्रदेश के उपभोक्ता उठा रहे हैं। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसंबर को मनाया जाता है, जिससे खरीदी हुई वस्तु को लेकर भी लोगों को अधिकार मिला है। अप्रैल, 2024 में केंद्र सरकार उपभोक्ता मामले विभाग और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग की मदद से छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग को उच्च तकनीकी वाला वीसी सेट प्राप्त हुआ था। हालांकि, राज्य उपभोक्ता आयोग अपने सीमित संसाधनों से 11 दिसंबर, 2023 से ही वीसी के जरिए सुनवाई प्रारंभ कर दी गई थी। तब से 323 प्रकरणों की वीसी से सुनवाई की जा चुकी है। यह पूरे भारत में राज्य उपभोक्ता आयोगों में अग्रणी स्थान रहा है। वीसी के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को आयोग के समक्ष उनके प्रकरणों में तर्क करने में सुविधा प्राप्त हुई है। यह सस्ता न्याय प्रदान करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कदम है। यही नहीं, दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरण की पैरवी करने प्रोत्साहित करते हैं। केस-1: पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना के प्रीमियम की कटौती करने के बाद भी कांकेर निवासी लाभार्थी सुरजोतिन जैन के मृत्यु के बाद भी केनरा बैंक प्रबंधन ने घोर लापरवाही बरती। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मामले की सुनवाई कर कैनरा बैंक को मृतका के बेटे धनराज जैन को बीमा दावा राशि दो लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज के साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के तौर पर बीस हजार और वाद व्यय पांच हजार रुपये देने का आदेश सुनाया। केस-2: नया बारद्वार की रहने वाली फुलेश्वरी बाई के पति द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम से 14 लाख रुपये की दो पालिसी ली गई थी। पालिसी धारक की मृत्यु होने के बाद निगम ने यह कहकर बीमा दावा निरस्त कर दिया गया था कि बीमा प्रस्ताव में धारक ने पूर्व में इलाज व अपंगता के बारे में गलत जानकारी दी गई थी। आयोग ने सुनवाई कर निगम द्वारा दावा निरस्त करने की कार्रवाई को सेवा में कमी का दोषी पाकर 14 लाख रुपये के साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति 15 हजार, वाद व्यय तीन हजार रुपये देने का आदेश दिया। केस-3: अप्रैल महीने में सिल्वर टूर पैकेज कंपनी की संविदा की शर्तों को राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया, सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा ने अनुचित पाकर तेलीबांधा निवासी नेहा तोलानी के पति विक्की तोलानी द्वारा जमा की गई 45 हजार रुपये के साथ पांच हजार रुपये वाद व्यय लौटाने का आदेश सुनाया। कंपनी ने आकर्षक टूर पैकेज आफर के आधार पर पैकेज खरीदने के लिए विक्की को प्रेरित करने के साथ प्रतिफल की राशि क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान करने पर अतिरिक्त छूट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में पैकेज पालिसी को रद कर दिया। recent visitors 48