Monday, July 6, 2026 10:13 pm

एक गंभीर घायल और दो अन्य जख्मी, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में तस्करों ने नारकोटिक्स वाहन में टक्कर मारकर की फायरिंग

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिले में उदयपुर सिक्सलेन स्थित नारायणपूरा टोल के पास शुक्रवार तड़के नाकाबंदी के दौरान मादक पदार्थ तस्करों ने नीमच नारकोटिक्स के वाहन को टक्कर मार दी। वहीं, बाद में तस्कर फायरिंग करते हुए फिल्मी स्टाइल में मौके से फरार हो गए। करीब आधे से एक मिनट चले इस घटनाक्रम में फायरिंग में नारकोटिक्स का एक अधिकारी तो तस्करों के वाहन की टक्कर लगने पर दो अधिकारी घायल हुए हैं। घायलों को चिकित्सालय ले जाया गया है। मौके से लाखों रुपये मूल्य का 345 किलो डोडा चूरा बरामद किया है। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है। जानकारी में सामने आया कि मध्यप्रदेश में स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो नीमच की टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि गुजरात नंबर प्लेट वाली टोयोटा इनोवा कार में मादक पदार्थ तस्करी होगी। इसमें सवार दो व्यक्ति चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ क्षेत्र से बाड़मेर (राजस्थान) क्षेत्र के लिए डोडा चूरा के जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर सीबीएन नीमच की टीम का गठन किया गया और उन्हें शुक्रवार सुबह जल्दी रवाना किया गया। टीम ने संदिग्ध मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी गई। तस्करों के वाहन को चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाइवे पर नारायणपुरा टोल प्लाजा के पास पहचाना गया। वाहन की पहचान होने पर सीबीएन अधिकारियों ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन तस्करों ने रास्ता रोक रही विभागीय गाड़ी से सीधा टक्कर मार दी। सतर्क सीबीएन अधिकारियों ने वाहन को उसके चालक सहित सफलतापूर्वक रोका। वाहन में सवार दूसरे व्यक्ति ने सीबीएन अधिकारियों पर गोली चलाई और फरार हो गया। फायरिंग में एक अधिकारी घायल हो गया और वाहन से टकराव के कारण दो अधिकारी घायल हो गए। सुरक्षा और अन्य व्यावहारिक कारणों से वाहन की तत्काल तलाशी मौके पर लेना संभव नहीं था। इसलिए उसे सीबीएन कार्यालय लाया गया। यहां वाहन की पूरी तलाशी ली गई। इसमें 17 बोरों में भरा कुल 345.940 किलो डोडा चूरा बरामद किया। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद मौके से जब्त किए डोडा चूरा व वाहन को सीज कर दिया। साथ ही एक व्यक्ति को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंस एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में नारकोटिक्स का अग्रिम अनुसंधान जारी है। recent visitors 90

श्रीराम तिवारी बने मुख्यमंत्री यादव के संस्कृति सलाहकार, आदेश जारी

भोपाल मध्य प्रदेश शासन ने वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी को एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार के रूप में अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार श्रीराम तिवारी को उनके मौजूदा कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। तिवारी को इस अतिरिक्त प्रभार के लिए अलग से किसी प्रकार का वेतन, मानदेय या भत्ते नहीं दिए जाएंगे। उनका वेतन और मानदेय उनके मूल पद से ही आहरित होगा।  श्रीराम तिवारी वर्तमान में वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुभव और दक्षता को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी दी गई है।   recent visitors 107

कौशल्या विहार की सड़कें शीघ्र ही होने वाली हैं रौशन

रायपुर रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के अधीन कौशल्या विहार की सड़कें शीघ्र ही रौशन होने वाली हैं. आरडीए ने कौशल्या विहार में स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बिजली संबंधी कामों के लिए साढ़े 3 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है. काम लेने वाली फर्म को एक साल तक रखरखाव भी करना होगा. कौशल्या विहार के विभिन्न सेक्टरों में पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में आवास बन गए हैं. अंडरग्राउंड बिजली, केबल समेत अन्य सुविधाओं को देखकर कौशल्या विहार पहुंचे लोगों को अब विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. कभी पानी, बिजली की समस्या तो कभी कचरे को डंप किये जाने से कौशल्या विहार के रहवासी परेशान हैं. आरडीए ने प्रारंभ में खंभों पर स्ट्रीट लाइट के रूप में सोलर पैनल लगाए थे. शुरुआत में तो सोलर पैनल के जरिए सड़कें जगमग थी परंतु कुछ महीनों बाद सोलर पैनल न केवल खराब होते गए, बल्कि अब तो ज्यादातर पैनल चोरी हो गए हैं. पिछले कई महीनों से कौशल्या विहार की सड़कों पर अंधेरा है. जिसके कारण वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है. हालत यह है कि देर शाम बाद कौशल्या विहार में आना- जाना मुश्किल हो जाता है. लूटपाट और दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है. इसको लेकर रहवासियों में काफी नाराजगी भी देखी जा रही है परंतु अब शीघ्र ही कौशल्या विहार में स्ट्रीट लाइट लगने वाली है. आरडीए ने कौशल्या विहार में बिजली संबंधी कार्यों तथा खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 3.49 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है. टेंडर लेने वाली फर्म को स्ट्रीट लाइट लगाने, बिजली संबंधी अन्य कार्य करने से लेकर एक साल तक उसका रखरखाव करना होगा. टेंडर 17 जनवरी तक भरे जा सकेंगे. recent visitors 30

मांडलगढ़ रेंजर को 1.90 लाख रुपये के साथ पकड़ाया, राजस्थान-भीलवाड़ा में एसीबी की कार्रवाई

भीलवाड़ा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की भीलवाड़ा-प्रथम इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मांडलगढ़ के क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) पुष्पेंद्र सिंह को 1.90 लाख रुपये की संदिग्ध राशि के साथ पकड़ा। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर की गई। आरोपी रेंजर सरकारी वाहन बोलेरो कैंपर से भीलवाड़ा जा रहा था, जब उसे रास्ते में पकड़ा गया। एसीबी के महानिदेशक पुलिस डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी को एक गुप्त सूचना मिली थी कि पुष्पेंद्र सिंह खनन माफियाओं से मिलीभगत कर वन विभाग की भूमि पर अवैध खनन का संरक्षण दे रहा है। इसके एवज में वह दलालों के जरिए भारी रिश्वत वसूल रहा था। इस सूचना के आधार पर एसीबी अजमेर के उप महानिरीक्षक पुलिस कालूराम रावत के निर्देशन और भीलवाड़ा-प्रथम इकाई के उप अधीक्षक पारसमल के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। इसके बाद टीम ने आकस्मिक चेकिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की टीम ने सरकारी वाहन बोलेरो कैंपर को चेकिंग के लिए रोका। वाहन की तलाशी के दौरान 1.90 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। जब आरोपी से इस संदिग्ध राशि के स्रोत के बारे में पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। इसके बाद एसीबी ने इस राशि को कब्जे में ले लिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में मौके पर आरोपी से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह राशि रिश्वत की है और इसे खनन माफियाओं से अवैध खनन को संरक्षण देने के बदले में एकत्रित किया गया था। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। एसीबी अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे है कि यह रिश्वत किससे और किन परिस्थितियों में ली गई थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि पुष्पेंद्र सिंह खनन माफियाओं के साथ मिलकर वन विभाग की जमीन पर अवैध खनन को बढ़ावा दे रहा था। यह राशि इसी अवैध गतिविधि के संरक्षण के बदले में एकत्रित की गई हो सकती है। एसीबी की इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है। यह घटना न केवल वन विभाग के भीतर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है, बल्कि खनन माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत को भी उजागर करती है। यह घटना भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जनता और प्रशासन को सतर्क रहने का संदेश देती है। स्थानीय नागरिकों ने एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से अवैध खनन और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। recent visitors 146

मानव अधिकार आयोग ने IAS अनुपम राजन और निशांत बरवड़े के खिलाफ किया वारंट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में पदस्थ भारतीय प्रशासनिक सेवा यानि आईएएस के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इनमें से एक अधिकारी अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अनुपम राजन और दूसरे आयुक्त (कमिश्नर) निशांत वरवड़े हैं। यह दोनों अधिकारी राज्य के उच्च शिक्षा विभाग में पदस्थ हैं। इनके खिलाफ मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने 5-5 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए हैं। दोनों अधिकारियों अनुपम राजन और निशांत वरवड़े को 22 जनवरी 2025 को आयोग के सामने पेश होने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा एक महिला स्पोर्ट्स ऑफिसर के मामले में कमिश्नर निशांत वरवड़े पर एक अन्य वारंट भी जारी किया गया है। आयोग ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य इंजीनियर के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। कॉलेज प्रोफेसर ने की थी शिकायत यह मामला एक प्रोफेसर से जुड़ा हुआ है। मोतीलाल विज्ञान कॉलेज (एमवीएम) भोपाल के प्रोफेसर कैलाश त्यागी ने अर्जित अवकाश (एलटीसी) की राशि रोके जाने पर मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की थी। त्यागी ने कॉलेज प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी राशि ब्याज सहित दिलाने की मांग की थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने अनुपम राजन और निशांत वरवड़े से रिपोर्ट मांगी थी। महिला स्पोर्ट्स अफसर के मामले में भी वारंट बार—बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी दोनों आईएएस अफसरों ने आयोग को कोई जवाब नहीं दिया। इसके कारण आयोग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। वहीं कमिश्नर निशांत वरवड़े पर एक अन्य वारंट भी जारी किया गया है। एक महिला स्पोर्ट्स अफसर के मामले में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने पर यह वारंट जारी किया गया है। एक इंजीनियर को भी वारंट बताया जा रहा है कि एक महिला स्पोर्ट्स ऑफिसर ने अपने कॉलेज के प्राचार्य पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाया था। इस मामले में भी निशांत वरवड़े ने कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी। एक अन्य मामले में बावड़िया कलां ओवरब्रिज की सड़क में खराबी के मामले में पीडब्ल्यूडी के मुख्य इंजीनियर संजय मस्के ने रिपोर्ट नहीं सौंपी। उनके खिलाफ भी जमानती वारंट जारी किया गया है। recent visitors 127

अब तक 20 की गई जान, राजस्थान-जयपुर टैंकर ब्लास्ट में घायल एक और व्यक्ति की मौत

जयपुर। 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुए एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में घायल एक और व्यक्ति की मौत हो गई।  अजमेर निवासी सलीम ने शनिवार सुबह सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।  सलीम 55% झुलस गए थे। हादसे में अब तक कुल 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें रिटायर्ड आईएएस करणी सिंह भी शामिल हैं। आठ की हालत बहुत गंभीर एलपीजी टैंकर ब्लास्ट हादसे में घायल आठ लोगों की हालत बहुत गंभीर है। SMS हॉस्पिटल के बर्न यूनिट में इनका इलाज चल रहा है। यह सभी लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। बर्न स्पेशलिस्ट डॉ. राकेश जैन ने बताया कि मरीजों की जान बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम हर संभव प्रयास कर रही है। 27 लोग 80% तक झुलस थे ब्लास्ट में कुल 27 लोग 80% तक झुलस गए थे। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। डॉक्टरों का कहना है कि सभी घायलों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है। हमारी पूरी कोशिश है कि सभी घायलों केा बचाया जा सके। घटना के एक हफ्ते बाद रीजनल अधिकारी पर कार्रवाई घटना के एक हफ्ते बाद केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने NHAI के रीजनल अधिकारी दिनेश चतुर्वेदी का ट्रांसफर कर उनकी जगह अब्दुल बासिल को नियुक्त किया। हादसे के कारणों पर अब तक विभागों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एलपीजी टैंकर ब्लास्ट 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट हो गया था। इससे एलपीजी गैस भांकरोटा में करीब 500 मीटर एरिया तक फैल गई।  40 से ज्यादा गाड़ियां इसकी चपेट में आ गई थी। हादसा इतना भयंकर था कि 27 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से 20 की अब तक मौत हो चुकी है। मृतकों में रिटायर्ड आईएएस करणी सिंह भी शामिल थे। recent visitors 85

आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर पिछले दो दिनों से तकनीकी समस्या , ट्रेनों में लंबी वेटिंग…

ग्वालियर  नए साल पर छुट्टियों में वैष्णो देवी, हरिद्वार या उत्तर भारत के पर्यटन स्थलों पर जाने का जिन लोगों ने प्लान बनाया है, उन्हें ट्रेनों ट्रेनों में रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। ट्रेनों में एक लंबी वेटिंग हैं। इस पर भी यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट से रिजर्वेशन करा रहे हैं, तो उसका भी सर्वर डाउन हो रहा है। गुरुवार को सर्वर डाउन होने से लोग रिजर्वेशन नहीं करा सके। वैष्णो देवी, हरिद्वार और दिल्ली जैसे प्रमुख स्थलों के लिए ट्रेनों में रिजर्वेशन लगभग असंभव हो गया है। बढ़ती यात्रियों की संख्या के कारण वेटिंग लिस्ट काफी लंबी हो चुकी है, वहीं कुछ ट्रेनों में तो नो रूम का स्टेटस आ रहा है। इन ट्रेनों में हो रही है मुश्किल     ग्वालियर से वैष्णों देवी जाने के लिए झेलम, मालवा एक्सप्रेस ऐसी ट्रेन हैं जो रोजाना जाती हैं। इनमें आगामी एक जनवरी तक रिजर्वेशन उपलब्ध नहीं है। इनमें वेटिंग 100 से 300 के ऊपर पहुंच गई है।     इसके अलावा अंडमान एक्सप्रेस, हिमसागर एक्सप्रेस व तिरुनावेली जम्मू एक्सप्रेस हैं जो साप्ताहिक या सप्ताह में एक या दो दिन चलने वाली ट्रेन हैं। इनमें भी जगह नहीं मिल रही है। तत्काल में टिकट मिल जाए, तो किस्मत की बात रिजर्वेशन न होने की स्थिति में लोग तत्काल में टिकट को आरक्षित कराने का प्रयास कर रहे है। लेकिन इसमें किस्मत की बात है कि टिकट मिल जाए या न मिले। क्योंकि तत्काल की वेबसाइट शुरू होते ही कुछ ही मिनटों तत्काल का कोटा पूरा हो जाता है। ट्रेन में आरक्षण करने के लिए लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट का सहारा ले रहे हैं। लोड होने की वजह वेबसाइट का सर्वर भी ठप हो रहा है या धीमा चल रहा है। गुरुवार को तो सर्वर डाउन हो गया। इस वजह से लोग न तो तत्काल में रिजर्वेशन करा सके और न ही अन्य दिनों के लिए रिजर्वेशन करा सके। हालांकि शुक्रवार को सर्वर तो डाउन नहीं हुआ, लेकिन काफी धीमा चला। इससे लोग तत्काल में टिकट नहीं करा पाए। यात्री इस तरह से भी कर सकते हैं प्रयास     यदि सामान्य तौर पर आरक्षण नहीं मिल रहा है तो रेलवे स्टेशन पर तत्काल में आरक्षण के लिए समय पर पहुंच जाएं और पहले टिकट लेने का प्रयास करें।     यदि रेलवे स्टेशन पर आरक्षण कराने जा रहे हैं तो जिस ट्रेन में आरक्षण करा रहे हैं और उसमें वेटिंग आ रहा है तो फार्म वैकल्पिक ट्रेन का नाम भी भर दें। यदि दूसरी ट्रेन में जगह हुई तो उसमें आरक्षण मिल जाएगा।   recent visitors 42