Wednesday, July 8, 2026 7:47 am

‘संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट’, राजस्थान-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’

जयपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 117वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सीएमआर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद एवं विधायकगण के साथ प्रधानमंत्री के सम्बोधन को सुना। मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को संविधान लागू होने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। ये हमारे लिए गर्व की बात हैं। संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट है, हमारा मार्गदर्शक है। संविधान की वजह से ही आज मैं आपसे बात कर पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस साल 26 नवंबर को संविधान दिवस से एक साल तक चलने वाली कई एक्टीविटिज शुरू हुई हैं। देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड  कर सकते हैं। हर क्षेत्र, हर वर्ग का हो रहा विकास – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ में उद्बोधन सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणादायी होते हैं। उनको सुनकर नवीन ऊर्जा का संचार होता है। देश निरन्तर उपलब्धियां हासिल कर रहा है, उसको जानकर हमें गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के पथ पर तेजी से अग्रसर है। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, वाणिज्य, रक्षा, तकनीक एवं सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति अर्जित की है। श्री शर्मा ने कहा कि श्री मोदी के विजन से विकास का इंजन दोगुनी रफ्तार से दौड़ रहा है, जिससे युवा, महिला, किसान एवं गरीब का उत्थान एवं कल्याण सुनिश्चित हो रहा है। अनेकता में एकता का संदेश देता है महाकुंभ- प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी की 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है बल्कि इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा और छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि जब वे कुंभ में शामिल हों, तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। श्री मोदी ने बताया कि इस बार प्रयागराज में देश और दुनिया के श्रद्धालु डिजिटल महाकुंभ के भी साक्षी बनेंगे। मलेरिया, कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में भारत की बड़ी उपलब्धियां- श्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो उपलब्धियां आज विश्व का ध्यान आकर्षित कर रही है। पहली उपलब्धि है मलेरिया से लड़ाई में। उन्होंने कहा कि 4 हजार से अधिक वर्षों तक मानवता के लिए मलेरिया बहुत बड़ी स्वास्थ्य चुनौती रहा है। देशवासियों ने इस चुनौती का दृढ़ता से सामना किया है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत मंे 2015 से 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और मौतों में 80 प्रतिशत की कमी आई है। यह सफलता जन-जन की भागीदारी से प्राप्त हो सकी है। उन्होंने कहा कि हमारी दृढ़शक्ति का दूसरा उदाहरण कैंसर के विरूद्ध लड़ाई है। जनजागृति एवं आयुष्मान भारत योजना से कैंसर के विरूद्ध लड़ाई में अपेक्षित सफलता मिली है। आयुष्मान भारत योजना ने पैसे की परेशानी को काफी हद तक कम किया है और लगभग 90 प्रतिशत मरीज समय पर कैंसर का इलाज शुरू करवा पा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि कैंसर के मुकाबले के लिए एक ही मंत्र है-अवेयरनेस, एक्शन और एश्योरेंस। छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव- प्रधानमंत्री ने उड़ीसा के कालाहाड़ी का जिक्र करते हुए यहां के किसानों द्वारा स्थापित किए गए एफपीओ (किसान उत्पाद संघ) की सफलता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कम पानी और कम संसाधन होने के बावजूद यहां गोलाकुण्डा ब्लॉक में दस किसान एफपीओ की स्थापना कर ‘सब्जी क्रांति’ लाए। आज इससे 200 किसान जुड़े हुए हैं, जिसमें से 45 महिलाएं हैं। इसका टर्नओवर डेढ़ करोड़ से ज्यादा हो गया है। उन्होंने एफपीओ को प्रोत्साहन देने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी शुरूआत से ही बड़े परिवर्तन संभव है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की सांस्कृतिक विरासत, फिल्म एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की क्षमता, फिल्मी जगत की कई हस्तियों के योगदान और बस्तर ओलम्पिक पर भी विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। recent visitors 95

मदरसा जामिया में टीबी जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सिंगरौली सिंगरौली अंतर्गत 100 दिवसीय निश्चय शिविर अभियान अंतर्गत मदरसा जामिया में टीबी जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिला क्षय अधिकारी डॉक्टर विशेष सिंह डब्लूएचओ कंसल्टेंट डॉक्टर दिव्यांशु शुक्ला उपस्थित रहे इस दौरान डॉक्टर विशेष सिंह द्वारा उपस्थित बच्चों को टीबी के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा खांसी आए रुक-रुक कर बुखार आए, वजन घटे, सीने में दर्द हो तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में बलगम की जांच करा सकता है इसका निशुल्क जांच एवं इलाज होता है तथा टीवी के मरीजों को निश्चय पोषण योजना अंतर्गत ₹1000 भी प्रदान किए जाते हैं। आमतौर पर समय से जांच और इलाज न होने के कारण कोई भी टीवी का मरीज 1 वर्ष में अपने आसपास के कम से कम 10 से 15 लोगों को टीबी फैला देता है। अगर कोई टीबी रोगी पूरी दवा खाता है तो वह पूर्ण रूप से  टीवी रोग से मुक्त हो जाता है। इस दौरान पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर मृगेंद्र सिंह पीरामल फाउंडेशन से तुलसी कुशवाहा प्रदीप विश्वकर्मा अहमद राजा तथा मदरसा जामिया के अध्यापक शामिल रहे। recent visitors 49

कवासी लखमा को हर महीने मिलते थे 50 लाख रुपए, छत्तीसगढ़-ED की ECIR में किया दावा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में हुआ शराब घोटाला काफी लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों पर है. इस मामले में शनिवार को भी पूर्व मंत्री कवासी लखमा समेत कई अन्य के खिलाफ ईडी ने दबिश देकर कार्रवाई की. सूत्रों से खबर है कि ईडी ने अपनी ECIR में दावा किया है कि घोटाले में बतौर कमीशन हर महीने 50 लाख रुपए पूर्व मंत्री कवासी लखमा को भी मिलते थे. हालांकि, कवासी लखमा ने हर महीने कमीशन मिलने की बात से इनकार किया है. इस घोटाले में अन्य नेताओं और अफसरों का भी नाम सामने आया है. आपको बता दें कि ईडी ने अब तक इस मामले में करीब 65 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. वहीं कवासी लखमा ने अब खुद अपने आप को अनपढ़ बता दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्व के लिहाज से सबसे अहम आबकारी विभाग से जुड़े तमाम काम क्या कवासी लखमा खुद या उनकी आड़ में कोई और करते थे ? recent visitors 70

नागपुर से इंदौर जा रही बस खंडवा स्थित आबना नदी के पुल के पास पलटी, 18 यात्री घायल, अस्पताल में भर्ती कराया

खंडवा खंडवा के निकट ग्राम ठिठिया जोशी स्थित आबना नदी के पुल से पहले तड़के स्लीपर कोच बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस नागपुर से इंदौर जा रही थी। दुर्घटना सुबह पौने छह बजे के लगभग की है। इसमें 18 यात्री घायल हुए है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। सभी की हालत खतरे से बाहर है। हादसा सुबह धुंध की वजह से अंधे मोड़ पर संतुलन बिगड़ने से हुआ। दुर्घटना स्थल पुलिस रिकार्ड में ब्लैक स्पाट के रूप में दर्ज है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती है, इसके बावजूद यहां कोई सुधार नहीं हो रहा है। खंडवा-देड़तलाई राजमार्ग पर रविवार सुबह ग्राम ठिठिया जोशी के पुल के पास नागपूर से आ रही रातरानी स्लीपर बस क्रमांक एमपी 09 एफए 8096 बेकाबू होकर सड़क किनारे गड्डे में गिर गई। मोड़ पर चालक नियंत्रण खोने से बस नदी के पुराने पुल की ओर नीचे उतर कर पलट गई। बस की गति धीमी हो जाने से यात्रियों को मामूली चोट आई है। बस पलटने पर जोर की आवाज आने और यात्रियों का शोर सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर लोगों की मदद और पुुलिस को सूचना दी। हादसे की जानकारी मिलते ही रामनगर चौकी प्रभारी मनोज दवे सहित पुलिसकर्मी और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। कांच फोड़कर बाहर निकाला गया ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया है। बस कंडेक्टर साइड पलटने से यात्रियों को पीछे के इमरजेंसी गेट का कांच फोड़ कर तथा चालक के गेट से बाहर निकाला गया। बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल से आसपास के क्षेत्रों से करीब 13 एबुलेंस मौके पर पहुंच गई।  जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा. अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि बस दुर्घटना में चोट आने पर 18 यात्रियों को जिला अस्पताल लाया गया हैं। इन्हें मामूली चोट आई है। चिकित्सक और स्टाफ यहां मौजूद है। सभी का इलाज किया जा रहा है। एक.दो लोगों को सिर में चोट आई है। सभी सुरक्षित हैं और उनका इलाज जारी है। यह यात्री हुए घायल 28 वर्षीय पुष्पेंद्र (रीवा),22 वर्षीय अमन (सोनकच्छ), 55 वर्षीय दीलिप (अमरावती),40 वर्षीय संदीप (परसपुर),38 वर्षीय राहुल (बड़वानी), 30 वर्षीय चेतन (अमरावती), 36 वर्षीय मनोज (बड़वाह) ,65 वर्षीय अरूणा (राजनांदगांव छत्तीसगढ़), 55 वर्षीय इंदिरा (नागपुर),26 वर्षीय विवेकानंद (नागपुर), 35 वर्षीय वसीम (सनावद), 48 वर्षीय जयप्रकाश (मिर्जापुर उत्तरप्रदेश), 45 वर्षीय प्रेमसिंह (बड़वाह), 73 वर्षीय भंवरलाल (इंदौर), 58 वर्षीय प्रिया (इंदौर), 14 वर्षीय आयुष (उज्जैन), 45 वर्षीय सोनू (इंदौर)। recent visitors 46

गौशालाओं और डेयरियों के गौवंशों का शीतकालीन एवं सामान्य स्वास्थ्य प्रबंधन करें, राजस्थान-गोपालन सचिव डॉ. समित शर्मा ने दिए निर्देश

जयपुर। प्रदेश की गौशालाओं और डेयरियों में संधारित गौवंश के शीतकालीन स्वास्थ्य एवं सामान्य प्रबंधन के लिए गोपालन विभाग ने एडवायजरी जारी की है। पशुपालन, गोपालन और डेयरी सचिव डॉ समित शर्मा ने दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि राजस्थान के शुष्क मरूस्थलीय, मैदानी तथा पठारी क्षेत्रों में अत्यधिक ठंडे तापमान, कम आर्द्रता और सीमित वनस्पति के कारण कठोर सर्दी पड़ती है। इस अवधि के दौरान गौवंश के उचित वैज्ञानिक प्रबंधन से उनके स्वास्थ्य, उत्पादकता और अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसलिए तीक्ष्ण सर्दी, पाला एवं शीत लहर की स्थिति को देखते हुए गोपालन विभाग गौवंश के लिए शीत ऋतु में प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी करता है। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे सर्दी के मौसम में अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें। उन्हें ठंड से बचाने के लिए शेड में रखकर उन्हें चारों तरफ से कंबल या जूट के बोरों से ढकें। गौ आश्रयों को गर्म रखने के लिए सूखी घास, पुआल या अन्य तापरोधी सामग्री का इस्तेमाल करें। उन्होंने बूढ़े, कमजोर एवं छोटे बछड़ों का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि शीत ऋतु इनके लिए विशेष रूप से कठिन होती है। इसलिए नवजात बछड़ों को दूध पर्याप्त मात्रा में पिलाया जाना चाहिए और उन्हें गर्म रखने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि गौवंश के शरीर को गरम बनाए रखने में मददगार सांद्र आहार  जैसे चापड़, खल, बांटा, गुड़ आदि ऊर्जा युक्त पशु आहार खिलाना चाहिए। निर्जलीकरण को रोकने के लिए ताजा एवं गुनगुना पानी पिलाना चाहिए और उचित मात्रा में आवश्यकतानुसार पूरक आहार भी खिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार गौवंश के लिए अलग बाड़े की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि स्वस्थ गौवंश को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने बीमारियों से रोकथाम के लिए गौवंश को उचित उपचार एवं टीकाकरण की भी सलाह दी। डॉ शर्मा ने कहा कि गौवंश के स्वास्थ्य की नियमित रूप से निगरानी के लिए पशु आहार, स्वास्थ्य और उत्पादकता का सटीक संधारण किया जाना चाहिए। शासन सचिव ने विभाग के जिला अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे गोष्ठियों, चौपाल, सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों से गौशाला संचालकों और गोपालकों को नियमित रूप से जागरूक करते रहें। recent visitors 101

बेटे की शादी के लिए एयरोप्लेन बुक किया, फिर इस एयरोप्लेन से दुल्हन के घर के ऊपर पैसों की बारिश कराई

इस्लामाबाद शादियों में पैसे उड़ाना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन पाकिस्तान की एक शादी में जिस तरह से पैसे उड़ाए गए, उसका वीडियो वायरल हो रहा है। यहां पर एक पिता ने अपने बेटे की शादी के लिए एयरोप्लेन बुक किया। फिर इस एयरोप्लेन से दुल्हन के घर के ऊपर पैसों की बारिश कराई। सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वहीं, कुछ लोग इसका मजाक भी उड़ा रहे हैं। एक्स पर एक इंडियन यूजर ने लिखा कि लगता है आईएमएफ ने बेलआउट पैकेज भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो पाकिस्तान स्थित हैदराबाद का है। वीडियो को शेयर करते हुए एक सोशल मीडिया यूजर ने उर्दू में इसके बारे में जानकारी दी है। इसमें लिखा है कि दुल्हन के पिता की रिक्वेस्ट की थी। इसके बाद दूल्हे के पिता ने किराए पर हवाई जहाज लिया और दुल्हन के घर के ऊपर करोड़ों रुपए के नोट बरसा डाले। वहीं, सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि दूल्हे के एनआरआई दोस्त ने उसके घर पर पैसों की बारिश कराई। लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो और दावे कि पुष्टि नहीं करता। हालांकि कुछ लोगों ने इस तरह से पैसों की बर्बादी की आलोचना की। वहीं, कुछ लोगों ने इसका मजाक भी उड़ाया। लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब दूल्हे को जिंदगी पर अपने पिता द्वारा लिए गए कर्ज को उतारता रहेगा। एक अन्य यूजर ने लिखा कि अब पता चला कि पाकिस्तान कर्ज में क्यों है। एक यूजर तो और आगे बढ़ गया। उसने लिखा कि पाकिस्तान का पूरे साल का बजट गिरा दिया। अब वापस भीख मांगते फिरेंगे। वहीं, किसी ने लिखा कि दूल्हे को भूल जाओ, दूल्हन के पड़ोसी इस वक्त दुनिया के बससे खुश लोगों में होंगे। recent visitors 53

नवगठित जिलों एवं संभागों का पुनर्निर्धारण समान पात्रता परीक्षा स्कोर 3 वर्ष तक वैध, राजस्थान-मंत्रिमण्डल की बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में कर्मचारी कल्याण के साथ-साथ युवाओं के हित, प्रदेश में सुशासन और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसले किए गए। संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कैबिनेट ने पिछली सरकार के समय में गठित जिलों और संभागों का पुनः निर्धारण किया है, जिसके बाद अब प्रदेश में कुल 7 संभाग और 41 जिले होंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी वर्ष में प्रदेश में 17 नवीन जिले एवं 3 नवीन संभाग बनाने का निर्णय लिया था, जिसके क्रम में राजस्व विभाग द्वारा दिनांक 5 अगस्त 2023 को अधिसूचना जारी कर जिलों व संभागों का सृजन किया गया था। तीन नए जिलों की घोषणा विधानसभा चुनाव-2023 की आचार संहिता से एक दिन पहले की गई, जिनकी अधिसूचना भी जारी नहीं हो सकी थी। पूर्ववर्ती सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए किया गठन श्री पटेल ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने नवीन जिलों एवं संभागों का गठन पूरी तरह से राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया। इसमें वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, प्रशासनिक आवश्यकता, कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक सामंजस्य आदि किसी भी महत्वपूर्ण बिन्दु को ध्यान में नहीं रखा गया। नए जिलों के लिए पिछली सरकार ने कार्यालयों में न तो आवश्यक पद सृजित किए और न ही कार्यालय भवन बनवाए। बजट एवं अन्य सुविधायें भी उपलब्ध नहीं कराई गई। पुनर्निर्धारण बाद भी 8 नए जिले रहेंगे यथावत उन्होंने कहा कि गत सरकार के इस अविवेकपूर्ण निर्णय की समीक्षा करने हेतु राज्य सरकार द्वारा एक मंत्रिमण्डलीय उप-समिति और इसके सहयोग के लिए सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. ललित के. पंवार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। विशेषज्ञ समिति द्वारा नवगठित जिलों एवं संभागों के पुनर्निर्धारण के संबंध में तैयार की गई रिपोर्ट एवं सिफारिशें मंत्रिमण्डलीय उप-समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विचार करते हुए नए सृजित जिलों में से 9 जिलों अनूपगढ़, दूदू, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, नीम का थाना, सांचौर व शाहपुरा तथा नवसृजित 3 संभागों बांसवाड़ा, पाली, सीकर को नहीं रखने का निर्णय मंत्रिमण्डल द्वारा लिया गया है। आचार संहिता से ठीक पहले घोषित 3 नए जिलों मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन सिटी को भी निरस्त करने का निर्णय राज्य मंत्रिमण्डल ने लिया है। जिला परिषदों, ग्राम पंचायतों का होगा पुनर्गठन संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिमण्डल के इस निर्णय के बाद अब राजस्थान में कुल 7 संभाग एवं 41 जिले हो जाएंगे। यथावत रखे गए 8 नए जिलों फलौदी, बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन और सलूम्बर में प्रशासनिक ढांचा तैयार करने के लिए राज्य सरकार सभी जरूरी वित्तीय संसाधन एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराएगी। इससे इन नए जिलों में रहने वाले आमजन को इन जिलों के गठन का लाभ वास्तविक रूप में मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि अब जिला परिषदों, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों का भी पुनर्गठन किया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 14 की अनुसूची-1 में संशोधन, राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक वर्गीय सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम, 2022 में सीईटी स्कोर की वैधता 3 वर्ष करने, पशुधन सहायक को पदोन्नति का तीसरा अवसर उपलब्ध करवाने एवं इस संवर्ग के पदनामों में परिवर्तन के लिए सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। एमएसीपी पर परिनिंदा के दण्ड का प्रभाव समाप्त श्री गोदारा ने बताया कि कार्मिकों के हित को ध्यान में रखते हुए मिनिमम एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एमएसीपी) के तहत देय वित्तीय उन्नयन में राजस्थान सिविल सेवा (सी.सी.ए.) नियम, 1958 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियों में अधिरोपित परिनिंदा के दण्ड के प्रभाव को समाप्त करने का अनुमोदन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में परिनिन्दा से दण्डित कार्मिक को 9, 18 एवं 27 वर्ष की नियमित सेवा पर देय वित्तीय उन्नयन का लाभ एमएसीपी की निर्धारित तिथि के एक वर्ष बाद मिल पाता है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमण्डल ने कार्मिकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए परिनिंदा के दण्ड के एमएएसपी पर प्रभाव को समाप्त करने के लिए राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 14 की अनुसूची-1 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इससे पहले राज्य सरकार द्वारा सीसीए नियमों के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियों में अधिरोपित परिनिंदा के दण्ड का पदोन्नति पर प्रभाव भी समाप्त किया जा चुका है। अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, सीईटी स्कोर की वैधता 3 वर्ष तक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक वर्गीय सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम, 2022 में सीईटी स्कोर की वैधता अब 1 वर्ष के बजाय 3 वर्ष के लिए रहेगी। इसके लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि सीईटी स्कोर की वैधता एक वर्ष होने के कारण हर साल होने वाली अगली सीईटी परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती चली जा रही थी। अत्यधिक संख्या में आवेदन आने पर बोर्ड को वित्तीय भार और कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए सीईटी स्कोर की वैधता अवधि 3 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। गोदारा ने बताया कि राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 2001 के अंतर्गत आने वाले छात्रावास अधीक्षक (पुरुष) ग्रेड-2 एवं छात्रावास अधीक्षक (महिला) ग्रेड-2 को समान पात्रता परीक्षा की अनुसूची-1 (स्नातक स्तर) में शामिल किया जा रहा है। इस संशोधन के फलस्वरूप जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के पद सीईटी में शामिल किए जा सकेंगे, जिससे परीक्षार्थियों को अधिक पदों पर चयन का अवसर प्राप्त होगा। पशुधन सहायक के पदनामों में परिवर्तन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि राजस्थान पशुपालन अधीनस्थ सेवा नियम, 1977 के तकनीकी संवर्ग में पशुधन सहायक को पदोन्नति का तीसरा अवसर उपलब्ध करवाने और इस संवर्ग के पदनामों में परिवर्तन के लिए सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के अनुसार तीसरी पदोन्नति का अवसर देने के लिए मुख्य पशुधन प्रसार अधिकारी का नवीन पद सृजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पशुधन सहायक का पदनाम अब पशुधन निरीक्षक, पशुचिकित्सा सहायक … Read more