Wednesday, July 8, 2026 12:40 am

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर लगाया आरोप, डीएमएफ फंड से हुआ करीब 10 हजार करोड़ का घोटाला, सीबीआई जांच की मांग

रायपुर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने छत्तीसगढ़ में करीब 10 हजार करोड़ रूपए के घोटाले का आरोप लगाया है. उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर अक्सर अपनी सरकार के खिलाफ दिए गए बयानों और आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में डीएमएफ फंड से हुए करीब 10 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है. ननकीराम कंवर ने कलेक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कोरबा कलेक्टर पर एक निजी कंपनी को फायदा पहुँचाने का आरोप लगते हुए जांच के दायरे में लाने की माँग की है. पूर्व मंत्री ने अपने आरोप में कहा है कि कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत ने फ्लोरा मैक्स कंपनी को फायदा दिलाने के पक्ष में काम किया है. पूर्व मंत्री कंवर ने इस मामले में एसपी पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के अलावा सीबीआई को की गई शिकायत में दावा किया है कि केंद्र सरकार बिहान योजना के तहत महिलाओं को लोन देती है. केंद्र की इस योजना में यह घोटाला किया है और इस घोटाले से 40 हजार से अधिक महिलाएं केवल कोरबा में प्रभावित हुई हैं. ननकीराम कंवर का दावा है कि उक्त योजना के तहत रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, महासमुंद, दंतेवाड़ा समेत प्रदेश के अन्य जिलों की महिलाएं भी शामिल हैं. recent visitors 56

आगामी महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में मनाया जाएगा, आर्थिक अवसर भी प्रदान करेगा

नई दिल्ली 2025 में होने वाला महाकुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव होने के साथ-साथ एक विशाल आर्थिक अवसर भी प्रदान करेगा। यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है और आगामी महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर को प्रयागराज का दौरा किया और शहर की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 5,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। पर्यटन और रोजगार सृजन का अवसर महाकुंभ मेला भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक है और यह हर बार लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। अनुमान है कि 2025 में इस मेले में 400-450 मिलियन पर्यटक शामिल होंगे जिससे शहर में व्यावसायिक गतिविधियाँ तेज होंगी। कुंभ मेला सिर्फ धार्मिक अवसर नहीं है बल्कि यह पर्यटन, रोजगार, और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का भी एक बड़ा जरिया है। स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर कुंभ मेले के दौरान शहर में ठहरने की सुविधाओं की भारी मांग होती है जिससे ट्रैवल एजेंसियों, होटल व्यवसायों और टूर ऑपरेटरों को फायदा होता है। इसके अलावा कुंभ मेला टेंट किराए जैसी सेवाओं की भी काफी डिमांड होती है जो तीर्थयात्रियों को मेले के नजदीक आरामदायक आवास प्रदान करती हैं। महाकुंभ के आयोजन से हवाई, रेल और सड़क परिवहन के लिए यात्रा बुकिंग्स में भी तीव्र वृद्धि देखी जाती है जिससे इन क्षेत्रों को लाभ होता है। स्थायी और अस्थायी रोजगार के अवसर महाकुंभ के आयोजन से निर्माण, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कार्यक्रम नियोजन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर उत्पन्न होते हैं। इन क्षेत्रों में अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के रोजगार मिलते हैं जिससे बेरोजगारी को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, छोटे व्यवसायों और कारीगरों को भी अपने सामान बेचने का मौका मिलता है जिससे स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ मिलता है। स्थानीय व्यवसायों को मिलता है फायदा कुंभ मेला स्थानीय व्यवसायों के लिए भी एक शानदार अवसर होता है। तीर्थयात्रियों की बड़ी संख्या के कारण स्थानीय दुकानदारों, खाद्य व्यवसायों और स्मृति चिन्ह विक्रेताओं को अच्छा फायदा होता है। इस मेले के दौरान, तीर्थयात्री भोजन, कपड़े, धार्मिक वस्तुएं और अन्य सामान खरीदते हैं जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलता है। इसके अलावा यह आयोजन स्थानीय कला, हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों की मांग को भी बढ़ाता है। वाणिज्यिक और वित्तीय प्रभाव महाकुंभ मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि यह एक बड़े वाणिज्यिक और वित्तीय अवसर का भी केंद्र है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अनुसार 2019 के कुंभ मेले से 1.2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ था। इसी तरह 2013 के महाकुंभ से 12,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके अतिरिक्त CII का अनुमान है कि महाकुंभ मेले की आर्थिक गतिविधियों ने 2019 में छह लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजित किया। सूत्रों के अनुसार 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ मेले के दौरान व्यवसायियों को खपत के अपार अवसर मिलते हैं। भारतीय उद्योग जगत ने ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर कम से कम 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है जिससे मेले के व्यावसायिक लाभ में और वृद्धि होगी। बता दें कि महाकुंभ मेला 2025 न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का है बल्कि यह स्थानीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा अवसर साबित होने वाला है। इस मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली वाणिज्यिक गतिविधियाँ और रोजगार के अवसर भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे सकते हैं। recent visitors 46

ब्लिंकिट ने रायपुर में अपनी सेवाओं की शुरुआत की, 10 मिनट में घर पहुंचेगा राशन

 रायपुर  ब्लिंकिट ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपनी सेवाओं की शुरुआत की है. यह ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म अब शहरवासियों को 10 मिनट में जरूरी सामान की डिलीवरी का वादा करता है. ब्लिंकिट के इस कदम से रायपुर में रहने वाले लोग अब अपने घरों के आराम से किराना, ताजे फल-सब्जियां, स्नैक्स, दवाइयां, और अन्य जरूरी सामान महज कुछ मिनटों में मंगा सकेंगे. ब्लिंकिट पहला स्टोर कुछ दिन पहले आदर्श नगर में खुला. यह स्टोर आसपास के क्षेत्रों जैसे देवेंद्र नगर, शंकर नगर, VIP कॉलोनी, अवंती विहार, LIC कॉलोनी, भावना नगर और अन्य स्थानों में डिलीवरी प्रदान करेगा. एक और स्टोर अगले कुछ दिनों में खुलने जा रहा है, जो सिविल लाइन्स समेत अन्य क्षेत्रों को कवर करेगा. किराना और अन्य सामान की त्वरित डिलीवरी की सुविधा ब्लिंकिट के माध्यम से रायपुर के निवासी अब अपनी रोज़मर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं. कंपनी ने दावा किया है कि उसके गोदाम शहर में रणनीतिक स्थानों पर स्थित हैं, जिससे डिलीवरी का समय कम से कम किया जा सके. रायपुर के विभिन्न इलाकों में इसके गोदामों के चलते ग्राहकों को त्वरित सेवा मिलेगी. रायपुर में रोजगार के नए अवसर ब्लिंकिट की रायपुर में शुरुआत से न केवल स्थानीय निवासियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. कंपनी ने अपनी योजना में बताया कि इसके संचालन के लिए स्थानीय कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. कोरोना महामारी के बाद बढ़ी डिलीवरी सेवाओं की मांग ब्लिंकिट का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं की मांग में लगातार वृद्धि हुई है. यह सेवा महामारी के दौरान लोगों के लिए और अधिक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि यह उन्हें घर से बाहर बिना निकले अपनी जरूरतों को पूरा करने की सुविधा देती है. कंपनी का विस्तार और भविष्य की योजनाएं ब्लिंकिट ने रायपुर में अपनी शुरुआत के साथ यह भी घोषणा की कि अगले कुछ महीनों में कंपनी पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं का विस्तार करने का विचार कर रही है. इसके अलावा, ग्राहकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए कंपनी समय-समय पर नए ऑफर्स और योजनाओं की पेशकश भी करेगी. रायपुरवासियों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया रायपुर के निवासियों का कहना है कि ब्लिंकिट की इस सेवा से उनकी खरीदारी का तरीका और भी सरल हो जाएगा. लोग अब घर बैठे आराम से अपने जरूरी सामान मंगा सकेंगे, जो कोरोना काल में एक बड़ी राहत है. ब्लिंकिट की इस पहल से रायपुर में ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी सेवाओं का अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा. recent visitors 200

PF के 5 बड़े नियम नए साल में बदलने वाले हैं, लाखों कर्मचारियों पर होगा सीधा असर!

नई दिल्‍ली अगर आप भी एक प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारी हैं और हर महीने आपका पैसा पीएफ अकाउंट में जमा होता है तो नए साल यानी 2025 में कई बड़े बदलाव होने की संभावना है. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) साल 2025 में कई महत्‍वपूर्ण बदलावों से गुजरने वाला है, जिसका असर पूरे भारत में लाखों सैलरीड कर्मचारियों पर पड़ेगा. इन बदलावों का लक्ष्‍य अनुभव को बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सुव्‍यवस्‍थ‍ित करना और एम्‍प्‍लाई-एम्‍प्‍लॉयर ट्रांसपैरेंसी में सुधार करना है. इन बदलावों से लाखों भारतीय कर्मचारियों के फाइनेंशियल सेफ्टी पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्‍मीद है. जिससे फ्यूचर के लिए ज्‍यादा मजबूत और सुरक्षित रिटायरमेंट सुनिश्चित होगी. यहां कुछ ऐसे बदलाव के बारे में जानकारी दी जा रही है, जो साल 2025 में लागू हो सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में एक-एक जरूरी बात. एटीएम से पीएफ का पैसा रिपोर्ट के अनुसार, EPFO एक ATM कार्ड जारी करेगा, जिससे सदस्य चौबीसों घंटे पैसे निकाल सकेंगे. यह सदस्यों के लिए सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है. यह अनुमान है कि एटीएम निकासी की यह सेवा अगले वित्तीय वर्ष के दौरान लागू की जाएगी. कर्मचारी की कंट्रीब्‍यूशन लिमिट रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों के EPF कंट्रीब्‍यूशन की लिम‍िट खत्‍म कर दी जाएगी. फिलहाल, कर्मचारी हर महीने अपने मूल वेतन का 12% ईपीएफ खाते में जमा करते हैं. हालांकि EPFO द्वारा तय 15,000 रुपये का उपयोग करने के बजाय, सरकार कर्मचारियों को उनके वास्तविक वेतन के अनुसार कंट्रीब्‍यूट करने देने पर विचार कर रही है. इक्विटी लिमिट बढ़ाना कुछ रिपोर्टों के अनुसार, रिटर्न को बढ़ाने के लिए EPFO ईटीएफ इनकम के एक हिस्‍से को शेयरों और अन्‍य असेट में फिर से निवेश करने के लिए बारे विचार कर रहा है. इसे नए वित्त वर्ष के दौरान कभी भी लागू किया जा सकता है. किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन सितंबर 2024 में लेबल मिनिस्‍टर मनसुख मंडाविया ने सेंट्रलाइज पेंशन पेमेंट सिस्‍टम (CPPS) को अप्रूव किया था. जिसके तहत 7.8 मिलियन सदस्‍य किसी भी बैंक ब्रांच से कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन पर सकते हैं. यह नियम 1 जनवरी 2025 से लागू होगी. हायर पेंशन डेडलाइन कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को 31 जनवरी, 2025 तक कर्मचारियों का सैलरी डिटेल अपलोड करने का अंतिम मौका दिया है. इसके अलावा, नियोक्ताओं को उच्च पेंशन आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए 15 जनवरी, 2025 तक ईपीएफओ द्वारा अनुरोधित स्पष्टीकरण प्रदान करना आवश्यक है.  recent visitors 71

एक दूसरे की हीनभावना को दूर करें पति-पत्नी

पति−पत्नी गृहस्थी के दो पहिए हैं। एक−दूसरे के बिना गृहस्थी की गाड़ी नहीं चल सकती। ऐसे में आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी एक का हीनभावना से ग्रस्त हो जाना पूरे परिवार की गाड़ी में ब्रेक लगा देता है। हीनभावना का कारण चाहे कुछ भी हो परन्तु पति−पत्नी को एक−दूसरे की हीनभावना को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। कई बार महिलाएं समझ ही नहीं पाती हैं कि उनके पति हीनभावना से ग्रस्त हैं। इसके लिए उनके व्यवहार में आए बदलाव को नोट किया जा सकता है। यदि पति आफिस से आकर अपने कपड़े तथा जूते−मोजे इधर−उधर फेंक कर कमरा अस्त−व्यस्त कर दे तो समझ जाइए कि उन्हें आफिस में कोई परेशानी है। कई बार होता यह है कि आफिस में महिला बॉस आ जाए और वह सख्ती शुरू करे तो पुरुष उसे आसानी से सहन नहीं कर पाते। महिला बॉस की एक−दो डांट से ही पुरुषों के मन में हीनभावना पनपने लगती है। कई बार पत्नी की खूबसूरती भी पति में हीनभावना पनपाने में सहायक होती है। हर कोई जब पत्नी की खूबसूरती की तारीफें करता रहे और पति को पूछे भी न और यह कहे कि तुम्हारी तो लाटरी खुल गई जो तुम जैसे को इतनी खूबसूरत पत्नी मिल गई। ऐसे में पति के मन में हीनभावना पनपना स्वाभाविक ही है। अपने पति को हीनभावना से निकालना आपका कर्तव्य है। पहले तो प्रयास करें कि ऐसे लोगों से दूर रहें जो आपके गुणों के कारण नहीं बल्कि खूबसूरती के कारण आपकी तारीफ करते हैं। अपने पति को यह अहसास दिलाना जरूरी है कि आपकी नजरों में खूबसूरती से ज्यादा गुण महत्व रखते हैं और आप उन्हें इसीलिए चाहती हैं क्योंकि उनमें सब गुण मौजूद हैं। उन्हें बताइए कि आप उनके कुछ गुणों को अपनाना चाहती हैं। पति की उदासीनता के कई कारण माने गए हैं पर सबसे बड़ा कारण अहं होता है। जब किसी आदमी के अहं को ठेस पहुंचती है तो वह या तो दुनिया से स्वयं को काट लेता है या दुनिया पर हावी हो जाने की कोशिश करता है। जो व्यक्ति हावी हो जाता है वह अपनी हीनभावना की कड़वाहट को प्रसिद्धि पाने के प्रयास में उपयोग कर लेता है और जो व्यक्ति स्वयं को दुनिया से अलग कर एक जगह बंद हो जाता है उसका व्यक्तित्व ही समाप्त हो जाता है। कई बार पत्नी की शोहरत से ईष्र्या कर के भी पति के मन में हीनभावना आ जाती है। पति के मन में यदि हीनभावना घर कर जाए तो वह आपको नजरअंदाज तो करेगा ही और बच्चों की तरफ भी ज्यादा नहीं ध्यान देगा। निश्चय ही वह अपने लिए बाहर कोई सहारा तलाश करेगा। यदि आप पत्नी होकर पति से अपने बर्थडे व अन्य खास बातें याद रखने को कहती हैं तो पत्नी होकर आपका भी दायित्व बनता है कि आप पति के साथ कदम से कदम मिला कर दांपत्य जीवन को सफल बनाएं न कि पति के हीनभावना से ग्रस्त होने पर उनका दामन छोड़ कर मायके चली जाएं। पति−पत्नी दोनों के ही कुछ कर्तव्य होते हैं। जब आपको पति ने कुछ हक दिए हैं तो उसी के साथ आपके कुछ कर्तव्य भी हैं जिनका पालन करना आपके लिए बेहद जरूरी है। आपको चाहिए कि पति की हीनभावना दूर करने के लिए भरसक प्रयास करें।   recent visitors 85

अब प्रदेश सरकार अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी से देगी जनपद व ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों को सैलरी, कबसे होगा लागू, जाने

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने जनपद और ग्राम पंचायतों के अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन-भत्ते और मानदेय का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी की राशि का उपयोग करने के नए नियम जारी किए हैं। यह कदम पंचायत राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। यह नियम 20 जनवरी से अमल होना शुरू हो जाएगा। मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 75 के तहत स्टाम्प ड्यूटी पर एक प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है। इस राशि का उपयोग पंचायती राज संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन-भत्तों और मानदेय का भुगतान करने के लिए किया जाएगा। यह कदम पंचायत संस्थाओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया है, जिससे पंचायतों के कार्यों में किसी भी तरह की कोई रुकावट न आ सके। राशि का उपयोग कैसे किया जाएगा? नए नियमों के तहत अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी से प्राप्त राशि का प्रमुख उपयोग जनपद पंचायत के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा जनपद पंचायत के पदाधिकारियों के मानदेय का भी भुगतान इसी राशि से किया जाएगा। ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों, सचिवों और पदाधिकारियों के मानदेय और वेतन का भुगतान भी इसी राशि से होगा। बचत राशि का होगा उपयोग अतिरिक्त राशि बचती है, तो उसे जनपद और ग्राम पंचायतों के अवसंरचना कार्यों में खर्च किया जाएगा। यह राशि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनसंख्या के आधार पर पंचायतों को अंतरित की जाएगी, जिससे पंचायतों को बेहतर वित्तीय सहायता मिल सकेगी। recent visitors 47

अलीगढ़ जेल में बने ताले देश-विदेश में प्रसिद्ध प्रयागराज महाकुंभ में उपयोग के लिए भेजे जाएंगे, श्रद्धालु खरीदेंगे ‘खास’ ताले

अलीगढ़ देश और दुनिया में अपने ताले और तालीम के लिए प्रसिद्ध अलीगढ़ अब एक नई पहचान बना रही है। अलीगढ़ जिला कारागार में बंद कैदी ताला बनाने के काम में जुट गए हैं। अलीगढ़ जेल में बने ताले देश-विदेश में प्रसिद्ध प्रयागराज महाकुंभ में उपयोग के लिए भेजे जाएंगे। जिला कारागार में रोजाना लगभग 1200 ताले बनाए जा रहे हैं, जिन्हें महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से कैदियों को अपनी कला और कौशल को निखारने का मौका भी मिलेगा। जेल अधीक्षक ने आगे कहा कि इस बार महाकुंभ के आयोजन में जेल विभाग का एक स्टॉल भी लगाया जाएगा, जहां कैदियों द्वारा निर्मित ताले और लकड़ी से बने विभिन्न सामान की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। महाकुंभ में आए लोग इन सामानों को खरीद सकते हैं। यह एक बड़ी पहल है, जिससे महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु ताले और अन्य सामान सस्ते दामों पर प्राप्त कर सकेंगे। अलीगढ़ जेल के अधीक्षक विजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जेल में कैदियों द्वारा विभिन्न प्रकार के सामान बनाए जा रहे हैं। इनमें शिवलिंग, ओम, संघ और अन्य धार्मिक प्रतीक शामिल हैं। अधीक्षक के मुताबिक जेल में तालों को असेंबल किया जा रहा है और इन तालों का इस्तेमाल न केवल अलीगढ़, बल्कि बाहर भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेल में एक छोटी इकाई स्थापित की गई है, जहां कैदी रोजाना विभिन्न सामान तैयार कर रहे हैं, जिन्हें देशभर में भेजा जाता है। जेल में बंद कैदी विनोद कुमार ने बताया कि वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। करीब दस महीने से जेल में है। विनोद ने कहा, ” जेल में ही मैंने ताला बनाने का काम सीखा है। हमारे अलीगढ़ के जेल के ताले अब देश-विदेश में मशहूर हैं। हमारे ताले अब महाकुंभ में भेजे जाएंगे। तैयारी पूरी है। हम और हमारे सभी प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह से इस प्रयास में लगे हुए हैं कि जितने भी बंदी यहां हैं, वह रोजगार की ओर बढ़ें। इस मौके पर हम अपने अधिकारियों का दिल से धन्यवाद करना चाहते हैं।” विनोद ने आगे कहा कि हमें बहुत अच्छा लग रहा है। जब हमारे ताले देश-विदेश जाएंगे, तो हमारा और हमारे जिले का नाम रोशन होगा। हम सभी बंदियों के लिए यह एक बहुत अच्छा अवसर है। अब हम बड़े खुशनसीब महसूस करते हैं कि हम यहां से कुछ नया सीख रहे हैं और हमें अपने काम का सम्मान मिल रहा है। हम रोजाना लगभग बारह से तेरह सौ ताले तैयार करते हैं।   recent visitors 62