Friday, July 3, 2026 12:44 pm

धूम्रपान न करने वालों में फेफड़े के कैंसर के 53-70 प्रतिशत मामले इसी उप-प्रकार के पाए गए: अध्ययन

नई दिल्ली कभी धूम्रपान न करने वाले लोगों में भी फेफड़ों के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं और इसका प्रमुख कारण संभवत: वायु प्रदूषण है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। यह अध्ययन विश्व कैंसर दिवस पर ‘द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन जर्नल’ में मंगलवार को प्रकाशित हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आईएआरसी) सहित अन्य संगठनों के शोधकर्ताओं ने चार उपप्रकारों – ‘एडेनोकार्सिनोमा’ (ग्रंथि कैंसर), ‘स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा’ (त्वचा कैंसर) , छोटे और बड़े ‘सेल कार्सिनोमा’ के लिए राष्ट्रीय स्तर पर फेफड़ों के कैंसर के मामलों का अनुमान लगाने के मकसद से ‘ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी 2022 डेटासेट’ सहित अन्य ‘डेटा’ का विश्लेषण किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि एडेनोकार्सिनोमा (ऐसा कैंसर जो बलगम और पाचन में मदद करने वाले तरल पदार्थ उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों में शुरू होता है) पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रमुख उपप्रकार बन गया है। इसके साथ ही 2022 में दुनिया भर में कभी धूम्रपान न करने वालों में फेफड़े के कैंसर के 53-70 प्रतिशत मामले इसी उप-प्रकार के पाए गए। शोधकर्ताओं ने लिखा, ‘‘विश्व भर के कई देशों में धूम्रपान का प्रचलन कम होता जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कभी धूम्रपान नहीं करने वाले लोगों में फेफड़े के कैंसर का अनुपात बढ़ रहा है।’’ आईएआरसी में कैंसर निगरानी शाखा के प्रमुख फ्रेडी ब्रे ने कहा, ‘‘धूम्रपान की आदतों में बदलाव और वायु प्रदूषण के संपर्क में आना फेफड़े के कैंसर के जोखिम में के मुख्य निर्धारकों में से हैं।’ फेफड़ों का कैंसर आज कैंसर से संबंधित मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है।   recent visitors 29

आनंदमय जीवन के गुर सीख रहे खाद्य विभाग में अधिकारी

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के 64 अधिकारी/कर्मचारी आनंदित जीवन के रहस्य सीखने के लिए 29 से 31 जनवरी तक एनआईटीटीटीआर भोपाल शामिल हुए। आनंद संस्थान के मास्टर ट्रेनर्स ने "जीवन का लेखा-जोखा, संपर्क सुधार, दिशा, रिश्तों की गहराई और पावर ऑफ साइलेंस" जैसे प्रभावी टूल्स के माध्यम से सुखी और संतुलित जीवन जीने के गुर सिखाए। कार्यक्रम के समापन सत्र में संयुक्त नियंत्रक के.एस. चौहान, आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार, निदेशक प्रवीण गंगराड़े और सत्यप्रकाश आर्य उपस्थिति रहे। विशेषज्ञों की टीम, जिसमें डॉ. सुधीर आचार्य, हितेंद्र बुडोलिया, प्रेमांजलि त्रिवेदी, आशा असाटी, लखन लाल असाटी और प्रदीप महतो ने प्रतिभागियों को प्रेरणादायक और व्यावहारिक सीख जानकारी दी। विशेष प्रशिक्षण न केवल अधिकारियों के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को संतुलित करने में मदद करेगा, बल्कि सकारात्मक सोच और आनंदित रहने की कला को भी बढ़ावा देगा।   recent visitors 51

एआर रहमान के संगीत निर्देशन वाली फिल्म में काम करना हमेशा से ही एक सपना रहा है: विक्की कौशल

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेता विक्की कौशल का कहना है कि दिग्गज संगीतकार एआर रहमान के संगीत निर्देशन वाली फिल्म में काम करना हमेशा से ही एक सपना रहा है।अकादमी पुरस्कार विजेता दिग्गज ए.आर. रहमान और पद्म श्री अरिजीत सिंह के पुनर्मिलन ने फिल्म छावा के लिये एक और उत्कृष्ट कृति, जाने तू दी है, जिसे गीतकार इरशाद कामिल ने लिखा है। लक्ष्मण उटेकर की ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा छावा का यह ट्रैक छत्रपति संभाजी महाराज और महारानी येसुबाई के बीच के अमर, आध्यात्मिक बंधन को दर्शाता है, जिसे विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना ने निभाया है। विक्की कौशल के लिए, यह एक सपना सच होने जैसा था। जाने तू के बारे में बात करते हुए, उन्होंने साझा किया, “गीत और पात्रों का चित्रण प्रेम के पारंपरिक विचार से बहुत आगे निकल जाता है। यह एक शाश्वत संबंध के बारे में है, एक ऐसा बंधन जो समय से परे है। मुझे उम्मीद है कि लोग इस आध्यात्मिक रिश्ते की गहराई का अनुभव करेंगे। तीन उस्तादों ए.आर. रहमान सर, पद्मश्री पुरस्कार विजेता अरिजीत सर और इरशाद कामिल सर ,यही वह चीज है जो इस संगीत को वाकई खास बनाती है। रहमान सर के संगीत वाली फिल्म में काम करना हमेशा से मेरा सपना रहा है, इसलिए इसे संभव बनाने के लिए दिनेश विजान सर को धन्यवाद। इस महाकाव्य गाथा छावा में हमें साथ लाने के लिए हमारे निर्देशक लक्ष्मण उटेकर सर को बहुत-बहुत धन्यवाद। रश्मिका मंदाना ने कहा,मैं छावा के लिये वास्तव में सम्मानित महसूस कर रही हूं। और, जैसा कि विक्की ने बताया, महारानी येसुबाई और महाराज संभाजी के बीच का रिश्ता सिर्फ प्यार का चित्रण नहीं है; यह एक आध्यात्मिक बंधन है जो मानवीय समझ से परे है। यह मुख्य कारणों में से एक था कि मैं इस फिल्म का हिस्सा क्यों बनना चाहती थी। मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म छावा में विक्की कौशल ,रश्मिका मंदाना और अक्षय खन्ना की अहम भूमिका है। इस फिल्म में विक्की कौशल,महान मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका में हैं, वहीं रश्मिका मंदाना संभाजी महाराज की पत्नी येसूबाई की भूमिका में हैं। लक्ष्मण उटेकर के निर्देशन में बन रही फिल्म छावा के निर्माता दिनेश विजान हैं। यह फिल्म 14 फरवरी को रिलीज होगी।   recent visitors 49

सबसे अमीर निकाय बीएमसी ने पेश किया अब तक का सबसे बड़ा बजट, बस सेवा पर खर्च होंगे 1 हजार करोड़

मुंबई देशी की सबसे अमीर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)ने अपना सालाना बजट पेश कर दिया है। बीएमसी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। बीएमसी ने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है जो कि 74427 करोड़ का है। यह पिछले बजट से करीब 19 फीसदी ज्यादा है। इस बजट में किसी टैक्स का ऐलान नहीं किया गया। वहीं पानी और सीवरेज चार्ज से होने वाली कमाई 1923 करोड़ से बढ़कर 2131 करोड़ हो गई। अगले वित्त वर्ष के लिए 2363 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे पहले कुल खर्च बजट के अनुमान से कम हुआ करता था। हालांकि पहली बार इसका उलटा हुआ है। मौजूदा वित्त वर्ष में आवंटित बजट से भी ज्यादा खर्च किया गया है। वहीं अब अगले वित्त वर्ष में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस करने का पूरा प्लान रखा गया है। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम, उपनगरीय ट्रेनों के बाद महानगर में दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जो करीब 3,000 बसों का बेड़ा संचालित करती है। यह प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान करती है। बीएमसी ने मंगलवार को प्रस्तुत बजट दस्तावेज में कहा, अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं के बावजूद उसने बेस्ट की वित्तीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान किया है। दस्तावेज में कहा गया, ‘हालांकि बीएमसी को अपनी मौजूदा परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्यों के लिए धन की काफी आवश्यकता है, लेकिन बेस्ट उपक्रम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए उसे अनुदान के रूप में 2025-26 में कुल 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।’ इसमें साथ ही यह जानकारी भी दी गई कि 15वें वित्त आयोग ने ‘बेस्ट’ की इलेक्ट्रिक बस खरीद के लिए 992 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें से 493.38 करोड़ रुपये पहले ही मिल गए और वितरित किए जा चुके हैं। शेष 498.62 करोड़ रुपये भी मिलते ही वितरित किए जाएंगे। बजट में कहा गया कि बीएमसी के कमाई के संसाधन अब अपने चरम पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में अब नए संसाधनों को खोजने की जरूरत है। ऐसे में ज्यादा रिवेन्यू के लिए चार्ज भी बढ़ाए जा सकते हैं। रिवेन्यू बढ़ाने के लिए खाली पड़ी जमीनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इन्हें जनता के लिए तैयार किया जाएगा। जमीनों को पट्टे पर दिया जाएगा। recent visitors 46

पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा- कुछ लोगों का फोकस स्टाइलिश बाथरूम पर है, जबकि हमारा ध्यान हर घर तक नल से जल पहुंचाने पर है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आम आदमी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "कुछ लोगों का फोकस स्टाइलिश बाथरूम पर है, जबकि हमारा ध्यान हर घर तक नल से जल पहुंचाने पर है।" इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चर्चित टिप्पणी को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "केंद्र से भेजा गया एक रुपया जनता तक सिर्फ पंद्रह पैसे ही पहुंचता है।" पीएम मोदी ने इसे "गजब की हाथ की सफाई" बताते हुए विपक्ष की भ्रष्टाचार नीति पर करारा वार किया। लोकसभा में दिए गए इस भाषण के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विपक्ष ने पीएम मोदी के इस बयान को चुनावी जुमला बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे विकास की सच्चाई करार दिया। recent visitors 44

शहरों में बुनियादी अधोसंरचनात्मक विकास भावी आवश्यकताओं की करेगा पूर्ति : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास के विजन के अनुरूप प्रदेश के शहरों में विकसित हो रहा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की नगरीय आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। इससे न केवल बढ़ती शहरी आबादी को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी अपितु शहर समृद्ध और विकसित होंगे। विकास के इस विजन को साकार करने के लिए प्रदेश के 07 शहरों में स्मार्ट-सिटी मिशन चलाया जा रहा है। भोपाल एवं इंदौर का मेट्रोपोलिटिन के रूप में विकास हो रहा है और भोपाल के आसपास के क्षेत्र को सम्मिलित कर राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में विकास की रणनीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्मार्ट-सिटी परियोजना में शामिल प्रदेश के 7 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर और उज्जैन में पिछले एक वर्ष में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये के 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में इन शहरों में 828 करोड़ रुपए के 43 कार्य प्रगति पर है। ये शहर महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं, प्रभावी सार्वजनिक सेवाओं और सतत् शहरी योजना से लैस आधुनिक शहरी केंद्र बनने के लिए महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्मार्ट-सिटी मिशन-2.0 के अंतर्गत उज्जैन और जबलपुर के लिए 370 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है, जो इन शहरों की अवसंरचना को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर सकें और नवाचार और आर्थिक गतिविधि के केंद्र बन सकें, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार भोपाल को एक मेट्रोपोलिटन सिटी में परिवर्तित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। शहर के विकास की इस योजना में भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास शामिल हैं। भोपाल के शहरी विकास का समर्थन करने के लिए एक प्रमुख परियोजना मेट्रो रेल प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में 14,440 करोड़ रूपये के निवेश से मेट्रो परियोजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे यातायात सुगम होगा, भीड़-भाड़ कम होगी, सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और बढ़ती आबादी के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। स्मार्ट-सिटी योजना के अंतर्गत ही 'द सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन' (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 में राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। केन्द्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये की अनुदान राशि मिलेगी। केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत 'एक जिला-एक उत्पाद' के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिये प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को उनके उत्पादों के विक्रय के लिए स्थान प्राप्त होगा। इसे वर्ष 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट-सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट-सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट-सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि कार्य प्रगति पर हैं। सिंचाई और कृषि के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। किसानों के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2028 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचित रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजनाओं से प्रदेश सरकार का यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा।   recent visitors 57

मंत्री मनकल एस. वैद्य ने चेतावनी देते हुए कहा- गो तस्करों को देखते ही गोली मारने का आदेश दूंगा

कारवार (कर्नाटक) उत्तर कन्नड़ जिले में गाय चोरी की घटनाओं के बीच जिले के प्रभारी मंत्री मनकल एस. वैद्य ने चेतावनी दी है कि गो तस्करी में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों को खुलेआम सड़कों या चौराहे पर गोली मार दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह जिले में इस तरह की गतिविधियों को जारी नहीं रहने देंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन गायों और गो पालकों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। वैद्य का यह बयान हाल में होन्नावर के पास एक गर्भवती गाय के वध की घटना को लेकर फैले आक्रोश के बाद आया है। उन्होंने कहा, ‘‘गाय चोरी की घटनाएं कई वर्षों से हो रही हैं। मैंने एसपी (पुलिस अधीक्षक) से कहा है कि यह रुकना चाहिए और किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होना चाहिए। यह गलत है। हम गाय की पूजा करते हैं। हम इस पशु को प्यार से पालते हैं। हम इसका दूध पीकर बड़े हुए हैं।’’ मंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी इस अपराध में शामिल पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ मामलों में गिरफ्तारी हुई है। अगर ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तो… शायद मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए, लेकिन मैं सुनिश्चित करूंगा कि आरोपियों को सड़क पर या चौक पर गोली मार दी जाए। काम करिए, कमाइए और खाइए। हमारे जिले में रोजगार के बहुत विकल्प हैं। लेकिन हम किसी भी कीमत पर गो तस्करी में शामिल लोगों का समर्थन नहीं करेंगे।’’ मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में थी। मंत्री ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दल पर निशाना साधा और सत्ता में रहने के दौरान इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया।   recent visitors 48