Monday, July 6, 2026 1:28 am

चंदौली जिले में ट्रक और बस की टक्कर से भीषण सड़क हादसा, महाकुंभ जा रहे दो महिला श्रद्धालुओं की मौत,

चंदौली उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में ट्रक और बस की टक्कर से भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में पटना से महाकुंभ जा रहे दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं दर्जनभर से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं। जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक है। गंभीर हालत होने की वजह से उन्हें वाराणसी के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। अन्य घायलों का इलाज चंदौली के पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं से भरी बस महाकुंभ में स्नान के लिए जा रही थी। इसी दौरान अलीनगर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-19 पर आरटीओ ऑफिस के पास श्रद्धालुओं से भरी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के आगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण सड़क हादसे में बस सवार दो महिला श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक दर्जन लोग घायल हो गए। हादसे से मौके पर हड़कंप मच गया। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम और स्थानीय पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची।   recent visitors 31

ऐसे करें असली और नकली गुलाब जल की पहचान, नहीं तो त्‍वचा को होगा नुकसान

असली और नकली गुलाब जल के बीच फर्क जानना बहुत जरूरी है, क्‍योंकि नकली गुलाब जल हमारी त्‍वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। असली गुलाब जल प्राकृतिक और शुद्ध होता है, जबकि नकली गुलाब जल में कैमिकल्स होते हैं। असली गुलाब जल की खुशबू हल्‍की और ताजगी से भरी होती है, जबकि नकली गुलाब जल में तीव्र और आर्टिफिशियल खुशबू होती है। असली गुलाब जल की रंगत हल्‍की गुलाबी होती है, जबकि नकली गुलाब जल गहरे रंग का होता है। इसके अलावा, असली गुलाब जल पानी में घुलकर तुरंत समा जाता है, जबकि नकली गुलाब जल में ऑयल हो सकता है। असली गुलाब जल लगाने से त्‍वचा में कोई जलन नहीं होती, जबकि नकली गुलाब जल में जलन हो सकती है। इस बारे में डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट डॉक्‍टर पुष्‍पेंद्र शर्मा से उन्‍होंने बताया इस बारे में। लिक्विड रूप में होता है असली गुलाब जल असली गुलाब जल की पहचान करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखें। असली गुलाब जल हमेशा लिक्विड रूप में होता है, न कि चिपचिपा या जेल फॉर्म में। बाजार में कई तरह के गुलाब जल बिकते हैं, जिनमें जेल बेस्ड मॉइश्चराइज़र भी शामिल हैं, लेकिन यदि गुलाब जल जेल फॉर्म में है तो यह शुद्ध नहीं होता। गुलाब जल में धुंधलापन और थोड़ी सी थिकनेस होती है इन दिनों गुलाब जल में मिलावट बहुत बढ़ गई है, इसलिए शुद्ध गुलाब जल को पहचानना जरूरी हो गया है। शुद्ध गुलाब जल में हल्का धुंधलापन और थोड़ी सी गाढ़ाई (थिकनेस) होती है। उसकी शुद्धता का पता जीभ पर लगाने से चलता है; यदि हल्का तीखापन महसूस हो, तो समझिए वह शुद्ध गुलाब जल है। यह संकेत उसके असली होने का प्रमाण है। गुलाब जल में नहीं होता है एल्‍कोहल असली गुलाब जल में कभी भी एल्कोहल नहीं होता। अगर आपका गुलाब जल जल्दी खत्म हो जाता है या भाप बनकर उड़ जाता है, तो यह नकली हो सकता है, क्योंकि इसमें एल्कोहल मिलाया जाता है। असली गुलाब जल धीरे-धीरे खत्म होता है और इसका इस्तेमाल करने से कोई समस्या नहीं होती। अगर यह जल्दी खत्म हो रहा हो, तो उसे बदल दें। खुशबू से पहचाने असली गुलाब जल पहचानने का सबसे आसान तरीका है उसे हाथ में लेकर रब करना। अगर रब करने पर गुलाब की तेज खुशबू आती है, तो उसमें केमिकल मिलाया गया है। अगर खुशबू हल्की या न के बराबर हो, तो उसकी क्वालिटी अच्छी मानी जा सकती है। असली गुलाब जल थोड़ा धुंधला और हल्का मैला दिखेगा, और जीभ पर तीखा महसूस होगा। उबालकर बनाया जाता है गुलाब जल आप जिस भी कंपनी का गुलाब जल खरीदें, उसके बारे में पूरी जानकारी लें कि उसे बनाने के लिए कौन सा तरीका अपनाया गया है। शुद्ध गुलाब जल डिस्टिलेशन (उबालकर) प्रक्रिया से बनता है, जबकि अगर किसी अन्य प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है, तो वह नकली हो सकता है। इन आसान तरीकों से आप गुलाब जल की शुद्धता का पता लगा सकते हैं और सुरक्षित उत्पाद का चयन कर सकते हैं।     recent visitors 39

कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन सेवाओं का संचालन

 भोपाल  यात्रियों की सुविधा हेतु प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ-2025 के अवसर पर अतिरिक्त यात्री भीड़ को क्लीयर करने के उद्देश्य से रेल प्रशासन द्वारा कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। ये स्पेशल ट्रेनें पश्चिम मध्य रेल के स्टेशनों से भी गुजर रही है, जिसका विवरण इस प्रकार है:- एलएलटी-बनारस-एलएलटी कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन 01031 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बनारस कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन 05 एवं 08 फरवरी 2025 को एलएलटी स्टेशन से मध्य रात्रि 00:05 बजे प्रस्थान कर और अगले दिन सुबह 06:45 बजे बनारस पहुंचेगी। (2 सेवाएं) 01032 बनारस-एलएलटी कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन 06 एवं 09 फरवरी 2025 को बनारस स्टेशन से सुबह 10:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सायं 16:40 बजे एलटीटी पहुंचेगी। (2 सेवाएं) ठहराव:  ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, चुनार और वाराणसी। संरचना: दो वातानुकूलित 2-टियर, छह वातानुकूलित इकोनॉमी 3-टियर, 6 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 1 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन एवं 1 जनरेटर कार ।  नागपुर-दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन 01201 नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन दिनांक 05.02.2025 को नागपुर से दिन में 12:00 बजे प्रस्थान कर और अगले दिन सुबह 11:50 बजे दानापुर पहुंचेगी। (1 सेवाएं) 01202 दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन दिनांक 06.02.2025 को दानापुर से दोपहर 14:30 बजे प्रस्थान कर और अगले दिन सुबह 11:40 बजे नागपुर पहुंचेगी। (1 सेवाएं) ठहराव: गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, घंसौर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, चुनार, पं.दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा। संरचना: दो वातानुकूलित 1 कम 2-टियर, एक वातानुकूलित 2-टियर, दो वातानुकूलित 2 कम 3-टियर, 9 वातानुकूलित 3-टियर, 4 शयनयान श्रेणी और 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन। नागपुर-दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन 01203 नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन दिनांक 08.02.2025 को नागपुर से दोपहर 15:00 बजे प्रस्थान कर और अगले दिन दोपहर 13:00 बजे दानापुर पहुंचेगी। (1 सेवाएं) 01204 दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन दिनांक 09.02.2025 को दानापुर से दोपहर 14:30 बजे प्रस्थान कर और अगले दिन सुबह 11:40 बजे नागपुर पहुंचेगी। (1 सेवाएं) ठहराव: गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, घंसौर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, चुनार, पं.दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा। संरचना: दो वातानुकूलित 1 कम 2-टियर, एक वातानुकूलित 2-टियर, दो वातानुकूलित 2 कम 3-टियर, 9 वातानुकूलित 3-टियर, 4 शयनयान श्रेणी और 2 सामान्य द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन। यात्री मेला स्पेशल ट्रेन के ठहराव की विस्तृत जानकारी रेल मदद 139 अथवा एनटीईएस ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकते है। recent visitors 18

चैंपियंस ट्रॉफी से पहले एक और बड़ा झटका लगा, अब इस दिग्गज अंपायर ने भी पाकिस्तान जाने से किया इनकार

नई दिल्ली पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी से पहले एक और बड़ा झटका लगा है. बड़ी खबर है कि अंपायर नितिन मेनन ने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी पैनल में शामिल ये अंपायर पाकिस्तान नहीं जा रहा है. इससे पहले भारतीय टीम ने भी पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था, अब भारतीय अंपायर नितिन मेनन ने भी ये फैसला लेकर पीसीबी को बड़ा झटका दिया है. यही वजह है कि चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जारी अंपायरों की लिस्ट में नितिन मेनन का नाम ही नहीं है. ये अंपायर करेंगे चैंपियंस ट्रॉफी में अंपायरिंग चैंपियंस ट्रॉफी में कुमार धर्मसेना, क्रिस गैफनी, माइकल गॉफ, एड्रियन होल्डस्टॉक, रिचर्ड इलिंगवर्थ, रिचर्ड केटलब्रॉ, एहसान रजा, पॉल राइफल, शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, रॉडनी टकर, एलेक्स वॉर्फ, जोएल विल्सन जवागल श्रीनाथ भी बाहर बड़ी खबर ये है कि भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और आईसीसी के बेहद अनुभवी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ भी चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हैं. उन्हें भी मैच रेफरी के पैनल में मौका नहीं मिला है. डेविड बून, एंड्रयू पायक्रॉफ्ट और रंजन मदुगले चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान मैच रेफरी रहेंगे.   नितिन मेनन और जवागल श्रीनाथ का अनुभव नितिन मेनन 40 टेस्ट में अंपायरिंग कर चुके हैं, जिसमें वो 30 बार मैदान और 10 बार टीवी अंपायर रहे. वनडे में वो 75 मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं. जबकि टी20 में भी उन्होंने 75 मैचों में अंपायरिंग की है. वो 13 महिला टी20 इंटरनेशनल मैचों में भी अंपायरिंग कर चुके हैं. जवागल श्रीनाथ का बतौर मैच रेफरी करियर काफी बड़ा है. ये दिग्गज 79 टेस्ट, 272 वनडे मैचों में मैच रेफरी रह चुका है. इसके अलावा 136 टी20 मैचों में भी उन्होंने ये काम किया है. हाल ही में श्रीनाथ विवादों में आए थे, जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पुणे टी20 में भारतीय टीम को सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी देने के फैसले पर मुहर लगाई थी. श्रीनाथ ने शिवम दुबे के चोटिल होने के बाद हर्षित राणा को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर खिलाने की इजाजत दी थी जिसके बाद काफी ज्यादा विवाद हुआ.   recent visitors 28

बिलासपुर उच्च न्यायालय ने घरेलू हिंसा मामले में देवर-देवरानी पर लगे आरोप को किया खारिज, नाम हटाने के दिए निर्देश

बिलासपुर  बिलासपुर उच्च न्यायालय में आज घरेलु हिंसा मामले में सुनवाई हुई. जिसमें देवर विशाल और उनकी पत्नी पर लगे घरेलू हिंसा के आरोपों को खारिज कर दिया गया है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर दोनों का नाम हटाने के निर्देश दिया है. मामले में शिकायकर्ता ने पति के साथ देवर और देवरानी पर घरेलु हिंसा करने का आरोप लगाया था. कई आवेदन खारिज होने के बाद आज हाईकोर्ट से दोनों को राहत मिली है. दरअसल, बिलासपुर नगर निगम में कार्यरत विकास चौरसिया और सिम्स अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ जागृति तिवारी, दोनों पहले से तलाकशुदा है. मुलाकातों के बाद दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई. दोनों ने एक दूसरे से शादी करने का फैसला किया. दोनों ने दूसरी शादी रचा ली. लेकिन कुछ समय के बाद दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई. आए दिन झगड़े होते रहते थे. जिसके बाद जागृति  ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट में पति विकास के साथ देवर-देवरानी पर घरेलु हिंसा का आरोप लगते हुए परिवाद प्रस्तुत किया. कोर्ट ने नोटिस मिलने के बाद शिकायतकर्ता के देवर विशाल ने आवेदन जमा किया. जिसमें बताया गया कि वह और उनकी पत्नी दोनों पुणे में रहते हैं. माता के निधन की दुखद खबर मिलने पर बिलासपुर गए थे. इसके अलावा सालभर में बमुश्किल ही बिलासपुर जाना होता है. हमने किसी भी प्रकार की प्रताड़ना में शामिल नहीं हैं. लेकिन जेएमएफसी ने आवेदन खारिज कर दिया. इसके बाद सेशन कोर्ट से भी विशाल की अपील खारिज हो गई. दो अपील खारिज होने के बाद  पीड़ित विशाल ने एडवोकेट के माध्यम से हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन प्रस्तुत किया. जिसमें कोर्ट को बताया गया कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 – 2 में स्पष्ट है कि जब संयुक्त रूप से रहते हुए साझा गृहस्थी होती है तब इस प्रकार का अपराध दर्ज हो सकता है. और इस मामले में दोनों ही आरोपी सुदूर पुणे में रहकर नौकरी करते हैं. उनका बिजली बिल और आधार कार्ड भी महारष्ट्र का है. पूरे मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शिकायकर्ता जागृति तिवारी को नोटिस जारी कर विशाल और उनकी पत्नी का नाम कार्रवाई से हटाने का निर्देश दिया है. recent visitors 24

38वें नेशनल गेम्‍स में शुभम गोरा ने जीता गोल्‍ड मैडल, अतिरिक्त आयुक्त शाह सहित अन्य अधिकारियों ने दी बधाई

जयपुर, उद्योग एवं वाणिज्‍य विभाग में कनिष्‍ठ सहायक पद पर कार्यरत शुभम गोरा को 38वें नेशनल गेम्‍स में वूशू में गोल्‍ड मैडल जीतने पर अतिरिक्त आयुक्त एस एस शाह सहित अन्य अधिकारियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उद्योग भवन में  गोरा को माला पहनाकर स्वागत किया गया। शाह ने बताया कि यह मैडल उद्योग विभाग के लिए बेहद खास है।  उन्होंने कहा कि विभाग आगे भी खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सकारात्मक माहौल देगा। recent visitors 43

जया एकादशी एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत, जानें शुभ मुहूर्त

जया एकादशी माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. यह एकादशी विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित होती है और पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजन करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के पापों से छुटकारा मिलता है और वह मोक्ष प्राप्त होता है. पुराणों के अनुसार, जो भक्त इस एकादशी का पालन करते हैं, उन्हें अगले जन्म में दिव्य सुख और विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है. आइए जानते हैं इस साल 2025 में जया एकादशी का व्रत कब है और भगवान विष्णु की पूजा के शुभ मुहूर्त किस- किस समय हैं. जया एकादशी व्रत 2025 तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 7 फरवरी को रात 9 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 8 फरवरी को रात 8 बजकर 15 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 8 फरवरी को रखा जाएगा. जया एकादशी व्रत 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त, तड़के 5 बजकर 21 मिनट से लेकर सुबह के 6 बजकर 13 तक होगा, इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर के 2 बजकर 26 मिनट से लेकर 3 बजकर 10 तक रहेगा. इसके बाद गोदुली मुहूर्त शाम के 6 बजकर 3 से लेकर 6 बजकर 30 तक रहेगा. इस दिन निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 1 बजकर 1 तक रहेगा. जया एकादशी व्रत की पूजा विधि जया एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं. फिर उन्हें पीले वस्त्र, चंदन, पुष्प और धूप-दीप आदि अर्पित करें. भगवान विष्णु को फल, मिठाई और तुलसी दल का भोग लगाएं. इसके बाद विष्णु मंत्रों का जाप करें और व्रत कथा पढ़ें. जया एकादशी व्रत का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है. recent visitors 40