कोटा एयरपोर्ट पर सीएम शर्मा ने महाकुंभ में गैरहाजिर विधायकों से किया सवाल

राजस्थान राजस्थान सरकार द्वारा महाकुंभ स्नान के लिए मंत्रियों और विधायकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में कई मंत्री और विधायक प्रयागराज पहुंचे, जहां कैबिनेट बैठक भी आयोजित की गई। हवाई यात्रा और विशेष स्नान की व्यवस्था के बावजूद कुछ विधायक अनुपस्थित रहे, जिसे लेकर मुख्यमंत्री ने कोटा में उनसे सवाल किया। रविवार को कोटा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगवानी के लिए मंत्री, विधायक और अधिकारी एयरपोर्ट पर मौजूद थे। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा जैसे ही स्वागत के लिए आगे आए, तो सीएम ने उनसे सवाल किया कि वे महाकुंभ में क्यों नहीं पहुंचे। संदीप शर्मा ने बताया कि वह शादी समारोह में व्यस्त थे, इसलिए नहीं जा सके। वहीं, विधायक कल्पना देवी ने जैसे ही सीएम को बुके दिया, तो सीएम ने उनसे भी यही सवाल दोहराया। कल्पना देवी ने स्वीकार किया कि वे अनुपस्थित थीं, जिस पर सीएम ने कहा, आपको आना था, हमें बता देते। मंत्री मदन दिलावर से सवाल सीएम की अगवानी करने वालों में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी शामिल थे। सीएम शर्मा ने उनसे पूछा, कब लौटे? तो दिलावर ने जवाब दिया, रात में ही आ गया। इस पर मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा, गाड़ी में ही सोते हुए आए होंगे। दिलावर ने जवाब दिया कि वे रात 3 बजे पहुंचे थे। 51 किलो पुष्पहार से हुआ स्वागत कोटा पहुंचने पर शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्वागत 51 किलो के पुष्पहार से किया गया। जैन ने कहा कि सीएम के प्रयागराज से सीधे चंबल की धरती कोटा आने से, यहां के लोगों को भी संगम स्नान का पुण्य मिलेगा। सीएम ने जिला अध्यक्षों को साथ लिया जयपुर जयपुर में बीजेपी जिला अध्यक्षों और संगठन की बैठक थी, लेकिन कोटा शहर अध्यक्ष राकेश जैन और देहात अध्यक्ष प्रेम गोचर मुख्यमंत्री की अगवानी के लिए रुके थे। जब सीएम ने पूछा कि वे जयपुर क्यों नहीं गए, तो उन्होंने जवाब दिया कि आपके दौरे के कारण कोटा में रुकना पड़ा। इसके बाद सीएम उन्हें अपने साथ प्लेन से जयपुर लेकर गए। recent visitors 37

प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालुओं की व्यवस्था में जनप्रतिनिधि करें सहयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि दिव्य एवं भव्य महाकुंभ की परिकल्पना को साकार करने के लिए सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। प्रयागराज महाकुंभ में बड़ी संख्या में प्रदेश एवं देश के अन्य भागों से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसे दिव्य एवं भव्य आयोजन में सभी श्रद्धालुओं का सहयोग और अनुशासन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चाक घाट (रीवा) से लेकर जबलपुर, कटनी एवं सिवनी जिलों में यातायात बाधित होने की स्थिति में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, ठहरने एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों से प्रशासन को सहयोग प्रदान करने की अपील की है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विशेष रूप से विंध्य एवं महाकौशल क्षेत्र के समस्त जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों से होकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं की यथासंभव मदद करें। उन्होंने भोजन, ठहरने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। recent visitors 39

फडणवीस ने की राज ठाकरे से मुलाकात, स्थानीय चुनाव में आ सकते है बीजेपी के साथ

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद देवेंद्र फडणवीस की राज ठाकरे से यह पहली मुलाकात है। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? ऐसी संभावना है कि राज ठाकरे और भाजपा स्थानीय चुनाव में साथ आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा विधान परिषद के सदस्य प्रसाद लाड के मुताबिक, राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस को मुंबई के दादर इलाके में शिवाजी पार्क के पास स्थित अपने आवास पर आमंत्रित किया था। हालांकि, लाड ने इस मुलाकात के संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी। ज्ञात हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज ठाकरे ने भी ईवीएम पर सवाल उठाया था। जबकि, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन दिया था। हालांकि, राज ठाकरे की पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़े किए थे। उनकी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार चुनाव जीत नहीं पाया था।   recent visitors 45

कटक वनडे में खराब रोशनी के चलते बाधा हुई उत्पन्न, लाइट जाने पर ओडिशा सरकार का एक्शन

कटक भारत और इंग्लैंड के बीच की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 9 फरवरी (रविवार) को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने चार विकेट से जीत दर्ज करके तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त ले ली.कटक वनडे में खराब रोशनी के चलते बाधा उत्पन्न हुई. फ्लड लाइट में खराबी के कारण करीब 30 मिनट तक मैच रुका रहा. भारतीय पारी के दौरान छठे ओवर के बाद स्टेडियम की एक फ्लड लाइट खराब हो गई. ऐसे में मैच कुछ देर के लिए रुका. फिर जब मुकाबला शुरू हुआ तो एक गेंद बाद फ्लड लाइट का पूरा टावर बंद हो गया. इस मामले को लेकर अब राज्य सरकार ने ओडिशा क्रिकेट संघ (OCA) को कारण बताओ नोटिस दिया है. ओडिशा सरकार के खेल निदेशक सिद्धार्थ दास की ओर से भेजे नोटिस में कहा गया है, 'ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन को निर्देश दिया जाता है कि वह इस मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे और उन व्यक्तियों/एजेंसियों की पहचान करे जो इसके लिए जिम्मेदार थे. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करे.' इस नोटिस में ओसीए से 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है. नोटिस में कहा गया है, 'इस पत्र की प्राप्ति के 10 दिनों के भीतर निष्कर्ष प्रस्तुत किए जाने चाहिए. इस घटना के कारण मैच 30 मिनट के लिए रुका रहा, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों को असुविधा हुई.' ओडिशा राज्य के खेल मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने पहले ही साफ कर दिया था कि ओसीए से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. सूरज मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ स्टेडियम में मौजूद थे. उन्होंने कहा था, 'फ्लड लाइट में गड़बड़ी के बारे में ओसीए से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. ओसीए द्वारा सभी सावधानियां बरतने और व्यापक पूर्व व्यवस्था करने के बावजूद यह घटना हुई.' हालांकि, ओसीए सचिव संजय बेहरा ने कहा कि प्रत्येक फ्लड लाइट टावर को दो जनरेटर से जोड़ा गया था. बेहरा ने संवाददाताओं से कहा, 'जब एक जनरेटर खराब हो गया, तो हमने दूसरा जनरेटर चालू कर दिया, लेकिन जनरेटर को हटाने में कुछ समय लगा, क्योंकि खिलाड़ियों का वाहन टावर और दूसरे जनरेटर के बीच में खड़ा था.' इस बीच, स्टेडियम में मौजूद बाराबती-कटक से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने फ्लडलाइट में आई गड़बड़ी की निंदा की. उन्होंने कहा, 'बाराबती स्टेडियम में जो कुछ हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.'   recent visitors 57

फोन टैपिंग मामला : कैबिनेट मंत्री मीणा के आरोपों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज

राजस्थान राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल बीजेपी पर हमलावर हैं, वहीं शिवसेना (UBT) नेता अरविंद सावंत ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना (UBT) नेता अरविंद सावंत ने कहा, अगर यही बात विपक्ष कहता तो? हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि फोन टैपिंग हो रही है और यह गलत है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को अब भी उनकी कथनी और करनी का अंतर समझ नहीं आ रहा है। किरोड़ी लाल मीणा के बयान से राजनीतिक बवाल हाल ही में किरोड़ी लाल मीणा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे एक जनसभा को संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा था, मुझे उम्मीद थी कि सत्ता बदलने के बाद भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैं निराश हूं कि जिन मुद्दों के लिए मैंने आंदोलन किया, जिनकी वजह से हम सत्ता में आए, वे भुला दिए गए हैं। मेरी जासूसी हो रही है डॉ. मीणा ने दावा किया कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार के कुछ मामलों को उठाया तो 50 फर्जी थानेदारों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है और उनके टेलीफोन की रिकॉर्डिंग की जा रही है। recent visitors 46

NEET UG में टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया में फिर बदलाव, नहीं पूछे जाएंगे ऑप्शनल सवाल

नई दिल्ली देश में MBBSकी सीटें केवल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) से मिलती हैं. रैंक समान अंकों पर टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया से निर्धारित किया जाता है. टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को समान अंकों पर रैंक देता है. इस बार भी टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया बदल गया है. इसके तहत, एक्सपर्ट कमेटी ने रेंडम प्रक्रिया के माध्यम से ऑल इंडिया रैंक देने का निर्णय लिया है. NTA NEET UG 2025 का 7 फरवरी से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. NEET UG का इंफोर्मेशन बुलेटिन, सिलेबस और एग्जाम पैटर्न NTA की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर डाउनलोड किए गए हैं. NEET UG 2025 परीक्षा के भाग B में अब ऑप्शनल प्रश्न नहीं होंगे. दरअसल, कोरोनावायरस महामारी के दौरान ऑप्शनल प्रश्नों और अतिरिक्त समय कैंडिडेट्स को भेजा जाना शुरू हो गया था. 2024 तक, उम्मीदवारों को खुद का चुनाव करना था. लेकिन यह इस साल नहीं होगा. अब कैंडिडेट्स सभी 180 प्रश्नों को कंपल्सरी करेंगे. Biochemistry में 90 प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि Physics and Chemistry में 45 और 45 प्रश्न पूछे जाएंगे. NEET UG 2025 की परीक्षा एकमात्र शिफ्ट में होगी और पेन-पेपर मोड में होगी. टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया में भी बदलाव अब तक, दो विद्यार्थियों के बराबर मार्क्स आने पर एप्लिकेशन नंबर और कैंडिडेट्स की उम्र को टाइ ब्रेकर के रूप में प्रयोग किया जाता था. इस साल से, एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय लेगी. विज्ञान में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, केमिस्ट्री में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, फिजिक्स में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, अगर ये बराबर हो तो    जिस कैंडिडेट के बायोलॉजी में अटेम्प्ट किए गए सवाल कम गलत हैं, अगर ये बराबर हो तो    जिस कैंडिडेट के केमिस्ट्री और फिजिक्स के सवाल कम गलत हैंऔर अगर ये बराबर हैं. अगर ऊपर दिए गए सभी क्राइटेरिया फेल होते हैं तो इंडीपेंडेंट एक्सपर्ट कमेटी एक रैंडम प्रोसेस से फैसला लेगी. दूर के सेंटर नहीं चुन सकेंगे कैंडिडेट्स NEET UG 2025 का आवेदन फॉर्म भरते समय विद्यार्थी अपनी पसंद से तीन शहर चुन सकते हैं जहां परीक्षा होगी. इसके लिए प्रायोरिटी वाइज सेंटर भरने की जरूरत है. इस बार कैंडिडेट्स अपने पर्मानेंट या निवास स्थान के आस-पास के तीन सेंटर ही चुन सकते हैं; वे अपने शहर या पड़ोसी शहर से चुन नहीं पाएंगे. 3 घंटे पहले आना होगा एग्जाम सेंटर NEET UG 2025 की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी. परीक्षा स्थानों पर 3 घंटे पहले प्रवेश होगा. 1.30 बजे तक सभी कैंडिडेट्स को परीक्षा स्थल पर पहुंचना होगा. कैंडिडेट्स को इसके बाद एंट्री नहीं दी जाएगी. recent visitors 32

दो लोगों से शेयर में निवेश के नाम पर 40 लाख का फ्रॉड

रायपुर एक बुजुर्ग इंद्र मोहन सिंघल के साथ साइबर ठगों ने शेयर में निवेश करने के नाम पर साढ़े 31 लाख रुपए की धोखाधड़ी की. ठगों ने उनसे इंस्टाग्राम आईडी पर मैसेज भेज कर संपर्क किया. शेयर कारोबार की ट्रेनिंग देने के नाम पर उन्हें एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया. इसमें ढाई सौ से ज्यादा लोग सदस्य थे और ग्रुप एडमिन भी थे. ग्रुप में शेयर को लेकर जानकारी दी जाती थी. उन्हें बताया गया कि इस ग्रुप के जरिए निवेश करने पर काफी फायदा होगा. बुजुर्ग ठगों के झांसे में आ गए और धीरे-धीरे करके साढ़े 31 लाख रुपए ठगों के बताए एकाउंट में भेजकर फर्जी कंपनियों में निवेश किया. हालांकि उन्हें निवेश की रकम वॉट्सएप ग्रुप में ठगों द्वारा दी गई आईडी में दिखती रही. लेकिन जब उन्होंने रकम को वापस लेने का प्रयास किया तब धोखाधड़ी का पता चला. इसी तरह की एक शिकायत खम्हारडीह थाने में कचना निवासी महावीर तावणिया ने भी की है. साइबर ठगों ने स्टॉक मार्केट में निवेश का झांसा देकर उनसे 6 लाख 90 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए. मोवा पंडरी और खम्हारडीह पुलिस मामले की जांच कर रही है.   recent visitors 50