गन्ना कटाई के लिए महाराष्ट्र गए सात बच्चों सहित 17 मजदूरों को बनाया बंधक, पुलिस ने कराया मुक्त

बुरहानपुर गन्ना कटाई के लिए महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के गंभीरवाड़ी गांव ले जाए गए बंभाड़ा गांव के सात बच्चों व दस महिला-पुरुषों को बंधक बना कर काम कराने का मामला सामने आया है। शाहपुर थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मंगलवार को उन्हें मुक्त करा बुरहानपुर ले आई है। इस संबंध में गमा बारेला निवासी चांदगढ़ बंभाड़ा ने कलेक्टर को आवेदन दिया था। इस पर 29 जनवरी को कलेक्टर ने एसपी देवेंद्र पाटीदार को पत्र जारी कर बंधकों को मुक्त कराने का आदेश दिया था। शिकायत में बताया गया था कि भाया पुत्र देवसिंह निवासी वड़ीधरण तहसील यादव जिला जलगांव महाराष्ट्र द्वारा मजदूरों को सतीष पांढरे निवासी गंभीरवाड़ी तहसील कलम महाराष्ट्र के खेत में गन्ना कटाई के लिए ले गया था। मोबाइल भी छीन लिया था एक सप्ताह बाद मजदूरों ने सतीष पांढरे से राशन के लिए रुपये मांगे तो उसने देने से इनकार कर दिया। उन्हें थोड़ा-थोड़ा राशन दिया जाता था। करीब चार माह बाद जनवरी में जब मजदूरों ने अपनी मजदूरी के रुपये मांगे तो सतीष ने इससे भी इनकार कर दिया और उनके साथ मारपीट करने लगा। उसने मजदूरों के मोबाइल भी छीन कर रख लिए थे। इसके चलते वे किसी से मदद नहीं मांग पा रहे थे। एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने एएसआई महेंद्र पाटीदार, महिला प्रधान आरक्षक शाबाई मौर्य, संस्था जन साहस के लीगल को-आर्डिनेटर सीएस परमान, राज्य समन्वयक माश्मीन खान व एफओ देवभोरे की टीम गठित कर 11 फरवरी को रवाना की थी। उस्मानाबाद कलेक्टर और स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने मजदूरों को मुक्त कराया और बुरहानपुर ले आई। कहीं दर्ज नहीं होता पलायन जिले के खकनार व नेपानगर क्षेत्र से हर साल हजारों की संख्या में मजदूर पलायन कर महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों में मजदूरी करने जाते हैं। कुछ साल पूर्व तत्कालीन कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों को पलायन करने वाले मजदूरों की जानकारी एक रजिस्टर में संधारित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इनका पालन नहीं किया गया। recent visitors 59

ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस कर्मियों के लिये आयोजित हुई प्रदेश स्तरीय कार्यशाला

भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस (टी.एल.एम.) कर्मियों की दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में प्रदेश के टी.एल.एम. उपसंभाग के 40 कर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में लाइन कर्मियों को नेतृत्व कौशल, टीम वर्क के साथ सहायक एवं समावेशी तरीके से कार्य करने के अलावा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने कहा कि इस तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य ट्रांसमिशन कंपनी में नये टीम लीडर तैयार करना है, जो पावर सेक्टर में बदलती परिस्थितियां और बढ़ती चुनौतियों का सफलता पूर्वक सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि एम.पी. ट्रांसको को देश की सर्वश्रेष्ठ ट्रांसमिशन कंपनी बनाये रखने के लिये वर्तमान कार्यशैली में बदलाव की आवश्यकता है। इस तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाएं कर्मियों के आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने में सहायक हो रही है। सभी ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस कर्मियों को बेयरहेंड मेंटेनेंस के साथ-साथ हॉट लाइन मेंटेनेंस की ट्रेनिंग लेना चाहिए, ताकि वो लाइन मेंटेनेंस की सभी विधाओं में पारंगत हो सके। उन्होंने कर्मियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के बारे में जाना और उन्हें दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। पहली बार वरिष्ठ लाइन कर्मियों ने भी दिया प्रशिक्षण मुख्य अभियंता श्री संदीप गायकवाड़ की परिकल्पना पर एम.पी. ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस कर्मियों के लिये पहली बार इस तरह की कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें मुख्य बात यह रही वरिष्ठ लाइन कर्मियों श्री गप्पू सिंह इटारसी एवं जबलपुर के श्री मंगल पनिका, श्री राजेन्द्र कुशवाहा आदि ने न केवल प्रशिक्षण प्राप्त किया बल्कि उन्होंने साथियों को जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य के साथ किस तरह विभिन्न परिस्थितियों में संयम के साथ कार्य निष्पादित करना है, इस संबंध में अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने मेंटेनेंस के महत्वपूर्ण गुर भी सिखाये।   recent visitors 64

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में सतत एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी और नवाचारों पर पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

भोपाल वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग प्रोग्राम ने इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एयर ब्रीथिंग इंजन (आईएसएबीई) के सहयोग से 7-8 फरवरी, 2025 को सस्टेनेबल एयरोस्पेस टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन (आईसीएसएटीआई 2025) पर अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया। सम्मेलन की शुरुआत से पहले, सभी प्रतिभागियों के लाभ के लिए गैस टर्बाइन प्रौद्योगिकी पर एक प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशाला भी आयोजित की गई।वीआईटी विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष श्री शंकर विश्वनाथन, डॉ. जयरामन को सम्मानित करते हुए किशोर-अध्यक्ष यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल और पूर्व रोल्स रॉयस एशिया-पैसिफिक अध्यक्ष। सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. सुरेश संपत, क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी, यूके (सबसे दाएं) और मुख्य अतिथि पद्म श्री डॉ. अजय कुमार रे (सबसे बाएं) देख रहे हैं।उद्घाटन समारोह में वीआईटी विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष श्री शंकर विश्वनाथन ने मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रोफेसर अजय कुमार रे (निदेशक, जेआईएस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज एंड रिसर्च; पूर्व निदेशक, आईआईईएसटी शिबपुर; पूर्व प्रोफेसर, आईआईटी खड़गपुर) को सम्मानित किया। आईआईटी दिल्ली सोनीपत परिसर के अटल इनक्यूबेशन सेंटर के सीईओ डॉ. आलोक पांडे ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। यह सस्टेनेबल एयरोस्पेस इंजीनियरिंग सम्मेलन भारत में एयरोस्पेस के क्षेत्र में ऐसे अग्रणी सम्मेलनों में से एक है।प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति जिन्होंने इस सम्मेलन में डॉ. फ्रैंक हेसलबैक, अध्यक्ष, ISABE और वरिष्ठ उपाध्यक्ष, AIRBUS; डॉ. सामी गिरगिस एसोसिएट डायरेक्टर, प्रैट एंड व्हिटनी, कनाडा ने ऑनलाइन मुख्य भाषण के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ICSATI 2025 में 9 मुख्य सत्र, 7 तकनीकी सत्र, 2 पैनल चर्चाएँ, तकनीकी कार्यक्रम: स्पेस टैंक और एक शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। IIT, NITS, DRDO, VSSC और ISRO और अन्य विश्वविद्यालयों जैसे विभिन्न संस्थानों और उद्योगों के शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किए। विजेताओं को डॉ. जी. विश्वनाथन सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया।सबसे पहले, स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डीन डॉ. एस. बालागुरु ने सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्रो वाइस चांसलर डॉ. टी.बी. श्रीधरन ने एयरोस्पेस नवाचारों में स्थिरता के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने शीर्ष प्रबंधन चांसलर माननीय डॉ. जी. विश्वनाथन, उपाध्यक्ष श्री शंकर विश्वनाथन, सहायक उपाध्यक्ष सुश्री कधंबरी एस. विश्वनाथन और ट्रस्टी मैडम रमानी बालासुंदरम को उनके समर्थन और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत जी.के. ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। recent visitors 73

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा तिलका मांझी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय गौरव श्रद्धेय बाबा तिलका मांझी की जयंती पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अधिकारों एवं संस्कृति की रक्षा के लिए 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले ही बाबा तिलका मांझी ने संघर्ष का बिगुल फूंका था। ब्रिटिश सत्ता को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए किए गए उनके प्रयास इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र सदैव बाबा मांझी का ऋणी रहेगा।   recent visitors 58

ओपनएआई के सीईओ, सैम ऑल्टमैन ने कहा, भारत एआई का एक बड़ा बाजार है

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उद्योगों और ग्लोबल टेक्नोलॉजी लैंडस्केप को फिर से परिभाषित कर रहा है। साथ ही भारत इस क्रांति में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। यह बयान पेरिस में चल रही एआई एक्शन समिट में ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स द्वारा दिए गए। एआई एक्शन समिट का तीसरा संस्करण एआई गवर्नेंस के लेकर वैश्विक संवादों की सीरीज में लेटेस्ट है और इसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी एआई क्षेत्र में भारत की बढ़ती हुई क्षमता से अवगत हैं। ओपनएआई के सीईओ, सैम ऑल्टमैन ने कहा, "भारत एआई का एक बड़ा बाजार है। साथ ही हमारी कंपनी के लिए दूसरी सबसे बड़ी मार्केट है। बीते एक वर्ष में यहां हमारे यूजर्स की संख्या तीन गुना बढ़ी है।" उन्होंने आगे कहा, "भारत के लोग स्टैक, चिप, मॉडल और कई असाधारण एप्लीकेशन बना रहे हैं। एआई क्रांति में भारत को एक लीडर के रूप में उभरना चाहिए।" गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि एआई के क्षेत्र में भारत में फ्रंट से नेतृत्व करने की क्षमता है। ग्लोबल टेक लीडर्स ने बताया कि अच्छा टैलेंट पूल और एआई टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने के कारण भारत एआई इनोवेशन, विकास और उसे लागू करने में तेजी से आगे बढ़ने को तैयार है। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला ने कहा, "भारत इंडिक भाषाओं के क्षेत्र में और एआई का उपयोग करके अपने उद्योगों में बदलाव ला सकता है।" साथ ही कहा, "देश में एआई के क्षेत्र में बड़ा काम करने के लिए गणित प्रतिभा, शैक्षणिक संस्थान और अनुसंधान संस्थान हैं।" एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भारत से "अपनी खुद की एआई का निर्माण करने" का आग्रह किया। हुआंग ने कहा कि देश में अगली पीढ़ी "एआई डिलीवरी के लिए बैक-ऑफिस होगी।" आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा के अनुसार, "भारत में विशाल जनसंख्या और डेटा वेल्थ एआई परिदृश्य में एक अद्वितीय लाभ बनाने में मदद करेगी।" बॉश टेक कंपास सर्वे 2025 के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक भारतीयों ने एआई-संबंधित स्किल में सक्रिय रूप से स्व-शिक्षा प्राप्त की है। एमेरिटस ग्लोबल वर्कप्लेस स्किल्स स्टडी 2025 के मुताबिक, भारत की एआई अपनाने की दर विश्व स्तर पर सबसे अधिक है, पेशेवर करियर की सफलता के लिए एआई स्किल को प्राथमिकता दे रहे हैं। लगभग 94 प्रतिशत भारतीय पेशेवरों का मानना ​​है कि एआई स्किल में महारत हासिल करने से उनके करियर के विकास में तेजी आएगी। एएमडी की सीईओ लिसा सु ने कहा कि एएमडी के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण है और हमारी उत्पाद लाइन का हर पहलू यहां भारत में हमारे डिजाइन सेंटर से होकर गुजरता है। सु ने आगे कहा कि भारत को एक आवश्यक विकास केंद्र माना जाता है। अमेरिका के बाद एएमडी की सबसे बड़ी अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) सुविधा बेंगलुरु में है। recent visitors 56

भोपाल मंडल में मॉक ड्रिल का सफल आयोजन, आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन

भोपाल मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में एवं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री विजय शंकर गौतम के नेतृत्व में आज दिनांक 11 फरवरी 2025 को भोपाल मंडल के बुदनी-नर्मदापुरम  रेलखंड पर मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे की तत्परता, समन्वय और बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को परखना था। मॉक ड्रिल की परिकल्पना के अनुसार, सुबह 11:56 बजे नर्मदापुरम  स्टेशन मास्टर द्वारा भोपाल कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि बुदनी-नर्मदापुरम  खंड पर एक इंजीनियरिंग मशीन (रेल ग्रिलिंग मशीन – RGM) पटरी से उतर गई है, जिससे 10-12 रेलवे कर्मचारी घायल हो गए हैं। इस सूचना के आधार पर तत्काल प्रतिक्रिया शुरू की गई। भोपाल और इटारसी में हूटर बजाकर आपातकालीन स्थिति की तैयारी की गई। भोपाल और इटारसी से दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन (ARMV) को समय पर तैयार कर रवाना किया गया। भोपाल से दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) को भी त्वरित रूप से तैयार किया गया। इस दौरान सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी (ADSO) श्री ममलेश यादव, इंजीनियरिंग, सिग्नल और ट्रैफिक विभाग के सेफ्टी काउंसलर, सहायक मंडल अभियंता (AEN) भोपाल, सभी विभागों के पर्यवेक्षक, जीआरपी, आरपीएफ तथा स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर समय पर पहुंच गए। इसी के साथ डीआरएम कार्यालय भोपाल में मंडल रेल प्रबंधक और अन्य शाखा अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए तुरंत कंट्रोल रूम में पहुंचे। इस मॉक ड्रिल को दोपहर 12:32 बजे सफलतापूर्वक पूरा घोषित किया गया। यह मॉक ड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारियों की तत्परता, समयबद्धता और सतर्कता का परीक्षण करने के लिए आयोजित की गई थी। इस दौरान भोपाल मंडल की टीम ने त्वरित और संगठित कार्रवाई की, जिससे रेलवे की आपातकालीन सेवाओं की दक्षता और प्रभावशीलता का प्रदर्शन हुआ। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में रेलवे कर्मचारियों को संगठित और समन्वित प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित करना है। इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां यह सुनिश्चित करती हैं कि रेलवे किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सतर्क और पूरी तरह तैयार है। recent visitors 59

मढ़ई कोर क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित

भोपाल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम के पर्यटन स्थल मढ़ई को प्लास्टिक मुक्त कर दिया गया है। मढ़ई में जंगल सफारी करने वाले पर्यटक प्लास्टिक की बोतल में पानी और पॉलिथिन में सामग्री नहीं ले जा सकेंगे। जंगल सफारी पर जाने वाले टूरिस्ट को टिकिट काउंटर या गेट पर ही प्लास्टिक और पॉलिथिन को जमा करना होगा। मढ़ई पार्क प्रबंधन ने बुधवार 12 फरवरी से मढ़ई कोर क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। पार्क प्रबंधन द्वारा पर्यटकों को पानी ले जाने के लिये स्टील, एल्युमिनियम की पानी की बोतल और कपड़े का थैला भी उपलब्ध कराया जायेगा। पर्यटक बोतल एवं कपड़े का थैला किराये से अथवा खरीद भी सकते हैं। recent visitors 63