मधुमिलन चौराहा इंदौर का एकमात्र ऐसा चौराहा जहां पर छह सिग्नल से यातायात काबू किया जाएगा

इंदौर  छह रास्तों के मिलन वाले मधुमिलन चौराहा इंदौर शहर का एकमात्र ऐसा चौराहा होगा, जहां पर 100 मीटर के दायरे में अलग-अलग जगहों पर लगे छह सिग्नल से यातायात काबू किया जाएगा। गुरुवार को नगर निगम ने रेसीडेंसी कोठी में आयोजित बैठक में मधुमिलन चौराहे को लेकर यातायात प्लान जारी किया है। इस प्लान के अनुसार छह रास्तों से आने वाले यातायात को कंट्रोल करने के लिए छह सिग्नल लगाए जाएंगे। 15 दिनों तक इस नए प्रयोग का ट्रायल किया जाएगा। यातायात प्लान जारी किया इसके बाद सबकुछ ठीक रहने पर लागू कर दिया जाएगा। हालांकि यातायात प्रबंधन ने नगर निगम के इस प्लान को अमल में लाने की तारीख तय नहीं की है। रेसीडेंसी कोठी में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य की मौजूदगी में निगम अफसरों ने चौराहे का यातायात प्लान जारी किया। हर सिग्नल 30 सेकंड का होगा इसके अनुसार चौराहे पर छह जगहों पर सिग्नल लगाए जाएंगे। प्रत्येक सिग्नल अलग-अलग ओर से आने वाले यातायात को काबू करेगा। प्रत्येक सिग्नल 30 सेकंड का होगा। 150 सेकंड में पूरे चौराहे का यातायात गुजर जाएगा। अफसरों ने प्रजेंटेशन के माध्यम से प्लान समझाया। 15 दिनों तक ट्रायल किया जाएगा इसके बाद बताया कि इसके अनुसार 15 दिनों तक ट्रायल किया जाएगा। सफल होने पर लागू करेंगे। यातायात प्रबंधन के पुलिस उपायुक्त अरविंद तिवारी ने बताया कि उक्त चौराहे के यातायात प्लान का प्रपोजल देखा जा रहा है। जल्द ट्रायल बेस पर चलाया जाएगा। अभी तारीख तय नहीं हुई है। लेफ्ट टर्न के लिए जगह नहीं गीताभवन की ओर से आने वाला यातायात के लिए फिलहाल लेफ्ट टर्न की जगह नहीं है। यहां पर बाटल नेक बना हुआ है, जिससे यातायात खुलने पर ही वाहन शिवाजी वाटिका, छावनी, सरवटे की ओर जा पाएंगे। सरवटे की ओर से आने वाले यातायात के लिए एक साथ दो सिग्नल शुरू होंगे। पहला सिग्नल गीताभवन और रीगल की ओर जाने के लिए होगा। वहीं दूसरा सिग्नल जो कि पेट्रोल पंप पर लगेगा, से शिवाजी वाटिका व छावनी की ओर का यातायात रवाना होगा। recent visitors 42

प्रदेश में हवाओं के आगमन की दिशा में हुआ परिवर्तन, फिर तापमान बढ़ने की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिर से बदलने की संभावना जताई गई है. प्रदेश में हवाओं के आगमन की दिशा में परिवर्तन हुआ है. जिससे न्यूनतम तापमान में फिर से वृद्धि का दौर शुरू होने की संभावना है. 13 फरवरी को प्रदेश में सबसे ठंडा बलरामपुर रहा, यहां 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बताया कि 14 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर से आ रही हवाओं की दिशा बदल गई है. जिसके चलते न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी का दौर फिर से शुरू होने की संभावना है. पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. शेष क्षेत्र में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई. छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ, लेकिन तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, तत्पश्चात 1-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है. राजधानी रायपुर में आज का मौसम राजधानी रायपुर में 14 फरवरी को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और रात में 18 डिग्री तापमान रहने की संभावना है. recent visitors 43

बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील गांवों में करीब 40 साल बाद होंगे पंचायत चुनाव

जगदलपुर बस्तर संभाग के सात जिलों की तस्वीर बदल रही है। पहले इन जिलों में वोट डालने पर नक्सली अंगुली काटने की धमकी देते थे। अब वहां चुनाव प्रचार का शोर सुनाई दे रहा है। इन जिलों के अतिसंवेदनशील गांवों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों का प्रचार अभियान जोर पकड़ चुका है। नक्सलियों के प्रभाव वाले इन क्षेत्रों में दो साल के भीतर 40 से अधिक नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। क्षेत्र में शांति लौटी है। नक्सलवाद अंतिम सांसे गिन रहा है। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। नक्सली धमकी और डर को लोग दरकिनार कर चुके हैं। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज बस्तर के जीवट लोग अब चुनाव का उत्सव मनाने को तैयार हैं। बस्तर संभाग की कुल 1,855 पंचायतों में तीन चरणों में 17, 20 और 23 फरवरी को चुनाव होने हैं। सड़क से जुड़ा पामेड़, अब चुनाव का उत्साह बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील गांव पामेड़ में प्रचार अभियान जोरों पर है। इसी माह पामेड़ को बीजापुर जिले से जोड़ कर यहां तक बस सेवा शुरू की गई है। इससे बीजापुर जिला मुख्यालय से पामेड़ की दूरी 100 किमी कम हुई है। पहले महाराष्ट्र से होकर गांव तक जाना पड़ता था। बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) यहां पक्की सड़क का निर्माण कर रहा है। पामेड़ के लोग इस बात को लेकर उत्साहित है और वे अब गांव का विकास चाह रहे हैं। बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि जिले में 50 से अधिक अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र हैं, जहां इस बार चुनाव होने हैं। अंदरूनी क्षेत्रों में नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना के बाद गांव का विकास होने से लोगों में लोकतंत्र पर भरोसा बढ़ा है। हिड़मा के गांव के लोग पहली बार देंगे वोट सुकमा जिले में नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में इस बार मतदान होगा। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यहां के लोगों ने विस्थापित मतदान केंद्र सिलगेर में मतदान किया था। गांव के माड़वी मंगू ने बताया कि गांव के लोग चुनाव को लेकर उत्साहित हैं। ग्रामीण अब अपने गांव में सड़क, बिजली, पानी की सुविधा चाहते हैं। आस-पास के गांव में नवीन सुरक्षा कैंप आने के बाद हुए बदलाव से लोग प्रभावित हैं और लोगों का लोकतंत्र पर भरोसा मजबूत हुआ है। सुकमा कलेक्टर देवेश ध्रुव ने बताया कि सुकमा जिले में 60 संवेदनशील और 25 अंति संवेदनशील पंचायतों में भी इस बार चुनाव होने हैं। नए सुरक्षा कैंपों के खुलने के बाद से नक्सली इन क्षेत्रों से पीछे हटे हैं, जिससे इन पंचायतों में करीब 40 साल बाद चुनाव होंगे। हत्याओं के बावजूद उत्साह बस्तर में पिछले दो वर्ष में सुरक्षा बल निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। लोकतंत्र की स्थापना होते देख नक्सलियों ने राजनेताओं की लक्षित हत्याएं की हैं। सबसे अधिक निशाने पर भाजपा नेता रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक एक दर्जन भाजपा नेताओं की हत्या की गई है। इसके बावजूद पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है।   recent visitors 49

नीति के तहत भोपाल में पांच नई तहसीलों का गठन होगा, लोगों को अपने आवास क्षेत्र में ही तहसील कार्यालय में कार्य करवाना आसान हो जाएगा

भोपाल भोपाल वासियों को जमीन से लेकर राजस्व के मामले को निपटाने के लिए अब दूर नहीं जाना होगा। जिला पुनर्गठन के प्रशासनिक प्रस्ताव पर शासन जल्द ही अंतिम मुहर लगाएगा। जिला प्रशासन द्वारा भेजे प्रस्ताव में शासन की ओर से मांगी गई आपत्तियों पर एसडीएम और तहसीलदार को 15 दिन में जवाब देना है। नीति के तहत भोपाल में पांच नई तहसीलों का गठन होगा। मौजूदा तीन तहसीलों के साथ पांच नई तहसीलों(Five New Tehsil) के साथ फिर कुल संख्या आठ हो जाएगी। इससे लोगों को अपने आवास क्षेत्र में ही तहसील कार्यालय में कार्य करवाना आसान हो जाएगा। जिले में 3 से बढ़कर होंगी 8 तहसीलें राजधानी में वर्तमान में तीन तहसीलें और पांच नजूल-वृत्त क्षेत्र में काम किया जा रहा है। हुजूर, कोलार और बैरसिया को तहसील का दर्जा मिला है। करीब पांच साल पहले कोलार तहसील का गठन किया गया था। वहीं, तीन तहसीलों के अलावा पांच नजूल-वृत्त क्षेत्र यानी संत हिरदाराम नगर, शहर, गोविंदपुरा, टीटी नगर और एमपी नगर में भी काम किया जा रहा है। गठन के बाद जिले में कुल 8 तहसीलें हो जाएंगी। 10 बदलाव प्रस्तावित ● मौजूदा उपनगर ही नई तहसील बनेंगे। बैरागढ़, कोलार, भेल गोविंदपुरा, पुराना शहर व नया शहर, नर्मदापुरम रोड की नई तहसील होंगी। ● नई तहसीलें दूरी व क्षेत्रफल के अनुसार अलग से नजूल क्षेत्र तय करेंगे। ● शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का नक्शा अलग किया जाएगा। ● जिला-तहसील क्षेत्रों को नगर निगम के वार्ड से भी जोड़ा जाएगा। ● तहसील व नजूल में तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। ● शहरी क्षेत्र की तहसीलों में आबादी चार लाख के भीतर तय की जाएगी। गांव को जोड़-घटाकर नई तहसीलों का होगा गठन  गोविंदपुरा नजूल क्षेत्र में 19 राजस्व ग्राम है, इनमें सात नए जोड़कर 26 राजस्व गांवों की नयी तहसील बनेगी।  हुजूर तहसील में 198 राजस्व गांवों है। यहां से 160 राजस्व गांवों को हटाया गया था, 38 राजस्व गांवों की तहसील बनाई जाएगी। संत हिरदाराम नगर सर्कल में 17 राजस्व गांव है। इसमें हुजूर के 18 गांवों को जोड़कर 36 गांवों की तहसील बनाई जाएगी। टीटी नगर सर्कल में संत हिरदाराम नगर के 12 राजस्व गांव और हुजूर के 21 राजस्व गांवों को जोड़कर 38 गांवों की तहसील बनेगी। एमपी नगर सबसे छोटा सर्कल हैं। इसमें 8 गांवों के साथ हुजूर के 16 और कोलार के 2 राजस्व गांवों को जोड़कर 26 गांवों की तहसील बनेंगी। कोलार तहसील में 55 से अधिक राजस्व गांव हैं। इसके 22 गांवों को घटाकर 33 गांवों की तहसील बनाई जाएगी। इसलिए जरूरी पुनर्गठन अभी जिले में कोलार, हुजूर व बैरसिया तहसील हैं। आठ नजूल क्षेत्र हैं। इनके एसडीएम है। कोलार, बैरसिया को छोडकऱ बाकी में तहसील(Five New Tehsil) कार्यालय अन्य क्षेत्रों में हैं। एमपी नगर नजूल कोलार तहसील में है तो बैरागढ़, हुजूर, ओल्ड सिटी नजूल पुराने शहर में कलेक्ट्रेट में है। गोविंदपुरा भी पुराने शहर के कलेक्टे्रट में है। हुजूर तहसील में शहर व ग्रामीण का 70 फीसदी क्षेत्र है जिससे काम कठिन होता है। जिले के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है। लोगों की सुविधा की दृष्टि से बेहतर योजना तय की जा रही है। इससे सबको लाभ होगा। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर recent visitors 48

नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 4 लेन के दो प्रमुख फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इनमें 270 करोड़ रुपये की लागत से बना इंदिरा नगर सेक्टर 25 से खुर्रमनगर-कल्याणपुर फ्लाईओवर (3 किमी) और 170 करोड़ रुपये की लागत से बना पॉलिटेक्निक से मुंशी पुलिया चौराहा फ्लाईओवर (2 किमी) शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुल 588 करोड़ रुपये की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार द्वारा लखनऊ को न केवल एयरो सिटी बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हो रहा है और राज्य के हर नागरिक को बेहतर बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ को 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसमें 440 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं और करीब 600 करोड़ रुपये की विभिन्न राज्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को मेट्रो शहरों की तरह विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सीएम योगी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने से लेकर झांसी में बड़े प्रोजेक्ट्स को लाकर यूपी को डिफेंस निर्माण का केंद्र बनाने में रक्षा मंत्री का योगदान अमूल्य है। लखनऊ के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने बताया कि स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर लखनऊ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर, किसान पथ, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं लखनऊ को विश्व स्तरीय शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए लखनऊ को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है महाकुम्भ- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ के ऐतिहासिक आयोजन को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ 2025 में अब तक 50 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, जो उत्तर प्रदेश की शक्ति और व्यवस्थागत कुशलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज महाकुम्भ में लोगों की सैंकड़ों वर्षों से दबी हुई भावनाओं को सम्मान मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ का आयोजन स्थल रक्षा मंत्रालय की भूमि पर होता है और पिछले आठ वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार को यह भूमि लीज पर सहजता से प्राप्त हो रही है। इस बार पहली बार श्रद्धालु अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से सीमित पहुंच में रखा गया था। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ में असाधारण भीड़ को संभालने के लिए सड़क मार्ग, रेलवे और वायु मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी दी गई है। 40 रेगुलर फ्लाइट्स प्रयागराज को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रही हैं, वहीं रेलवे द्वारा सैकड़ों मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। सड़क मार्ग से सबसे अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं और इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत विभिन्न सड़क परियोजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया और सुचारू व्यवस्थाओं के कारण कोई अव्यवस्था नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ न केवल आस्था का महापर्व है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कुंभ पर खर्च को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन यह निवेश प्रयागराज के संपूर्ण पुनरुद्धार के लिए किया गया है। महाकुम्भ पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बदले में उत्तर प्रदेश को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ होने जा रहा है। यह आयोजन पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा प्रोत्साहन देगा। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 जनवरी को प्रयागराज में सामूहिक स्नान कर महाकुम्भ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया ब्रिज और यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह महाकुम्भ जैसे आयोजनों को सुगम बनाने के साथ-साथ प्रयागराज की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘नए भारत का नया उत्तर प्रदेश’ बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं और राज्य को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब विश्व स्तरीय सुविधाओं का अनुभव कर रही है और प्रदेश में निवेश, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण – बसंतकुंज योजना के निकट नागरियाकला में 400 केएल एवं जी-20 रोड जनेश्वर मिश्र पार्क के निकट 20 केएल स्ट्रॉम ड्रेनेज हेतु फ्लड पम्पिंग स्टेशन – बसंतकुंज योजना के सेक्टर-आई में 6 डीप नलकूप सीजी सिटी में हार्मनी पार्क (म्यूजिकल एवं स्पोर्ट्स पार्क) – अहिमामऊ में कल्याण मंडप शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं – कबीरनगर-देवपुर पारा आवासीय योजना में 1,032 ईडब्ल्यूएस आवास एवं सड़क – गोमती पर कुकरैल नदी से बैकुंठ धाम तक 4 लेन ब्रिज – सीजी सिटी योजना के … Read more

पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा- बुमराह की अनुपस्थिति के बिना खेलना सीखें

नई दिल्ली पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति पर टिप्पणी की और उस पल की पहचान की, जब आगामी चैंपियंस ट्रॉफी में 'पसंदीदा' भारत को उनकी मैदान पर मौजूदगी की सबसे अधिक कमी खलेगी। इंग्लैंड पर 3-0 की वनडे सीरीज में जीत हासिल करने के बाद भारत ने अपने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बुमराह की अनुपस्थिति के बावजूद शीर्ष टीमों को धूल चटाकर अपनी क्षमता साबित की। चैंपियंस ट्रॉफी से एक सप्ताह पहले बीसीसीआई ने यह पुष्टि करके धमाका कर दिया कि भारत इस बड़े आयोजन में बुमराह के बिना उतरेगा। बुमराह टूर्नामेंट के लिए समय पर फिट होने के लिए समय के खिलाफ दौड़ में थे। लेकिन उनकी पीठ के निचले हिस्से की चोट उन्हें रोमांचक मुकाबले से दूर रखने के लिए पर्याप्त साबित हुई। हरभजन ने बुमराह के बिना भारत की गहराई का विश्लेषण किया और आश्वस्त थे कि अनुभवी तेज गेंदबाजों के साथ भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी। हरभजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'मुझे अब भी लगता है कि चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ही सबसे पसंदीदा है। बुमराह एक बड़ी ताकत हैं, जो मैच जीत सकते हैं। बुमराह के बिना भी अर्शदीप, शमी, कुलदीप और जडेजा जैसे कई अनुभवी खिलाड़ी हैं। भारत सबसे पसंदीदा है, लेकिन उन्हें पसंदीदा की तरह खेलना होगा।' बुमराह के न होने से तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा को महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। एक बड़ा झटका सहने के बाद भी भारत की बल्लेबाजी इकाई ने फॉर्म में वापसी की है, जिससे उन्हें राहत मिली है। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैचों में अपनी लय खो चुके स्टार बल्लेबाज इंग्लैंड के खिलाफ तीन घरेलू वनडे मैचों के दौरान अपने पुराने अंदाज में लौट आए। भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे वनडे में धमाकेदार शतक लगाया। बल्लेबाजी के उस्ताद विराट कोहली ने अंतिम वनडे में अच्छी गति से अर्धशतक बनाकर अपनी लय हासिल की। ​​शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर के बल्ले से आसानी से रन निकले। इस बड़े इवेंट से पहले भारत के लिए चीजें सही होती जा रही हैं, ऐसे में पूर्व स्पिनर ने रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम को संदेश दिया कि अगर उन्हें टूर्नामेंट जीतना है तो बुमराह के बिना खेलना सीखें। उन्होंने कहा, 'मैं भारत को उसकी क्षमता के कारण पसंदीदा मानता हूं। रोहित फॉर्म में वापस आ गया है, विराट ने रन बनाए हैं, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर रन बना रहे हैं। इसलिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी विभाग अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे लगता है कि बुमराह की कमी आखिरी कुछ ओवरों में महसूस होगी, जब विपक्षी टीम को दो या तीन विकेट के साथ कुछ रन की जरूरत होगी। लेकिन मुझे लगता है कि अगर आप टूर्नामेंट जीतना चाहते हैं, तो आपको बुमराह के बिना खेलना सीखना चाहिए।' भारत 20 फरवरी को दुबई में बांग्लादेश के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी अभियान की शुरुआत करेगा। recent visitors 60

ICC ने Champions Trophy 2025 के लिए खोला खजाना, विजेता टीम को मिलेगी बंपर प्राइज मनी

नई दिल्ली  आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 की शुरुआत में अब एक हफ्ते से भी कम का समय बचा है. इस बार यह टूर्नामेंट पाकिस्तान की मेजबानी में 'हाइब्रिड मॉडल' के तहत खेला जाना है. इसके मुकाबले पाकिस्तान के तीन शहरों (लाहौर, रावलपिंडी, कराची) और दुबई में होंगे. टूर्नामेंट का आगाज 19 फरवरी को कराची में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबले से होगा. वहीं टीम इंडिया भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 20 फरवरी को दुबई में बांग्लादेश से खेलेगी. प्राइज मनी में बंपर इजाफा अब चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आईसीसी ने प्राइज मनी का ऐलान कर दिया है. चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 की विजेता टीम को 2.24 मिलियन डॉलर (लगभग 19.46 करोड़ रुपये) मिलेंगे. वहीं उपविजेता टीम को 1.12 मिलियन डॉलर (लगभग 9.73 करोड़ रुपये) मिलेंगे. सेमीफाइनल हारने वाली दोनों टीम को एक समान 560,000 डॉलर (लगभग 4.86 करोड़ रुपये) मिलेंगे. चैम्पियंस ट्रॉफी में हर मैच मायने रखेगा. ग्रुप स्टेज में मैच जीतने पर टीम को 34000 डॉलर (लगभग 29.53 लाख रुपये) मिलेंगे. जबकि पांचवें एवं छठे स्थान पर रहने वाली टीम को एक समान 350000 डॉलर (लगभग 3.04 करोड़ रुपये) मिलेंगे. जबकि सातवें और आठवें स्थान पर रहने वाली टीम को एक समान 140000 (लगभग 1.22 करोड़ रुपये) डॉलर मिलेंगे. इसके अलावा सभी आठ टीमों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 125000 डॉलर (लगभग 1.09 करोड़ रुपये) की गारंटी दी जाएगी. आईसीसी इस टूर्नामेंट में कुल 6.9 मिलियन डॉलर (लगभग 60 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि बांटेगी. यह 2017 की तुलना में 53 प्रतिशत ज्यादा है. चैम्पियंस ट्रॉफी की प्राइज मनी: (USD डॉलर) विजेता टीम: 2.24 मिलियन डॉलर (19.46 करोड़ रुपये) रनरअप: 1.24 मिलियन डॉलर (9.73 करोड़ रुपये) सेमीफाइनलिस्ट: 5,60,000 डॉलर (4.86 करोड़ रुपये) पांचवें एवं छठे नंबर की टीम: 3,50,000 डॉलर (3.04 करोड़ रुपये) सातवें या आठवें नंबर की टीम: 1,40000 डॉलर (1.22 करोड़ रुपये) ग्रुप स्टेज में जीत: 1,40,000 डॉलर (1.22 करोड़ रुपये) गारंटी मनी: 1,25,000 डॉलर (1.09 करोड़ रुपये) recent visitors 65