Sunday, July 5, 2026 1:56 am

26 फरवरी बुधवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि- मेष राशि वालों की लाइफ में आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा, इसलिए आपको । बातचीत में संयत रहें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। परिश्रम बढ़ेगा, जो आगे चलकर आपको लाभ देगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों को कुछ समस्याएं रहेगीं, लेकिन मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इसके बावजूद आप ऑफिस में सभी का ध्यान अपनी तरफ खीचेंगे। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। कारोबार में वृद्धि होगी। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालो का मन अशांत रहेगा, लेकिन इससे परेशान होनी की जरूरत नहीं। आर्थिक तौर पर आप अच्छे हैं। रिलेशनशिप में संयत रहें। बेकार के क्रोध से बचें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। संतान से सुखद समाचार मिल सकते हैं। खर्च बढ़ेंगे। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए समय अच्छा है। आपके लिए कईअच्छे मौके आ रहे हैं जो आपको लाभ दिलाएंगे। मन परेशान हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग हैं। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। सिंह राशि– सिंह राशि वालों को समाज में सम्मान मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, जिसके लिए आपको पैसा देना होगा। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। कन्या राशि– कन्या राशि वालों के लिए आपका मन आज चंचल रहेगा, बेकार की चिंताओं से मन परेशान हो सकता है। पिता की सेहत का ध्यान रखें। आज अपने खर्च पर कंट्रोल करें, क्योंकि खर्चों की अधिकता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में कठिनाई आ सकती है। इसलिए सतर्क होकर काम करें। भागदौड़ बढ़ेगी। तुला राशि– तुला राशि वालों के लिए आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आपकी लाइफ में इस समय अच्छे योग हैं, इसलिए सोचविचारकर काम करें। मन प्रसन्न तो रहेगा, पर धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी मित्र के सहयोग से किसी संपत्ति से धन प्राप्ति हो सकती है। वृश्चिक राशि– अपनी वाणी के बल पर लोगों को आकर्षित करने में सफल रहेंगे। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। जिन जातकों को नौकरी में प्रमोशन का इंतजार था, उन्हें खुशखबरी मिल सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धनु राशि- धनु राशि वालों का दिन आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। किसी सम्मानित कार्यक्रम में आपको सम्मान भी दिया जा सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। परिवार की किसी बुजुर्ग महिला से धन मिल सकता है। कुल मिलाकर आपके लिए समय अच्छा है। मकर राशि– मकर राशि वालो के करियर में थोड़ी दिक्कत है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बेवजह आपका मन परेशान हो सकता है। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, लेकिन यह बदलाव अच्छा होगा। आय में वृद्धि होगी। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों के लिए मन परेशान रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। पिता का साथ मिलेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। मीन राशि- मीन राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। किसी करीबी से सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। परिवार का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। recent visitors 95

कुंभ यात्रियों के वाहन चालक को आई झपकी, ट्राले से टकराया वाहन, तीन लोगों की मौत, सात लोग घायल

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रयागराज में कुंभ में स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन सड़क किनारे खड़े ट्राले से जा टकराया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि सात लोग घायल हुए हैं। इस हादसे में चाचा-भतीजे की भी मौत हुई है। हादसे की वजह कुंभ यात्रियों के वाहन चालक को झपकी आ जाना बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार नर्मदापुरम निवासी महाकुंभ में स्नान करने प्रयागराज गए थे और वहां से सोमवार की रात को लौट रहे थे तभी उनका वाहन रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र में मढ़ी गांव में पूर्वांचल ढाबा के करीब खड़े एक ट्राले में पीछे से जा टकराया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है जबकि सात लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक महाकुंभ में स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन तेज गति से दौड़ रहा था और इस दौरान वाहन चालक को झपकी आ गई और उसने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। परिणाम स्वरूप यह वाहन सड़क किनारे खड़े ट्राले के पिछले हिस्से में जा घुसा। जो सड़क किनारे खड़ा हुआ था। हादसे में घायल एक व्यक्ति ने बताया कि वहां 10 लोग थे जो महाकुंभ में स्नान करने गए थे। यह वाहन उन्होंने 19 हजार रुपए में बुक किया था। जब लौट रहे थे तभी यह हादसा हो गया। इस हादसे के बाद मौके पर जमा लोगों ने दुर्घटना का शिकार बने लोगों की मदद की और पुलिस प्रशासन को सूचना दी। एंबुलेंस के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सभी घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। इससे पहले बीते रोज ही जबलपुर में कुंभ यात्रियों का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था जिसमें छह लोगों की जान गई थी। सड़क हादसों को रोकने की पुलिस व प्रशासन की ओर से लगातार कोशिश की जा रही हैं। recent visitors 70

सीएम मोहन यादव ने कहा- जीआईएस में जो-जो व्यापार करने आना चाहते हैं, वो सब लोग आ रहे हैं, रिस्पॉन्स अच्छा मिला है

भोपाल केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मंगलवार को मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जीआईएस को लेकर बयान दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जीआईएस मतलब ही यह है कि ग्लोबल लेवल पर जो-जो व्यापार करने आना चाहते हैं, वो सब लोग आ रहे हैं। उसका रिस्पॉन्स अच्छा और उम्मीद से ज्यादा मिल रहा है। पूरी सफलता के साथ समिट संपन्न होगा। प्रदेश की बेहतरी और युवाओं के रोजगार के लिए, आर्थिक रूप से प्रदेश को समर्थ बनाने के लिए ये बहुत जरूरी था और ये हमने किया है। जीआईएस सफल होना परमात्मा के हाथ में है। हम लोग प्रयास कर रहे हैं। रिस्पॉन्स अच्छा मिला है। वहीं, केंद्रीय मंत्री शेखावत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, ऐसे समिट के माध्यम से अपने प्रदेशों में निवेश आमंत्रित और आकर्षित करने को लेकर देश के सभी राज्यों में प्रतिस्पर्धा का माहौल है। मध्य प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आमंत्रित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया है। राज्य में पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों की घोषणा की है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मध्य प्रदेश में हमें बहुत सुनहरा भविष्य पर्यटन के दृष्टिकोण से आने वाले समय में देखने को मिलेगा। बता दें कि भोपाल में सोमवार को शुरू ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच एक लाख करोड़ रुपये का करार हुआ था। राजधानी के मानव संग्रहालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिवसीय समिट का उद्घाटन किया था। पहले दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभिन्न निवेशकों से संवाद किया था। वहीं, सीएम मोहन यादव एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की उपस्थिति में राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच एक लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इससे लगभग 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं का निर्माण एवं विकास किया जाएगा। recent visitors 71

23 लाख के 4 ईनामी माओवादी सहित कुल 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, तीन महिलाएं भी शामिल

  बीजापुर सुरक्षाबलों के लगातार दबाव के साथ जिले में चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों और संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक कलह की वजह से नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं. इस कड़ी में कुल 23 लाख रुपए के ईनामी 4 माओवादी सहित कुल 9 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में PLGA बटालियन क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन में कार्यरत 8 लाख रुपए के ईनामी पार्टी सदस्य, AOB डिवीजन में कार्यरत 5 लाख के ईनामी एसीएम, जगरगुण्डा एरिया कमेटी एवं दक्षिण सब जोनल ब्यूरो में कार्यरत 5 लाख रुपए के ईनामी 2 एसीएम शामिल हैं. आत्मसमर्पित माओवादियों ने कहा कि वे समाज के मुख्यधारा में जुड़कर स्वच्छंद रूप से पारिवारिक जीवन जीना चाहते है. आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 हजार रुपए नगद राशि प्रदान किया गया. वर्ष 2024 में माओवादी कैडर के छोटे-बड़े 189 माओवादी का आत्मसमर्पण, 58 माओवादियों का मारे जाने के साथ 503 माओवादियों के गिरफ्तार होने से माओवादी संगठन कमजोर होते जा रहा है. वर्ष 2025 में अब तक 40 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 101 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और 56 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं. recent visitors 79

इजरायल-अमेरिका कर सकते है परमाणु ठिकानों पर हमला, ईरान पर मंडराया युद्ध का साया, हाई अलर्ट जारी

तेहरान ईरान ने अपने परमाणु स्थलों पर अमेरिका और इजरायल के संभावित हमले की आशंका के बीच ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारियों को संदेह है कि दोनों देश मिलकर उसके परमाणु कार्यक्रम को निशाना बना सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर नजर रखे हुए है। ईरानी सरकार ने अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के संकेत दिए हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति मध्य पूर्व में नई अस्थिरता पैदा कर सकती है। ईरान ने परमाणु स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई, संभावित हमले की आशंका ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इन महत्वपूर्ण स्थलों पर अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली तैनात की है और सुरक्षा को मजबूत किया है। इससे पहले अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने बाइडेन और फिर ट्रंप प्रशासन को इस साल ईरानी परमाणु ठिकानों पर इजरायल के संभावित हमले की चेतावनी दी थी। इजरायल के हमले और ईरान की प्रतिक्रिया ईरान लंबे समय से अपने परमाणु स्थलों को सुरक्षित कर रहा था, लेकिन पिछले एक साल में इसने सुरक्षा उपायों को और तेज कर दिया, खासतौर पर तब से जब इजरायल ने ईरान पर पहली बार हमला किया था। अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'Axios' के अनुसार, इजरायल ने पारचिन सैन्य परिसर पर हवाई हमले किए थे, जहां ईरान कथित रूप से परमाणु हथियारों से जुड़ा रिसर्च कर रहा था। इस हमले में "Taleghan 2" सुविधा को नष्ट कर दिया गया था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, "ईरान हर रात संभावित हमले का इंतजार कर रहा है और सतर्क है, यहां तक कि उन ठिकानों पर भी जो सार्वजनिक रूप से ज्ञात नहीं हैं।" ट्रंप की वापसी और ईरान पर फिर से दबाव डोनाल्ड ट्रंप के जनवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में दोबारा शपथ लेने के बाद, उन्होंने ईरान के खिलाफ "अधिकतम दबाव" नीति को बहाल कर दिया है। यह वही नीति है जो उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अपनाई थी। इस नीति के तहत, अमेरिका ने 2015 के परमाणु समझौते से एकतरफा रूप से खुद को अलग कर लिया था और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिका का आरोप है कि ईरान गुप्त रूप से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जिसे उसने लगातार खारिज किया है। हालांकि, ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ एक नया समझौता करने की बात कही, लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने 15 फरवरी को स्पष्ट कर दिया कि, "अमेरिका से बातचीत करके कोई समस्या हल नहीं होगी।" इजरायल ने दी "अंतिम प्रहार" की धमकी खामेनेई के बयान के एक दिन बाद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश अमेरिका के सहयोग से ईरान के खिलाफ "अंतिम प्रहार" करेगा। नेतन्याहू ने कहा, "पिछले 16 महीनों में, इजरायल ने ईरान के आतंकवादी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के मजबूत नेतृत्व में और अमेरिका के अटूट समर्थन के साथ, मुझे कोई संदेह नहीं कि हम इस कार्य को पूरा करेंगे।" गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल ने गाजा में ईरान समर्थित हमास से युद्ध छेड़ दिया था। इसके अलावा, उसने लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन और इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों से भी संघर्ष किया है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वॉल्ट्ज ने पिछले सप्ताह कहा कि, "ईरान एक तानाशाही शासन है, जिसे परमाणु हथियारों का नियंत्रण नहीं दिया जा सकता। सभी विकल्प खुले हैं।" रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली हमलों से ईरान की वायु रक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है, और भले ही उसने अतिरिक्त लॉन्चर तैनात किए हैं, लेकिन वह अब भी बड़े हमलों के प्रति संवेदनशील है। ईरान की रक्षा प्रणाली मुख्य रूप से घरेलू रूप से विकसित तकनीकों और रूसी S-300 मिसाइलों पर निर्भर है, जो इजरायली हथियारों के सामने अपर्याप्त साबित हो सकती हैं। इसे देखते हुए, ईरान ने रूस से S-400 मिसाइलों की आपूर्ति तेजी से करने की मांग की है। इसके अलावा, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख जनरल अमीर अली हाजीजादेह ने कहा है कि ईरान एक नई बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रणाली विकसित कर रहा है, ताकि इज़राइल से बढ़ते खतरे का सामना किया जा सके। recent visitors 67

अमेरिका ने यूक्रेन का समर्थन करने से किया इनकार

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यूक्रेन युद्ध पर एक नया रुख अपनाया, जब वॉशिंगटन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेन पर आक्रमण की निंदा करने वाले प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार है जब अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के अंदर कीव को समर्थन देने से इनकार कर दिया। संघर्ष के तीन साल पूरे होने पर यूरोपीय समर्थन वाले प्रस्ताव को महासभा ने 93 वोटों के साथ स्वीकार कर लिया। लेकिन अमेरिका के प्रस्ताव का विरोध करने की चर्चा सबसे ज्यादा है, जो ट्रंप के नेतृत्व में वॉशिंगटन की विदेश नीति में बड़े बदलाव को दर्शाता है। प्रस्ताव के खिलाफ 18 सदस्य देशों ने मतदान किया, जबकि 65 सदस्यों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। वॉशिंगटन ने मतदान के दौरान मॉस्को और रूस के सहयोगियों उत्तर कोरिया और सूडान जैसे देशों का साथ दिया। नए पारित प्रस्ताव में युद्ध में कमी लाने, शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने और यूक्रेन के विरुद्ध युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान करने का आह्वान किया गया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नागरिक आबादी समेत भारी विनाश और मानवीय पीड़ा शामिल है। भारत ने लिया किसका पक्ष ? यह प्रस्ताव यूक्रेन के लिए जीत के रूप में सामने आया है, लेकिन यह कीव के कम होते समर्थन को भी दिखाता है। इसे पिछले प्रस्तावों की तुलना में बहुत कम समर्थन मिला है। वहीं, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मसौदा प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया। भारत उन 65 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों में शामिल था, जिन्होंने प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया। अमेरिका ने पेश किया अलग प्रस्ताव इस बीच अमेरिका ने भी एक प्रतिद्वंद्वी प्रस्ताव तैयार किया, जिसे संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत ने सही दिशा में एक कदम कहा था। लेकिन वॉशिंगटन के सहयोगी फ्रांस ने अमेरिकी पाठ में संशोधन पेश किया और महासभा को बताया कि पेरिस, ब्रिटेन समेत अन्य यूरोपीय देशों के साथ मौजूदा स्वरूप में इसका समर्थन नहीं कर पाएगा। अपने ही पाठ से पीछे हटा अमेरिका इन देशों ने अमेरिकी पाठ को फिर से लिखने के लिए दबाव डाला। इन परिवर्तनों ने यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की, जिसे अमेरिकी पाठ से हटा दिया गया था। अमेरिकी प्रस्ताव में इतना अधिक संशोधन किया गया कि वॉशिंगटन ने आखिरकार अपने खुद के पाठ पर मतदान से परहेज किया, जबकि सभा ने इसे पास कर दिया। recent visitors 69