Sunday, July 5, 2026 4:13 am

बिजली चोरी की सूचना देने वालों को मिलेगा पारितोषिक

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अब बिजली चोरी की रोकथाम के चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली करने में विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि अब आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दी जायेगी। वर्तमान में विभागीय दायित्वों का निर्वहन आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा भी किया जा रहा है। विभिन्न परिसरों की जांच एवं जांच के उपरांत बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपियों से जुर्माने की राशि वसूली में, सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ जांच एवं वसूली के कार्य में सम्मिलित आउटसोर्स कर्मचारियों को भी परितोषिक योजनान्तर्गत 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जाने का निर्णय लिया गया है। बिजली चोरी की जुर्माना राशि वसूली का भुगतान निश्चित अवधि में अर्धवार्षिक अथवा वार्षिक आधार पर दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नियमित अथवा संविदा कर्मियों को योजना के प्रारंभ से ही 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाती रही है। किन्तु, अब कंपनी विद्युत की चोरी की प्रभावी रोकथाम और अवैध उपयोग को रोकने के लिए इस योजना में आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ ही कोई भी सामान्य नागरिक बिजली चोरी की सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक, संचा.संधा/शहर वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित अथवा मोबाइल पर दे सकता है। इसके लिये हाल ही में कंपनी की वेबसाईट https://portal.mpcz.in/ पर ऑनलाईन सूचना देने की व्यवस्था भी की गई है। बिजली चोरी की सफल सूचना देने वाले को चोरी की क्षतिपूर्ति की पूर्ण राशि जमा होने पर, बिल की राशि के दस प्रतिशत की राशि को पारितोषिक राशि के रूप में दिये जाने का प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत सूचनाकर्ता के संबंध में जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित सूचनाकर्ता के बैंक के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी रखी जाती है। बिजली चोरी की सूचना फर्म, एजेंसी, संगठन भी दे सकते हैं, जो कंपनी मुख्यालय में पदस्थ नोडल अधिकारी के माध्यम से पंजीकृत हैं। पोर्टल अथवा उपाय एप पर देनी होगी सूचना मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए इनाम योजना सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। सूचना के आधार पर राशि वसूली होने पर सफल सूचनाकर्ता को 10 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाएगा। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली करने वाले विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी ढाई प्रतिशत राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है तथा कंपनी वेबसाइट https://portal.mpcz.in/ पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है। इसके अतिरिक्त उपाय ऐप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, चंबल क्षेत्र के समस्त नागरिकों, उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान अवश्य करें।   recent visitors 65

विजेंद्र गुप्ता ने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा

नई दिल्ली लगातार रोहिणी विधानसभा सीट से तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का स्पीकर चुना गया। उन्होंने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा। ऐसे में दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया तो विजेंद्र गुप्ता ने सदन में हंगामा कर रहे 'आप' विधायकों को पहले तो चेतावनी दी, फिर विधायकों को बाहर निकालने के लिए मार्शलों का सहारा लिया। सदन की कार्यवाही में हंगामा मचाने के आरोप में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को तीन दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। वहीं, दिल्ली विधानसभा का यह विशेष सत्र तीन दिनों के लिए बढ़ा भी दिया गया है। यानी विपक्षी विधायक अब सोमवार तक सदन की कार्यवाही मे सम्मलित नहीं हो पाएंगे। वैसे मंगलवार को आम आदमी पार्टी के एक विधायक अमानतुल्लाह खान विधानसभा में उपस्थित नहीं थे, इसलिए उन्हें निलंबित नहीं किया गया। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की लहर के बीच भी विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से चुनकर आए। उन्होंने 2015 से 2020 के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। फिर पिछले अगस्त के महीने से भी वह कुछ समय के लिए नेता प्रतिपक्ष रहे। वह दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 1997 में एक पार्षद के तौर पर उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। जबकि 2013 में नई दिल्ली सीट से वह अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पहला विधानसभा चुनाव लड़े और हार गए थे। वह इससे पहले डीडीए के मेंबर भी रहे और एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। जून 2015 का वह दिन जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को सरकार का विरोध करने के लिए मार्शल द्वारा घसीट कर सदन से बाहर निकाला गया था। उस दिन वह सरकार से चौथे दिल्ली वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद अक्टूबर 2016 में वह सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक मेज पर चढ़ गए। वह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सदन में पेश करने पर जोर दे रहे थे और उन्हें एक बार फिर जबरन सदन से बाहर निकाला गया था। यानी दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने जिस बात का अंदेशा सोमवार को लगाया था। वह काम विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को करके अपना बदला ले लिया। रेखा गुप्ता ने सोमवार को ही बोल दिया था कि ‘आप’ विधायकों का अब अपना व्यवहार सदन में सही रखना होगा। ऐसे में मंगलवार को जब उपराज्यपाल के अभिभाषण के बीच में ही आम आदमी पार्टी के विधायक हंगामा करने लगे तो विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें समझाने की खूब कोशिश की और शांत रहने की अपील करते रहे। लेकिन, जब इस पर भी 'आप' विधायक नहीं माने तो विजेंद्र गुप्ता ने मार्शल बुलवाकर 'आप' विधायकों को सदन से बाहर निकलवा दिया। इसके बाद 'आप' के जो बचे विधायक थे वह सीएम रेखा गुप्ता के द्वारा सीएजी की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखते समय हंगामा करने लगे तो एक बार फिर विजेंद्र गुप्ता ने 'आप' के बचे विधायकों को मार्शल के सहारे बाहर का रास्ता दिखा दिया और उनको तीन दिन के लिए सदन की कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया। इस तरह मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आखिरकार अपना बदला ले ही लिया। राष्ट्रीय राजधानी में करीब 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी हुई है, जिसमें से 12 साल तक राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में आम आदमी पार्टी का कब्जा रहा है। सदन में उस समय विपक्ष इतना मजबूत नहीं था। 2015 में तो भाजपा के केवल तीन विधायक थे, जिसमें से विजेंद्र गुप्ता एक थे और वह नेता प्रतिपक्ष भी थे। लेकिन, तब आदमी पार्टी की सरकार के द्वारा हर सत्र से इसी तरह भाजपा नेताओं को मार्शल के द्वारा बाहर भेजा जाता था। वहीं, 2020 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के 62 और भाजपा के आठ विधायक थे। यह क्रम तब भी नहीं रूका और बार-बार सदन चलते समय मार्शल के द्वारा भाजपा नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाता रहा। याद कीजिए, जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और तारीख थी 30 नवंबर 2015, इस दिन 'आप' विधायक अलका लांबा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भाजपा विधायक ओपी शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। फिर इसको लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर राम निवास गोयल ने तब विजेंद्र गुप्ता से कहा था कि वह सदन से बाहर जाएं, लेकिन, उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद मार्शलों ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर बाहर निकाल दिया। यानी जिनको कभी मार्शल उठाकर सदन से बाहर फेंकते रहे, अब वही असेंबली के स्पीकर बनकर वापस आए हैं। बीते 10 साल में तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान कई ऐसे मौके आए, जब बीजेपी नेता को असेंबली से बाहर किया गया। विजेंद्र गुप्ता जब सोमवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष बने तो उस समय सीएम रेखा गुप्ता ने उन्हें बधाई देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के सामने ही पिछले सदन के दौरान हुए अपमान की भी याद दिलाई थी। मतलब साफ है कि भाजपा इस बार 'आप' के नेताओं के सदन में जारी अराजक रवैये को सहने के मूड में बिल्कुल नहीं नजर आ रही है। recent visitors 42

स्मार्टफोन, वॉट्सएप या फेसबुक नहीं, पोटैशियम की कमी से नहीं आ रही नींद

आज की जेनेरेशन को रात में देर तक जागने की आदत है। मगर इसका खामियाजा यह होता है कि उन्हें दिनभर सुस्ती, थकान, और कमजोरी महसूस होती रहती है। आपके आसपास भी किसी को ऐसा हो रहा है, तो इसके लिए वॉट्सएप, फेसबुक या स्मार्टफोन को दोष देने से पहले पोटाशियम का स्तर जरूर चेक करवा लें। अक्सर शरीर में पोटाशियम की कमी से इस तरह की समस्याएं होने लगती हैं। शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोक्लेमिया कहा जाता है। स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए हर किसी के शरीर को रोजाना 47000 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है। क्योंकि पोटैशियम दिल, दिमाग और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को सुचारू ढ़ग से चलाने में मदद करता है। शरीर में पोटैशियम की कमी से हाइपोकैलीमिया और मानसिक रोग होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। आज हम आपको इसकी कमी के कुछ संकेत बता रहे हैं, जिनकी कमी से होने वाली समस्याओं को आप आसानी से पहचान सकते हैं। पोटैशियम की कमी के लक्षण अनिद्रा की समस्या अगर आपके शरीर में भी पोटैशियम की कमी है तो आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अनिद्रा की समस्या होने पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं। तनाव अधिक तनाव या डिप्रैशन का होना भी पोटैशियम की कमी का संकेत होता है। इतना ही नहीं, पोटैशियम की कमी से होने वाला तनाव मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है। मूड स्विंग जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो ये दिमाग के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इससे आपको मूड स्विंग यानि विचारों में अजीब बदलाव होने लगते हैं। अपने मानसिक स्वा स्य् म  के लिए आज से ही अपनाएं ये चीजें हमेशा रहती है थकान लगातार थकान बनी रहना शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। इसकी कमी के कारण आप थोड़ा करने के बाद या चलने के बाद थक जाते हैं। दरअसल, शरीर में मौजूद कोशिका को काम करने के लिए पोटैशियम और खनिज लवणों की जरूरत होती है लेकिन इसकी पूर्ति न हो पाने पर शरीर में थकान होने लगती है। एसिड बढ़ना पोटैशियम की कमी से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में सुस्ती, थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना पोटैशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही ये शरीर में सोडियम की मात्रा को कम बनाए रखने के साथ-साथ ब्लड प्रैशर को भी कंट्रोल करता है। ऐसे में इसकी कमी होने पर ब्लड प्रैशर का बढ़ना या कम होने जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। त्वचा में बदलाव इसकी कमी का असर त्वचा पर दिखाई देती है। इसलिए पोटैशियम की कमी होने पर त्वचा रूखी और खुश्क हो जाती है और आपको पसीना भी अधिक आने लगता है। उल्टी और दस्त शरीर में पोटैशियम की कमी होने पर उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है। क्योंकि इसकी कमी होने पर पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो जाती है, जिससे उल्टी और दस्त होने लगते हैं। इनमें मिलता है पोटैशियम पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए आप सब्जियों जैसे पालक, ब्रोकली, आलू, गाजर आदि का सेवन करें। इसके अलावा बींस, कद्दू के बीज, साबुत अनाज, डेयरी उत्पाद, मांस, मछली में भी पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है। केला, संतरा, एप्रिकॉट, अवोकेडो और स्ट्राबेरी जैसे फूट्स भी शरीर में पौटेशियम की कमी को पूरा करते हैं।   recent visitors 71

मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की, केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी: मंत्री मनोहर लाल

भोपाल केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि मध्य प्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने नगरीय प्रशासन द्वारा आयोजित अनलॉकिंग लेंड वेल्यू विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मध्य प्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में शहरों के नियोजित विकास को लेकर जो तीन पॉलिसी जारी की गई हैं, यह प्रदेश सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में शहरों के विकास की बहुत संभावनाएं हैं। शहरों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार को सघन आबादी वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने भोपाल, इंदौर मेट्रो लाइन की चर्चा करते हुए कहा कि मेट्रो लाइन का विस्तार इस तरह से किया जाए कि इसका फायदा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके। उन्होंने मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास में एक विस्तृत योजना तैयार करने पर भी जोर देते हुए बढ़ती शहरी आबादी का आकलन सही रूप में किए जाने की बात कही। शहरी क्षेत्र के परिवहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के जरिए पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और कार्बन क्रेडिट का फायदा देने वाली प्रोत्साहन नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता बताई। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आय के स्रोत बढ़ाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में जारी की गई इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी से शहरों का समग्र रूप से विकास हो सकेगा। आवास से जुड़ी नई नीतियों में डेवलपर्स और बिल्डर्स को कई रियायत दी गई हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के शहरों को हरा-भरा बनाया जाएगा। कॉलोनी में ग्रीन एरिया को जगह देने वाले बिल्डर्स और डेवलपर्स को राज्य सरकार की ओर से रियायत दी जाएगी। recent visitors 58

महाकुंभ में आस्था की डुबकी के बाद प्रार्थना करती नजर आईं राशा

मुंबई, अभिनेत्री रवीना टंडन की बेटी और अभिनेत्री राशा थडानी हाल ही में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पहुंचीं, जहां उन्होंने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। राशा ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह नदी में खड़े होकर प्रार्थना करती नजर आईं। राशा ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर प्रशंसकों को संगम की एक झलक दिखाई जहां एक तस्वीर में अभिनेत्री संगम में डुबकी लगाने के बाद खड़े होकर प्रार्थना करती नजर आईं। उन्होंने तस्वीर के साथ गायक संदीप गोस्वामी के गाने “ओम नम: शिवाय ओम नम: शिवाय” की “गंगा धराए शिव, गंगा धराए” लाइन को भी जोड़ा। राशा और उनकी मां रवीना सोमवार को ‘गंगा आरती’ में शामिल हुईं, जहां उनके साथ अभिनेत्री कैटरीना कैफ भी नजर आई थीं। मां-बेटी की यह जोड़ी परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के साथ ‘गंगा आरती’ में शामिल हुई। स्वामी चिदानंद के आश्रम परमार्थ निकेतन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें लिखा, “रवीना टंडन, कैटरीना कैफ, बीना कौशल, राशा थडानी, अभिषेक बनर्जी और साध्वी भगवती की उपस्थिति में अराल घाट पर गंगा आरती में शामिल हुए।” रवीना सोमवार को राशा के साथ प्रयागराज पहुंचीं। अभिनेत्री ने बताया कि वह काशी में महाशिवरात्रि मनाएंगी। यह पहली बार नहीं है, जब राशा और रवीना आध्यात्मिक यात्रा पर निकली हैं। वह अक्सर धार्मिक स्थलों पर जाती हैं। इससे पहले राशा अपनी मां रवीना के साथ द्वारका पहुंचीं थीं, जहां उन्होंने नागेश्वर महादेव मंदिर के साथ ही द्वारका जगत मंदिर पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन किए थे। रवीना हाल ही में शिरडी में साईं बाबा मंदिर दर्शन करने भी पहुंची थीं। इस दौरान अभिनेत्री ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात भी की थी। उन्होंने बताया था कि वह साईं बाबा को मानती हैं और बचपन से मंदिर दर्शन के लिए आती रही हैं। अभिनेत्री ने बताया था कि उन्हें साईं बाबा में अपने दिवंगत पिता की झलक दिखती है। साईं मंदिर से पहले अभिनेत्री बेटी राशा के साथ आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग पहुंची थी, जहां उन्होंने महादेव का आशीर्वाद लिया था। राशा ने इस साल फिल्म ‘आजाद’ से डेब्यू किया, जिसमें उनके साथ अजय देवगन, डायना पेंटी और अमन देवगन मुख्य भूमिका में हैं।   recent visitors 61

नगरों के समग्र विकास के लिये नगरीय निकायों में अपनायी जायेंगी बेस्ट प्रेक्टिस

भोपाल प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ला ने आज भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में नगरीय प्रशासन के विशेष सत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में देश की उन सभी बेस्ट प्रेक्टिस को अपनाया जायेगा, जिससे मध्यप्रदेश में नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों के आय के स्रोत बढ़ाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि नगरीय निकायों में ई-नगरपालिका प्रोजेक्ट को लागू किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि नगरीय निकायों के सामने अपशिष्ट प्रबंधन एक चुनौती है। इसके लिये जन-भागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। सत्र में 2 विषयों सिटीज ऑफ टुमारो और ग्रीन क्लीन लिवबल सिटी पर विषय-विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किये। सिटीज ऑफ टुमारो विषय पर चेयरमेन सन बिल्डर्स एवं प्रेसीडेंट इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर इण्डिया श्री एन.के. पटेल ने कहा कि शहरों के विस्तार के लिये भूमि को रिजर्व में रखना जरूरी है। गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड श्री राहुल देहिया, को-फाउण्डर एमडी सिग्नेचर ग्लोबल ग्रुप श्री रवि अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के लिये नियोजित टाउनशिप होना जरूरी है। टाउनशिप में सभी वर्गों के लोगों को जगह मिले, यह सुनिश्चित हो और वहाँ सभी आवश्यक सुविधाएँ हों। इस व्यवस्था से शहरी क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट पर दबाव कम होगा। निदेशक कॉमर्शियल रियल एस्टेट हीरानंदानी ग्रुप श्री मनीष गुप्ता ने प्रदेश में हाल ही में जारी इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी का स्वागत किया। डीएलएफ के सीनियर एक्जीक्यूटिव श्री राजीव सिंह ने उत्कृष्ट शहरी नियोजन को महत्वपूर्ण बताया। क्रेडाई एमपी चेप्टर के अध्यक्ष श्री मनोज सिंह मीक ने राजा भोज द्वारा बसाये गये भोपाल और यहाँ के बड़े तालाब की विशेषताओं की जानकारी दी। वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड श्री अगस्तो तानो कामो ने आने वाले समय में शहरों के नागरिकों को बुनियादी सुविधा देने के काम को चुनौतीपूर्ण माना। उन्होंने कहा कि इसके लिये अभी से ही सभी एजेंसियाँ मिलकर काम करें। बोस्टन ग्रुप के श्री आशीष गर्ग, आईआईएफसीएल के श्री पलाश श्रीवास्तव और अशोक बिल्डकान के श्री सतीश डी. प्रकाश ने भी विचार रखे। ग्रीन क्लीन लिवबल सिटीज विषय पर चर्चा दूसरे सत्र में "हरे-भरे शहर'' विषय पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। विशेषज्ञों का मानना था कि नगरीय निकाय शहरों को हरा-भरा रखने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिये नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें। इसी तरह अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ जल व्यवस्था में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना चाहिये। इस संबंध में नगरीय प्रशासन आयुक्त श्री सी.बी. चक्रवर्ती एम., प्रो. वी. श्रीनिवास चेरी, श्री आनंद अय्यर, श्री आला अयोध्या, श्रीमती समिथा आर. और डॉ. के.वी. जार्ज ने भी अपने विचार रखे।   recent visitors 32

ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य होगा : मनु श्रीवास्तव

भोपाल राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत आगामी वर्ष-2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में निवेशकों के साथ राउंड टेबल चर्चा के दौरान अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में होगा। उन्होंने निवेशकों के साथ राउंड टेबल के दौरान राज्य शासन द्वारा उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं जैसे भूमि, प्रदेश में पर्याप्त बिजली, अनुकूल एवं भौगोलिक संरचना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रचुर नवकरणीय ऊर्जा संसाधन, सहायक नीतिगत ढाँचा हरित हाइड्रोजन परियोजना के लिये अनुकूल माहौल तैयार करता है। चर्चा के दौरान निवेशकों द्वारा पूछे गये सवालों एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। ऊर्जा के वैकल्पिक माध्यमों में से ग्रीन हाइड्रोजन के अलावा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन की अक्षय ऊर्जा नीति 2022 का उद्देश्य अक्षय ऊर्जा उपकरण निर्माण के लिए अनुकूल पारिस्थितिकीय क्षेत्र बनकर और अक्षय ऊर्जा को बड़े पैमाने पर अपनाने की सुविधा प्रदान करके राज्य को अक्षय ऊर्जा केन्द्र के रूप में स्थापित करना है। इसमें भूमि अधिग्रहण लागत पर 50 प्रतिशत छूट और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नामित निजी भूमि खरीदी पर स्टॉम्प शुल्क पर 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति राशि प्रोत्साहन स्वरूप शासन द्वारा प्रदान की जाती है। अपर मुख्य सचिव श्री श्रीवास्तव ने बताया कि सीईओ गोलमेज सम्मेलन में प्राप्त सिफारिशें एवं सुझाव मध्यप्रदेश की भविष्य की ऊर्जा नीति एवं रणनीतियों को बनाने में नया स्वरूप प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। राज्य की हरित हाइड्रोजन क्षमता को साकार करने और भारत के सतत ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देने में उद्योगपतियों, अधिकारियों एवं वित्तीय हितधारकों का सहयोग आवश्यक है। ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अमनवीर सिंह बैंस ने कहा कि मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा निवेश के लिये तेजी से एक अनुकूल राज्य के रूप में उभर रहा है। पिछले 10 वर्षों में राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता में 11 गुना वृद्धि हुई है, जो इसकी कुल स्थापित बिजली क्षमता का कुल 24 प्रतिशत है।   recent visitors 41