राष्ट्रीय शोधार्थी समागम भारतीय दृष्टि से शोध एवं अनुसंधान की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल कृतज्ञता का भाव, भारत की सभ्यता एवं विरासत है और भारतीय ज्ञान परम्परा का अभिन्न अंग है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति, नदियों एवं सूर्य सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण के लिए, कृतज्ञता भाव से समृद्ध परम्पराओं को स्थापित किया था। भारत का ज्ञान, ज्ञान परम्परा एवं मान्यता के रूप में भारतीय समाज में सर्वत्र विद्यमान है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर, भारतीय समाज में परंपराएं एवं मान्यताएं स्थापित हुई हैं। हर विधा-हर क्षेत्र में विद्यमान भारतीय ज्ञान को युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में नए सन्दर्भों में, पुनः शोध एवं अनुसंधान कर वर्तमान वैश्विक आवश्यकतानुरूप दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शनिवार को दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान भोपाल के तत्वावधान में मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के डॉ. जगदीश चंद्र बसु सभागृह में आयोजित "भारत के पुनरुत्थान के लिए सहयोगात्मक अनुसंधान की पहल" विषयक तीन दिवसीय "राष्ट्रीय शोधार्थी समागम" के शुभारंभ सत्र में कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि शोधार्थियों को समाज के प्रश्नों का समाधानकारक शोध करने की आवश्यकता है। शोधार्थियों के शोध का प्रभाव, समाज के दृष्टि पटल पर परिलक्षित होना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने "राष्ट्रीय शोधार्थी समागम" के आयोजन एवं सफलता के लिए आयोजकों एवं सहभागियों को शुभकामनाएं दीं। श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में भारत केंद्रित शिक्षा के लिए यह समागम उपयोगी होगा। यह समागम, प्रदेश के समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध एवं अनुसंधान के लिए अभिप्रेरक बनेगा। श्री परमार ने कहा कि "राष्ट्रीय शोधार्थी समागम" भारतीय दृष्टि से शोध एवं अनुसंधान की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। श्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में भारत केंद्रित शिक्षा की महती भूमिका होगी। भारत को विश्व मंच पर पुनः सिरमौर बनाने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सारस्वत अतिथि सिद्धपीठ श्री हनुमन निवास अयोध्या धाम के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा, अतीत के कालखंडों में गुरुकुल शिक्षा पद्धति के नष्ट किए जाने से विलोपित हुई है। गुरुकुल शिक्षा पद्धति में पहली कक्षा से ही शोध किया जाना प्रारंभ हो जाता था। आचार्य ने कहा कि वेदों में, भारतीय ज्ञान परम्परा विद्यमान है। शोध के लिए मौलिकता की ओर वापस लौटना होगा। आचार्य ने कहा कि राष्ट्र, विचार परम्परा से नहीं बल्कि विश्वास परम्परा से संचालित होता है। शोध के लिए विश्वास परम्परा की ओर लौटने की आवश्यकता है। बीज वक्ता के रूप में प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं लेखक श्री मुकुल कानिटकर ने कहा कि राष्ट्र पुनर्निर्माण के लिए, श्रेष्ठ व्यक्ति निर्माण आवश्यक है। वास्तव में स्वयं का निर्माण करने वाले ही राष्ट्र पुनर्निर्माण में सहभागिता कर सकते हैं। श्री कानिटकर ने कहा कि शोध का वास्तविक अर्थ है शुद्ध करना, शोधार्थियों के जीवन का अंतिम लक्ष्य शोध ही होना चाहिए। इसके लिए शोधार्थियों में मौलिकता के साथ, विश्लेषण एवं संश्लेषण दोनों के संस्कार जागृत करने की आवश्यकता है। स्वयं को शुद्ध करते हुए, द्वंद्व से मार्ग निकालने से प्राप्त मौलिकतापूर्ण परिणाम ही वास्तव में शोध है। इस अवसर पर राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) भोपाल के निदेशक प्रो. चंद्र चारु त्रिपाठी, मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रो. अनिल कोठारी, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ. धीरेंद्र शुक्ल सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं देश भर से पधारे विविध शोधार्थी उपस्थित थे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 39

5वीं और 8वीं की परीक्षा: निजी स्कूलों के बाद हाई कोर्ट पहुंचे अभिभावक, 3 मार्च को सुनवाई

बिलासपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त स्कूलों में इसी सत्र से 5वीं और 8वीं की परीक्षा लेने का आदेश निजी स्कूलों के साथ अभिभावकों के लिए गले की फांस बन गया है. आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में लगाई गई याचिका पर अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी. पाठ्य पुस्तक निगम की बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ा रहे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध निजी स्कूलों के लिए मुसीबत बन गया है. ऐसे में राहत के लिए निजी स्कूलों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है. इस आदेश से परेशान अभिभावकों ने भी हाई कोर्ट में अपनी याचिका लगाई है. मामले में निजी स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने पहले ही शिक्षा विभाग को लिखकर दिया था कि वो सीजी समग्र एवं मूल्यांकन पैटर्न पर बच्चों को पढ़ा रहे हैं. अब तक इन कक्षाओं के होम एग्जाम हुआ करते थे, लेकिन सत्र के आखिर में सीजी बोर्ड से पांचवीं और आठवीं की परीक्षा आयोजित किया जा रहा है. मामले में पूर्व में हुई सुनवाई में स्कूल शिक्षा विभाग ने दस दिन का समय मांगा था. आज जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान कहा कि इसी मामले में दो अन्य याचिकाएं भी लगाई गईं हैं. कोर्ट ने इन सब पर सोमवार 3 मार्च को एक साथ सुनवाई की बात कही. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42

मीडिया इवेंट में पीएम मोदी ने कहा- दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही, पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की नई फैक्ट्री और अनंत इनोवेशन की भूमि के रूप में उभर रहा है। देश की राजधानी में एक मीडिया इवेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही है और सीखना एवं समझना चाहती है कि कैसे देश सेमीकंडक्टर से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर मैन्युफैक्चर कर रहा है। भारत को पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब भारत दुनिया की नई फैक्ट्री के रूप में उभर रहा है। हमारा देश केवल वर्कफोर्स नहीं रहा है, बल्कि वर्ल्ड फोर्स बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश जो एक समय काफी सारे उत्पादों का आयात करता था, अब बड़ा निर्यातक बन गया है। भारत द्वारा हल्दी से लेकर कॉफी और मिलेट्स से लेकर मखाना तक का निर्यात किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, देश के मोबाइल फोन, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों और दवाइयों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। उन्होंने कहा, "भारत न केवल दुनिया को उत्पाद उपलब्ध करा रहा है बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार भी बन रहा है।" प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया, "वर्षों की कड़ी मेहनत और व्यवस्थित नीतिगत निर्णयों के कारण भारत अब कई वैश्विक पहलों का नेतृत्व कर रहा है।" इसमें फ्रांस में हालिया एआई एक्शन शिखर सम्मेलन शामिल है, जहां भारत सह-मेजबान था और अब इसकी मेजबानी भी करेगा। उन्होंने आगे कहा कि देश ने अपनी अध्यक्षता के दौरान सफल जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर को एक नए आर्थिक मार्ग के रूप में पेश किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत किफायती, सुलभ और आसानी से अपनाए जाने वाले सॉल्यूशंस भी बना रहा है। इसमें सुरक्षित और कम लागत वाला डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और घातक कोविड-19 महामारी के दौरान टीके शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारत के ऑटोमोबाइल, स्पेस और उभरते हुए सेक्टर जैसे एआई के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत अगले 25 वर्षों में एक विकसित राष्ट्र बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।" Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 52

मातृ मृत्यु दर कम करने के लिये रणनीति बनाकर हो मॉनिटरिंग, गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री

भोपाल उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विशेष रूप से मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर कम करने पर चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें। आशा, एएनएम के द्वारा इस बात को विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए कि पहली तिमाही में उनकी एएनसी जांच भी हो, जिसके बाद हाई रिस्क प्रेगनेंट वूमेन की पहचान के साथ आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। इससे गर्भवती महिला और शिशु की अच्छी देखभाल हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि क्षेत्र विशेष की समस्याएं पहचान कर व्यवहारिक रणनीति बनाकर कार्य करें तथा इस संबंध में प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जाए। कलेक्टर, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, बीएमओ, सीएचओ आदि सभी अपने स्तर पर निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि मातृ मृत्यु दर में कमी आए। उन्होंने कहा कि हर हाल में सुरक्षित मातृत्व प्रदान करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। माताओं को जागरूक करने के साथ-साथ फील्ड स्टाफ को बनाएं संवेदनशील उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए शासन, प्रशासन स्तर पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ-साथ हमारी माताओं, समाज को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। हम सुरक्षित मातृत्व का लक्ष्य तभी प्राप्त कर सकेंगे जब गर्भधारण से और उसके पूर्व से ही माताएं स्वस्थ हों। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक कदम उठाये जायें। गर्भवती महिलाओं की एंटीनेटल केयर के साथ-साथ संस्थागत प्रसव और परिवहन व्यवस्था सही समय से पहुंचे। उचित समय पर गर्भवती महिलाओं को फोलिक एसिड और आयरन सप्लीमेंट की आपूर्ति हो। हाई-रिस्क प्रेगनेंट महिलाओं की पहचान और त्वरित उपचार के लिए स्वास्थ्य टीम द्वारा फॉलो-अप भी लिया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) कम करने के लिए शिशु के जन्म के 24 घंटे के भीतर नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक उपचार हो। बच्चों को विटामिन ए, आयरन और अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए नवजात की देखभाल में सुधार के साथ परिवारों को सही जानकारी भी दी जाए। स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के विकास में देरी के संकेत की पहचान कर शीघ्रता से आवश्यक उपचार किए जाएं। इसी प्रकार कुपोषण और एनीमिया के मामलों में सुधार के लिए जागरूकता के साथ-साथ सही मार्गदर्शन भी दिया जाए। समीक्षा बैठक में सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक श्री वीरेंद्र लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्री जाहर सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को सीएचसी, सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल में की जाती हैं आवश्यक जांचें उल्लेखनीय है कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व देने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल सहित जिला अस्पताल में आवश्यक जांचें की जाती हैं। इन जांचों में मुख्य रूप से संबंधित महिला का हीमोग्लोबिन, उसका ब्लड ग्रुप, वीडीआरएल, एचआईवी, थायराइड से संबंधित जांच, यूरिन की जांच के साथ-साथ सोनोग्राफी भी की जाती है। उक्त जांचों के आधार पर गर्भवती महिला की स्क्रीनिंग हो जाती है साथ ही उसकी यह भी पता लगाया जाता है कि, महिला हाई रिस्क प्रेगनेंट वूमेन उच्च जोखिम गर्भवती महिला की श्रेणी में तो नहीं आती।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46

ढाका में वायु गुणवत्ता के अनुसार, शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 304 दर्ज किया गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है

ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका ने शनिवार सुबह दुनिया में सबसे खराब वायु गुणवत्ता का रिकॉर्ड बनाया। वायु गुणवत्ता और प्रदूषण रैंकिंग के अनुसार, शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 304 दर्ज किया गया, जो कि 'खतरनाक' श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 151 से 200 के बीच होने पर 'गंभीर', 201 से 300 तक 'अति गंभीर', 301 से 400 तक 'खतरनाक' माना जाता है। खतरनाक वायु गुणवत्ता बांग्लादेश के लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। देश के प्रमुख मीडिया संगठन, यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश के मुताबिक, चीन की राजधानी बीजिंग, उज्बेकिस्तान की ताशकंद और इराक की बगदाद क्रमशः 238, 220 और 179 के एक्यूआई स्कोर के साथ दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। दुनिया के विभिन्न शहरों की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट स्विस-आधारित संगठन 'आईक्यूएयर' द्वारा प्रकाशित की जाती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक का उपयोग रोज की वायु गुणवत्ता को मापने के लिए किया जाता है। यह बताता है कि हवा कितनी साफ है या प्रदूषित और इससे स्वास्थ्य पर क्या असर हो सकता है। एक्यूआई यह भी बताता है कि प्रदूषित हवा में कुछ घंटों या दिनों तक सांस लेने से लोगों की सेहत पर क्या असर पड़ सकता है। एक्यूआई की गणना पांच प्रमुख वायु प्रदूषकों के आधार पर की जाती है। पार्टिकुलेट मैटर (पीएम10 और पीएम 2.5), कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन। देश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार के मुताबिक बांग्लादेश वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, देश में हर साल वायु प्रदूषण के कारण 102,456 मौतें होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण हर साल दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत होती है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, 10 में से 9 लोग ऐसी हवा में सांस लेते हैं, जिसमें प्रदूषक स्तर अधिक होता है। डब्ल्यूएचओ वायु प्रदूषण की निगरानी और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। शहरों में धुएं से लेकर घरों के अंदर धुएं तक, वायु प्रदूषण स्वास्थ्य और जलवायु के लिए एक बड़ा खतरा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 50

इंग्लैंड को हराकर साउथ अफ्रीकी टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई जगह, अफगानिस्तान का टूटा सपना

कराची आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में चारों सेमीफाइनिलस्ट का फैसला हो गया है. न्यूजीलैंड, भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद अब साउथ अफ्रीकी टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है. साउथ अफ्रीका की एंट्री के साथ ही अफगानिस्तान की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं. इंग्लैंड यदि साउथ अफ्रीका के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करता तो अफगानिस्तान के लिए चांस बनता. लेकिन इंग्लिश टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में 179 रनों पर ही ढेर हो गई. जवाब में साउथ अफ्रीका ने 29.1 ओवरों में ही तीन विकेट खोकर टारगेट को हासिल कर लिया. हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में कौन सी टीम किससे मुकाबला करेगी, ये 2 मार्च (रविवार) को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मुकाबले के बाद ही पता चल पाएगा. ग्रुप-ए से भारत और न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल में पहुंचीं. वहीं ग्रुप-बी से साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया ने ये उपलब्धि हासिल की. बता दें कि अफगानिस्तान की टीम तभी सेमीफाइनल में पहुंच पाती, जब इंग्लिश टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ कम से कम 207 रनों से जीत हासिल करती. ताकि साउथ अफ्रीका का नेट-रनरेट अफगानिस्तान से कम हो जाए. हालांकि इंग्लिश बल्लेबाजों ने कराची के मैदान पर शर्मनाक प्रदर्शन किया और उसकी टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई. चैम्पियंस ट्रॉफी में ग्रुप-ए की बात करें तो इसमें भारत, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और पाकिस्तान की टीमें हैं. न्यूजीलैंड की टीम इस ग्रुप में दो मैचों में दो जीत के साथ पहले नंबर पर है. कीवी टीम का नेट रनरेट 0.863 है. उधर, भारतीय टीम इस समय दो मैचों में दो जीत के साथ दूसरे स्थान पर है. भारत के 4 अंक हैं और उसका नेट रनरेट 0.647 है. हालांकि दोनों में से कौन सी टीम नंबर-1 पर रहेगी, इसका फैसला 2 मार्च को होगा. वहीं, बांग्लादेश तीसरे, जबकि पाकिस्तान चौथे नंबर पर है. दोनों टीमों के एक-एक अंक रहे, लेकिन बेहतर नेट-रनरेट के चलते बांग्लादेश टेबल में पाकिस्तान से आगे है. साउथ अफ्रीका ने अपने ग्रुप में किया टॉप साउथ अफ्रीका को ग्रुप-बी में अफगानिस्तान, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ रखा गया था. साउथ अफ्रीका के तीन मैचों में 5 अंक रहे और उसने अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया. साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान और इंग्लैंड के विरुद्ध जीत हासिल की, जबकि ऑस्ट्रेलिया संग उसका मुकाबला बेनतीजा रहा. दूसरे नंबर पर रहने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के भी 3 मैचों में 4 अंक रहे. जबकि तीसरे नंबर पर रहने वाली अफगानिस्तान की टीम को 3 मैचों में 3 अंक हासिल हुए. इस ग्रुप में चौथे नंबर पर इंग्लिश टीम रही, जिसका खाता तक नहीं खुला.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 51

मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियाँ राज्य में टैक्सटाइल सेक्टर को सशक्त बना रही हैं। जीआईएस-जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को देश की 'कॉटन कैपिटल' घोषित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्य की प्रसिद्ध चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों, बाघ प्रिंट, छीपा हैंड-ब्लॉक प्रिंट और बटिक प्रिंट की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि देश के सात बड़े टैक्सटाइल पार्कों में से एक मध्यप्रदेश में स्थापित किया जा रहा है। भोपाल में राज्य सरकार के प्रयासों से देश-विदेश के निवेशकों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि मध्यप्रदेश भारत के टैक्सटाइल और एपैरल हब के रूप में स्थापित हो रहा है। जीआईएस भोपाल में टैक्सटाइल निवेश को बढ़ावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में टैक्सटाइल उद्योग में निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला। प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 21 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव में अधिकांश टैक्सटाइल उद्योग को प्राप्त है। इससे युवाओं के लिये 1.3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उद्योग और निवेश संवर्धन विभाग के अंतर्गत 8,616 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हुआ है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 60 से अधिक बड़ी टैक्सटाइल मिलें संचालित हैं। साथ ही इंदौर के रेडीमेड गारमेंट और अपैरल क्लस्टर में 1,200 से अधिक इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। पीएम मित्र पार्क: रोजगार और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मध्यप्रदेश के धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क देश का सबसे बड़ा टैक्सटाइल पार्क है। इसमें एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पीएम-मित्र पार्क प्रदेश को टैक्सटाइल उद्योग में नये सिरे से स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल क्षेत्र: महत्वपूर्ण तथ्य मध्यप्रदेश में भारत के 43% जैविक कपास का उत्पादन होता है। विश्व में प्रदेश के कपास उत्पादन का योगदान 24% है। प्रदेश में कपास का उत्पादन 31 हजार 700 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसलिए इसे कॉटन कैपिटल कहा गया है। मलबरी सिल्क को मिलाकर 200 मीट्रिक टन सिल्क का उत्पादन होता है। नवीन टैक्सटाइल नीति-2025 से उद्योगों को मिल रहा प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्सटाइल उद्योग के लिए नई नीति लागू की है, जिसमें निवेशकों को कई वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नीतिगत प्रावधानों में प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश पर 10 से 40% तक की राशि निवेश संवर्द्धन सहायता के रूप में उद्यमियों को दी जाएगी। इस पर 5 से 7% तक ब्याज अनुदान भी 5 वर्ष तक दिया जाएगा। इकाइयों में बिजली, पानी और सड़क अधोसंरचना निर्माण के के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही इकाइयों के परिसर में कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए 1 करोड़ रुपये तक की ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन सब्सिडी भी दी जाएगी। एपैरल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। पहली बार 5 लाख रुपये तक के पेटेंट शुल्क की 100% वापसी, पेटेंट मिल जाने पर दी जाएगी, साथ ही पेटेंट प्रक्रिया में भी सरकार आवश्यक सहायता करेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ-विजन को मध्यप्रदेश ने दिया मूर्त रूप प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल में टैक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर के विकास के लिए "5-एफ विजन'' फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन का मंत्र देते हुए कहा कि देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। इनमें फार्म के अंतर्गत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए कपास और रेशम किसानों से कच्चे माल के उत्पादकों को जोड़ना। ‘फाइबर’ में फाइबर निर्माण और प्र-संस्करण इकाइयों का प्रदर्शन सुधारना, जो उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जबकि, ‘फैक्ट्री’ के तहत प्रदेश के वस्त्र निर्माण और औद्योगिक उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करना शामिल है। ‘फैशन’ में परिधान डिजाइन, ब्रांडिंग और वस्त्र उद्योग के रचनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना और ‘फॉरेन’ में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत कर निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना आता है। मध्यप्रदेश ने विजन को साकार करते हुए कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। टैक्सटाइल सेक्टर में पूर्व में प्राप्त हो चुका है 3,513 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश सरकार की नई टैक्सटाइल नीति से प्रदेश को पीएलआई योजना के अंतर्गत 3,513 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य में स्थापित मेगा टैक्सटाइल पार्कों के माध्यम से ब्यावरा और नीमच में बड़े निवेश आ रहे हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल उद्योग के क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक समृद्धि को बनाए रखते हुए आधुनिक औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के अनुकूल नीतियों, टैक्सटाइल पार्कों, और विशेष आर्थिक पैकेजों के माध्यम से राज्य न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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