Friday, July 10, 2026 6:13 pm

बदलते मौसम में फ्लू और वायरल इन्फेक्शन के मामलो में तेजी, दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 3 हजार ज्यादा मामले

बदलते मौसम में फ्लू और वायरल इन्फेक्शन के मामले काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं। अभी ठंड पूरी तरह से गई नहीं है और इस वजह से लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। बदलते मौसम की वजह से दिल्ली में भी वायरल इन्फेक्शन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इनमें स्वाइन फ्लू के भी काफी मामले हैं (H1N1 Virus Outbreak)। भारत में दिसंबर 2024 तक लगभग 220,414 लोग स्वाइन फ्लू से इन्फेक्टेड थे और इसकी वजह से 347 लोग अपनी जान गंवा चुके थे। यह आंकड़ा छोटा नहीं है और गंभीर चिंता का मुद्दा है। दिल्ली में भी स्वाइन फ्लू के लगभग 3141 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। दिल्ली के अलावा, भारत के अन्य राज्यों में भी इसके मामले बढ़े हैं। इसलिए स्वाइन फ्लू से सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को। इसके कुछ लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में हम यहां बताने वाले हैं। क्या है स्वाइन फ्लू? स्वाइन फ्लू, जिसे H1N1 इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, एक फैलने वाली बीमारी है, जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। यह इन्फेक्शन फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह वायरस मुख्य रूप से सूअरों में पाया जाता है, लेकिन यह इंसानों में भी फैल सकता है। इसलिए इसका नाम स्वाइन फ्लू रखा गया। स्वाइन फ्लू पहली बार 2009 में एक महामारी के रूप में उभरा और तब से यह दुनिया भर में फैल चुका है। यह बीमारी इन्फेक्टेड व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके संपर्क में आने से फैलती है। स्वाइन फ्लू के लक्षण कैसे होते हैं? स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह ही होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर भी हो सकता है।     बुखार- स्वाइन फ्लू में तेज बुखार आना एक आम लक्षण है। बुखार अचानक से शुरू हो सकता है और कई दिनों तक बना रह सकता है।     खांसी और गले में खराश- इन्फेक्टेड व्यक्ति को सूखी खांसी और गले में तेज खराश हो सकती है।     सिरदर्द और शरीर में दर्द- स्वाइन फ्लू में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है।     थकान और कमजोरी- इस बीमारी में मरीज को बेहद थकान और कमजोरी महसूस होती है।     सर्दी-जुकाम- नाक बहना, छींक आना और नाक बंद होना भी स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।     उल्टी और दस्त- कुछ मामलों में रोगी को उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है।     सांस लेने में तकलीफ- गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, जो एक गंभीर लक्षण है। स्वाइन फ्लू से बचाव कैसे करें? स्वाइन फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है।     हाथों की सफाई- नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं। अगर साबुन न हो, तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। खांसने या छींकने के बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करें।     मास्क का इस्तेमाल- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। अगर जाना जरूरी हो, तो मास्क पहनकर जाएं। यह इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है।     सोशल डिस्टेंसिंग- बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कम से कम 2 फीट की दूरी बनाए रखें।     मुंह ढंककर खांसें और छींकें- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या रुमाल से ढकें। उसके बाद टिश्यू को डस्टबिन में फेंक दें और हाथ धो लें।     इम्युनिटी बढ़ाएं- हेल्दी डाइट लें, पूरी नींद लें और नियमित एक्सरसाइज करें। विटामिन-सी और डी वाले फूड्स खाएं, ताकि इम्युनिटी मजबूत बने।     वैक्सीनेशन- स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए H1N1 वैक्सीन है। खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को यह वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।     डॉक्टर से संपर्क करें- अगर आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से कोई दवा न लें।   recent visitors 55

चैंपियंस ट्रॉफी २०२५ – न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को 363 टारगेट दिया: ये चैंपियंस ट्रॉफी का हाईएस्ट टोटल

Champions Trophy 2025 – New Zealand set a target of 363 for South Africa: This is the highest total in the Champions Trophy लाहौर। चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड साउथ अफ्रीका के खिलाफ टॉस जीतकर बैटिंग कर रही है। 49 ओवर के बाद टीम का स्कोर 349/5 है। ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल क्रीज पर हैं। डेरिल मिचेल 49 रन पर ऑलआउट हुए। उन्हें लुंगी एनगिडी ने कगिसो रबाडा के हाथों कैच कराया। उन्होंने विल यंग (21 रन) को भी आउट किया। टॉम लैथम (4 रन) को कगिसो रबाडा ने बोल्ड कर दिया। उन्होंने रचिन रवींद्र (108 रन) को भी आउट किया। केन विलियम्सन (102 रन) को वायन मुल्डर ने लुंगी एनगिडी के हाथों कैच कराया। यह मैच जीतने वाली टीम 9 मार्च को भारत से दुबई में फाइनल मुकाबला खेलेगी। recent visitors 171

आखिर एफआईआर में जाति लिखने की क्या जरूरत है और इससे क्या फायदा होगा, हाई कोर्ट ने UP डीजीपी से मांग लिया जवाब

इलाहाबाद किसी भी केस की एफआईआर में संदिग्धों की जाति का उल्लेख करने की क्या जरूरत है? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी से यह सवाल पूछा है। अदालत ने पुलिस के शीर्ष अधिकारी से कहा है कि वे बताएं कि आखिर एफआईआर में जाति लिखने की क्या जरूरत है और इससे क्या फायदा होगा। जस्टिस विनोद दिवाकर ने संस्थागत पूर्वाग्रह और कुछ समुदाय के साथ सौतेले बर्ताव के खतरे को लेकर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा, 'डीजीपी को आदेश दिया जाता है कि वह पर्सनल एफिडेविट दाखिल करें। अगली तारीख पर वह बताएं कि आखिर किसी मामले की एफआईआर में संदिग्धों की जाति लिखने की क्या जरूरत है। एक ऐसे समाज में ऐसा क्यों जरूरी है, जहां जाति एक संवेदनशील मसला है और उसके नाम पर समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।' जज ने कहा कि संविधान इस बात की गारंटी देता है कि देश में जातिगत भेदभाव खत्म होगा। सभी के लिए समानता और गरिमा के साथ बर्ताव किया जाएगा। पक्षपात के साथ न्याय की परिभाषा पूरी नहीं होती। न्याय सभी के लिए एक समान और एक जैसे तरीके से होना चाहिए। जस्टिस दिवाकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं में जाति और धर्म के उल्लेख करने पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि था कि याचिका में जाति या धर्म लिखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता। इसकी बजाय भेदभाव को ही बढ़ा देता है। अदालत ने 3 मार्च को जारी आदेश में कहा कि आप एफिडेविट दें और बताएं कि जाति का उल्लेख करने की क्या कानूनी जरूरत है। इसकी बजाय यह व्यवस्थागत भेदभाव ही करता है। दरअसल यह मामला 2023 में दायर एक केस को लेकर सुनवाई का है। इटावा पुलिस ने 2013 में आईपीसी और एक्साइज ऐक्ट के तहत एक केस दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी बनाए गए शख्स को लेकर पुलिस का दावा था कि वह एक अन्य शख्स के साथ कार में सवार था। जांच के दौरान गाड़ी से व्हिस्की की 106 बोतलें पाई गईं। इन बोतलों पर लिखा था- केवल हरियाणा में बिक्री के लिए। उससे पूछताछ के बाद एक और कार को पकड़ा गया, जिससे 237 बोतलें बरामद हुई थीं। इस मामले में पुलिस का दावा था कि आरोपी गैंग लीडर है, जो हरियाणा से शराब लाता है और उसकी बिहार में बिक्री होती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हरियाणा से सस्ती शराब लाकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचा जाए, जहां शराब पर बैन है। इस काम से वे मोटा मुनाफा कमा रहे थे। ऐसा करने के लिए आरोपियों की ओर से अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था। कई बार एक ही गाड़ी को नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल किया जाता था। इस मामले की एफआईआर पढ़ने के बाद अदालत ने पाया कि सभी आरोपियों की जाति का भी जिक्र किया गया है। इसको अदालत ने आपत्तिजनक माना और डीजीपी से जवाब मांगा है। केस की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी। इस सुनवाई में डीजीपी को एफिडेविट देकर कारण बताना होगा कि आखिर एफआईआर में जाति का उल्लेख क्यों किया गया। recent visitors 43

खराब फॉर्म से जूझ रही यूपी वारियर्स के लिये मुंबई इंडियंस के खिलाफ अस्तित्व का मुकाबला

लखनऊ खराब फॉर्म से जूझ रही यूपी वारियर्स को महिला प्रीमियर लीग में बृहस्पतिवार को यूपी वारियर्स के खिलाफ हर हालत में जीत दर्ज करनी होगी। लगातार दो मैच हार चुकी यूपी वारियर्स की प्लेआफ में पहुंचने की उम्मीदें इसी मैच पर टिकी है। उसे इकाना स्टेडियम पर पिछले मैच में गुजरात जाइंट₨स ने बड़े अंतर से हराया। 81 रन से मिली हार ने उन्हें तालिका में सबसे नीचे धकेल दिया और रनरेट भी गिरा दिया। अब दो ही मैच बचे हैं और उन्हें लगातार तीसरी हार से बचना होगा। लखनऊ में डब्ल्यूपीएल के पहले मैच में बेथ मूनी ने शानदार बल्लेबाजी करके गुजरात जाइंट्स को पांच विकेट पर 186 रन तक पहुंचाया जो इस सत्र का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जवाब में बल्लेबाजों की मददगार पिच पर वारियर्स के बल्लेबाज पूरी तरह नाकाम रहे। जॉर्जिया वोल को तीसरे नंबर पर भेजने का उनका प्रयोग भी नाकाम रहा और दस ओवर के भीतर टीम ने छह विकेट 48 रन पर गंवा दिये। शीर्ष छह में से एक ही बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंच सकी। वेस्टइंडीज की चिनेले हेनरी ने 14 गेंद में 28 रन बनाकर टीम को सौ रन के पार पहुंचाया लेकिन पूरी टीम 105 रन पर आउट हो गई। हेनरी ने अब तक इस सत्र में 209 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 138 रन बनाये हैं और वह तेजी से रन बनाने में कामयाब रही हैं।यूपी की टीम वोल को फिर पारी की शुरूआत करने भेज सकती है। मध्यक्रम में ग्रैस हैरिस की भूमिका अहम होगी। कप्तान दीप्ति शर्मा का बल्ला अभी तक खामोश ही रहा है जिन्हें मोर्चे से अगुवाई करनी होगी। मुंबई इंडियंस की स्थिति बेहतर है जो छह अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। उसके पास शीर्ष पर पहुंचकर फाइनल में सीधे जगह बनाने का मौका है। डब्ल्यूपीएल में शीर्ष टीम सीधे फाइनल में पहुंचती है जबकि दूसरे और तीसरे स्थान की टीम एलिमिनेटर खेलती हैं। मुंबई को अभी तीन मैच और खेलने है लिहाजा उसकी नजरें शीर्ष पर पहुंचने पर लगी होंगी। इसके लिये कप्तान हरमनप्रीत कौर को अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में बदलना होगा। नेट स्किवेर ब्रंट को भी प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। टीमें : यूपी वारियर्स: दीप्ति शर्मा (कप्तान), अंजलि सरवानी, चमारी अथापथु, उमा छेत्री, सोफी एक्लेस्टोन, राजेश्वरी गायकवाड़, अरुशी गोयल, क्रांति गौड़, ग्रेस हैरिस, चिनेले हेनरी, पूनम खेमनार, अलाना किंग, ताहलिया मैकग्रा, किरण नवगिरे, श्वेता सहरावत, गौहर सुल्ताना, साइमा ठाकोर, दिनेश वृंदा। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), यस्तिका भाटिया, नादिन डि क्लार्क, संस्कृति गुप्ता, साइका इशाक, शब्निम इस्माइल, जिन्तिमनी कलिता, जी कमालिनी, अमनदीप कौर, अमनजोत कौर, सत्यमूर्ति कीर्तना, अमेलिया केर, अक्षिता माहेश्वरी, हेली मैथ्यूज, सजीवन सजना, नैट स्काइवर ब्रंट, पारुनिका सिसोदिया और क्लो ट्रायोन। मैच का समय : शाम 7.30 से।   recent visitors 54

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भाई आनंद कुमार पर की कार्रवाई, राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाया

लखनऊ बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकालने के बाद अब उनके पिता आनंद कुमार को भी नेशनल कोआर्डिनेटर पद से हटा दिया है। उनकी जगह रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है। मायावती ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि काफी लम्बे समय से निस्वार्थ सेवा व समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द कुमार, जिन्हें अभी हाल ही में नेशनल कोआर्डिनेटर भी बनाया गया था, उन्होंने पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनजर एक पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका स्वागत है। मायावती ने लिखा कि ऐसे में आनंद कुमार पहले की ही तरह बीएसपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए सीधे मेरे दिशा-निर्देशन में अपनी जिम्मेदारियों को निभाते रहेंगे। अब उनकी जगह यूपी के जिला सहारनपुर के रहने वाले रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर की नई जिम्मेदारी दी गई है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा कि इस प्रकार, अब रामजी गौतम, राज्यसभा सांसद रणधीर बेनीवाल ये दोनों बीएसपी नेशनल कोआर्डिनेटर (राष्ट्रीय समन्वयक) के रूप में सीधे तौर पर मेरे दिशा-निर्देशन में देश के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियों को संभालेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि ये लोग पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करेंगे। सोमवार को पार्टी से आकाश को निकाला मायावती ने सोमवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकाल दिया था। इसके पहले रविवार को उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाया था। आकाश ने सोमवार को मायावती के फैसले पर प्रतिक्रिया दी थी। इससे नाराज होकर मायावती ने उन्हें बसपा से निष्कासित करने का फैसला लिया था।   'ससुर के प्रभाव वाली स्वार्थी व अहंकारी बयानबाजी' मायावती ने कहा था कि आकाश को पार्टी के हित में ज्यादा बसपा से निकाले गए अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहने के कारण सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर किया गया। उन्हें इसका पश्चाताप कर परिपक्वता दिखानी थी। इसके उलट फैसले पर आकाश की प्रतिक्रिया उनके ससुर के प्रभाव वाली स्वार्थी व अहंकारी बयानबाजी है।   recent visitors 29

इन लक्षणों की मदद से पता करें डिहाइड्रेशन

हमारे शरीर का बड़ा हिस्सा पानी से बना है। यह न केवल शरीर के तापमान को कंट्रोल करता है, बल्कि पाचन, ब्लड सर्कुलेशन और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी होना काफी खतरनाक हो सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो इसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है। डिहाइड्रेशन के कारण शरीर को काफी गंभीर नुकसान हो सकते हैं। हालांकि, कुछ लक्षणों की मदद से आप इसे पहचानकर इसका इलाज कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि शरीर में पानी की कमी के संकेत क्या हैं और इसे कैसे पहचाना जा सकता है। प्यास लगना प्यास लगना डिहाइड्रेशन का सबसे सामान्य और शुरुआती संकेत है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो दिमाग प्यास का संकेत देता है। यदि आपको बार-बार प्यास लग रही है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है। मुंह सूखना पानी की कमी होने पर मुंह और गले में सूखापन महसूस होता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर लार का बनाना कम कर देता है, जो मुंह को नम रखने के लिए जरूरी है। मुंह सूखने पर बोलने और निगलने में भी दिक्कत हो सकती है। थकान और कमजोरी पानी की कमी होने पर शरीर में एनर्जी लेवल गिर जाता है। इससे थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है। अगर आप बिना किसी कारण के थका हुआ महसूस कर रहे हैं, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। सिरदर्द डिहाइड्रेशन के कारण सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। पानी की कमी से दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, जिससे सिरदर्द होता है। अगर आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है, तो यह पानी की कमी का संकेत हो सकता है। यूरिन का रंग गहरा होना यूरिन का रंग शरीर में पानी की मात्रा को दिखाता है। अगर यूरिन का रंग गहरा पीला या भूरा है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत है। सामान्य रूप से, यूरिन का रंग हल्का पीला या साफ होना चाहिए। त्वचा का रूखापन पानी की कमी होने पर त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। त्वचा में इलास्टिसिटी कम हो जाती है और यह डिहाइड्रेशन का एक अहम लक्षण है। अगर आपकी स्किन रूखी और खिंची हुई लग रही है, तो यह पानी की कमी का संकेत हो सकता है। चक्कर आना डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, जिससे चक्कर आने की समस्या हो सकती है। यदि आपको बार-बार चक्कर आ रहे हैं, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। मांसपेशियों में ऐंठन पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द हो सकता है। यह स्थिति तब होती है, जब शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। इलेक्ट्रोलाइट्स, जैसे सोडियम और पोटेशियम, मांसपेशियों के सही फंक्शन के लिए जरूरी हैं। कब्ज की समस्या पानी की कमी होने पर पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे कब्ज की समस्या हो सकती है। पानी मल को नरम बनाने और आंतों में आसानी से मूव करने में मदद करता है। अगर आपको कब्ज की शिकायत है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। हार्ट रेट बढ़ना डिहाइड्रेशन के कारण हार्ट बीट बढ़ सकती है। पानी की कमी से खून का वॉल्यूम कम हो जाता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। अगर आपका दिल सामान्य से ज्यादा तेज धड़क रहा है, तो यह पानी की कमी का संकेत हो सकता है। recent visitors 41

केदारनाथ में रोप-वे, 36 मिनट में होगी 9 घंटे की यात्रा मोदी कैबिनेट का हेमकुंड साहिब, 3 बड़े फैसले

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज यानी बुधवार (5 मार्च 2025) को उत्तराखंड को बड़ा तोहफा मिला है. केंद्र की मोदी सरकार ने उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के लिए रोप वे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. सोनप्रयाग से केदारनाथ तक  12.9  किलोमीटर का रोपवे होगा, जिसमें 4081 करोड़ रुपया खर्च होगा. नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इसे बनाएगा. इसके बनने से 8 से 9 घंटे की यात्रा सिर्फ 36 मिनट पूरी हो जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) तक 12.9 किमी रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है. परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और स्थानांतरण (डीबीएफओटी) मोड पर 4,081.28 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत पर विकसित किया जाएगा. यह सबसे एडवांस्ड ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3एस) तकनीक पर आधारित होगा. इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति दिशा (पीपीएचपीडी) होगी, जो प्रति दिन 18,000 यात्रियों को ले जाएगी. रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगी क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और एक दिशा में यात्रा का समय लगभग 8 से 9 घंटे से घटाकर लगभग 36 मिनट कर देगी. सिर्फ 36 मिनट की हो जाएगी यात्रा यह सबसे एडवांस्ड ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3एस) तकनीक पर आधारित होगा. इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति दिशा (पीपीएचपीडी) होगी, जो प्रति दिन 18,000 यात्रियों को ले जाएगी. रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगी क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और एक दिशा में यात्रा का समय लगभग 8 से 9 घंटे से घटाकर लगभग 36 मिनट कर देगी. केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में इसे पैदल या टट्टू, पालकी और हेलिकॉप्टर द्वारा तय किया जाता है. प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है. गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक 12.4 किमी रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी कैबिनेट की बैठक में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक 12.4 किलोमीटर रोपवे प्रोजेक्ट के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है. इस परियोजना की कुल लागत 2,730.13 करोड़ रुपये होगी. वर्तमान में हेमकुंड साहिब जी की यात्रा गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है. यह रोपवे प्रोजेक्ट गोविंदघाट और हेमकुंड साहिब जी के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. इसका डिजाइन इस तरीके से तैयार किया जाएगा जिससे इसकी क्षमता प्रति घंटे प्रति दिशा 1,100 यात्री (पीपीएचपीडी) होगी और यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगा. हेमकुंड साहिब जी उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक तीर्थ स्थल है. इस पवित्र स्थल पर स्थापित गुरुद्वारा मई से सितंबर के बीच साल में लगभग 5 महीने के लिए खुला रहता है और हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं. पशुओं के स्वास्थ्य और बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़ा फैसला केंद्र सरकार ने आज पशुओं के स्वास्थ्य और बीमारियों की रोकथाम के लिए 3,880 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है. यह कैबिनेट का तीसरा बड़ा फैसला है, जो पशुपालकों और किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा. पशुओं में होने वाली दो बड़ी बीमारियां हैं, खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) और ब्रुसेलोसिस. सभी पशुओं का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स की मदद से किसानों को घर-घर पशु स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए 'भारत पशुधन पोर्टल' लॉन्च किया जाएगा, जिससे टीकाकरण और अन्य सेवाओं पर नजर रखी जा सकेगी. PM-किसान समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों के माध्यम से जेनरिक दवाएं किसानों तक पहुंचेंगी. पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एथनो-वेटरनरी मेडिसिन्स को भी प्रोत्साहित किया जाएगा. सरकार के अनुसार, टीकाकरण कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं. करीब 9 राज्य FMD-मुक्त होने की कगार पर हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा. केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में इसे पैदल या टट्टू, पालकी और हेलिकॉप्टर द्वारा तय किया जाता है. प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है. केंद्र सरकार के इस कदम से चारधाम यात्रा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा. इससे पूरे छह महीने तीर्थयात्रियों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे शुरुआती दो महीनों में संसाधनों पर अत्यधिक दबाव कम होगा. इतना ही नहीं यात्रा सीजन में रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी. केदारनाथ रोपवे परियोजना उत्तराखंड रोपवे अधिनियम, 2014 के तहत संचालित होगी, जो लाइसेंसिंग, संचालन की निगरानी, सुरक्षा और किराया निर्धारण का कानूनी ढांचा प्रदान करता है. वहीं दूसरा प्रोजेक्ट हेमकुंड साहिब में रोप वे प्रोजेक्ट बनने का है, जिसके लिए 2730 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट से हेमकुंड साहिब और वैली ऑफ फ्लावर तक की यात्रा की जा सकेगी. recent visitors 51