Sunday, July 5, 2026 8:29 am

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने ग्राम सिंदपन में 19 करोड़ 11 लाख से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया

मंदसौर उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा ने  मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र में विभिन्न सड़कों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 250 से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने ग्राम अम्‍बाव में 1 करोड़ 98 लाख 46 हजार से निर्मित होने वाले अम्बाव से सनावदा मार्ग, 2 करोड़ 76 लाख 21 हजार से निर्मित होने वाले बालागुड़ा से सुजानपुरा मार्ग, 2 करोड़ 84 लाख 82 हजार रूपये से निर्मित होने वाले खेड़ाखदान से कनघट्टी चौराहा मार्ग, 4 करोड़ 16 लाख 69 हजार रूपये से निर्मित होने वाले उगरान से छाछखेड़ी सड़क मार्ग का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर विधायक दिलीप सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार सहित अन्य सभी जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्राम सिंदपन में 19 करोड़ 11 लाख से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ग्राम सिंदपन में 19 करोड़ 11 लाख 97 हजार से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया। जिसमें 2 करोड़ 93 लाख 81 हजार से निर्मित होने वाले मिण्डलाखेड़ा से हनुमंतिया मार्ग, 2 करोड़ 61 लाख 34 हजार से निर्मित होने वाले अरनियामीणा से डोडियामीणा मार्ग, 7 करोड़ 58 लाख 8 हजार से निर्मित होने वाले अरनियामीणा से सिंदपन कामलिया मार्ग, 1 करोड़ 20 लाख 85 हजार से निर्मित होने वाले कामलिया से लसूडियाराठौर मार्ग, 1 करोड़ 68 लाख 20 हजार से निर्मित होने वाले खाखरियाखेड़ी से चौथखेड़ी सड़क मार्ग एवं 3 करोड़ 9 लाख 69 हजार से निर्मित होने वाली हनुमंतिया से पलेवना सड़क मार्ग का भूमि-पूजन किया। ग्राम ईरली में 15 करोड़ 94 लाख से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ग्राम ईरली में 15 करोड़ 94 लाख 51 हजार से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया। जिसमें 13 करोड़ 57 लाख 8 हजार से निर्मित होने वाले हरसोल से आवनाकाचरिया, इंरली, काल्याखेड़ी होते हुए खडपालिया तक सड़क मार्ग, 2 करोड़ 37 लाख 43 हजार की लागत से निर्मित होने वाली आवना काचरिया से चन्द्रपुरा मार्ग, ग्राम टिडवास में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन टिडवास का लोकार्पण, बरखेडाडांगी से सुदवास मार्ग, दोबड़ा से रूपारेल सड़क मार्ग का भूमि-पूजन किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा द्वारा कहा गया कि पूरे प्रदेश में विकास की गंगा सरकार ने बह रही है। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है। प्रदेश का विकास होने से समस्त विधानसभा क्षेत्रों का विकास होता है।   recent visitors 18

राज्य सरकार, शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही :मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने इंदौर स्थित गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) को, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा दस वर्षों के लिए स्वायत्तता का दर्जा मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है। मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में, प्रदेश "विकसित एवं समृद्ध मध्यप्रदेश" संकल्पना की सिद्धि की ओर सतत् आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। परमार ने कहा कि राज्य सरकार, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में अग्रसर है। हम तकनीकी शिक्षा को समृद्ध बनाने की दिशा में सतत् क्रियाशील हैं। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सतत् नवीन आयाम स्थापित हो रहे हैं, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा एसजीएसआईटीएस को दस वर्षों के लिए स्वायत्तता का दर्जा मिलना, इसका उदाहरण है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के इंदौर स्थित गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) ने पुनः विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से स्वायत्तता का दर्जा प्राप्त किया है। यूजीसी ने एसजीएसआईटीएस को शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 से 2034-2035 तक 10 वर्ष की अवधि के लिए स्वायत्त दर्जा दिया है। एसजीएसआईटीएस, प्रदेश के सबसे पुराने और प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में से एक तकनीकी शिक्षण संस्थान है। एसजीएसआईटीएस को वर्ष 1989 में जब पहली बार स्वायत्तता का दर्जा दिया गया था, तब एसजीएसआईटीएस संस्थान, स्वायत्तता प्राप्त करने वाला प्रदेश का पहला और एकमात्र तकनीकी शिक्षण संस्थान था। इसके बाद से हर पांच साल में स्वायत्तता की समीक्षा की जाकर, स्वायत्त स्थिति में लगातार वृद्धि होती रही है। एसजीएसआईटीएस संस्थान, विगत 35 वर्षों से सतत् स्वायत्तता के साथ क्रियाशील है। यह संस्थान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के साथ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से भी संबद्धता प्राप्त है। गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस), राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा "A" ग्रेड से भी प्रत्ययित, तकनीकी शिक्षण संस्थान है। तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं एसजीएसआईटीएस संस्थान के शासी निकाय के अध्यक्ष परमार ने संस्थान की स्वायत्तता के लिए, अधिकतम संभव विस्तार अवधि के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने के निर्देश दिए थे। मंत्री परमार के मार्गदर्शन में, एसजीएसआईटीएस संस्थान की स्वायत्तता समिति ने 10 साल के लिए संस्थान की स्वायत्तता विस्तार की स्वीकृति के लिए यूजीसी को आवेदन प्रस्तुत किया था। इस बार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जनवरी 2025 में हुई अपनी बैठक में, एसजीएसआईटीएस संस्थान इंदौर को 10 वर्ष के लिए यानि 30 जून 2035 तक स्वायत्तता देने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) स्वायत्तता के दर्जे का उपयोग करते हुए एसजीएसआईटीएस संस्थान, अपने पाठ्यक्रम, परीक्षा, परिणाम, कार्ययोजना आदि स्वयं बनाता है। एसजीएसआईटीएस संस्थान, बहुविषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय के दर्जे के लिए भी अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत कर रहा है।   recent visitors 31

माधव नेशनल पार्क मध्यप्रदेश का 9वाँ टाइगर रिजर्व घोषित, आदेश जारी

शिवपुरी माधव नेशनल पार्क शिवपुरी को मध्यप्रदेश का 9वाँ टाइगर रिजर्व घोषित किये जाने के आदेश राज्य शासन द्वारा 7 मार्च, 2025 को जारी कर दिये गये हैं। माधव नेशनल पार्क की स्थापना वर्ष 1956 में हुई थी। यह प्रदेश के पहले अधिसूचित होने वाले नेशनल पार्क में से एक है। माधव टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1650 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर एरिया का क्षेत्रफल 374 वर्ग किलोमीटर है और बफर एरिया का क्षेत्रफल 1276 वर्ग किलोमीटर है। माधव टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में वर्ष 2023 को बाघ पुनर्स्थापना के लिये 3 बाघ, जिसमें 2 मादा एक नर अन्य टाइगर रिजर्व से लाये गये थे। नर बाघ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एवं मादा बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व और बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाये गये थे। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लायी गयी मादा ने 2 शावकों को जन्म दिया है, जिनकी उम्र लगभग 8 से 9 माह है। एनटीसीए भारत सरकार द्वारा 2 अतिरिक्त बाघ एक नर एक मादा लाने की स्वीकृति दी गयी है, जो 10 मार्च, 2025 को माधव टाइगर रिजर्व में छोड़े जायेंगे। इस प्रकार माधव टाइगर रिजर्व में कुल बाघों की संख्या में 5 बाघ, जिसमें 2 नर और 3 मादा शामिल हैं और 2 शावक, इस प्रकार कुल बाघों की संख्या 7 हो जायेगी। माधव टाइगर रिजर्व बनने से सम्पूर्ण क्षेत्र में वन्य-जीव एवं बाघों का संरक्षण बेहतर हो सकेगा। शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व ग्वालियर के बिलकुल करीब होने से पर्यटन के लिहाज से आदर्श लोकेशन है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघ के अलावा तेंदुए, भेडिया, सियार, लोमड़ी, जगंली कुत्ता, जंगली सुअर, साही, अजगर, चिन्कारा और चौसिंगा आदि जानवर पाये जाते हैं। यहाँ कई प्रकार के पक्षी भी पाये जाते हैं, जिनमें मुख्य रूप से पीले पैर वाला बटेर, बाज आदि शामिल हैं। माधव टाइगर रिजर्व में कई प्राचीन मंदिर और स्मारक हैं। यहाँ की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पर्यटन के क्षेत्र में वन्य-जीव सफारी और पिकनिक स्पॉट शामिल हैं। माधव टाइगर रिजर्व एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, जो वन्य-प्रेमियों, प्रकृति-प्रेमियों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि रखने वाले लोगों के लिये एक आदर्श स्थल है। माधव टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व एवं रणथम्बोर टाइगर रिजर्व के बीच स्थित है। इन दोनों के बीच यह टाइगर कॉरिडोर को और अधिक सुदृढ़ करता है। माधव टाइगर रिजर्व बनने एवं इसमें टाइगर की पुनर्स्थापना होने से यहाँ के सम्पूर्ण लैण्ड स्केप में बाघों की संख्या में सुधार होगा एवं जेनेटिक डॉयवर्सिटी बढ़ेगी। माधव टाइगर रिजर्व बनने से सम्पूर्ण क्षेत्र में पर्यटन को भरपूर बढ़ावा मिलेगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता पुनर्स्थापना से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। माधव टाइगर रिजर्व कूनो राष्ट्रीय उद्यान से भी जुड़ा हुआ है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की उपस्थिति एवं कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की मौजूदगी से सम्पूर्ण ग्वालियर-शिवपुरी-श्योपुर में पर्यटन बड़ी तेजी से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।     recent visitors 36

राष्ट्रीय खेल नीति को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस किया गया : मंत्री सारंग

भोपाल भारत में खेलों के विकास को नई दिशा देने के लिए हैदराबाद में दो दिवसीय ‘खेल चिंतन शिविर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में भाग लेने मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी हैदराबाद पहुंचे हैं। खेल विकास में नई रणनीतियों पर जोर शिविर के दौरान खेल मंत्रालय द्वारा नए खेल बुनियादी ढांचे के विकास, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय खेल नीति को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस किया गया है। खेलों के स्वर्णिम युग की ओर भारत इस चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य है कि भारत को आगामी ओलंपिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में एक मजबूत खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जाए। इस आयोजन में किए गए मंथन से निकले विचार और रणनीतियां खेलों के क्षेत्र में भारत के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मध्यप्रदेश खेलों के उन्नयन और नवाचारों में अग्रणी राज्य मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक्स, पैरालंपिक्स, एशियन गेम्स और नेशनल गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कई पदक अर्जित कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मंत्री सारंग ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश के पहले "फिट इंडिया क्लब" की स्थापना, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान और अन्य नवाचार किए गए हैं, जो खेलों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्री सारंग का हुआ भव्य स्वागत हैदराबाद पहुंचने पर कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों, तेलंगाना खेल विभाग के अधिकारियों और MY भारत के युवाओं ने मंत्री सारंग का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया। शिविर में मंत्री सारंग ने मध्यप्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, उपलब्धियों और श्रेष्ठ प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। वहीं मंत्री सारंग खेलों में मध्यप्रदेश द्वारा किए जा रहे नवाचार, खिलाडियों को दी जा रही उच्च श्रेणी की सुविधाएं और प्रशिक्षण पर भी चर्चा करेंगे।   recent visitors 47

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। अल्प समय में ही इस अस्पताल की अपनी पहचान बन गई है। यहाँ पदस्थ चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज किया है। इसे और बेहतर बनाने की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायेंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों सहित सहयोगी स्टाफ के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया सतत जारी रखी जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि वॉकइन माध्यम से पदों की पूर्ति की कार्यवाही कराएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बाईपास सर्जरी के संबंध में डॉक्टर्स व सहयोगी स्टाफ की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में नियमित बाईपास किए जाएं। इसके लिए यदि बाहर से एनेस्थेटिक विशेषज्ञ व अन्य सहयोगी स्टाफ को बुलाया जाए तो उनकी सुविधाओं का ख्याल रखा जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डीएम व एमसीएच के पाठ्यक्रम शीघ्र ही प्रारंभ होंगे जिससे यहाँ अध्ययन करने वाले चिकित्सकों की सुविधाएं भी अस्पताल को मिलने लगेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों के पदोन्नति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण चल रहा है। इसे और गति देते हुए निश्चित समय सीमा में पूर्ण करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैंसर यूनिट की स्थापना विन्ध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसका निर्माण कार्य भी प्रगति में है। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एमआरआई एवं नवीन कैथलैब शीघ्र स्थापित कर दी जाएगी। कमिश्नर बीएस जामोद, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, डीन डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल डॉ अक्षय श्रीवास्तव, अधीक्षक संजय गांधी अस्पताल डॉ राहुल मिश्रा सहित चिकित्सक तथा निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार भवन के निर्माण कार्य का किया अवलोकन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार भवन के निर्माण कार्य का अवलोकन किया तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का भी निरीक्षण किया। गंभीर हृदय रोग पीड़ित मरीज के जटिल ऑपरेशन की सफलता पर चिकित्सकीय टीम को दी बधाई आयुष्मान योजना की सहायता से सिरमौर क्षेत्र के रहने वाले 39 वर्षीय दिनेश साहू का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रीवा में मिट्रल वाल प्रत्यारोपण का जटिल सफल आपरेशन किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अस्पताल पहुंच कर मरीज का हाल-चाल जाना और उपस्थित चिकित्सकों से मरीज की स्थिति जानी तथा सफल आपरेशन के लिये चिकित्सकों व स्टाफ को बधाई दी।   recent visitors 34

बीजेपी महिला मोर्चा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे

भोपाल भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 08 मार्च, शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। इस अवसर पर समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बहनों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान फाग उत्सव भी मनाया जाएगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय में शनिवार को दोपहर 02 बजे आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा शामिल होंगे। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी व सांसद सुश्री कविता पाटीदार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मोर्चा द्वारा प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी जिलों में महिला सम्मान, फाग उत्सव जैसे आयोजन होंगे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बहनों को सम्मानित भी किया जाएगा। recent visitors 20

जिला भोपाल आबकारी कंट्रोलर गोयल ने की बड़ी कार्यवाही

भोपाल  कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त भोपाल श्री दीपम रायचूरा के मार्गदर्शन में आबकारी कंट्रोलर श्री एच. एस. गोयल के नेतृत्व में देर रात्रि को  नीलबड़,रातीबड़ क्षेत्र के साक्षी ढाबा,वन माल्ट,हंगरी हट,हाइड आउट, ट्री चैप्टर,वाइट आर्किड, आदि होटल/ ढाबों पर दबिश दी जाकर अवैध स्थल पर मदिरापान करने वालों पर एवं  इन होटल ढाबों के संचालकों/मालिकों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किए ।आज की कार्यवाही में कुल  31 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए ।वहीं एक दिन पहले गुरुवार को बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में अलग अलग जगह दबिश दी जाकर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया उनसे 4 पेटी देशी मदिरा एवं लगभग 5 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी । आज की कार्यवाही में समस्त आबकारी अधिकारी/स्टाफ उपस्थित रहा ।आबकारी कंट्रोलर एच. एस. गोयल ने बताया कि ऐसी कार्यवाहियां लगातार जारी रहेगी । recent visitors 24