पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉक्टरों से मिलकर जेनेरिक दवाइयां लिखने का करेगा आग्रह

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने जन औषधि दिवस पर रेडक्रॉस अस्पताल में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कर किया संबोधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गरीबों के जीवन को बदलने का काम किया अंबेडकर जयंती पर प्रदेश के ट्राइबल इलाकों में खुलेंगे जन औषधि केंद्र पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉक्टरों से मिलकर जेनेरिक दवाइयां लिखने का करेगा आग्रह जन औषधि केंद्र में 30 से 80 प्रतिशत दवाइयां सस्ती मिल रहीं हैं भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने शुक्रवार को जन औषधि दिवस पर रेडक्रॉस अस्पताल में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कर संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में जबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की कमान संभाली है, तब से उन्होंने गरीबों के जीवन को बदलने का काम किया है। सही मायनों में प्रधानमंत्री मोदी जी गरीबों के मसीहा बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जी के पहले सरकारों को गरीब कल्याण की दिशा में कोई विचार नहीं आया। मोदी जी ने गरीबी को पास से देखा था और उसे महसूस किया था, इसलिए देश के गरीबों के जीवन में किस तरह से बदलाव लाया जाए उसका संकल्प लेकर काम किया। यही कारण है कि आज आयुष्मान योजना में 5 लाख तक का इलाज मुफ्त में होता है और 70 साल के बुजुर्गों को भी योजना का लाभ मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी जी स्वस्थ भारत और विकसित भारत की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं, ताकि देश के लोग स्वस्थ रहेंगे तो भारत विकसित भारत की कतार में 2047 तक खड़ा होगा। देश भर में कई योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी जी ने गरीबों के कल्याण के साथ-साथ महिलाओं के उत्थान और युवाओं के विकास के लिए शुरू की, जिसका लाभ आज बड़े स्तर पर लोगों को मिल रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज देश भर में 15 हजार जन औषधि केंद्र पर 30 से 80 प्रतिशत तक सस्ती दवाईयां मिल रही हैं। आज 5 हजार की दवाईयां जन औषधि केंद्र पर मात्र 500 रुपए में उपलब्ध हो जाती है। जन औषधि केंद्र में सभी 2027 जेनेरिक दवाईयां डब्ल्यूएचओ और जीएमपी सर्टिफाइड हैं और जिसका लाभ लोग उठा रहे हैं और सालाना यहां के रिकॉर्ड की बात की जाए तो यह आंकड़ा 2 करोड़ से साढ़े 7 करोड़ तक पहुंच चुका है। प्रदेश में 450 जन औषधि केंद्र हैं और 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर ट्राइबल ब्लॉक में और 89 जन औषधि केंद्र खोलने का काम सरकार करेगी। लोग ज्यादा से ज्यादा जेनेरिक दवाइयों का उपयोग करें और लोगों में जागरूकता आए। इसके लिए प्रदेश के सांसद, विधायक और पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता डॉक्टरों से मिलकर जेनेरिक दवाइयां लिखने का आग्रह करेंगे। आज का दिन ऐतिहासिक है और पूरे देश भर में जन औषधि केंद्रों पर जनप्रतिनिधि पहुंचकर जेनेरिक दवाइयों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर र हे हैं। कार्यक्रम को पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, मध्यप्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. गगन कोहले एवं महासचिव रामेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। अबू आजमी जैसों को देश में रहने का हक नहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह राम का देश है, भगवान कृष्ण का देश है, महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी महाराज का देश है। अबू आजमी जैसे लोगों को इस देश की धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं हैं। ऐसे आततायी जिन्होंने भारत की संस्कृति से लेकर उसके मान-सम्मान पर आक्रमण किया, उन्हें देश की जनता जवाब देती रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कहां हैं, वो बताएं कि क्या वो औरंगजेब को महान मानते हैं? चाहे कांग्रेस हो, सपा हो या कोई और पार्टी हो, इस देश में तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी। ऐसे लोगों को देश की जनता जवाब देती रही है और आगे भी जवाब देती रहेगी। ऐसे हर मामले में कानून अपना काम करता रहेगा। पत्नी के सवालों पर जवाब दें उमंग सिंघार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रदेश के दूसरे बेबुनियाद मामलों को उठाने में सबसे आगे रहते हैं, लेकिन उनकी पत्नी ने उन पर गंभीर आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश और देश ने देखा है कि उनके घर के अंदर एक बहन की हत्या हुई है। उमंग सिंघार अपनी पत्नी के गंभीर आरोपों का जवाब जनता को दें।   recent visitors 25

शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए रोज सुबह खाली पेट खाए ये नट्स

शरीर को सेहतमंद रखने के लिए लोग कई उपाय करते हैं। कोई ए‍क्‍सरसाइज करता है तो कोई अपनी डाइट में बदलाव करता है। अगर आप ब‍िना मेहनत के खुद को हेल्‍दी रखना चाहते हैं तो आपको रोजना सुबह खाली पेट नट्स खाना शुरू कर दें। अगर आप हेल्दी नाश्ते की तलाश में है तो नट्स एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसमें प्रोटीन, निकोटिन एसिड, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, खनिज, आयरन, फॉस्फोरस और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांक‍ि कई लोग इन्हें गलत तरीके से खाते हैं। अगर आप सही तरीके से नट्स खाते हैं, तो सेहत को ढेरों फायदे मिलेंगे। ये आपको कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं। आ‍ज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे क‍ि आपको क‍ौन-कौन से नट्स खाने चाह‍िए, इनके फायदों के बारे में भी जानकारी देंगे। ये भी बताएंगे क‍ि इसे खाने का सही तरीका क्‍या है। तो आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- ब्‍लैक किशमिश ब्‍लैक किशमिश में एंटी-ऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं जो त्‍वचा और बालों की हेल्‍थ के लिए बेहद अच्‍छे माने जाते हैं। इनमें एल-आर्जिनिन और एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो आयरन से भरपूर होते हैं। ये यूट्रस और ओवरीज में ब्‍लड फ्लो में सुधार करते हैं। पिस्ता पिस्‍ता में हेल्‍दी फैट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी-6 और थायमिन जैसे जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। ये आंखों की रोशनी तेज करने में मददगार है। आंतों के स्‍वास्‍थ्‍य को भी सही रखते हैं। इसे खाने से रात में अच्‍छी नींद आती है। बादाम बादाम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम और राइबोफ्लेविन, आयरन, पोटेशियम, जिंक और विटामिन-बी से भरपूर होते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं, ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं। खजूर खजूर में सेलेनियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे खाने से तुरंत एनर्जी आती है और ये त्वचा के ल‍िए भी फायदेमंद है। ये हड्डियों के ल‍िए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। अखरोट ये एंटी-ऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। रोजाना अखरोट खाने से आपकी मांसपेशियों में ताकत भर जाएगी। ये दिल और दिमाग के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन के अलावा फाइबर, कॉपर, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन बी6, फोलेट, मैंगनीज जैसे पोषक तत्व होते हैं। इन्‍हें खाने का सही तरीका आप रात में नट्स को पानी में भि‍गोकर रख दें। सुबह सोकर उठने के बाद खाली पेट इन्‍हें खा लें। इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि बादाम का छ‍िलका उतार लें। ये आपको ढेरों फायदे पहुंचाएंगे। नट्स और सीड्स को नाश्ते में शामिल करने से आप अपने स्वास्थ्य में सुधार देख सकते हैं। recent visitors 61

⁠8,100 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 40,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा दिया गया प्रशिक्षण

राज्य में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड बना महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र बना रोजगार का मुख्य साधन  ⁠8,100 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 40,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा दिया गया प्रशिक्षण  ⁠महिलाओ को सशक्त बनाने की दिशा में संचालित हो रहा “प्राणपुर कैफ़े” एवं "अमलतास होटल" ⁠5000 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराये भोपाल महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बनकर उभर रहा है। ग्रामीण पर्यटन से लेकर होटल प्रबंधन और हस्तशिल्प कला तक, मध्य प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार भी पा रही है एवं पर्यटन बढ़ाने के महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही है। इस मौके पर प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्‍ला ने कहा कि “नारी सिर्फ प्रेरणा नहीं, परिवर्तन की पहचान है। पर्यटन के क्षेत्र में महिलाएं अपनी क्षमताओं से नए आयाम स्थापित कर रही हैं, जिससे न केवल उनका आत्मनिर्भरता बढ़ रही है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।” ग्रामीण होमस्टे की सफलता की कहानी : मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित ग्रामीण होम स्टे योजना महिलाओ के लिए स्वरोजगार के नये-नये अवसर प्रदान कर रहा है। होमस्टे में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के होमस्टे और उनकी खूबसूरत हस्तकला पेंटिंग को पर्यटकों के द्वारा लगातार सरहा जा रहा है एवं होमस्टे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के मुख्य कारण भी बन कर उभर रहा है। छिंदवाडा के ‘ ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम’  पर्यटन ग्राम सावरवानी में ग्रामीण महिलाएं, पर्यटकों को 1,350 किलो घी बेचकर करीब 11 लाख रुपये कमाकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई।      प्रशिक्षित और कुशल महिलाएं: मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड महिलाओ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन परियोजना के तहत, 8,300 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 50 विभिन्न पर्यटक स्थल पर 36,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। इसी कड़ी में 5000 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराये । जिसमे जिप्सी चालक और नाव चालक का प्रशिक्षण शामिल है। चंदेरी में हैंडलूम कैफे, अमरकंटक में महिला संचालित होटल 'अमरलतास' मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने राज्य का पहला महिला संचालित हैंडलूम कैफे शुरू किया है। अशोकनगर जिले के प्राणपुर गांव में स्थित यह कैफे स्थानीय महिला कारीगरों को सशक्त बनाने और क्षेत्र की समृद्ध कपड़ा विरासत को प्रदर्शित करने का एक अनूठा प्रयास है। कैफे में महिलाएं फ्रंट ऑफिस प्रबंधन, पाक कला, नकदी प्रबंधन और सुरक्षा प्रबंधन जैसे सभी परिचालन कार्य संभालती हैं। पचमढ़ी में राज्य का पहला महिला संचालित होटल 'अमरलतास' भी मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शुरू किया है। यह पहल पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करती है। GIS में भी निवेशकों के बीच दिखा महिला सशक्तिकरण का उदाहरण: मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 24 से अधिक आर्ट व क्राफ्ट के स्थानिय सोवेनियर तैयार किये जा रहे है। उन्ही में से ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान, मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत और कला को प्रदर्शित करने वाले स्मृति चिन्ह, बैग के स्वरुप में वितरित किए गए। ये बैग मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शुरू की गई सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन के तहत प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा बनाए गए थे। recent visitors 28

क्या आप जानते है ऋषि के श्राप के कारण होलिका बनी राक्षसी

होली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है. फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर हर साल होली का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन होली से ठीक एक दिन पहले होलिका का दहन किया जाता है. होलिका दैत्यराज हिरण्यकश्यप की बहन थी. उसे ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे नहीं जलाएगी, लेकिन जब वो भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को लेकर अग्नि पर बैठी तो खुद जलकर भस्म हो गई. होलिका दहन में लोग राक्षसी होलिका को जलाने की खुशियां मनाने के लिए आग जलाते हैं. होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. हालांकि होलिका के राक्षसी होने के बाद भी उसका पूजन किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि होलिका एक देवी थी. आइए विस्तार से जानते हैं कि देवी होलिका राक्षसी कैसे बन गई. इस साल कब है होलिका दहन? हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर हो रही है. वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा. ऐसे में होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा. होलिका दहन का मुहूर्त 13 मार्च को रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन के लिए कुल 1 घंटे 4 मिनट का समय होगा. वहीं होली 14 मार्च को खेली जाएगी. पौराणिक कथाओं के अनुसार, पूर्व जन्म में होलिका एक देवी थी. राक्षस कुल में उसका जन्म ऋषि से श्राप पाने के कारण हुआ था. होलिका राक्षस कुल में जन्म लेकर ऋषि द्वारा उसे मिले श्राप को ही भुगत रही थी. आग में दहन होने के बाद ही वो ऋषि के श्राप से मुक्त हुई थी. आग में जलने से होलिका शुद्ध हो गई थी. यही कारण है कि होलिका के राक्षसी होने के बाद भी होलिका दहन के दिन उसकी पूजा की जाती है. अपने पुत्र को मारना चाहता था हिरण्यकश्यप दरअसल, दैत्यराज हिरण्यकश्यप के राज्य में भगवान विष्णु की पूजा वर्जित थी, लेकिन हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त थे. हिरण्यकश्यप को प्रहलाद द्वारा की जाने वाली भगवान विष्णु की पूजा अच्छी नहीं लगती थी. इसके चलते उसने अपने पुत्र को मारने के कई प्रयास किए. अंत में उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को अग्नि पर लेकर बैठ जाए, लेकिन नारायण की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जल गई. recent visitors 47

Delhi में इन महिलाओं को मिलेंगे ₹2500, BPL कार्ड जरूरी, 21 से 60 साल की उम्र, रजिस्ट्रेशन जरूरी…

नईदिल्ली  दिल्ली में महिला समृद्धि योजना का लाभ करीब 17-18 लाख महिलाओं को ही मिलने जा रहा है। दिल्ली की भाजपा सरकार ने जो शर्तें तय की है, उससे साफ हो गया है कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को ही मिलेगा। महिला समृद्धि योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने उनके खाते में 2500 रुपए दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में भी यह साफ कर दिया था कि इसका लाभ सिर्फ गरीब परिवारों को मिलेगा।  महिला सम्मान योजना का लाभ शुरुआत में बीपीएल कार्ड धारकों को ही मिलेगा. पहली शर्त यह है कि जिन बीपीएल कार्ड धार महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, वह दूसरी कोई और सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रही होंगी. जिन महिलाओं को यह लाभ मिलेगा उनकी उम्र 21 साल से 60 साल के बीच में होनी चाहिए, इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. बता दें कि आज किसी भी महिला के अकाउंट में पैसे नहीं आएंगे. दिल्ली सचिवालय में दिल्ली कैबिनेट की बैठक के लिए मंत्रियों का आना शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली सचिवालय पहुंच गई हैं. मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली सचिवालय पहुंच चुके हैं. दिल्ली के मुख्य सचिव और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी भी दिल्ली सचिवालय पहुंचे हैं. BPL कार्ड के लिए क्यो होगी पात्रता?     आवेदक को आवेदन करने से पहले कम से कम पांच साल तक दिल्ली का निवासी होना चाहिए.     आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए.     आवेदक के पास दिल्ली में एक एकल संचालित बैंक खाता होना चाहिए, जो उनके आधार नंबर से जुड़ा हो.     3 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय के लिए क्षेत्र के SDM या राजस्व विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी से आय प्रमाण पत्र.     1 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम आय के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड. आज क्या तैयारी? सूत्रों ने बताया कि महिला सहायता योजना के लिए पंजीकरण शुरू करने की घोषणा जेएलएन स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि संभावित पात्रता मानदंडों में 21 से 60 वर्ष की आयु की महिलाएं होंगी और उनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी. पार्टी सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को 2,500 रुपये देने की योजना का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा. पिछले सप्ताह बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि योजना के लिए पंजीकरण 8 मार्च से शुरू होगा और पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद आर्थिक रूप से गरीब हर महिला को 2,500 रुपये देने की प्रक्रिया डेढ़ महीने में पूरी हो जाएगी. दिल्ली में जिस दिन से बीजेपी सरकार आई है, उसी दिन से विपक्ष में बैठी AAP चुनावी वादे पूरे किए जाने पर घेर रही है. खासतौर पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने के वादे पर सवाल किया जा रहा है. वहीं, बीजेपी भी AAP सरकार में हुए भ्रष्टाचार की परतें खोले जाने के दावे कर रही है. 4 मार्च को विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता ने जब नेता विपक्ष आतिशी को यह कहकर घेरा कि हमें आपकी सुरक्षा की चिंता है तो जवाब में आतिशी ने कह दिया कि मैं अपनी सुरक्षा का खुद ध्यान रख सकती हैं. वो दिल्ली की महिलाओं का ध्यान रखें. जो उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च को पहली किस्त देंगे, वो अपना वादा पूरा करें. सीएम रेखा गुप्ता ने भी कहा है कि महिलाओं से हमने जो वादा किया है, उसे 100 प्रतिशत लागू किया जाएगा. 8 मार्च का दिन जो महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, उनके खाते में आर्थिक मदद जरूर पहुंचेगी. 1. आमदनी वाली शर्त यह तो पहले से तय था कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब परिवार की महिलाओं को मिलेगा। गरीबी की सीमा क्या होगी यह पहले से तय नहीं था। दिल्ली सरकार के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सालाना आय की सीमा 2.50 लाख रुपए तय की गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने यही सीमा तय की है। दिल्ली में भी उन्हीं परिवारों की महिलाओं को यह लाभ मिलेगा जिनकी सालाना आदमनी 2.50 रुपए से अधिक नहीं है। इस शर्त की वजह से दिल्ली के अधिकतर परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 4.61 लाख रुपए है। ऐसे में 2.50 लाख सालाना आमदनी वाले परिवारों की संख्या कम है। 2. परिवार की एक ही महिला को लाभ सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया है कि परिवार की एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इस वजह से भी लाभार्थियों की संख्या काफी सीमित रह सकती है। दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर भारी आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। खजाने की हालत पहले से ही बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में कोशिश की गई है कि योजना का लाभ जरूरतमंद महिलाओं को मिले और सरकार पर बहुत बोझ भी ना हो। और क्या हो सकती हैं शर्तें महिला समृद्धि योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं को महिलेगा। योजना का लाभ विवाहित महिलाओं को ही दिया जा सकता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं वृद्धा पेंशन की हकदार हो जाती हैं। किसी को विधवा पेंशन, बुजुर्ग पेशन, सरकारी पेंशन मिल रही है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। recent visitors 66

प्रियंका चोपड़ा से लेकर मारग्रेट थैचर तक महिला दिवस पर दे रही सफलता का मंत्र

महिला अधिकारों की बातों को हम सिर्फ एक दिन में सीमित करके नहीं रख सकते। पर, हां इस एक दिन यानी 08 मार्च को हम महिलाओं के संघर्ष और उनकी सफलता जश्न थोड़ा और ज्यादा जरूर मना सकते हैं। 1909 में पहली दफा महिला दिवस मनाया गया था। पिछले 116 सालों में हमने एक लंबा सफर तय किया है। पर, इस बात में कोई दोराय नहीं कि बराबरी और बेहतरी की राह अभी काफी लंबी है। दुनिया भर की प्रसिद्ध महिलाओं द्वारा महिला अधिकार और बराबरी के बारे में कही गई ये बातें अपने अधिकार और भविष्य को लेकर आपको जोश से भर देंगी: प्रियंका चोपड़ा, अदाकारा कोई आपको यह नहीं बताएगा कि यहां तुम्हारे लिए खास अवसर है। जाओ, अपने लिए अवसर तलाशो। आपको यह करना ही पड़ेगा, क्योंकि लोग आपसे सिर्फ मौके छीनेंगे ही। हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि महिलाएं एक-दूसरे की ताकत बनें। हमें दुनिया जीतने की कोई जरूरत नहीं। क्वीन रानिया अल अब्दुला, जॉर्डन अगर एक हिम्मती लड़की क्रांति ला सकती है, तो कल्पना करके देखिए कि हम सब साथ मिलकर क्या कर सकते हैं। मेलिंडा गेट्स, समाज सेवी ताकतवर महिला की क्या परिभाषा होती है? वह महिला जिसकी अपनी आवाज हो। पर, उस आवाज की तलाश का सफर बहुत ही मुश्किल भरा होता है। सेरेना विलियम्स, टेनिस खिलाड़ी हर महिला की सफलता दुनिया भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होनी चाहिए। हम जब एक-दूसरे को आगे बढ़ते देखकर खुशी के ठहाके लगाते हैं, तब सबसे ज्यादा ताकतवर और मजबूत होते हैं। रूपी कौर, कनाडाई कवयित्री वह कौन-सी सबसे बड़ी सीख है, जो महिलाओं को अपनानी चाहिए? वह सीख है कि शुरुआत से ही उसके भीतर वह सब कुछ है, जो जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए उसे चाहिए। यह दुनिया है, जिसने महिलाओं को खुद की क्षमताओं पर शक करना सिखाया है। माया एंजेलो, अमेरिकी लेखिका हर बार जब एक महिला अपने हक के लिए खड़ी होती है, तो यह मजबूती भरा कदम वह सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दुनिया भर की सभी महिलाओं के लिए उठाती है। मारग्रेट थैचर, पहली महिला प्रधानमंत्री, ब्रिटेन राजनीति में अगर आप चाहते हैं कि कोई बात सिर्फ कही जाए, तो पुरुष राजनेता के पास जाएं। वहीं, अगर आप चाहते हैं कि कोई काम वाकई हो, तो महिला राजनेता के पास जाएं। जे. के. रॉलिंग, प्रसिद्ध हैरी पॉटर सिरीज की लेखिका दुनिया को बदलने के लिए हमें किसी जादू की जरूरत नहीं। वह ताकत हमारे भीतर पहले से है। हमारे पास बेहतर कल्पना शक्ति की ताकत है। मलाला यूसुफजई, सामाजिक कार्यकर्ता मैं अपनी आवाज उठाती हूं इसलिए नहीं ताकि मैं चिल्ला सकूं बल्कि इसलिए ताकि जिनके पास आवाज नहीं है, उनकी बात भी सुनी जा सके। recent visitors 68

मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन्य जीव पर्यटन के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला राज्य है। प्रदेश का चम्बल अंचल और निकटवर्ती क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। इस अंचल में जहां एशिया का प्रथम चीता प्रोजेक्ट लागू कर चीतों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है और अब चीतों की दूसरी पीढ़ी ने भी जन्म ले लिया है। घड़ियाल प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और अब माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित होने से यह क्षेत्र पर्यटकों के और अधिक आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में टी.वी. चैनल्स प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि माधव टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। वर्ष 1956 में स्थापित माधव नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व होगा, जो प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देगा। दो वर्ष पूर्व माधव राष्ट्रीय उद्यान में दो मादा और एक नर बाघ छोड़े गए थे। मादा बाघ ने दो शावकों को जन्म दिया है अब 2 बाघ और भी छोड़े जाएंगे, जिससे यहां 7 बाघ हो जाएंगे और प्राकृतिक ब्रीडिंग से बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। शिवपुरी शहर के पास होने से पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से आदर्श होगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता और माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ होने से पर्यटको को दो बड़े वन्य जीव देखने का अवसर प्राप्त होगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ के साथ ही तेंदुआ, भेड़िया, सियार, साही, अजगर, चिंकारा आदि वन्य प्राणी भी पाए जाते हैं। तीन माह में दूसरा टाइगर रिजर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन माह में प्रदेश में दूसरे टाइगर रिजर्व का प्रारंभ होना पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से रातापानी अभयारण्य 8वां टाइगर रिजर्व था। वर्ष 2025 शुरूआत से वन्य जीवन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और अनुकूल सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ मनुष्यों के सह-जीवन का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। वर्तमान में जितने भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां पर्यटन विभाग के होटलों सहित वाहनों की शत-प्रतिशत बुकिंग की स्थिति रहती है। प्रदेश में पर्यटक संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी।   recent visitors 27