‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ कबिता सिंह का पत्ता साफ होने से गुस्साए फैंस

मुंबई 'सेलिब्रिटी मास्टरशेफ' का ग्रैंड फिनाले जल्द ही होने वाला है। शो को अपने टॉप 5 कंटेस्टेंट मिल गए हैं, जिसमें तेजस्वी प्रकाश, गौरव खन्ना, निक्की तंबोली, राजीव अदातिया और फैसल शेख का नाम शामिल है। अभी इन्हें काफी चैलेंजेस फेस करने पड़ रहे हैं। उन्हें नए-नए टास्क मिल रहे हैं। जहां शो में अभी दीपिका कक्कड़ नजर आ रही हैं, वह होली के बाद आने वाले एपिसोड से एविक्ट हो जाएंगी। मगर उसके पहले कबिता सिंह का पत्ता साफ हो गया है, जिस पर फैंस गुस्साए हुए हैं। शुक्रवार, 7 मार्च को टेलीकास्ट हुए 'सेलिब्रिटी मास्टरशेफ' के एपिसोड में गौरव खन्ना और निक्की तंबोली को तो एलिमिनेट होने से बचा लिया गया था। लेकिन कबिता सिंह शो से आउट हो गईं। उनके बाहर होने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फॉलोवर्स मेकर्स को लताड़ रहे हैं। इसे अनफेयर बता रहे हैं। कबिता सिंह के एलिमिनेशन पर भड़के फैंस कबिता सिंह के एलिमिनेशन के बाद एक यूदर ने लिखा, 'हमेशा महसूस किया कि मेकर्स हमेशा से कबिता के खिलाफ थे। उसे नीचा गिराने की बहुत कोशिश की। लेकिन कबिता जी आपने अच्छा किया। सिर ऊंचा रखिएगा।' एक ने लिखा, 'सिर्फ तेजस्वी और राजीव जैसे कुछ सस्से एंडेमोल जोकरों को बढ़ावा देने के लिए कबिता को निकाल दिया? कबिता शेफ के साथ फ्लर्ट नहीं कर सकती थीं। और गनाते लवाश नहीं बना सकती थीं? इसलिए निकाला।' एक ने कहा, 'तेजस्वी प्रकाश के प्रति शो बायस्ड है। वह सेंधा नमक को साधारण नमक कहती हैं तो ठीक है। अदरक-लहसुन पेस्ट को सिर्फ अदरक का पेस्ट कहती हैं तो ठीक है लेकिन गौरव खन्ना को तेल और कबिता को धनिया के बारे में बताने की जरूरत है कि वह किस किस्म का इस्तेमाल कर रहे।' तेजस्वी प्रकाश को फेवर करने पर लोगों ने मेकर्स को झाड़ा एक यूजर ने लिखा, 'मुझे नफरत है मेकर्स कैसे कबिता की कुकिंग स्किल्स को नीचा दिखाते हैं और सेलिब्रिटीज को उनसे ऊपर। मुझे उनके लिए बहुत बुरा लगता है।' एक ने लिखा, 'कबिता ने खुद से मेहनत की। वह अपने बूते पर पहुंची और लाखों दिलों को जीता है।' अब शो में कबिता के बाद, दीपिका, गौरव, तेजस्वी, निक्की, राजीव, अर्चना, ऊषा और फैसल बचे हैं। recent visitors 59

मुख्यमंत्री साय ने निवास कार्यालय में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर विधायक रायमुनी भगत भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी न केवल प्रखर राष्ट्रवादी थे, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के दृढ़ रक्षक भी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘घर वापसी’ अभियान एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से पुनः जोड़ने का कार्य किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जूदेव जी जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त प्रहरी थे। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए उन्होंने अनवरत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से समाज में राष्ट्रवादी चेतना का प्रसार हुआ और छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और अधिक जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्रवादी मूल्यों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य किया। उनकी दृढ़ता, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी को प्रेरित करता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। recent visitors 48

आईसीसी फाइनल में न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड, हालांकि, इन आंकड़ों में ‘डबल डर’ छुपा है, जिन्हें कोई भी भारतीय फैंस नहीं देखना चाहेगा

दुबई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का कारवां आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी के नौवें संस्करण का फाइनल खेला जाएगा। यह मैच दुबई के मैदान पर आयोजित होगा। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने अजेय रहते हुए खिताबी मुकाबले में एंट्री की है। वहीं, न्यूजीलैंड को लीग चरण में भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चलिए, आपको आईसीसी फाइनल में न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड बताते हैं। हालांकि, इन आंकड़ों में 'डबल डर' छुपा है, जिन्हें कोई भी भारतीय फैंस नहीं देखना चाहेगा। न्यूजीलैंड सातवां फाइनल खेलेगा। साल 2000 में पहली बार खेला फाइनल दरअसल, न्यूजीलैंड टीम ने अभी तक कुल 6 आईसीसी फाइनल मुकाबले खेले हैं, जिसमें उसे चार में हार और दो में जीत नसीब हुई। हैरानी कि बात यह है कि न्यूजीलैंड ने जो दो फाइनल जीते हैं, वो भारत के खिलाफ ही हैं। न्यूजीलैंड टीम साल 2000 में पहली बार आईसीसी फाइनल में उतरी थी। न्यूजीलैंड का तब चैंपियन ट्रॉफी के फाइनल में भारत से सामना हुआ था। न्यूजीलैंड ने इस खिताबी मैच में चार विकेट से रोमांचक जीत हासिल की थी। मैच का नतीजा महज दो गेंद बाकी रहने पर निकला था। उस वक्त भारत के कप्तानी सौरव गांगुली और न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग थे। इसके बाद, न्यूजीलैंड को अगले दो आईसीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने हराया। कंगारुओं ने कीवियों के खिलाफ 2009 का चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल और 2015 का वनडे वर्ल्ड कप फाइनल जीता। न्यूजीलैंड को 2019 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड ने रोमांचक शिकस्त दी। मैच सुपरओवर तक गया था और इंग्लैंड ने बाउंड्री काउंट बैक नियम के अनुसार जीत हासिल की। वहीं, न्यूजीलैंड ने 2021 में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में भारत को 8 विकेट से हराया। भारत की कमान तब विराट कोहली के पास थी। कीवी टीम ने अपना पिछला आईसीसी फाइनल 2021 में खेला। न्यूजीलैंड को उस समय टी20 वर्ल्ड कप के खिताबी मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से धूल चटाई। अब कप्तान रोहित शर्मा से बढ़ी उम्मीद भारत को भले ही दो बार आईसीसी फाइनल में न्यूजीलैंड ने हराया हो लेकिन कप्तान रोहित शर्मा का कीवियों के सामने रिकॉर्ड शानदार रहा है। ऐसे में भारतीय फैंस की रोहित से उम्मीदें बढ़ी हुई हें। बता दें कि रोहित ने बतौर कप्तान आईसीसी टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के खिलाफ कभी हार नहीं झेली है। भारत ने मौजूदा टूर्नामेंट के आखिरी लीग मैच में मिचेल सैंटरनर की कप्तानी वाली न्यूजीलैंड को 44 रनों से रौंदा था। रोहित ब्रिगेड ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजलैंड को लीग चरण में चार विकेट और सेमीफाइनल में 70 रनों से मात दी थी। भारत अब फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर ना सिर्फ हिसाब चुकता करने की फिराक में होगा बल्कि टूर्नामेंट में 12 साल के खिताबी सूखे को समाप्त करना चाहेगा। recent visitors 71

अगर भारत को कोई टीम हरा सकती है तो वह न्यूजीलैंड है, भारत प्रबल दावेदार है लेकिन बहुत ज्यादा फायदा नहीं है: रवि शास्त्री

दुबई भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को प्रबल दावेदार बताया है लेकिन कहा कि फायदा ज्यादा नहीं होगा क्योंकि न्यूजीलैंड काफी मजबूत टीम है। भारतीय टीम ने अपने सारे मैच दुबई में खेले और सभी जीतकर फाइनल में पहुंची है। सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। न्यूजीलैंड टीम ग्रुप ए में भारत के बाद दूसरे स्थान पर रही थी जिसे भारत ने लीग चरण में हराया था। न्यूजीलैंड ने लाहौर में सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को मात दी। भारत के पूर्व मुख्य कोच शास्त्री ने ‘द आईसीसी रिव्यू’ में कहा, ''अगर भारत को कोई टीम हरा सकती है तो वह न्यूजीलैंड है। भारत प्रबल दावेदार है लेकिन बहुत ज्यादा फायदा नहीं है।’’ भारत और न्यूजीलैंड का सामना 2000 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भी हुआ था, जिसमें न्यूजीलैंड ने चार विकेट से जीत दर्ज की थी। 62 वर्ष के शास्त्री ने न्यूजीलैंड के चार खिलाड़ियों का जिक्र किया जो फाइनल का रूख बदल सकते हैं। उन्होंने रचिन रविंद्र को ‘बेहद प्रतिभाशाली’ करार दिया, जबकि केन विलियमसन की ‘स्थिरता और संत जैसे शांत स्वभाव’ की तारीफ की। उन्होंने कप्तान मिचेल सैंटनर को बुद्धिमान कप्तान और ग्लेन फिलिप्स को टीम का ‘एक्स फैक्टर’ कहा। शास्त्री ने विराट कोहली के मौजूदा फॉर्म को ‘गेम चेंजर’ करार दिया जबकि निर्णायक क्षणों में अच्छे प्रदर्शन के लिये विलियमसन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ''कोहली के मौजूदा फॉर्म की बात करें तो अगर ऐसे खिलाड़ियों को शुरूआती दस रन बना लेने दें तो बाद में वे लंबा खेलते हैं । विलियमसन हों या कोहली। न्यूजीलैंड के लिये मैं कहूंगा विलियमसन। कुछ हद तक रविंद्र भी जो शानदार युवा खिलाड़ी है।’’ पच्चीस वर्ष के रविंद्र आईसीसी 50 ओवरों के टूर्नामेंटों में पांच शतक जमा चुके हैं और ऐसा करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं। शास्त्री ने कहा, ''जिस तरह से क्रीज में वह मूव करता है, मुझे बहुत पसंद है। वह प्रवाहमयी बल्लेबाजी करता है और उसके पास कई स्ट्रोक्स हैं। बड़े टूर्नामेंटों में शतक ऐसे ही नहीं बन जाते। वह बेहद प्रतिभाशाली है।’’ विलियमसन के बारे में उन्होंने कहा, ''वह बहुत स्थिर है और शांत रहता है। वह अपने काम को लेकर बहुत संजीदा है। वह संत की तरह है मानो ध्यान में लगा हो। लोग बड़े शॉट्स में यकीन करते हैं लेकिन वह प्रवाह के साथ पारी को आगे बढाता है। जो रूट, विलियमसन, कोहली इन सभी का फुटवर्क कमाल का है।'' उन्होंने सेंटनेर की तारीफ करते हुए कहा,‘‘ वह काफी चतुर है और कप्तानी उसे रास आ रही है। इससे बतौर बल्लेबाज , गेंदबाज और एक क्रिकेटर के तौर पर उसे फायदा हो रहा है ।’’ शास्त्री ने यह भी कहा कि प्लेयर आफ द मैच कोई हरफनमौला होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ भारत की ओर से अक्षर पटेल या रविंद्र जडेजा और न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स हो सकता है।’’ recent visitors 80

ED का बड़ा एक्शन: 850 करोड़ के फाल्कन घोटाला मामले में प्राइवेट जेट किया जब्त, विमान से दुबई भागा था आरोपी

हैदराबाद हैदराबाद (TG) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) पर एक हॉकर 800A जेट (टेल नंबर N935H) जब्त किया है, जो 850 करोड़ रुपये के फाल्कन घोटाले से जुड़ा है. विमान कथित तौर पर घोटाले के मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार का है, जिसने कथित तौर पर इसका इस्तेमाल 22 जनवरी को दुबई भागने के लिए किया था. माना जाता है कि प्रेस्टीज जेट्स इंक के माध्यम से 2024 में $1.6 मिलियन (लगभग ₹14 करोड़) में खरीदे गए इस जेट को कथित पोंजी स्कीम से फंड का उपयोग करके हासिल किया गया है, जिससे यह अपराध की सीधी आय बन जाती है. ED इनवॉइस डिस्काउंटिंग निवेश अवसरों की आड़ में 850 करोड़ रुपये की पोंजी स्कीम को बढ़ावा देने के लिए फाल्कन ग्रुप (कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड), इसके अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कुमार और अन्य प्रमुख अधिकारियों की जांच कर रहा है. कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की काव्या नल्लूरी अरेस्ट गौरतलब है कि विमान का उपयोग 22 जनवरी को दुबई भगाने के लिए किया गया. इसी की सूचना पर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने तलाशी ली. इस मामले में चालक दल और अमरदीप कुमार के एक करीबी सहयोगी के बयान दर्ज कया और जेट को अपने कब्जे में ले लिया. वहीं 15 फरवरी को, साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले के सिलसिले में सीपीएफपी के उपाध्यक्ष और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग (एफआईडी) के बिजनेस हेड पवन कुमार ओडेला और सीपीएफपी और फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक काव्या नल्लूरी को गिरफ्तार किया. फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की काव्या नल्लूरी अरेस्ट विमान का उपयोग 22 जनवरी को दुबई भगाने के लिए किया गया. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए ईडी अधिकारियों ने तलाशी ली, चालक दल और अमरदीप कुमार के एक करीबी सहयोगी के बयान दर्ज कया और जेट को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद 15 फरवरी को, साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले के सिलसिले में सीपीएफपी के उपाध्यक्ष और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग (एफआईडी) के बिजनेस हेड पवन कुमार ओडेला और सीपीएफपी और फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक काव्या नल्लूरी को गिरफ्तार किया. 1700 करोड़ रुपये एकत्र किए थे अमरदीप कुमार और दो अन्य संदिग्ध, आर्यन सिंह (सीओओ) और योगेंद्र सिंह (सीईओ) फरार हैं. अधिकारियों का आरोप है कि फाल्कन ग्रुप ने निवेशकों से लगभग 1,700 करोड़ रुपये एकत्र किए, उन्हें अल्पकालिक जमा पर उच्च रिटर्न का वादा किया, जबकि 850 करोड़ रुपये चुकाए गए, शेष राशि 6,979 जमाकर्ताओं को नहीं दी गई. जांच से पता चला कि FID प्लेटफ़ॉर्म को पीयर-टू-पीयर निवेश मॉडल के रूप में विपणन किया गया था, जिसमें जमाकर्ताओं को ब्रिटानिया, अमेज़ॅन और गोदरेज जैसे शीर्ष-स्तरीय कॉर्पोरेट ग्राहकों से जोड़ने का दावा किया गया था. हालांकि, विक्रेता प्रोफ़ाइल और लेन-देन पूरी तरह से गढ़े गए थे, जिससे वैधता का आभास होता था. इस जेट को 2024 में 1.6 मिलियन डॉलर (₹14 करोड़) में 'प्रेस्टीज जेट्स इंक' के जरिए खरीदा गया था. इस डील में घोटाले के पैसे का उपयोग किया गया था. ईडी का दावा है कि फाल्कन ग्रुप के पोंजी स्कीम से मिले पैसे को इस जेट की खरीद के लिए डायवर्ट किया गया था. चालक दल से की गई पूछताछ विमान के शमशाबाद पहुंचते ही ईडी ने इसे जब्त कर लिया. चालक दल से पूछताछ की गई और एक करीबी सहयोगी का बयान दर्ज किया गया. क्या है फाल्कन घोटाला फाल्कन ग्रुप ने निवेशकों से ₹1,700 करोड़ जुटाए, जिसमें हाई रिटर्न का लालच देकर फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग निवेश योजना चलाई गई. ₹850 करोड़ वापस किए गए, लेकिन 6,979 निवेशकों को भुगतान नहीं मिला. कंपनी के प्रमुख अधिकारियों में चेयरमैन और एमडी अमरदीप कुमार शामिल हैं, जो अभी भी फरार हैं. निवेशकों से एकत्र किए 1700 करोड़ रुपये वहीं इस घोटाले का मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार और दो अन्य संदिग्ध, आर्यन सिंह (सीओओ) और योगेंद्र सिंह (सीईओ) फरार हैं. फाल्कन ग्रुप ने आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों से लगभग 1,700 करोड़ रुपये एकत्र किए, उन्हें अल्पकालिक जमा पर उच्च रिटर्न का वादा किया, जबकि 850 करोड़ रुपये चुकाए गए, शेष राशि 6,979 जमाकर्ताओं को नहीं दी गई. जांच से पता चला कि FID प्लेटफ़ॉर्म को पीयर-टू-पीयर निवेश मॉडल के रूप में विपणन किया गया था, जिसमें जमाकर्ताओं को ब्रिटानिया, अमेज़ॅन और गोदरेज जैसे शीर्ष-स्तरीय कॉर्पोरेट ग्राहकों से जोड़ने का दावा किया गया था. हालांकि, विक्रेता प्रोफ़ाइल और लेन-देन पूरी तरह से गढ़े गए थे, जिससे वैधता का आभास होता था. recent visitors 51

हाईकोर्ट ने उमरिया कलेक्टर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, शहडोल संभाग आयुक्त को लगाई फटकार

जबलपुर.  मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने उमरिया कलेक्टर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. इतना ही नहीं उमरिया की रहने वाली माधुरी तिवारी के जिला बदर करने का आदेश भी निरस्त कर दिया है. दरअसल, जिला बदर करने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. इसके साथ ही शहडोल संभागायुक्त को भी फटकार लगाई है. पूरा मामला 2024 का है. दरअसल, उमरिया कलेक्टर ने माधुरी तिवारी के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया गया था. बताया जा रहा है कि माधुरी पर 6 आपराधिक मामले दर्ज थे. इनमें से 2 धारा 110 के तहत थे. फिर 2 मामले मारपीट और 2 एनडीपीएस से जुड़ा केस था. हालांकि किसी भी मामले में महिला को सजा नहीं हुई थी. फिर जिला बदर के आदेश को माधुरी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने क्यों रद्द किया आदेश जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई. इसके बाद कोर्ट ने जिला बदर का आदेश भी निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि शहडोल संभागायुक्त अपने विवेक का प्रयोग करें. डाक घर की ओर से काम नहीं करें. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि कलेक्टर ने एसएसओ के बयान के आधार पर आदेश जारी कर दिया था. जांच में सामने आया कि माधुरी को 1 एनडीपीएस के केस में महज 1 दूसरे आरोपी के बयान के आधारपर फंसाया गया था. उनके कब्जे से कोई प्रतिबंधित पदार्थ बरामद नहीं किया गया था. इतना ही नहीं एसएचओ ने भी माना कि महिला से किसी का कोई विवाद नहीं था. इतना ही नहीं पाली के किसी भी व्यक्ति ने यह नहीं कहा था कि माधुरी के यहां रहने से उन्हें कोई खतरा है. फिर हाईकोर्ट ने कलेक्टर और संभाग आयुक्त के आदेश को गलत बताया. फिर कलेक्टर पर जुर्माना भी लगाने का निर्देश दिया. recent visitors 72

धोनी की एक सलाह ने मुझे आत्मविश्वास दिलाया : राहुल त्रिपाठी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर राहुल त्रिपाठी ने बताया कि कैसे पूर्व कप्तान एमएस धोनी की सलाह ने उन्हें 2017 में आईपीएल में पदार्पण के दौरान मदद की। फ्रैंचाइजी के लिए अपने पहले मैच से पहले माही ने त्रिपाठी को शांत करने में मदद की। उन्होंने कहा, अपना पहला मैच खेलने से दो दिन पहले, मैं ड्रेसिंग रूम में उन्हें देख रहा था। उन्होंने मुझे बुलाकर कहा कि मैं कुछ भी अतिरिक्त करने या सोचने की कोशिश न करूं और मुझे प्रशिक्षण के दौरान जिस तरह से खेल रहा था, उसी तरह खेलने के लिए माही ने कहा। यह देखते हुए कि यह सलाह उस कद के क्रिकेटर से आई थी और यह तथ्य कि मैं अपना पहला मैच खेलने जा रहा था, इससे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला। माही की इस सलाह ने वास्तव में मेरी घबराहट को शांत किया। उन्होंने कहा, मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उनके साथ समय बिताने का मौका मिला। क्रिकेट जगत में कई लोगों का सपना होता है कि वे उनके साथ क्रिकेट के अनुभव साझा करें और उनके साथ खेलें। उनके साथ रहकर मैंने देखा है कि वे कितने सरल हैं। लंबे इंतजार के बाद राहुल ने आखिरकार 31 साल की उम्र में जनवरी 2023 में श्रीलंका के खिलाफ टी201 सीरीज के दौरान भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। राहुल ने कहा, मैंने कभी हार नहीं मानी। कई बार यह कठिन था और ऐसा लगा कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना सपना ही रह जाएगा है। लेकिन मैंने कोशिश करते रहने का फैसला किया और हमेशा विश्वास किया कि एक दिन मुझे वह मौका मिलेगा जिसका मैं इंतजार कर रहा था। और मुझे लगता है कि यह विश्वास ही एक कारण था कि मुझे आखिरकार मौका मिला। यह बहुत ही भावुक क्षण था। टीम के साथ 6-7 घंटे की यात्रा करने के बाद मैं आखिरकार अपना टी20आई डेब्यू करने में सक्षम हो गया। संयोग से, मैंने अपना डेब्यू पुणे में अपने घरेलू मैदान पर किया, जहां मैं बचपन से क्रिकेट खेल रहा हूं। इसलिए मुझे लगता है कि यह सब लिखा हुआ था। राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर को दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स कैंप में नायर के साथ काम करने के अनुभव पर त्रिपाठी ने कहा, मुझे लगता है कि नायर ने मेरी यात्रा में सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं उन्हें अपना बड़ा भाई मानता हूं। उनसे मिलना मेरे जीवन का बदलाव था।   recent visitors 52