अफगानिस्तान में हम 500 प्रोजेक्ट्स में शामिल, राशन से लेकर दवा तक दी: UNSC में भारत

न्यूयॉर्क भारत ने बीते कुछ सालों में अफगानिस्तान के तालिबान शासन से रिश्तों में सुधार किया है। इसके अलावा अफगानिस्तान के अलग-अलग प्रांतों में भारत सरकार की मदद से 500 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि इस साल की शुरुआत में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुबई में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भारत ने तालिबान शासन के साथ द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है। इसके अलावा लोगों से लोगों के ‘विशेष’ संबंध देश के भारत के मौजूदा जुड़ाव का ‘आधार’ रहे हैं। हरीश ने परिषद में कहा, 'दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। अफगान पक्ष ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ जुड़ने और उनका समर्थन करने के लिए भारतीय नेतृत्व की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।’ उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय लिया गया कि भारत, अफगानिस्तान में जारी मानवीय सहायता कार्यक्रमों के अलावा निकट भविष्य में विकास परियोजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा।’ मिस्री और मुत्ताकी के बीच जनवरी में हुई बैठक 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से भारत और तालिबान के बीच अब तक का सबसे उच्च स्तरीय संपर्क था। हरीश ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ता सदियों पुराना रहा है और अपने पड़ोसी देश के रूप में भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच एक विशेष रिश्ता है, जो ‘देश के साथ हमारे वर्तमान जुड़ाव का आधार’ रहा है। हरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और देश में स्थिरता एवं शांति बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। भारतीय दूत ने कहा, ‘हमारा व्यापक दृष्टिकोण अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना और अफगानिस्तान में वास्तविक अधिकारियों एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत एक अंतरराष्ट्रीय आम सहमति बनाना है।’ उन्होंने कहा कि दोहा, मॉस्को फॉर्मेट और अन्य मंचों में संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में भारत की भागीदारी ‘अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास को सुरक्षित करने के हमारे प्रयासों का प्रतिबिंब है।’ भारत ने संयुक्त राष्ट्र संस्था को बताया कि वह स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, खेल और दक्षता विकास के क्षेत्रों में अफगानिस्तान के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के साथ काम कर रहा है। वर्ष 2001 से भारत, अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, ‘हमारी विकास साझेदारी में अफगानिस्तान के सभी प्रांतों में फैली 500 से अधिक परियोजनाएं शामिल हैं।’अगस्त 2021 से अब तक भारत ने देश को 27 टन राहत सामग्री, 50 हजार टन गेहूं, 40 हजार लीटर कीटनाशक और 300 टन से अधिक दवाइयां तथा चिकित्सा उपकरण दिए हैं। recent visitors 29

जिला खनिज अधिकारी आकांछा पटेल ने किया पदभार ग्रहण

सिंगरौली जिला खनिज अधिकारी आकांछा पटेल पहुंची सिंगरौली दफ्तर में पहुंच किया पदभार ग्रहण निवर्तमान जिला खनिज अधिकारी AK राय का हुआ है अनूपपुर ट्रांसफर. recent visitors 29

कमिश्नर कार्यालय मेंआयोजित की गई जनसुनवाई

शहडेाल कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में शहडोल संभाग के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनी तथा  समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए।  जनसुनवाई में संयुक्त आयुक्त विकास श्री मगन सिह कनेश , उपायुक्त राजस्व श्रीमती मिनिषा पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। recent visitors 29

कराची के निवासी रमजान के दौरान भोजन, कपड़े और घरेलू सामान के लिए संघर्ष कर रहे हैं, रमजान में भी न मिली राहत

कराची पड़ोसी देश पाकिस्तान के कई शहरों में पवित्र रमजान के महीने में भी लोगों को भारी महंगाई और मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम ये है कि इफ्तार और सेहरी के लिए जरूरी फल-सब्जी और मेवे जैसे चीजों की कीमतें आसमान छू रही है। इससे मध्यम और निम्न-मध्यम बेहाल हो उठा है और सरकार से बढ़ती महंगाई को काबू में करने का गुहार लगा रहा है। कराची के निवासी रमजान के दौरान भोजन, कपड़े और घरेलू सामान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। TNN स्टोरीज की रिपोर्ट के अनुसार, कराची के निवासी रमजान के शुरू होते ही जरूरी सामानों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से जूझने लगे हैं। इस वजह से माह-ए-रमजान में भी लोगों के लिए बुनियादी जरूरतें जुटा पाना मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पवित्र महीने की शुरुआत होते ही सब्जियों,फलों, तेल, सूखे मेवों, मसालों और कपड़ों की कीमतों में इजाफा हो गया है, जिससे आम जन निराश और बोझिल हो गए हैं। विरोध-प्रदर्शन करने से डर रहे लोग एक बुजुर्ग निवासी अहसान ने अपनी मजबूरी साझा करते हुए कहा, "रमजान से ठीक एक सप्ताह पहले, रोजमर्रे के लिए जरूरी सामानों की कीमतें बहुत कम थीं, लेकिन जैसे ही रोज़ा शुरू हुआ, सारे सामान की कीमतें आसमान छूने लगी है।" उन्होंने कहा कि लोग पुलिस की जवाबी कार्रवाई के डर से रमजान के दौरान सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने से डर रहे हैं। उन्होंने कीमतों में बढ़ोतरी के लिए बड़े बाजारों में जवाबदेही की कमी को जिम्मेदार ठहराया, जहां विक्रेता जनता की लाचारी का फायदा उठा रहे हैं। एक अन्य निवासी हाजी मुहम्मद अली ने इस मुद्दे की अनदेखी के लिए अधिकारियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, "अधिकारी सो रहे हैं, उन्हें मोटी तनख्वाह मिल रही है, जबकि आम लोग इस महंगाई की मार झेल रहे हैं। उन्हें आम आदमी की मुश्किलों की परवाह नहीं है।" उनकी हताशा नागरिकों के बीच व्यापक असंतोष को दर्शाती है, जो सरकार द्वारा अपने हाल पर छोड़ दिए गए जान पड़ते हैं।दूसरी तरफ, स्थानीय दुकानदारों को रमजान के मौके का फायदा उठाने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। फल-सब्जी, सूखे मेवे की कीमतों में उछाल TNN की रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे कराची में सूखे मेवे, मसाले और क्रॉकरी की कीमतों में अचानक भारी उछाल आ गया है। अचानक से सभी जरूरी सामान महंगे हो गए हैं। एक स्थानीय निवासी के हवाले से कहा गया है कि सामानों की कीमतों में अचानत बढ़ोत्तरी से मध्यम और निम्न वर्ग के परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। एक अन्य निवासी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वे लाचार हैं क्योंकि वहां दूसरा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वे लोग महंगाई की वजह से उन दुकानदारों का बहिष्कार करते हैं तो उन्हें माह-ए-रमजान में रोजा रखने में मुश्कलें आएंगी। इसलिए वे असहाय हैं। टीएनएन स्टोरीज की रिपोर्ट के अनुसार, रमजान के चलते जनता बाजार नियामकों और अधिकारियों से अधिक जवाबदेही की मांग कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बुनियादी ज़रूरतें लोगों की पहुँच में बनी रहें। बहरहाल, जरूरी सामानों की कीमतों में भारी वृद्धि ने कराची में व्यापक निराशा को जन्म दिया है। कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या अधिकारी इस पवित्र महीने के दौरान आमजनों के इस संघर्ष के लिए कोई कदम नहीं उठाएंगे। recent visitors 59

फेस्टिवल सीजन के बीच सरकारी अवकाश के चलते कर्मचारियों के लिए होली का उत्साह दोगुना हो जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में होली के साथ आने वाले दिनों में लगातार सरकारी छुट्टियां(Government Holiday) रहेगी। यह अवकाश शनिवार, रविवार के आसपास आ रहे हैं, ऐसे में वर्किंग डे के दौरान एक दो दिन का अवकाश लेकर कर्मचारी लगातार पांच से सात दिन की छुट्टियां मना सकते हैं। लगातार अवकाश के चलते मार्च-अप्रेेल में वर्किंग डे कम रहेंगे, ऐसे में सरकारी कामकाज को लेकर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। एक तरह से यह होली कर्मचारियों के लिए स्पेशल होली के रूप में रहेगी। कर्मचारियों को 13 सीएल और 3 एच्छिक अवकाश पूरे साल में शनिवार, रविवार के अलावा सरकारी कर्मचारियों को 13 सीएल और 3 ऐच्छिक अवकाश मिलते हैं। इस पूरे साल में 68 एच्छिक अवकाश घोषित किए गए है, इसमें से कर्मचारी तीन अवकाश अपनी सुविधा अनुसार ले सकते हैं। शनिवार और रविवार का शासकीय अवकाश फेस्टिवल सीजन के बीच सरकारी अवकाश के चलते कर्मचारियों के लिए होली का उत्साह दोगुना हो जाएगा। इस बार धुलेंडी पर्व 14 मार्च शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसके बाद शनिवार और रविवार का शासकीय अवकाश होगा। इसके बाद दो दिन वर्किंग डे रहेगा और 19 को फिर रंगपंचमी का स्थानीय अवकाश रहेगा। ऐसे में दो दिन की छुट्टी लेकर कर्मचारी पूरे एक सप्ताह तक छुट्टियां ले सकते हैं। इसी प्रकार मार्च में ही 29 से 31 तक फिर छुट्टियां रहेगी। 29 और 30 को शनिवार, रविवार इसके बाद 31 मार्च को हिंदू नववर्ष, चैतीचांद का अवकाश रहेगा। दूसरी ओर होली को लेकर कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। 16 मार्च को रविवार के कारण चार दिन का अवकाश मिलेगा।     13 मार्च (March 13 Holiday) होलिका दहन ऐच्छिक अवकाश     14 मार्च (March 14 Holiday)धुलेंडी अवकाश     15 मार्च (March 15 Holiday)शनिवार     16 मार्च (March 16 Holiday)रविवार     19 मार्च (March 19 Holiday)बुधवार रंग पंचमी वीकेंड अवकाश मार्च के बाद अप्रेल में भी फेस्टिवल सीजन में छुट्टियों की सौगात रहेगी। 10 अप्रेल को महावीर जयंती मनाई जाएगी, इसके अगले दिन शुक्रवार को वर्किंग डे होगा। इसके बाद शनिवार, रविवार के बाद सोमवार को भी आंबेडकर जयंती का अवकाश रहेगा। ऐसे में शुक्रवार का अवकाश लेकर कर्मचारी लगातार पांच दिन छुट्टियां मना सकते हैं। इसके बाद 18 अप्रेल को गुड फ्रायडे और अगले दिन भी शनिवार और रविवार रहेगा। recent visitors 59

महासमुंद : चिरायु टीम के प्रयास ने अपेक्षा को दी नई जिंदगी

महासमुंद : चिरायु टीम के प्रयास ने अपेक्षा को दी नई जिंदगी अपेक्षा सिर्फ एक कैंसर सर्वाइवर नहीं, बल्कि साहस और उम्मीद की मिसाल है महासमुंद ग्राम झालखम्हरिया की 8 साल की नन्ही अपेक्षा साहू की जिंदगी अचानक एक ऐसे मोड़ पर आ गई, जहाँ हर पल मौत की परछाईं उसका पीछा कर रही थी। उसके मासूम बचपन पर ब्लड कैंसर के एक दुर्लभ प्रकार एक्यूट प्रोमाइलोसाइटिक ल्यूकेमिया (एपीएमएल) ने गहरा असर डाला। महीनों से चला आ रहा बुखार, शरीर पर उभरते चकत्ते और पीलापन किसी गंभीर खतरे का संकेत दे रहे थे। जब स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम को उसकी हालत का पता चला, तो बिना देरी किए उसे एम्स रायपुर ले जाया गया, जहाँ विस्तृत जांच के बाद उसकी बीमारी की पुष्टि हुई। इलाज की शुरुआत कीमोथेरेपी से हुई, लेकिन यह जितनी जरूरी थी, उतनी ही खतरनाक भी साबित हुई। पहली ही खुराक के बाद उसके शरीर ने गंभीर प्रतिक्रिया दी, अचानक दौरे पड़ने लगे, मस्तिष्क में रक्तस्राव (सीवीए) हो गया, और उसका बायाँ हिस्सा अर्ध-पक्षाघात (हेमिप्लेगिया) से प्रभावित हो गया। यह सब देखकर उसके माता-पिता का दिल बैठ गया। उन्हें लगा कि अब कुछ भी ठीक नहीं हो सकता, और उन्होंने इलाज बीच में ही रोकने का फैसला कर लिया। लेकिन यही वह क्षण था जब चिरायु टीम ने उम्मीद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने माता-पिता को समझाया कि यह लड़ाई अधूरी छोड़ देना ही असली हार होगी। उनकी काउंसलिंग और हौसले के चलते अपेक्षा का इलाज दोबारा शुरू हुआ। उसे बाल्को मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ उसने 7 खुराक कीमोथेरेपी पूरी की। दर्द और तकलीफ के बावजूद, उसकी मासूम आँखों में जिंदा रहने की चमक बनी रही। धीरे-धीरे उसकी हालत सुधरने लगी, और हर गुजरते दिन के साथ वह इस जानलेवा बीमारी पर विजय पाने की ओर बढ़ती गई। ऐसे कठिन समय में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता भी कारगर साबित हुई। सितंबर 2024 में, जब उसने अपनी आखिरी कीमोथेरेपी पूरी की, तो यह सिर्फ एक इलाज का अंत नहीं था, बल्कि एक नई जिंदगी की शुरुआत थी। अब वह सिर्फ दवाइयाँ ले रही है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रही है। अभी कु. अपेक्षा कक्षा दूसरी में अध्ययनरत् है। उसकी हँसी अब दर्द से भरी नहीं, बल्कि जज़्बे और हिम्मत की कहानी बयां करती है। अपेक्षा सिर्फ एक कैंसर सर्वाइवर नहीं, बल्कि साहस और उम्मीद की मिसाल है। उनकी माता-पिता के लिए जीने का संबल है। recent visitors 56

अम्बिकापुर : हायर सेकेण्डरी स्कूल भूगोल, भौतिक शास्त्र की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न

अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा संचालित की जाने वाली हायर सेकेण्डरी स्कूल मुख्य परीक्षा 11 मार्च भूगोल, भौतिक शास्त्र विषय की परीक्षा 71 परीक्षा केन्द्रों में संपन्न हुआ। कलेक्टर सरगुजा से गठित उड़नदस्ता दल द्वारा शा.उ.मा.वि.बा. असोला, बा.लखनपुर, कन्या लखनपुर, बा.उदयपुर, बा.सीतापुर एवं बंदना का निरीक्षण किया गया। केन्द्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक संचालित हो रहा है। आज आयोजित परीक्षा में पंजीकृत दर्ज संख्या 5599 है जिसमें 5496 उपस्थित पाए गए एवं 103 अनुपस्थित रहे। recent visitors 49