Monday, July 6, 2026 11:08 pm

17 मार्च 2025, सोमवार: चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि:आज किसी संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए आप पहल कर सकते हैं। शरीर को फिट रखने के लिए आपको सब्जियां और फल भी अधिक खाने चाहिए। लव लाइफ में पार्टनर को समय दें। तनाव कम लें। वृषभ राशि: आज आपको अपने प्रदर्शन से समस्याओं पर काबू पाने की जरूरत है। छोटी-छोटी बातों पर बहस में न पड़ें। प्रेम जीवन में छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। मिथुन राशि: आज छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं उम्रदराज नागरिकों को परेशान कर सकती हैं। कुछ लॉन्ग डिस्टेंस के प्रेम संबंधों में परेशानी हो सकती है। व्यापार में अच्छा रिटर्न देखने को मिलेगा। कर्क राशि: आज कुछ जातकों को मेडिकल देखभाल की आवश्यकता होगी। जो लोग यात्रा कर रहे हैं, उन्हें भी ऑनलाइन पेमेंट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कोई सहकर्मी आप पर गलत बिहेवियर का आरोप लगा सकता है। सिंह राशि: आज आपको जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता है। प्रेम-संबंधी मुद्दों को संभालते समय डिप्लोमेटिक बने रहें। धूम्रपान न करें क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कन्या राशि: आज कोई पुराना एक्स लवर जीवन में वापस आएगा लेकिन इससे पारिवारिक जीवन में परेशानी हो सकती है। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं। कुछ जातकों को सेहत संबंधी दिक्कत हो सकती है। तुला राशि: आज का दिन फाइनेंशियल डिसीजन लेने के लिए अच्छा नहीं रहेगा। सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को लक्ष्य पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। महिला जातक अपने माता-पिता से सपोर्ट की उम्मीद कर सकती हैं। वृश्चिक राशि: धन के मामले में आज का दिन शुभ है। लव लाइफ में परेशानी हो सकती है, ज्यादातर बातचीत की कमी के कारण। आप अपने करियर में विकास के नए अवसर देखेंगे। सुबह के समय योग और कुछ हल्के व्यायाम करना बहुत फायदेमंद रहेगा। धनु राशि: आज आपको व्यापार में धन जुटाने में परेशानी हो सकती है। उम्रदराज लोगों को फिसलन वाली जगह पर चलने से बचना चाहिए। प्रेमी के साथ आपका कम्युनिकेशन अच्छा रहेगा। आपको ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहना चाहिए। मकर राशि: आज कुछ लोगों को भाई-बहनों से आर्थिक सहायता मिलेगी। आपको प्रेमी को पर्सनल स्पेस भी देना चाहिए। आप प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लें। आपका पेशेवर जीवन उत्पादक रहेगा। कुंभ राशि: आज करियर में आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। रात के समय वाहन चलाते समय आपको सावधान रहना चाहिए। अगर आप रचनात्मक क्षेत्र में हैं, तो आपको आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है। मीन राशि: आज अपने पार्टनर के साथ बातचीत के दौरान आप अपना कंट्रोल न खोएं। मैरिड जातकों को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में नहीं पड़ना चाहिए, जो जीवन में परेशानी का कारण बन सकता है। बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन से बचें। recent visitors 53

हमास ने इजरायली कैदी की रिहाई और चार अन्य बंधकों के शवों की वापसी का भी प्रस्ताव दिया, रखी तीन शर्तें

हमास हमास ने हाल ही में इजराइल के प्रति एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें गाजा पट्टी में हालिया तनाव को कम करने के लिए कई अहम शर्तें रखी हैं. इस प्रस्ताव के तहत हमास ने राफा क्रॉसिंग के खुलने और मानवीय मदद की एंट्री को प्रमुखता देने की पेशकश की है, साथ ही गाजा पट्टी में लगभग दो महीने के लिए युद्धविराम के विस्तार को भी शामिल किया है. मसलन, इन शर्तों के आधार पर एक इजरायली कैदी की रिहाई और चार अन्य बंधकों के शवों की वापसी का भी प्रस्ताव दिया गया है. शनिवार को हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस खबर की पुष्टि की. हमास के अधिकारी ने आगे बताया कि उन्होंने युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण पर वार्ता की मांग भी की है, जिसका उद्देश्य स्थायी रूप से हिंसा खत्म की जा सकती है.   हमास का प्रतिनिधिमंडल मिस्र रवाना ये प्रस्ताव औपचारिक रूप से इजराइली पक्ष को भेजे जा चुके हैं और अब उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है. हमास ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उनका एक वार्ता प्रतिनिधिमंडल मिस्र के अधिकारियों से मिलने काहिरा जा रहा है. इसका उद्देश्य वार्ता और युद्धविराम समझौते के क्षेत्र में डेवलपमेंट की समीक्षा करना है. इजरायल-हमास में गाजा में युद्धविराम पर हुआ था करार इजरायल और हमास के बीच तीन चरण का युद्धविराम समझौता पहले से ही मिस्र, कतर, और अमेरिका की मध्यस्थता में प्रभावी हुआ था. हालांकि, इसका दूसरा चरण जब से रुका हुआ है, तब पहली 42-दिन की अवधि मार्च 1 को समाप्त हो गई. इजरायल ने गाजा में मानवीय मदद रोकी, बिगड़े हालात मार्च 2 से इजराइल ने गाजा में सहायता और खाद्य आपूर्ति को रोक दिया, जिसके बाद से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया है. हमास और इजरायल के बीच इस प्रस्ताव ने एक नई वार्ता के रास्ते खोले हैं. यह प्रस्ताव, हमास की उच्च प्रायरिटी के साथ, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राहत पैकेज और मानवीय सहायता हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है. अगर दोनों पक्षों में इन शर्तों पर बातचीत पाजिटिव रहती है तो गाजा में शांति स्थापित करना आसान हो सकता है.   recent visitors 45

बीजेपी MLA बोलीं- ये लोग वहां मांस और शराब परोस रहे, केदारनाथ में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की तैयारी

देहरादून केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश और गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इस संबंध में केदारनाथ की भाजपा विधायक आशा नौटियाल ने जानकारी दी है. विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि कुछ गैर-हिंदू तत्व धार्मिक स्थल केदारनाथ धाम की पवित्रता को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग वहां मांस, मछली और शराब परोसने जैसे कामों में लिप्त हैं, जिससे धाम की गरिमा को नुकसान पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को चिह्नित कर उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई जा रही है. बैठक में सामने आया ये सुझाव बीजेपी विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि हाल ही में प्रदेश के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस विषय पर अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की थी. बैठक में यह सुझाव आया कि गैर-हिंदू तत्वों द्वारा केदारनाथ धाम को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं. इसलिए ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. बीजेपी पर कांग्रेस का तीखा पलटवार उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि यह शिव भूमि है, उत्तराखंड ही नहीं, देशभर में एक तरफ द्वारका और पुरी में भगवान विष्णु विराजमान हैं. एक तरफ रामेश्वरम हैं, तो दूसरी तरफ उत्तराखंड में केदारनाथ-बद्रीनाथ हैं. जहां हर धार में देवालय है और हर नदी घाड़ में शिवालय है, वहां आप किस-किस को वर्जित करेंगे. और ये संकीर्णता क्यों? हरीश रावत ने कहा कि बीजेपी के नेताओं को सनसनीखेज बयान देने की आदत पड़ गईं है, जिन्हें कोई जानता भी नहीं था, वो भी मीडिया की कृपा से रातोरात चर्चित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि आशाजी ने सोचा कि मैं पीछे क्यों रह जाऊं, इसलिए उन्होंने भी बयान दे दिया. हरीश रावत ने कहा कि अब शराब-मांस क्यों आ रहा है, आप सरकार हैं तो इसे आप रोकिए. मैं तो दूसरे धर्म के ऐसे लोगों को भी जनता हूं, जो हमेशा मंदिरों और आस्था वाली जगह पर पहले जूते उतार देते हैं, कभी-कभी हम भूल जाते हैं.   recent visitors 49

नाइटक्लब में लगी भीषण आग, 50 लोगों की मौत, आग लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और भगदड़

स्कोप्जे उत्तरी मैसेडोनिया के कोकानी में एक नाइटक्लब में भीषण आग लग गई। आग में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी। देश के प्रधानमंत्री ने इस दुखद घटना पर अफसोस जताते हुए लोगों से इस दुख की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की अपील की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि नाइटक्लब में एक कॉन्सर्ट के दौरान लगभग 1,500 लोग मौजूद थे, जब अचानक आग लग गई। आग तेजी से छत और बिल्डिंग के अन्य हिस्सों में फैल गई, जिससे पूरा नाइटक्लब जलकर राख हो गया। आग लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ के कारण भी कई लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और घायलों की संख्या का अभी भी आकलन किया जा रहा है। बचाव दल घटनास्थल पर मौजूद है और राहत कार्य जारी है। इस घटना पर उत्तरी मैसेडोनिया के प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजन मिकोस्की ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "गहरे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मुझे कोकानी में हुई भयानक त्रासदी की खबर मिली। मैसेडोनिया के लिए यह एक कठिन और बहुत दुखद दिन है! इतने सारे युवा जीवन की अपूरणीय हानि है।" उन्होंने आगे कहा, "दुख के इस समय में, हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं और मृतकों के परिवारों को इस अकल्पनीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान किए जाने की प्रार्थना करता हूं। आम लोग और सरकार उनके दर्द को कम करने और इन कठिन क्षणों में उनकी मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।" पीएम ने हर संभव सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा, "मैं सभी सक्षम संस्थानों – स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस, स्थानीय अधिकारियों – से घायलों की मदद के लिए तत्काल उपाय करने और प्रभावित परिवारों की सहायता करने का आह्वान करता हूं। सरकार पूरी तरह से सक्रिय है और परिणामों से निपटने और इस त्रासदी के कारणों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।" पीएम ने लोगों से इस दुख की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की अपील करते हुए कहा, "गहरे दुख के इस समय में, जब हमारे दिल इस भयानक त्रासदी के दर्द से टूट गए हैं, मैं एकजुटता, मानवता और जिम्मेदारी का आह्वान करता हूं। ईश्वर पीड़ितों और घायलों के परिवारों और मैसेडोनिया के लोगों के साथ रहें!" recent visitors 48

टेक्नोलॉजी से पूरी दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहा है, ऐसे में मीडिया जगत में भी तेजी के साथ बदलाव हो रहा है: मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया को मान्यता दी गई है। मीडिया ही लोकतंत्र के प्रति सजग प्रहरी के रूप में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित कर अन्य तीन स्तंभों को किसी न किसी रूप में झकझोरती है। किन्हीं कारणों से छूटे हुए मुद्दों को सही तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर जन सरोकार से जोड़ती है। मीडिया की भूमिका पूरी दुनिया में समय-समय पर अलग-अलग रूप में देखने को मिली है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में आयोजित एक प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कही। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि देश में कई ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर को मीडिया के जरिए आगे बढ़ाने का काम किया था। देश के स्वाधीनता आंदोलन में उन्होंने पत्रकारिता के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। इसमें सबसे पहला नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का आता है, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाचार पत्रों को प्रोत्साहित किया था। लोकमान्य तिलक ने जन चेतना को जागरूक करने के लिए गणपति महोत्सव का आयोजन किया। इसके अलावा लाल लाजपत राय, गणेश शंकर विद्यार्थी आदि ने अपनी लेखनी की धार से समाज को नई दिशा दी। जिस समय देश के लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा था, तब समाचार समूहों ने अपनी लेखनी के माध्यम से लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। मीडिया की भूमिका और प्रासंगिकता को परिवर्तनशील माहौल में भी कभी कम नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज टेक्नोलॉजी से पूरी दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में मीडिया जगत में भी तेजी के साथ बदलाव हो रहा है ताकि समाज तक टेक्नोलॉजी से जुड़कर सही तथ्यों को उन तक पहुंचाया जा सके। आज युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है क्योंकि उसके पास समय कम है। ऐसे में मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है कि उन तक सकारात्मक चीजें पहुंचाई जाएं क्योंकि कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म का दुरुपयोग कर नकारात्मकता फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में मीडिया जगत अपनी जिस भूमिका के लिए जानी जाती है, उसी भूमिका के साथ उसे आगे बढ़ना होगा। यह न केवल लोकतंत्र बल्कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए बड़ा कार्य होगा। सीएम योगी ने आगे कहा कि सुशासन और लोकतंत्र की पहली शर्त संवाद है। हम जबरन अपनी बात को किसी पर थोप नहीं सकते हैं, लेकिन संवाद से बड़े से बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं। वहीं जब भी हम संवाद की भाषा से अपने आप को अलग करते हैं, तो नए संघर्ष को बढ़ावा मिलता है। हमें उस संघर्ष से बचने की आवश्यकता है। ऐसे में अगर मीडिया उस संवाद की भाषा को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी, तो निश्चित रूप से बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। सीएम ने कहा कि संवाद को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम मीडिया है। इसके लिए जरूरी नहीं है कि एक लाख लोगों को इकट्ठा करके अपनी बात कही जाए, इसके लिए कुछ लोग ही पर्याप्त हैं। वहीं लोग करोड़ तक आपकी आवाज को पहुंचाएंगे। इसके लिए मीडिया को आगे आना होगा। recent visitors 55

RSS की अहम भूमिका, समाज में इसके योगदान और अपने व्यक्तिगत अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मशहूर अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के बीच बातचीत का पॉडकास्ट आज रविवार को रिलीज हो गया है. इस बातचीत में पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इसमें पीएम मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की उनके जीवन में अहम भूमिका, समाज में इसके योगदान और अपने व्यक्तिगत अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की. लेक्स ने उनसे सवाल पूछा कि जब आप आठ साल के थे, तब RSS में शामिल हो गए थे, जो हिंदू राष्ट्रवाद के विचार का समर्थन करता है. क्या आप मुझे आरएसएस के बारे में बता सकते हैं? आप पर और आपके राजनीतिक विचारों के विकास पर उनका क्या प्रभाव पड़ा? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि बचपन से ही मुझे हमेशा किसी न किसी काम में लगे रहने की आदत थी. मुझे याद है कि मकोशी नाम का एक आदमी था, मुझे उसका पूरा नाम ठीक से याद नहीं है, मुझे लगता है कि वह सेवा समूह का हिस्सा थे. वह अपने साथ एक ढफली जैसा रखते थे. वह अपनी गहरी, दमदार आवाज में देशभक्ति के गीत गाते थे. जब भी वह हमारे गांव में आते थे तो अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम करते थे. मैं उनके पीछे पागलों की तरह दौड़ता रहता था, बस उनके गाने सुनने के लिए. मैं पूरी रात उनके देशभक्ति के गाने सुनता रहता था. मुझे इसमें मज़ा आता था, मुझे नहीं पता क्यों, लेकिन बस मज़ा आता था. 'संघ को समझना इतना सरल नहीं' उन्होंने कहा कि हमारे गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक शाखा थी, जहां देशभक्ति के गीत चलते थे. उन गीतों की कुछ बातें मुझे बहुत छू गईं. और इस तरह मैं आरएसएस का हिस्सा बन गया. आरएसएस में हमें जो मूल मूल्य दिए गए, उनमें से एक था कि जो भी करो, उसे उद्देश्य के साथ करो. राष्ट्र के योगदान के लिए करो. जैसे मैं पढ़ाई करूं तो इतनी करूं की देश के काम आए. जब मैं व्यायाम करूं तो इतना करूं कि मेरा शरीर भी देश के काम आए. ये संघ के लोग सिखाते रहते हैं. संघ एक बहुत बड़ा संगठन है. यह अब अपनी 100वीं वर्षगांठ के करीब है. इतना बड़ा स्वयंसेवी संगठन शायद दुनिया में कहीं और मौजूद नहीं है. करोड़ों लोग इससे जुड़े हुए हैं. लेकिन संघ को समझना इतना सरल नहीं है. इसके कार्य की प्रकृति को सही मायने में समझने के लिए प्रयास करना चाहिए. किसी भी चीज से ज़्यादा, संघ आपको एक स्पष्ट दिशा प्रदान करता है जिसे वास्तव में जीवन में एक उद्देश्य कहा जा सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी बात, देश ही सब कुछ है और जनसेवा ही ईश्वर की सेवा है. यही वैदिक काल से कहा जाता रहा है. यही हमारे ऋषियों ने कहा है, यही विवेकानंद ने कहा है और यही बातें संघ के लोग करते हैं. तो स्वयंसेवक को कहा जाता है कि तुम्हें जो संघ से प्रेरणा मिली है, उससे समाज के लिए कुछ करना चाहिए.आज, उस भावना से प्रेरित होकर कई पहल चल रही हैं. जैसे कुछ स्वयंसेवकों ने सेवा भारती नामक संगठन की स्थापना की. यह संगठन उन झुग्गी-झोपड़ियों और बस्तियों की सेवा करता है जहां सबसे गरीब लोग रहते हैं, जिन्हें वे सेवा समुदाय कहते हैं. मेरी जानकारी के अनुसार, वे बिना किसी सरकारी सहायता के केवल सामुदायिक सहयोग से, लगभग एक 1 लाख 25 हजार सेवा परियोजनाएं चलाते हैं. वे वहां समय बिताते हैं, बच्चों को पढ़ाते हैं, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं, अच्छे संस्कार देते हैं और इन समुदायों में स्वच्छता को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हैं. यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. 'संघ ने आदिवासी इलाकों में खोले 70 हजार स्कूल' उन्होंने कहा कि इसी तरह, संघ द्वारा पोषित कुछ स्वयंसेवक वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से आदिवासी समुदायों की सेवा के लिए समर्पित हैं. वे आदिवासियों के बीच रहते हैं, उनके कल्याण के लिए काम करते हैं. उन्होंने दूरदराज के आदिवासी इलाकों में 70,000 से ज़्यादा एक शिक्षक वाले स्कूल खोले हैं. अमेरिका में भी कुछ लोग हैं जो इनके लिए लगभग 10 या 15 डॉलर का दान करते हैं. और वे कहते हैं, 'इस महीने एक कोका-कोला न पिएं और उस पैसे को एक शिक्षक वाले स्कूल में दान करें.' अब कल्पना करें, आदिवासी बच्चों को शिक्षित करने के लिए समर्पित 70,000 एक शिक्षक स्कूल. कुछ स्वयंसेवकों ने शिक्षा में क्रांति लाने के लिए विद्या भारती की स्थापना की है. आज, वे लगभग 25,000 स्कूल चलाते हैं, लगभग 30 लाख छात्रों को शिक्षित करते हैं, और मेरा मानना ​​है कि इस पहल से करोड़ों छात्रों को लाभ हुआ है, जो अविश्वसनीय रूप से कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. शिक्षा के साथ-साथ, मूल्यों को प्राथमिकता दी जाती है, और छात्र जमीन से जुड़े रहते हैं, कौशल सीखते हैं ताकि वे समाज पर बोझ न बनें. यानी, जीवन के हर पहलू में, चाहे वह महिलाएँ हों, युवा हों या फिर मज़दूर हों, RSS ने भूमिका निभाई है. 'संघ से मुझे जीवन के संस्कार मिले' पीएम मोदी ने कहा कि सदस्यता के आकार के संदर्भ में, अगर मैं ऐसा कहूं तो हमारे पास भारतीय मज़दूर संघ है. इसके लगभग 50,000 संघ हैं, जिनके देश भर में लाखों सदस्य हैं. शायद, पैमाने के संदर्भ में, दुनिया में इससे बड़ा कोई मज़दूर संघ नहीं है. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वे किस तरह का दृष्टिकोण अपनाते हैं. ऐतिहासिक रूप से, वामपंथी विचारधाराओं ने दुनिया भर में मज़दूर आंदोलनों को बढ़ावा दिया है. और उनका नारा क्या रहा है?  recent visitors 44

भारत में आतंकी हमले करते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं, जैसा बीज बोओगे, वैसा ही काटोगे : उदित राज

नई दिल्ली कांग्रेस नेता उदित राज ने पाकिस्तान में चल रही आतंकी गतिविधियों और अस्थिरता पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के बीच आपसी टकराव चल रहा है, लेकिन दोनों की नीयत खराब है। उदित राज ने कहा, "ये लोग भारत में आतंकी हमले करते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं। लेकिन जैसा बीज बोओगे, वैसा ही काटोगे। जब ये आतंकवाद भारत में फैलाते हैं, तो इसका उल्‍टा असर पाकिस्तान पर पड़ता है। वहां मस्जिदों पर हमले होते हैं, बम धमाके होते हैं। यह उसी का नतीजा है और पाकिस्तान को इसकी सजा भुगतनी पड़ रही है।" उन्होंने भारत और पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि भारत में राष्ट्रीय चरित्र और एकता की कमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यहां आरएसएस और भाजपा के लोग देशभक्ति के नारे लगाते हैं, लेकिन समय-समय पर पाकिस्तान के लिए काम करते हुए पकड़े जाते हैं। क्या ऐसा इजरायल में संभव है? वहां की खुफिया एजेंसी मोसाद और तकनीक हमसे कहीं आगे है। हमारे देश का टेंपरामेंट ऐसा नहीं है। अगर भारत के पास मोसाद जैसी तकनीक हो, तो बहुत अच्छा होगा।" उदित राज ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति में भारत का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा, "आईएसआई खुद आतंकवाद को तैयार करती है, लेकिन यह उनके ही खिलाफ हो जाता है। अफगानिस्तान से सटे होने की वजह से वहां के लड़ाके भी पाकिस्तान से टकरा रहे हैं। ये सभी आतंकी हथियारों से लैस हैं। पाकिस्तान में आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप चलते हैं, जहां ये आपस में भी लड़ पड़ते हैं, जिससे खून-खराबा होता है।" recent visitors 50