Friday, July 3, 2026 4:17 am

पलासिया थाना क्षेत्र से कारोबारी का चालक 90 लाख रुपये कीमती लग्जरी कार लेकर फरार, GPS से ट्रैक कर पकड़ा

इंदौर पलासिया थाना क्षेत्र से कारोबारी का चालक 90 लाख रुपये कीमती लग्जरी कार लेकर फरार हो गया। पुलिस ने जीपीएस से लोकेशन ट्रैस कर आरोपी चालक को पकड़ लिया है। आरोपी कार बेचने की फिराक में था। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज पुलिस के मुताबिक शुभ-लाभ रेसिडेंसी(खजराना) निवासी राकेश अग्रवाल ने चालक दुर्गेश तंवर निवासी न्यू हरसूद खंडवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। राकेश के मुताबिक चालक सोमवार को कार(एमपी 09जेडजेड 099) लेकर गायब हो गया। राकेश ने उसको कॉल लगाया लेकिन मोबाइल बंद मिला। उसे शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन निकाली। कार में जीपीएस लगा हुआ था। पुलिस ने लोकेशन ट्रैस कर आरोपित इटारसी रोड़ से गिरफ्तार कर लिया। रिक्शा चालक ने फांसी लगाई चंदननगर थाना क्षेत्र में रिक्शा चालक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम किया है। शव का पोस्ट मार्टम करवाया गया है। पुलिस के मुताबिक सिरपुर निवासी 32 वर्षीय शुभम पुत्र कमल ने फांसी लगाई है।शुभम की पत्नी मायके गई है। मंगलवार सुबह सो कर नहीं उठने पर स्वजन ने पुलिस को सूचना दी। खड़े ट्रक से दो ट्रक टकराए,एक चालक की मौत तेजाजी नगर ब्रिज पर ट्रक में भिड़ंत हो गई। एक चालक की हादसे में मौत हो गई। दो की हालत गंभीर है। हादसा खराब स्थिति में खड़े ट्रक के कारण हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम किया है। शव का पोस्ट मार्टम करवाया गया है। पुलिस के मुताबिक हादसा सोमवार रात का है। तेजाजी नगर ब्रिज पर कनाड़िया से राऊ की ओर जा रहा ट्रक अचानक खराब हो गया। चालक ने उसे यथा स्थिति में छोड़ दिया। पीछे से तेज रफ्तार में आया ट्रक खड़े ट्रक से टकरा गया। उसकै कैबिन दब गया। पीछे से दूसरा ट्रक आया और वह भी टकरा गया। दोनों के चालक कैबिन में दब गए। पुलिस मौके पर पहुंची और कैबिन में दबे चालकों को निकाला। घायलों को अस्पताल भिजवाया। एक ट्रक के चालक देवीसिंह पुत्र भागचंद निवासी बैरसिया भोपाल की मौत हो गई। शारदा एलोपन और मोहम्मद फारुख का उपचार चल रहा है। पुलिस ने क्रेन की सहायता से तीनों ट्रकों को हटवाया है।   recent visitors 35

फिरोजाबाद के दिहुली हत्याकांड के 44 साल बाद कोर्ट ने तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई

दिहुली फिरोजाबाद के दिहुली हत्याकांड के 44 साल बाद फैसला आया। साल 1982 में डकैतों के गिरोह ने दलितों के गांव पर हमला बोल दिया था और अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 24 लोगों की हत्या कर दी थी। जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। दलित हत्याकांड मामले में अब कोर्ट ने 3 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले 11 मार्च को मैनपुरी कोर्ट में स्पेशल जज ने तीनों हत्यारोपियों को दोषी ठहराया था। अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह ने दोपहर साढ़े तीन बजे फांसी की सजा सुनाई। तीनों ही आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस हत्याकांड में 18 नवंबर 1981 को जसराना के ग्राम दिहुली में 24 लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। फैसला आने के बाद तीनों ही आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। त कोर्ट ने नरसंहार को बेहद जघन्य माना न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा है कि हत्यारों को गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जब तक कि इनकी मृत्यु न हो जाए। तीनों दोषियों की उम्र 75 से 80 साल है। इस हत्याकांड में कुल 20 हत्यारोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। जिसमें से 13 आरोपियों की मौत हो चुकी है और फरार चल रहे चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने स्थाई वारंट जारी कर रखे हैं। मामले की पैरवी एडीजीसी रोहित शुक्ला द्वारा की गई। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आना पड़ा था दिहुली दिहुली में जब 44 साल पहले नरसंहार हुआ तब प्रदेश की सरकार हिल गई थी उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, ‌गृहमंत्री बीपी सिंह, मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और विपक्षी नेता अटल बिहारी वाजपेई भी पीडितों का दर्द बांटने‌ देहुली पहुंचे थे। फिरोजाबाद जनपद क्षेत्र के थाना जसराना क्षेत्र का गांव दिहुली मे जव 18 नवंबर 1981 को संतोष सिंह उर्फ संतोषा और राधेश्याम उर्फ राधे के गिरोह के द्वारा दलित समाज के लोगों के ऊपर हमला कर सामूहिक नरसंहार के जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। उसे समय वह क्षेत्र मैनपुरी का हिस्सा हुआ करता था। चश्मदीदों ने बताया हत्याकांड मामले में मुख्य चश्मदीद गवाह बनवारी लाल ने बताया किउनके पिता ज्वाला प्रसाद की सबसे पहले खेत मे‌‌ आलू की खुदाई करते समय गोलियों से भून कर हत्या की गई थी। उसके साथ उनके बड़े भाई मनीष कुमार और भूरे सिंह और चचेरे भाई मुकेश की हत्या हुई थी। वह काफी दबाव के बाद भी अंतिम समय तक अपनी गवाही पर कायम रहे। ‌उन्हें इस बात का संतोष है कि देर से सही लेकिन उन्हें इंसाफ मिला है। आरोपियों को फांसी मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकांश पीड़ित परिवार गांव से पलायन कर गए हैं केवल तीन परिवार ही गांव में रह रहे हैं। 90 वर्ष की जय देवी का कहना है कि अपने परिवार के लोगों के खोने का दर्द अभी भी नहीं भूल पाए हैं, न्याय मिलने में बहुत देरी हुई है। उन्होंने हमलावरो से छिपकर अपनी जान बचाई थी। दिहुली निवासी लायक सिंह ने सामूहिक नरसंहार की रिपोर्ट राधेश्याम उर्फ राधे संतोष सिंह उर्फ संतोषा समेत 17 लोगों के खिलाफ‌ दर्ज कराई गई थी। ‌दलित समाज के महिला पुरुष तथा बच्चो‌ं का शाम के समय पुलिस की वर्दी में पहुंचे डकैत के गिरोह के लोग जो हथियारों से लैस थे उनके द्वारा सामूहिक सत्याकांड को अंजाम दिया गया था। सामूहिक दलित समाज के हत्याकांड के पीछे बदमाशों के गिरोह की मुखबिरी और गवाही का मामला मुख्य रूप से सामने आया था। जिसको लेकर नाराज बदमाशों ने बदले की भावना से गांव में पहुंचकर हमला किया था। मामले की सुनवाई मैनपुरी जिला न्यायालय में चल रही थी जो बाद में हाई कोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद के सेशन कोर्ट में अक्टूबर 2024 तक ट्रायल चला था। जिला जज के आदेश पर अक्टूबर 2024 में संबंधित मामले को मैनपुरी की विशेष डकैती कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। recent visitors 40

सीएम योगी की फ्लीट के सामने आया सांड़, दो कर्मचारी निलंबित, 14 की सेवा समाप्त

वाराणसी वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान फ्लीट के सामने सांड़ आने की घटना को गंभीरता से लिया है। पशु चिकित्सा एवं कल्याण विभाग के दो बेलदारों को निलंबित कर दिया गया है। आउटसोर्स पर तैनात 14 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई। प्रशासन के सख्त रुख से खलबली मच गई है। सीएम योगी होली के ठीक पहले 12 मार्च को वाराणसी आए थे। इस दौरान विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही समीक्षा बैठक की थी। काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर जाते समय कबीरचौरा में उनकी फ्लीट के सामने सांड़ आ गया था। तमाम सतर्कता और तैयारियों के बाद भी मुख्यमंत्री की फ्लीट के सामने सांड आने को बेहद गंभीर माना गया है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बेलदार अमृतलाल और संजय प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. संतोष पाल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। ये दोनों पशु चिकित्सा विभाग से सम्बद्ध किये गये हैं। इसी तरह आउटसोर्स के कर्मचारियों रजत, राकेश, रामबाबू, आशीष, अंकित, लालधारी, श्याम सुंदर, दीपक शर्मा, निशांत मौर्या, शुभम, राजेश कुमार, गंगाराम, अरविंद यादव, राघवेंद्र चौरसिया की सेवा समाप्त कर दी गई है। नगर आयुक्त ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती करने वाली कंपनी वॉरियर्स सिक्योरिटी ऐंड सर्विसेज के प्रबंधन को भी अंतिम चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि अगली बार यदि उनके कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे तो कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। साथ ही सभी 14 कर्मचारियों को नगर निगम के किसी अन्य विभाग में भी भविष्य में भर्ती के लिए न भेजने का निर्देश दिया गया है। छुट्टा पशुओं को लेकर लगातार राज्य के विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी योगी सरकार पर निशाना साधती रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव छुट्टा पशुओं से आम लोगों और किसानों को हो रहे नुकसान का मामला उठाते रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया है। अधिकारियों को भी छुट्टा पशुओं को लेकर खास हिदायते दी गई हैं। इसके बाद भी सीएम योगी की मौजूदगी में सांड़ का सड़क पर दिखना अधिकारियों पर सवाल खड़े कर गया। recent visitors 35

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा- नींव मजबूत होगी तो आने वाला भविष्य मजबूत होगा

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मंगलवार को 'पोषण भी-पढ़ाई भी' पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि हमारी नींव मजबूत होगी तो आने वाला भविष्य मजबूत होगा। सक्षम आंगनवाड़ी मिशन 2.0 के तहत पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम केन्द्र सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रशिक्षण कार्यक्रम है। ये प्रशिक्षण राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा तथा पोषण सेवा प्रदान करने की क्षमता विकसित करने के लिये एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रारंभ की इस पहल का उद्देश्य बच्चों की देखभाल और शिक्षा पर आंगनवाड़ी प्रणाली पर ध्यान केन्द्रित किया जा सके और आंगनवाड़ी केन्द्र को उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी सुविधाओं, खेल के उपकरण और विधिवत प्रशिक्षित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ एक शिक्षण केन्द्र परिवर्तित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे 6 वर्ष के कम उम्र के बच्चों (विशेषकर दिव्यांग बच्चों) के रचनात्मक, सामाजिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास को प्रोत्साहित किया जा सके। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नींव का पत्थर प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि आंगनवाड़ी एक आधारशिला है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नींव का पत्थर है। उन्होंने कहा कि नींव के पत्थर किसी को नहीं दिखता लेकिन अगर वो मजबूत हो तो इमारत बुलंद होती है। बच्चों को खाना खिलाना, उनकी देखभाल करना अति आवश्यक है। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और भौतिक संबल को बढ़ावा दे रही है। श्रीमती रश्मि शमी ने कहा कि यह 2 चरणों में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम से आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका सशक्त बनेगी। उन्होंने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से हो, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। आँगनवाड़ी में होने वाली पढ़ाई के एसेसमेंट किये जाने पर भी ध्यान देना होगा। आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूकी वली ने बताया कि 'पोषण भी-पढ़ाई भी' के तहत आधारशिला और नवचेतना को आंगनवाड़ी केन्द्रों में क्रियान्वित करने के संबंध में कार्यकताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वारा क्षमता संवर्द्धन के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में पाठ्यक्रम और शैक्षणिक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित एवं सक्षम बनाना है। भोपाल के होटल रेडिसन में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में सभी संभागों के अधिकारी, सीडीपीओ, डीपीओ सहित अजीज प्रेमजी फाउन्डेशन और रॉकेट लर्निंग संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 28

ममता बनर्जी और लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते हुए औसतन हर दिन एक या दो रेल दुर्घटनाएं होती थीं: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली रेल दुर्घटनाओं की हालिया घटनाओं के बाद विपक्ष की तरफ से किए गए हमलों के बीच राज्यसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते हुए औसतन हर दिन एक या दो रेल दुर्घटनाएं होती थीं जबकि अब सरकार की नीतियों के कारण यह संख्या कम होकर प्रति वर्ष केवल 30 दुर्घटनाओं तक रह गई है। पिछले कार्यकालों में कितनी दुर्घटनाएं हुईं? वैष्णव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे (2005-06) तो उस समय कुल 698 दुर्घटनाएं और पटरी से उतरने की घटनाएं हुई थीं। वहीं ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहते हुए 395 दुर्घटनाएं और पटरी से उतरने की घटनाएं हुईं। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे के रेल मंत्री बनने पर यह संख्या 38 तक सीमित हो गई थी। उन्होंने कहा, "पहले औसतन प्रतिदिन एक दुर्घटना होती थी लेकिन अब यह संख्या घटकर प्रति वर्ष सिर्फ 30 हो गई है। यदि हम 43 रेल दुर्घटनाओं को भी शामिल करें तो कुल दुर्घटनाएं 73 होती हैं यानी पहले जो आंकड़ा करीब 700 था वह अब 80 से भी कम हो गया है जोकि 90% की कमी को दर्शाता है।"   रेलवे क्षेत्र में सुधार की ओर कदम रेल मंत्री ने कहा कि बिहार के सारण जिले में स्थित मढ़ौरा फैक्ट्री से जल्द ही करीब 100 इंजन निर्यात किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यह फैक्ट्री पहले निष्क्रिय थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद इसे चालू किया गया। अब 'मेड इन बिहार' इंजन दुनिया भर के गंतव्यों तक पहुंचेंगे। रेलवे का वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की योजना वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे ने कोविड महामारी के दौरान अपनी कार्यकुशलता को साबित किया है और अब यात्री और माल ढुलाई दोनों में वृद्धि देखी जा रही है। रेलवे की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसे लगातार सुधारने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि "अच्छे प्रदर्शन के कारण रेलवे अपने खर्चों को अपनी आय से पूरा कर रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि एक किलोमीटर यात्रा की लागत लगभग 1.4 रुपये है लेकिन यात्रियों से सिर्फ 73 पैसे लिए जाते हैं। इस साल भारतीय रेलवे ने 1,400 इंजनों का उत्पादन किया है जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है। नॉन-एसी कोच की संख्या बढ़ाने की योजना रेल मंत्री ने जनरल और नॉन-एसी कोच की संख्या घटाने के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जनरल कोचों की संख्या एसी कोचों की तुलना में 2.5 गुना बढ़ाई जा रही है। साथ ही मौजूदा उत्पादन योजना के तहत 17,000 नॉन-एसी कोचों का निर्माण किया जाएगा। वहीं अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में अपने बयान में रेलवे की सुधरी हुई स्थिति, दुर्घटनाओं में कमी और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है और इसे आगे और बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।   recent visitors 35

कृषि में तकनीकी क्रांति के लिए उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग आवश्यक

भोपाल पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में ‘रिसर्च इनोवेशन फॉर कमर्शियलाइजेशन’ विषय पर एक दिवसीय इंडस्ट्री-अकादमिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के एग्रीहब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा किया गया। कार्यशाला की शुभारंभ में आईआईटी इंदौर के एग्रीहब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रमुख अन्वेषक प्रो. अरुणा तिवारी कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग बढ़ाकर ही अनुसंधान को व्यावसायिक स्तर पर ले जाया जा सकेगा। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक (आईसीटी) डॉ. अनिल राय ने अनुसंधान एवं अकादमिक संस्थान और औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच की खाई को पाटने की आवश्यकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं नवाचारों को मूर्त रूप देने और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने में सहायक हो सकती हैं। कार्यशाला में सी-डैक पुणे की वैज्ञानिक सुश्री लक्ष्मी पनट ने कृषि क्षेत्र को आधुनिक और उन्नत बनाने के लिए मल्टी-बेनिफिशरी सहयोग को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि कृषि में तकनीक के समावेश से ही उत्पादकता में वृद्धि को स्टेबल और सस्टेनेबल बनाया जा सकता है। कार्याशाला में शामिल हुए असम साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी गुवाहाटी के कुलपति प्रो. नरेंद्र एस. चौधरी ने एरिया-स्पेसिफिक एआई और मशीन लर्निंग (एमएस) मॉडल विकसित करने की आवश्यकता जताई। अघारकर रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. प्रशांत ढकेफालकर ने कहा कि हरित क्रांति के बाद अब कृषि में एआई और एमएल आधारित अनुसंधान से नई तकनीकी कृषि क्रांति की आवश्यकता है। इससे भारत वैश्विक खाद्य उत्पादन और कृषि प्रौद्योगिकी में अग्रणी बन सकता है। कार्यशाला के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान उद्योग औऱ अकादमियों से आए विशेषज्ञों के ओपन पैनल डिस्कसन हुआ इसमें उद्योगों के सामने आर ही वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श हुआ। अकादमिक विद्वानों ने अनुसंधान, उत्पाद व्यावसायीकरण और बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रबंधन से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर भी चर्चा की। कार्यशाला में एग्रीहब के सहयोगी अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र, भारतीय फसलों के लिए एक समर्पित डेटा रिपॉजिटरी और उच्च-प्रदर्शन संगणना (एचपीसी) अधोसंरचना के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में बायोटेक कंसोर्टियम इंडिया लिमिटेड (बीसीआईएल) के साथ एमओयू किया गया। इसके अंतर्गत केन्द्रीय जैव प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न कृषि तकनीकों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा। कार्यशाला में प्रिसीजन एग्रीकल्चर, जीनोम विश्लेषण और बीज परीक्षण क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख उद्योगों ने एग्रीहब परियोजना के तहत संयुक्त कार्यक्रम विकसित करने की सहमति व्यक्त की। साथ ही, विभिन्न स्टार्ट-अप्स और गैर-सरकारी संगठनों (एनचीओ) ने किसानों के लाभ के लिए संयुक्त कार्यक्रम विकसित करने की इच्छा व्यक्त की।   recent visitors 31

माता टीला डेम में श्रद्धालुओं से भरी पलटी नाव, सात की मौत

शिवपुरी शिवपुरी में सिद्ध बाबा मंदिर पर फाग चढ़ाने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई। इसमें सात लोगों की मौत की खबर है। सात को बचा लिया गया है। मरने वालों में दो लड़के, दो लड़कियां व तीन महिलाएं शामिल हैं। यह देर शाम की घटना है। प्रशासन मौके पर पहुंच रहा है। शिवपुरी के खनियाधाना थाना क्षेत्र स्थित माता टीला डेम में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी है। रजावन गांव के लोग नाव से डेम के बीच बने टापू पर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के दर्शन करने जा रहे थे। बीच रास्ते में नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। नाव में सवार कई लोग डूबने लगे। तीन घंटे हो चुके हैं। लापता का कोई पता नहीं चला है, शव मिलना बाकी हैं। recent visitors 26