Wednesday, July 1, 2026 11:55 pm

21 मार्च शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ, पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज का दिन मेष राशि वालों को कई ऐसे मौके दे सकता है, जो पर्सनल ग्रोथ में मदद करेंगे। पॉजिटिव सोच लव लाइफ, करियर, धन और सेहत में बदलावों को अपनाने में मदद करेगी। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। सेहत पर गौर करें। वृषभ राशि- आज अपने लक्ष्यों पर फोकस रखें। सेहत को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। बाहर के खाने से परहेज करें। दिमाग पर ज्यादा प्रेशर न डालें। आप कॉन्फिडेंट फील करेंगे। काम पर आपका पूरा फोकस रहेगा। मिथुन राशि- आज मेडिटेशन करने से आपको अच्छा महसूस होगा। सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। दिन नॉर्मल रहने वाला है। बिजी शेड्यूल के चलते आप थोड़ा प्रेशर महसूस कर सकते हैं। डेडलाइन पर सभी जरूरी टास्क पूरे करने में सक्षम रहेंगे। कर्क राशि- आज का दिन शुभ माना जा रहा है। आज कई स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है। कुछ जातक करियर की पॉलिटिक्स का शिकार भी बन सकते हैं। जल्दबाजी में आकर कोई भी फैसला न लें। तनाव से बचें। सिंह राशि- आज जंक फूड्स का सेवन ज्यादा न करें। अपनी फैमिली के साथ आपको कुछ वक्त बिताना चाहिए। बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें। कन्या राशि- आज आपको कोई खुशखबरी मिल सकती है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होना संभव है। धन के मामले में दिन आपका अच्छा रहेगा। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। हेल्दी फूड्स का सेवन करें। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। तुला राशि- आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। आपकी मेहनत रंग लाएगी। कुछ जातकों का प्रमोशन भी हो सकता है। लव के मामले में आज अपने गुस्से पर काबू रखें। बेवजह के वाद विवाद में फंसने से बचें। वृश्चिक राशि- आज का दिन शानदार रहने वाला है। धीरे-धीरे ऑफिस का माहौल आपके लिए पॉजिटिव होता जाएगा। पार्टनर के साथ चल रही प्रॉब्लम्स पर काम करें। सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। धनु राशि- आज हाइड्रेटेड रहें। आपका आज का दिन थोड़ा बिजी रहने वाला है। किसी इवेंट की वजह से आपको अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस कर रहे हैं लोगों को आज पार्टनरशिप को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। मकर राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। अपने काम पर फोकस बनाए रखें। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आपके खर्च बढ़ सकते हैं। लव लाइफ नॉर्मल रहने वाली है। कुंभ राशि- आज अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए। कुछ लोग तनाव का शिकार हो सकते हैं। आज आपको अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है। काम के दौरान समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। मीन राशि- आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। काम का प्रेशर बहुत ज्यादा न लें। बिजनेस करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। खुश रहें। recent visitors 60

34 शराब दुकानों पर नहीं मिला खरीदार, फरवरी से चल रही है नीलामी प्रक्रिया, छठी बार बदली नीलामी की रणनीति

इंदौर इंदौर शहर की 34 शराब दुकानें आबकारी विभाग के लिए गंभीर समस्या बन गई हैं। पांच बार नीलामी प्रक्रिया आयोजित करने के बावजूद 302 करोड़ रुपये मूल्य की इन दुकानों को खरीदने के लिए कोई भी व्यापारी आगे नहीं आया है। इस स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग ने अब छठी बार इन दुकानों की नीलामी करने का निर्णय लिया है। इस बार विभाग ने दुकानों को 13 की बजाय 18 समूहों में विभाजित कर दिया है, जिससे व्यापारियों को अधिक विकल्प मिल सके। इसके अलावा, नीलामी में कम कीमत पर बोली लगाने का विकल्प भी जोड़ा गया है, ताकि व्यापारियों को आकर्षित किया जा सके। फरवरी से चल रही है नीलामी प्रक्रिया हर वित्तीय वर्ष की तरह इस बार भी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक के लिए शराब दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया फरवरी में शुरू की गई थी। नई शराब नीति के अनुसार, दुकानों की कीमत में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई, जिससे कई व्यापारियों ने रुचि नहीं दिखाई। शुरुआती प्रक्रिया में 173 दुकानों में से 64 दुकानों को दोबारा संचालित करने के लिए मौजूदा व्यापारियों ने आवेदन नहीं किया। इस पर आबकारी विभाग ने लॉटरी के माध्यम से इन दुकानों की नीलामी करने की कोशिश की, लेकिन इनमें से भी 34 दुकानें नहीं बिक सकीं। इसके बाद विभाग ने मार्च में चार बार नीलामी प्रक्रिया शुरू की, लेकिन एक भी व्यापारी ने भाग नहीं लिया। विज्ञापन छठी बार बदली नीलामी की रणनीति लगातार असफल नीलामी के बाद आबकारी विभाग ने छठी बार नई प्रक्रिया की घोषणा की है। इस बार 34 दुकानों को छोटे समूहों में बांटते हुए 18 समूहों में विभाजित किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बदलाव के बाद व्यापारी अधिक रुचि दिखा सकते हैं। नीलामी प्रक्रिया 22 मार्च तक जारी रहेगी, और उसी दिन आए हुए आवेदनों को खोलते हुए दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। बोली लगाने पर मिल सकती है छूट आबकारी विभाग ने दुकानों को 18 समूहों में बांटने के साथ ही उनकी कीमतों में कमी करने का भी निर्णय लिया है। पहली बार विभाग ने तय कीमत से 5 प्रतिशत कम पर भी बोली लगाने की अनुमति दी है। यदि कोई व्यापारी कम राशि की बोली लगाता है, तो इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद दुकान को कम कीमत पर भी नीलाम किया जा सकेगा। इस नए फैसले से उम्मीद की जा रही है कि व्यापारी अधिक रुचि दिखाएंगे और विभाग की समस्या का समाधान हो सकेगा। recent visitors 53

इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग के लिए दिल्ली से आई टीम ने आमद दी, क्या आठवीं बार रहेगा ताज बरकरार ?

इंदौर स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आई टीम ने सर्वेक्षण की शुरुआत खजराना मंदिर से की है। इस मंदिर में फूलों से खाद बनाने का काम बीते सात वर्षों से चल रहा है और सफाई भी काफी रहती है।  टीम खजराना क्षेत्र की बस्तियों में भी पहुंची और सफाई व्यवस्था को देखा। इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग के लिए दिल्ली से आई टीम ने आमद दे दी है। नगर निगम भी स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पूरी तरह तैयार है। सवाल यह उठता है कि क्या आठवीं बार भी इंदौर के सिर पर स्वच्छता का ताज बरकरार रहेगा या कोई दूसरा शहर इसे पहनेगा। शुक्रवार से शहर में सर्वेक्षण शुरू होगा। नगर निगम मेयर और अफसरों को दावा है कि इस बार भी रैंकिंग में पहले पायदान पर इंदौर नंबर वन रहेगा। बीते दो-तीन वर्षों में जो शहर हमसे कमतर रहे है, वे भी इस बार पहले स्थान पर आने के लिए खूब मेहनत कर रहे है। शहरवासी मानते है कि पहले की तुलना में इंदौर में सफाई थोड़ी कमजोर हुई है। स्वच्छता सर्वेक्षण में देशभर के चार हजार से ज्यादा शहरों में शुरू हो चुका है। सर्वे की तैयारी इंदौर नगर निगम ने चार माह पहले से की थी, लेकिन सर्वे देरी से होने के कारण बार-बार वाॅल पेटिंग, बेकलेन सफाई करना पड़ी। इस बार इंदौर को प्रिमियर लीग में रखा है। इस लीग में सूरत और नवी मुंबई से इंदौर को कड़ी टक्कर मिल रही है। पिछली बार सूरत ने इंदौर के साथ पहला पुरस्कार संयुक्त रुप से साझा किया था। इस बार मुकाबला और कड़ा है। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आई टीम सुबह खजराना मंदिर से की है। इस मंदिर में फूलों से खाद बनाने का काम बीते सात वर्षों से चल रहा है और सफाई भी काफी रहती है, हालांकि इंदौर का स्वच्छता सर्वेक्षण विधिवत रुप से शुक्रवार से शुरू होगा। टीम बस्ती व काॅलोनियों में जाकर सफाई व्यवस्था का आंकलन करेगी। इस बार सर्वे में यह होंगे सफाई के मापदंड – ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन व्यवस्थित करना और उसके फिर से उपयोग का तरीका -कचरा कैसे अलग-अलग किया जा रहा है और उसका संग्रहण कैसे होता है। -शहर की जल निकासी व्यवस्था कैसी है। जल के पुन: उपयोग के लिए शहर क्या कर रहे है। – शहरवासी सफाई से कितने संतुष्ठ है। उनका फीडबैक भी सर्वे में शामिल रहेगा। -सफाईकर्मियों के लिए नगरीय निकाय क्या सुरक्षा उपाय अपनाते है और उनके लिए क्या सुविधाएं है।   recent visitors 42

विंध्याचल भवन की दूसरी मंजिल पर बड़ी संख्या में गत्ते रखे हुए थे, लगी आग, समय रहते आग पर पाया काबू

भोपाल राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित विंध्याचल भवन की दूसरी मंजिल पर गुरुवार दोपहर बाद करीब पौने चार बजे आग लग गई। आग दूसरी मंजिल पर उस स्थान पर लगी, जहां भवन का रिनोवेशन किया जा रहा था। गनमीत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और बड़ी हानि होने से बच गई। यह पहली बार नहीं है, जब प्रदेश स्तरीय कार्यालय में आग लगी है। इसके पहले विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में आग की लपटें उठती रही हैं। जानकारी के अनुसार, विंध्याचल भवन की दूसरी मंजिल पर बड़ी संख्या में गत्ते रखे हुए थे। उसी गत्तों से आग का धुआं उठना शुरू हुआ। सूचना के बाद मौके पर चार दमकलों को भेजा गया, जिससे आग समय पर काबू में आ गई। हादसा घुमक्कड़ विभाग के विकास आयुक्त कार्यालय में हुआ है। इसी मंजिल पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का विकास आयुक्त कार्यालय भी है, जहां कुछ वर्षों पहले देर रात भीषण आग लगी थी। वह आग इतनी भीषण थी कि सुबह तक बुझ नहीं सकी थी। कुछ साल पहले इसी इमारत की पांचवीं मंजिल में बीज एवं फार्म विकास कार्यालय में आग लग गई थी। इस आगजनी में अमानक बीज से जांच और विभाग के कर्मचारियों की विभागीय जांच संबंधी फाइलें जलकर खाक हो गई थीं। सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अविनाश शर्मा ने बताया कि आग लगने से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। जांच कर पता लगाया जा रहा है कि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज तो नहीं जले हैं। सतपुड़ा भवन में जून 2023 में लगी थी भीषण आग मध्यप्रदेश के दूसरे सबसे बड़े प्रदेश स्तरीय कार्यालय सतपुड़ा भवन के पश्चिमी ब्लॉक में 12 जून 2023 को दोपहर में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भीषण भी कि चौथी मंजिल से छठवीं मंजिल तक पहुंच गई थी और तीनों मंजिल पर स्थित संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का अधिकांश रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया था। आग से इमारत इतनी कमजोर हो गई, उसकी मरम्मत का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इस बीच सतपुड़ा भवन को ही तोड़कर नया कार्यालय बनाए जाने पर भी प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। बड़ी मशक्कत से 20 घंटे बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका था।   मंत्रालय की पुरानी इमारत में भी लगी भीषण आग मध्यप्रदेश के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन (मंत्रालय) की पुरानी इमारत के पांचवीं मंजिल पर 9 मार्च 2024 को भीषण आग लग गई थी। आग लगने से मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन आने वाले सीएम स्वेच्छानुदान, आर्थिक सहायता सहित पांचवीं और छठवीं मंजिल में रखा महत्वपूर्ण दस्तावेज और कबाड़ जलकर खाक हो गया था। recent visitors 52

राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई टली, कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 3 अप्रैल नियत की

नई दिल्ली कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में गुरुवार को सुल्तानपुर की एमपीएमएलए विशेष कोर्ट में सुनवाई टल गई। दीवानी न्यायालय में होली मिलन कार्यक्रम के आयोजन के कारण अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे जिसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 3 अप्रैल 2025 नियत की है। इस दिन राहुल गांधी के अधिवक्ता अगले गवाह से जिरह करेंगे। यह मामला भारतीय जनता पार्टी नेता विजय मिश्रा द्वारा 2018 में दायर किया गया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान अभद्र टिप्पणी की थी, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुईं। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद राहुल गांधी ने फरवरी 2024 में कोर्ट में सरेंडर किया था और उन्हें जमानत मिल गई थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था।   इसके बाद कोर्ट ने परिवादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हालांकि, अधिवक्ताओं की हड़ताल और अन्य कारणों से कई बार सुनवाई टल चुकी है। 11 फरवरी को राहुल के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने परिवादी से जिरह की थी और अब अगले गवाह से जिरह के लिए 3 अप्रैल की तारीख तय की गई है। कोर्ट की कार्यवाही व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही है और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जा रहा है फिलहाल, यह मामला सुचारु रूप से चल रहा है, और अगली सुनवाई में आगे की प्रगति की उम्मीद है।   recent visitors 121

ऑनलाइन सट्टा के 82 लाख रुपए HDFC के बैंक मैनजर ने फर्जी खाते खुलवाकर करवाए जमा

रायपुर राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित एचडीएफसी बैंक में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. यहां फर्जी खातों में ऑनलाइन सट्टा की बड़ी रकम को जमा कराया गया. मामले में पुलिस ने आरोपी बैंक मैनजेर नितिन देवांगन को जगदलपुर से गिरफ्तार किया है. इन फर्जी खातों में लाखों रुपए जमा कराए गए थे. जानकारी के मुताबिक, देवेंद्र नगर स्थित एचडीएफसी बैंक में नितिन देवांगन ब्रांच मैनेजर के पद पर पदस्थ है. आरोपी बैंक मैनेजर बैंक में फर्जी खाते खुलवाकर ऑनलाइन सट्टा की रकम जमा करवाए. इन खातों में कुल 82 लाख 83 हजार रुपए से ज्यादा की रकम जमा कराई गई. 2020 से लेकर 2025 तक बैंक मैनेजर नितिन देवांगन ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया. देवेंद्र नगर थाना में आरोपी नितिन के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज किया. पुलिस ने जगदलपुर से बैंक मैनेजर नितिन को गिरफ्तार किया. recent visitors 52

भारत-ताइवान मिलकर करने जा रहे ये काम, भारत को चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, ट्रंप की भी नजर

नई दिल्ली भारत और ताइवान के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) करने की जरूरत है। इससे न केवल भारत को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों में ताइवानी कंपनियों के निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कहना है ताइवान के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सू चिन शू का, जो इस समय भारत दौरे पर हैं। सू चिन शू ने भारत में अपने दौरे के बीच प्रतिष्ठित रायसीना डायलॉग में भाग लिया और वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से भी वार्ता की। उन्होंने कहा कि ताइवान की तकनीक और भारत की विशाल युवा जनसंख्या के संयुक्त प्रयास से भारत में उच्च श्रेणी के तकनीकी उपकरणों का उत्पादन मुमकिन हो सकता है, जिससे चीन से आयात पर निर्भरता घटेगी। चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा काफी बड़ा है। वर्ष 2023-24 में भारत ने चीन से लगभग 101.75 अरब अमेरिकी डॉलर के उत्पाद आयात किए, जबकि निर्यात मात्र 16.65 अरब डॉलर का ही रहा। भारत चीन से मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर हार्डवेयर, दूरसंचार उपकरण, रसायन और दवा उद्योग के कच्चे माल का आयात करता है। ताइवान इस क्षेत्र में भारत की मदद कर सकता है, क्योंकि यह विश्व के कुल सेमीकंडक्टर उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत और उच्चतम तकनीक वाले चिप्स का 90 प्रतिशत से अधिक उत्पादन करता है। ये चिप्स स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, डेटा सेंटर, रक्षा उपकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी कई अहम तकनीकों में इस्तेमाल किए जाते हैं। मुक्त व्यापार समझौते की क्यों होगी जरूरत? ताइवान भारत के साथ एक व्यापार समझौता करने को उत्सुक है, जिसकी पहल लगभग 12 वर्ष पहले हुई थी। शू ने बताया कि ताइवान की कंपनियां भारत में निवेश करने की इच्छुक हैं, लेकिन उच्च आयात शुल्क एक बड़ी बाधा है। अगर एक व्यापार समझौता किया जाता है, तो यह दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा। ताइवान की कई प्रमुख कंपनियां अपने उत्पादन संयंत्रों को चीन से हटाकर यूरोप, अमेरिका और भारत में ट्रांसफर करने पर विचार कर रही हैं। इसका एक कारण अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव और दूसरा ताइवान के प्रति चीन के आक्रामक रुख को लेकर चिंताएं हैं। सू चिन शू का मानना है कि ताइवान की उन्नत तकनीक और भारत की विशाल श्रमशक्ति मिलकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को और मजबूत कर सकती है। भारत-ताइवान संबंधों में बढ़ती मजबूती हाल के वर्षों में भारत और ताइवान के बीच संबंधों में सकारात्मक बदलाव आया है। दोनों देशों ने पिछले साल एक प्रवासन और गतिशीलता समझौते (Migration and Mobility Agreement) पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे भारतीय श्रमिकों के लिए ताइवान में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। हालांकि भारत और ताइवान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन व्यापार और सांस्कृतिक स्तर पर दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 1995 में भारत ने ताइपे में ‘इंडिया-ताइपे एसोसिएशन’ (ITA) की स्थापना की थी।     यह दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी वर्ष ताइवान ने भी दिल्ली में ‘ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर’ की स्थापना की थी। भारत में ताइवान का कुल निवेश 4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है, जो मुख्य रूप से जूते, मशीनरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, पेट्रोकेमिकल्स और आईसीटी उत्पादों के क्षेत्रों में केंद्रित है। ताइवानी कंपनियां ‘मेक इन इंडिया’ नीति के तहत भारत में निवेश के नए अवसर तलाश रही हैं। चीन-ताइवान विवाद और भारत की स्थिति गौरतलब है कि चीन ताइवान को अपना एक भाग मानता है और आवश्यक होने पर बल प्रयोग कर उसे मुख्य भूमि में मिलाने की धमकी देता है। हालांकि, ताइवान खुद को स्वतंत्र राष्ट्र मानता है। भारत ने अब तक इस मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाया है और ताइवान के साथ अपने व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। भारत और ताइवान के बीच एक व्यापार समझौता न केवल दोनों देशों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा, बल्कि एशिया की व्यापारिक रणनीतियों में भी एक नए युग की शुरुआत कर सकता है। recent visitors 50