Friday, July 3, 2026 8:12 am

मनेंद्रगढ़ सिविल कोर्ट में लगे वाटर फ़िल्टर की अधिवक्ता बंधुओ ने साफ-सफाई कर पानी को पीने योग्य बनाया

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ जंहा गर्मी का मौसम प्रारम्भ से ही लोगो को उमस और बेचैनी सी महसूस होती है  साथ ही ठंडा पानी पीने को मिले इससे अच्छी बात क्या हो सकती ही।              जिसको संज्ञान मे ले मनेन्द्रगढ़ सिविल कोर्ट मे जंहा कोर्ट मे मरम्मत का कार्य चल रहा वंही सभी तरफ अस्त ब्यस्त होने के साथ कोर्ट परिषर मे अधिवक्ता साथियो के साथ ही साथ आम जन  अपने न्यायलयीन कार्यो के संबंध मे दूर -दूर से आते है,और इस मौसम मे पीने के लिए साफ व ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध न हो तो कितना अटपटा सा लगता है।               जिसे देख हमारे कोर्ट परिसर के अधिवक्ता बंधु राजेश गुप्ता,और सुजय कुंडू ने कोर्ट परिषर मे अधिवक्ता कक्ष  के सामने लगे वाटर  फिलटर गंदा था  जिसे देख दोनो अधिवक्ता बंधुओ ने अपने न्यायालयीन कार्य के पश्चात कोर्ट परिषर मे लगे वाटर फिलटर को दोनो ने साफ सफाई कर पीने योग्य बनाया जिस उत्तम कार्य के लिए दोनो अधिवक्ता बंधुओ को बहुत -बहुत बधाई! recent visitors 26

राजभवन में बिहार, अरुणाचल और मिजोरम का स्थापना दिवस समारोह मनाया गया, राज्यपाल बागडे ने बधाई और शुभकामनाएं दी

जयपुर, राजभवन में शनिवार को बिहार, अरुणाचल और मिजोरम का स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने इस दौरान इन राज्यों में निवास करने वाले स्थानीय लोगों से संवाद कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल  बागडे ने कहा कि भारत विविधताओं में एकता की अनूठी संस्कृति वाला राष्ट्र है। देश के विभिन्न राज्य और वहां की संस्कृति जीवन को संपन्न करने की दृष्टि लिए है। उन्होंने बिहार,अरुणाचल और मिजोरम राज्यों के इतिहासऔर इन राज्यों के अस्तित्व में आने की चर्चा करते हुए कहा कि विविधता से जुड़े सभी राज्य अखंड भारत का गौरव है। उन्होंने कहा कि राजभवन में राज्यों की स्थापना दिवस मनाने का उद्देश्य यही है कि "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की हमारी जो संकल्पना है, उसे मूर्त रूप दिया जा सके। विभिन्न राज्यों के नागरिकों का स्थापना दिवस पर एक साथ राजभवन में मिलन होने से परस्पर संस्कृतियों का समागम होता है और सद्भाव बढ़ता है। उन्होंने राज्यों के स्थानीय लोगों को राजस्थान के विकास में भी सहभागिता निभाने का आह्वान किया। recent visitors 40

Trump ने कर दिया अमेरिकी शिक्षा विभाग को बंद करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर, क्या है मामला

वाशिंगटन  अमेरिका में एजुकेशन डिपार्टमेंट यानी शिक्षा विभाग पर ताला लग गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने उस आदेश पर अपनी कलम भी चला दी है. जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिक्षा विभाग को ‘खत्म’ करने के उद्देश्य से एक आदेश पर हस्ताक्षर किए. यह अमेरिकी दक्षिणपंथियों का दशकों पुराना लक्ष्य रहा है. वो चाहते हैं कि अलग-अलग राज्य संघीय सरकार से मुक्त होकर खुद स्कूलों का संचालन करें. व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में डेस्क पर बैठे स्कूली बच्चों से घिरे डोनाल्ड ट्रंप एक खास समारोह में हस्ताक्षर करने के बाद आदेश दिखाते हुए मुस्कुरा रहे थे. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह आदेश संघीय शिक्षा विभाग को हमेशा के लिए खत्म करने की शुरुआत करेगा. हम इसे बंद करने जा रहे हैं और जितनी जल्दी हो सके इसे बंद कर देंगे. यह हमारे लिए कुछ नहीं कर रहा है. हम शिक्षा को वापस राज्यों को सौंपने जा रहे हैं, जहां यह होना चाहिए.’ हालांकि, यह भी सच है कि 1979 में बनाए गए अमेरिकी शिक्षा विभाग को कांग्रेस की मंजूरी के बिना बंद नहीं किया जा सकता है. लेकिन ट्रंप के आदेश में इसे फंड और स्टाफ से वंचित करने की शक्ति होने की संभावना है. यह कदम डोनाल्ज ट्रंप के एक चुनावी वादे को पूरा करता है. यह सरकार के क्रूर बदलाव के अब तक के सबसे कठोर कदमों में से एक है जिसे ट्रंप टेक टाइकून एलन मस्क की मदद से अंजाम दे रहे हैं. आदेश में शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन को ‘शिक्षा विभाग को बंद करने और शिक्षा प्राधिकरण को राज्यों को वापस करने की सुविधा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने’ का निर्देश दिया गया है. शिक्षा विभाग को आखरि ट्रंप ने क्यों किया 'बंद'? ट्रंप ने राष्ट्रपति की कुर्सी पर वापसी के लिए अपने चुनावी कैंपेन में एक वादा किया था- वादा था कि शिक्षा का विकेंद्रीकरण करने का. यानी केंद्र सरकार के हाथ में शिक्षा की बागड़ोर नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि वह विभाग की शक्तियों को राज्य सरकारों को सौंप देंगे, जैसा कि कई रिपब्लिकन दशकों से चाहते थे. बता दें कि परंपरागत रूप से, अमेरिका में शिक्षा में फेडरल सरकार (केंद्रीय सरकार) की सीमित भूमिका रही है. प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों के लिए केवल 13 प्रतिशत फंड केंद्र के खजाने से आता है. बाकी राज्यों और स्थानीय समुदायों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है. लेकिन कम आय वाले स्कूलों और विशेष जरूरतों वाले छात्रों के लिए केंद्र से आने वाला फंड अमूल्य है, उनके चलने का जरीया है. अब तक फेडरल सरकार छात्रों के लिए प्रमुख नागरिक अधिकार सुरक्षा लागू करने में आवश्यक रही है. recent visitors 45

नागपुर हिंसा : ICU में भर्ती घायल युवक ने तोड़ा दम

नागपुर  महाराष्ट्र के नागपुर में 17 तारीख को हुई हिंसा में घायल युवक की मौत हाे गई है. हिंसा में इरफान अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा था. इमरान ICU में भर्ती था इलाज के दौरान उसकी जान चली गई. इस हिंसा में अन्य घायल लोगों का इलाज अस्पताल में जारी है. नागपुर में हुई इस हिंसा के बाद अब भी कई इलाकों में तनाव का माहौल है. घटना के 6 दिन बाद पुलिस ने शांति बहाल करने 9 इलाकों में कर्फ्यू लगाया हुआ है. नागपुर में औरंगजेब की मजार के पास विश्‍व हिन्‍दू परिषद की तरफ से धरना प्रदर्शन किया गया था. इसी बीच अफवाह फैल गई कि दरगाह की चादर को जलाया गया है. ऐसे में बड़ी संख्‍या में मुस्लिम पक्ष की तरफ से युवक सड़क पर निकल आए. जिसके बाद 17 मार्च की शाम को भीड़ सड़कों पर उतर आई और दंगे भड़क गए थे. नागपुर हिंसा में घायल इरफान अंसारी की मौत हो गई है. इस घटना में यह पहली मौत है. हिंसा से जुड़े मामले में 100 से ज्‍यादा लोगों को पुलिस अरेस्‍ट कर चुकी है. 17 मार्च की रात हुई हिंसा के बाद, शहर में शांति बहाल करने के लिए पुलिस ने करीब 11 इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया था, इनमें 2 इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है. वहीं अब भी 9 इलाकों में अभी भी कर्फ्यू लगा हुआ है. इनमें गणेशपेठ, कोतवाली, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, इमामवाड़ा और यशोधरानगर पुलिस थाना क्षेत्र शामिल है. नागपुर का सीएम ने किया दौरा हिंसा के बाद सीएम के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर पहुंच गए हैं. मुख्यमंत्री फडणवीस नागपुर में हुए दंगे को लेकर भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलें. इस दौरान सीएम ने कहा कि पुलिस ने घटना के 4 -5 घंटे में इस दंगे पर काबू पा लिया था. पूरी हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. recent visitors 39

राज्यमंत्री गौर बोली- त्यौहार का सामाजिक एकजुटता में महत्वपूर्ण योगदान

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि त्योहार का सामाजिक एकजुटता में महत्वपूर्ण योगदान हैं। पर्व, त्यौहार के आयोजन से हमारी संस्कृति समृद्ध हो रही है। ये सामाजिक एकता को भी मजबूत कर रहे हैं। राज्यमंत्री गौर शनिवार को भानपुर भोपाल में पटेल मार्केट व्यापारी संघ द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि सनातनी परंपरा अनुसार त्यौहार समाज को एकजुट रखने का काम कर रहे हैं। त्यौहारों का उल्लास, उत्साह हमारे मन और जीवन को आनंद से भर देता है। हमारे त्यौहार जीवन में तनाव को दूर कर आनंद की अनुभूति कराते हैं। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि समारोह के माध्यम से सनातन संस्कृति का सम्मान करने के लिए यहां उपस्थित सभी व्यापारी बंधुओ को होली और रंग पंचमी के पावन पर्व की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ। होली मिलन समारोह में स्थानीय पार्षद विकास पटेल, राजू राठौर, नीलेश गौर, प्रकाश पटेल, विनोद साहू, प्रमोद गुप्ता, मुकेश यादव सहित व्यापारी बंधु मौजूद रहे। recent visitors 30

सूर्य ग्रहण और शनि का गोचर किन लोगों के लिए अशुभ रहेगा?

हिंदू धर्म में कई त्योहार पहले महीने में मनाए जाते हैं. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, नया साल चैत्र माह में मनाया जाता है. इस दिन हर घर में नए साल का जश्न बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. हर कोई चाहता है कि नए साल की शुरुआत अच्छी हो, लेकिन हमारे जीवन की सभी घटनाएं हमारी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर घटित होती हैं. हर साल हिंदू नववर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को शुरू होता है. पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र अमावस्या 29 मार्च को है और इस दिन को धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. वैसे तो हर माह की अमावस्या विशेष होती है, लेकिन इस बार चैत्र अमावस्या बहुत खास मानी जा रही है. चैत्र मास की अमावस्या पर इस साल कई दुर्लभ संयोग बनने जा रहे हैं. दरअसल, इस बार साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा और इसी दिन शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. 29 मार्च 2025 को कर्म के पिता शनि ढाई साल बाद राशि बदलेंगे. इस समय शनि कुंभ राशि में विराजमान हैं और अपनी यात्रा समाप्त कर शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे. जहां शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे और साल का पहला सूर्य ग्रहण भी उसी दिन होगा. शनि के गोचर और सूर्य ग्रहण का संयोग कुछ राशियों के लोगों के लिए बेहद अशुभ हो सकता है. ज्योतिष के अनुसार, इस दुर्लभ संयोग के कारण कुछ राशियों के लोगों को बड़ी हानि हो सकती है. आइए जानें वे राशियां कौन सी हैं. मेष राशि: साल का पहला सूर्य ग्रहण और शनि का गोचर का संयोग मेष राशि वालों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है. आपके करियर में उतार-चढ़ाव, कार्यभार में वृद्धि, सहकर्मियों के साथ मतभेद, व्यापार में घाटा, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और तनाव रहेगा. कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को शनि के गोचर के दौरान किसी भी क्षेत्र में निवेश नहीं करना चाहिए, अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है या आपका पैसा फंस सकता है. वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, कोई नया काम शुरू करने से बचें. तुला राशि: सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर से निजी रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, खर्चे बढ़ेंगे, आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी, विद्यार्थियों को शिक्षा में दिक्कतें आ सकती हैं.  वृश्चिक राशि: इस दुर्लभ संयोग के कारण वृश्चिक राशि वाले इस समय सावधान रहें, घर में लड़ाई-झगड़े हो सकते हैं, जीवनसाथी से संबंध खराब हो सकते हैं, संपत्ति संबंधी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं, जीवन में नकारात्मकता बढ़ सकती है. धनु राशि: सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग धनु राशि वालों को भी अशुभ परिणाम दे सकता है. धनु राशि वाले लोग इस अवधि में कहीं भी निवेश न करें, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाणी पर नियंत्रण रखें.   recent visitors 47

टीबी हारेगा देश जीतेगा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामुदायिक भागीदारी आवश्यक : कन्हैयालाल चौधरी

जयपुर,  जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री  कन्हैयालाल चौधरी शनिवार को टोंक जिला मुख्यालय पर चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कृषि ऑडिटोरियम में विश्व क्षयरोग दिवस पर टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के जिला स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य टीबी उन्मूलन की दिशा में सामुदायिक सहायता प्रदान करना है। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि टीबी रोगियों के उपचार में हर संभव मदद करें, ताकि टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने सक्षम लोगों से निक्षय मित्र बनकर टीबी के इलाज में अतिरिक्त निदान और पोषण की सहायता प्रदान करने जोर दिया। उन्होंने कहा कि''टीबी हारेगा देश जीतेगा'' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अभियान को लेकर सरकार की मंशानुरूप चिकित्सकों व कार्मिकों को कार्य करने के निर्देश दिए। श्री चौधरी ने वर्ष 2023 में टीबी से मुक्त हुई जिले की 16 ग्राम पंचायतों के प्रशासकों एवं ग्राम स्तरीय कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र एवं गांधीजी की प्रतिमा भेंट कर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हिमांशु मित्तल ने बताया कि वर्ष 2024 के लिए भी जिले की 51 ग्राम पंचायतों के नाम जिला स्तरीय टीम द्वारा चयन कर भारत सरकार को भिजवाया गया है। भारत सरकार के स्तर पर निर्णय लिए जाने पर इन्हें टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जाएगा। विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण कन्हैयालाल चौधरी ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टोंक में विकसित भारत युवा संसद-2025 के तहत एक राष्ट्र-एक चुनाव विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहा कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्तमान में भारत सबसे अधिक युवा आबादी का देश है। इसलिए युवा अपनी ऊर्जा देश निर्माण में लगाएं। श्री चौधरी ने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में बड़ी पहल है। युवा इस विषय पर संवाद कर अपने विचार व्यक्त करें। recent visitors 33