मां मंदाकिनी से ज्यादा खूबसूरती उनकी बेटी राबजे, बॉलीवुड में जल्द कर सकती है डेब्यू?

मुंबई राम तेरी गंगा मैली’ में मंदाकिनी के अभिनय को कोई नहीं भुला सकता है। मंदाकिनी बॉलीवुड की बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस रही हैं। मंदाकिनी ने राज कपूर की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से खूब लोकप्रियता बटोरी थीं। फिल्म में पहाड़ी लड़की का किरदार निभाकर उन्होंने अपनी खूबसूरती के लिए खूब चर्चाएं बटोरी थीं। अब एक्ट्रेस की बेटी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जो खूबसूरती के मामले में मां से बिल्कुल दोगुना आगे हैं। बेटी को मिली मां की खूबसूरती और मासूमियत मंदाकिनी का नाम उन एक्ट्रेस की लिस्ट में शामिल हैं जिन्होंने अपने करियर की पीक पर शादी रचाई थी। अभिनेत्री ने साल 1990 में बिजनेसमैन कायगूर टी रिनपोचे ठाकुर से शादी की थी। इस शादी से एक्ट्रेस को दो बच्चे हैं, एक बेटा रब्बील ठाकुर और बेटी राबजे इनाया ठाकुर है। बेटे रब्बील जहां देखने में हैंडसम है तो वहीं बेटी राबजे को अपनी मां की खूबसूरती और मासूमियत मिली है। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर भी खासी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करती हैं, जिनमें मंदाकिनी पति कायगूर और बच्चों के अलावा बहू बुशरा के साथ दिखती हैं। बेटी की सादगी देख हो जाएंगे दीवाने मंदाकिनी की बेटी अब बड़ी हो गई हैं और लुक में वह अपनी मम्मी पर गई हैं। राबजे की फोटो देख कर आप भी एक पल के लिए ठहर जाएंगे। वो बिलकुल अपनी मां की जैसी दिखती हैं। राबजे फिलहाल पढ़ाई कर रही हैं और अक्सर अपनी मम्मी, भाभी बुशरा और भाई राबिल के साथ फोटो में नजर आती हैं। मंदाकिनी की बहु की बात करें तो वो भी फिल्मी दुनिया से जुड़ी हुई हैं। वह बतौर प्रोड्यूसर इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक, वो नेटफ्लिक्स के लिए कंटेंट प्रोड्यूस करती हैं। मंदाकिनी के बारे में… एक्ट्रेस की बात करें तो वो मेरठ में बड़ी हुईं। साल 1985 में उन्होंने फिल्म 'मेरा साथी' से बॉलीवुड में एक्टिंग डेब्यू किया, लेकिन उन्हें स्टारडम राज कपूर की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से मिला। इस फिल्म से लॉन्च करने के साथ-साथ राज कपूर ने उन्हें मंदाकिनी नाम भी दे दिया था। क्या आपको पता है कि फिल्मों में आने से पहले तक उनका असली नाम यास्मिन जोसेफ था। कहा जाता है कि उन पर डॉन दाऊद इब्राहिम का भी दिल आ गया था। recent visitors 34

बरेली में सिलिंडर फटने से उड़ा गैस एजेंसी गोदाम

बरेली बरेली से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में रजऊ परसपुर स्थित महालक्ष्मी गैस एजेंसी में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सिलिंडर फटने से आग लग गई। आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। सिलिंडर फटने से लगातार कई धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सारे सिलिंडर फट गए। गनीमत रही कि कोई हताहात नहीं हुआ है। घटना इतनी विकराल थी कि धमाकों के साथ फटे सिलिंडरों के टुकड़े 500 मीटर तक जाकर खेतों में गिरे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। ट्रक के केबिन में लगी थी आग प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार को सिलिंडरों से भरा ट्रक गोदाम पर खड़ा था। ट्रक के केबिन में किसी तरह आग लग गई, जिससे पहले उसमें रखा एक सिलिंडर फटा। फिर ट्रक और गैस एजेंसी गोदाम में आग लग गई। सिलिंडर फटने से काफी देर तक धमाके होते रहे। घटना से गांव रजऊ परसपुर में दहशत फैल गई। ग्रामीण अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। गांव से बाहर आकर देखा तो पता चला कि गैस गोदाम में धमाके हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मोबाइल से घटना के वीडियो बना लिए। जिस गैस एजेंसी गोदाम में आग लगी है, वह सोमवार को बंद रहती है। गोदाम पर चौकीदार और ट्रक चालक ही थे। दोनों ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं गोदाम आबादी से काफी दूर बना है, जिससे जनहानि होने से बच गई। सूचना मिलते ही शहर से अधिकारी मौके पर रवाना हो गए। पुलिस जांच कर रही है।   recent visitors 38

पहली बार बिना विग के इवेंट में पहुंची हिना खान

मुंबई हिना खान एक इवेंट में पहुंचीं। वो कैंसर से जूझ रही हैं। उन्होंने इस बीमारी के ट्रीटमेंट की शुरुआत में खुद ही अपने बालों को मुंडवा लिया था और अपने ही बालों से विग बनवाए थे। अभी तक वो हर जगह विग पहने ही नजर आ रही थीं। लेकिन अब पहली बार वो बिना विग के एक इवेंट में पहुंची हैं। उनका वीडियो वायरल हो रहा है। हेल्थ में ये सुधार देखकर फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हर कोई उनपर प्यार बरसा रहा है। हिना खान ने साल 2024 में सोशल मीडिया पर ऐलान किया था कि वो ब्रेस्ट कैंसर के तीसरे स्टेज पर हैं। इसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। कीमोथेरेपी के दौरान जब उनकी हालत खराब हो जाती थी, तब वो इंस्टाग्राम के जरिए अपने फैंस से अपना दर्द बयां करती थीं। इस पूरी जर्नी के दौरान फैंस हमेशा उनकी हिम्मत की दाद देते दिखे हैं। हिना ने कहा- अभी इतने ही बाल आए हैं हाल ही में उमराह करने के बाद लौटीं हिना खान को एक इवेंट में स्पॉट किया गया। जब वो रेड कारपेट पर आईं तो उन्होंने पपाराजी से पूछा, 'आज मैं सबसे अलग लग रही हूं, कैसी लग रही हूं?' सभी ने हिना का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' की 'अक्षरा' ने कहा, 'अभी तक इतने ही बाल आए हैं।' हिना ने ये भी बताया कि वो नर्वस फील कर रही थीं। उन्होंने कहा, 'मैं नर्वस थी… किसी दिन मैं अपने असली बालों के साथ वापस आऊंगी। अच्छी लग रही हूं या नहीं?' उमराह करने गई थीं हिना हिना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वो हाल ही में उमराह पर गई थीं, जहां से अपना वीडियो और ढेर सारी फोटोज शेयर की थीं। उन्होंने इसके लिए अल्लाह का शुक्रिया भी अदा किया। recent visitors 34

इमरान हाशमी के बर्थडे पर तोहफा, 18 साल बाद आवारापन 2 का सीक्वल होगा रिलीज

मुंबई अगर आपको 'जन्नत', 'आशिकी', 'राज', 'मर्डर', 'गैंगस्टर' और 'गुलाम' जैसी फिल्में पसंद आई थीं तो आपके लिए गुड न्यूज है। इस फिल्म के दूसरे पार्ट 'आवारपन 2' का ऐलान कर दिया गया है। ये अनाउंसमेंट इमरान के बर्थडे पर की गई है। 18 साल बाद फैंस को एक बार फिर से दिल से छू लेने वाली पर्दे पर दिखने वाली है। इसमें इमरान हाशमी होंगे, ये तो तय है, लेकिन बाकी डिटेल्स की घोषणा होना अभी बाकी है। Emraan Hashmi ने 24 मार्च, सोमवार को ट्वीट किया। इसमें 'आवारापन' फिल्म की झलक है। कैप्शन में लिखा गया है, 'बस मुझे कुछ और देर जिंदा रख…।' इसी के साथ फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया गया है। ये अगले महीने 3 अप्रैल 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए एकदम तैयार है। 18 साल पहले रिलीज हुई थी 'आवारापन' 'आवारापन' साल 2007 में रिलीज हुई थी। इस एक्शन क्राइम मूवी का डायरेक्शन मोहित सूरी ने किया था। कहानी महेश भट्ट की स्टोरी से शगुफ्ता रफीकी ने लिखी थी। प्रोड्यूसर मुकेश भट्ट थे। ये साउथ कोरियन मूवी A Bittersweet Life की अनक्रेडिटेड रीमेक थी। इसमें इमरान हाशमी के साथ श्रिया सरन, मृणालिनी शर्म और आशुतोष राणा नजर आए थे। इमरान ने गैंगस्टर शिवम पंडित का रोल निभाया था। फिल्म के गाने हो गए थे वायरल इस फिल्म के गानों को बहुत पसंद किया गया था। गानों को मुस्तफा जहीद और प्रियम चक्रवर्ती ने मिलकर कंपोज किया था। इसके गाने थे- 'तो फिर आओ', 'तेरा मेरा रिश्ता', 'माहिया', 'मौला मौला'। इनमें से कई गानों के रीमिक्स भी बने थे। recent visitors 37

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बोली- छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय परंपराओं में रचा अनुशासन और आदर्श का इतिहास

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।  डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।  नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की। रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे। recent visitors 41

पंत और केएल राहुल होंगे आमने-सामने, दिल्ली और लखनऊ में होगा रोमांचक मुकाबला

विशाखापत्‍तनम  नए कप्तान और नई टीम के साथ दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपरजायंट्स की टीम सोमवार को जब आमने-सामने होगी तो उनका लक्ष्य आईपीएल के नए सत्र का आगाज जीत से करना होगा। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जबकि दिल्ली की टीम अपने दो घरेलू मैच यहां खेलेगी। अपने आईपीएल करियर में अभी तक केवल दिल्ली की टीम से खेलने वाले ऋषभ पंत इस बार लखनऊ की टीम की कमान संभाल रहे हैं जिसने उन्हें नीलामी में रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था। अपनी महंगी कीमत के कारण पंत का चर्चा में रहना लाजमी है, लेकिन यह विकेटकीपर बल्लेबाज इन सब बातों को दरकिनार कर अच्छा प्रदर्शन करके सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान पक्का करना चाहेगा। पंत-राहुल पर नजरें पंत चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में शामिल थे, लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था। दूसरी तरफ के एल राहुल हैं जो पिछले दो सत्र में लखनऊ की कमान संभालने के बाद इस बार एक खिलाड़ी के रूप में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलेंगे। दिल्ली की टीम ने ऑलराउंडर अक्षर पटेल को कप्तान नियुक्त किया है, लेकिन बल्लेबाजी में राहुल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दिल्ली की टीम में दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस भी हैं जो पिछले साल तक आरसीबी की कमान संभाल रहे थे। दिल्ली ने उन्हें उपकप्तान बनाया है। कागजों पर मजबूत दिल्‍ली कागजों पर दिल्ली की टीम काफी मजबूत नजर आती है क्योंकि उसके पास विदेशी और भारतीय खिलाड़‍ियों का अच्छा संयोजन है। दूसरी तरफ लखनऊ के पास केवल छह विदेशी खिलाड़ी हैं। दिल्ली को बल्लेबाजी में जहां डु प्‍लेसिस के अनुभव का फायदा मिलेगा वहीं गेंदबाजी में उसके पास ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क हैं। करुण नायर की मौजूदगी में दिल्ली का मध्यक्रम मजबूत नजर आता है जिसमें राहुल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी और आशुतोष शर्मा भी शामिल हैं। दिल्ली की गेंदबाजी इकाई भी मजबूत नजर आ रही है, जिसके स्पिन विभाग में भारत के दो अनुभवी स्पिनर अक्षर और कुलदीप यादव शामिल हैं। उसके तेज गेंदबाजी विभाग में स्टार्क के अलावा टी नटराजन, मोहित शर्मा, मुकेश कुमार और दुशमंत चमीरा शामिल हैं। लखनऊ इन पर रहेगा निर्भर लखनऊ को उम्मीद होगी कि उनके भारतीय खिलाड़ी विदेशी खिलाड़‍ियों के साथ अच्छी तरह से सामंजस्य बिठाएंगे। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मिचेल मार्श केवल एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उपलब्ध हैं। ऐसे में लखनऊ को डेविड मिलर और एडेन मार्करम की दक्षिण अफ्रीकी जोड़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। निकोलस पूरन के रूप में लखनऊ के पास विस्फोटक बल्लेबाज है, जो अपने दम पर मैच का पासा पलट सकता है। उनके अलावा लखनऊ की टीम में आयुष बडोनी, अब्दुल समद और शाहबाज अहमद के रूप में अच्छे भारतीय बल्लेबाज हैं।  बल्लेबाजों या गेंदबाजों में से किसका रहेगा जलवा? पढ़ें पिच रिपोर्ट नए कप्तान और नई टीम के साथ दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम सोमवार को जब यहां आमने-सामने होगी तो उनका लक्ष्य इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नए सत्र का आगाज जीत से करना होगा। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जबकि दिल्ली की टीम अपने दो घरेलू मैच यहां खेलेगी। अपने आईपीएल करियर में अभी तक केवल दिल्ली की टीम से खेलने वाले ऋषभ पंत इस बार लखनऊ की टीम की कमान संभाल रहे हैं जिसने उन्हें आईपीएल की नीलामी में रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। अपनी महंगी कीमत के कारण पंत का चर्चा में रहना लाजमी है लेकिन यह विकेटकीपर बल्लेबाज इन सब बातों को दरकिनार कर अच्छा प्रदर्शन करके सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान पक्का करना चाहेगा। पंत चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में शामिल थे लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था। दूसरी तरफ केएल राहुल हैं जो पिछले तीन सत्र में लखनऊ की कमान संभालने के बाद इस बार एक खिलाड़ी के रूप में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलेंगे। दिल्ली की टीम ने ऑलराउंडर अक्षर पटेल को कप्तान नियुक्त किया है लेकिन बल्लेबाजी में राहुल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दोनों टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है। तो आइये ऐसे में आपको बताते हैं कि विशाखापत्तनम की पिच बल्लेबाज या गेंदबाजों में किसके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दिल्ली कैपिटल्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स की पिच रिपोर्ट विशाखापत्तनम के एसीए वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अच्छी साबित होती है। यहां पर बल्ले और गेंद के बीच अच्छा बैटल देखने को मिलता है। यहां पर पिछले सीजन हुए दोनों मुकाबले हाई स्कोरिंग रहे थे। काली मिट्टी की पिच स्पिनर्स के लिए मददगार रहती है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को भी फायदा हो सकता है। वहीं बल्लेबाज भी यहां खुलकर खेलते हैं और चौके-छक्के की बारिश करते हैं। वाइजेग की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अनुकूल रहती है। दिल्ली कैपिटल्स ने इस मैदान पर अब तक 7 मैच खेले हैं, जिसमें से 3 दिल्ली ने जीते हैं जबकि 4 में उनको हार का सामना करना पड़ा है। आईपीएल के विशाखापत्तनम में हुए हैं 15 मैच विशाखापत्तनम में अब तक आईपीएल के 15 मैच हुए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 8 मैच जीते हैं और दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 7 मैच जीते हैं। कोई भी मैच बिना नतीजे या टाई के खत्म नहीं हुआ है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 167 रन है। स्टेडियम में सबसे बड़ा टीम स्कोर 272 (केकेआर ने पिछले सीजन दिल्ली के खिलाफ बनाया था) रन रहा है, जबकि सबसे बड़ा सफल लक्ष्य 173 रन रहा है। ये आंकड़े बताते हैं कि इस मैदान पर हाई स्कोरिंग मैच हो सकते हैं। यहां पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों टीमों के पास हावी होने का मौका होता है। दिल्‍ली और लखनऊ की संभावित प्‍लेइंग 11 दिल्‍ली कैपिटल्‍स – जैक फ्रेजर मैकगर्क, फाफ डु प्‍लेसिस, अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, ट्रिस्‍टन स्‍टब्‍स, अक्षर पटेल (कप्‍तान), आशुतोष शर्मा, समीर र‍िजवी, कुलदीप यादव, मिचेल स्‍टार्क और टी नटराजन। लखनऊ सुपरजायंट्स – युवराज चौधरी, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्‍तान), निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, डेविड मिलर, अब्‍दुल समद, शाहबाज अहमद, राजवर्धन हंगरगेकर, रवि बिश्‍नोई और शमार जोसेफ। recent … Read more

अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सांसदों के वेत्तन और भत्ते में बढ़ी बढ़ोत्तरी की है। इसके साथ ही पूर्व सांसदों के पेंशन में भी इजाफा किया गया है। बड़ी बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी 1 अप्रैल, 2023 से ही प्रभावी होगी। अब सांसदों को हर महीने 1,24,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले एक लाख रुपये थी। इसके अलावा, सांसदों का दैनिक भत्ता भी बढ़ाकर अब 2000 से ढाई हजार कर दिया गया है। पूर्व सांसदों का पेंशन 25 हजार से बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ोत्तरी संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत किया गया है। यह आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक पर आधारित है।सरकार ने वेतन बढ़ोत्तरी से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है।संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार संसद सदस्यों के वेतन में लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो एक अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगी। हर पांच साल पर होनी है वेतन की समीक्षा सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, वैसे पूर्व सांसदों के अतिरिक्त पेंशन में भी बढ़ोत्तरी की गई है, जो एक से ज्यादा कई कार्यकाल तक सांसद रहे हैं। इसके तहत पूर्व सांसदों को सेवा के हरेक वर्ष के लिए अतिरिक्त पेंशन के तौर पर अब 2500 रुपये मासिक पेंशन मिलेंगे, जो पहले 2,000 प्रति माह थी। वेतन-भत्ते में यह बढ़ोत्तरी 2018 के बाद से लागू किए गए उस नियम के तहत किया गया है, जिसमें सांसदों के वेतन और भत्ते की हर पांच साल पर समीक्षा करने का प्रावधान है। यह समीक्षा महंगाई दर पर आधारित होती है। बता दें कि यह कदम कर्नाटक सरकार द्वारा मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में 100% वृद्धि को मंजूरी दिए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। हालांकि, कर्नाटक विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते में बढ़ोतेतरी पर तीखी बहस हुई थी। recent visitors 42