Monday, July 6, 2026 1:35 pm

VFJ को 600 करोड़ का मिला ऑर्डर, सेना ने मांगे 590 स्टेलियन और 800 LTPA; बीएसएफ को भी सप्लाई होंगे 400 वाहन

जबलपुर जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री (VFJ) को बड़ा ऑर्डर मिला है। भारतीय सेना ने 590 स्टेलियन और 800 एलटीपीए बनाने का काम दिया है। जिसकी कीमत करीब 600 करोड़ रुपए है। नया काम मिलने से फैक्ट्री में उत्पादन की रफ्तार बढ़ गई है। वीएफजे की शान है स्टेलियन-एलपीटीए जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री आजादी के बाद से सेना के लिए वाहन तैयार कर रही है। शक्तिमान, जोंगा जैसी शक्तिशाली गाड़ियों के बाद फैक्ट्री में स्टेलियन और एलपीटीए बनने की शुरुआत हुई थी। 2025-26 वित्तीय वर्ष में 1390 गाड़ियों का ऑर्डर मिला है। बीएसएफ ने फैक्ट्री में डाला डेरा बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की बटालियन भी अपने ऑर्डर के हिसाब से उत्पादन कराने के लिए निर्माणी में डेरा डाले हुए हैं। फैक्ट्री के पास 423 वाटर ब्राउजर के ऑर्डर पेंडिंग है। बीएसएफ को कुछ मॉडिफिकेशन भी चाहिए है। फोर्स के तीन कर्नल और सात जवानों को ऑफिसर्स मेस में ठहराया गया है। ये सभी काम के दौरान मौके पर मौजूद रहते हैं। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की बटालियन भी अपने ऑर्डर के हिसाब से उत्पादन कराने के लिए निर्माणी में डेरा डाले हुए हैं। फैक्ट्री के पास 423 वाटर ब्राउजर के ऑर्डर पेंडिंग है। बीएसएफ को कुछ मॉडिफिकेशन भी चाहिए है। फोर्स के तीन कर्नल और सात जवानों को ऑफिसर्स मेस में ठहराया गया है। ये सभी काम के दौरान मौके पर मौजूद रहते हैं। recent visitors 24

बिहार में15000 होमगार्ड पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 10वीं पास करें आवेदन

15000 होमगार्ड पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 27 मार्च से ऑफिशियल वेबसाइट onlinebhg.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर करते है। विभाग का नाम: बिहार गृह रक्षा वाहिनी पदों की संख्या: 1500 पद का नाम: होमगार्ड पदों का विवरण : नालन्दा: 812 पद भोजपुर: 511 पद रोहतास: 559 पद बक्सर: 312 पद कैमूर/भभुआ: 241 पद गया: 909 पद पटना: 1479 पद नवादा: 361 पद जहानाबाज: 317 पद औरंगाबाद: 217 पद मोतिहारी: 474 पद बेतिया: 311 पद दरभंगा: 741 पद समस्तीपुर: 731 पद मुजफ्फरनगर: 296 पद सीतामढी: 439 पद शिवहरी: 78 पद छपरा: 690 पद सिवान: 231 पद गोपालगंज: 395 पद मधुबनी: 607 पद पूर्णियां: 280 पद कटिहार: 484 पद अररिया: 122 पद किशनगंज: 280 पद सहरसा: 74 पद सुपौल: 144 पद लखीसराय: 123 पद शेखपुरा: 192 पद खगड़िया: 111 पद बेगूसराय: 422 पद मधेपुरा: 193 पद भागलपुर: 666 पद बांका: 294 मुंगेर: 171 पद जमुई: 257 पद योगयता : मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या 12वीं पास एज लिमिट : 18 से 25 साल चयन प्रकिया : लिखित परीक्षा पीईटी/पीएसटी डॉक्यूमेंट वेरिफिकिशन मेडिकल टेस्ट वेतन : विभाग के नियमों के अनुसार आवेदन प्रकिया : ऑफिशियल वेबसाइट onlinebhg.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन करें। recent visitors 35

हम अपने देश से बांग्लादेशियों को भगा नहीं सकते , उनका आर्थिक बहिष्कार होना चाहिए: रणजीत सावरकर

इंदौर इंदौर में वीर सावरकर की प्रतिमा का अनावरण हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा सावरकर के पोते रणजीत सावरकर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम अपने देश से बांग्लादेशियों को भगा नहीं सकते , लेकिन उनका आर्थिक बहिष्कार होना चाहिए। अब तो वे पहचान छुपाकर रहने लगे है। उनका बहिष्कार होगा तो वे संकट में आएंगे औ देश से उन्हें जाना पड़ेगा।  रणजीत ने कहा कि  आजादी के समय देश में 8 प्रतिशत मुस्लिम थे, जो अब 22 प्रतिशत हो गए। वर्ष 1970 में बांग्लादेश से एक-डेढ़ करोड़ मुस्लिम देश में आए थे। अब उनकी संख्या भी काफी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कहा कि कई प्रदेशों मेें हिन्दूवादी सरकार है। कई सीटों पर कम अंतरों से जीत हुई है। वहां अब बांग्लादेशी मुस्लिम को बसाया जा रहा है, ताकि भविष्य में उनके उम्मीदवार जीत सके। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वीर सावरकर ने अनेक कष्ट सहे। जेल में उन्हें यातनाएं दी गई। देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इतिहास को सही रुपों में समझने की जरुरत है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के प्रगति नगर में जनसहयोग से वीर सावरकर की प्रतिमा लगाई गई है। विधायक मधु वर्मा ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।   वीर सावरकर के पोते रणजीत सावरकर ने कहा कि आजादी के समय देश में 8 फीसदी मुस्लिम थे, जो अब 22 फीसदी हो गए हैं। 1970 में डेढ़-दो करोड़ बांग्लादेशी मुस्लिम आ गए। अब यह 10 करोड़ हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा- देखने में लगता है कि आज अधिकांश जगह हिंदुत्व वादी सरकार है। लेकिन कम मार्जिन से जीत वाली सीटों की संख्या अधिक है। इन बांग्लादेशी मुस्लिमों को वहां बसाया जा रहा है, जहां कम मार्जिन था। ताकि आगे जाकर उनके उम्मीदवार जीत सकें। ऐसा हुआ तो जो हिंदुत्व वादी सरकार हम देख रहे हैं वह आने वाले समय में आखरी सरकार सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर भारत के महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, चिन्तक, समाज सुधारक, इतिहासकार, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता थे। अपने कृतित्व से वे वीर सावरकर के नाम से लोकप्रिय हुए। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर को याद करते ही आनंद एवं रोमांच की अनुभूति होती है। उन्होंने अनेक कष्ट एवं प्रताड़ना सह कर देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन आदर्श है। काला पानी जैसी सबसे कठिन सजा पाकर भी वे अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। वीर सावरकर के इतिहास को सही रूप में समझने की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य है कि उनके इतिहास को सही रूप में जन-जन तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस स्थान की स्थापना जिस महापुरुष के नाम से होती है वह स्थान उन्हीं के नाम से जाना और पहचाना जाए। इसके लिए सूचना पटल लगाने सहित शासकीय पत्राचार और अन्य कार्यों में भी उनके नाम का उपयोग किया जाए। recent visitors 16

सिंगरौली बस स्टैंड पर खड़े-खड़े ‘आग का गोला’ बनी बसें; जिंदा जला क्लीनर

सिंगरौली  मध्यप्रदेश के सिंगरौली में बड़ी घटना हो गई। सोमवार (24 मार्च) की देर रात बस स्टैंड पर खड़ी दो बसों में आग भड़क गई। एक बस में सो रहे क्लीनर की जिंदा जलने से मौत हो गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। आग पर काबू पाया लेकिन तब तक दोनों बसें खाक हो चुकी थीं। आग कैसे लगी? फिलहाल कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानिए कैसे हुआ हादसा पुलिस के मुताबिक, सिंगरौली बस स्टैंड पर विजय ट्रैवल्स और सिद्दीकी बस सर्विस की बस आसपास खड़ी थीं। सोमवार रात 12 बजे विजय ट्रैवल्स की बस में अचानक आग लग गई। बगल में खड़ी सिद्दीकी बस भी चपेट में आ गई। विजय ट्रैवल्स की बस में ड्राइवर जाहिद खान, कंडक्टर काशी पटेल और क्लीनर हरीश पनिका सो रहे थे। बस में ही जिंदा जला हरीश आग की आंच लगी तो काशी की आंख खुली। काशी घबराकर उठा और बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई। काशी आगे और जाहिद पीछे वाले गेट से बाहर आ गए। हरीश नहीं निकल पाया। बस के अंदर ही हरीश जिंदा जल गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिय है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। बता दें कि हरीश पनिका (24) छत्तीसगढ़ में बलरामपुर के वाड्रफ नगर का रहने वाला था। साल 2023 में उसकी शादी हुई है। कोई संतान नहीं है। सुबह 4 बजे बुझी आग शुरुआती जांच में पता चला है कि आग में खाक हुई विजय ट्रैवल्स की बस छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के लिए चलती थी। रात करीब 9 बजे अंबिकापुर से चलकर बैढ़न आई थी। बस स्टैंड में खड़ी थी। बस स्टैंड पर जाहिद, काशी और हरीश ने मिलकर शराब पी। 11 बजे तीनों खाना खाकर सो गए। रात 12 बजे के बाद अचानक आग लग गई। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। मंगलवार सुबह 4 बजे आग पर काबू पाया। बस के साथ  हरीश भी जल गया। recent visitors 45

‘PoK खाली करना होगा नहीं तो…’, इंडिया ने UN में लगाई पाकिस्तान को लताड़, जानिए क्या-क्या कहा

नई दिल्ली भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को उसकी हरकतों के लिए घेर लिया है. ये मौका था संयुक्त राष्ट्र (UN) की सुरक्षा परिषद में शांति बनाए रखने के मुद्दे पर हो रही चर्चा का. यहां पाकिस्तान ने एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया. हालांकि इस बार भी भारत ने पड़ोसी देश को आईना दिखाते हुए जमकर लताड़ लगा दी. दरअसल भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश पी ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'पाकिस्तान बार-बार हमारे जम्मू और कश्मीर पर बेबुनियाद और अनावश्यक बयान देता है. ऐसे बयान न तो पाकिस्तान के झूठे दावों को सही ठहरा सकते हैं, न ही आतंकवाद फैलाने की उसकी नीति को.' भारत ने साफ शब्दों में ये भी कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा किया है और उसे वो इलाका छोड़ना ही होगा. हरिश ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह अपनी छोटी सोच और देश को बांटने वाली नीतियों को छोड़कर शांति की दिशा में कदम बढ़ाए. 'पाकिस्तान ने फिर लिया अनावश्यक टिप्पणियों का सहारा' भारत ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने फिर से 'अनावश्यक टिप्पणियों' का सहारा लिया है, लेकिन इससे न तो उसके गैरकानूनी दावे वैध साबित होंगे, न ही उसकी स्टेट-स्पॉन्सर्ड आतंकवाद की नीति सही ठहराई जा सकती है. हरीश ने कहा कि भारत इस मंच का ध्यान पाकिस्तान के संकीर्ण और विभाजनकारी एजेंडे की ओर भटकने नहीं देगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस मामले में अधिक विस्तार से जवाब देने से परहेज करेगा. अनुच्छेद 370 हटने के बाद खराब हो गए रिश्ते गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया था और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था. इसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान के संबंधों में और कड़वाहट आ गई और व्यापार बंद हो गया. भारत का रुख स्पष्ट है कि वह पाकिस्तान से आतंकवाद, हिंसा और दुश्मनी से मुक्त माहौल में सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है. recent visitors 26

लंबे समय तक लखनऊ के डीएम रहे सीनियर आईएएस अभिषेक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है। एक बार फिर सीएम योगी के सख्त तेवर देखने को मिले है। योगी सरकार ने आईएएस अभिषेक प्रकाश पर बहुत बड़ी कार्रवाई कर दी है। जबकि उन्हीं अभिषेक प्रकाश को एक समय पर सीएम योगी का करीबी अधिकारी माना जाने लगा था। आईएएस अभिषेक प्रकाश ने लखनऊ में जिलाधिकारी रहते हुए एलडीए वीसी का भी कार्यभार संभाला है। वो कई जिलों में डीएम रह चुके हैं। आइए जानते है आखिर कौन है अभिषेक प्रकाश, जिन पर गाज गिरी है। अभिषेक प्रकाश 2006 बैच के आईएएस अधिकारी है। उनका जन्म 21 दिसंबर 1982 में हुआ था। बिहार के रहने वाले अभिषेक प्रकाश ने आईआईटी रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2005 पास करके आईएएस बने अभिषेक प्रकाश की ऑल इंडिया आठवीं रैंक थी। अभिषेक प्रकाश साल 2011-12 में लखीमपुर खीरी जिले में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रह चुके हैं। वो लखनऊ, हमीरपुर, बरेली और अलीगढ़ जिले में डीएम और कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।   अभिषेक प्रकाश ने कमीशन निकांत जैन के जरिए बिजनेसमैन से डिमांड की थी। बिजनेसमैन विश्वजीत दत्ता ने इसकी शिकायत सीएम योगी से की। सीएम ने मामले की STF से जांच कराई थी। इसके बाद एक्शन लिया। सूत्रों के मुताबिक, IAS अभिषेक जहां भी तैनात रहे, वहां पर उन्होंने प्रॉपर्टी बनाई। लखीमपुर और बरेली में 700 बीघा जमीन खरीदी। लखनऊ में कई बंगले बनवाए। उन पर ब्रह्मोस मिसाइल फैक्ट्री के नाम पर 20 करोड़ के घोटाले का आरोप भी लगा है। अभिषेक औद्योगिक विकास विभाग के सचिव और इन्वेस्ट यूपी के CEO थे। एक्शन के बाद से अंडरग्राउंड हो गए हैं। उनके करीबी बाबू निकांत जैन को STF ने गिरफ्तार किया है। अभिषेक प्रकाश 31 अक्टूबर 2019 से 7 जून 2022 तक लखनऊ के जिलाधिकारी रहे। इसके अलावा, 23 अक्टूबर 2020 से 25 जुलाई 2021 तक उन्होंने LDA के वीसी की जिम्मेदारी भी संभाली। अभिषेक ने कहां-कहां भ्रष्टाचार किया, 6 पाइंट में जानिए.. 1. डिफेंस कॉरिडोर जमीन घोटाला: नियमों को ताक पर रखकर खेल लखनऊ के भटगांव में डिफेंस कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन के मामले में भी तत्कालीन डीएम अभिषेक प्रकाश की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। भू-अधिग्रहण समिति के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने तहसील प्रशासन के साथ मिलकर जमीनों की दरें मनमाने तरीके से तय की। 1984 में एससी वर्ग के लिए आवंटित जमीन को गलत तरीके से विक्रय योग्य बनाया। भूमि खरीद-फरोख्त में दलालों और अधिकारियों की मिलीभगत से 20 करोड़ का मुआवजा उठाया गया। शासन को दी गई जांच रिपोर्ट में तत्कालीन डीएम को जिम्मेदार ठहराया गया है। 2- LDA वीसी रहते हुए धांधली लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष रहते हुए अभिषेक प्रकाश पर कई बिल्डरों को फायदा पहुंचाने और मनमाने तरीके से सीलिंग व लाइसेंस जारी करने के आरोप लगे। सूत्रों के मुताबिक, LDA वीसी रहते उन्होंने कई अवैध निर्माण गिरवाए, लेकिन अपने करीबी बिल्डरों को लाभ पहुंचाया। आशियाना समेत कई इलाकों में मनपसंद बिल्डर्स को लाइसेंस जारी किए। एलडीए अधिकारियों से मिलीभगत कर बिल्डरों की फाइलें लटकाने के भी आरोप हैं। 3.भ्रष्टाचार की कड़ी: अलीगढ़, लखीमपुर और हमीरपुर में भ्रष्टाचार के आरोप अभिषेक प्रकाश अलीगढ़, लखीमपुर खीरी और हमीरपुर में डीएम रहे चुके हैं। उनके खिलाफ अलीगढ़ में जमीन खरीद-बिक्री में धांधली की शिकायतें थीं। लखीमपुर में सरकारी टेंडरों में हेरफेर और हमीरपुर में खनन माफियाओं से साठगांठ के आरोप लगे थे। 4. STF जांच के बाद एक्शन, बचाने की भी हुई थी कोशिश सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ की रिपोर्ट कई दिनों तक शासन में घूमती रही। कुछ अधिकारियों ने अभिषेक प्रकाश को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसी तरह की रियायत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद तत्काल सस्पेंशन का आदेश जारी कर दिया गया। 5. आलीशान संपत्तियां और लाइजनिंग सिंडिकेट का नेटवर्क सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक प्रकाश ने लखनऊ में डीएम रहते हुए कई बेशकीमती संपत्तियां जुटाईं। अंसल में एक घर, आशियाना में कोठी और एक सोसाइटी में विला होने की बात सामने आई है। बिचौलिए निकांत जैन और लकी जाफरी से करीबी संबंध थे, जो IAS अधिकारियों के लिए लाइजनिंग करता था। निकांत और जाफरी ने कई बार महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की फाइलों को क्लियर कराने के लिए कमीशन डील कराई। 6- दो जिलों में डीएम रहते 700 बीघा जमीन खरीदने के आरोप अभिषेक प्रकाश पर लखीमपुर खीरी और बरेली में 700 बीघा जमीन अपने परिवार के नाम खरीदने के भी आरोप हैं। यह जमीन आईएएस अभिषेक ने अपने परिजन (माता, पिता व भाई के अलावा कुछ फर्जी कंपनियां बनाकर) के नाम खरीदी हैं। इसी तरह बरेली में 400 बीघा जमीन खरीदने का भी आरोप है। दोनों जगहों पर स्टांप ड्यूटी में चोरी के भी आरोप हैं। DOPT ने यूपी सरकार को इस पूरे मामले की जांच के लिए लिखा था। recent visitors 41

कामरा को लेकर शिंदे पहली बार बोले- ‘सुपारी ली… तो क्रिया की प्रतिक्रिया होगी

मुंबई कॉमेडियन कुणाल कामरा की तरफ से किए गए जोक पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि बोलने की आजादी है, लेकिन हर चीज की एक सीमा होनी चाहिए। मुंबई में आयोजित एक शो के दौरान कामरा ने बगैर नाम लिए शिवसेना प्रमुख पर 'गद्दार' और 'ठाणे का रिक्शा' जैसे तंज कसे थे। खबर है कि कामरा को मुंबई पुलिस ने तलब किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिंदे ने कहा, 'बोलने की आजादी हैं यहां। हम व्यंग भी समझते हैं, लेकिन एक सीमा भी होनी चाहिए।' वहीं, शिवसेना के कई नेता पहले ही कामरा के जोक पर आपत्ति जता चुके हैं और धमकी दे चुके हैं। उन्होंने कहा, 'यह ऐसा लग रहा है कि किसी के खिलाफ बोलने के लिए सुपारी ली गई है।' उन्होंने आगे कहा, 'दूसरे व्यक्ति को एक स्तर बनाए रखना चाहिए, नहीं तो एक्शन का रिएक्शन होता है।' डिप्टी सीएम ने कहा, 'यह वही व्यक्ति है, जिसने भारत के सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री और कुछ उद्योगपतियों पर टिप्पणी की है। यह बोलने की स्वतंत्रता नहीं है। यह किसी और के लिए काम कर रहे हैं।' क्या था जोक शो के दौरान कामरा ने कहा, 'जो इन्होंने महाराष्ट्र के इलेक्शन में किया है…। बोलना पड़ेगा पहले शिवसेना बीजेपी से बाहर आ गई फिर शिवसेना शिवसेना से बाहर आ गई…। एनसीपी एनसीपी से बाहर आ गई…। एक वोटर को 9 बटन दे दिए। सब कंफ्यूज हो गए।' उन्होंने आगे कहा, 'चालू एक जन ने किया था। वह मुंबई में एक बहुत बढ़िया एक डिस्ट्रिक्ट है ठाणे वहां से आते हैं।' उन्होंने कहा, 'ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा हाय। ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा हाय। एक झलक दिखलाए कभी गुवाहाटी में छिप जाए। मेरी नजर से तुम देखो गद्दार नजर वो आए। मंत्री नहीं वो दल बदलू है और कहा क्या जाए। जिस थाली में खाए उसमें ही छेद कर जाए। मंत्रालय से ज्यादा फडणवीस की गोदी में मिल जाए। तीर कमान मिला है इसको बाप मेरा यह चाहे।' कामरा ने किया माफी मांगने से इनकार कामरा ने कहा है कि वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे के बारे में अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई में उस स्थान पर तोड़फोड़ किए जाने की आलोचना की, जहां ‘कॉमेडी शो’ रिकॉर्ड किया गया था। कामरा ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए बयान में कहा कि जो लोग सोशल मीडिया पर उनका नंबर लीक करने में व्यस्त हैं या उन्हें लगातार फोन कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि सभी अज्ञात फोन कॉल उनके वॉयसमेल पर जा रही हैं और उन्हें ‘‘वही गाना’’ सुनाई देगा जिससे वे नफरत करते हैं। कामरा ने लिखा, 'मैं माफी नहीं मांगूंगा… मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बिस्तर के नीचे छिपकर इसके शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा।' उन्होंने कहा, 'मैंने जो कहा, वह बिलकुल वैसा ही है जैसा कि अजित पवार (उपमुख्यमंत्री) ने एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंत्री) के बारे में कहा था।' ‘कॉमेडियन’ ने ‘‘उन्हें सबक सिखाने की धमकी देने वाले नेताओं’’ की निंदा करते हुए भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ‘‘किसी शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति पर किया गया मजाक सहने में आपकी असमर्थता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती। जहां तक मुझे पता है, हमारे नेताओं और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के सर्कस का मज़ाक उड़ाना कानून के विरुद्ध नहीं है। हालांकि, मैं अपने खिलाफ किसी भी वैध कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालतों के साथ सहयोग करने को तैयार हूं।’’ कामरा ने कहा, ‘‘लेकिन क्या कानून उन लोगों के खिलाफ भी निष्पक्ष और समान रूप से लागू किया जाएगा जिन्होंने यह तय किया है कि मजाक से आहत होने पर तोड़फोड़ करना उचित प्रतिक्रिया है?’’ शिवसैनिक भड़के शिवसेना कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई में खार क्षेत्र स्थित ‘हैबिटेट कॉमेडी क्लब’ में कथित रूप से तोड़फोड़ की थी, जहां कामरा का कार्यक्रम शूट किया गया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने शिंदे पर ‘‘गद्दार’’ शब्द के जरिये कटाक्ष किया था। बड़ी संख्या में शिवसेना कार्यकर्ता रविवार रात ‘होटल यूनिकॉन्टिनेंटल’ के बाहर एकत्र हुए जहां संबंधित क्लब स्थित है। उन्होंने क्लब और होटल परिसर में तोड़फोड़ की। ‘हैबिटैट क्लब’ वही स्थान है जहां विवादास्पद ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो को शूट किया गया था। recent visitors 38