Sunday, July 5, 2026 1:44 am

सैफ अली खान बहन के घर मनाई ईद, आमिर खान ने दोनों EX पत्नियों और बेटों संग मनाया जश्न

मुंबई आमिर खान अपने पूरे परिवार के साथ ईद मना रहे हैं और सभी ने फैंस के सामने आकर पोज दिया। हाल ही में अपना 60वां जन्मदिन मनाने वाले एक्टर ने अपने घर से फैंस के लिए हाथ हिलाया और सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वे अपने बेटों जुनैद खान, आज़ाद राव के साथ देखे गए जहां तीनों ने पपाराजी के लिए पोज़ दिया। वे सभी सफेद कुर्ते पहने हुए थे। आमिर को राजकुमार संतोषी के साथ उनके घर पर देखा गया। इस बीच आमिर की दोनों एक्स वाइव्स रीना दत्ता और किरण राव भी ईद मनाने के लिए उनके घर पहुंचीं। आमिर अपनी दोनों पूर्व पत्नियों के साथ बहुत अच्छी दोस्ती शेयर करते हैं और वे एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। आमिर और किरण ने एक दूसरे के साथ कुछ बेहतरीन काम भी किए हैं। अब एक्टर ने गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते को आधिकारिक बना दिया है जो बेंगलुरु से हैं। आमिर ने नीचे आकर मीडिया वालों को मिठाई भी बांटी और बालकनी से भी हाथ हिलाया। दूसरी ओर,सैफ अली खान उन पर हुए हमले के बाद बिल्कुल फिट दिख रहे हैं और यह परिवार के साथ उनकी ईद मनाने की तस्वीरों से साफ पता चलता है। सैफ को भी ईद के मौके पर उनके घर के बाहर देखा गया। वो सफेद रंग के कुर्ते में डैपर लग रहे थे। एक्टर अब धीरे-धीरे काम पर भी वापस आ रहे हैं। सैफ और करीना ने अपने परिवार के साथ ईद का जश्न मनाया जिसमें सोहा अली खान, सबा अली पटौदी, कुणाल खेमू शामिल थे। सोहा और सबा दोनों ने अपने जश्न की तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें 'सेवइयां' भी थीं। सबा ने अपने पोस्ट में खुलासा किया कि यह सैफ द्वारा उनके घर पर ईद लंच था। उन्होंने कुछ फोटोज शेयर कीं और लिखा, 'ईद के पल, परिवार सबसे ज्यादा मायने रखता है….एक खूबसूरत लंच के लिए भाई और इसे खास बनाने के लिए सोहा, बेबो और कुणाल का शुक्रिया।' सैफ के साथ करीना भी जहां सैफ बेज रंग के कुर्ते और पायजामा में शानदार दिख रहे थे, वहीं करीना भी चटक नारंगी रंग की सलवार कमीज में प्यारी दिखीं। सबा ने शरारा लुक चुना जबकि सोहा पेस्टल ग्रीन कुर्ता सेट में बेहद खूबसूरत दिखीं। कुणाल ने काले रंग का कुर्ता चुना। ईद के साथ-साथ ये परिवार हर त्योहार पर साथ ही दिखाई देता है। recent visitors 33

लॉकअप में युवक मौत से बवाल, थाने का घेराव, खरिहानी-मेहनाजपुर मार्ग पर जाम, तोड़फोड़-पथराव

आजमगढ़ यूपी के आजमगढ़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां तरवां थाने के लॉकअप में रविवार रात दलित युवक का शव फंदे से लटकता मिला। उसने पाजामा के नाड़े से शौचालय की खिड़की के सहारे फांसी लगाई थी। सोमवार सुबह घटना की जानकारी होने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव करने के साथ ही खरिहानी-मेहनाजपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। साथ ही तोड़फोड़ किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी। परिजनों ने पुलिस पर रुपये मांगने और हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। जानकारी मिलते ही एसपी सिटी पांच थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी ने इस मामले में तरवां थानाध्यक्ष, एक सब इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना को लेकर जबरदस्त तनाव है। तरवां थाना क्षेत्र के उमरीपट्टी गांव का रहने वाला 21 वर्षीय शनि के खिलाफ क्षेत्र की एक युवती ने छेड़खानी करने की शिकायत की थी। जिसके बाद पुलिस ने 29 मार्च को शनि को पकड़कर हवालात में डाल दिया था। रविवार रात करीब 12 बजे लॉकअप के शौचालय में उसका शव फंदे से लटकता मिला। इसकी जानकारी होने के बाद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पहले तो पुलिसकर्मी घटना को छिपाते रहे। बाद में अफसरों को जानकारी दी गई। शनि के गांव के लोगों को भी घटना के बारे में खबर लग गई। इसके बाद परिजनों संग 500 से भी अधिक ग्रामीण तरवां थाने पहुंच गए। थाने का घेराव करने के साथ ही बाजार में खरिहानी-मेहनाजपुर मार्ग पर दो जगहों पर जाम लगा दिया। घटना को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश था। परिजन पुलिस पर युवक को छोड़ने के लिए रुपये मांगने और मारपीट कर हत्या करने के बाद शव फंदे से लटकाने का आरोप लगा रहे थे। बवाल की आशंका में एसपी सिटी शैलेंद्र लाल पांच थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ग्रामीणों को समझने का प्रयास कर रही थी, लेकिन लोग मरने के लिए तैयार नहीं थे। एसपी हेमराज मीना ने बताया कि इस मामले में तरवां थानाध्यक्ष, एक सब इंस्पेक्टर और मुंशी को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस पर पीटने और रुपये मांगने के आरोप बेबुनियाद हैं। मृतक शनि का क्षेत्र की एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। बाद में उसने शनि के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत की थी। जिस पर 29 मार्च को उसे हिरासत में लिया गया था। रविवार को आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सोमवार को उसका चालान किया जाना था। प्रेमिका द्वारा द्वारा छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराए जाने से वह तनाव में था। देर रात थाने के लॉकअप के शौचालय में अपने पाजामा के नाड़े से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। recent visitors 40

पशुपालन राज्य मंत्री श्री पटेल द्वारा बुल मदर फार्म का निरीक्षण

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल द्वारा सोमवार को बुल मदर फार्म एवं भ्रूण प्रत्यारोपण प्रयोगशाला, भोपाल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने विभिन्न नस्लों गिर, थारपारकर एवं राठी नस्ल की गायों को देखा और फार्म पर किये जा रहे विभिन्न कार्यों के बारे में डॉ. राजू रावत, प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम एवं डॉ. अमिताब बैनर्जी, प्रबंधक, बुल मदर फार्म से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान राज्य मंत्री श्री पटेल ने मदर फार्म एवं भ्रूण प्रत्यारोपण प्रयोगशाला के शेड की छतों पर सोलर पैनल लगवाने के निर्देश दिए, जिससे बिजली उत्पादन कर आय बढ़ाई जा सके। साथ ही आईवीएफ के आवर्ती व्यय के लिए राशि उपलब्ध कराने हेतु परियोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रबंध संचालक डॉ. राजू ने बताया कि विभागीय मंत्री द्वारा पूर्व में भ्रमण के दौरान बुल मदर फॉर्म के सुदृढ़ीकरण एवं नए पशु लाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त निर्देशों के अनुपालन में प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है, जिसे भारत सरकार को भेजे जाने हेतु बैठक में रखा जायेगा। इसी प्रकार अधिक दुग्ध उत्पादन हेतु पशुओं को साइलेज खिलाने के निर्देश भी दिए गए थे। इस संबंध में पशुपालन विभाग द्वारा निविदा की कार्यवाही कर साइलेज के दाम प्राप्त किए गए हैं। उन्हीं दामों पर पशुओं के लिए साइलेज क्रय करने की कार्यवाही की जा रही है।   recent visitors 35

मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि कुछ लोग वक्फ बिल को लेकर गुमराह कर रहे हैं

नई दिल्ली संसद के मौजूदा बजट सत्र में वक्फ बिल संसोधन पेश होना है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार 2 अप्रैल को इसे लोकसभा में पेश कर सकती है। इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया है और कहा है कि इस बिल का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जो वक्फ की करोड़ों की संपत्तियों पर कब्जा कर बैठे हुए हैं। ANI से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि इसका इसका विरोध करने वाले लोग शक्तिशाली हैं और वे भोले-भाले लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक की आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन उस आलोचना का कुछ सार होना चाहिए। रिजिजू ने कहा, "वे कौन लोग हैं जो इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं? कुछ ताकतवर लोग हैं जिन्होंने वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण कर रखा है। वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि विधेयक असंवैधानिक है। आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन आलोचना में कुछ सार होना चाहिए।" केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (केसीबीसी) द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को समर्थन देने और राज्य के सांसदों से भी ऐसा करने का अनुरोध करने वाले पत्र के बारे में रिजिजू ने कहा कि धार्मिक आधार पर कई संगठन केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक गरीब मुसलमानों, बच्चों और महिलाओं के हित में है। उन्होंने कहा कि यह वक्फ बोर्ड के तहत संपत्तियों के प्रबंधन के मामले में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। केरल के बिशप कर रहे वक्फ का समर्थन रिजिजू ने कहा, "केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल द्वारा भेजा गया अनुरोध पत्र सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न समुदायों के कई संगठन वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। हमें यह समझना चाहिए कि विधेयक मूल रूप से गरीब मुसलमानों, बच्चों और महिलाओं के हित में है और यह भी सुनिश्चित करता है कि वक्फ की संपत्तियों का प्रबंधन पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से हो।सरकार आम लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना चाहता है।" केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (केसीबीसी) सहित कई ईसाई संगठन केंद्र द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि मुनंबम उपनगर में गरीब परिवारों ने दावा किया है कि वे वक्फ बोर्ड द्वारा अपनी जमीन जब्त किए जाने के खतरे में जी रहे हैं। उन्होंने राज्य के सांसदों से "तुष्टिकरण की राजनीति" में शामिल होने के बजाय लोगों की सहायता करने का आग्रह किया। सैकड़ों गरीबों को सता रहा वक्फ का खौफ चंद्रशेखर ने भी कहा, "केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल और कई अन्य ईसाई संगठन केरल के सांसदों से वक्फ (संशोधन) विधेयक पर अपना रुख अपनाने और इसके पक्ष में मतदान करने के लिए कह रहे हैं क्योंकि केरल में, कोचीन के पास मुनंबम नामक स्थान पर, सैकड़ों गरीब परिवारों को वक्फ द्वारा उनकी जमीन जब्त किए जाने का खतरा है।" भूमि जब्त किए जाने के खतरे के खिलाफ वर्षों से किए जा रहे आंदोलन पर प्रकाश डालते हुए, भाजपा नेता ने केरल के सांसदों से "तुष्टिकरण की राजनीति" में शामिल होने के बजाय मुसीबत में फंसे लोगों की सहायता करने के अपने कर्तव्यों को पूरा करने का आग्रह किया। जनहित में फैसला लें कांग्रेस सांसद: चंद्रशेखर उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके लिए वे महीनों और सालों से आंदोलन कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि केरल के सांसद अपना कर्तव्य निभाएं, जो कि मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करना, लोगों की मदद करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है, न कि केवल तुष्टीकरण की राजनीति करना। आज एक महत्वपूर्ण दिन है। कांग्रेस सांसदों को एक स्टैंड लेना चाहिए और फैसला लेना चाहिए। वक्फ (संशोधन) विधेयक किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। यह भारत के संवैधानिक मूल्यों के साथ कानून को जोड़ने के बारे में है।" recent visitors 33

सीआरपीएफ के जवान पुल पर मोर्चा लगाकर दे रहे हैं सुरक्षा

रायपुर कभी  नक्सलियों के अभेद  किला जाने  वाले अबूझमाड़ अब उनके के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है, यहां भी जवानों के द्वारा लगातार ऑपरेशन चलाकर बड़ी सफलताएं हासिल की जा रही हैं। पहुंचविहीन माड़ तक अब बारिश में भी आवाजाही हो सकेगी, माड़ तक जाने वाले रास्ते में सबसे बड़ी बाधा अब तक इंद्रावती नदी ही रही है, चाहे दंतेवाड़ा की तरफ से या बीजापुर की तरफ से, दंतेवाड़ा में इंद्रावती में पहले ही दो पुल बनकर तैयार हो गए हैं, एक छिंदनार में और दूसरा करका घाट में, जिससे अबूझमाड़ के 50 से अधिक गांव के लोगों को सुविधा मिल रही है। उसी इंद्रावती में अब तीसरा पुल फुंड़री के पास  बन रहा है, इस पुल का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है 20 प्रतिशत बचा हुआ काम भी बारिश तक  पूरी हो  जाएगी। इस पुल के शुरू होने से 12 ग्राम पंचायत के 50 से अधिक गांव के लोग बीजापुर जाने वाली नेशनल हाइवे 63 से सीधे जुड़ जाएंगे। जिस माड़ तक अभी तक पहुंचना आसान नहीं था वह अब सीधे नेशनल हाइवे से जुड़ जाएगा। इस पुल को बनाने के लिए सीआरपीएफ का कैंप इंद्रावती नदी के किनारे लगाया गया है, जवान 24 घंटे माड़ से होने वाली हर गतिविधियों को नाकाम कर पुल तैयार करवा रहे हैं। पुल के ऊपर ही जवानों ने मोर्चा बना रखा है और बैरियर में हर आने-जाने वालों से पूछताछ होती है। यह  उच्च स्तरीय पुल फुंडरी में इंद्रावती नदी पर 35 करोड़ 60 लाख की लागत से 648 मीटर लंबा पुल बन रहा है, वहीं 208 मीटर नेशनल हाइवे और 242 मीटर बांगोली की तरफ एप्रोच सड़क भी तैयार की जा रही। पुल बनते  ही अबूझमाड़ का तीसरा द्वार शुरू हो जाएगा जवानों की भी अबूझमाड़ में दस्तक बढ़ जाएगी, अभी बारिश में यहां नक्सली ट्रेनिग कैंप चलाते है। बारिश भर इंद्रावती उफान पर रहती है, नक्सली यहां बारिश के 4 महीने स्वतंत्र होकर अपनी गतिविधियां चलाते थे, अब उस पर भी अंकुश लग जाएगा।  उल्लेखनीय है कि 2018 में सुरक्षा के बीच इस पुल का काम शुरू हुआ था, नक्सलियों द्वारा पुल निर्माण में बाधा डालने प्रेशर आईईडी लगा जवानों को नुकसान पहुंचाने यहां हमेशा प्रयास करते हैं। recent visitors 44

भूकंप के बाद बदल गई म्यांमार में तस्वीर, मरने वालो की सख्यां बढ़कर 1700 हुई

नेपीता  म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद बचाव कार्य जारी हैं. इस भूकंप में कम से कम 1,700 लोगों की मौत हो गई है जबकि हजारों की संख्या में लोग घायल हो गए हैं. साथ ही बड़े पैमाने पर ईमारतों को नुकसान पहुंचा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भूकंप का असर बैंकॉक और चीनी प्रांतों तक महसूस किया गया. कई लोग घायल हो गए या मलबे में फंस गए. देश की सैन्य सरकार के अनुसार कम से कम 1700 लोग मारे गए हैं और लगभग 3,400 घायल हुए हैं. वहीं करीब 300 अन्य लापता हैं. संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने अनुमान लगाया है कि मरने वालों की संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है. भूकंप का केंद्र म्यांमार के मध्य सागाइंग क्षेत्र में स्थित था, जो ऐतिहासिक शहर मांडले के पास है. 1.5 मिलियन से अधिक लोगों का घर वाला यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है जहां कई इमारतें, पुल और मंदिर नष्ट हो गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं. बैंकॉक में भूकंप का प्रभाव विनाशकारी था, जिसमें कम से कम 18 लोग मारे गए तथा दर्जनों लोग एक ढही हुई ऊंची इमारत के मलबे में फंस गए. निर्माणाधीन यह इमारत कुछ ही मिनटों में ढह गई, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई. राजधानी में अन्य जगहों पर सात और मौतें होने की खबर है जबकि अधिकारी आपदा से निपटने में जुटे हैं. खोज और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. लगभग 80 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. लापता लोगों के परिवार ढही हुई इमारत स्थल पर इकट्ठा हो रहे हैं, और अपने प्रियजनों की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. म्यांमार में आया भूकंप देश में एक सदी से भी अधिक समय में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था. इसकी तीव्रता 7.7 थी. इसके बाद कई झटके आए, जिनमें 6.7 तीव्रता का भूकंप भी शामिल था, जो पूरे सप्ताहांत तक क्षेत्र में थर्राता रहा. बचाव दल प्रभावित लोगों तक पहुंचने के लिए समय की कमी से जूझ रहे हैं. खास तौर पर उन इलाकों में जहां इरावदी नदी पर एक प्रमुख पुल के ढह जाने से संपर्क टूट गया है. कई लोगों के अभी भी लापता होने के कारण विशेषज्ञों को डर है कि मृतकों की सही संख्या सामने आने में कई सप्ताह लग सकते हैं. इस बीच सैन्य शासन द्वारा सहायता के लिए अपील किए जाने के बाद विदेशी सहायता और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल म्यांमार पहुंचना शुरू हो गए. शुक्रवार का भूकंप देश में वर्षों में आई सबसे घातक प्राकृतिक आपदा थी. यह ऐसे समय में आया है जब म्यांमार 2021 से चल रहे गृहयुद्ध से जूझ रहा है. इससे संचार नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गया. स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा है. लाखों लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है. वहीं बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए. इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसाइटीज (आईएफआरसी) के एक अधिकारी के अनुसार देश में जो तबाही मची है. एशिया में एक सदी से भी अधिक समय में ऐसी आपपा नहीं देखी गई है. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप का प्रभाव अगले कुछ सप्ताहों तक महसूस किया जाएगा. साथ ही मरने वालों और घायलों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि कुछ लोग अभी भी ढही हुई इमारतों के नीचे फंसे हुए हैं. मांडले में दहशत और निराशा मांडले के अधिकांश निवासियों ने शुक्रवार रात सड़कों पर गुजारी, क्योंकि भूकंप के बाद घर में रहना असुरक्षित हो गया था. लोग लगातार आफ्टरशॉक्स से भयभीत थे, जिससे अस्थिर इमारतें कभी भी गिरने की संभावना थी. रविवार को भी 5.1 तीव्रता का एक और झटका आया, जिससे राहत और बचाव कार्यों में लगे लोग भी दहशत में आ गए. सैटेलाइट इमेज और बुनियादी ढांचे की तबाही म्यांमार की सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि भूकंप ने हवाई अड्डों, राजमार्गों और पुलों सहित कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं. विशेष रूप से नेपीताव अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भूकंप से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण भारत और चीन से आने वाले बचाव दलों को सीधे मांडले और अन्य प्रभावित शहरों में नहीं पहुंचाया जा सका. इनवा पुल भी ढह गया, जिससे इरावदी नदी के पार आने-जाने में मुश्किलें पैदा हो गईं. राहत और बचाव कार्यों में बाधाएं राहत प्रयासों को बदहाल सड़कों, गिरे हुए पुलों और संचार व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण कठिनाई हो रही है. साथ ही, देश में चल रहे गृहयुद्ध ने भी राहत कार्यों को प्रभावित किया है. स्थानीय निवासी बिना किसी भारी उपकरण के 41 डिग्री सेल्सियस तापमान में मलबा हटाने का प्रयास कर रहे हैं. मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका म्यांमार की सत्तारूढ़ जुंटा ने रविवार को कहा कि अब तक 1,700 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3,400 से अधिक घायल हुए हैं और 300 लोग लापता हैं. हालांकि, आपदा का सही पैमाना अभी तक स्पष्ट नहीं है. अनुमान है कि मरने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है. जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए अपील की है, जो आमतौर पर म्यांमार में दुर्लभ है. इससे पहले की सैन्य सरकारों ने बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी विदेशी सहायता को अस्वीकार किया था. थाईलैंड में भी मची तबाही भूकंप का असर थाईलैंड तक पहुंचा, जहां बैंकॉक में शुक्रवार को एक 30 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई. रविवार तक बचाव दल ने मलबे से 17 लोगों के शव बरामद किए, जबकि 83 लोग अभी भी लापता हैं. 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. recent visitors 42

1 अप्रैल से इनएक्टिव नंबरों पर नहीं चलेगा UPI, FasTag में भी बदल जाएंगे नियम

नई दिल्ली 1 अप्रैल से नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसमें UPI से लेकर फास्टैग तक के नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं। इसकी मदद से आपके लिए ये समझना आसान हो जाएगा कि कौन-से नंबर पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। साथ ही फास्टैग के नियम में ऐसा क्या बदलने वाला है। आज इसकी जानकारी भी देने वाले हैं। इनकम टैक्स के नियमों में भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि आपको इसके बारे में आज ही जान लेना चाहिए। नियमों के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद आप पहले ही काम निपटा सकते हैं। साथ ही इसका असर चुनिंदा यूजर्स पर पड़ने वाला है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इसकी वजह से सभी यूजर्स प्रभावित नहीं होंगे। साथ ही UPI ने इसे ध्यान में रखते हुए भी ऐसा किया है। तो चलिये आपको भी इसके बारे में बताते हैं- 1 अप्रैल से इन नंबरों पर नहीं चलेगी UPI Paytm, PhonePe, Google Pay जैसी ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर सीधा असर पड़ने वाला है। खासकर ऐसे यूजर्स अब यूपीआई ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, जिनका नंबर इनएक्टिव हो चुका है। इनएक्टिव ऐसे नंबर होते हैं, जिसे वैलिडिटी खत्म होने के बाद रिचार्ज नहीं करवाया जाता है। इनएक्टिव होने के बाद नंबर की यूपीआई पर रोक लगा दी जाएगी। साथ ही यूपीआई आइडी को भी कंपनी की तरफ से हटाना शुरू कर दिया गया है। अगर यूजर्स फिर से ऐप पर यूपीआई का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उन्हें नंबर एक्टिवेट करवाना होगा। 1 अप्रैल से लागू होने के साथ ही NPCI की तरफ से नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। FasTag होगा अनिवार्य महाराष्ट्र और मुंबई में रहने वाले लोगों के लिए फास्टैग अनिवार्य हो जाएगा। यानी आप महाराष्ट्र में वाहन चलाते हैं तो फास्टैग होना जरूरी होगा। ऐसा नहीं होने पर वाहन को एंट्री नहीं दी जाएगी। अगर आप बिना फास्टैग वाहन का इस्तेमाल करते हैं तो इसके लिए आपको ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। दरअसल सरकार की तरफ से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को कम करने के लिए ऐसा फैसला लिया गया था। ये रोल आउट होने के बाद महाराष्ट्र की ज्यादातर गाड़ियों पर फास्टैग नजर आएगा। बैंकिंग पर भी पड़ेगा असर 1 अप्रैल से मिनिमम बैलेंस को अनिवार्य कर दिया गया है। खास सेविंग्स अकाउंट वाले यूजर्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अगर किसी यूजर के खाते में बैलेंस मिनिमम से कम होगा तो उस पर पैनल्टी लगाई जाएगी। 1 अप्रैल से इस नियम का सख्ती से पालन होगा। मिनिमम बैलेंस के लिए बता दें कि बैंक और खाते के आधार पर ये अलग-अलग हो सकता है। कुछ सरकारी बैंक में मिनिमम बैलेंस 3 हजार रुपए होता है जबकि कुछ बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस 10 हजार रुपए भी रखा जाता है। लेकिन अब ग्राहकों को इसे मेंटेन रखना अनिवार्य कर दिया गया है। recent visitors 38