बढ़ती उम्र में भी चेहरे के ग्लो को बनाए रखने के लिए ऐसे करें उसकी देखभाल

लंबे समय तक स्किन प्रॉब्लम्स से दूर रहने के लिए जरूरी है कि आप अपनी उम्र के मुताबिक स्किन की केयर करें। स्किन की सही तरीके से केयर सिर्फ पिंपल्स, डॉर्क स्पॉट्स को ही दूर नहीं रखते बल्कि स्किन के ग्लो को भी बनाए रखते हैं। तो जानेंगे कि कैसे उम्र के हिसाब से करें सही स्किन केयर।   20 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. इस एज में आपकी स्किन अनप्रिडिक्टिबल हो जाती है। 2. स्किन सेरामाइड्स प्रोड्यूस करना बंद कर देती है, जिससे ड्राइनेस होती है। 3. रोजाना सनस्क्रीन लगाना शुरू कर दें। 4. कभी भी मेकअप अप्लाई किए हुए न सोएं। 5. अगर एक्ने की प्रॉब्लम जॉ लाइन तक पहुंच गई है तो ये हॉरमोन-रिलेटेड प्रॉब्लम है। 30 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. कोलेजेन और इलास्टिक फाइबर्स ब्रेक होने लगते हैं। 2. फाइन लाइंस और रिंकल्स साफ तौर पर दिखने लगते हैं। 3. रोजाना अपनी स्किन को एक्सफोलिएट करना जरूरी हो जाता है। 4. हाइड्रोलिक्सल एसिड वाला क्लेंजर यूज करें। 5. आई-केयर क्रीम्स का यूज करना शुरू कर दें। 40 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. डार्क स्पॉट्स होने से स्किन टोन अनईवेन होने लगती है। 2. रिंकल्स गहरे हो जाते हैं। 3. स्किन वॉल्यूम लूज करने लगती है। 4. सुबह और शाम को जेंटल क्लेंजर का इस्तेमाल करें। 5. एंटी-ऑक्सीडेंट्स वाले सिरम यूज करें, इससे स्किन रिपेयरमेंट में हेल्प मिलेगी। 6. नाइट क्रीम का रोजाना इस्तेमाल करें। 50 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर 1. आपकी स्किन लाइट और लटकी हुई दिखने लगती है। 2. फैट लॉस की वजह से आपको गहरा और डल लुक मिल सकता है। 3. अपनी स्किन को मॉइश्चराइज करना बिल्कुल भी न भूलें। 4. अपनी स्किन को क्लीन करने के लिए भी मॉइश्चराइजिंग क्लेंजर का ही यूज करें। 5. मॉइश्चराइजर बेस्ड नाइट क्रीम का ही यूज करें।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

बालोद में परेतिन दाई माता का मंदिर, भरती है सूनी गोद, नवरात्रि में लगता है श्रद्धालुओं का हुजूम

बालोद वैसे तो लोग प्रेत, प्रेतात्मा या फिर डायन नाम से ही डर जाते हैं क्योंकि इसको बुरी शक्ति माना जाता है। मगर झिंका गांव के लोगों की आस्था ऐसी है कि ये डायन (परेतिन माता) को माता मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं। इसका एक छोटा सा मंदिर भी है सिकोसा से अर्जुन्दा जाने वाले रास्ते पर स्थित मंदिर को परेतिन दाई माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। झिंका सहित पूरे बालोद जिले के लोग परेतिन दाई के नाम से जानते हैं। नवरात्रि में यहां विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है और इस मंदिर में ज्योत भी जलाई गई है, आइए जानते हैं इस मंदिर की कहानी… झींका गांव की सरहद में बने परेतिन दाई मंदिर का प्रमाण उसकी मान्यता आस्था का वो प्रतीक है। जिससे आज इस मंदिर को पूरे प्रदेश में जाना जाता है। बालोद जिले का यह मंदिर पहले एक पेड़ से जुड़ा हुआ था। माता का प्रमाण आज भी उस पेड़ पर है और उसके सामने शीश झुकाकर ही कोई आगे बढ़ता है। और यहां पर जो कोई भी मनोकामना मांगते हैं, वो पूरी जरूर होती है। विशेष रूप से परेतिन दाई सूनी गोद भरती है। नारायण सोनकर ने बताया कि वो सब्जी व्यापारी हैं लेकिन जब भी वो यहां से गुजरते हैं सब्जियां माता को अर्पित कर गुजरते हैं इससे मां का आशीर्वाद बना रहता है। नारायण सिंह ने बताया कि गांव के यदुवंशी (यादव और ठेठवार) मंदिर में बिना दूध चढ़ाए निकल जाते हैं तो दूध फट जाता है। ऐसा कई बार हो चुका है। ग्रमीण ने बताया कि यह मंदिर काफी पुराना और बड़ी मान्यता है। गांव में भी बहुत से ठेठवार हैं, जो रोज दूध बेचने आसपास के इलाकों में जाते हैं। यहां दूध चढ़ाना ही पड़ता है। जान बूझकर दूध नहीं चढ़ाया तो दूध खराब (फट) हो जाता है। इसलिए लोग यहां दूध चढ़ाते हैं। दशकों से इस मंदिर की मान्यता है कि इस रास्ते से कोई भी मालवाहक वाहन या लोग गुजरते हैं और किसी तरह का समान लेकर जाते हैं तो उसका कुछ हिस्सा मंदिर के पास छोड़ना पड़ता है। चाहे खाने-पीने के लिए बेचने वाले सामान या फिर घर बनाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले सामान। आप वाहन में जो भी कुछ सामान ले जा रहे होते हैं उसमें से कुछ हिस्सा यहां चढ़ाना जरूरी है। ऐसा लोगों का मानना है कि कोई व्यक्ति अगर ऐसा नहीं करता है तो उसके साथ कुछ न कुछ अनहोनी होती है। चैत्र और क्वार नवरात्रि में परेतिन माता के दरबार में विशेष आयोजन किए जाते हैं। जहां पर ज्योति कलश की स्थापना की जाती है और नवरात्रि के 9 दिन बड़ी संख्या में भक्तों का तांता लगा रहता है। भले ही मान्यता अनूठी हो लेकिन सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा और मान्यता आज भी इस गांव में कायम है वर्तमान में 100 ज्योति कलश यहां पर प्रज्वलित किए गए हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

शिक्षा सत्र 2024-25 में ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 15 अप्रैल तक कर सकते हैं पंजीयन

अम्बिकापुर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि सरगुजा जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक आदि में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति की पात्रता रखते हैं तथा इन संस्थाओं के प्राचार्य या संस्था प्रमुखों एवं छात्रवृत्ति प्रभारियों को सूचित किया है कि शिक्षा सत्र 2024-25 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन,  स्वीकृत एवं वितरण की कार्यवाही https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर ऑनलाइन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन, प्रस्ताव एवं स्वीकृति वर्ष 2024-25 हेतु तिथि निर्धारित की गई है। विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन नवीन एवं नवीनीकरण  03 अप्रैल 2025 से 15 अप्रैल 2025 किया जा सकता है। इसी तरह ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने हेतु 03 अप्रैल 2025 से 21 अप्रैल 2025 तक, सैंक्शन आर्डर लॉक करने हेतु 03 अप्रैल 2025 से 21 अप्रैल 2025 तक तिथि निर्धारित है। निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2024-25 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल बन्द कर दिया जावेगा। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक एवं सैंक्शन आर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जायेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 18

आयुष्मान योजना से हृदय की बीमारी का हुआ मुफ्त इलाज

 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आमजन को लाभ मिल रहा है। शासन की जनकल्याणकारी आयुष्मान भारत योजना के तहत कोण्डागांव जिले के एक गरीब परिवार के मासूम बच्चे के गंभीर रोग का निशुल्क उपचार संभव हो सका, जिससे बच्चे को नई जिंदगी के साथ परिवार को बड़ी राहत मिली है। इस योजना से न केवल बच्चे का उपचार हुआ, बल्कि इससे पूरे परिवार के सदस्यों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। कोण्डागांव विकासखण्ड के ग्राम मड़ानार निवासी श्रीमती सुगन्तीन नाग और श्री खेलसिंह नाग के आठ वर्षीय पुत्र मनराज नाग को बचपन से ही लगातार सर्दी-खांसी की समस्या बनी रहती थी। बच्चे की इस बीमारी का स्थानीय अस्पतालों में कई बार उपचार कराने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही थी और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय स्तर पर कोई राहत नहीं मिलने पर बेहतर चिकित्सा की तलाश में उनके परिवार ने आंध्र प्रदेश के एक निजी अस्पताल में पहुंचे, जहांँ डॉक्टरों ने आवश्यक परीक्षण के बाद बताया कि मनराज के हृदय में छेद है और सर्जरी ही इसका एकमात्र समाधान है। लेकिन सर्जरी का खर्च वहन कर पाना परिवार के लिए संभव नहीं था, जिसके कारण वे निराश होकर पुनः अपने गाँव लौट आए। अपने बच्चे को हो रही परेशानी को देखेते हुए आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संपर्क करने पर उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। यह योजना उनकी आशा की किरण बनी। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में मनराज को रायपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां नवंबर 2024 में उनकी कार्डियोथोरेसिक और वेस्कुलर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिसके लिए आयुष्मान योजना से 01 लाख 59 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मिली।  हृदय की सर्जरी के बाद आज मनराज पूरी तरह स्वस्थ है और एक नया जीवन जी रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सरकार राज्य के नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद संवेदनशील है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। शासन के आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है कि इस योजना ने न केवल एक मासूम बच्चे को जीवनदान दिया, बल्कि उसके परिवार को भी एक नई आशा और विश्वास से भर दिया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

सेहत पर उल्टा असर डालता है केले के साथ ये फूड्स खाना

केला एक बहुत ही हेल्दी फ्रूट माना जाता है और ये आसानी से पच भी जाता है। ये इंस्टेंट एनर्जी देने वाला और हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि, इसे कुछ फूड्स के साथ खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। खुद हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि कुछ फूड्स के साथ केला खाने से हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह से पेट में गैस, एसिडिटी, एलर्जी के साथ-साथ अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। आइए विस्तार से जानें कि किन फूड्स को केले के साथ खाने से बचना चाहिए और इसके पीछे का कारण क्या है- दूध आमतौर पर लोग अक्सर केला और दूध साथ में खाते हैं, लेकिन आयुर्वेद की माने तो ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर में टॉक्सिन्स पैदा कर सकता है, जिससे शरीर में कफ, एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे खाने से पेट में भारीपन के साथ-साथ सुस्ती महसूस हो सकती है। दही दही और केला दोनों ही ठंडी तासीर वाले होते हैं। इसलिए इन्हें एक साथ खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम कमजोर पड़ सकता है और कफ बढ़ सकता है। यह सर्दी-जुकाम और गले की खराश को भी बढ़ावा देता है। तरबूज तरबूज में बहुत ज्यादा पानी होता है, जबकि केले में नेचुरल शुगर और फाइबर। दोनों का कॉम्बिनेशन डाइजेस्टिव सिस्टम में असंतुलन पैदा कर सकता है, जिससे गैस,भारीपन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। आलू आलू और केले दोनों में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें एक साथ खाने से डाइजेशन धीमा हो जाता है, जिससे गैस,पेट फूलना और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सिट्रस फ्रूट्स विटामिन-सी से भरपूर एसिडिक फ्रूट्स जैसे संतरा, नींबू और केले दोनों की संरचना अलग-अलग होती है। इसकी वजह से इन्हें साथ में खाने से पेट में एसिडिटी, जलन और अपच जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। मांस और मछली केले को हाई प्रोटीन फूड जैसे मांस या मछली के साथ खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम पर नेगेटिव असर पड़ता है। यह पेट में भारीपन और सुस्ती का कारण बन सकता है।     केले को अकेले खाएं या हल्के स्नैक्स जैसे ओट्स, अखरोट या अन्य फलों के साथ मिलाएं।     केला खाने के तुरंत बाद भारी भोजन से बचें।     दूध या दही के साथ केला खाना हो, तो इसे स्मूदी के रूप में संतुलित मात्रा में लें।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 38

अक्षय ओबेरॉय अपनी साउथ डेब्यू फिल्म टॉक्सिक के लिए सीख रहे हैं कन्नड़ भाषा

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता अक्षय ओबेरॉय अपनी साउथ डेब्यू फिल्म टॉक्सिक के लिए कन्नड़ भाषा सीख रहे हैं। अपने दमदार अभिनय के लिए मशहूर अक्षय ओबेरॉय अब कन्नड़ फिल्म टॉक्सिक से साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रहे हैं। इस बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर में वह सुपरस्टार यश के साथ नज़र आएंगे। अपने किरदार को पूरी तरह से वास्तविक और प्रभावी बनाने के लिए अक्षय इस समय कन्नड़ भाषा पर गहन प्रशिक्षण ले रहे हैं। फिल्म के प्रोडक्शन टीम ने अक्षय के लिए भाषा प्रशिक्षकों की व्यवस्था की है, जिससे वह न सिर्फ कन्नड़ उच्चारण को सही तरीके से सीख सकें, बल्कि अपने किरदार की भावनाओं को भी पूरी गहराई और सटीकता के साथ व्यक्त कर सकें। उनकी यह मेहनत न सिर्फ उनके अभिनय के प्रति समर्पण को दर्शाती है, बल्कि कन्नड़ सिनेमा के प्रति उनके सम्मान को भी दिखाती है। अपने इस नए सफर के बारे में अक्षय ने कहा, "नई इंडस्ट्री और भाषा में कदम रखना मेरे लिए रोमांचक और चुनौतीपूर्ण दोनों है। मेरे लिए यह सिर्फ कन्नड़ संवाद याद करने का नहीं, बल्कि इस भाषा और संस्कृति को गहराई से समझने का अवसर है, जिससे मैं अपने किरदार को वास्तविकता से निभा सकूं। प्रोडक्शन टीम ने मुझे बेहतरीन भाषा प्रशिक्षक दिए हैं, जो मेरे उच्चारण, शब्दों की ध्वनि और भावनाओं को संवारने में मदद कर रहे हैं। यश जैसे प्रेरणादायक सह-कलाकार के साथ काम करना भी एक शानदार अनुभव है। मैं इस फिल्म में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं और कन्नड़ दर्शकों से एक गहरा जुड़ाव बनाना चाहता हूं।" टॉक्सिक के साथ अक्षय ओबेरॉय अपने करियर के एक नए रोमांचक अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। वह पूरी शिद्दत के साथ इस नई सिनेमाई दुनिया को अपना रहे हैं, और उनके प्रशंसक बेसब्री से उनके कन्नड़ डेब्यू का इंतेज़ार कर रहे हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 39

मनरेगा रामलाल जैसे अनेको कृषकों के चेहरे पर खुशी लाने का पर्याय

रायपुर, किसान रामलाल बताते हैं कि खरीब फसल के पकने के बाद अच्छे उत्पादन की गारण्टी तो मिली ही, अब वे सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता होने से धनिया, आलू, प्याज, टमाटर जैसे साग-सब्जी लगाकर रोज की सब्जी-भाजी के खर्च को बचा भी रहा है। आज रामलाल आत्मविश्वास से भरा है और कूप के बन जाने से परिवार के चेहरे में मुस्कान है। खेती में सिंचाई की उपलब्धता तथा उचित कृषकीय प्रबंध से रामलाल अब उन्नत कृषक बनने की ओर अग्रसर हैं। जिले में मनरेगा रामलाल जैसे अनेको कृषकों के चेहरे पर खुशी लाने का पर्याय बन चुका है। बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर के ग्राम पंचायत करमडीहा निवासी श्री रामलाल अपने मनरेगा से बने कुंए के जरिए दो एकड़ खेतों में पर्याप्त सिंचाई कर रहें हैं, वही समय पर धान की खेती के लिए रोपा भी तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा वे कुछ हिस्सों में साग-सब्जी की खेती कर इससे अतिरिक्त आमदनी भी कमा रहे हैं। गौरतलब है कि किसान रामलाल पहले सिंचाई के साधन नहीं होने से बरसात के दिनों में भी केवल धान के ही फसल ले पाते थे, वे भी वर्षा के जल पर ही निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन मनरेगा से बने कुए ने उसके जीवन में खुशी ला दी है और वे साल में दो सफल ले रहे हैं। वहीं उन्होंने बताया कि स्वयं के लिए कुंए निर्माण से उन्हें 10 हजार रूपए का मजदूरी भी मिला। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं कुशल प्रबंधन से मनरेगा अपने वास्तविक उद्देश्यों को पूरा कर रही है, वहीं श्रमिक व कृषक वर्ग को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।     मनरेगा के अधिकारियों ने बताया कि रोजगार सृजन और स्थाई परिसंपत्तियों का निर्माण कर मनरेगा एक सफल योजना के रूप में जिले में स्थापित हो चुकी है। रामलाल जनपद पंचायत राजपुर के ग्राम पंचायत करमडीहा के निवासी हैं तथा अनेकों अन्य हितग्राहियों की तरह रामलाल के खेत में मनरेगा के तहत कूप निर्माण की स्वीकृति मिली थी। कूप निर्माण के लिए रामलाल के खेत का चयन किया गया तथा निर्धारित समय पर कूप तैयार भी हो गया। कूप के माध्यम से रामलाल के 02 एकड़ खेत की सिंचाई है तथा वे बरसात के साथ-साथ गर्मियों में भी फसल लेने के लिए उत्साहित हैं। धान की खेती के साथ ही भविष्य में पानी की आवश्यकता वाले अन्य फसलों की खेती का विचार कर रहे हैं, जो पहले संभव नहीं था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 23