हार्दिक पांड्या की तूफानी पारी और तिलक वर्मा के अर्धशतक का योगदान, हार के असली गुनहगार, एक हैं सूर्यकुमार यादव

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू यानी आरसीबी के हाथों 12 रनों से हार का सामना करना पड़ा। आरसीबी ने 221 रन बनाए थे। 222 के जवाब में एमआई 209 रनों तक पहुंच गई थी। इसमें हार्दिक पांड्या की तूफानी पारी और तिलक वर्मा के अर्धशतक का योगदान था। मुंबई इंडियंस को इस मैच में आरसीबी के खिलाफ जीत भी मिल सकती थी, लेकिन हार मिली, क्योंकि एमआई के दो बल्लेबाजों ने खराब प्रदर्शन किया। इनमें एक हैं सूर्यकुमार यादव और दूसरे हैं विल जैक्स। दोनों के ही बल्ले से बड़े शॉट देखने को नहीं मिले। सबसे पहले बात करते हैं सूर्यकुमार यादव की। सूर्या को इस मैच में दो जीवनदान मिले, लेकिन बावजूद इसके वे 28 रन बना सके। हैरान करने वाली बात ये थी कि वे 26 गेंद तक क्रीज पर टिके रहे, लेकिन एक छक्का तक नहीं जड़ पाए। उन्होंने 5 चौके अपनी पारी में लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 107.69 का था। 5 चौके वाली पांच गेंद और कुछ सिंगल को हटा दें तो उन्होंने ज्यादातर गेंद डॉट खेलीं, जिनसे टीम के अन्य बल्लेबाजों पर दबाव आया और खुद भी वे अपनी पारी को बड़ा नहीं कर पाए। ऐसे में वे हार के सबसे बड़े गुनहगारों में शामिल हैं। मुंबई की हार के दूसरे सबसे बड़े कसूरवार हैं- विल जैक्स। मुंबई इंडियंस ने इस बल्लेबाज को मोटी रकम में खरीदा था, लेकिन वे अभी तक फीके रहे हैं। यहां तक कि इस मैच में उन्होंने 18 गेंदों का सामना किया, जिसमें 2 चौके और 1 छक्का जड़ा। कुल 22 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 122.22 का था। आपके सामने 222 रनों का टारगेट है और आप 122 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करेंगे तो टीम को जीत कैसे मिलेगी? वे नंबर तीन पर खेल रहे थे, लेकिन फिर भी छाप नहीं छोड़ पाए। इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 34

तहसील का बाबू चार हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया, इसलिए मांगी थी घूस

सागर सागर में मंगलवार के दिन सागर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने जिले की जैसीनगर तहसील के सेमाढाना सर्किल के बाबू रमेश आठिया को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त ने आरोपी बाबू पर वैधानिक कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम के इंस्पेक्टर केपीएस बैन ने जानकारी देते हुए बताया कि चार अप्रैल को आवेदक हरिराम यादव पिता प्राण सिंह यादव 65 साल निवासी सिंगारमुंडी ने एक आवेदन लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के यहां दिया था। इसमें उसने बताया था कि उन्होंने अपनी जमीन का बंटवारा अपने बच्चों के नाम कर दिया है, जिसका नामांतरण होना है। नामांतरण का आवेदन तहसील कार्यालय में लगा चुका हूं, जिसमें तहसील कार्यालय का बाबू रमेश आठिया से मिलने पर उन्होंने बटवारानामा और आदेश बनाने की एवज में 5000 की डिमांड की, जिसमें एक हजार दे चुका है। किसान के आवेदन के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया और किसान द्वारा आवेदन में दी गई जानकारी सही पाई गई तो आज मंगलवार दोपहर लगभग दो बजे आवेदक हरिराम को 4000 की रकम लेकर बाबू को देने भेजा। जहां बाबू अपने कार्यालय की टेबल पर ही 4000 रुपये लेते हुए रंग हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी बाबू पर वैधानिक धाराओं में कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम में निरीक्षक केपीएस बैन, अभिषेक वर्मा, प्रधान आरक्षक अजय क्षेत्री, आरक्षक अरविंद नायक संतोष गोस्वामी राघवेंद्र ठाकुर गोल्डी पासी शामिल रहे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28

CM योगी कैबिनेट की बैठक में 13 फैसलों पर लगी मुहर, अयोध्या में डे केयर स्कूल, हाथरस में मेडिकल कॉलेज और क्या-क्या

लखनऊ लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इस दौरान अहम को प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। बेठक में कुल 15 फैसलों पर मुहर लगी हे। योगी सरकार पीआरडी जवानों का भत्ता बढ़ाया दिया है। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अयोध्या डे केयर स्कूल बनेगा। वहीं हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर फैसला हुआ है। इसके साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश आवास विभाग के यूपी हाईटेक टाउनशिप नीति में संशोधन का प्रस्ताव और नगरीय उपयोग प्रभार शुल्क वसूलने के लिए तैयार की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है।  योगी सरकार ने PRD जवानों का भत्ता बढ़ा दिया है। इसके साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश आवास विभाग के यूपी हाईटेक टाउनशिप नीति में संशोधन का प्रस्ताव और नगरीय उपयोग प्रभार शुल्क वसूलने के लिए तैयार की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। जानकारी के मुताबिक, हाथरस में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर फैसला हुआ है। यूपी कैबिनेट में 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर     नगरीय उपयोग प्रभार का निर्धारण, एवं संग्रहण     उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास संशोधन नियमावली-2023 के तहत नियमावली-2025 जारी किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ है।     उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम सिल्क टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पालिसी-2017 के तहत छूटी इकाइयों को अनुदान दिए जाने के संबंध में     प्रांतीय रक्षकदल के स्वयंसेवकों का भत्ता बढ़ाया गया।     कार्यशील हाईटेक टाउनशिप परियोजनाओं, इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005, 2014 और उप्र टाउनशिप नीति-2023 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं और विकास प्राधिकरणों द्वारा स्वीकृत अथवा संचालित     आवासीय परियोजनाओं में गृह कर, जल कर इत्यादि के संबंध में फैसले हुए हैं।     अयोध्या में मंदबुद्धि छात्रों के लिए 4000 वर्ग मीटर जमीन ब्रम्हकुंड अयोध्या में नजूल गाटा-संख्या-695 को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को उपलब्ध कराने के संबंध में फैसले हुए।     अयोध्या में 300 बेड का चिकित्सालय के निर्माण के लिए पुराने सीतापुर आई हास्पिटल की भूमि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के नाम ट्रांस्फर करने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ है।     परिवहन विभाग के कर ढांचे में बदलाव किए जाने के संबंध में- नई अधिसूचना जारी की जाएगी।      प्रांतीय रक्षकदल के स्वयंसेवकों का भत्ता बढ़ाया गया।     हाथरस में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।     वित्त विभाग- सहकारी समितियों एवं पंचायत लेखा परीक्षा सेवा नियमावली के पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी     यमुना एक्सप्रेस वे एवं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के क्रॉसिंग के पास NHAI द्वारा इंटर चेंज के निर्माण को मंजूरी   भत्ता ₹395 से बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन प्रदेश सरकार ने पीआरडी जवानों के दैनिक भत्ते को ₹395 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया है. इस फैसले से प्रदेश भर में कार्यरत 34,000 से अधिक पीआरडी जवानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा, अधिकारियों का मानना है इससे उनका मनोबल भी बढ़ेगा और सेवा में और अधिक तत्परता आएगी. अयोध्या को दो बड़ी सौगातें अयोध्या में एक विशेष चाइल्ड केयर केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पास हुआ है. यह केंद्र 3 से 7 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल होगी. दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को नुज़ूल भूमि की  निशुल्क भूमि आवंटित कर दी गई है. साथ ही, अयोध्या में सीता आई हॉस्पिटल की सरप्लस भूमि पर 300 बेड वाले नए सरकारी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा. यह अस्पताल 12,798 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनेगा, जिससे अयोध्या के साथ-साथ आस-पास के जिलों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी. हाथरस को मेडिकल कॉलेज की सौगात हाथरस जिले को भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा तोहफा मिला है. ज़िला अस्पताल के साथ अब एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए अलीगढ़ मार्ग पर स्थित 6.675 हेक्टेयर भूमि को वर्ष 1987 के सर्किल रेट के आधार पर आवंटित किया गया है. इस फैसले से मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ ज़िले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा.सड़क संपर्क को मिलेगा बढ़ावा: अफजलपुर इंटरचेंज को मिली हरी झंडी कैबिनेट में यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न परिफेरल एक्सप्रेसवे की क्रॉसिंग पर अफजलपुर इंटरचेंज के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है. यह इंटरचेंज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग से बनाया जाएगा. इस परियोजना से यातायात सुगम होगा और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. अधीनस्थ नियमावली में संशोधन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा नियमावली में भी आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई है. इससे विभागों की संरचना को बेहतर बनाने, पिरामिड सिस्टम को संतुलित करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 45

जयपुर बम ब्लास्ट में मिला इंसाफ, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला; 4 दोषियों को आजीवन कारावास

जयपुर जयपुर बम ब्लास्ट से जुड़े मामले में सबसे बड़ी खबर, जयपुर बम ब्लास्ट के गुनहगारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिंदा बम मिलने के मामले में दोषी ठहराए गए चारों आतंकियों को सजा सुनाई गई है। 4 अप्रैल को जज रमेश कुमार जोशी ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया था। जयपुर में करीब 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा मिले बम केस में चारों आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 600 पेज का फैसला दिया है। 13 मई को 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे, नौंवा बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। बम फटने के 15 मिनट पहले इसे डिफ्यूज कर दिया गया था।  अदालत ने शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान को दोषी करार देते हुए कहा कि सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है। विशेष न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी की अदालत ने चारों को भारतीय दंड संहिता (IPC), यूएपीए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया है। बता दें कि बीती 4 अप्रैल 2025 को अदालत ने इन चारों आरोपियों को दोषी घोषित किया था। इसके बाद 6 अप्रैल को सजा पर बहस हुई और आज कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा दी। दोषियों को IPC की धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 121A (राजद्रोह संबंधी साजिश), धारा 307 (हत्या की कोशिश), धारा 153A (धार्मिक विद्वेष फैलाना), विस्फोटक अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 और यूएपीए की धारा 13 और 18 के तहत सजा दी गई है। शुक्रवार को दोषी करार दिया था इससे पहले शुक्रवार को जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने चारों को दोषी करार दिया था। अदालत ने जिंदा बम केस में सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को दोषी ठहराया था। चारों आतंकियों को इंडियन पेनल कोड की 4 धाराओं, अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) की दो, विस्फोटक पदार्थ कानून की 3 धाराओं में दोषी ठहराया गया है। इन धाराओं में अधिकतम आजीवन कारावास का प्रावधान है। इनमें शाहबाज को छोड़कर अन्य को सीरियल ब्लास्ट के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया था। फांसी की सजा के मामले में राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। 112 गवाहों के बयान हुए थे एटीएस ने जिंदा बम मामले में इन सभी आरोपियों को 25 दिसंबर 2019 को जेल से गिरफ्तार कर लिया था। एटीएस ने जिंदा बम मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की थी। इसमें एटीएस ने तीन नए गवाह शामिल किए थे। सुनवाई के दौरान एटीएस ने पत्रकार प्रशांत टंडन, पूर्व एडीजी अरविंद कुमार और साइकिल कसने वाले दिनेश महावर सहित कुल 112 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे। सरकारी और बचाव पक्ष की दलीलें राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक सागर तिवाड़ी ने कहा कि यह गंभीरतम अपराध है। इसमें किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। ऐसे लोगों को शेष जीवनकाल तक जेल में रहना चाहिए। वहीं, आरोपियों के वकील मिन्हाजुल हक ने अदालत में तर्क दिया कि चारों आरोपी पिछले 15 साल से जेल में हैं, और अन्य आठ बम ब्लास्ट केसों में हाईकोर्ट उन्हें बरी कर चुका है। ऐसे में उन्हें कम से कम सजा दी जाए। अदालत की टिप्पणी- फैसला सुनाते वक्त न्यायालय ने कहा कि सबसे बड़ा न्यायालय, हमारा मन होता है… क्या गलत है, क्या सही, यह हमारा मन जानता है। सजा हुई है, मतलब गुनाह भी हुआ है। क्या है ब्लास्ट का पूरा मामला? बताते चलें कि 13 मई 2008 को जयपुर के विभिन्न स्थानों पर आठ सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिसमें 70 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसी दौरान नवां बम चांदपोल बाजार स्थित एक गेस्ट हाउस के पास मिला था, जिसे धमाके से 15 मिनट पहले डिफ्यूज कर लिया गया था जिससे एक और बड़ी त्रासदी टल गई थी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

दमोह का फर्जी डॉक्‍टर नरेंद्र यादव 7 मरीजों की मौत का है आरोपी, 5 दिन की पुलिस हिरासत

 दमोह मध्य प्रदेश की दमोह जिला अदालत ने फर्जी हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन केम को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने सोमवार को नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन कैम को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) से गिरफ्तार किया था. यह मामला दमोह के एक मिशनरी अस्पताल में 7 मरीजों की मौत से जुड़ा है, जहां आरोपी ने फर्जी मेडिकल डिग्री के आधार पर इलाज किया था. दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया, "रविवार आधी रात को सीएमएचओ एमके जैन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज की गई। हमारी टीम ने प्रयागराज में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया और दमोह लाकर अदालत में पेश किया।" एसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आरोपी का मेडिकल प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया. CMHO जैन ने शिकायत में आरोप लगाया कि नरेंद्र यादव ने मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के बिना अस्पताल में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं कीं. एनएचआरसी को मिली एक अन्य शिकायत में दावा किया गया कि उसने ब्रिटेन के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर जॉन कैम के नाम का दुरुपयोग कर मरीजों को गुमराह किया, जिसके गलत इलाज से 7 मरीजों की मौत हुई. जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि मरीजों की मौत की जांच के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग  की एक टीम भी दमोह में इस मामले की अलग से जांच कर रही है. टीम बुधवार तक जिले में रहेगी और पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात करेगी. NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा, "यह गंभीर मामला है. फर्जी डॉक्टर द्वारा इलाज से मरीजों की जान गई." उधर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, "हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश भर में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने और कठोर कदम उठाने को कहा गया है. हम केंद्र सरकार के संपर्क में हैं." क्या है दमोह में फर्जी डॉक्टर से जुड़ा पूरा मामला? फर्जी डॉक्टर और उसके फर्जी इलाज से जुड़ा यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के दमोह में स्थित मिशन हॉस्पिटल का है। यहां के कार्डियोलॉजी विभाग में कुछ महीने पहले ही एक डॉक्टर की नियुक्ति हुई। नाम था- डॉक्टर जॉन कैम, एक लंदन आधारित कार्डियोलॉजिस्ट जिसे दिल की बीमारियों के इलाज के लिए जाना जाता है। इस फर्जी डॉक्टर की अब जो पहचान सामने आई है, उसके मुताबिक, इसका नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है, जिसने जॉन कैम की पहचान चोरी कर ली और खुद को लंदन में प्रशिक्षित डॉक्टर बताकर अस्पताल में नियुक्ति तक पा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फर्जी डॉक्टर ने दिसंबर 2024 को अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नियुक्ति पाई। इस दौरान अस्पताल ने उसे ठीक से जांच किए बिना आठ लाख रुपये प्रतिमाह वेतन देने का कॉन्ट्रैक्ट भी किया। इसके बाद अस्पताल में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ शुरू हुआ।  इन कमियों के बावजूद एक प्लेसमेंट एजेंसी ने अस्पताल के लिए 'फर्जी डॉक्टर जॉन कैम' की भर्ती कर ली। इ़स डॉक्टर ने दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक अस्पताल में काम किया और मरीजों की एंजियोग्राफी से लेकर उनकी एंजियोप्लास्टी तक की। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अस्पताल सरकार की आयुष्मान भारत स्कीम के तहत गरीबों का इलाज भी करता था। ऐसे में फर्जी डॉक्टर ने सार्वजनिक फंड्स का लंबे समय तक नुकसान किया और अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। फर्जी डॉक्टर कैसे ले रहा था मरीजों की जिंदगी? नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के मोडस ऑपरेंडाई को लेकर मृतकों के परिजनों ने खुलासा किया है। दमोह के पुराना बाजार-2 निवासी रहीसा बेगम (63) के बेटे नबी कुरैशी ने बताया कि 9 जनवरी को उनकी मां के सीने में दर्द उठा था। वह 10 जनवरी को उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मिशन अस्पताल भेज दिया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान से इलाज होना था, लेकिन मिशन अस्पताल में 50 हजार रुपए मांगे गए। जब बिना जांच के ही अस्पताल में रुपए मांगे गए तो नबी ने मां को निजी अस्पताल में डॉ. डीएम संगतानी के यहां ले गए। उन्होंने फिर मिशन अस्पताल में भर्ती करा दिया। ऐसे में नबी ने 5 हजार रुपए जमा किए।   रहीसा की जांच फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एन जॉन कैम ने कराई। रिपोर्ट में एक नस 92 तो दूसरी 85 प्रतिशत ब्लॉक मिली। डॉ. कैम ने कहा-सर्जरी होगी। 14 जनवरी को रहीसा को भर्ती कराया। 15 जनवरी दोपहर 12 बजे सर्जरी हुई और साढ़े 12 बजे रहीसा की मौत हो गई। फर्जी डॉक्टर ने कहा- सर्जरी के दौरान दूसरा हार्ट अटैक आया था। 15 दिन बाद जांच रिपोर्ट दी। पहले सभी ने इसे सामान्य मौत माना। हालांकि, अब गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। दूसरी तरफ दमोह के भरतला गांव निवासी मंगल सिंह की मौत हुई है। उनके बेटे जितेंद्र ने बताया कि वह चार फरवरी को अपने पिता को मिशन अस्पताल लेकर गया था। यहां एंजियोग्राफी की गई। रिपोर्ट में बताया कि हार्ट का ऑपरेशन करना होगा। लेकिन ऑपरेशन के कुछ घंटों में मौत हो गई। जितेंद्र ने बताया ऑपरेशन से पहले और बाद में डॉक्टर नहीं मिले। फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट ने ही उसके पिता का ऑपरेशन किया था।  कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा? इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब दमोह के बरी गांव के कृष्णा पटेल फरवरी में अपने दादाजी का इलाज कराने के लिए उन्हें मिशन अस्पताल ले गए। यहां उन्हें भर्ती कराया गया और एंजियोग्राफी के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए। एंजियोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर ओपन हार्ट सर्जरी की बात कही गई। कृष्णा के मुताबिक, जब उन्होंने अस्पताल में कहा कि एंजियोग्राफी 10 हजार रुपये में हो जाती है और इसके नतीजों को लेकर सवाल किए तो डॉक्टर कैम के बहरूपिये ने उनसे खराब तरह से बात की और सर्जरी के लिए किसी और अस्पताल जाने की बात कही। इसके बाद कृष्णा अपने दादा को लेकर जबलपुर पहुंचा और वहां इलाज कराया। कृष्णा के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के … Read more

दतिया :चर्चा का विषय बनी राज्याभिषेक की घोषणा, राहुलदेव और परिणीति राजे को क्षत्रिय समाज से किया बहिष्कृत

दतिया  अब देश में लोकतंत्र का राज है, फिर भी पुरानी मान्यताओं के आधार राजशाही की परंपरा दतिया में है। यहां के राजपरिवार में विवाद गहरा गया है।परिवार के दामाद राहुल देव सिंह ने रामनवमी के दिन समारोह आयोजित कर राज्याभिषेक कर खुद को 14वां राजा घोषित कर दिया था। अपना नया नामकरण दतिया रियासतकाल के आखिरी राजा गोविंद सिंह जूदेव के नाम पर गोविंद सिंह जूदेव कर लिया है, वहीं दतिया राजपरिवार और क्षत्रिय समाज ने समारोह को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए विरोध किया। समाज ने क्यों किया राहुल देव सिंह का विरोध     दतिया राजपरिवार के महाराजा गोविंद सिंह जूदेव दतिया के अंतिम शासक थे, जिनका निधन 1951 में हुआ। उनके दो पुत्र बलभद्र सिंह और जसवंत सिंह हुए। बलभद्र सिंह के बाद महाराजा किशन सिंह बने।     उनके निधन के बाद महाराज की पदवी राजेंद्र सिंह को मिली। उनकी मृत्यु के बाद 30 अप्रैल 2020 को उनके ज्येष्ठ पुत्र अरुणादित्य देव को 14वां राजा घोषित किया गया था।     ऐसे में वर्तमान राजा के होते हुए परिवार के दामाद के राज्याभिषेक को क्षत्रिय समाज ने परंपरा के विपरीत बताया है, क्योंकि वह जसवंत सिंह के परिवार के दामाद है। राजतिलक समारोह में जुटे दो दर्जन से अधिक राजघराने कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए देशभर के लगभग दो दर्जन राजघरानों के राजा-महाराजा, सांसद, रेसलर और कंप्यूटर बाबा समेत कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। अयोध्या और वाराणसी से आए ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार और विधिविधान से रस्में अदा कीं। राहुल देव सिंह को पारंपरिक पोशाक पहनाकर पकड़ी पहनाई गई और उन्हें दतिया के 14वें राजा के रूप में स्वयंभू घोषित किया गया। ठाकुर समाज और राजपरिवार ने जताया विरोध दतिया राजघराने और ठाकुर समाज ने इस आयोजन को पूरी तरह अवैध बताते हुए राहुल देव सिंह और उनके परिवार को समाज से बेदखल कर दिया है। समाज की ओर से दतिया एसपी वीरेंद्र मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। घनश्याम सिंह ने यह भी कहा कि राहुल देव सिंह का शुरुआती जीवन बहुत संघर्षपूर्ण था। वे पहले डांसर बनना चाहते थे, फिर फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत आजमाई, लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली, तो वे राजनीति में आए और अपनी पत्नी को चुनाव में उतारा, जहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में धर्म की ओर रुझान हुआ और वे महामंडलेश्वर बन गए। अब उन्हें महाराजा बनने की लालसा हो गई है। दतिया रियासत का ऐतिहासिक क्रम महाराजा गोविंद सिंह दतिया के अंतिम शासक थे, जिनका निधन 1951 में हुआ। उनके दो पुत्र – बलभद्र सिंह और जसवंत सिंह थे। बलभद्र सिंह के बाद महाराजा किशन सिंह, फिर महाराजा राजेंद्र सिंह और अंतत 30 अप्रैल 2020 को अरुणादित्य देव को 14वां राजा घोषित किया गया। इस लिहाज से समाज का दावा है कि राहुल देव सिंह का राजतिलक पूर्णत अवैध और परंपरा के विपरीत है। दतिया किले में हुई समाज की बैठक रविवार को दतिया किले में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें ठाकुर समाज और राजघराने के वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। बैठक में राहुल देव सिंह और उनके परिवार को समाज से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। राहुल देव सिंह ने भी रखा अपना पक्ष विरोध को लेकर राहुल देव सिंह का कहना है कि जिसको उनका यह कदम बुरा लग रहा है, उसकी अपनी राय हो सकती है, लेकिन उन्होंने अपनी वंश परंपरा को निभाया है। कुछ लोग उनके समाज से बहिष्कृत करने की बात कह रहे हैं तो कहने दो। वसीयत को बताया था वजह राज्याभिषेक के आमंत्रण बांटे जाने के बाद से ही विवाद गहरा गया। इसके बाद राजपरिवार के संरक्षक पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और वर्तमान महाराज अरुणादित्य देव ने आयोजन को गलत बताया था। उन्होंने राहुल देव सिंह की इस बात को भी गलत बताया कि उनकी दादी सास पद्माकुमारी की वसीयत में दामाद के राज्याभिषेक की बात है, जबकि पूर्व में भी राजघराने में जमीन को लेकर विवाद के दौरान ही उनकी वसीयत सामने आ चुकी है। उसमें ऐसा कोई उल्लेख नहीं था। घनश्याम सिंह ने वसीयत के ही कूटरचित होने का दावा किया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

जैसलमेर, बाड़मेर में लू का रेड अलर्ट, 46 डिग्री पहुंचा पारा

जयपुर राजस्थान में सड़कों पर निकलना अब जानलेवा हो चुका है। भीषण गर्मी ने प्रदेश में जबरदस्त लू का दौर शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने तापमान में और ज्यादा बढ़ोतरी की चेतावनी दे दी है और लू के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। भीषण लू  के प्रकोप से अब लोगों की हालत खराब हो रही है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। जानकारी के अनुसार आज स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में वीसी के जरिए राज्य भर के स्वास्थ्य महकमे की बैठक ले सकता है।   19 शहरों में हीट वेव अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 19 शहरों में आज हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। इसमें बाड़मेर में रेड अलर्ट, चित्तौड़गढ़, झुंझुनू, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, गंगानगर में ऑरेंज अलर्ट और अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी, जयपुर, कोटा, सीकर, टोंक, चूरू, हनुमानगढ़, जालौर, नागौर और पाली में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 50 डिग्री की तरफ बढ़ रहा राजस्थान में फिलहाल तापमान 46 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। हिल स्टेशन माउंट आबू को छोड़कर शेष पूरे राजस्थान में पारा 40 से 46 डिग्री के बीच चल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश का पारा और बढ़ेगा। पिछले साल गर्मियों में अधिकतम तापमान मई में 50 डिग्री पर पहुंचा था लेकिन इस बार यह स्थिति और भी पहले बनती नजर आ रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही पारा 46 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी दौरान अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा था। मौसम विभाग का कहना है कि 9 अप्रैल तक बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा व जयपुर संभाग में हीट वेव का सर्वाधिक असर रहेगा। वहीं 10 व 11 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के असर से कहीं-कहीं बूंदाबांदी और मेघगर्जन के साथ छींटे पड़ सकते हैं, इससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42