Friday, July 10, 2026 6:01 am

आज गुरुवार 10 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है और आपकी एनर्जी में भी वृद्धि होगी। वित्तीय रूप से अपने लक्ष्यों को ध्यान में रखने से आप रणनीतिक बचत के रास्ते पर बने रह सकेंगे। आपके करियर में बड़ी सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं। वृषभ राशि– आज वृषभ राशि वालों को किसी भाई-बहन के साथ अचानक बनाई गई मौज-मस्ती की योजना आज आपकी खुशी में वृद्धि कर सकती है। अगर आप संपत्ति निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो संभावनाएं अच्छी हैं। आज की यात्रा रोमांच से भरपूर नहीं होगी, लेकिन रास्ते में खुशी के पल जरूर आएंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को कोई महत्वपूर्ण सेहत से जुड़ी परेशानी नहीं हो सकती है। अपने शरीर से आने वाले छोटे-मोटे संकेतों पर ध्यान देना हमेशा लाभकारी होता है। कार्यालय में आपका समर्पण कलीग से तारीफ दिला सकता है। किसी रिश्तेदार का निर्णय पारिवारिक गतिशीलता में बदलाव ला सकता है। कर्क राशि– कर्क राशि वालों के लिए शैक्षणिक रूप से यह एक संतोषजनक दिन होने वाला है। यात्रा रोमांचक अनुभव लेकर आएगी, इसलिए नए रोमांच के लिए तैयार रहें। ऊर्जा का स्तर बढ़ सकता है। आज साहसिक वित्तीय कदम उठाना आपकी तरक्की का मार्ग खोल सकता है। सिंह राशि– आज परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। सफर का शौक बुला रहा है, लेकिन अपनी यात्रा पर निकलने से पहले उचित तैयारी महत्वपूर्ण है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करते समय धैर्य रखें। वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने से पेमेंट में होने वाली किसी भी देरी को रोका जा सकेगा। व्यावसायिक रूप से नए अवसर सामने आ सकते हैं। कन्या राशि– यात्रा में आराम महसूस होगा, जिससे आपको हल्की एक्टिविटी का आनंद लेते हुए आराम करने का मौका मिलेगा। कार्यस्थल पर आपकी प्रोडक्टिविटी के सुधरने की संभावना है। संपत्ति का लेन-देन सुचारू रूप से चलने की संभावना है, चीजें उम्मीद के अनुसार होंगी। तुला राशि- अगर आप किसी संपत्ति समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, तो भविष्य की गलतफहमी से बचने के लिए सभी शर्तों को सावधानी से रिव्यू करना महत्वपूर्ण है। कार्यस्थल पर आपका बढ़ता नेतृत्व आपको सम्मान और पहचान दिला रहा है। परिवार के सदस्यों के साथ एक शांतिपूर्ण शाम बिता सकते हैं। आर्थिक रूप से आप तरक्की कर रहे हैं। वृश्चिक राशि- आज खुद को गति देने से बिना थकावट महसूस किए एनर्जी के लेवल को बनाए रखने में मदद मिलेगी। आर्थिक रूप से सफलता का मार्ग धीरे-धीरे खुल रहा है, तरक्की का आनंद लें। अपने लगातार प्रयासों के लिए कार्यस्थल पर पहचान की अपेक्षा करें। शैक्षणिक रूप से स्थिर फोकस छात्रों को सही रास्ते पर बने रहने में मदद करेगा। यात्रा रोमांच और नए अनुभव लेकर आएगी। धनु राशि- बचत का आकलन करने और अपनी आर्थिक रणनीतियों में थोड़ा सुधार करने के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है। आज नई चीजों को सीखने के लिए भी दिन अच्छा है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं। मकर राशि- संतान की सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। सचेत रहें। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मानसिक आराम उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक आराम, रिफ्रेश होने के लिए सुकूल के पल अपने साथ बिताएं। हालांकि आज पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, इसलिए समझदारी से बजट बनाना जरूरी है। कुंभ राशि- मन शांत रहेगा। नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता से पारिवारिक संबंधों में और ज्यादा गर्मजोशी और प्यार बढ़ने की संभावना है। अगर संपत्ति निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण से समय के साथ लाभ मिलेगा। मीन राशि- कोई पुराना सहकर्मी करियर संबंधी दिलचस्प खबरें लेकर आ सकता है। फोकस में सुधार होगा और ऊर्जा का स्तर बना रहेगा। वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आज बेकार के कर्ज लेने से बचें। भाई-बहन के साथ थोड़ी असहमति उत्पन्न हो सकती है लेकिन धैर्य से इसे सुलझाया जा सकता है। recent visitors 56

भारत ने बांग्लादेश को दिया झटका, ट्रांसशिपमेंट की सुविधा की खत्म, कई देशों को नहीं बेच पाएगा सामान

नई दिल्ली भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट की सुविधा खत्म कर दी है। इससे बांग्लादेश का भूटान, नेपाल और म्यांमार के साथ व्यापार प्रभावित हो सकता है। इस सुविधा के तहत बंदरगाहों और हवाई अड्डों के रास्ते में भारतीय भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों का उपयोग करके बांग्लादेश से तीसरे देशों को निर्यात कार्गो की अनुमति दी गई थी। मुख्य रूप से परिधान क्षेत्र के भारतीय निर्यातकों ने सबसे पहले सरकार से पड़ोसी देश से यह सुविधा वापस लेने का आग्रह किया था। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया है। भारत के रास्ते सामान भेजता था बांग्लादेश इसमें बोर्ड ने 29 जून, 2020 के अपने पुराने आदेश को रद कर दिया है। उसमें बांग्लादेश से आने वाले सामान को भारत के रास्ते दूसरे देशों में भेजने की अनुमति दी गई थी। यह सामान जमीन के रास्ते भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक पहुंचता था। इसका मकसद यह था कि बांग्लादेश आसानी से भूटान, नेपाल और म्यांमार जैसे देशों को सामान भेज सके। लेकिन शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी आई है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, 'अब हमारे पास अपने कार्गो के लिए अधिक हवाई क्षमता होगी।' नए आदेश के बाद सुविधा बंद एईपीसी के अध्यक्ष सुधीर सेखरी ने कहा था कि लगभग 20-30 लोडेड ट्रक हर दिन दिल्ली आते हैं, जिससे कार्गो की सुचारू आवाजाही धीमी हो जाती है और एयरलाइंस इसका अनुचित लाभ उठा रही हैं। इससे हवाई मालभाड़े में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) का कहना है कि नए आदेश के बाद यह सुविधा तुरंत बंद कर दी गई है। हालांकि जो सामान पहले से ही भारत में आ चुका है, उसे पुराने नियमों के अनुसार बाहर जाने दिया जाएगा।   recent visitors 59

हरिद्वार की जिला कारागार में बंद 15 कैदी HIV पॉजिटिव, मचा हड़कंप, अलग बैरक में किया शिफ्ट

हरिद्वार उत्तराखंड में हरिद्वार की जिला कारागार से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जेल में बंद 15 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कैदियों के हेल्थ चेकअप के दौरान 15 लोगों में एचआईवी संक्रमित की पुष्टि हुई है। इसके बाद जेल प्रशासन ने एचआईवी पॉजिटिव कैदियों को अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। जेल में बंद अन्य कैदियों के अंदर भी भय का माहौल है। हरिद्वार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुसार, सात अप्रैल को जिला कारागार में विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर स्वास्थ्य कैंप लगा था। जेल में बंद सभी कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था, जिसमें 15 कैदियों में एचआईवी की पुष्टि हुई। सभी पॉजिटिव कैदियों को एक ही बैरक में रखा गया है। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि जेल में बंद 15 कैदी कैसे एचआईवी पॉजिटिव हो गए। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में भी मेडिकल जांच के दौरान हरिद्वार जेल में बंद 16 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले थे। बता दें कि हरिद्वार जिला कारागार में वर्तमान में करीब 1100 कैदी बंद हैं। एचआईवी की पुष्टि के बाद अब जेल प्रशासन में स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट मोड में है और उनका इलाज किया जा रहा है। बता दें कि एड्स एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) संक्रमण के बाद होती है। एचआईवी संक्रमण के पश्चात मानवीय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है। एड्स का पूर्ण रूप से उपचार अभी तक संभव नहीं हो सका है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स की पहचान संभावित लक्षणों के दिखने के पश्चात ही हो पाती है। रोग रोकथाम एवं निवारण केंद्र द्वारा एड्स के संभावित लक्षण बताए गए हैं। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं है, में एड्स के लक्षणों की जांच विशेष रक्त जांच (सीडी4 प्लस कोशिका गणना) के आधार पर की जा सकती है। एचआईवी संक्रमण का अर्थ यह नहीं है कि वह व्यक्ति एड्स से भी पीड़ित हो। एड्स के लक्षण दिखने में 8 से 10 वर्ष तक का समय लग सकता है। एड्स की पुष्टि चिकित्सकों द्वारा जांच के पश्चात ही की जा सकती है। एचआईवी संक्रमण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को इस हद तक कम कर देता है कि इसके बाद शरीर अन्य संक्रमणों से लड़ पाने में अक्षम हो जाता है। recent visitors 63

वक्फ कानून गरीब और पिछड़े मुस्लिमों के हित में है, किसी भी मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होगा: शाहनवाज हुसैन

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने वक्फ संशोधन कानून को लेकर विपक्ष के जरिए फैलाए जा रहे भ्रम पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीब और पिछड़े मुस्लिमों के हित में है और इससे किसी भी मस्जिद, दरगाह या कब्रिस्तान को कोई नुकसान नहीं होगा। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस कानून को गरीब मुसलमानों और पसमांदा वर्ग के हित में बताया है। उन्होंने कहा, “जो अमीर लोग वक्फ की जायदाद पर कुंडली मारकर बैठे थे, उन्हें इस बिल से परेशानी हो रही है, न कि किसी गरीब मुसलमान को। यह बिल उन लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने वक्फ संपत्तियों का वर्षों से दुरुपयोग किया।” उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद और सपा पर मुस्लिम समाज को भड़काने का आरोप लगाया। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह पूरी तरह से टीएमसी की चाल है कि इस कानून की आड़ में देश का माहौल बिगाड़ा जाए। उन्होंने अपील की कि मुस्लिम समाज किसी के बहकावे में न आए और इस कानून का समर्थन करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान कमेटियों में किसी भी गैर-मुस्लिम सदस्य को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "यह संशोधन कानून मुस्लिम समाज की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।" कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के इस कानून पर सवाल उठाने को लेकर शाहनवाज हुसैन ने कहा, “यह तो बहुत अच्छी बात है कि गरीब मुसलमानों के लिए आधी रात को जागकर एक कानून बनाया गया। जब मणिपुर के लिए आधी रात को कानून बन सकता है, तो वक्फ के लिए क्यों नहीं?” उन्होंने बताया कि संसद में 16 घंटे की चर्चा के बाद विधेयक ने कानून का रूप लिया और कांग्रेस केवल इस मुद्दे पर मुस्लिम समाज को गुमराह कर रही है। इसके साथ ही शाहनवाज हुसैन ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा की भारत वापसी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उन्होंने कहा, “तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है। इससे पाकिस्तान की पोल खुलेगी और दोषी को सख्त सजा मिलेगी।” recent visitors 51

मुख्यमंत्री का दो दिवसीय हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर दौरा, सरसों की एमएसपी पर खरीद का किया शुभारंभ

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को श्रीगंगानगर स्थित नई धान मंडी में किसानों को विक्रय स्लिप प्रदान करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों खरीद का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर किसानों एवं व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि अन्नदाता किसान को पूरा सम्मान और सुरक्षा के साथ ही उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाना हमारा ध्येय है। हमारी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का किसानों के बैंक खातों में सीधा भुगतान समय पर सुनिश्चित कर रही है। इसी दिशा में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2025-26 में सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है तथा इस साल 13 लाख 22 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा है। इसी तरह सरकार 5 हजार 650 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी के आधार पर 5 लाख 46 हजार मीट्रिक टन चना की खरीद करेगी। हमारी सरकार ने एमएसपी खरीद की सीमा को बढ़ाया श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022-23 में सरसों का एमएसपी 5 हजार 50 रुपये था, जिसमें हमारी सरकार ने 900 रूपये तक की बढ़ोत्तरी की है। साथ ही एमएसपी पर खरीद के लिए प्रति किसान 25 क्विंटल की सीमा को बढ़ाकर 40 क्विंटल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार ने सवा साल के समय में अब तक 4 लाख 85 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की है जबकि पिछली सरकार ने अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में केवल 5 लाख 53 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की थी। साथ ही हमारी सरकार ने मूंगफली के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 5 हजार 850 रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 783 रुपये प्रति क्विंटल किया है। किसानों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करते हुए उनकी समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बोनस को बढ़ाकर 150 रुपये एवं किसान सम्मान निधि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने से लेकर वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। recent visitors 61

संभल के DM साहब ने अचानक थामा हंसिया, खेत में काटी गेहूं की फसल, एक अनोखी पहल की

संभल संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने एक अनोखी पहल की है। वह स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं और साथ ही खेतों में जाकर फसल काटते हैं। उनका उद्देश्य शिक्षा के स्तर में सुधार करना और किसानों की समस्याओं को समझना है। हाल ही में, डीएम साहब ने बेहजोई ब्लॉक के ग्राम खजरा खाकम स्कूल का निरीक्षण किया और वहां पर बच्चों को क्लास भी ली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसके बाद, उन्होंने किसानों से मुलाकात कर धान की फसल काटी और फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। डीएम राजेंद्र पेंसिया का यह कदम किसानों और बच्चों के बीच बहुत प्रसिद्ध हुआ है। उन्होंने बताया कि त्रिकोणीय आकृति में खेत की कटाई करके फसल उत्पादकता का औसत निकाला जाता है, जिसे शासन को भेजा जाता है।   recent visitors 53

पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर गुलाब की खेती की ओर कदम बढ़ाने वाले देवेंद्र आज एक उदाहरण बन चुके

रायपुर कोरोना काल ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिलाकर रख दिया था। मगर, कुछ लोग उस मुश्किल दौर को अपनी मेहनत और संघर्ष से न केवल पार किया, बल्कि उसे अपनी सफलता की सीढ़ी भी बना लिया। बालोद जिले के 26 साल के देवेंद्र कुमार सिन्हा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बेरोजगारी और अनिश्चितता के बीच जब हर रास्ता बंद दिखता था, तब उनकी पत्नी दीप्ति और पिता भुनेश्वर प्रसाद सिन्हा ने उन्हें उम्मीद दी और उनका हौसला बढ़ाया। पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर गुलाब की खेती की ओर कदम बढ़ाने वाले देवेंद्र आज एक उदाहरण बन चुके हैं। अपनी मेहनत और पत्नी के हौसले से उन्होंने न केवल अपनी किस्मत बदली, बल्कि लाखों की कमाई कर दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। 2022 में गेंदे की खेती से की शुरुआत युवा किसान देवेंद्र कहते हैं, ‘मेरी पत्नी के पिताजी गेंदे की खेती करते थे। इसलिए उन्हें इसका अनुभव था। पत्नी ने खेती का आइडिया दिया। गवर्नमेंट की वेबसाइट में सरकारी मदद के बारे में सर्च किया। इसके बाद वर्ष 2022 में गेंदे की खेती की शुरुआत की। वहीं, 60 डिसमिल में गुलाब लगाया।’ वर्तमान में वह एक एकड़ में गुलाब, दो एकड़ में रजनीगंधा और आधा एकड़ में गेंदे की खेती तैयार कर रहे हैं। गुलाब और अन्य फूलों की आधुनिक खेती को देखने और समझने के लिए अन्य किसान भी उनके पास आ रहे हैं। 8-10 मजदूरों को दे रहे सालभर रोजगार किसान देवेंद्र ने बताया कि उनके गुलाब के फूलों की मांग दुर्ग, रायपुर से लेकर ओडिशा तक है। अब अन्य जगहों से भी मांग आ रही है। उन्हें सालाना 15 से 20 लाख रुपये की आमदनी हो रही हैं। आज वे आठ से 10 मजदूरों को भी सालभर रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वे ठेका लेकर सरकारी और निजी उद्यान बनाने और विकसित करने का कार्य करते थे। देवेंद्र ने बताया कि गुलाब की खेती के लिए मिट्टी चयन में परेशानी हुई क्योंकि इसके लिए काली मिट्टी उपयुक्त नहीं रहती। लाल मिट्टी की आवश्यकता होती है। लाल मिट्टी के जगह मुरुम का उपयोग किया। पुणे और बेंगलुरु से मंगाया पौधा उन्होंने बताया कि गुलाब के 32 हजार पौधे पुणे और बेंगलुरु से मंगवाए थे। इसमें दो किस्में टाप सीक्रेट और जुमेलिया हैं। टाप सीक्रेट गुलाब को ताजमहल के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, रजनीगंधा कोलकाता से मंगाया है। पाली हाउस बनाने में आया बड़ा खर्च उन्होंने बताया कि गुलाब की खेती के लिए लगभग 60 से 70 लाख रुपये का खर्च आया। जब मैंने खेती करना शुरू किया, तो इसकी लागत को लेकर विचार विमर्श कर रहे थे। कहीं ज्यादा तो लागत नहीं आएगी। सबसे ज्यादा लागत पाली हाउस बनाने में आई। पाली निर्माण के लिए लगभग 52 लाख रुपए का खर्च आया। इसके लिए उन्हें शासन से भी सब्सिडी भी मिली। 40 लाख रुपए उन्होंने लोन लिया और करीब 13 लाख स्वयं लगाया। अब उनकी अच्छी आमदानी भी हो रही है। देवेंद्र ने बताया कि 20 से 30 गुलाब के बुके की कीमत 150-250 रुपये तक मिल जाती है। वहीं, रजनीगंधा को भी बाजार पहुंचाने लगे हैं। recent visitors 56