Tuesday, July 7, 2026 11:26 am

सफाई कर्मचारियों से भरी ऑटो को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, 8 महिला कर्मचारी घायल

दुर्ग शहर में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. कार चालाक ने शुक्रवार सुबह सफाई कर्मचारियों से भरी ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी. दुर्घटना के वक्त ऑटो में 8 महिलाएं सवार थी. कार की टक्कर के बाद चार महिलाएं घायल हो गई, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं घटना की सूचना पर विधायक गजेंद्र यादव, महापौर अलका बाघमार और पूर्व विधायक अरुण वोरा घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे. जानकरी के मुताबिक, ऑटो में 8 महिला सफाई कर्मचारी सवार थी. CG 07 CV 1947 क्रमांक कार ने रॉन्ग साइड से आते हुए ऑटो को पीछे से तेज रफ्तार में टक्कर मार दी. टक्कर होते ही कार के एयर बैग खुल गए और चालक बच गया. लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई है. अन्य महिला सफाई कमर्चारियों को मामूली चोटें आई है. विधायक, पूर्व MLA और महापौर पहुंचे अस्पताल दुर्घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव, महापौर अलका बाघमार और पूर्व विधायक अरुण वोरा जिला अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने घायलों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना. recent visitors 31

मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ, लखपति दीदी योजना के तहत 40 महिलाओं को मिला रोजगार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा—ई-ऑटो सेवा—का शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन "बिहान" के सहयोग से शुरू की गई है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है। ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 16

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक, निर्धारित समय पर पूरा करें काम : डिप्टी सीएम साव

रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें साव प्रदेशभर में चल रहे लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करें. फील्ड पर उतरकर कार्यों पर कड़ी नजर रखें और गुणवत्ता सुनिश्चित करें. मंत्री साव ने अधिकारियों से कहा, निर्धारित समय पर निर्माण कार्य पूरा करें. ठेकेदारों से समय-सीमा में काम पूरा कराएं. विभागीय कार्यों के बेहतर, शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी अभियंता अपनी इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल दक्षता के साथ उपयोग करें. अपनी योग्यता और क्षमता का फील्ड में पूर्ण उपयोग करते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समय-सीमा सुनिश्चित करें. बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी सहित मैदानी अधिकारी भी मौजूद हैं. recent visitors 24

एमएस धोनी टीम को लीड कर रहे हैं, उन्होंने माही को एक युवा विकेट कीपर करार दिया: गायकवाड़

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स के नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ कोहनी की चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अब बचे हुए सीजन में एमएस धोनी टीम को लीड करते हुए नजर आएंगे। धोनी के फिर से कप्तान बनने और खुद के टूर्नामेंट से बाहर होने पर गायकवाड़ का पहला रिएक्शन सामने आया है। गायकवाड़ का कहना है कि वह टीम को बीच सीजन में इस तरह छोड़कर तो नहीं जाना चाहते थे, मगर कुछ चीजें उनके हाथ में भी नहीं है। हालांकि वह इस बात से खुश हैं कि धोनी टीम को लीड कर रहे हैं। उन्होंने माही को एक युवा विकेट कीपर करार दिया है। बता दें, एमएस धोनी इस सीजन बतौर अनकैप्ड प्लेयर खेल रहे हैं। दरअसल, बीसीसीआई के नियमों के अनुसार अगर किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्री क्रिकेट से संन्यास लिए 5 साल हो गए हैं तो उसकी गिनती अनकैप्ड खिलाड़ियों की श्रेणी में होगी। चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट हुआ है, जिसमें गायकवाड़ कहते नजर आ रहे हैं, "दुर्भाग्यपूर्ण कोहनी की चोट के कारण आईपीएल के बाकी मैचों से बाहर होने से मैं वाकई बहुत दुखी हूँ। मैं अब तक के समर्थन के लिए सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ, यह वाकई बहुत मायने रखता है," उन्होंने मुस्कुराते हुए आगे कहा, "हां, यह एक चुनौतीपूर्ण सीजन रहा है, लेकिन अब हमारे पास एक युवा विकेटकीपर है जो टीम की अगुआई कर रहा है और उम्मीद है कि चीजें बदल जाएंगी। मैं टीम के साथ डगआउट से उनका समर्थन करते हुए मौजूद रहूंगा। मैं टीम को इस स्थिति से बाहर निकालने में मदद करना चाहता था, लेकिन कुछ चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। बाकी अभियान के लिए लड़कों का समर्थन करने के लिए उत्सुक हूं, सीजन के लिए एक मजबूत अंत की उम्मीद है।" बता दें, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह सीजन अभी तक निराशाजनक रहा है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले मुकाबले में भले ही उन्हें जीत मिली हो, मगर पिछले चार मैचों में उन्होंने लगातार हार का सामना किया है। टीम पॉइंट्स टेबल में 9वें स्थान पर लगी हुई है। recent visitors 30

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य अमले को तैयारियों के लिए जारी किये निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राज्य में बढ़ती गर्मी और लू की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल के समय में सभी नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। समस्त स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तैयारियों के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने अपील की है कि सभी नागरिक सावधानियों का अवश्य पालन करें। प्रबंध संचालक, एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षकों को गर्मी के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों और जागरूकता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गर्मी के मौसम में भारत सरकार द्वारा हीट रिलेटेड इलनेस से बचाव के लिए दिशा-निर्देश को जिला व स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इन पर चर्चा कर संबंधित विभाग प्रमुखों को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने जनसामान्य को जागरूक करने और सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में रोगियों को एचआरआई से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन एचआरआई मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इससे अधिक तापमान से होने वाली बीमारियों व अवांक्षित घटनाओं को रोका जा सकेगा। क्या करें हाइड्रेटेड रहना है जरूरी गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है। इससे गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। नागरिक दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। यात्रा करते समय पानी अवश्य साथ रखें। ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, फलों के रस (थोड़ा नमक मिलाकर) जैसे घरेलू पेय का सेवन लाभकारी होता है। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा जैसी मौसमी फल-सब्ज़ियों का सेवन शरीर में तरलता बनाए रखने में सहायक होता है। शरीर को ढँककर रखें धूप में निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढँकना बेहद जरूरी है। हल्के रंग के, सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि गर्मी से राहत मिल सके। सिर को टोपी, छतरी, गमछा या पारंपरिक उपायों से ढकना चाहिए। नंगे पांव धूप में जाना भी हानिकारक हो सकता है, इसलिए चप्पल या जूते पहनना अनिवार्य है। घर को ठंडा और सुरक्षित बनाएँ जहाँ तक हो सके, दोपहर के समय घर के अंदर या छांव में रहें। घर में ठंडी हवा का संचार बना रहे, इसके लिए दिन में खिड़कियां और पर्दे बंद रखें और रात में उन्हें खोल दें। बाहर जाना जरूरी हो, तो सुबह या शाम के ठंडे समय में ही जाएं। गर्मी के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित करना आवश्यक है। घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें। दिन में निचली मंजिल पर रहना ज्यादा सुरक्षित होता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए पंखा, ठंडा पानी, गीले कपड़े, या 20°C के पानी में पैरों को डुबोना सहायक होता है। विशेष ध्यान देने योग्य संवेदनशील वर्ग छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मानसिक या शारीरिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति और बाहर कार्य करने वाले लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। इन लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा और देखरेख की आवश्यकता होती है। ठंडे प्रदेश से गर्म प्रदेश में आने वाले लोगों को अपने शरीर को नई जलवायु के अनुसार ढालने के लिए समय देना चाहिए। मौसम की जानकारी रखें रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों या भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट (https://mausam.imd.gov.in) से मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहें। मौसम की पूर्व चेतावनियों को गंभीरता से लें और उसी अनुसार अपने कार्यक्रम बनाएं। बचाव के लिए ये गलतियां न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहर न निकलें। इस समय गर्मी अपने चरम पर होती है। भारी कामकाज या शारीरिक मेहनत भी टालें। नंगे पांव बाहर न निकलें। गर्मी में खाना पकाते समय रसोई में वेंटिलेशन रखें। शराब, चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, या अधिक मीठे पेयों से बचें, ये शरीर से तरलता कम करते हैं। बासी और भारी प्रोटीन युक्त भोजन न करें। किसी भी परिस्थिति में बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें। श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए विशेष निर्देश काम की जगह पर ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य है और हर 20 मिनट में पानी पीने की सलाह दी जाए। काम को सुबह-शाम के समय शेड्यूल करें। छांव की व्यवस्था करें और कार्य के बीच पर्याप्त आराम दें। नए श्रमिकों के लिए कार्य का समय धीरे-धीरे बढ़ाएं ताकि वे मौसम के अनुसार ढल सकें। श्रमिकों को गर्मी से संबंधित लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दें। ‘बडी सिस्टम’ अपनाएं और प्रशिक्षित फर्स्ट एड कर्मियों की व्यवस्था करें। गर्भवती या बीमार श्रमिकों के लिए डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में सावधानी खेलों या धार्मिक आयोजनों जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में अत्यधिक गर्मी और पसीने के कारण हीट रिले़टेड इलनेस (एचआरआई) की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे आयोजनों में पर्याप्त पानी, छांव और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य है। उपस्थित लोगों को लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियां और लक्षण अत्यधिक गर्मी से शरीर का तापमान ऊपर जा सकता है, जिससे हीट स्ट्रेस, हीट रैश, हाथ-पांव सूजना, मांसपेशियों की ऐंठन, चक्कर आना, हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे दिल, फेफड़े, किडनी जैसी पुरानी बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। लक्षणों में चक्कर, बेहोशी, उल्टी, सिरदर्द, बहुत ज्यादा प्यास, गाढ़ा पेशाब, तेज़ सांस और दिल की धड़कन शामिल हैं। मांसपेशियों की ऐंठन होने पर तुरंत ठंडे स्थान पर आराम करें और ओआरएस पिएं। एक घंटे से अधिक ऐंठन रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें। हीट स्ट्रोक: जानलेवा स्थिति हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर का तापमान 40°C से ऊपर हो सकता है और व्यक्ति बेहोश, भ्रमित या चिड़चिड़ा हो सकता है। त्वचा लाल, गर्म और सूखी हो जाती है। बच्चों में संकेत: दूध न पीना, चिड़चिड़ापन, पेशाब कम होना, आंखों का धंसना, सुस्ती या झटका आना, शरीर से खून आना आदि। तुरंत क्या करें 108 या 102 पर कॉल करें। व्यक्ति को ठंडी जगह ले … Read more

वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन 31 जुलाई तक करे आवेदन

नई दिल्ली पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई है है। अगले साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। बता दें कि पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। इस तिथि तक पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन किया जा सकता है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन और सिफारिशें केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी, जिसका पता- awards.gov.in है। इस वेबसाइट पर जाकर पद्म पुरस्कारों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। आइये जानते हैं पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन से जुड़ी हर जानकारी। कैसे करें नामांकन?     सबसे पहले राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के होम पेज पर, ‘चल रहे पुरस्कारों के लिए नामांकन’ शीर्षक के अंतर्गत, पद्म पुरस्कार 2026 पर क्लिक करें।     इसके बाद ‘नामांकित करें/अभी आवेदन करें’ बटन पर क्लिक करें।     अब पुरस्कार श्रेणी का चयन करें।     फिर उस क्षेत्र (उत्कृष्टता का क्षेत्र) का चयन करें जिसमें व्यक्ति नामांकन करना चाहता है।     उप-क्षेत्र (यदि कोई हो) लिखें।     यदि व्यक्ति स्वयं को नामांकित करना चाहता है, तो 'क्या आप स्वयं को नामांकित करना चाहते हैं' विकल्प चुनें।     यदि व्यक्ति किसी और को नामांकित करना चाहता है, तो 'क्या आप किसी और को नामांकित करना चाहते हैं' विकल्प चुनें।     जिस व्यक्ति को आप नामांकित कर रहे हैं उसका विवरण दर्ज करें।     यदि नामांकित व्यक्ति की जन्मतिथि उपलब्ध नहीं है तो ‘जन्मतिथि उपलब्ध नहीं है’ विकल्प चुनें और फिर ‘आयु’ बताएं।     यदि नामांकित व्यक्ति जीवित नहीं है, तो ‘यदि नामांकित व्यक्ति मरणोपरांत है (जीवित नहीं है), तो यहां क्लिक करें’ विकल्प चुनें और ‘मृत्यु का वर्ष’ चुनें।     इसके बाद आगे की जानकारी दर्ज करें। नामांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ‘सेव एंड नेक्स्ट’ पर क्लिक करें।     जिस व्यक्ति को आप नामांकित कर रहे हैं उसका विवरण दर्ज करें।     यदि व्यक्ति को पहले पद्म पुरस्कार नहीं मिला है तो कृपया ‘नहीं’ विकल्प चुनें।     यदि व्यक्ति को पहले पद्म पुरस्कार मिल चुका है तो कृपया ‘हां’ विकल्प चुनें और विवरण दर्ज करें।     यदि व्यक्ति ने पहले कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया है, तो ‘हां’ चुनें और विवरण दर्ज करें।     जिस व्यक्ति को आप नामांकित कर रहे हैं उसका फोटोग्राफ तथा अन्य सहायक दस्तावेज संलग्न करें।     यदि आप आवेदन पत्र का पूर्वावलोकन करना चाहते हैं, तो ‘पूर्वावलोकन’ पर क्लिक करें, और यदि आप फॉर्म को संपादित करना चाहते हैं, तो ‘आवेदन संपादित करें’ पर क्लिक करें।     घोषणा बॉक्स पर क्लिक करें और फिर ‘अंतिम सबमिट’ बटन पर क्लिक करें। व्यक्ति विशेष का रजिस्ट्रेशन कैसे करें ?     सबसे पहले आपको ऑफशियल वेबसाइट पर जाना होगा।     इसके बाद होमपेज पर रिस्ट्रेशन या लॉगिन बटन पर क्लिक करें।     इसके बाद 'व्यक्तिगत' (Individuals) बटन पर क्लिक करें और नामांकित व्यक्ति का टाइप चुनें (जैसे नागरिक, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, एनआरआई, विदेशी, आदि)।     इसके बाद अपना पहला नाम, अंतिम नाम, आधार संख्या और अन्य मांगी गई डिटेल्स को भर दें।     पहचान का तरीका चुनें, जिसमें आधार वेरिफिकेशन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि शामिल हैं।     फिर अपना आधार नंबर, पासपोर्ट, पैनकार्ड नंबर और अन्य डिटेल्स दें।     इसके बाद वेरिफिकेशन के प्रोसेस को पूरा करें और मोबाइल पर मिले ओटीपी को सबमिट करें।     अब एक नया पासवर्ड सेट करें और कैप्चा को दर्ज करें।     फिर सेव बटन पर क्लिक करें।     पंजीकरण होने के बाद लॉगिन आईडी मोबाइल नंबर पर मिल जाएगी।     इसके बाद लॉगिन और Nominate यानी नामांकित करें। किसी संगठन या संस्था के लिए रजिस्ट्रेशन     इसके लिए भी पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     इसके बाद होमपेज पर रजिस्ट्रेशन या लॉगिन के बटन पर जाएं।     फिर संगठन (Organisation) के बटन पर क्लिक करें।     इसके बाद संस्था के प्रकार का सिलेक्शन करें।     अब संगठन का नाम, अधिकृत व्यक्ति का नाम और अन्य डिटेल्स भरें।     इसके बाद पहचान का तरीका चुनें, जिसमें आधार प्रमाणीकरण, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि शामिल है।     फिर मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी भरकर सबमिट करें।     अब आपको मोबाइल पर एक OTP मिलेगा, जिसे दर्ज कर अपने वेरिफिकेशन को पूरा करें।     इसके बाद नया पासवर्ड सेट करें और कैप्चा भरकर सबमिट करें।     अगले स्टेप में सेव पर क्लिक करें।     इसके बाद बाद लॉगिन आईडी लिंक दिए गए मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।     अब लॉगिन करें और Nominate यानी नामांकित करें। यहां बता दें कि पद्म पुरस्कार तीन प्रकार के होते हैं। इनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं। ये पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। recent visitors 30

होली मिलन एवं युवा युवती परिचय सम्मेलन 12 अप्रैल 2025

भोपाल  कार्यक्रम के संयोजक संजय मिश्रा पिंटू भैया ने बताया कि यह आयोजन पूर्वांचल ब्राह्मण समाज भोपाल के तत्वाधान मेंआज 12 अप्रैल 2025  समय संध्या 6:00 से  स्थान सर्व धर्म मंदिर न्यू मिनाल रेजीडेंसी भोपाल मे होगा कार्यक्रम के आयोजन की व्यवस्थाओ को लेकर समिति की बैठक आज न्यू मिनाल रेजीडेंसी स्थित मंदिर मे सम्पन्न हुई,  यह कार्यक्रम का प्रथम वर्ष है इसमें मुख्य रूप से जो पूर्वांचल के ब्राह्मण समाज के युवा युवती  हैं उनका परिचय सम्मेलन  एवं उनकका पंजीयन बायोडाटा इकट्ठा किया जाएगा एवं वही कुंडली का मिलान कर रिश्ते कराने का प्रयास किया जायेगा इस मे लगभग 400 परिवार शामिल होने वाले है.  इस अवसर पर सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक कलाकार राजेश पिंटू दुबे एंड पार्टी बलिया यूपी से होली एवं चैता गीतों की प्रस्तुति देंगे  इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होंगे आलोक शर्मा सांसद लोकसभा भोपाल  रामेश्वर शर्मा विधायक हुजूर  रीति पाठक कैबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश शासन संजय पाठक पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश  संजय पांडेय क्रिकेटर  पण्डित गिरीश शर्मा जी पण्डित निलम्प त्रिपाठी जी सहित समाज के गणमान्य लोग  कार्यक्रम में शामिल होंगे।  आज आयोजित बैठक मे इसमें विशेष रूप से संजय मिश्रा पिंटू भैया राम तिवारी  अजय कुमार दुबे सुनील चौबे शंभू चौबे अश्वनी चौबे अंकित मिश्रा रीता मिश्रा अजय पांडेय  शिव  दुबे उमेश तिवारी अशोक मिश्रा बसंत पांडेय विनोद पाण्डेय लक्ष्मण कुमार चौबे घनश्याम पांडेय  आशीष तिवारी  रोहित मिश्रा कुबेर चौबे दर्दर मुनि चौबे मुकेश शुक्ला सतीश पाण्डेय जनार्दन दुबे, एन डी, तिवारी आदित्य तिवारी राम शर्मा संजय उपाध्याय विजय उपाध्याय सहित समाज के सम्मानित प्रमुख लोग उपस्थित रहे।समाज की बैठक मे आह्वान किया गया की पूर्वांचल के सभी परिवार इस आयोजन मे सपरिवार सम्मिलित हो। recent visitors 16