Sunday, July 12, 2026 12:00 pm

छत्तीसगढ़ में गर्मी से राहत, गरज-चमक और बारिश के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम धीरे-धीरे करवट ले रहा है. प्रदेश में अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन लोगों को अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं से दो-चार होना पड़ सकता है. मौसम विभाग की मानें तो आगामी 5 दिनों तक प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और मेघ गर्जन की स्थिति बन सकती है. खास बात यह है कि 14 अप्रैल से मेघ गर्जन की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, राजनांदगांव में सबसे अधिक तापमान 42°C दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 18°C रहा. आज कैसा रहेगा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रायपुर ने शनिवार को बुलेटिन जारी किया, जिसके अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 42.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 18.0 डिग्री सेल्सियस रहा. बारिश के आंकड़ों में जशपुर जिले के मनोरा में 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई. सिनॉप्टिक सिस्टम     पश्चिमी विक्षोभ अब कश्मीर घाटी और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा रहा है.     पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण से छत्तीसगढ़ होते हुए पूर्वोत्तर तेलंगाना तक समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक द्रोणिका बनी हुई है. आज और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवा चलने की संभावना. वहीं 2 दिन बाद तक मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ हल्की वर्षा जारी रह सकती है. रायपुर का हाल राजधानी रायपुर में आज आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा. तापमान में ज्यादा अंतर नहीं होगा, अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. recent visitors 38

वक्फ कानून, हम हिंसा की हमेशा निंदा करते हैं: ओवैसी

हैदराबाद एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर वक्फ कानून का विरोध करते हुए उसे काला कानून करार दिया और कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस काले कानून के खिलाफ है। बकरीद तक विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल की शाम 7 बजे से  शाम 7 बजे से 10 बजे तक हैदराबाद दारुस्सलाम में एक विरोध जनसभा आयोजित की जा रही है। इस सभा की ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी करेंगे। वक्फ के पक्ष में नहीं है नया संशोधन ओवैसी ने कहा कि इस विरोध जनसभा में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बड़े मुस्लिम संगठन हिस्सा लेंगे। वे अपने भाषणों के माध्यम से जनता को बताएंगे कि यह वक्फ (संशोधन) अधिनियम वक्फ के पक्ष में नहीं है। हम वक्फ कमेटी के सदस्यों से भी बात करने की कोशिश कर रहे हैं और अगर उनका शेड्यूल इजाजत देता है, तो वे भी आकर जनसभा में हिस्सा ले सकते हैं।" ओवैसी ने कहा कि देश के पीएम कह रहे हैं कि आपकी ideology नेशनलिज्म होनी चाहिए। वक्फ बिल में बोहरा कम्युनिटी के बारे में ज़िक्र नहीं है। उनके कंधे पर बंदूक रख कर चला दिया लेकिन उन्हें कुछ नहीं दिया । वहीं मुर्शिदाबाद की घटना पर उन्होंने कहा कि हिंसा की घटनाओं में दो मुस्लिम भी मरे उनके बारे में भी तो बोलिए? उन्होंने कहा कि हिंसा की हम हमेशा से निंदा करते आए हैं। यह ‘लुटेरा (संशोधन) कानून’ है: ओवैसी ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) बिल पर लोकसभा में सरकार का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि इस बिल को  ‘लुटेरा (संशोधन) कानून’ कहा जाना चाहिए क्योंकि बीजेपी की अगुवाई वाली सरकरा वक्फ की संपत्तियों को हथियाना चाहती है। ओवैसी ने वक्फ बिल के ड्राफ्ट की कॉपी लोकसभा में फाड़ दी थी। सदन में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने कहा कि यह भारत के ईमान पर हमला है और मुसलमानों को अपमानित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस विधेयक को लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ जंग छेड़ दी है।’ ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह संविधान के कई प्रावधानों का उल्लंघन करता है, जिसमें अनुच्छेद 14, 26 और 29 शामिल हैं। ओवैसी ने कहा था- ‘ भाजपा और राजग सरकार लुटेरों का काम कर रही है। वे वक्फ संपत्तियों को छीनना चाहते हैं। आप सर्वेक्षण आयुक्त (प्रस्तावित विधेयक के अनुसार) को क्यों हटा रहे हैं। यह वरिष्ठतम पद है। यह सब लूटपाट के लिए है। इसे वक्फ (संशोधन) नहीं बल्कि ‘लुटेरा (संशोधन) कानून’ कहा जाना चाहिए। recent visitors 25

नेता अयातुल्ला खामेनेई को ईरानी अधिकारियों ने समझाया, बोले – ट्रंप के सामने सरेंडर कर दो, वरना जलजला आ जाएगा

 ईरान  परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते तल्ख चल रहे हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर डोनाल्ड ट्रंप कई बार सैन्य कार्रवाई की धमकी ईरान दे चुके हैं। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय बाद एक बार फिर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। 12 अप्रैल को दोनों देशों के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में बातचीत हुई जो करीब ढाई घंटे तक चली। यह बातचीत इनडायरेक्ट थी। यानी दोनों पक्ष दो कमरों में बैठे थे और ओमान के प्रतिनिधि एक-दूसरे को अपना संदेश दे रहे थे। दोनों देशों ने 19 अप्रैल को अगली बैठक करने पर सहमति जताई है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के बाद मस्कट में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अराघची ने कहा कि वार्ता का पहला दौर “रचनात्मक था और एक शांत और बहुत सम्मानजनक माहौल में आयोजित किया गया था। किसी अनुचित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया और दोनों पक्षों ने समान स्थिति से पारस्परिक रूप से अनुकूल समझौते की प्राप्ति तक वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। ईरानी मंत्री ने क्या कहा? ईरानी मंत्री सईद अब्बास अराघची ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का अगला दौर अगले शनिवार को होगा. हालांकि यह बातचीत मस्कट में न होकर किसी और जगह पर हो सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने तय किया है कि अगली बार बातचीत में वे एक ऐसे सामान्य खाके पर काम करेंगे, जो किसी समझौते की दिशा में ले जाए। अराघची ने उम्मीद जताई कि अगले दौर में बातचीत का एजेंडा तय किया जाएगा और इसके लिए एक टाइम टेबल भी होगा। उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि अब असली और ठोस बातचीत की शुरुआत हो सके। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई अमेरिका से किसी डील के खिलाफ थे। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि अगर ट्रंप के सामने झुके नहीं तो सरकार गिर सकती है और देश में भारी तबाही हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की संसद और न्यायपालिका के बड़े नेताओं ने खामेनेई से कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को रोकना है तो बातचीत करना बहुत जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत नहीं हुई या असफल रही तो नेतांज़ और फोर्दो जैसे परमाणु ठिकानों पर हमला तय है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने भी खामेनेई को बताया कि देश की आर्थिक हालत और आंतरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह अब किसी युद्ध का बोझ नहीं उठा सकती। अमेरिका और ईरान के बीच यह बातचीत उनके लंबे समय से चले आ रहे तनाव भरे रिश्तों में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है, लेकिन इसका नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देश कितनी ईमानदारी और लचीलापन दिखाते हैं। वहीं, बातचीत की शुरुआत एक अच्छा कदम माना जा रही है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकता है। खामेनेई ने रखी हैं ये शर्तें खामेनेई ईरानी अधिकारियों के दबाव में अब अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं। खामेनेई ने कहा है कि ईरान थोड़ी मात्रा में यूरेनियम संवर्धन कम करने और उस पर सख्त निगरानी रखने की बात पर बातचीत कर सकता है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम पर कोई चर्चा नहीं करेगा, क्योंकि यह उसकी सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा है। यही बात अमेरिका के लिए एक बड़ी रुकावट बन सकती है। ईरान अपने क्षेत्रीय नीति और आतंकी संगठनों जैसे हमास, हिजबुल्लाह और हूती को दिए जा रहे समर्थन पर बातचीत के लिए तैयार है। ट्रंप ने बहुत बुरे दिन का सामना करने की दी है चेतावनी वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को “बहुत बुरे दिन” का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका का कहना है कि वह हर हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है। recent visitors 32

सनराइजर्स हैदराबाद ने टूर्नामेंट के दूसरे सबसे बड़े स्कोर को हासिल करते हुए पंजाब किंग्स को 8 विकेट से पटखनी दी

नई दिल्ली सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2025 के 27वें मुकाबले में टूर्नामेंट के दूसरे सबसे बड़े स्कोर को हासिल करते हुए पंजाब किंग्स को 8 विकेट से पटखनी दी। पंजाब ने पहले बैटिंग करते हुए 24 रनों का टारगेट रखा था, जिसे हैदराबाद की टीम ने 18.3 ओवर में ही हासिल कर लिया। एसआरएच के बल्लेबाजों की ये हैवानियत देख श्रेयस अय्यर भी हैरान नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्हें हंसी आ रही है कि इतने बड़े स्कोर को हैदराबाद के बल्लेबाजों ने 2 ओवर रहते हासिल कर लिया। बता दें, सनराइजर्स हैदराबाद की इस जीत में अभिषेक शर्मा ने तूफानी शतक जड़ अहम रोल अदा किया। बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने 141 रनों की धुआंधार पारी खेली। श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद कहा, “ईमानदारी से कहूं तो यह एक शानदार स्कोर था। मुझे अभी भी हंसी आ रही है कि उन्होंने (SRH) 2 ओवर रहते इसे हासिल कर लिया। हम कुछ कैच ले सकते थे, लेकिन वह (अभिषेक) भाग्यशाली था। वह असाधारण था। संक्षेप में कहें तो हमने अपनी उम्मीदों के मुताबिक गेंदबाजी नहीं की, हमें ड्रॉइंग बोर्ड पर जाकर सुधार करना होगा।” उन्होंने आगे कहा, “ओपनिंग पार्टनरशिप (अभिषेक और हेड के बीच) शानदार थी, उन्होंने हमें बहुत ज्यादा मौके नहीं दिए। ओवर रोटेशन हमारी तरफ से बेहतर हो सकता था। फर्ग्यूसन विकेट दिला सकते हैं, लेकिन ऐसा (चोट लगना) होता रहता है, यह खेल का एक हिस्सा है। ये हमारे लिए आगे बढ़ने के लिए सीखने वाली बातें हैं। हालांकि दूसरे गेंदबाज भी ऐसा ही कर सकते थे।” पंजाब के कप्तान आगे बोले, “मैंने और वढेरा ने सोचा कि 230 एक अच्छा स्कोर था, लेकिन मुझे लगता है कि ओस ने हमारे लिए (दूसरी पारी के दौरान) मुश्किल बना दिया। जिस तरह से उन्होंने (SRH के सलामी बल्लेबाजों ने) बल्लेबाजी की वह बेहतरीन थी, यह (अभिषेक की पारी) मैंने अब तक देखी गई सबसे अच्छी पारियों में से एक थी।” recent visitors 22

मुंबई हवाई अड्डे पर DRI की बड़ी कार्रवाई, जूतों से निकला 6.3 करोड़ का सोना

मुंबई राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) जूतों में सोना छुपाकर तस्करी करने का खुलासा किया है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक यात्री से करीब 6.3 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया है। सोने के बर्स बैंकॉक से जूते में छिपाकर लाए गए थे। इस मामले में तस्करी सिंडिकेट से जुड़े संभावित खरीदार को भी गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई अधिकारी ने बताया कि इस मामले में एक यात्री को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सोने का खरीदार भी पकड़ लिया गया है। डीआरआई के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें विशेष जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने एक यात्री को इंटरसेप्ट किया. यह यात्री बैंकॉक से मुंबई आया था। उसकी तलाशी ली गई तो उसके जूते में छिपाकर रखे गए 6.7 किलोग्राम सोने के बर्स मिले, जिनकी कीमत करीब 6.3 करोड़ रुपये आंकी गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि वह इंटरनेशनल गोल्ड स्मगलिंग रैकेट से जुड़ा है। प्रारंभिक पूछताछ में उसके बयान से पता चला है कि वह जो सोना लेकर मुंबई पहुंचा था, वह एक व्यक्ति को बेचना था, इसके बाद डीआरआई ने उस संभावित खरीदार को भी गिरफ्तार कर लिया है। डीआरआई के अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में जांच जारी है और स्मगलिंग के अन्य संभावित लिंक का पता लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी और सोने की जब्ती तस्करी रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई है. इस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। recent visitors 40

पश्चिम बंगाल वक्फ कानून के विरोध में गोलीबारी, 2 बच्चे घायल, हिंदू पिता-पुत्र समेत अबतक तीन की मौत

पश्चिम बंगाल   वक्फ कानून विरोध की आग में पश्चिम बंगाल झुलस रहा है। बंगाल के कई जिले हिंसा की चपेट में आ चुके हैं। शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, नॉर्थ 24 परगना, हुगली और मालदा जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। वाहनों को आग लगाई और दुकानों-घरों में तोड़फोड़ कर लूट भी की गई। शुक्रवार को भड़की हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैंकड़ों लोग घायल हैं। वहीं मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 150 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। सबसे ज्यादा असर बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले हैं। पिछले चार दिन से वक्फ कानून विरोध की आड़ में मुर्शिदाबाद हिंसा की आग में झुलस रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान में एक बार फिर गोलीबारी की गई है। फायरिंग की इस घटना में दो बच्चे घायल हो गए हैं। वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने बीएसएफ पर भी हमला किया है। वक्फ कानून विरोध की आड़ में उपद्रवी जिव के सुती, समशेरगंज, जलांगी, लालगोला और धुलियान में जमकर हिंसा कर रहे हैं। शनिवार को भी फायरिंग हुई थी. हिंसा के कारण मुर्शिदाबाद में कल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। हालात यह है कि खुद कलकत्ता हाईकोर्ट को मामले में संज्ञान लेना पड़ा और हिंसाग्रस्त इलाकों में पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियों की तैनाती कराने का आदेश देना पड़ा है। हिंसा के बाद धुलियान, शमसेरगंज समेत बड़े इलाकों में अशांति का माहौल है। वक्फ कानून के खिलाफ मुस्लिम संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुर्शिदाबाद में शुक्रवार को हिंसा भड़की थी. तब से स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इस विरोध प्रदर्शन के बीच कल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं होगा। धुलियान के रहने वाले हिंदू पिता-पुत्र की हत्य़ा हिंसा में मरने वालों में धुलियान के रहने वाले पिता-पुत्र भी हैं। हिंसक भीड़ ने पीट-पीटकर हरगोविंद दास (पिता) और चंदन दास (बेटे) को मार डाला। दोनों हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाते थे। तीसरा युवक शुक्रवार को गोली लगने से घायल हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। हिंसाग्रस्त इलाकों में 1600 जवान तैनात केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के हिंसाग्रस्त इलाकों में 1600 जवान तैनात किए हैं। 300 के करीब BSF जवान हैं। कुल 21 कंपनियां की तैनात की गई हैं। हिंसाग्रस्त वाले इलाकों में इंटरनेट बैन है। धारा 144 भी लागू है। राज्य में वक्फ कानून के विरोध में 10 अप्रैल से हिंसा जारी है। केंद्रीय गृह सचिव ने मुख्य सचिव-डीजीपी से की बात केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने जल्द से जल्द सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा। ADG (लॉ एंड ऑर्डर) जावेद शमीम ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया- आज (शनिवार) की घटना का ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं है। पुलिस की ओर से गोली नहीं चली है, BSF की ओर से हो सकता है। ये शुरुआती जानकारी है। घायल खतरे से बाहर है। सीएम ममता ने लोगों से शांत रहने और उकसावे में न आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते। कुछ दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं। हर इंसान की जान कीमती है; राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। recent visitors 23

वक्फ संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की बड़ी बैठक

 नई दिल्ली वक्फ संशोधन कानून को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद की अगुवाई में दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की बड़ी बैठक की जा रही है. इस बैठक में देश के अलग-अलग इलाकों से मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. मुस्लिमों को सर्वोच्च संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वक्फ संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में शुरू हो गई है. वक्फ कानून के लागू होने और मुस्लिम समाज पर पड़ने वाले असर को लेकर इस बैठक में चर्चा होगी. वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद जमीयत की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी और मुस्लिम संगठन अपनी अगली रणनीति का ऐलान करेंगे. गौरतलब है कि वक्फ कानून में बदलाव को लेकर विपक्ष जहां सरकार पर हमलावर है तो वहीं मुस्लिम संगठन भी इसके खिलाफ हैं. जानकारी के मुताबिक जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक में वक्फ को लेकर एक अहम फैसला लिया जाएगा. वर्किंग कमेटी की बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि वक्फ कानून लागू होने के बाद इसका क्या असर होगा? मुस्लिम समाज की कैसे कानूनी मदद की जाएगी. इसका समाज पर क्या असर होगा. इसे देखते हुए कुछ फैसले लिए जाने हैं. आपको बता दें कि वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद से देशभर में मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे है. वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 20 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल की जा चुकी है. याचिकाकर्ताओं में मुस्लिम संगठनों के अलावा विपक्षी दल के नेता भी शामिल है. सुप्रीम कोर्ट 16 अप्रैल को इन याचिकाओं की सुनवाई करेगा. वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ मुस्लिम संगठन सड़कों पर उतर आए है. मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में हिंसा से तनाव का माहौल है. वक्फ एक्ट के विरोध के बीच हुई हिंसा में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है. recent visitors 33