Saturday, July 11, 2026 1:36 am

राजस्थान रॉयल्स और आरसीबी के बीच होगा घमाशान, दोनों ही टीमें जीत के इरादे से उतरेंगी

जयपुर राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी के बीच रविवार को पिंक सिटी जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में मुकाबला खेला जाएगा। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के इस लीग मैच में दोनों ही टीमें जीत की राह पर लौटने के इरादे से उतरेंगी, क्योंकि पिछले मैचों में दोनों रॉयल टीमों को हार मिली है। इस मैच में सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और विराट कोहली के सामने तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर कड़ी चुनौती पेश करेंगे। ये मैचअप देखने लायक होगा। फैंस भी इस टक्कर के लिए बेताब होंगे। आरसीबी पांच मैचों में तीन जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है, जबकि राजस्थान इतने ही मैचों में दो जीत के साथ सातवें पायदान पर है। आईपीएल के इस सत्र के शुरुआती मैच में इस लीग में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बने आर्चर ने लय में वापसी कर ली है। उनकी तेज रफ्तार गेंदें पिछले दो मैचों से कहर बरपा रहीं हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने 25 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें शानदार लय में चल रहे कप्तान श्रेयस अय्यर को 148.6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद पर बोल्ड करना शामिल है। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 152.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाली थी, जबकि 147.7 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार वाली इनस्विंगर पर गुजरात के कप्तान शुभमन गिल को चकमा देकर पवेलियन भेजने में सफल रहे थे। आर्चर के सामने रविवार को कोहली (186 रन) और इंग्लैंड टीम के साथी खिलाड़ी सॉल्ट (143) की आक्रामक जोड़ी को रोकने की चुनौती होगी। यह जोड़ी कुछ ही ओवरों में मैच को प्रतिद्वंद्वी टीम की पकड़ से दूर करने की क्षमता रखती है। आर्चर के अलावा राजस्थान के लिए गेंदबाजी में सिर्फ संदीप शर्मा ही प्रभावित कर सके हैं। आरसीबी के बल्लेबाज टीम की इस खामी का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। ऐसे में टीम को श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा और महीश तीक्षणा की स्पिन जोड़ी से बीच के ओवरों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कोहली ने अब तक दो अर्धशतक लगाये हैं, लेकिन सॉल्ट के पास बेहद आक्रामक रवैये के साथ बल्लेबाजी करने की क्षमता है। देवदत्त पडिक्कल भी बड़ी पारी खेलने के लिए बेताब होंगे। वहीं, कप्तान रजत पाटीदार अपनी शानदार लय को जारी रखना चाहेंगे। टिम डेविड और लियाम लिविंगस्टोन के पास किसी भी गेंदबाजी के खिलाफ तेजी से रन बनाने की क्षमता टीम की बल्लेबाजी को काफी मजबूत बनाती है। अपने पहले आईपीएल खिताब की तलाश में लगी इस टीम के पास जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं, लेकिन स्पिन गेंदबाजों को थोड़ा और निरंतर प्रदर्शन करने की जरूरत है। राजस्थान रॉयल्स की टीम को इस मैच में अपने बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। टीम गुजरात टाइटंस के खिलाफ 159 रन पर आउट हो गयी थी। उनके पास शीर्ष क्रम में संजू सैमसन, रियान पराग, यशस्वी जायसवाल और नितीश राणा के साथ आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। इसके साथ ही निचले क्रम में ध्रुव जुरेल और शिमरोन हेटमायर की विस्फोटक जोड़ी मौजूद है। ये मुकाबला सुपर संडे का दिन का पहला मैच होगा, जो दोपहर को साढ़े 3 बजे से खेला जाएगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल, सुयश शर्मा, रसिख डार सलाम, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, अभिनंदन सिंह, रोमारियो शेफर्ड, लुंगी एनगिडी, नुवान तुषारा, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा। राजस्थान रॉयल्स: संजू सैमसन (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, शुभम दुबे, नितीश राणा, रियान पराग, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, जोफ्रा आर्चर, महीश तीक्षाना, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, फजल हक फारूकी, कुणाल सिंह राठौड़, आकाश मधवाल, कुमार कार्तिकेय, क्वेन मफाका, वानिंदु हसरंगा, युद्धवीर सिंह चरक, अशोक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी। recent visitors 34

बीयू ने सत्र 2025-26 में यूटीडी में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू

भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय(बीयू) ने सत्र 2025-26 में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स (यूटीडी) में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार बीयू से बीएएलएलबी और बीएससीें एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम के लिए सीयूईटी (कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) देना अनिवार्य होगा। वहीं यूटीडी में संचालित अधिकतर पाठ्यक्रमों में सीयूईटी और नाॅन सीयूईटी (ऐसे छात्र जो सीयूईटी-यूजी व पीजी में शामिल नहीं होंगे) दोनों तरह के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इस बार 75 फीसद सीट पर नान सीयूईटी और 25 फीसद सीयूईटी के लिए आरक्षित होंगी।   12वीं के परिणाम के तुरंत बाद शुरू होगी प्रक्रिया अधिकारियों ने बताया कि 12वीं के परिणाम घोषित होते ही पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खासतौर पर यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मप्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट आने के बाद पंजीयन शुरू किए जाएंगे। पीजी पाठ्यक्रमों में भी नान सीयूईटी को प्राथमिकता रहेगी पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) पाठ्यक्रमों में बीते वर्षों में सीयूईटी स्कोर के आधार पर पर्याप्त प्रवेश नहीं हो सके। विवि में अधिकत्तर विद्यार्थी नान सीयूईटी श्रेणी से ही आवेदन करते हैं, इसलिए पीजी पाठ्यक्रम के लिए भी 75 प्रतिशत सीटें नान सीयूईटी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं। यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर देना होगी विवि के सामने यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर घोषित करना सबसे बड़ी चुनौती है, ताकि नान सीयूईटी विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें।यदि यह प्रक्रिया देरी से होती है, तो प्रवेश में परेशानी आ सकती है। recent visitors 18

ढीले-ढाले कपड़े आजकल बहुत चलन में हैं, दशक बीत गए, मगर कम नहीं हुआ ओवरसाइज कपड़े का चलन

नई दिल्ली अब वो वक्त गया जब हम फैशन की बात करते थे और हमारे दिमाग में अक्सर चमकदार, फिटेड और परफेक्ट शेप में सजे आउटफिट्स की तस्वीर उभरती थी। जी हां, आज की फैशन दुनिया एक नया रुख ले चुकी है- अब परफेक्ट बॉडी को दिखाना जरूरी नहीं, बल्कि उसे ढककर भी स्टाइलिश दिखना एक ट्रेंड बन चुका है। यही वजह है कि ओवरसाइज कपड़े (Oversized Clothes), जो कभी आलसी या 'अनफ्लैटरिंग' माने जाते थे, आज की यंग जेनरेशन के वॉर्डरोब का सबसे हॉट ट्रेंड बन चुके हैं। चाहे बात बड़े-बड़े ब्लेजर्स की हो या बैगी जींस की, लोग अब उन कपड़ों को पसंद कर रहे हैं जो न सिर्फ उन्हें आराम देते हैं, बल्कि उनकी सोच, उनकी पहचान और आजादी को भी बयां करते हैं। तो सवाल ये है कि जब पूरी दुनिया फिटनेस, बॉडी टोनिंग और वर्कआउट की दीवानी हो चुकी है, तो ऐसे ढीले-ढाले कपड़े (Loose-fitting clothes) कैसे फैशन का चेहरा बन गए? आइए जानें कि आखिर ओवरसाइज फैशन में ऐसा क्या खास है (Why loose fit is popular), जिसने इसे सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि एक सोच बना दिया है। फैशन का नया फॉर्मूला हैं ओवरसाइज कपड़े फैशन वीक में आमतौर पर वही ट्रेंड दिखते हैं जो आने वाले महीनों में सड़कों पर छाए रहेंगे, लेकिन ओवरसाइज फैशन तो बीते कई सालों से लगातार फेमस बना हुआ है। ये ढीले-ढाले, आरामदायक कपड़े हर तरह के बॉडी टाइप के लिए बनाए जाते हैं और लोगों ने इन्हें दिल से अपनाया है। आज के दौर में ओवरसाइज कपड़े स्टाइल का सिंबल बन चुके हैं। ये सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं हैं, बल्कि कम्फर्ट और आत्म-स्वीकृति का प्रतीक भी हैं। आरामदायक और सुपर स्टाइलिश चाहे ओवरसाइज ब्लेजर हो, जंपर, स्वेटर या फिर बैगी जींस- इन सभी में एक खास बात है कि ये पहनने में बेहद आरामदायक होते हैं और मौके के हिसाब से इन्हें कैजुअल या फॉर्मल दोनों तरह से स्टाइल किया जा सकता है। पतले लोगों पर ये कपड़े उनके शरीर और कपड़ों के बीच की खाली जगह को दिखाते हैं, जिससे उनकी 'स्लिमनेस' और भी ज्यादा हाइलाइट होती है। वहीं, भारी शरीर वाले लोगों के लिए ये कपड़े उनके शरीर के शेप को ढक लेते हैं, जिससे वे बिना किसी सोशल प्रेशर के कॉन्फिडेंस के साथ बाहर निकल सकते हैं। जेंडर के दायरे तोड़ता फैशन ओवरसाइज कपड़ों की लोकप्रियता का एक और बड़ा कारण है- जेंडर रोल्स को तोड़ना। पहले ऑफिस में महिलाएं फिटेड और स्लिम आउटफिट्स में दिखती थीं, लेकिन अब ओवरसाइज सूट्स के जरिए वे एक न्यूट्रल और प्रोफेशनल लुक अपना रही हैं, जो न केवल स्टाइलिश है, बल्कि किसी एक जेंडर तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है कि अब कपड़े सिर्फ ‘लड़की है तो पिंक पहने, लड़का है तो ब्लू’ वाली सोच से बाहर निकल चुके हैं। अब फैशन हर किसी के लिए है- जैसे वो हैं, वैसे ही। एक्सप्रेशन का आजाद तरीका ओवरसाइज कपड़े न सिर्फ आराम और स्टाइल का मेल हैं, बल्कि ये एक सोच का हिस्सा भी हैं। ये दर्शाते हैं कि किसी महिला का मूल्य सिर्फ उसकी खूबसूरती या बॉडी शेप से नहीं तय किया जा सकता। ये एंड्रोजिनी (जहां मर्दाना और औरतों वाला फैशन मिलकर एक नया रूप लेते हैं) को बढ़ावा देते हैं और व्यक्ति की असली पहचान को बिना किसी जजमेंट के सामने लाते हैं। ओवरसाइज फैशन सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक सोशल स्टेटमेंट है। ये उन सभी लोगों के लिए राहत की तरह है जो जेंडर की पारंपरिक परिभाषाओं से बाहर आना चाहते हैं। recent visitors 56

शहर के आनंद नगर निवासी पीयूष शौर्य की अचानक तबीयत खराब हुई, साइलेंट अटैक से 18 वर्षीय IIT छात्र की मौत

इंदौर एक और नवयुवक का दिल दगा दे गया। इंदौर में महज 18 वर्षीय आइआइटी छात्र की साइलेंट अटैक से शुक्रवार रात को मौत हो गई। शहर के आनंद नगर निवासी पीयूष शौर्य की शुक्रवार रात घर पर अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन के अनुसार पीयूष के सीने में दर्द हुआ था। उसको पसीना आने लगा। उसको तुरंत ही एक अस्पताल में ले गए। डॉक्टरों ने जांच कर उसको मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने साइलेंस अटैक से मृत्यु की बात कही।   इंदौर में रहकर पढ़ रहा था पीयूष मुरैना जिले का निवासी मृतक पीयूष पढ़ाई के सिलसिले में अपने भाई प्रियांशु और आनंद के साथ इंदौर में रह रहा था। बता दें कि इससे पहले भी कई युवाओं की अटैक से मौत के मामले सामने आ चुके हैं। बेहद कम उम्र में युवाओं का दिल जवाब देने से डॉक्टर भी हैरान हैं। साइलेंट अटैक से बचाव के ये तरीके अपना सकते हैं…. समय-समय पर हार्ट से जुड़ी हेल्थ चेकअप जरूर कराएं। आपको स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम जरूर करें। धूम्रपान और शराब स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक हैं। आपको तनाव और अनिद्रा से बचने की कोशिश करनी चाहिए। मोटापा हार्ट के लिए बहुत ही खतरनाक है, ऐसे में वजन को कंट्रोल में रखें। आपको अचानक थकान, पसीना या बेचैनी महसूस होती है, तो इसको नजरअंदाज़ न करें। आपके परिवार में हृदय संबंधित रोग का इतिहास रहा, तो बेहद सतर्क रहें।   recent visitors 28

उत्तराखंड में आगामी 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है, इसे लेकर प्रशासन अलर्ट

देहरादून उत्तराखंड में आगामी 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। चारधाम यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसे लेकर प्रशासन अलर्ट है। सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद नियमित तौर पर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुलभ बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इसे और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम धामी ने देहरादून में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में चार धाम यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बिना किसी परेशानी के चार धाम के दर्शन कराए जाएं। इसके लिए यात्रा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है।" उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था, और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस यात्रा को और सरल बनाने के लिए अगर कोई अतिरिक्त कार्य करने की आवश्यकता होगी, तो उसे तत्काल पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न रहे और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान किया जाए। सीएम धामी ने चारधाम यात्रा को सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जोड़ते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि राज्य में आने वाला हर व्यक्ति यहां की संस्कृति और आतिथ्य को अनुभव करे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया और सामाजिक समानता के लिए अथक प्रयास किए। सीएम ने कहा, "डॉ. अंबेडकर ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए देश को एक मजबूत संवैधानिक ढांचा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। बाबा साहेब के विचार दोनों ही देश की एकता और अखंडता को मजबूत करते हैं।" उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक पूरे उत्तराखंड में डॉ. अंबेडकर को सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांस्कृतिक आयोजन, सेमिनार, और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। सीएम ने लोगों से अपील की कि वे इन आयोजनों में हिस्सा लें और बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं। चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पंजीकरण कराएं और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। recent visitors 30

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही 10वीं-12वीं के बोर्ड रिजल्ट जारी कर सकती है, आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं

नई दिल्ली अगर आप CBSE 10वीं या 12वीं के छात्र हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है! केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आने वाले हफ्तों में 2025 की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित करने जा रहा है। हालाँकि, बोर्ड ने अब तक रिजल्ट की सटीक तारीख और समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि रिजल्ट मई के मध्य से अंत तक जारी हो सकते हैं। पिछली सालों की तारीखें क्या कहती हैं? 2024 में: रिजल्ट 13 मई को आए थे। 2023 में: परिणाम 12 मई को जारी किए गए थे।   ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र नीचे दी गई वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोर कार्ड देख सकते हैं: रिजल्ट देखने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: सबसे पहले आधिकारिक रिजल्ट वेबसाइट पर जाएं। ‘Class 10’ या ‘Class 12 Result’ लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर, जन्म तिथि, और सिक्योरिटी पिन भरें। सबमिट करते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर दिखेगी। मोबाइल ऐप से भी देखें रिजल्ट छात्र अपने रिजल्ट और डिजिटल सर्टिफिकेट देखने के लिए ये ऐप्स इस्तेमाल कर सकते हैं: -DigiLocker App (Android और iOS पर उपलब्ध)  -UMANG App (सरकारी सेवाओं की एक छत के नीचे सुविधा) इन ऐप्स के ज़रिए न सिर्फ आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं, बल्कि डिजिटल मार्कशीट और पास सर्टिफिकेट भी डाउनलोड कर सकते हैं।  2024 में क्या रहा था प्रदर्शन? कुल रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स: 22.51 लाख परीक्षा में शामिल हुए: 22.38 लाख सफल छात्र: 20.95 लाख पास प्रतिशत: 93.60% 2023 की तुलना में 2024 में पास प्रतिशत 0.48% बढ़ा था, जो कि सकारात्मक संकेत है।  रिजल्ट की घोषणा होते ही भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट्स स्लो हो सकती हैं, ऐसे में आप DigiLocker या UMANG ऐप का भी सहारा ले सकते हैं। recent visitors 36

अक्षय तृतीया का दिन दान-पुण्य करने लिए सबसे शुभ, खुलेगी किस्मत

अक्षय तृतीया यानी वह त्योहार जो हमें हमारे कर्मों का अक्षय फल प्रदान करता है. इस दिन दान करने से सबसे श्रेष्ठ माना गया है. मान्यता है कि इस दिन हमें सत्कर्म करने चाहिए जो कि हमें अक्षय पुण्य प्रदान करते हैं और ऐसे पुण्य से हमारा जीवन सुख और शांति से व्यतीत होता है. शास्त्रों में अक्षय तृतीया पर खरीदारी करने का जितना महत्व माना गया है और उतना ही महत्व इस दिन दान करने का भी बताया गया है. वहीं इस दिन जरूरतमंदों को कुछ विशेष चीजों का दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. कब हैं अक्षय तृतीया वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 05 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन यानी 30 अप्रैल को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर तिथि खत्म होगी. उदया तिथि के अनुसार, अक्षय तृतीया का पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा. इन चीजों का करे दान     अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे पात्र का दान करना करना शुभ माना जाता है. इस दिन आप मटके या कलश का दान कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इसको खाली दान नहीं करना चाहिए. इसमें जल या चीनी डालकर दान करें.     अक्षय तृतीया के दिन सफेद चीजों का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इसमें आप दूध, दही, चीनी, खीर, शंख और सफेद कपड़े आदि का दान कर सकते हैं. इससे व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति है और कुंडली में चंद्रमा की स्थित भी मजबूत होती है.     अक्षय तृतीया के दिन गरीबों व जरूरतमंदों को क्षमता के अनुसार अनाज, कपड़े तथा धन आदी का दान कर करना अच्छा होता है. इससे व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है.     पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए अक्षय तृतीया के दिन पूर्वजों के नाम पर उनकी भोजन तथा वस्तुओं आदि का दान कर सकते हैं. ऐसा करने से व्यक्ति को पितरों का कृपा प्राप्त होती है. साथ ही इस दिन ब्राह्मणों का भोजन करवाना चाहिए.   recent visitors 39