Sunday, July 5, 2026 1:09 pm

कर्नाटक में लिंगायत समुदायों के विधायकों और नेताओं ने रिपोर्ट के आंकड़ों पर कड़ा विरोध जताया, जाति जनगणना पर बवाल

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार जातिगत जनगणना रिपोर्ट के लीक होने के बाद बढ़ते आंतरिक दबाव का सामना कर रही है। खासतौर पर वोक्कालिगा और लिंगायत समुदायों के विधायकों और नेताओं ने रिपोर्ट के आंकड़ों पर कड़ा विरोध जताया है। गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक से पहले डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस विधायकों की एक विशेष बैठक मंगलवार शाम 6 बजे बुलाई है। शिवकुमार ने सोमवार को कहा, "मैंने पूरी रिपोर्ट अभी नहीं देखी है, उसका अध्ययन किया जा रहा है। मंगलवार को हमारी पार्टी के समुदाय विशेष के विधायकों के साथ बैठक होगी। हम इस विषय पर चर्चा करेंगे और ऐसा सुझाव देंगे जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों और सभी का सम्मान बना रहे।" मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लिंगायत समुदाय से आने वाले वन मंत्री ईश्वर खंडरे ने कहा कि वह विभिन्न समुदायों के नेताओं की राय एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं भी रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा हूं और कैबिनेट बैठक की तैयारी कर रहा हूं। समुदायों के नेताओं और व्यक्तियों की राय को समाहित कर कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।” मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है और सिर्फ इतना कहा है कि इस पर विशेष कैबिनेट बैठक होगी। बता दें कि जातिगत जनगणना रिपोर्ट 10 अप्रैल को कैबिनेट को सौंपी गई थी, लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है। लीक हुई रिपोर्ट के मुताबिक, वोक्कालिगा समुदाय की आबादी 61.6 लाख (राज्य की कुल जनसंख्या का 10.3%) है और उनके लिए 7% आरक्षण की सिफारिश की गई है। लिंगायत समुदाय की आबादी 66.3 लाख (11%) बताई गई है और 8% आरक्षण प्रस्तावित है। हालांकि, लिंगायतों के भीतर उप-समुदायों जैसे वीरशैव (10.4 लाख), पंचमसाली (10.7 लाख) आदि के बीच विभाजन के कारण प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट में मुस्लिम आबादी 75.2 लाख (12.6%) बताई गई है और उनके लिए आरक्षण को 4% से बढ़ाकर 8% करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह संख्या वोक्कालिगा समुदाय से अधिक है, जिन्हें अब तक राज्य में दूसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता रहा है। वोक्कालिगा समुदाय के संतों और नेताओं ने खुलकर रिपोर्ट का विरोध किया है। वहीं, ऑल इंडिया वीरशैव लिंगायत महासभा ने सोमवार को रिपोर्ट को खारिज कर दिया और एक नई जनगणना कराने की मांग की। महासभा के अध्यक्ष और पूर्व डीजीपी शंकर बिदारी ने दावा किया कि लिंगायत समुदाय की जनसंख्या करीब 35% है, क्योंकि राज्य के 31 में से लगभग 15 जिलों में लिंगायतों की संख्या 10 लाख से अधिक है। सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना, जो अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से हैं, ने धार्मिक संगठनों की आलोचना पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये स्वामीजी और संगठन आंकड़े कहां से लाते हैं?” गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में सिर्फ जातिगत जनगणना रिपोर्ट पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा, “मंत्रियों से कहा गया है कि केवल इस विषय पर ही चर्चा करें। अभी तो यह शुरुआत है, उसके बाद ही स्वीकृति व अन्य मुद्दे सामने आएंगे।” आलोचना पर उन्होंने कहा, “मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। अलग-अलग राय आएंगी, चलिए इस पर बातचीत करते हैं। ये टिप्पणियां समुदायों और नेताओं की ओर से आ रही हैं।” भाजपा से निष्कासित विधायक और विजयपुरा से विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय सबसे बड़ा है, तो उन्हें अल्पसंख्यक दर्जा क्यों दिया जाए? उन्होंने कहा, “अगर इस रिपोर्ट को स्वीकार किया जाता है, तो ब्राह्मणों को भी, जो कि केवल 2% हैं, अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा मिलना चाहिए।” यतनाल ने आरोप लगाया कि लिंगायतों की संख्या को जानबूझकर उप-समुदायों में बांटकर कम कर दिखाया गया है। अब सभी की नजरें गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां इस रिपोर्ट को लेकर सरकार का अगला कदम तय होगा। recent visitors 25

पहाड़ों के बीच प्रगति का सेतु ‘अंजी खड्ड’

भोपाल जब घाटियां गहरी होती हैं और पहाड़ रास्ता रोकते हैं, तब इंसान के सपने ऊंचे हो जाते हैं। कश्मीर के दिल तक पहुंचने के इन्हीं ऊंचे सपनों ने फिर से एक नई कहानी को जन्म दिया है। ये कहानी एक पुल की है जो सिर्फ लोहे और केबल से नहीं, हिम्मत और हुनर से भी बना है। ये कहानी है भारत के पहले केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज- अंजी खड्ड ब्रिज की जो जम्मू-कश्मीर की चुनौतीपूर्ण घाटियों के बीच, अंजी नदी की गहरी खाई को पाटता है। कटरा और रियासी के बीच कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने जा रहा यह अद्भुत संरचना भारतीय इंजीनियरिंग के आत्मविश्वास और कौशल की मिसाल है। यह ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो कटरा-बनिहाल रेल खंड में बनाया गया है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते और कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ जैसी सभी सीमाओं को पार कर यह ब्रिज घाटी को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूती के साथ जोड़ रहा है। आकर्षक डिजाईन के साथ बने इस ब्रिज का निर्माण कार्य सिर्फ 11 महीने में ही पूरा कर लिया गया है जो नदी तल से 331 मीटर ऊंचाई पर स्थित है जबकि नीव से 193 मीटर ऊंचा एक मजबूत सेंट्रल पायलन पर टिका हुआ है, जो इसकी पूरी संरचना को संतुलन में रखता है। अंजी खड्ड ब्रिज, चिनाब ब्रिज के बाद भारत का दूसरा सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज भी है। इस ब्रिज को 96 केबलों के सहारे बनाया गया है जिनका कुल वजन 849 मीट्रिक टन और  कुल लंबाई 653 किलोमीटर है। 725 मीटर लम्बे इस ब्रिज की संरचना में 8,215 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। मौजूदा आवश्यकताओं के मद्देनजर बने इस ब्रिज से जम्मू-कश्मीर के विकास के तार जुड़े हुए हैं। यह ब्रिज घाटी के दूर-दराज इलाकों मेंं बसे गांवों और कस्बों का बड़े शहरों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करता है जिससे विकासशील जगहों पर चिकित्सा, शिक्षा और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता आसान हो जाएगी।  बेहतर कनेक्टिविटी के वजह से स्थानीय लोगों लिए रोज़गार के नए अवसरो का सृजन होगा साथ ही घाटी में व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। ●    पुल की कुल लंबाई: 725 मीटर ●    नदी के तल से ऊंचाई: 331 मीटर ●    सेंट्रल पायलन की ऊंचाई: 193 मीटर ●    केबल की संख्या: 96 ●    केबल का कुल वजन: 849 मीट्रिक टन ●    केबल की कुल लंबाई: 653 किलोमीटर ●    निर्माण में कुल स्टील का इस्तेमाल:  8,215 मीट्रिक टन recent visitors 27

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को जयंती पर दी श्रद्धांजलि

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को जयंती पर दी श्रद्धांजलि रेल भवन में याद किए गए बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर भोपाल केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर श्री वैष्णव ने बौद्ध धर्म गुरुओं से सशक्त भारत के निर्माण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। बौद्ध धर्म गुरुओं ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को बाबा साहेब अम्बेडकर की तस्वीर देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ श्री सतीश कुमार तथा रेलवे बोर्ड के दूसरे सदस्यों ने भी संविधान निर्माता भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। recent visitors 25

भारत की एजेंसियों के आग्रह पर ही उसे बेल्जियम में किया गया गिरफ्तार, अंग्रेजों के जमाने में हुई थी बेल्जियम के साथ संधि

बेल्जियम बेल्जियम में गिरफ्तार किए गए भारत के भगोड़े कारोबारी और 13 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड के आरोपी मेहुल चौकसी को प्रत्यर्पित करवा भारत लाने के लिए एजेंसियों ने कमर कर ली है। भारत की एजेंसियों के आग्रह पर ही उसे बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया है। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी और सीबीआई अपने तीन-तीन अधिकारियों को बेल्जियम भेजने वाली हैं ताकि मेहुल चौकसी को भारत लाने का रास्ता निकाला जा सके। बेल्जियम में मेहुल चौकसी के प्रत्यर्पण की उम्मीदें इसलिए ज्यादा प्रगाढ़ हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि है। क्या है बेल्जियम के साथ 125 साल पुराना समझौता भारत की एजेंसियों ने 125 साल पुरानी प्रत्यर्पण संधि का सहारा लिया और सारी जानकारी बेल्जियम को दे दी। हालांकि इसकी भनक मेहुल चौकसी को भी लग गई थी। तभी वह स्विट्जरलैंड भागने की तैयारी करने लगा। बेल्जियम और ब्रिटेन के बीच 29 अक्टूबर 1901 को एक संधि हुई थी। उस समय भारत में भी ब्रिटेन का ही राज था। बाद में इस संधि में कम से कम तीन बार संशोधन किया गया। 1907, 1911 और 1958 में इस संधि में संशोधन हुआ। भारत को आजादी मिलने के बाद भी दोनों देशों ने इस संधि को जारी रखने का फैसला किया। इस संधि के तहत दोनों देशों में से कोई भी अगर गंभीर अपराध करता है तो एक दूसरे के देश में उसका प्रत्यर्पण किया जा सकता है। इन अपराधों में हत्या, धोखाधड़ी, रेप, उगाही और ड्रग्स स्मग्लिंग जैसे क्राइम शामिल हैं। दोनों देशों में से किसी में भी अपराध करने वाला शख्स दोनों ही देशों में दंड के काबिल माना जाएगा। अगर किसी के खिलाफ पुख्ता सबूत होते हैं तो उसके प्रत्यर्पण के लिए आग्रह किया जा सकता है। हालांकि कोई भी देश अपने ही देश के किसी नागरिक को प्रत्यर्पित नहीं करेगा। अगर यह पता चलता है कि राजनीति के लिए किसी के प्रत्यर्पण के लिए जोर दिया जा रहा है तो इस आग्रह को दरकिनार भी किया जा सकता है। वहीं प्रत्यर्पण के बाद उसपर किसी तरह के नए अपराध का मुकदमा नहीं चल सकता। इसके अलावा बिना पहले देश की अनुमति के उसे तीसरे देश नहीं भेजा जा सकता। recent visitors 24

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जे.के. जैन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्यप्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी  जे. के. जैन के आकस्मिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री जैन अपने सेवाकाल में कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहे। उनके असामयिक निधन से प्रदेश और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत की पुण्यात्मा को शांति और स्व.  जैन के शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। recent visitors 24

राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा निर्माण के लिये प्रारंभ हुई कार्यशाला

भोपाल राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या की रूप रेखा निर्माण के लिये 3 दिवसीय कार्य शाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति के अध्यक्ष अलकेश चतुर्वेदी ने मंगलवार को भोपाल के लेक-व्यू अशोका में दीप प्रज्ज्वलित कर के किया। कार्यशाला में बच्चों का सर्वांगीण विकास, कौशल विकास और आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा जैसे उद्देश्य बिंदुओं पर विचार मंथन के बाद प्राप्त सुझावों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या समिति को प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद राज्य की पाठ्यचर्या का निर्माण भी किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स का गठन किया है। कार्य शाला में 11 कार्य समूहों का गठन किया गया है। इसमें राष्ट्रीय पाठ्यचर्या निर्माण समिति के प्रतिनिधि, प्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति के सदस्यगण, राज्य शिक्षा केंद्र विषय समन्वयक एवं अन्य सहयोगी संस्थाएं के विषय विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं। कार्य शाला में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत और शिक्षा शास्त्र जैसे विषयों के संबंध में विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त किये जायेंगे।   recent visitors 23

केवल परिवहन का साधन नहीं, देश के विकास का इंजन है भारतीय रेल: श्री ओम बिरला

माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी  माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वर्चुअल गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस का शुभारंभ  नई दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की सौगात  केवल परिवहन का साधन नहीं, देश के विकास का इंजन है भारतीय रेल: श्री ओम बिरला भोपाल  माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने 13 अप्रैल को गाड़ी संख्या 02055 कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया। नई दिल्ली को राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश से जोड़ने, पर्यटन व दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने, यात्री सुविधाओं तथा सुगम आवागमन के उद्देश्य से रेलवे द्वारा नियमित रेल सेवा के रूप में ट्रेन नंबर 20155/20156 डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।  भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर इस ट्रेन का नियमित संचालन 14 अप्रैल को नई दिल्ली से उनकी जन्मस्थली ‘महू’ शहर के डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन के बीच किया जा रहा है। माननीय अध्यक्ष लोकसभा श्री ओम बिरला ने डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस को कोटा स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर स्टेशन पर यात्रियों में भारी उत्साह दिखाई दिया। माननीय स्पीकर ने अपने संवाद में कहा कि भारतीय रेल केवल परिवहन का साधन नहीं विकास का इंजन है।   इस उद्घाटन कार्यक्रम में वर्चुअल गरिमामयी उपस्थिति माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश डॉ. मोहन यादव, माननीय केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव माननीया महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर की रही। इसके अतिरिक्त डॉ. अम्बेडकर नगर स्टेशन पर माननीय सांसद उज्जैन श्री अनिल फिरोजिया, माननीय सांसद इंदौर श्री शंकर लालवानी एवं माननीया सांसद राज्यसभा कविता पाटीदार की उपस्थिति रही। रेलवे की ओर से डीआरएम कोटा श्री अनिल कालरा सहित अन्य सभी संबंधित शाखा अधिकारीगण मौजूद रहे।     यह 22 कोच की नई ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर के मध्य नियमित रूप से दिनांक 14 अप्रैल को नई दिल्ली एवं 15 अप्रैल डॉ. अम्बेडकर नगर से चलेगी। गाड़ी संख्या 20156 नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर ट्रेन नई दिल्ली से रात 23.25 बजे प्रस्थान कर कोटा सुबह 05.20 बजे आगमन कर 12.50 बजे गंतव्य स्टेशन डॉ अम्बेडकर नगर पहुँचेगी। इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 20155 डॉ अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली ट्रेन डॉ अम्बेडकर नगर से दोपहर 15.30 बजे प्रस्थान कर कोटा 21.25 बजे आगमन कर अगले दिन सुबह 04.25 बजे गंतव्य स्टेशन नई दिल्ली पहुँचेगी।  गाड़ी के ठहराव:- यह नई गाड़ी दोनों दिशाओं में नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर के बीच हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, भरतपुर, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन, देवास एवं इंदौर स्टेशनों पर रुकेगी।  नई ट्रेन का लाभ:-  इस नई रेल सेवा के आरंभ होने से राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा को देश की राजधानी नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन, मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इन्दौर एवं डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।  राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश राज्यों के अंतर्गत आने वाले पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों जैसे मथुरा, उज्जैन, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, देवास एवं इंदौर के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों राज्यों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा।  इस नई रेल सेवा की सौगात से विधार्थियों, व्यापारियों, किसानों एवं आमजन को सीधा लाभ पहुँचेगा।  राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों के यात्रियों को देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए सीधी ट्रेन की उपलब्धता होगी। recent visitors 25