Sunday, July 5, 2026 11:19 am

38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए

जम्मू 38 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण पूरे देश में उत्साह के साथ शुरू हो गया है। जम्मू में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की रिहाड़ी चुंगी शाखा समेत कई नामित बैंक शाखाओं में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। यह तीर्थ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। हर बार की तरह इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5 मार्च को राजभवन में हुई श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की 48वीं बैठक के दौरान इस बार की तिथियों का ऐलान किया था। इस बार भी यात्रा अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी। यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए बोर्ड ने इस वर्ष व्यवस्थाएं और सुविधाएं और बेहतर बनाने के प्रस्ताव दिए हैं। यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं ई-केवाईसी, आरएफआईडी कार्ड जारी करने और स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा अब जम्मू, श्रीनगर, नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों पर उपलब्ध होगी। बालटाल, पहलगाम, नुनवान और पंथाचौक श्रीनगर में भी लोगों के लिए सुविधा केंद्र बढ़ाए जाएंगे। श्रद्धालुओं में उत्साह रिहाड़ी चुंगी शाखा पर पंजीकरण कराने पहुंचीं सुनंदा शर्मा (37) ने बताया, "यह मेरी दूसरी यात्रा होगी और मैं बाबा अमरनाथ के दर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हूं।" वहीं राजेश कुमार (41) ने कहा, "मैं पिछले सात वर्षों से लगातार बाबा के दर्शन कर रहा हूं और जब तक शरीर साथ देगा, तब तक जाता रहूंगा।" इन्हें यात्रा की परमिशन नहीं 13 से 70 वर्ष की आयु वाले श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। गर्भवती महिलाएं, जिनकी गर्भावस्था 6 सप्ताह या उससे अधिक की है, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं है। यात्रियों के उत्साह और सरकार की तैयारियों को देखते हुए, इस बार की अमरनाथ यात्रा और भी भव्य और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है। recent visitors 35

PM मोदी की नाराजगी के बाद वाराणसी गैंगरेप मामले में अब नप गए DCP चंद्रकांत मीणा, लखनऊ अटैच

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाराजगी के बाद वाराणसी गैंगरेप मामले में कमिश्नरेट के वरुणा जोन के डीसीपी चंद्रकांत मीणा को हटा दिया गया। उन्हें डीजीपी कार्यालय में स्थानांतरित कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई पांडेयपुर की युवती से गैंगरेप के मामले में हुई है। बीते दिनों दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वाराणसी में लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र की एक 19 वर्षीय युवती से एक हफ्ते तक अलग-अलग जगहों पर गैंगरेप किया गया था। छात्रा ने अपने शिकायत में आरोप लगाया है कि 23 लड़कों ने उसके साथ रेप किया। छात्रा की मां की तरफ से एफआईआर कराई गई। एफआईआर में 12 नामजद और 11 अज्ञात लड़कों पर केस हुआ है। आरोप में कहा गया कि छात्रा के साथ 29 मार्च को दरिंदगी की शुरुआत हुई थी। सबसे पहले उसे हुक्का बार में ले जाकर रेप किया गया। इसके बाद होटल और अन्य स्थानों पर नशा देकर अलग अलग युवकों ने रेप किया। इस दौरान चलती गाड़ी में भी छात्रा से रेप किया जाता रहा। चार अप्रैल को छात्रा को नशे की हालत में ही सड़क किनारे छोड़कर युवक फरार हो गए थे। गैंगरेप मामले अब तक 13 लड़कों की ही गिरफ्तारी हो सकी है। अब भी 10 लड़के फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगी है। पुलिस का कहना है जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। बीते दिन वाराणसी पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी ने इस गैंगरेप मामले में ही अधिकारियों से पूछताछ की थी। प्लेन से उतरने के बाद रनवे पर ही वाराणसी के मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी एस राजलिंगम से पूरे मामले की जानकारी ली थी। पीएम मोदी ने दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। recent visitors 24

विंध्य क्षेत्र में विकास के नए आयाम लिखेगा डालमिया भारत सीमेंट प्लांट

किसानों को मिला मालिकाना हक न छिनने का विकल्प, किसान को मिलेगा सतही फसल मुआवजा रामपुर बाघेलान क्षेत्र के किसानों को बरगला कर कंपनी पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे तथाकथित बिचौलिए सतना सीमेंट सिटी के तौर पर पहचान बना चुके सतना जिले में एक और प्लांट आकार लेने जा रहा है, जिससे किसानों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। एक तरफ किसान अपनी जमीन का मालिक भी बना रहेगा और दूसरी ओर उसे अनुबंध अवधि तक फसल का सतही मुआवजा भी मिलेगा। दरअसल डालमिया भारत सीमेंट प्लांट के द्वारा रामपुर बाघेलान अनुविभागीय क्षेत्र के  जमुना, बैरिहा, झिरिया बाजपेइन, झिरिया कोपरिहान, झिरिया कोठार सहित आसपास के गांव में खनन लीज ली जा रही  है। इस संबंध में प्लांट प्रबंधन द्वारा किसानों को मध्य प्रदेश सरकार के राजपत्र एवं शासन के द्वारा निर्धारित की गई गाइड लाइन के तहत अधिग्रहण किया  जा रहा है। प्रोजेक्ट हेड स्वप्रिल शर्मा ने बताया कि के मध्य प्रदेश सरकार का राजपत्र क्रमांक 264 दिनांक 11 सितंबर 2024 क्रमांक एफ 3-3-0001-2024 एमआरडी-बारह-खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 (1957 क 67 )की धारा 26 की उपधारा (2) के आधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद् द्वारा, खनिज (परमाणु और हाइड्रो कार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत नियम 2016 के नियम 52 के आधीन भूमि के स्वामी को देय वार्षिक प्रतिकर का निर्धारण किए जाने हेतु संबंधित जिले के कलेक्टर को प्राधिकृत अधिकारी के रुप में नियुक्त किया है और इसी राजपत्र के अनुसार किसानों की जमीन ली जाएगी। उन्होंने बताया कि  वार्षिक सतही फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रति एकड़  ग्रामवार तय किया जाएगा। इन शर्तों के तहत मिलेगा मुआवजा श्री शर्मा ने बताया कि रामपुर बाघेलान तहसील क्षेत्र के ग्राम जमुना, बैरिहा, झिरिया वाजपेइन, झिरिया कोपरिहान, झिरिया कोठार के कुल क्षेत्रफल 306.8921 हेक्टेयर का वार्षिक सतह मुआवजा आगामी दस वर्ष हेतु तय होगा।  प्रभावित किसानों से भूमि स्वामी अधिकार न लेते हुए उनकी जमीन से खनिज उत्खनन बावत् मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा के पश्चात खनन प्रक्रिया संपादित की जाएगी एवं संपूर्ण उत्खनन पश्चात प्रभावित जमीन की यथास्थिति कायम कर कृषि योग्य बनाकर वापस की जाएगी। उत्खनन के दौरान या उत्खनन के पश्चात किन्हीं परिस्थितियों में यदि किसान अपनी जमीन निर्धारित स्वीकृति दर पर बेचने को तैयार होता है तो कंपनी अविलंब रजिस्ट्री को तैयार रहेगी। निर्धारित भूमि वार्षिक मुआवजा राशि से किसान कई प्रकार से प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से लाभांवित होंगे।  कृषि कार्य में होने वाले आर्थिक व्यय, शारीरिक श्रम एवं अन्य प्रकार के खर्चोंं से किसान मुक्त रहेंगे और भूमि के स्वामित्व का अधिकार भी सुरक्षित रहेगा तथा निर्धारित आय होती रहेगी। इन शर्तों के अनुसार पहली बार काम किया जा रहा है। बिचौलिए किसानों को बरगलाने में तुले डालमिया भारत के द्वारा प्रभावित किसानों की लिस्ट के अनुसार उन्हें मुआवजा देने की पक्रिया शुरू कर दी है, जिससे बिचौलियों को नुकसान होता दिख रहा है। ऐसे में वह किसानों को बरगला कर प्रोजेक्ट को डिले करने में तुले हुए हैं। चूंकि कंपनी किसानों से सीधे बात करने को तैयार है, इसके बाद भी भ्रम पैदा कर बिचौलिए किसानों को बरगला रहे हैं। recent visitors 22

तमिलनाडु में चौंकाने वाला मामला, दिखा वक्फ संसोधन बिल का असर, 150 परिवारों को दरगाह ने दिया बेदखली का नोटिस

वेल्लोर तमिलनाडु के वेल्लोर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कट्टुकोल्लई गांव में लगभग 150 परिवारों पर आरोप लगाया गया है कि वे वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जा करके रह रहे हैं। इसके लिए एक दरगाह ने उन्हें बेदखली का नोटिस भी जारी किया है जिसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई है। इन नोटिसों के जवाब में कांग्रेस विधायक हसन मौलाना ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि किसी को भी गांव से बेदखल नहीं किया जाएगा। हालांकि, मौलाना ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर वक्फ बोर्ड के पास जमीन से जुड़े कानूनी दस्तावेज हैं और उनकी वैधता सिद्ध होती है, तो ग्रामीणों को थोड़ा किराया देना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "एक बार वक्फ, हमेशा वक्फ होता है।" क्या है पूरा मामला? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद की शुरुआत तब हुई जब कट्टुकोल्लई गांव के लगभग 150 परिवारों को एफ. सैयद सथाम नामक व्यक्ति की ओर से नोटिस भेजे गए। सथाम का दावा है कि यह जमीन एक स्थानीय दरगाह की वक्फ संपत्ति है, जो 1954 से वक्फ बोर्ड के अधीन है। नोटिस के अनुसार, एक ग्रामीण बालाजी पर आरोप है कि उसने वक्फ भूमि (सर्वे नंबर 362) पर मकान और दुकान बना ली है। नोटिस में कहा गया है कि सभी निवासियों को वक्फ नियमों का पालन करना होगा, अनुमति लेनी होगी और ग्राउंड रेंट देना होगा – अन्यथा उन्हें कानूनी रूप से बेदखल किया जा सकता है। वक्फ बोर्ड का पक्ष सैयद सथाम 2021 में अपने पिता की मृत्यु के बाद दरगाह और मस्जिद के संरक्षक बने थे। उनका कहना है कि उनके पास जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता अशिक्षित थे और उन्हें औपचारिकताओं की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने ग्रामीणों से कभी किराया नहीं वसूला। अब वे इस "गलती" को सुधारना चाहते हैं। सथाम ने कहा कि अभी दो और नोटिस भेजे जाएंगे, और यदि फिर भी प्रतिक्रिया नहीं मिली तो वे मामला हाई कोर्ट में ले जाएंगे। ग्रामीणों का विरोध वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि वे चार पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं और इसे अपनी पुश्तैनी संपत्ति मानते हैं। उन्होंने पक्के सरकारी दस्तावेज, पेंचायत टैक्स भुगतान और घर निर्माण की अनुमति जैसे प्रमाण भी दिखाए हैं। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि जब सथाम के पिता ने कभी किराया नहीं मांगा, तो अब अचानक यह मांग क्यों उठ रही है। विवाद ने तब तूल पकड़ा जब डरे-सहमे ग्रामीण बड़ी संख्या में वेल्लोर के जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। हिंदू मुनानी के डिवीजनल सेक्रेटरी प्रवीण कुमार ने प्रशासन से अनुरोध किया कि ग्रामीणों को पट्टा (भूमि का वैध स्वामित्व प्रमाण पत्र) दिया जाए ताकि वे अपने घर और आजीविका को लेकर आश्वस्त हो सकें। जिला प्रशासन की भूमिका स्थानीय निवासियों के अनुसार, वेल्लोर जिला कलेक्टर ने अनौपचारिक रूप से उन्हें सलाह दी है कि वे फिलहाल कोई किराया न दें। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह विवाद न केवल कानूनी पहलू से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर भी ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वक्फ बोर्ड के दावे कितने वैध साबित होते हैं और प्रशासन इसका समाधान किस प्रकार निकालता है। recent visitors 43

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में निकली नौकरी

बैंक की बढ़िया सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में फॉर्म निकले हुए हैं। यहां चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर समेत विभिन्न पदों पर आवेदन लिए जा रहे हैं, जो अभ्यर्थी अप्लाई करना चाहते हैं, वे फटाफट आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें। लास्ट डेट 18 अप्रैल 2025 है। जिसके बाद बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट www.ippbonline.com पर एक्टिव लिंक बंद हो जाएगा। सैलरी और योग्यता समेत पूरी डिटेल्स पद की डिटेल्स इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक लिमिटेड में ऑफिसर लेवल की शानदार नौकरी पाने का यह बढ़िया चांस हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? इसकी डिटेल्स उम्मीदवार नीचे टेबल से देख सकते हैं। योग्यता आईपीपीबी में चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है। सीए/सीएस/एमबीए फाइनेंस/पोस्ट ग्रेजुएट या समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को प्रेफरेंस दी जाएगी। इसके अलावा अभ्यर्थियों के पास न्यूनतम 18 साल काम का अनुभव होना भी जरूरी है। चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के लिए भी ग्रेजुएट और 18 वर्ष का अनुभव मांगा गया है। वहीं इंटरनल ओम्बड्समैन की पोस्ट पर ग्रेजुएट लेकिन शेड्यूल कमर्शियल बैंक/फाइनेंशनयल सेक्टर रेगुलरेट्री संस्थान से रिटायर्ड या डिप्टी जनरल मैनेजर के समकक्ष पद पर कार्यरत अभ्यर्थी आवेदन के योग्य हैं। योग्यता से जुड़ी अन्य डिटेल्स अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। डाउनलोड करें- IPPB Recruitment 2025 Official Notification Download PDF एज लिमिट आयुसीमा- चीफ कंप्लायंस ऑफिसर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पदों पर अभ्यर्थियों की उम्र 38 से 55 वर्ष होनी चाहिए। वहीं इंटरनल ऑम्बड्समैन के लिए 65 वर्ष से अधिक आयु नहीं न। आयुसीमा/ योग्यता की गणना 1 मार्च 2025 के आधार पर की जाएगी। चयन प्रक्रिया- इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन, ऑलाइन टेस्ट आदि चरणों के आधार पर सेलेक्शन आधारित होगा। आवेदन शुल्क- एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने के दौरान 150 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं अन्य पदों के लिए यह शुल्क 750 रुपये है। काम की अवधि- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक यह पद कॉन्ट्रेक्चुअल बेस पर भर रहा है। चीफ कम्प्लायंस ऑफिसर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के काम की अवधि 3 साल तक होगी। जो 2 साल के लिए आगे बढ़ाई जा सकती है। वहीं इंटरनल ओम्बड्समैन तीन सालों के लिए अप्वाइंट किए जाएंगे। recent visitors 37

क्या बिकेंगे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम, मार्क जुकरबर्ग फंसे केस में

  नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को अपने दो प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम बेचने पड़ सकते हैं. इसकी वजह अमेरिका के वाशिंगटन में कंपनी के खिलाफ एंटीट्रस्ट केस की सुनवाई है. यूएस कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर वॉच डॉग ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने बाजार में प्रतिस्पर्धा खत्म करने और अपना एकाधिकार बनाने के लिए 2012 में इंस्टाग्राम (1 बिलियन डॉलर) और 2014 में व्हाट्सएप (22 बिलियन डॉलर) खरीदा था. अगर एफटीसी केस जीत जाता है, तो प्लेटफॉर्म बेचने पड़ सकते हैं फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने खुद व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को खरीदने की अनुमति दी थी. लेकिन नियमों के तहत एफटीसी को डील के नतीजों पर भी नजर रखनी होती है. इसलिए उसे मेटा के खिलाफ केस करना पड़ा. अगर (एफटीसी) केस जीत जाता है, तो वह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप दोनों को बेचने के लिए मजबूर कर सकता है. जुकरबर्ग और पूर्व सीओओ को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग और कंपनी की पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. एंटी-ट्रस्ट मामले की सुनवाई 6 सप्ताह से अधिक समय तक चल सकती है. जुकरबर्ग के खिलाफ दलीलें… वैंडरबिल्ट लॉ स्कूल में एंटीट्रस्ट की प्रोफेसर रेबेका हो एलेंसवर्थ ने कहा कि जुकरबर्ग ने फेसबुक से मिल रही प्रतिस्पर्धा को बेअसर करने के लिए इंस्टाग्राम को खरीदा. जुकरबर्ग की बातचीत और उनके ईमेल इस मामले में सबसे ठोस सबूत हो सकते हैं. जुकरबर्ग ने कहा था कि बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उस कंपनी को खरीदना बेहतर है. मार्क जुकरबर्ग की दलील… मेटा ने तर्क दिया कि वह केस जीत जाएगी क्योंकि इंस्टाग्राम को खरीदने के बाद उसके यूजर्स का अनुभव बेहतर हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, मेटा यह तर्क दे सकती है कि एंटीट्रस्ट केस में इरादा बहुत प्रासंगिक नहीं होता है. recent visitors 47

रेल मंडल कार्यालय में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई

भोपाल भारत रत्न, संविधान शिल्पी, समाज सुधारक एवं न्याय के प्रबल पक्षधर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती के पावन अवसर पर, पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल कार्यालय में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने मंडल के समस्त रेलकर्मियों को इस ऐतिहासिक दिन की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष, समानता और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। हमें उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समतामूलक, न्यायपूर्ण और समावेशी समाज की स्थापना हेतु निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब के अदम्य साहस, प्रखर बुद्धिमत्ता और दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेकर हमें भारतीय रेल की गरिमा और सेवा की गुणवत्ता को और ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं श्री योगेन्द्र बघेल, मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति) श्री के. एल. मीना, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया सहित अन्य विभागाध्यक्ष, रेल कर्मचारी एवं मान्य यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। इससे पूर्व, दिनांक 14 अप्रैल 2025 को भोपाल मंडल अंतर्गत सभी स्टेशन, डिपो एवं रेल कार्यालयों में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनकी जयंती अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बाबा साहब के विचारों एवं योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न संगोष्ठियों एवं चर्चाओं का भी आयोजन किया गया। recent visitors 36