आज गुरुवार 17 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष-सज नए विचारों को अपनाने की आपकी क्षमता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कॉन्फिडेंस के साथ महत्वपूर्ण डिसीजन लेना फायदेमंद होगा क्योंकि ये आपके फ्यूचर को प्रभावित कर सकते हैं। वृषभ-आज तनाव दूर रखने के लिए मेडिटेशन ट्राई करें। चाहे करियर हो, पैसों का मामला हो, या फिर लव लाइफ हो, आज आपको कई रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। सिंगल लोगों की मुलाकात उनके क्रश से होने की संभावना है। मिथुन-आज के दिन जरूरत पड़ने पर दोस्त या अपने जीवनसाथी से सलाह ले सकते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस के कुछ रिलेशन टूटने की कगार पर आ सकते हैं। अपनी सेहत पर गौर करें। आज का दिन सरप्राइज से भरपूर रहने वाला है। कर्क-आज कुछ लोगों की सेहत गड़बड़ हो सकती है। सोडा ड्रिंक्स और जंक फूड्स से दूर रहने की सलाह दी जाती है। करियर में बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी मेंटल हेल्थ पर प्रभाव पड़ सकता है। सिंह-17 अप्रैल का आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। किसी प्रोजेक्ट या डील से आपको अच्छा प्रॉफिट मिल सकता है। आपकी मेहनत रंग लाएगी और मैनेजमेंट का ध्यान भी अपनी ओर खींचेगी। तुला- 17 अप्रैल का आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। आज आपका क्लाइंट आपके काम से नखुश हो सकता है। व्यापारियों को आज पैसे कमाने में थोड़ी बहुत दिक्कत आ सकती है। बाहर के खाने से परहेज करें। धनु-17 अप्रैल के दिन धन का आगमन तो होगा लेकिन आपके खर्च में भी वृद्धि होगी। ऑफिस के रोमांस से दूरी बनाना आपके लिए बेहतर रहेगा। बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न लें। लाइफ में बैलेंस मेंटेन करें। मकर-17 अप्रैल के दिन जीवन में खूब हलचल रहने वाली है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके खिलाफ हो सकती है। डिप्लोमेटिक और पॉजिटिव सोच आपकी प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर सकती है। कुम्भ-17 अप्रैल का आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की गॉसिप आपको परेशानी में डाल सकती है। बेहतर यही रहेगा कि आप अपने काम पर फोकस रखें। बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। कन्या-17 अप्रैल का दिन रोमांटिक साबित हो सकता है। शादीशुदा कपल्स आज क्वालिटी टाइम स्पेंड करने के लिए डेट पर जा सकते हैं। सिंगल लोगों के लिए प्रपोज करने के लिए दिन शुभ नहीं माना जा रहा है। आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन पहले से बेहतर होगी। वृश्चिक-17 अप्रैल का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। आज आपका मनी फ्लो अच्छा रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति आपको खर्चों को कंट्रोल करने की सलाह देती है। लव के मामले में अपने पार्टनर को जरूरी स्पेस दें और बेफिजूल की बहस से बचें। मीन-17 अप्रैल का दिन बेहद ही शानदार साबित हो सकता है। अपनी बॉडी को हेल्दी रखने के लिए नया फिटनेस रूटीन चालू करें। पैसों के मामले में भाग्य आपके साथ है। कोई बड़ा जोखिम आज न लें। recent visitors 86

ईडी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन का किया था एलान,प्रदर्शन करने पहुंची कांग्रेस, लेकिन कार्यकर्ता नहीं खोज सके दफ्तर

इंदौर नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एजेंसी ने इस केस से जुड़ी 661 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसके विरोध में कांग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया था। लेकिन इंदौर में कांग्रेस के संगठन ने जो किया, उससे पार्टी की किरकिरी हो गई। दरअसल कांग्रेस की इंदौर इकाई ने प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ताओं से ईडी दफ्तर के बाहर एकत्र होने की अपील की थी। शिफ्ट हो चुका है ईडी दफ्तर लेकिन पार्टी ने जिस दफ्तर का पता दिया था, वहां से ईडी दफ्तर काफी पहले ही शिफ्ट हो चुका था। लेकिन पार्टी के आदेशानुसार कुछ कांग्रेस नेता ईडी के पुराने दफ्तर पहुंच भी गए। तब पता चला कि दफ्तर को कबका शिफ्ट हो चुका है। आनन-फानन में प्रदर्शन का स्थान बदला गया। अब कांग्रेस के इस प्रदर्शन से ज्यादा किरकिरी की चर्चा हो रही है। भाजपा ने भी इसे लेकर कांग्रेस की चुटकी ली है। मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सालूजा ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर कांग्रेस पर निशाना साधा है।   recent visitors 62

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- सिलक्यारा टनल आस्था और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को सिलक्यारा सुरंग के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में शामिल हुए। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक सिलक्यारा सुरंग में फंस गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सिलक्यारा सुरंग चारधाम यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 853 करोड़ लागत की डबल लेन की इस सुरंग परियोजना की लंबाई 4.531 किलोमीटर है। सुरंग निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 26 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल ब्रेकथ्रू के अवसर पर परियोजना से जुड़े सभी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर न केवल उन्नत इंजीनियरिंग की सफलता का प्रतीक है, बल्कि आस्था और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल अभियान दुनिया का सबसे जटिल और लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन था। इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की। यह घटना तकनीकी और मानवीय संकल्प की वास्तविक परीक्षा थी, सभी ने एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने समस्त रेस्क्यू टीम, रैट माइनर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सहयोगी संस्थाओं का भी इस अभियान को सफल बनाने में आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा अभियान पर पूरी दुनिया की नजरें थी। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और भारत सरकार के पूर्ण सहयोग के चलते राज्य सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया। इस रेस्क्यू अभियान में देश और दुनिया में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया। सुरंग में फंसे मजदूरों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, इससे हमारा हौसला बढ़ा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए घर से भेंट और पूजा सामग्री लेकर सिलक्यारा पहुंचे। उन्होंने बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी भाग लिया। सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल रेस्क्यू के लिए सीएम धामी ने खुद सिलक्यारा अभियान के दौरान कैंप कर अभियान की निरंतर निगरानी और निर्देशन किया था। रेस्क्यू अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से मन्नत मांगते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था। सीएम धामी ने बाबा बौखनाग से प्रदेश की खुशहाली और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जब सुरंग के मुख पर बाबा बौखनाग को विराजमान किया गया, तभी फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। उस समय उन्होंने बाबा बौखनाग का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की थी। बुधवार को मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा होने से संकल्प भी पूरा हुआ है और श्रद्धालु भी बाबा बौखनाग का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सिलक्यारा टनल का नाम बाबा बौखनाग पर किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। वहीं, बौखनाग टिब्बा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही स्यालना के निकट हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। recent visitors 61

प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार की नीयत और कार्रवाई पर खड़े किए सवाल, चुनाव के समय गांधी परिवार पर क‍िया जाता है हमला

बेंगलुरु नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 9 अप्रैल को दाखिल चार्जशीट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोला। चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा के नाम शामिल हैं, जिसे धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत दायर किया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार की नीयत और कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। खड़गे ने कहा कि असली मनी लॉन्ड्रिंग तो चुनावी बॉन्ड्स के जरिए हो रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जब भी बीजेपी के सामने कोई राजनीतिक संकट आता है या फिर उत्तर भारत में कोई चुनाव होता है, तो गांधी परिवार को निशाना बनाया जाता है। कभी रॉबर्ट वाड्रा को घसीटा जाता है, कभी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पुराने मामलों को फिर से उछाला जाता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन मामलों में अब तक क्या साबित हुआ है? पैसा कहां से आया, किस देश में गया, कौन सी एजेंसियां इस काम में शामिल थीं। इन सब बातों का कोई सबूत सरकार ने सार्वजनिक क्यों नहीं किया? प्रियांक खड़गे ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप भाजपा और उससे जुड़ी संस्थाओं पर लगाते हुए कहा कि भाजपा को आखिर 5000 करोड़ रुपये का चंदा कैसे मिला? आरएसएस देशभर में 600 से अधिक जिला कार्यालय बना रहा है और उसका नया हाईटेक कार्यालय 150 करोड़ रुपये में कैसे बना? इसके साथ ही भाजपा को स्वयंसेवकों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के दान की ऑडिट की भी उन्होंने मांग की। उन्होंने कहा कि यह सब केवल एक राजनीतिक हथकंडा है, ताक‍ि मोदी सरकार अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान भटका सके। खड़गे ने कहा कि गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया है और कांग्रेस के लोग सैकड़ों बार जेल गए हैं। हम इस तरह की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। यह एक मनगढ़ंत मामला है, जो न्यायपालिका में टिक नहीं पाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत में इस मामले की सुनवाई में न्यायपालिका सरकार की असंवैधानिक नीतियों और योजनाओं को पहचान कर सही निर्णय लेगा। recent visitors 62

राष्ट्रपति के हिमाचल दौरे से पहले बम की धमकी से हड़कंप, अब नए सिरे से सुरक्षा व्यवस्था का होगा निर्धारण

मंडी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले बम की धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। ईमेल में उपायुक्त कार्यालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए अब सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से तय करने की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मुसात मई को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी ) मंडी के दौरे पर आने वाली हैं। वह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगी। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से विज्ञानिक, शोधार्थी, प्रोफेसर और छात्र भाग लेंगे। ऐसे में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पहले से ही जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तैयारियों में जुटी थीं। बम की धमकी से सक्रिय हुईं केंद्रीय एजेंसियां बम की धमकी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। ईमेल की जांच के लिए साइबर सेल को लगाया गया है, ताकि यह पता चल सके कि ईमेल किसने और कहां से भेजा। केंद्रीय सुरक्षा बलों ने भी मंडी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। आइबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और राष्ट्रपति से सुरक्षा से जुड़े अधिकारी अब दौरे से पहले हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। अब सुरक्षा व्यवस्था का होगा नए सिरे से निर्धारण इस घटनाक्रम के बाद मंडी में राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पहले से बनी सुरक्षा रणनीति की फिर से समीक्षा की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारी अब आइआइटी मंडी सहित आसपास के सभी क्षेत्रों की नए सिरे से सुरक्षा समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम स्थल, राष्ट्रपति के ठहरने की व्यवस्था, रास्ते और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना पर काम किया जा रहा है। राष्ट्रपति का करीब दो से तीन घंटे तक आइआइटी मंडी में रुकने का कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। recent visitors 60

PM मोदी और ट्रंप के बीच अच्छे संबंध, मुक्त द्विपक्षीय व्यापार समझौते से भारत को होगा फायदा: मार्क मोबियस

 नई दिल्ली विश्व व्यापार व्यवस्था के भविष्य को लेकर तेज हो रही बहस के बीच दिग्गज वैश्विक निवेशक मार्क मोबियस ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ मुक्त द्विपक्षीय व्यापार समझौते से निश्चित रूप से भारत को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छे संबंध हैं। उभरते बाजारों (ईएम) के लिए मोबियस ईएम ऑपर्च्युनिटीज फंड चलाने वाले अरबपति निवेशक ने मिडिया से कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में कुछ संकट आएगा, लेकिन अगले कुछ महीनों में ट्रंप कई देशों के साथ व्यापार समझौते करना शुरू कर देंगे और इससे बाजार 'शांत' हो जाएगा। साथ ही बड़ी मंदी की संभावना खत्म हो जाएगी। मोबियस के अनुसार, ''भारत में क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्शन एजेंसी जैसी कई गैर-टैरिफ बाधाएं हैं।'' उन्होंने कहा, "यह सबसे अच्छा होगा अगर भारत उन सभी बाधाओं को खत्म कर दे और अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर ले।" भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने के लिए काम कर रहे हैं ताकि 2025 की निर्धारित समय सीमा से पहले टैरिफ कम किया जा सके। इस समझौते के संदर्भ की शर्तें पहले ही तय की जा चुकी हैं। अगर व्यापार सौदा समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाता है, तो दोनों देशों को लाभ होगा। मोबियस के अनुसार, ''पूरी तरह से मुक्त व्यापार वातावरण सबसे अच्छा होगा, लेकिन अधिकांश देश, विशेष रूप से चीन, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का पालन करने और पारस्परिक व्यापारिक समझ का पालन करने के लिए तैयार नहीं हैं।'' उन्होंने कहा, "अमेरिका दुनिया भर के देशों से रेसिप्रोसिटी की मांग कर रहा है ताकि व्यापार असंतुलन को दूर किया जा सके और सभी देशों में मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित किया जा सके।" व्हाइट हाउस फैक्ट शीट के अनुसार, ''चीन को अब अपने प्रतिशोधी टैरिफ के परिणामस्वरूप अमेरिका में आयात पर 245 प्रतिशत तक टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हुआ जब बीजिंग ने अपनी एयरलाइनों को चीनी सामानों पर 145 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी फैसले के जवाब में बोइंग जेट की कोई और डिलीवरी नहीं लेने का आदेश दिया।'' व्हाइट हाउस के अनुसार, ''अमेरिकी राष्ट्रपति चीन के साथ व्यापार समझौता करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बीजिंग को पहला कदम उठाना चाहिए।'' recent visitors 55

पार्टी कार्यकर्ता भले ही हतोत्साहित, लेकिन केवल उनकी पार्टी ही आरएसएस और भाजपा को हरा सकती है: राहुल गांधी

अहमदाबाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि गुजरात में पार्टी कार्यकर्ता भले ही हतोत्साहित दिख रहे हैं, लेकिन केवल उनकी पार्टी ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा को हरा सकती है। गांधी ने अपनी ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सीनियर नेता बने घूम रहे हैं, लेकिन कई बूथ नहीं जितवा पाते। कई ऐसे भी लोग हैं, जो बीजेपी के साथ मिले हुए हैं, उनको हमें पहचान कर प्यार से परे करना है। हिंसा से नहीं, नफरत से नहीं, प्यार से। उनसे कहना है कि- भैया.. साइड हो जाइए, दूसरों को आगे जाने दीजिए। एक सप्ताह में गुजरात की अपनी दूसरी यात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद ने राज्य में संगठन को नया रूप देने के लिए रोडमैप पेश किया और पार्टी के उन नेताओं को हटाने का वादा किया जो या तो निष्क्रिय हैं या भाजपा के लिए काम करते हैं। राहुल गांधी ने कहा, ''बैठक में एक अच्छी बात मुझसे कही गई कि अलग-अलग सीनियर नेता आते हैं तो जादू से हर जिले में लोग दो-तीन दिन के लिए बाहर आ जाते हैं और फिर जाने पर वापस गायब हो जाते हैं। लेकिन इनके पास कोई पकड़ नहीं होती।'' राहुल ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीनियर नेता बने घूम रहे हैं, लेकिन बूथ नहीं जिता पाते। हम उन लोगों को ताकत देना चाहते हैं, जिनकी पकड़ बूथ से है और लोकल हैं। जो जनता की समस्याओं को उठाते हैं, उन्हें हम ताकत देना और आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, ''गुजरात में आप कांग्रेस के लिए लड़ते हो, मैं समझता हूं यह आसान नहीं है। शायद पूरे देश में आपको सबसे ज्यादा सहना पड़ता है। आप धमकियां खाते हैं, लाठी खाते हैं, लेकिन कांग्रेस का झंडा नहीं छोड़ते हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि जहां भी जरूरत होगी मेरी, मैं वहां हाजिर होऊंगा। नई जेनरेशन को हमें कांग्रेस पार्टी में लाना है। जो जनता से जुड़े लोग हैं, उन्हें आगे बढ़ाना है।'' गुजरात में 2027 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। एक एआईसीसी पर्यवेक्षक और चार राज्य पर्यवेक्षकों समेत पांच सदस्यों वाली एक समिति गुजरात में पार्टी की 41 जिला इकाइयों (आठ शहरों समेत) में से प्रत्येक के लिए नए प्रमुखों की नियुक्ति की प्रक्रिया की देखरेख करेगी, जिसकी शुरुआत अरवल्ली जिले से होगी। अपने संबोधन में गांधी ने कार्यकर्ताओं से कई वादे किए जैसे कि जिला इकाइयों को अधिक शक्ति एवं धन उपलब्ध कराना, वरिष्ठ नेताओं-कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का आकलन करना, जमीनी स्तर पर सक्रिय पदाधिकारियों को बढ़ावा देना और उन नेताओं को हटाना जो या तो निष्क्रिय हैं या भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। recent visitors 61