Sunday, July 5, 2026 3:44 pm

अब 30 जून 2025 से फिर से शुरू होने जा रही कैलाश मानसरोवर यात्रा, यात्रा में कुल 250 तीर्थयात्री शामिल होंगे

नई दिल्ली कैलाश मानसरोवर यात्रा, जो पिछले पांच वर्षों से स्थगित थी, अब 30 जून 2025 से फिर से शुरू होने जा रही है। यह यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे के रास्ते से होकर तिब्बत के कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक जाएगी। यात्रा में कुल 250 तीर्थयात्री शामिल होंगे, जिन्हें पांच समूहों में बांटा जाएगा। यात्रा का महत्व कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कैलाश पर्वत को हिंदू धर्म में भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। कहा जाता है कि यहां की परिक्रमा और मानसरोवर में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस यात्रा की विशेषता यह है कि यह भारत और चीन के बीच बेहतर संबंधों का प्रतीक भी है, खासकर धार्मिक और सांस्कृतिक मामलों में। क्यों बंद हुई थी यात्रा? इस यात्रा को हर साल आयोजित किया जाता है, लेकिन 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई झड़पों और सीमा विवाद के कारण यात्रा फिर से शुरू नहीं हो सकी। अब भारत सरकार के प्रयासों से यह यात्रा संभव हो पाई है, जो दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों का संकेत देती है। 30 जून 2025 को दिल्ली से शुरू होगी यात्रा यात्रा की शुरुआत 30 जून 2025 को दिल्ली से होगी। इस यात्रा में 250 यात्री शामिल होंगे, जिन्हें 5 दलों में बांटा जाएगा, हर दल में 50 यात्री होंगे। यात्रा की पूरी अवधि 22 दिन की होगी। यात्रियों की स्वास्थ्य जांच यात्रियों की स्वास्थ्य जांच दिल्ली और गुंजी में की जाएगी, ताकि ऊंचाई और कठिन मौसम में यात्रा करने के लिए वे पूरी तरह से तैयार हों। यात्रा का संचालन कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा किया जाएगा। भारत और चीन के बीच सहयोग कैलाश मानसरोवर यात्रा का फिर से शुरू होना भारत और चीन के बीच एक सीमित लेकिन सकारात्मक सहयोग को दिखाता है। इसे सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग का संकेत भी माना जा सकता है।   recent visitors 23

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहलगाम आतंकी हमले में रायपुर निवासी दिनेश मिरानिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में रायपुर निवासी दिनेश मिरानिया के दुःखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह नृशंस और अमानवीय कृत्य अत्यंत निंदनीय है। आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है, और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। recent visitors 17

रायपुर : मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल : प्रदेश में गर्मी और लू को देखते हुए स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित

रायपुर : मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल : प्रदेश में गर्मी और लू को देखते हुए स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित 25 अप्रैल से 15 जून तक स्कूल रहेंगे बंद रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्कूली बच्चों के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए राज्य के सभी कलेक्टरों से कहा है कि राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में 25 अप्रैल से 15 जून तक अवकाश रखा जाए। सभी स्कूलों में इस निर्देश का कड़ाई से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की तिथि घोषित कर दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि गर्मी को देखते हुए स्कूली बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों में 25 अप्रैल से 15 जून 2025 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा 1 मई से 15 जून तक घोषित की गई थी, गर्मी की तीव्रता को देखते हुए अब इसे संशोधित कर दिया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है और यह शिक्षकों पर लागू नहीं होगा, शिक्षकों की ड्यूटी यथावत जारी रहेगी।   recent visitors 44

डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल श्रम के विरुद्ध प्रदेशव्यापी छापेमारी अभियान के निर्देश

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने कार्यभार ग्रहण के दूसरे ही दिन बाल श्रम की रोकथाम को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेशभर में व्यापक छापेमारी अभियान के निर्देश जारी किए हैं। डॉ. शर्मा ने श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों को आठ बिंदुओं पर आधारित सुनियोजित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल श्रम का उन्मूलन एक दिवस की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सतत अभियान है, जिसे निरंतरता से संचालित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के बाल अधिकारों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल राज्य में बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है। डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2025 से प्रारंभ होकर प्रत्येक तीन माह में सात दिवसीय प्रदेशव्यापी छापामारी अभियान चलाया जाए। इस कार्यवाही में जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस प्रशासन और संबंधित थाना क्षेत्रों की भागीदारी से विशेष दलों का गठन किया जाएगा। अभियान के दौरान पाए गए बाल श्रमिकों को तत्काल आवश्यकतानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यवाहियों के दौरान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पूरी तरह पालन किया जाए। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम प्रतिषेध दिवस (12 जून 2025) को सार्थक बनाते हुए, प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर के समक्ष श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। आम नागरिकों की सहभागिता को बढ़ाने के लिए, डॉ. शर्मा ने श्रम विभाग के अंतर्गत टोल फ्री नंबर की स्थापना और उसके सक्रिय संचालन की अनुशंसा की है, जिससे बाल श्रम संबंधी सूचनाएं त्वरित रूप से प्राप्त की जा सकें। बाल श्रम के मूल कारणों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि बचाए गए बालकों के परिवारों को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए जिला कलेक्टोरेट स्तर पर ‘एकल खिड़की व्यवस्था’ स्थापित करने की सिफारिश की गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को समुचित और त्वरित सहायता दी जा सके। डॉ. शर्मा के यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री साय एवं मंत्री राजवाड़े की मंशा के अनुरूप बाल अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक प्रभावी और दूरदर्शी कदम माने जा रहे हैं। recent visitors 22

बारामूला में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, सेना ने ढेर किए 2 आतंकी, जारी है ऑपरेशन

नईदिल्ली /पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरा बीच में ही खत्म कर बुधवार सुबह दिल्ली लौट आए हैं. दिल्ली एयरपोर्ट पर ही NSA अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव ने पहलगाम अटैक को लेकर उनको ब्रीफिंग दी. पीएम के स्वदेश लौटने के बाद से दिल्ली में हाई लेवल मीटिंगों का दौर जारी है तो दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर में ग्राउंड जीरो पर हालातों का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने मंगलवार देर रात एक बजे तक जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों के साथ लगातार मीटिंग की. उन्होंने अधिकारियों को आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.  बारामूला में LoC के पास घुसपैठ की बड़ी कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है और एनकाउंटर में दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया है. सुरक्षाबलों की टीम ने आतंकियों के पास से दो राइफल और एक आईईडी बरामद किया है. सुरक्षाबलों ने जानकारी देते हुए बताया कि बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है. टीम ने आतंकियों के पास से 2 AK सीरीज की राइफलें और एक IED बम बरामद किया है. इस बारे में जानकारी देते हुए आर्मी के चिनार कॉप्स ने बताया कि बुधवार को 2-3 यूआई आतंकवादियों ने उरी नाला, बारामूला के सामान्य क्षेत्र से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. तभी नियंत्रण रेखा पर सतर्क TPS ने उन्हें रोक लिया इसके बाद आतंकियों ने सुरक्षाबल की टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षाबल की टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन शुरू किया और एनकाउंटर में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है, चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. आतंकवादियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और युद्ध जैसे अन्य सामान बरामद किए गए हैं. बता दें कि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हलमें में 28 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे जो छुट्टियां बिताने यहां आए थे. घटनास्थल जाएंगे अमित शाह बताया जा रहे कि अमित शाह अब से कुछ देर पर पहलगाम में घटना स्थल पर जाएंगे, लेकिन इससे पहले वह अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद आर्म्ड पुलिस हेडक्वार्टर जाएंगे, जहां वह मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद वह दिल्ली लौटेंगे और CCS बैठक में शामिल होंगे. गृह मंत्री के निर्देश के बाद सुरक्षाबलों की कई टीमों ने इलाके को घेरते हुए मंगलवार को ही बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इससे पहले पीएम मोदी ने मंगलवार को सऊदी से ही कश्मीर की स्थिति का आकलन किया था.पीएम मोदी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले को लेकर बातचीत भी हुई. मोहम्मद बिन सलमान ने आतंकवादी हमले की निंदा की. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी परिषद की सह-अध्यक्षता की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करना है. मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर जेद्दा पहुंचे PM मोदी ने कश्मीर की स्थिति का आकलन करने के लिए क्राउन प्रिंस के साथ अपनी निर्धारित बैठक में करीब दो घंटे की देरी की. पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. यह हमला 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है. रात्रिभोज में नहीं शामिल हुए PM मोदी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की लेकिन आधिकारिक रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए और अपनी यात्रा को छोटा करने और मंगलवार रात को स्वदेश लौटने का फैसला किया. प्रधानमंत्री दो दिनों के दौरे के लिए सऊदी गए थे. बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में प्रधानमंत्री शामिल होंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में हाई-लेवल मीटिंग की. आतंकियों ने पर्यटकों के एक ग्रुप को निशाना बनाया, जिसमें करीब 26 लोगों की मौत की आशंका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की हमले की निंदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह हमले की निंदा करते हैं. उन्होंने लिखा, जो लोग इस जघन्य कृत्य के पीछे हैं, उन्हें कठघरे में लाया जाएगा और बख्शा नहीं जाएगा. आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है. डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा कि मुश्किल समय में हम भारत के साथ हैं. आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ अमेरिका मजबूती से खड़ा है.   recent visitors 44

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की घोर निंदा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की घोर निंदा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमले में हुए सभी दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस घृणित कृत्य में अपने प्रिय जन खोने वाले शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला कायराना और अमानवीय कृत्य है। इसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा देश एकजुट है, आतंकवादियों की जम्मू-कश्मीर को अशांत करने की कोई भी साजिश कभी कामयाब नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से हमले में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।   recent visitors 19

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं-12वीं के नतीजे मई में कर सकता है जारी

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 6 मार्च से 7 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के नतीजे जल्द ही घोषित किए जाएंगे। बोर्ड सूत्रों के अनुसार कक्षा 12वीं के रिजल्ट मई के पहले सप्ताह जारी किए जा सकते हैं, वहीं मई के अंत तक कक्षा 10वीं का परिणाम जारी किया जा सकता है। हालांकि बोर्ड की ओर से इसके लिए अभी तक आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। इस वर्ष कक्षा 10वीं की परीक्षा में करीब 10,16,963 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जबकि 12वीं में 11 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए हैं। बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य लगभग पूरा कर लिया है। सभी तैयारियां पूर्ण करने के बाद ही रिजल्ट की तारीख की घोषणा की जाएगी। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपने रोल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन परिणाम चेक कर सकेंगे। इसके लिए छात्रों को राजस्थान बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र एक या दो विषय में 33 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करता है, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। पिछले साल 2024 में भी बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट अलग-अलग तारीखों में जारी किया था और इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है। राजस्थान बोर्ड 12वीं के साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम का परिणाम 15 मई से पहले जारी कर सकता है, जबकि कला वर्ग का परिणाम मई के तीसरे सप्ताह में आने की संभावना है। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। परिणाम को लेकर कोई भी अपडेट सीधे बोर्ड की वेबसाइट या विश्वसनीय समाचार स्रोतों के माध्यम से प्राप्त करें। recent visitors 39