Saturday, July 11, 2026 4:04 am

शादियों के सीजन के बीच सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं और इसका सीधा असर ज्वेलरी रिटेलर्स पर पड़ रहा

नई दिल्ली ऐन शादियों के सीजन के बीच सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं और इसका सीधा असर ज्वेलरी रिटेलर्स पर पड़ रहा है। अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को है और सर्राफा बाजारों से रौनक कम हो रही है। CRISIL रेटिंग्स की एक रिपोर्ट कहती है कि 2026 तक ऑर्गनाइज्ड ज्वेलर्स की सेल (वॉल्यूम) 9-11 प्रतिशत तक घट सकती है। चूंकि सोना महंगा बिकेगा, इसलिए इनकी कमाई (रेवेन्यू) में 13-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। पिछले चार सालों से इनकी कमाई 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ रही है, लेकिन लोग महंगाई की वजह से कम वजन (ग्राम) का सोना खरीद रहे हैं। सोना रिकॉर्ड तोड़ रहा 2025 में सोने की कीमतों में 25 प्रतिशत उछाल आया और अप्रैल 2025 तक ये 20 प्रतिशत और बढ़ चुका है। अगर अब भी कीमतें 4-5 प्रतिशत बढ़ती हैं, तो 2026 में औसत कीमत 22-24 प्रतिशत ज्यादा होगी। सोना भाव आज आईबीजेए के मुताबिक आज 24 कैरेट गोल्ड की बिना जीएसटी कीमत 96075 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इससे पहले बुधवार को यह 96085 रुपये पर बंद हुआ था। जबिक, चांदी के भाव 96613 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 97616 रुपये पर पहुंच गया है। लोगों का बजट टाइट: महंगाई की मार से लोग सोना कम वजन का खरीद रहे हैं। शादी-त्योहार के सीजन में भी यही ट्रेंड देखा गया। ऑफर्स का दौर: रिटेलर्स टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिस्काउंट और प्रोमोशन चला रहे हैं ताकि सेल बनी रहे। कंपनियों को फायदा भी, नुकसान भी मुनाफा बढ़ेगा: सोने की कीमत बढ़ने से रिटेलर्स को "इन्वेंटरी गेन" (खरीदे हुए सोने से ज्यादा दाम पर बेचने का फायदा) होगा। इससे ऑपरेटिंग मार्जिन 7.8-8 प्रतिशत के आसपास पहुंच सकता है, जो पिछले दो सालों से घट रहा था। कर्ज बढ़ेगा, मगर डरने की बात नहीं: नए स्टोर्स और स्टॉक खरीदने के लिए कर्ज बढ़ेगा, लेकिन कमाई और मुनाफा भी बढ़ने से कंपनियां इसे संभाल पाएंगी। CRISIL के मुताबिक, इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो 6 गुना से ज्यादा रहेगा, जो अच्छा संकेत है। सरकारी नीतियां भी साथ दे रही GST और BIS हॉलमार्क की वजह से लोग ऑर्गनाइज्ड रिटेलर्स की तरफ भरोसा कर रहे हैं। पिछले साल गोल्ड इम्पोर्ट पर ड्यूटी कम होने से भी कीमतों को थोड़ी राहत मिली थी। आगे क्या होगा? 2026 में इंडस्ट्री का टर्नओवर 4.5-5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है मगर, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव या सरकारी नियमों में बदलाव (जैसे इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ना) से खतरा बना रहेगा। CRISIL के एक्सपर्ट्स का कहना है, "लोगों का बजट फिक्स्ड है, इसलिए वे कम ग्राम का सोना खरीदेंगे। मगर, ऑर्गनाइज्ड सेक्टर की ग्रोथ बनी रहेगी क्योंकि भरोसा बढ़ रहा है। कर्ज बढ़ेगा, मगर कंपनियों की फाइनेंशियल हेल्थ अच्छी रहेगी।" recent visitors 42

BCCI कैसे देगा इजाजत, पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर को मिलेगा अगले साल IPL खेलने का मौका?

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में खेलने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह अगले साल इस रंगारंग लीग में जरूर खेलना चाहेंगे, लेकिन अगर उन्हें मौका नहीं मिला तो वह पाकिस्तान सुपर लीग में खेलना जारी रखेंगे। बता दें, इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके आमिर लगातार पीएसएल में खेल रहे हैं, मगर अब उनकी इच्छा आईपीएल खेलने की है। अब आपके जहन में सवाल होगा कि आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ी तो बैन है..तो कैसे आमिर को आईपीएल खेलने का मौका मिल सकता है? आईए हम बताते हैं… बता दें, मोहम्मद आमिर की पत्नी नरजिस को ब्रिटेन की नागरिक प्राप्त है। ऐसे में आमिर को उम्मीद है कि उन्हें अगले साल तक ब्रिटेन का पास्पोर्ट मिलने की उम्मीद है। अगर आमिर को पास्पोर्ट मिलता है तो उनके लिए आईपीएल के दरवाजे खुल जाएंगे। मीडिया से बात करते हुए आमिर से पूछा गया कि अगर शेड्यूल में टकराव होता है तो पाकिस्तान सुपर लीग और आईपीएल में से किसे चुनना है, तो उन्होंने सीधा जवाब दिया, "ईमानदारी से कहूं तो अगर मुझे मौका मिला तो मैं आईपीएल में खेलूंगा। मैं यह खुलकर कह रहा हूं। लेकिन अगर मुझे मौका नहीं मिला तो मैं पीएसएल में खेलूंगा। अगले साल तक मुझे आईपीएल में खेलने का मौका मिलेगा और अगर मौका मिला तो क्यों नहीं?" उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि अगले साल आईपीएल और पीएसएल में टकराव होगा। क्योंकि इस साल आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी हुई थी। अगर मुझे पहले पीएसएल में चुना जाता है तो मैं वापस नहीं हट पाऊंगा क्योंकि मुझे बैन कर दिया जाएगा।” बता दें, मोहम्मद आमिर से पहले एक और पाकिस्तानी क्रिकेटर ब्रिटेन की नागरिकता हासिल कर IPL खेल चुके हैं। यह क्रिकेटर और कोई नहीं बल्कि अजहर महमूद थे। अजहर ने 2012-15 के बीच आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए 23 मैच खेले थे। recent visitors 28

शेन वॉर्न की गेंद पर अपरकट से डरते थे सचिन तेंदुलकर, ‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर को जन्मदिन की शुभकामनाएं

नई दिल्ली 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर को जन्मदिन की शुभकामनाएं। 24 अप्रैल 1973 को जन्मे मास्टर-ब्लास्टर जब बल्लेबाजी के लिए उतरते थे तो गेंदबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम थे। लेकिन क्या आपको पता है कि वह इकलौता गेंदबाज कौन था जिसके खिलाफ उन्हें अपना ट्रेडमार्क शॉट खेलना सबसे ज्यादा जोखिम वाला लगता था। सचिन तेंदुलकर 52 वर्ष के हो गए हैं। आज ही के दिन 24 अप्रैल 1973 को उनका जन्म हुआ था। सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार, सबसे ज्यादा रन बनाने वाले क्रिकेटर का गेंदबाजों पर खौफ का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि एक बार महान स्पिनर शेन वॉर्न ने उनके बारे में कहा था कि वह उनके सपनों में भी आते हैं और छक्के जड़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सचिन तेंदुलकर को आखिर किस इकलौते गेंदबाज के खिलाफ अपना ट्रेड मार्क शॉट खेलना सबसे ज्यादा जोखिम वाला लगता था? नाम बहुत ही चौंकाने वाला है। इस सवाल का जवाब है- शेन वॉर्न। चौंकना लाजिमी है कि जो गेंदबाज अपने सपनों में भी उन्हें अपनी गेंदों पर छक्के जड़ता देखता था, उसी की गेंद पर सचिन को अपना पसंदीदा शॉट खेलना सबसे ज्यादा रिस्की लगता था। लेकिन यह सच है और इसका खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद सचिन तेंदुलकर ने किया है। उन्होंने ब्रिटिश न्यूज वेबसाइट 'द टेलिग्राफ' को दिए एक हालिया इंटरव्यू में यह बात कही थी। सचिन के बल्ले से अक्सर जमीन को चूमती हुई निकलती थी गेंद सचिन तेंदुलकर अक्सर ऐसे शॉट मारते थे जो बिल्कुल जमीन से चिपककर निकलती थी। गेंद को हवा में कम ही उछालते थे। इसकी वजह थी किशोरावस्था में गुरु रमाकांत आचरेकर से मिली कड़ी ट्रेनिंग। वह उन्हें 15 मिनट के फाइनल सेशन में एक चैलेंज दिया करते थे। मिडल स्टंप पर सिक्का रखते थे और उस दौरान मैदान में 11 नहीं बल्कि 50 से 70 फील्डर मौजूद होते थे। सचिन अगर बिना आउट हुए सेशन निकाल लिए तो सिक्का उनका। इस ट्रेनिंग की वजह से ही सचिन जब शॉट मारते थे तो गेंद जमीन को जैसे चूमती हुई निकलती थी। कभी-कभी गेंद के नीचे जाकर स्लिप के ऊपर से अपरकट खेलते थे सचिन तेंदुलकर गेंद को हवा में उछालकर मारते ही नहीं थे, ऐसा भी नहीं था। जब भी कभी हालात की मांग होती थी तो वह गेंद के नीचे आने और उसे स्लिप के ऊपर से मारने में नहीं हिचकते थे। अपरकट उनका ट्रेडमार्क बन चुका था। लेकिन एक गेंदबाज ऐसा था जिसके खिलाफ सचिन अपना ये ट्रेडमार्क शॉट खेलने से डरते थे। शेन वॉर्न की गेंद पर अपरकट से डरते थे सचिन तेंदुलकर उन्होंने कहा, 'वर्ल्ड क्रिकेट में बहुत ही कम स्पिनर ऐसे थे जिनकी गेंद के टप्पा खाने के बाद उसके नीचे जाकर बार-बार खेलना समझदारी नहीं थी। वॉर्न उनमें से एक थे। इसलिए उनके खिलाफ मेरा अप्रोच ये होता था कि गेंद के स्पिन होने का इंतजार करता था और जितना लेट हो सके, उतना लेट खेलता था। मैं स्पिन पर ज्यादातर इनसाइड-आउट खेलता था।' शेन वॉर्न ने सचिन तेंदुलकर की तारीफ में कही थी सपनों में छक्के जड़ने की बात दिवंगत शेन वॉर्न फिरकी के जादूगर थे। उनकी गिनती सर्वकालिक महान गेंदबाजों में हुई थी। उन्होंने 1998 के भारत दौरे पर बेशक कहा था कि सचिन तेंदुलकर उनके सपने में भी छक्के उड़ाते दिखते हैं। लेकिन बहुत बाद में उन्होंने साफ किया कि उनका यह बयान अलंकारिक था। फीगर ऑफ स्पीच था लेकिन लोगों ने उसका अर्थ शब्दशः लिया। recent visitors 29

वीआईटी भोपाल में “मैटेरियल्स और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में नवीनतम प्रगति” पर संगोष्ठी का आयोजन

भोपाल, वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के उन्नत विज्ञान एवं भाषाओं के स्कूल के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “मैटेरियल्स और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में नवीनतम प्रगति” विषय पर एक संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस आयोजन में अग्रणी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया और मटेरियल साइंस तथा कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री और फिजिक्स में नवीनतम विकास पर विचार-विमर्श किया। संगोष्ठी में कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने व्याख्यान दिया। डॉ. मृगेन्द्र दुबे, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर, ने उन्नत मैटेरियल्स और जेल सिस्टम्स पर व्याख्यान दिया और उनके विविध औद्योगिक उपयोगों पर प्रकाश डाला। डॉ. स्रीमंता पाखिरा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर, ने क्वांटम अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन किए गए मैटेरियल्स के बारे में बताया और आधुनिक तकनीकी विकास में उनकी भूमिका पर चर्चा की। नोबेल पुरस्कार से संबंधित विशेष सत्र में डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. दीपंकर सूत्रधार, और डॉ. पूजा वर्मा ने अपने शोध कार्यों को साझा किया। डॉ. सूत्रधार ने मैटेरियल्स की इलेक्ट्रॉनिक संरचना और गुणधर्मों पर जानकारी दी, जबकि डॉ. श्रीवास्तव ने कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. वर्मा ने QM/MM (क्वांटम मेकेनिक्स/मॉलिक्यूलर मेकेनिक्स) विधि के बारे में बताया, जिसे 2013 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार मिला था, और इसके द्वारा जटिल आणविक प्रक्रियाओं को समझने की महत्ता को समझाया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. हेमंत कुमार नाशिने, डीन, स्कूल ऑफ एडवांस्ड साइंसेज़ एंड लैंग्वेजेस, और डॉ. महेन्द्रन बोटलागुंटा, असिस्टेंट डीन (रिसर्च), वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषणों में उन्होंने वैश्विक वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान खोजने हेतु सहयोगात्मक और बहु-विषयक अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, पीएचडी शोधार्थी, स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र सक्रिय रूप से शामिल हुए। छात्रों को विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने, अपने शोध विचार साझा करने और अनुसंधान और विकास में भविष्य की संभावनाओं पर मार्गदर्शन प्राप्त करने का अनूठा अवसर मिला। इस कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. सुब्रत नाथ और डॉ. विपिन कुमार मिश्रा द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह संगोष्ठी वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। recent visitors 29

अलका को उत्कृष्ट एरिया ऑफिसर सम्मान, मल्लिका ऑफ़ द सविताली का खिताब भी

बिलासपुर  ‘द एसोसियेशन ऑफ़ द वी क्लब्स ऑफ़ इंडिया’ के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मल्टीपल कॉंफ्रेंस लोनावाला पूणे में डिस्ट्रिक्ट 323-जी-3 की एरिया ऑफिसर -2 वी अलका अग्रवाल को “उत्कृष्ट एरिया ऑफिसर” का सम्मान दिया। कांफ्रेस में देश भर से सेवाभावी आए थे। सेवा को समर्पित वी क्लब्स के वर्ष भर के सेवा कार्याे का आकंलन कर, मल्टीपल डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट वी रजनी शेट्टी जी ने डिस्ट्रिक्ट 323-जी-3 की एरिया ऑफिसर -2 वी अलका अग्रवाल को “उत्कृष्ट एरिया ऑफिसर” का सम्मान दिया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें विभिन्न सेवा कार्यों जैसे गौ सेवा, वृद्ध सेवा, शिक्षा, वृक्षारोपण, नारी स्वाभिमान, फ़ूड फॉर हंगर, महिला स्वरोज़गार हेतु सिलाई मशीन वितरण, ठंड में कंबल वितरण आदि उत्कृष्ट सेवाओं एवं सामाजिक कार्यों में अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। वहीं मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के डिस्ट्रिक्ट 323-जी-3 द्वारा आयोजित डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस “स्पंदन अलंकरण समारोह” में डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट वी अनिता फरमानिया ने अलका को “मल्लिका ऑफ़ सविताली” के खिताब से अलंकृत किया। एसोसिएशन ऑफ ”वी” क्लब्स ऑफ इंडिया समाज की बेहतरी एवं महिला सशक्तिकरण के लिए अपनी सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।  महिला सशक्तिकरण हेतु कॉंफ्रेंस का आयेाजन किया गया। वी अलका अग्रवाल वर्तमान में ”वी” क्लब्स ऑफ इंडिया के एरिया 2 की एरिया आफिसर के रूप में कार्यरत हैं। उनके कुशल नेतृत्व में क्षेत्र में कई सामाजिक, मानव सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां सफलतापूर्वक संपन्न हो रही हैं। कॉंफ्रेंस में एरिया-2 के सभी क्लबों को उनकी सेवा कार्याे और उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया गया । recent visitors 28

मुंबई की पूरी टीम में विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और रोहित को परिचय की कोई जरूरत नहीं है: ट्रेंट बोल्ट

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने कहा है कि रोहित विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और टीम को रिकॉर्ड छठा आईपीएल खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभायेंगे। बोल्ट ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ चार विकेट लेकर मुंबई इंडियंस की लगातार चौथी जीत में सूत्रधार की भूमिका निभाई। सनराइजर्स को आठ विकेट पर 143 रन पर रोकने के बाद रोहित के 46 गेंद में 70 रन की मदद से मुंबई ने 15.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। बोल्ट ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘मुंबई की पूरी टीम में विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और रोहित को परिचय की कोई जरूरत नहीं है। हर कोई टीम की जीत में योगदान देना चाहता है लेकिन रोहित पिछले कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। वह सत्र के बाकी मैचों में हमारे लिये बड़ी भूमिका निभायेगा।’ बोल्ट ने हार्दिक पांड्या की कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हार्दिक जुनूनी क्रिकेटर है और काफी प्रतिभावान भी। वह बेहतरीन कप्तान है और मोर्चे से अगुवाई करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह मेरे पसंदीदा भारतीय क्रिकेटरों में से है लिहाजा उसकी कप्तानी में खेलना शानदार अनुभव है।’’ पहले पांच में से चार मैच हारने के बाद मुंबई ने लगातार चार जीत दर्ज करके प्लेआफ की उम्मीदें कायम रखी है लेकिन बोल्ट ज्यादा आगे की नहीं सोच रहे। उन्होंने कहा, ‘‘शुरूआत में हम लय हासिल नहीं कर सके थे लेकिन लगातार चार जीत के बाद हमने वह कमी पूरी कर दी। हमारी टीम अच्छा खेल रही है और इसे कायम रखना चाहेंगे। ज्यादा आगे की नहीं सोच रहे क्योंकि हालात बदलने में देर नहीं लगती ।अभी टूर्नामेंट में काफी क्रिकेट बाकी है।’’ recent visitors 33

शासकीय स्कूल पर हो रहा बेखौफ कब्जा, विभाग बना अनजान, जांच की उठ रही मांग

मंडला लालीपुर चौराहे स्थित एक बंद प्राथमिक शाला भवन पर बेखौफ तरीके से अतिक्रमण कर लिया गया है। कभी बच्चों के पढ़ाई, खेल और प्रार्थना स्थल रहे इस भवन के मुख्य द्वार पर अवैध रूप से कब्जा कर वहां गेट और सीटें लगा दी गई हैं। अब स्थिति यह है कि शासकीय भवन में प्रवेश के लिए पहले कब्जाधारी से अनुमति लेनी पड़ती है। जानकारी अनुसार यह भवन वर्तमान में जिला शिक्षा केंद्र के अधीन है और विभागीय जानकारी के अनुसार इसे गोदाम के रूप में उपयोग किया जा रहा है। बताया जाता है कि तकनीकी कारणों से यह शाला कुछ वर्ष पूर्व बंद कर दी गई थी। लेकिन विभाग की अनदेखी का लाभ उठाकर अब यह भवन निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। कुछ लोगों का कहना है कि उक्त जगह मंदिर ट्रस्ट की है, जिससे कब्जा करने वाला खरीद कर वहां निर्माण कार्य कराया है, अब दो प्रकार के सवालों का जबाब जांच उपरांत ही मिल सकता है। इस मामले में जब एसडीईओ से चर्चा की गई तो उन्होंने कब्जे की जानकारी से अनभिज्ञता जताई और कहा कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। सवाल यह उठता है कि यदि विभाग सतर्क होता तो यह कब्जा संभव ही नहीं था।          वर्तमान में शहर में आंगनबाड़ी केंद्र सहित कई शासकीय कार्यालयों के लिए भवनों की आवश्यकता है। यदि यह भवन ऐसे किसी कार्य को सौंप दिया जाता, तो आज यह स्थिति न बनती। यह मामला न केवल विभागीय लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभाग कितने गंभीर हैं। अब देखना यह है कि विभाग अवैध कब्जा हटाने में कितनी तत्परता दिखाता है या इसे भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। इनका कहना है- आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है, जांच उपरांत मामला  सही पाए जाने पर कब्जा हटाने की वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। बीईओ, मण्डला recent visitors 14