Thursday, July 9, 2026 8:35 pm

शनिवार 26 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपको यह फैसला लेने के लिए मजबूर कर सकता है कि आप अपनी बात स्थापित करना चाहते हैं या अपनी शांति बनाए रखना चाहते हैं। किसी की सलाह से कीमती परिणाम व सलाह मिल सकती है। आर्थिक रूप से आज का दिन अच्छा रहने वाला है। परिवार के साथ समय बिताएंगे। व्यापारियों को लाभ होगा। वृषभ राशि- आज आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है। आप अपने स्वभाव व व्यक्तित्व से लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। परंतु फिर भी अपनी भावनाओं को वश में रखें। माता का साथ मिलेगा। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। मिथुन राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आज आपको कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। लाइफस्टाइल में बदलाव होने के संकेत हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। किसी यात्रा पर जाने का प्लाम बन सकता है। कर्क राशि- आज आप कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं। संतान की सेहत का ध्यान रखेंगे। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। नई शुरुआत करने का सही समय अभी नहीं है इसलिए अभी शुरुआत ना करें। एक्शन को अपना मार्गदर्शक बनने दें। सिंह राशि- आज आपको वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। चोट से बचने के लिए बैठते समय विशेष ध्यान रखें। पैसे बचाने के आपके प्रयास आज फेल हो सकते हैं। लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते समय अपने कान और आंखें खुली रखें – क्योंकि आपको कोई कीमती सलाह मिल सकती है। कन्या राशि- कार्यस्थल पर सीनियर्स का दबाव और घर में कलह कुछ तनाव ला सकती है। आप घूमने-फिरने और पैसे खर्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो आपको पछताना पड़ेगा। आप अपना समय अपने दिल के करीब लोगों के साथ बिताना चाहेंगे। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। जीवनसाथी के साथ पर नजर रखें। तुला राशि- आज फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। बड़ी प्लानिंग और विचारों वाला कोई व्यक्ति आपका ध्यान आकर्षित करेगा। अपनी गोपनीय जानकारी अपने जीवनसाथी के साथ शेयर करने से पहले सोचें। अगर संभव हो, तो बचने की कोशिश करें क्योंकि वह इसे किसी और को बता सकती है। आज प्यार की कमी महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशि- जिन व्यापारियों और कारोबारियों का संबंध विदेशों से है, उन्हें आज धन हानि होने की संभावना है, इसलिए कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। आपकी उदासी आपके जीवनसाथी को तनाव दे सकती है। कार्यस्थल पर कोई आपकी योजनाओं में खलल डालने की कोशिश कर सकता है। व्यावसायिक उद्देश्य से की गई यात्रा फायदेमंद साबित होगी। धनु राशि- तनाव को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है। व्यापार में मुनाफा आज कई बिजनेसमैन के चेहरे पर हंसी ला सकता है। अगर आप कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं तो अपने काम में नई टेक्निक को शामिल करने की कोशिश करें। आपको अपने जीवन के प्यार से कोई अच्छा सरप्राइज मिल सकता है। मकर राशि- अपने डाइट पर कंट्रोल रखें और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज करें। अगर आप अपने दोस्तों के साथ घूमने-फिरने का प्लान बना रहे हैं तो सोच-समझकर पैसा खर्च करें, क्योंकि आपको धन हानि होने की संभावना है। दिन को बेहतरीन बनाने के लिए आप अपने छिपे हुए गुणों का इस्तेमाल करेंगे। आज जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कुंभ राशि- आज शेड्यूल बिजी होने के बाद भी सेहत अच्छी रहेगी। आज किसी भी तरह का निवेश वर्जित रहेगा। काम का तनाव आपके दिमाग पर हावी हो जाएगा और परिवार और दोस्तों के लिए समय नहीं बचेगा। आप समय की नजाकत को समझते हुए आप अपना समय सबसे दूर एकांत में बिताना पसंद करेंगे। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। मीन राशि- अपने विचार जाहिर करने में संकोच न करें। आत्मविश्वास की कमी को अपने ऊपर हावी न होने दें क्योंकि यह केवल आपकी समस्या को मुश्किल बनाएगा और आपकी ग्रोथ को धीमा कर सकता है। जो लोग लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे उन्हें आज कहीं से धन की प्राप्ति हो सकती है। आप अपने शरीर को फिर से जीवंत करने और फिट बनने के लिए अंतहीन योजना बनाएंगे। recent visitors 51

आपदा प्रबंधन पर जनजातीय छात्रावास में एक दिवसीय कार्यशाला

भोपाल एनडीआरएफ द्वारा भदभदा स्थिति अनुसूचित जाति एवं जनजातीय महाविद्यालयीनबाल छात्रावास में आपदाप्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्राकृतिक आपदा के दौरानजीवनरक्षक, प्राथमिक उपचार एवं प्रबंधनपर केन्द्रित कार्यशाला में एनडीआरएफ के द्वारा  छात्रों एवंस्टॉफ को आपदा संबंधी विभिन्न पहलूओं पर प्रशिक्षित किया गया।  कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय आपदा राहत दलकी 11वीं बटालियन के निरीक्षकश्री सत्यजीत सिंह की अध्यक्षता में किया गया। सहायक आयुक्त अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित इस छात्रावास के छात्रों को एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों द्वारा सर्पदंश, सीपीआर देने एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों को सीपीआर की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत बाढ़ एवं भूकंप जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिये मॉकड्रिल के माध्यम से शेडो प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यशाला के दौरान काउंसलिंग अधिकारी श्री अमित कुमार अरजरिया ने आपातकालीन घटनाओं आपदा की स्थिति में सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिये तैयार करना है। कार्यशाला के समापन पर छात्रावास अधिक्षक श्री संजय गौतम ने एनडीआरएफ टीम और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।   recent visitors 48

प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने के ठोस प्रयास

भोपाल प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को सहेजने और जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये जन भागीदारी के साथ "जल गंगा संवर्धन अभियान" तेजी से आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलों में प्राचीन बावड़ियों और ऐतिहासिक तालाबों के सफाई कार्य को हाथ में लिया गया है। सामान्य जन को आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए विशाल पैमाने पर पौध-रोपण की तैयारी किये जाने की सलाह दी जा रही है। राजमहल बावड़ी की सफाई की गई राजगढ़ जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राजमहल राजगढ़ की प्राचीन बावड़ी की सफाई का अभियान कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार किया गया। सह‌कारिता विभाग के उपायुक्त, बैंक मैनेजर और कर्मचारियों सहित नागरिकों ने अभियान को सफल बनाया। बावड़ी की सफाई का कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प भी लिया गया।    जल चौपाल का आयोजन विदिशा जिले में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रतिदिन जल संरक्षण में जन-भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यानिकी विभाग की टीम द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान पर आधारित कार्यशाला जल-चौपाल का आयोजन कर किसानों और ग्रामीणों को जल के महत्व को बताया गया। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री गिरवाल ने किसानों को उद्यानिकी फसलों के बारे में जानकारी दी। जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में उद्यानिकी विभाग द्वारा जल-चौपाल लगाने की योजना तैयार की गई है। किसानों को परंपरागत फसल के साथ उद्यानिकी फसल लेने की भी सलाह दी जा रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान महत्वपूर्ण अभियान है इस अभियान के अंतर्गत विदिशा जिले के जल स्रोतों को संवारने का कार्य सतत जारी है। इस कार्य में जन अभियान परिषद विदिशा द्वारा चयनित नवांकुर संस्थाओं द्वारा विशेष कार्य किये जा रहे हैं। इन संस्थाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के तालाब, हैंडपम्प, नदी सहित अन्य जल स्रोतों में श्रमदान और साफ-स्वच्छ कर उन्हें सहेजने का कार्य किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सीहोर में संचालित की जा रही अनेक गतिविधियां सीहोर जिले में  जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ सहित अनेक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। अभियान में जिले के अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डैम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं तथा नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित खेत, तालाब, अमृत सरोवर, परकोलेशन टैंक, डगवेल, तालाब जीर्णोद्धार, जनभागीदारी के कार्य, कूप एवं बाउंड्री मरम्मत के कार्य किए जा रहे हैं।  अभियान में नदी के तटों की सफाई की गई। खेड़ा माताजी में बावड़ी की साफ-सफाई की गई नीमच जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में सीईओ जनपद नीमच, सरपंच और जन अभियान परिषद की टीम द्वारा गांव खेड़ा माताजी बिसलवास कला में बावड़ी में साफ-सफाई की गई। पेयजल स्रोत की सफाई के लिये श्रमदान किया गया। ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल संचयन के प्रति जागरूक किया गया। महिलाओं की रही भागीदारी मन्दसौर जिले में जन अभियान परिषद द्वारा रैली, मेंहदी और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान में कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के मार्गदर्शन में जिले में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। सेक्टर क्रमांक एक के ग्राम पिपल्दा (सुजानपुरा) में मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के छात्र एवं महिलाओं ने सफाई कार्य किया। उद्यानिकी कार्यशाला का आयोजन किया गया उज्जैन जिले में कृषकों को जल गंगा संवर्धन अभियान में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर का उपयोग कर पानी की बचत की जानकारी दी गई। किसानों को उद्यानिकी फसलों के महत्व के बारे में बताया गया। विकासखंड महिदपुर की नवांकुर संस्था के सेक्टर क्रमांक-5 "झारड़ा" में जल संरचनाओं की साफ-सफाई व रखरखाव की शपथ दिलाई गई। जन अभियान परिषद द्वारा खाचरौद में छात्रा ज्योति डोहरिया द्वारा जल संरक्षण संदेश हेतु आंगनवाड़ी के बच्चों से चित्रकला प्रतियोगिता करवाई गई। जनपद पंचायत बड़नगर में स्थित तालाब का गहरीकरण कार्य प्रगति पर है। अभी तक 6 हजार घन मीटर मिट्टी की खुदाई की जा चुकी है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत इंगोरिया में हेंडपंप के समीप सोखता गड्डा निर्माण और तालाब का गहरीकरण कार्य ग्राम खंडवाबीबी और सुरजनवासा में किया जा रहा है। जामनेर में जनसहयोग से नदी से निकाली जा रही गाद देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीणों के सहयोग से जिले की जनपद पंचायत खातेगांव की ग्राम पंचायत जामनेर में नदी से गाद निकालकर गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वॉटर लेवल भी बढ़ेगा। इससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा।   recent visitors 42

अंतरराष्ट्रीय मार्गों की उड़ानों को को रद करना शुरू कर दिया गया, आगमन में छह घंटे तक का विलंब

नई दिल्ली भारतीय विमानन कंपनियों पर पाकिस्तान द्वारा अपने एयर स्पेस के इस्तेमाल को लेकर लगाए गए प्रतिबंध का असर अब साफ साफ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्गों की उड़ानों को को रद करना शुरू कर दिया गया है। इंडिगो ने प्रतिबंधों और सीमित वैकल्पिक मार्गों के कारण अलमाटी और ताशकंद इंडिगो के वर्तमान विमान बेड़े की परिचालन सीमा से बाहर हैं। अलमाटी के लिए 27 अप्रैल से 7 मई और ताशकंद के लिए 28 अप्रैल से 7 मई तक की उड़ानें रद कर दी गई हैं। इंडिगो प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने ग्राहकों से अपेक्षा करते हैं कि वे इस स्थिति को समझेंगे। आगमन में छह घंटे तक का विलंब यूरोप, खाड़ी देशों, मध्य एशिया व अमेरिका से आने वाली उड़ानें अब विलंब की चपेट में आ रही हैं। शुक्रवार को कई उड़ानें तो छह छह घंटे विलंब से पहुंची। एअर इंडिया की न्यूयार्क से नई दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एआइ 102 चार घंटे विलंबित रही। शिकागो से नई दिल्ली पहुंची एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआइ 126 के आगमन में पांच घंटे का विलंब हुआ। सेन फ्रांसिस्को की फ्लाइट छह घंटे की देरी से दिल्ली पहुंची सेन फ्रांसिस्को से नई दिल्ली आ रही उड़ान के आगमन में छह घंटे का विलंब हुआ। लंदन से एअर इंडिया की जिस उड़ान संख्या एआई 112 आइजीआई एयरपोर्ट पर बृहस्पतिवार देर रात 3.10 बजे लैंडिंग करनी थी, वह सुबह करीब पौने सात बजे पहुंची। पेरिस से आ रही एअर इंडिया की उड़ान संख्या 142 को शुक्रवार सुबह 8.35 बजे लैंडिंग करनी थी, यह करीब 10 बजे पहुंची। फ्रेंकफर्ट की उड़ानों के आगमन में विलंब की स्थिति विएना, एम्सटर्डम, फ्रेंकफर्ट की उड़ानों के आगमन में विलंब की स्थिति रही। दुबई, शारजाह, जेद्दा, अबूधाबी, बहरीन से आ रही उड़ानों में एक से तीन घंटे का विलंब देखने को मिला। उधर अजरबैजान की बात करें तो इसकी राजधानी बाकू से नई दिल्ली की उड़ान के आगमन में साढ़े घंटे का विलंब रहा। इसी तरह जार्जिया की राजधानी तिब्लिसी की उड़ान नई दिल्ली करीब पांच घंटे की देरी से पहुंची। जारी हुई एडवाइजरी विमानन कंपनियों ने भी एडवाइजरी जारी कर यात्रियों व उनके स्वजन को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए एडवाइजरी जारी की। इंडिगो ने कहा कि यदि आपकी उड़ान प्रभावित हो रही है तो आप कस्टमर केयर या हमारी वेबसाइड पर जाकर हरसंभव सहायता पा सकते हैं। इसमें रिबुकिंग या रिफंड जैसे विकल्प मौजूद हैं। एअर इंडिया ने एडवाइजरी में कहा कि उत्तर अमेरिका, यूके, यूरोप व मध्य पूर्व से जुड़ी उड़ानें अब परंपरागत मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्ग अपना रही हैं। इससे यात्रा का समय बढ़ेगा। ऐसे बढ़ गई दूरी बाकू व नई दिल्ली के बीच चलने वाली इंडिगो की उड़ान पहले कैस्पियन सागर, ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान होते हुए भारत में प्रवेश कर पहले राजस्थान फिर हरियाणा होते हुए नई दिल्ली में दाखिल हो जाती थी। अब इसी उड़ान को बाकू से कैस्पियन सागर के बाद ईरान में प्रवेश करना पड़ता है। उत्तर से दक्षिण तक पूरे ईरान को लांघने के बाद विमान सीधा अरब सागर के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल होता है। इसके बाद गुजरात, राजस्थान, हरियाणा होते हुए नई दिल्ली में प्रवेश करता है। यह दूरी पहले के मुकाबले कम से कम 30 प्रतिशत अधिक है। recent visitors 42

फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग, मंत्री सारंग ने किया स्थल का निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को सुभाष नगर आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) के प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की रूपरेखा का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग (सेतु), नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मार्ग का अवलोकन कर थर्ड लेग निर्माण में आने वाली संभावित बाधाओं की समीक्षा कर उन्हें दूर करने के भी निर्देश दिए। फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से अब तक 10 फ्लाई ओवरों की सौगात दी है। विगत वर्ष बने सुभाष नगर आरओबी से 5 लाख नागरिकों को सुविधा मिल रही है। अब इसी आरओबी का विस्तार करते हुए इसका ‘थर्ड लेग’ तैयार किया जाएगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा। थर्ड लेग से भेल क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को एमपी नगर एवं न्यू भोपाल पहुँचने में और अधिक सुगमता होगी। सुभाष नगर थर्ड लेग होगा सिविल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह थर्ड लेग तकनीकी दृष्टि से अत्यंत उन्नत होगा तथा सिविल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा और अत्यंत आकर्षक डिज़ाइन के साथ कर्व लेते हुए निर्मित किया जाएगा। इसके निर्माण में लगभग 242 मीटर का स्पान शामिल होगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रूपये है। उन्होंने बताया कि थर्ड लेग की डिजाइन तैयार हो चुकी है और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यातायात की सुगमता के लिए आवश्यक है फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि वर्तमान में भेल क्षेत्र की ओर से आने वाले यात्रियों को सुभाष नगर फ्लाई ओवर पर चढ़ने के लिए प्रभात चौराहा होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। थर्ड लेग के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। अब भेल से आने वाले वाहन पुराने फ्लाई ओवर पर सीधे चढ़ सकेंगे। इसके साथ ही मैदा मिल और एमपी नगर की ओर से भेल क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अब प्रभात चौराहे का रूट नहीं लेना पड़ेगा और मैदा मिल की तरफ से थर्ड लेग से चढ़कर मोती नगर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि यह थर्ड लेग यात्रियों को सीधे और सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और अच्छी होगी| मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में ट्रैफिक सिस्टम को सुव्यवस्थित करने के लिए हमने एक ठोस कार्य योजना बनाई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जा रहा है। यह थर्ड लेग ना सिर्फ यातायात सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को भी एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है।   recent visitors 42

भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक सख्त फैसले ले रहा, सिंधु जल संधि खत्म करने का प्लान तैयार

जम्मू-कश्मीर कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक सख्त फैसले ले रहा है. आतंकियों का पनाहगार बन चुके पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने की घोषणा की थी. अब सूत्रों की मानें तो भारत सरकार ने पाकिस्तान को सिंधु नदी के पानी के प्रवाह को रोकने का फैसला किया है. इसके लिए सिंधु बेसिन नदियों के किनारे बांधों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पानी रोकने की क्षमता होगी. मोदी सरकार तीन टर्म में अपने फैसले को लागू करने का प्लान बना रही है. जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने आजतक से विशेष बातचीत में सिंधु जल संधि को लेकर भारत सरकार के नए रुख की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि के तहत जो निर्णय किया गया है, उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा, लेकिन अब इसे टर्म यानी तीन चरणों- तुरंत, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म में लागू किया जाएगा. मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत से पाकिस्तान को एक बूंद भी पानी न जाए, इसकी पूरी व्यवस्था की जाएगी. आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से बढ़ाई जाएगी बांधों की क्षमता सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोकने की तैयारी शुरू कर दी गई है और इसका असर जल्द ही देखा जा सकेगा. सरकार बांधों की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी और गाद हटाकर अधिक पानी को संग्रहित किया जाएगा. वर्ल्ड बैंक, जिसने यह संधि कराई थी, को भी भारत सरकार के इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है. इस फैसले पर तुरंत अमल शुरू किया जा रहा है. आज इस मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जलशक्ति मंत्री सीआर. पाटिल के बीच अहम बैठक भी हुई. इसको लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि पाकिस्तान में सिंधु नही का एक बूंद पानी भी नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने एक्स पर लिखा, "मोदी सरकार द्वारा सिंधु जल संधि पर लिया गया ऐतिहासिक निर्णय पूर्णतः न्यायसंगत और राष्ट्रहित में है.हम ख्याल रखेंगे की पाकिस्तान में सिंधु नदी का एक बूंद पानी भी नहीं जाए." भारत ने पाकिस्तान को आधिकारिक रूप से दी जानकारी बता दें कि इससे पहले, सरकार ने संधि को निलंबित करने के अपने फैसले को लागू करने के लिए एक औपचारिक अधिसूचना जारी की और गुरुवार को इसे पाकिस्तान को सौंप दिया. अधिसूचना में कहा गया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जा रहा है, जिससे सिंधु आयुक्तों के बीच बैठकें, डेटा साझा करना और नई परियोजनाओं की अग्रिम सूचना सहित सभी संधि दायित्वों को प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया गया है. संधि के अब निलंबित होने के बाद, भारत पाकिस्तान की अनुमति या परामर्श के बिना नदी पर बांध बनाने के लिए स्वतंत्र है. पाकिस्तानी अधिकारियों को संबोधित एक पत्र में, भारत की जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद सिंधु जल संधि के तहत भारत के अधिकारों में बाधा डालता है. पत्र में लिखा है, "सद्भावना के साथ संधि का सम्मान करने का दायित्व संधि के लिए मौलिक है. हालांकि, इसके बजाय हमने जो देखा है वह यह है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर लगातार सीमा पार आतंकवाद जारी है." पाकिस्तान ने बताया था युद्ध की कार्रवाई वहीं पाकिस्तान ने गुरुवार को सिंधु जल संधि को भारत द्वारा निलंबित करने के फैसले को खारिज कर दिया और कहा कि संधि के तहत पाकिस्तान के पानी के प्रवाह को रोकने के किसी भी कदम को "युद्ध की कार्रवाई" के रूप में देखा जाएगा. दोनों देशों ने नौ साल की बातचीत के बाद सितंबर 1960 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका एकमात्र उद्देश्य सीमा पार की नदियों से संबंधित मुद्दों का प्रबंधन करना था. पाकिस्तान पर बड़ा असर विशेषज्ञों के अनुसार, भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने से पाकिस्तान की कृषि अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है, जिससे महत्वपूर्ण जल डेटा साझाकरण बाधित होगा और प्रमुख फसल मौसमों के दौरान प्रवाह कम होगा. विश्व बैंक की मध्यस्थता में, संधि पूर्वी नदियों – सतलुज, ब्यास और रावी को भारत को और पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब को पाकिस्तान को आवंटित करती है. लगभग 135 एमएएफ का औसत वार्षिक प्रवाह बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को आवंटित किया गया था.   recent visitors 47

6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई गेहूँ खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख 85 हजार 477 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसान गेहूँ उपार्जन के लिये 30 अप्रैल तक स्लाट बुक करा सकते हैं। प्रदेश में अभी तक जिला सीहोर में 6 लाख 9 हजार 192, उज्जैन में 5 लाख 98 हजार 610, विदिशा में 4 लाख 63 हजार 658, रायसेन में 4 लाख 63 हजार 338, शाजापुर में 3 लाख 26 हजार 19, भोपाल में 3 लाख 12 हजार 598, राजगढ़ में 3 लाख 01 हजार 900, देवास में 2 लाख 64 हजार 84, नर्मदापुरम में 2 लाख 61 हजार 47, इंदौर में 2 लाख 16 हजार 494, सागर में 1 लाख 97 हजार 658, आगर मालवा में 1 लाख 64 हजार 280, सिवनी में 1 लाख 57 हजार 254, मंदसौर में 1 लाख 44 हजार 379, हरदा में 1 लाख 3 हजार 663, रतलाम में 86 हजार 565, दमोह में 85 हजार 705, नरसिंहपुर में 74 हजार 855, श्योपुर में 50 हजार 190, दतिया में 46 हजार 310, शिवपुरी में 42 हजार 812, खण्डवा में 40 हजार 149, छतरपुर में 36 हजार 501, ग्वालियर में 35 हजार 229, कटनी में 34 हजार 48, गुना में 33 हजार 200, रीवा में 31 हजार 689, जबलपुर में 30 हजार 940, अशोकनगर में 30 हजार 876, नीमच में 30 हजार 241, पन्ना में 29 हजार 433, मण्डला में 29 हजार 340, भिण्ड में 26 हजार 204, बैतूल में 21 हजार 442, झाबुआ में 21 हजार 195, मैहर में 19 हजार 643, छिन्दवाड़ा में 17 हजार 896, मुरैना में 15 हजार 60, टीकमगढ़ में 8 हजार 628, शहडोल में 2 हजार 943, खरगौन में 2595, निवाड़ी में 1557, सिंगरौली में 1370, उमरिया में 1360, डिण्डोरी में 1254, मऊगंज में 1227, सीधी 874, बालाघाट में 636, अनूपपुर में 463 अलीराजपुर 214 और पांढुर्णा में 44 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।   recent visitors 40