Tuesday, July 7, 2026 9:34 am

एनआईए को सौंपी पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच , चश्मदीदों से बारीकी से की जा रही पूछताछ

नई दिल्ली पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है। रविवार को एजेंसी के एक पुलिस महानिरीक्षक, एक पुलिस उपमहानिरीक्षक और एक पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में गठित टीमों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बायसरन घाटी में हुए हमले के चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एजेंसी ने पहलगाम आतंकी हमला की जांच शुरू की है। अधिकारियों ने बताया कि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए चश्मदीदों से बारीकी से पूछताछ की जा रही है। एनआईए आतंकियों के प्रवेश और निकास बिंदुओं की बारीकी से जांच कर रही है। फोरेंसिक और अन्य विशेषज्ञों की सहायता से टीमें पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर रही हैं, ताकि आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। टीमें बुधवार से ही हमले वाली जगह पर डेरा डाले हुए हैं। हमले के बाद से पूरी कश्मीर घाटी में 63 आतंकी ठिकानों पर छापे मारे गए और 1,500 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। अकेले अनंतनाग से ही करीब 175 संदिग्ध पकड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर समेत कई अन्य जगहों पर भी आतंकियों व उनके समर्थकों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारकर संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की गई है। ये आतंकी पाकिस्तानी दहशतगर्दों को रसद व जमीनी सहायता के अलावा सुरक्षित पनाह भी मुहैया कराते हैं। इनमें तीन हिजबुल मुजाहिदीन, आठ लश्कर और तीन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। अधिकारियों ने बताया, शुक्रवार रात पुलवामा, शोपियां व कुलगाम में आतंकियों के घर ध्वस्त किए गए। पुलवामा के मुरान में अहसान उल हक शेख का घर ढहाया गया। 2018 में पाकिस्तान में प्रशिक्षण लेने वाले अहसान ने हाल में घुसपैठ की थी। शोपियां के छोटीपोरा में लश्कर के शीर्ष कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे का घर ध्वस्त किया गया। तीन-चार वर्षों से सक्रिय कुट्टे कई वारदातों में शामिल रहा है। कुलगाम के मतलहामा में जाकिर अहमद गनी का घर भी गिरा दिया गया। गनी 2023 से सक्रिय है। दक्षिण कश्मीर के कलरूस स्थित लश्कर आतंकी फारूक तीड़वा का घर ध्वस्त कर दिया गया। शोपियां के वांदिना जैनापोरा में आतंकी अदनान शफी का घर भी ढहाया गया। एक साल से सक्रिय शफी ने एक गैर स्थानीय श्रमिक की हत्या की थी। इससे पहले, हमले के मुख्य संदिग्ध सहित दो आतंकियों आदिल ठोकर व आसिफ शेख के घर तलाशी के दौरान विस्फोटक फटने से नष्ट हो गए थे। सुराग हासिल करने की कोशिश सुरक्षाबलों ने घाटी में मौजूद आतंकियों व उनके समर्थकों की व्यापक तलाश और धरपकड़ शुरू की है। हिरासत में लिए संदिग्ध आतंकी संगठनों से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओडब्ल्यूजी) व उनके मददगार हैं। इनमें से अधिकतर दक्षिण कश्मीर के चार जिलों से हैं। सुरक्षा एजेंसियां इनसे आतंकियों के ठिकानों का  पता हासिल करने की कोशिश में जुटी हैं। शनिवार को एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी सुरक्षाबलों ने शनिवार को श्रीनगर में भी एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापे मारे। अनंतनाग में भी सुरक्षाबल सख्त तलाशी अभियान चला रहे हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए पूरे जिले में मोबाइल वाहन जांच चौकियां बनाई गई हैं। बड़ी साजिश नाकाम: आतंकी ठिकाना ध्वस्त, हथियार बरामद कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी ठिकाना ध्वस्त करते हुए बड़ी साजिश नाकाम कर दी। वहां से भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद हुए हैं। मुश्ताकाबाद मच्छिल के सेदोरी नाला वन क्षेत्र में ठिकाने से पांच एके-47 राइफलें, आठ एके-47 मैगजीन, एक-एक पिस्तौल व मैगजीन, एके-47 की 660 गोलियां और एम4 गोला-बारूद की 50 गोलियां शामिल हैं। पुलिस ने दावा किया कि आतंकी क्षेत्र में शांति व व्यवस्था बिगाड़ने के मकसद से गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश कर रहे थे। recent visitors 18

कुपवाड़ा के कंडी में आतंकियों ने की गोलीबारी, स्थानीय निवासी की मौत

जम्मू 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद एक बार फिर रविवार को आतंकियों ने कुपवाड़ा के कंडी में हमला किया है। इस बार आतंकियों ने स्थानीय निवासी को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की। जिसमें एक शख्स घायल हो गया है, उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, कुपवाड़ा के कंडी खास निवासी गुल रसूल माग्रे पर आतंकियों ने गोलीबारी की है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने बताया कि उनके पेट में गोली लगी थी। इधर, पहलगाम हमले के बाद से पूरी कश्मीर घाटी में 63 आतंकी ठिकानों पर छापे मारे गए और 1,500 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। अकेले अनंतनाग से ही करीब 175 संदिग्ध पकड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर समेत कई अन्य जगहों पर भी आतंकियों व उनके समर्थकों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारकर संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की गई है। ये आतंकी पाकिस्तानी दहशतगर्दों को रसद व जमीनी सहायता के अलावा सुरक्षित पनाह भी मुहैया कराते हैं। इनमें तीन हिजबुल मुजाहिदीन, आठ लश्कर और तीन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। recent visitors 23

भारत सरकार का अतिउत्कृष्ट सेवा पदक उप पुलिस अधीक्षक वर्मा को

इंदौर मध्यप्रदेश पुलिस के उप पुलिस अधीक्षक राजिन्दर सिंह वर्मा को वर्ष 2024 के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार का ‘‘अतिउत्कृष्ट सेवा पदक’’ प्रदाय करने की घोषणा की गई।        वर्तमान में पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूगल इंदौर बतोर उप पुलिस अधीक्षक बाह्रय प्रशिक्षण मुख्या लय के पद पर कार्यरत है श्री वर्मा पुलिस विभाग में 28 वर्षो से कार्यरत है। श्री वर्मा जिला बड़वानी के ग्राम के पाटी  के रहने वाले है अपने कार्यकाल के दौरान रेडियो झोन इन्दौर के समस्त 14 जिलो व नर्मदा डूब क्षैत्र, पुर्नवास क्षैत्रों में संचार व्यवस्था एवं रख रखाव सुदृढ़ रखने में अथक प्रयास किये। वर्ष 2016 में सिहंस्थ दत्त अखाडा में उज्जैन के जोनल प्रभारी के रूप में उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों के बीच संचार का प्रबंधन में समन्वय स्थापित किया इसके लिए उन्हें  ‘‘सिंहस्थ ज्योति मेडल दिया गया।'  वर्ष 2018 में बालाघाट नक्सल प्रभावित रेन्ज में डीएसपी रेडियो रेंज के रूप में तैनात किया गया था जहां उन्होंने पूरे नक्सल रेन्ज के संचार और प्रबंधन को बनाए रखने के लिये उल्लेखनीय कार्य किया। रेडियो रेंज खरगोन के समस्त जिलों में पुलिस और प्रशासन के संचार का रखरखाव, प्रबंधन, सीसीटीवी और डायल 100 जैसी महत्वपूर्ण योजना को बेहतर तरीके से स्थापित करने में सहयोग प्रदान किया। वर्ष 2019-20 में करोना वायरस महामारी के कोविड-19 दौरान उन्होंने तालाबंदी व संगरोध केंद्र का लगातार कानून व्यैवस्थाण को बनाये रखने का कार्य किया।         पुलिस की सराहनीय सेवाओं के लिए ‘‘राष्ट्रपति का पुलिस पदक’’, ‘‘यूनियन होम मिनिस्टर मेडल फॉर एक्सिलेंस इन पुलिस टेनिंग’’, पुलिस महानिदेशक महोदय का प्रशंस्तीउ पत्र एवं डिस्क्, कर्मवीर योद्धा पदक से नवाजा गया ।             ‘‘अतिउत्कृष्ट सेवा पदक’’ के मिलने पर पी.आर.टी.एस. प्रमुख निदेशक/पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री आर.के.सिंह, भापुसे, पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्रशेखर चन्द्रावत एवं साथी अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा बधाई दी गई। श्री वर्मा का व्यक्तित्व एवं कार्यशैली अन्य शासकीय सेवकों के लिए उत्साहवर्धन एवं प्रेरणा स्वरूप कार्य करेगी। recent visitors 12

महिलाओं के लिए मिसाल बनी अनीता गंधर्व

बिलासपुर, कोटा ब्लॉक के मिट्ठू नवागांव गांव में एक अलग दृश्य दिखाई पड़ता है, जहां गांव में रहने वाली अनीता गंधर्व राज मिस्त्री का काम करते हुए दिखती है। अपने काम में पारंगत अनीता आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल बन गई है, वो एक ऐसा कार्य कर रही हैं,जिसमें अब तक पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है। राज मिस्त्री का काम कर अपने परिवार को आर्थिक संबल देने के साथ ही बिहान योजना की अन्य आजीविका गतिविधियों के जरिए अनीता अब लखपति दीदी भी बन चुकी है।            स्व सहायता समूह में जुड़ने से पहले अनीता के घर की अर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। सन् 2019 में अनीता राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना की वंदना महिला स्व सहायता समूह मे जुडी जहां उन्हें छोटे बड़े खर्च के लिए ऋण मिल जाया करता था, जिससे अनीता ने अपने घर के कई जरूरी काम करवाए।  बिहान योजना के तहत  ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण केंद्र (कोनी) में अनीता ने निः शुल्क राज  मिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अनीता ने ये काम शुरू करने का विचार किया। लेकिन ये आसान नहीं था,काम के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लोगों के लिए ये स्वीकार करना मुश्किल था कि कोई महिला ये काम बेहतर ढंग से कर पाएगी। अनीता बताती हैं कि जब वे काम की तलाश में जाती तो लोग मजाक बनाते कि एक महिला राज मिस्त्री का काम क्या कर सकेगी। लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के तहत जब ग्राम में शौचालय बनवाने का काम आया तो समूह की दीदियों और बिहान टीम ने  उनका उत्साह वर्धन किया ,साथ ही ग्राम के सरपंच ने भरोसा करते हुए काम करने का मौका दिया। अनीता खुश होकर बताती है कि "मैने गांव में शौचालय निर्माण का काम सफलतापूर्वक पूरा किया ,इसके बाद नल जल योजना के साथ साथ ग्राम में  15 आवास का भी निर्माण किया।       अनीता कहती है कि बिहान योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी समूह से CIF और बैंक लोन के सहायता से अब होटल और गुपचुप चाट का व्यवसाय भी शुरू कर दिया है, जिससे होने वाली आजीविका ने उन्हे लखपति दीदी की श्रेणी में ला दिया है। अनीता ने बताया कि अपने घर का निर्माण भी उन्होंने खुद ही किया जिससे पैसे की काफी बचत हुई।अब वह अपने अपने परिवार का पालन पोषण बेहतर तरीके से कर पा रही है। अब गांव की महिलाएं भी ये कार्य सीखना चाहती हैं। अनीता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहती है कि बिहान योजना ने उनका जीवन संवार दिया है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की इस योजना ने उन जैसी महिलाओं को बड़ा सहारा दिया है। recent visitors 28

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 19 वर्षीय गुमशुदा नवयुवती को प्रयागराज ( उत्तर प्रदेश ) से किया दस्तयाब

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान जी द्वारा जिले में गुम महिला एवं पुरूषों की तलाश कर परिजनो को मिलवाये जाने हेतु सभी थानो में तत्परता पूर्वक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके पालन में कोतवाली पुलिस द्वारा शुक्रवार को तीन माह से गुमशुदा 19 वर्षीय नवयुवती को प्रयागराज उ.प्र. से दस्तयाब कर परिजनो के किया सुपुर्द किया है। रिपोर्टकर्ता रमेश डोमार पिता स्व. नेहा डोमार उम्र करीब 48 साल निवासी वार्ड न. 02 पटौराटोला अनूपपुर के द्वारा दिनांक 22.01.25 को थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी 19 वर्षीय पुत्री घर से बिना बताये चली गई है, जो उक्त रिपोर्ट पर गुम इंसान क्रमांक 05/25 दर्ज किया जाकर पुलिस द्वारा तलाश एवं जांच की गई। टी. आई.कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन के निर्देशन में   सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र प्रताप सिहं, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिहं एवं महिला आरक्षक अंकिता सोनी के द्वारा शुक्रवार को प्रयागराज उ.प्र. से उक्त नवयुवती को दस्तयाब कर परिजनो को सुपुर्द किया गया है। recent visitors 15

बड़े स्तर पर की जा रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में घपलेबाजी

एमसीबी एमसीबी जिला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनाई जा रही मेंड्राडोल से भर्रीडांड तक की सड़क में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। योजना के तहत निर्माणाधीन इस सड़क में कुल 08 पुलियों का निर्माण होना था, लेकिन ठेकेदार द्वारा मात्र 05 पुलिया ही बनाई गईं। शेष 03 पुलियों को दिखाने के लिए ग्राम पंचायत की पुरानी जर्जर पुलियों की मरम्मत कर उन्हें 'नई' पुलिया बता दिया गया है। यह सरासर घोटाला और जनता के पैसों की लूट है। बोर्ड पर भी साफ तौर पर 08 पुलियों के निर्माण का उल्लेख है, जिससे इस गड़बड़ी की पुष्टि होती है। स्थानीय गाँव वाले जब निर्माण स्थल पर कार्य देख रहे थे उन्हों ने बताया कि इस सड़क पर पहले से दो पुलिया ग्राम पंचायत द्वारा पहले से बनवाई हुई थी। वही एक व्यक्ति से पूछताछ करने पर, जो खुद को इस प्रोजेक्ट का सुपरवाइजर बताता है, तो उसने बेहद गैरजिम्मेदाराना जवाब दिया: "आप ठेकेदार से मिलिए या विभागीय अधिकारी से बात कीजिए। मैं कुछ नहीं बता सकता कि 08 की जगह 05 पुलिया क्यों बनीं।"       वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी न तो कार्यालय में मिलते हैं, न ही उनका मोबाइल उठाया जाता है। इससे साफ है कि पूरे मामले को दबाने और लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।        ठेकेदार का इतिहास भी सवालों के घेरे में है। एमसीबी जिले में इससे पहले भी उसके द्वारा निर्मित एक सड़क को लेकर कलेक्टर को शिकायत की जा चुकी है। अब इस पुलिया घोटाले ने एक बार फिर विभाग की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।       जनता की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्या विभाग सोई हुई नींद से जागेगा या ये पुलियों का घोटाला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? यह सिर्फ एक सड़क का नहीं, व्यवस्था की नीयत का मामला है। recent visitors 20

प्रदेश में अवैध परिवहन की रोकथाम के लिये एआई पर आधारित मानव-रहित 41 चेक-गेट होंगे स्थापित

 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अवैध खनन भंडारण एवं परिवहन की रोकथाम के लिये ऑर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस (एआई)का उपयोग कर खनन निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है। इस प्रणाली के अंतर्गत प्रदेश की समस्त स्वीकृत 7502 खदानों की जियो टेगिंग कर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया जा चुका है। सैटेलाइट इमेज एवं रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी की सहायता से प्रदेश में हो रहे अवैध उत्खनन एवं भंडारण पर निगरानी रखी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रणाली खदान क्षेत्र के बाहर हो रहे अवैध उत्खनन का पता लगाने में सक्षम होगी। इसके अंतर्गत एक निश्चित समय अंतराल पर सतत रूप से प्राप्त सेटेलाइट इमेजेस का विश्लेषण कर सिस्टम द्वारा राज्य एवं जिला प्रशासन को अलर्ट भेजे जायेंगे। क्षेत्रीय अमले द्वारा मोबाइल ऐप से परीक्षण एवं निरीक्षण कर पोर्टल अथवा मोबाइल ऐप पर रिपोर्ट दर्ज कर प्रकरण पंजीबद्ध किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर खदान या उसके बाहर ड्रोन सर्वे कर वॉल्युमेट्रिक एनालिसिस से वास्तविक उत्खनित मात्रा का पता लगाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर अर्थदण्ड अधिरोपित करने की परियोजना भी प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिये नवीन तकनीक एआई पर आधारित मानव-रहित चेक-गेट पूरे प्रदेश में स्थापित किये जा रहे हैं। प्रदेश में 41 ऐसे स्थल चिन्हांकित किये गये हैं, जहाँ से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों का सर्वाधिक आगमन होता है। चेक-गेट स्थापित करने के लिये टेण्डर के माध्यम से रेल टेल कॉर्पोरेशन को सर्विस प्रोवाइडर के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल के आस-पास 4 स्थानों पर ई-चेकगेट स्थापित किये गये हैं। निगरानी के लिये राज्य स्तर पर भोपाल में कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर और जिला स्तर पर भोपाल एवं रायसेन में जिला स्तरीय कमाण्ड सेंटर स्थापित किया गया है। ई-चेकगेट में वेरीफोकल कैमरा, आर.एफ.आई.डी. रीडर, ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहन की जाँच के प्रावधान हैं। प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के अंतर्गत विभाग की गतिविधियों को ऑनलाइन करने के लिये एनआईसी द्वारा वेब पोर्टल (ई-खनिज) बनाया गया है। ई-खनिज पोर्टल को परिवहन विभाग के पोर्टल साथ लिंक किया गया है। इससे पट्टेदार/ट्रांसपोर्टर खनिज परिवहन करने के लिये ऑनलाइन वाहनों का रजिस्ट्रेशन ई-खनिज पोर्टल पर कर सकते हैं। डिजिटल इण्डिया अंतर्गत विभाग द्वारा ई-खनिज पोर्टल से खनिजों के परिवहन के लिये ऑनलाइन परिवहन पारपत्र (e-TP) की सेवाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत कोई भी पट्टेदार रॉयल्टी एवं अन्य राशि का भुगतान करने के बाद ई-टीपी प्राप्त कर सकता है। खनिजों के परिवहन में संलग्न वाहनों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के 55 जिलों में ई-खनिज पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ई-टीपी सेवाओं को लागू किया जा चुका है। इस व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। साथ ही अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण की जानकारी एमआईएस रिपोर्ट के रूप में प्राप्त की जा रही है। ई-टीपी की व्यवस्था लागू होने से पट्टेदार द्वारा ऑनलाइन रॉयल्टी का भुगतान किया जा रहा है। इससे केशलैस ट्रॉन्जेक्शन की मंशा भी पूरी की गयी है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये खनिज परिवहन किये जाने वाले वाहनों का ई-रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत विभिन्न आवेदनों को ऑनलाइन ई-खनिज पोर्टल के माध्यम से जमा करने की व्यवस्था लागू की गयी है। विभागीय पोर्टल द्वारा खनिज अन्वेषण एवं खदानों की जानकारी आमजन को उपलब्ध करायी जा रही है। नवीन पोर्टल ई-खनिज 2.0 सुशासन से एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत विभिन्न प्रक्रियाओं को सरलीकृत किया जा रहा है। नवीन पोर्टल ई-खनिज 2.0 को सिंगल विण्डों से विभाग से संबंधित विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिये विभाग द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने तथा इसके निराकरण के लिये ऑनलाइन व्यवस्था प्रदाय की जायेगी। विभिन्न सेवाओं को मोबाइल ऐप से आमजन तक तथा पट्टेदारों को मोबाइल पर उपलब्ध कराया जा सकेगा। पट्टेदारों एवं नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिये ऑनलाइन प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराया जायेगा।   recent visitors 19