Sunday, July 5, 2026 11:07 pm

बच्चों के अधिकारों की रक्षा छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला-सह-परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राजवाड़े ने कहा,  है। बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है। संबंधित विभाग समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से लें ताकि जो बच्चे बाल सुधार गृह तथा अन्य स्थानों पर हैं वह पुनः अपराध न करें। श्रीमती राजवाड़े ने सभी को बाल विवाह रोकने शपथ भी दिलाई और बताया कि छत्तीसगढ़ में लगातार बाल विवाह में गिरावट आ रही है जिसे सबके सहयोग से हमें शून्य तक ले जाना है। कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है। हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, नियमों एवं संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी देना और उन्हें बाल अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना था। तकनीकी सत्रों में प्रशिक्षकों श्री विपीन ठाकुर एवं श्री शरवत हुसैन नकवी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए कानूनों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी और संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी ने विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के कार्यों की जानकारी साझा की। कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक कार्यकर्ता, विभागीय कर्मचारी तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अंतर्गत विधि से संघर्षरत बच्चों एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और उनके सर्वाेत्तम हितों की रक्षा संबंधी प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत बालकों के प्रति अपराधों की रोकथाम और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बाल शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने तथा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। recent visitors 35

60% भारतीयों को नहीं है AI की जानकारी

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भले ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हो रही हो, लेकिन एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में इसकी पहुंच अब भी शुरुआती दौर में है. Google और मार्केट रिसर्च कंपनी Kantar India की एक संयुक्त स्टडी के मुताबिक, भारत में 60% से ज्यादा लोग अभी भी AI से अनजान हैं, और सिर्फ 31% लोगों ने ही कभी कोई जनरेटिव AI टूल इस्तेमाल किया है. यह रिपोर्ट 18 से 44 वर्ष के बीच के 8,000 लोगों पर आधारित है, जिन्हें टियर-1 और टियर-2 शहरों से चुना गया. इसका खुलासा Google के पहले “Gemini Day India” इवेंट में किया गया, जहां कंपनी ने अपने लेटेस्ट AI टूल्स जैसे Veo 2 (टेक्स्ट-टू-वीडियो जनरेटर), Gemini Live with Video, Gemini Canvas, Deep Research और Audio Overviews का लाइव डेमो भी दिया. 100 भारतीय भाषाओं की समझ के साथ आगे बढ़ रहा Gemini AI Google DeepMind के सीनियर डायरेक्टर मनीष गुप्ता ने इवेंट के दौरान बताया कि Gemini Live फिलहाल 9 भारतीय भाषाओं में काम करता है, और उनकी टीम इसे 100 से ज्यादा भाषाओं तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने बताया कि Gemini 2.5 मॉडल की लंबी कंटेंट प्रोसेसिंग क्षमता इसकी एक बड़ी ताकत है. “यह मॉडल न केवल पूरी नॉवेल सीरीज़ या दो घंटे की वीडियो समझ सकता है, बल्कि कोड की बड़ी लाइब्रेरी को भी डिटेल में ट्रैक कर सकता है.” AI अपनाने की भारत में अब भी बड़ी संभावना Google इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) शेखर खोसला ने कहा— “हमारा लक्ष्य है कि हम Google की तकनीकी ताकत का इस्तेमाल कर हर व्यक्ति के लिए एक पर्सनल, हेल्पफुल AI असिस्टेंट बनाएं.” Google-Kantar स्टडी को दो चरणों में किया गया:     पहले फेज में 5,133 लोगों से AI टूल्स की जागरूकता और उपयोग के बारे में जानकारी ली गई.     दूसरे फेज में 3,415 लोगों पर Gemini के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया. Gemini यूजर्स को मिला जबरदस्त फायदा रिपोर्ट में सामने आया कि Gemini यूजर्स को काफी सकारात्मक अनुभव हुए:     93% यूजर्स ने प्रोडक्टिविटी में इजाफा बताया     95% ने कहा कि इससे उनकी क्रिएटिविटी को प्रेरणा मिली     80% को कॉम्प्लेक्स डिसीजन मेकिंग में मदद मिली     69% ने स्किल डेवेलपमेंट में इसे फायदेमंद बताया     77% ने किसी नई क्रिएटिव या प्रोफेशनल दिशा में कदम बढ़ाया दुनियाभर में 35 करोड़ यूजर्स, लेकिन ChatGPT से पीछे हालांकि भारत में Gemini के यूजर्स की संख्या रिपोर्ट में नहीं बताई गई, लेकिन हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में Gemini के यूजर्स की संख्या 350 मिलियन (35 करोड़) को पार कर गई है. फिर भी यह OpenAI के ChatGPT से पीछे है, जिसके 600 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स (MAUs) हैं. वहीं Meta AI के भी लगभग 500 मिलियन MAUs हैं. रिपोर्ट से यह साफ है कि भारत में AI को लेकर अभी बड़ी संभावनाएं और अवसर मौजूद हैं. लेकिन इसके लिए जागरूकता बढ़ाने और भाषाई पहुंच को मजबूत करने की जरूरत है—जिस दिशा में Google का Gemini बड़ा कदम साबित हो सकता है. recent visitors 52

छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए एक और महत्वपूर्ण सुधार किया लागू

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए एक और महत्वपूर्ण सुधार लागू किया है। राज्य के प्रमुख विभागों की 13 सेवाओं को पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत लाया गया है, ताकि नागरिकों और व्यवसायियों को समय पर सेवाएं मिलें। इन विभागों में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, सीईसीबी, वाणिज्य और उद्योग, विधिक माप विज्ञान, नगर तथा ग्राम निवेश और जल संसाधन विभाग शामिल हैं। इस कदम से मंजूरी और अनुमति की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी होगी, जिससे पारदर्शिता, कार्यक्षमता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत, इन 13 सेवाओं के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन अनिवार्य होगा। यदि कोई विभाग समय पर सेवा प्रदान करने में विफल रहता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। यह प्रणाली न केवल सरकारी कामकाज को गति देगी, बल्कि नागरिकों और व्यवसायियों के बीच सरकार के प्रति विश्वास को भी मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में हर नागरिक और व्यवसायी को सरकारी सेवाएं तेजी से और पारदर्शी तरीके से मिलें। पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत 13 महत्वपूर्ण सेवाओं को शामिल करना इस दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सुधार न केवल जवाबदेही सुनिश्चित करेगा, बल्कि राज्य में निवेश और विकास को भी नई गति देगा। किन सेवाओं को मिलेगा लाभ इस नई व्यवस्था में पर्यावरण मंजूरी, औद्योगिक लाइसेंस, माप-तौल प्रमाणन, टाउन प्लानिंग अनुमोदन और जल संसाधन से संबंधित अनुमतियां जैसी सेवाएं शामिल हैं। पहले इन सेवाओं में देरी के कारण व्यवसायियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब तय समयसीमा के साथ यह सुनिश्चित होगा कि आवेदनों का निपटारा जल्द से जल्द हो। रायपुर अवन्ति बाई चौक के युवा व्यवसायी नान्हू अग्रवाल ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा, पहले मंजूरी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब समयसीमा तय होने से हमारे कारोबार को गति मिलेगी। यह व्यवसायियों के लिए बहुत बड़ी राहत है। पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत लाई गई यह व्यवस्था सरकारी कामकाज में जवाबदेही को बढ़ावा देगी।  इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुगम होंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा। यह कदम छोटे और मझोले उद्यमों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा, जो समयबद्ध सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का यह सुधार डिजिटलीकरण और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और मील का पत्थर है। सरकार की योजना है कि भविष्य में और सेवाओं को इस एक्ट के दायरे में लाया जाए, ताकि राज्य में हर क्षेत्र में विकास को गति मिले। इस पहल से निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ नए भारत के निर्माण में अपनी मजबूत भूमिका निभाएगा।   recent visitors 26

वानखेड़े में दिखेगी एक दूसरे से आगे निकलने की होड़, आज मुंबई इंडियंस की टीम लखनऊ सुपर जाइंट्स से भिड़ेगी

मुंबई हमेशा की तरह शुरू में लड़खड़ाने के बाद शानदार वापसी करने वाली मुंबई इंडियंस की टीम रविवार, 27 अप्रैल को लखनऊ सुपर जाइंट्स से भिड़ेगी। सुपर संडे को मुंबई वर्सेस लखनऊ मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, यह मैच दोपहर साढ़े तीन बजे शुरू होगा। MI की नजरें इस मैच को जीतकर लय बरकरार रकने पर होगी। वहीं लखनऊ की नजरें वापस टॉप-4 में अपनी जगह बनाने पर होगी। इन दोनों टीम के अभी तक समान 10 अंक हैं लेकिन मुंबई बेहतर नेट रन रेट के आधार पर चौथे जबकि लखनऊ की टीम छठे स्थान पर है। अब तक नौ मैचों में से इन दोनों ने पांच मैच जीते हैं और चार हारे हैं। ऋषभ पंत की अगुवाई वाली लखनऊ की टीम की निगाह जीत के अलावा अपने नेट रन रेट में सुधार करने पर भी होगी क्योंकि आगे इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। जहां ये दोनों टीमें वानखेड़े स्टेडियम में मैदान पर वर्चस्व के लिए भिड़ेंगी, वहीं मुंबई की भीषण गर्मी और उमस भी खिलाड़ियों की विपरीत परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की तैयारी को परखने में अपनी भूमिका निभाएगी। लखनऊ के लिए कप्तान ऋषभ पंत की खराब फॉर्म चिंता का विषय है क्योंकि उन्होंने अब तक नौ मैचों में 106 रन बनाए हैं। मुंबई के मजबूत बॉलिंग अटैक के सामने उनकी कड़ी परीक्षा होगी। मुंबई की टीम सही समय पर अपने चरम पर पहुंची है। उसने लगातार चार मैच जीत कर खुद को प्लेऑफ में पहुंचने की दौड़ में आगे कर दिया है और उसकी टीम अपना विजय अभियान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध होगी। उसकी टीम यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है और वह इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी। हालांकि सूर्यकुमार को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं थी, लेकिन आईपीएल की शुरुआत में इस शीर्ष टी20 बल्लेबाज की परिचित चमक गायब थी, लेकिन दाएं हाथ का बल्लेबाज भी तिलक वर्मा की तरह अपनी लय हासिल करने में सक्षम है। हार्दिक ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि तेज गेंदबाज दीपक चाहर और ट्रेंट बोल्ट ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई है। जहां तक लखनऊ की बल्लेबाजी का सवाल है तो वह अपने विदेशी खिलाड़ियों निकोलस पूरन (377 रन), मिशेल मार्श (344) और एडेन मार्क्रम (326) पर बहुत अधिक निर्भर है। लखनऊ को फिर से इन तीनों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। लखनऊ के पास गेंदबाजी विभाग में बहुत बड़े नाम नहीं है लेकिन उसके गेंदबाजों ने अभी तक परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करके अपनी टीम के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उसकी तरफ से शार्दुल ठाकुर ने सर्वाधिक 12 विकेट लिए हैं और स्थानीय खिलाड़ी होने के कारण वह यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह अवगत हैं। टीम इस प्रकार हैं: मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिशेल सेंटनर, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), डेविड मिलर, एडेन मार्क्र्म, आर्यन जुयाल, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, युवराज चौधरी, राजवर्धन हंगरगेकर, अर्शिन कुलकर्णी, आयुष बडोनी, शार्दुल ठाकुर, अवेश खान, आकाश दीप, मणिमारन सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, शमर जोसेफ, प्रिंस यादव, मयंक यादव, रवि बिश्नोई। recent visitors 24

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन, पीएचई और पीडब्ल्यूडी के कार्यों की समीक्षा की

सभी लोगों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था के दिए निर्देश, निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूरा करने कहा रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने एक दिवसीय बालोद प्रवास के दौरान जिले में नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बालोद कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को मौजूदा ग्रीष्म ऋतु में लोगों को पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी की समस्या से जूझना न पडे़, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के पुख्ता उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल समस्या के निराकरण के लिए पूर्वानुमान लगाकर समय पूर्व समस्या के निराकरण की व्यवस्था करने को कहा। सांसद श्री भोजराज नाग भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में बालोद जिले के विभिन्न नगरीय निकायों तथा लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्वीकृत एवं प्रगतिरत् निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में अच्छी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों में पेयजल की व्यवस्था, 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और अटल परिसरों के निर्माण की प्रगति की सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से बारी-बारी से जानकारी ली। श्री साव ने बालोद नगर पालिका के व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को बालोद शहर में जिला मुख्यालय के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा शहरवासियों को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान सिटी डेव्हलपमेंट प्लान की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सिटी डेव्हलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सुबह नगर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा। श्री साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यों में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों का संपादन करने को कहा। श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान लोगों को पेयजल संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए समय पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिन गांवों में हैण्डपंप खराब हैं वहां पानी की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में बताया कि बालोद जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए 70 नए ट्यूबवेल की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने तथा शत-प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए शासन-प्रशासन की अच्छी छवि बनाने तथा नागरिकों में विश्वास का भाव जागृत करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित बालोद जिला प्रशासन,  के वरिष्ठ अधिकारी, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। recent visitors 25

गांधीनगर पुलिस ने महिला की शिकायत पर रिश्तेदारों पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया

इंदौर गांधीनगर पुलिस ने महिला की शिकायत पर रिश्तेदारों पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है। महिला का आरोप है कि बेटे की शादी के नाम पर 1 लाख 80 हजार रुपये लिए और दुल्हन लेकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार विस्तारा कांकड़ निवासी संगीता परमार ने आरोपित इंदर परमार निवासी तराना उज्जैन,रवि साहू निवासी दिग्विजय मल्टी,अंबिका नरगावे निवासी गालाबारा बड़वानी पर केस दर्ज किया है। संगीता ने पुलिस को बताया बेटे महेंद्र की शादी के लिए इंदर परमार के माध्यम से हुई थी। आरोपित ने उज्जैन की लड़की से रिश्ता तय करवाया था। उसने 1 लाख 80 हजार रुपये देने की बात की थी। आरोपितों ने रुपये लेकर गोम्मटगिरी में शादी भी कर दी। दुल्हन के रिश्तेदार रवि और राजू परिवार की महिलाओं को लेकर आए और खजराना गणेश मंदिर के दर्शन के लिए ले गए। आरोपित दर्शन करवाने के बाद दुल्हन को लेकर गायब हो गए। शुक्रवार को पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। गोल्ड लोन का झांसा देकर सोने के आभूषण ले गया ठग पलासिया पुलिस ने एक व्यक्ति की शिकायत पर उसके परिचित के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। महिला का आरोप है कि आरोपित ने गोल्ड लोन का झांसा दिया और सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया। टीआई मनीष मिश्रा के मुताबिक फरियादी पन्नालाल सोनकर निवासी बड़ी ग्वालटोली है। उसने आदित्य शर्मा निवासी अमृत पैलेस कालोनी निपानिया की शिकायत की है। पन्नालाल रुपयों की आवश्यकता पड़ने पर आदित्य के माध्यम से गोल्ड लोन लेता था। दोनों की सात वर्षों से जान पहचान है। आरोप है कि कुछ दिनों पूर्व पन्नालाल को रुपयों की जरुरत पड़ी और आदित्य से संपर्क किया। आरोपित ने सोने का बाजूबंद,कमर बंद,चार चूड़ियां,चार कड़े,लटकन,अंगूठियां,छह चेन,ब्रेस लेट ली और फरार हो गया। टीआई के मुताबिक पन्नालाल आरोपित के घर पहुंचा तो पता चला वह मकान भी खाली कर चुका है।   recent visitors 24

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बस चालकों की कमी को दूर करने के लिए सीधी भर्ती करने जा रहा

मऊ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बस चालकों की कमी को दूर करने के लिए सीधी भर्ती करने जा रहा है। निगम द्वारा चालकों को प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की गई है। एक माह में 5000 किलोमीटर तक बस चलाने पर चालकों को 3000 हजार रुपये प्रोत्शाहन राशि भी दी जाएगी। इसके तहत जनपद में कुल 105 चालकों की भर्ती की जाएगी। मऊ डिपो में 50 तो दोहरीघाट डिपो में 55 चालकों की भर्ती की जानी है। भर्ती के लिए चालक का दो वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। परिवहन निगम ने युवाओं को दिया सुनहरा मौका परिवहन निगम ने जनपद के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर प्रदान किया है। बस चालकों की भर्ती होने के पश्चात चालक की कमी दूर होने के साथ ही डिपो की सभी बसें पूरी क्षमता के साथ चलेंगी तथा अतिरिक्त बसें भी बढाई जा सकती है। इससे जनपद से आस-पास के जनपदों सहित लखनऊ, कानपुर व दिल्ली रूट पर यात्रियों का आवागमन सुलभ हो जाएगा। मऊ डिपो में आगामी दो मई व दोहरीघाट डिपों में छह मई को चालों की भर्ती की जाएगी। जनपद के युवा इन तिथियों पर डिपो में पहुंच कर भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। recent visitors 37