गौवंशो से भरी पिकअप पकड़ाई , नाबालिग समेत 2 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में गौवंशो से भरी पिकअप पकड़ाई है. गौ सेवकों की सतर्कता से 8 गायों को सुरक्षित बचा लिया गया. बताया जा रहा है कि इन मवेशियों को पिकअप में भरकर बूचड़खाना ले जाने की तैयारी थी. इस मामले में पुलिस ने नाबालिग सहित 2 आोरपियों को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे गौ सेवक गुढ़ियारी के अध्यक्ष आदित्य यादव को गायों को पिकअप वाहन से कत्लखाने ले जाने की सूचना मिली थी. इस आधार पर आदित्य ने अन्य साथी सोहन निषाद, जागेश्वर विश्वकर्मा, योगेश वर्मा को बुलाया और रिंग रोड नंबर 3 के आमासिवनी ओवर ब्रिज के पास वाहन को रोकने की योजना बनाई. जैसे ही वाहन आई, गौ सेवकों ने उसे रोक लिया. वाहन चालक मौके से कूदकर फरार हो गया. पिकअप वाहन में मौजूद दो व्यक्तियों ने अपना नाम रोहित कुमार जांगड़े (निवासी मोखली, थाना आरंग) और धीरज (निवासी भखारा, थाना भखारा) बताया. पिकअप वाहन में आठ नग मवेशी अमानवीय ढंग से ठूंसे हुए मिले. गौ सेवकों ने मवेशियों समेत पिकअप वाहन को विधानसभा थाना पहुंचाया और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. शिकायत में बताया गया कि वाहन चालक का नाम माखन साहू है, जो भखारा गांव का रहने वाला है. सख्त कार्रवाई की मांग आदित्य यादव ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर गौवंश की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. recent visitors 47

माधव टाइगर रिजर्व का जंगल लगातार आग की चपेट में आ रहा, वन्यजीवों पर मंडरा रहा खतरा, वन विभाग के बचाव के प्रयास जारी

शिवपुरी टाइगर रिजर्व के पूर्वी हिस्से में आग लगने से वहां रहने वाले तीन बाघों और दो शावकों सहित हजारों अन्य जंगली जानवरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। जंगल में हर दिन किसी न किसी हिस्से में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं शिवपुरी जिले में हाल ही में घोषित माधव टाइगर रिजर्व का जंगल लगातार आग की चपेट में आ रहा है। तेज गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे वन्यजीवों पर भी संकट गहरा गया है। शनिवार को सुरवाया और बल्लारपुर क्षेत्र के जंगलों में आग भड़क उठी, जो एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैल गई। बीते 15 दिन में टाइगर रिजर्व के सुरवाया, बल्लारपुर, भरकुली गेट, सुभाषपुरा और सतनवाड़ा क्षेत्र में कई बार आग लग चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाघों समेत अन्य जानवर खतरे में टाइगर रिजर्व के पूर्वी हिस्से में आग लगने से वहां रहने वाले तीन बाघों और दो शावकों सहित हजारों अन्य जंगली जानवरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। जंगल में हर दिन किसी न किसी हिस्से में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पार्क प्रबंधन आग पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रहा है। बीडी-सिगरेट से फैली आग, वन विभाग के प्रयास जारी पार्क के रेंजर आर.के. दीक्षित ने बताया कि किसी ने पार्क की बाउंड्री के पास जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंकी, जिससे आग भड़की। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन तेज हवाओं और गर्मी के कारण आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। पिछले एक महीने में माधव टाइगर रिजर्व के करीब दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके, वन विभाग आगजनी की घटनाओं को रोकने में असफल रहा है।   recent visitors 45

छत्तीसगढ़ के आर्म रेसलर श्रीमंत झा ने स्विट्जरलैंड में जीता सिल्वर मेडल

स्विट्जरलैंड भारत के पैरा-आर्म रेसलिंग के चमकते सितारे और एशिया के नंबर वन आर्म रेसलर श्रीमंत झा ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। स्विट्जरलैंड में आयोजित एशिया पैरा-आर्म रेसलिंग कप 2025 में उन्होंने +85 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत को उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को समर्पित किया। स्विट्जरलैंड में 25 से 27 अप्रैल तक आयोजित इस टूर्नामेंट में श्रीमंत ने दमदार खेल दिखाते हुए कोरिया के लुका ड्राकन को हराकर सिल्वर पदक हासिल किया। जीत के बाद श्रीमंत ने कहा, “यह मेरे लिए एक विशेष जीत है। मैं हर एक मैच शहीद जवानों के सम्मान के लिए जीतता हूं। अब मेरा पूरा ध्यान आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स पर है और मैं भारत को फिर से गौरवान्वित करने का प्रयास करूंगा।” अब तक 54 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम कर चुके है श्रीमंत गौरतलब है कि श्रीमंत झा का सफर प्रेरणादायक रहा है। भिलाई के रहने वाले श्रीमंत ने अब तक 54 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किए हैं। वे वर्तमान में दुनिया में तीसरे और एशिया में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर पीपुल्स आर्म रेसलिंग फेडरेशन इंडिया की अध्यक्षा प्रीति झींज्ञानी, छत्तीसगढ़ के आर्म रेसलिंग अध्यक्ष जी सुरेश बाबे, चेयरमैन बृज मोहन सिंह, सचिव श्रीकांत और कृष्ण साहू ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं है। recent visitors 42

सरकार सिर्फ पेड़ ही नहीं काट रही बल्कि इंदौर का भविष्य काट रही है, बोरिंग का पानी खत्म कर रही सरकार

इंदौर इंदौर में हो रही पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरणप्रेमियों ने आज हुकुमचंद मिल में प्रदर्शन किया। यहां पर हजारों पेड़ कटने वाले हैं और एमपी हाउसिंग बोर्ड का प्रोजेक्ट आने वाला है। शहर की जनता ने कहा कि सिर्फ मिल क्षेत्र के पेड़ों के कारण ही रोज शहर को लाखों टन ऑक्सीजन मिलती है। इन पेड़ों की वजह से आधे से अधिक इंदौर में बोरिंग का पानी मिल रहा है। सरकार सिर्फ पेड़ ही नहीं काट रही बल्कि इंदौर का भविष्य काट रही है। इस मौके पर महिलाओं और बच्चों ने पेड़ों को रक्षासूत्र भी बांधे और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। विकास के बहाने रोज पेड़ काटे जा रहे पर्यावरण प्रेमियों में शामिल डॉक्टर दिलीप वाघेला, एसएल गर्ग, अभय जैन और अजय लागू समेत सभी नेचर्स लवर्स ने बताया कि विकास के नाम पर हुकुमचंद मिल के पेड़ काटे जा रहे हैं जबकि यह पेड़ नहीं, बल्कि शहर के फेफड़े हैं, जो शहर को ऑक्सीजन देते हैं। शहर को लू-लपट से बचाते हैं। विकास के बहाने शहर में हर दिन कहीं न कहीं पेड़ काटे जा रहे हैं। यह विकास नहीं विनाश है। लगातार हो रहे प्रदर्शन, नहीं सुन रहे जिम्मेदार हाल ही में साई सत्य चौराहे पर पर फ्लायओवर ब्रिज के लिए पेड़ काटे गए। अभी भी न जाने कितने पेड़ों की बारी है। पर्यावरण प्रेमी शहर के नागरिकों और इसके भविष्य के लिए लगातार पर्यावरण विरोधी नीतियों से संघर्ष करते आ रहे हैं, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पिछले दिनों रीगल चौराहे पर मानव श्रंखला बना कर विरोध जताया था। हमारी मांग है कि हुकुमचंद मिल ही नहीं सभी मिलों की जमीनों पर सिटी फारेस्ट बनाया जाए।   recent visitors 50

भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा के सिद्धांतों से होगा समाज का होगा कल्याण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने दिगंबर जैन महाकुंभ में मुनियों से लिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान महावीर स्वामी के सत्य, अहिंसा अपरिग्रह के सिद्धांतों पर चलकर ही समाज का कल्याण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में दिगंबर जैन महाकुंभ में उपस्थित जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महाकुंभ में पधारे जैन मुनियों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, क्षेत्रीय सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव एवं विधायक गण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में जैन मुनियों के महाकुंभ से मालवा की धरती धन्य हो गई है। मालवा क्षेत्र के लिए यह एक अद्भुत एवं अद्वितीय अवसर है। दिगंबर जैन मुनियों का पट्टाभिषेक कार्यक्रम का यह एक वृहद आयोजन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैन मुनि अपने आचरण से समाज को सदाचरण का संदेश देते हैं। दिगंबर साधु प्रकृति के साथ जीवन यापन करना भी सीखते हैं। उनका आचरण हमारी धर्म के प्रति आस्था को और मजबूत बनाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री नहीं करने का निर्णय लिया है और इसे अमल में भी लाया जा रहा है। राज्य सरकार ने तय किया है कि खुले में मांस की बिक्री नहीं होगी और इसका पालन भी कराया जा रहा है। राज्य सरकार गौशालाओं के निर्माण को प्रोत्साहन दे रही है। गौपालन को प्रोत्साहन देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना बनाई गई है। इस योजना में 25 से ज्यादा गाय पालने पर शासन द्वारा 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिगंबर महाकुंभ कार्यक्रम के संयोजक मनीष गोधा ने सम्मान कर उनका आभार व्यक्त किया।   recent visitors 51

प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे का सीएम योगी ने किया निरीक्षण, 120 की स्पीड में चला सकेंगे गाड़ी

हरदोई  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हरदोई पहुंचे. जहां उन्होंने बिलग्राम तहसील के हसनपुर गोपाल में गंगा एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया. ये एक्सप्रेसवे मेरठ से लेकर प्रयागराज तक बनेगा और इसकी कुल लंबाई 650 किलोमीटर होगी, जो उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो रहा है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान आबकारी राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, सांसद, विधायकगण, एमएलसी और जिलाध्यक्ष समेत कई प्रमुख नेता भी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगी. बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे हापुड़,मेरठ, बुलन्दशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ शामिल हैं. कानपुर-लखनऊ रूट पर सोनिक स्टेशन के पास गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए रेलवे लाइन पर पुल निर्माण के बाद स्टील गर्डर लगाने का काम चल रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गंगा एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत 36230 करोड़ रुपये है. गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर बिजौली गांव से शुरू होगा और प्रयागराज में एनएच 19 पर जुदापुर दादू गांव के पास खत्म होगा. एक्सप्रेसवे पर उतारे जा सकते हैं हेलीकॉप्टर जानकारी के मुताबिक गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों के 518 गांवों से होकर गुजरेगा. इनमें मेरठ, हापुड़, बुलन्दशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ शामिल है. इस एक्सप्रेसवे पर 28 फ्लाईओवर, 381 अंडरपास और 126 छोटे पुल बनाए गए हैं. इतना ही नहीं इस एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी में फाइटर जेट और हेलीकॉप्‍टर भी इस पर उतारे जा सकेंगे. इसके लिए शाहजहांपुर में साढ़े 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनाई जा रही है. recent visitors 52

आतंकी हमले के बाद भी जैसलमेर में बिक रही सेना जैसी वर्दियां, तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो गंभीर खतरा

जैसलमेर भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद सेना जैसे कपड़े आम लोगों को बेचे जा रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस पर तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में सेना की वर्दी पहनकर किए गए आतंकी हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता खड़ी कर दी है। इस भयावह घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। वहीं, दूसरी ओर राजस्थान के संवेदनशील सीमा जिले जैसलमेर में बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आज भी सेना और अर्द्धसैनिक बलों जैसी वर्दियों की खुलेआम बिक्री जारी है। यह लापरवाही न केवल सेना की गरिमा को चोट पहुंचा रही है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है। सेना जैसी वर्दी पहनकर हमला, सुरक्षा में बड़ी सेंध 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम इलाके में आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया था। आतंकियों ने सेना की वर्दी का सहारा लेकर पहले खुद को सुरक्षाबलों के बीच मिला लिया और फिर अचानक हमला कर दिया। इस हमले ने यह साफ कर दिया कि यदि किसी असामाजिक तत्व को सेना या पुलिस जैसी वर्दी आसानी से उपलब्ध हो जाए तो वह कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। इस घटना के बाद देशभर में इस बात पर गंभीर चिंता जताई जा रही है कि सेना और सुरक्षा बलों की वर्दी जैसी पोशाकें बाजारों में कैसे बिक रही हैं। जैसलमेर में बाजारों में मिल रही वर्दियां जैसलमेर जैसे संवेदनशील सरहदी जिले, जहां से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा कुछ ही किलोमीटर दूर है, वहां भी बाजारों में सेना, बीएसएफ, और पुलिस जैसी वर्दियां बिना रोक-टोक बिक रही हैं। कई दुकानों पर कॉम्बैट प्रिंट के कपड़े, जैकेट, टी-शर्ट और टोपी खुलेआम बेची जा रही हैं। हालांकि दुकानदार दावा करते हैं कि वे पहचान और सत्यापन के बाद ही सामान बेचते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई भी व्यक्ति आसानी से ये वर्दी जैसे कपड़े खरीद सकता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना भारतीय दंड संहिता की धारा 140 और 171 के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म को अनाधिकृत रूप से पहनना या बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना और अधिकतम तीन महीने तक की सजा हो सकती है। सेना जैसी वर्दी का उत्पादन केवल कुछ अधिकृत मिलों को ही करने की अनुमति है, जिनमें पंजाब के फगवाड़ा और महाराष्ट्र की दो मिलें प्रमुख हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि कॉम्बैट प्रिंट कपड़े बनाने, बेचने और पहनने पर सख्त निगरानी रखी जाए, खासकर संवेदनशील इलाकों में। सेना के पुराने आदेश भी हवा में पठानकोट हमले के बाद सेना ने खासतौर पर निर्देश दिया था कि आम जनता को सेना जैसे कपड़े न बेचे जाएं और निजी सुरक्षा एजेंसियों को भी कॉम्बैट पैटर्न की यूनिफॉर्म इस्तेमाल न करने को कहा गया था। इसके बावजूद आज जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले में आधा दर्जन से ज्यादा दुकानों पर यह कपड़ा आसानी से उपलब्ध है। न कोई सख्त निगरानी है न ही प्रशासन की ओर से कोई सघन अभियान चलाया जा रहा है। जांच और निगरानी की सख्त जरूरत जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को बाजारों में सेना की वर्दी जैसे कपड़ों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे कपड़े बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, यदि पहलगाम जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया गया तो सीमावर्ती जिलों में भी आतंकी तत्व सेना या सुरक्षा बलों की वर्दी का दुरुपयोग कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।   recent visitors 46