Wednesday, July 8, 2026 7:12 am

इंदौर अहमदाबाद हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा, 4 की मौत

धार धार के इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर सोमवार सुबह करीब 6 बजे स्विफ्ट कार पीछे से अज्ञात वाहन में जा घुसी। कार सवार चार युवकों की मौके पर मौत हो गई। युवक झाबुआ से शादी समारोह में धार जाने के लिए निकले थे। रास्ते में ये हादसा तिरला थाना क्षेत्र के ग्राम बलगांवडी स्थित प्रिंस होटल के पास हुआ। कार नंबर MP-45ZA-2571 में सवार युवक रविवार रात करीब 10 बजे झाबुआ से निकले थे। धार के रास्ते पर उनकी कार की किसी भारी वाहन से टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। एयरबैग खुलने के बाद नहीं बची जान हादसे के बाद कार के एयरबैग खुल गए थे, लेकिन इसके बाद भी कोई जिंदा नहीं बच पाया। टक्कर इतनी तेज थी कि पिछली सीट पर बैठा एक युवक गाड़ी के सामने वाले शीशे (फ्रंट ग्लास) में फंस गया। ग्रामीणों की मदद से निकाले गए चारों शव सूचना मिलते ही तिरला पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद चारों शवों को कार से बाहर निकाला गया। पोस्टमॉर्टम के लिए सभी शव धार जिला अस्पताल भिजवाए गए हैं। मृतकों की पहचान प्रकाश पिता नाथु निवासी रतलाम, राजा पिता कालू सिंह निवासी झाबुआ, राहुल पिता दयाराम निवासी फुलगांवडी और एक अन्य युवक के रूप में हुई है। सीएसपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि कार पीछे से किसी अज्ञात वाहन से टकराई है, जांच की जा रही है। recent visitors 41

रेल संरक्षा में तकनीकी सशक्तिकरण: USFD तकनीक से ट्रैक की गहराई तक सुरक्षा सुनिश्चित

भोपाल भोपाल मंडल में रेल पटरियों की आंतरिक संरचना की सूक्ष्म जांच के लिए अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। यह नवीनतम तकनीक रेल की पटरियों में समय के साथ उत्पन्न होने वाले आंतरिक दोषों को प्रारंभिक अवस्था में ही चिन्हित कर लेती है, जिससे आवश्यक अनुरक्षण कार्य समय पर पूरा किया जा सके और यात्री व मालगाड़ियों का परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित रह सके। भोपाल मंडल में वर्तमान में लगभग 2000 किलोमीटर ट्रैक की नियमित रूप से USFD मशीनों द्वारा जांच की जा रही है। इस जांच की आवृत्ति ट्रेनों के आवागमन के घनत्व (GMT) पर आधारित होती है और मंडल के विभिन्न सेक्शनों में प्रत्येक दो से चार माह में ट्रैक की जाँच की जाती है। मंडल में वर्तमान में कुल 08 USFD टीमों का गठन किया गया है, जिनमें 15 प्रशिक्षित इंजीनियर कार्यरत हैं। ये सभी इंजीनियर बी-स्कैन USFD मशीनों से लैस हैं, जो ट्रैक की आंतरिक स्थिति को डिजिटल रूप में दर्ज कर तुरंत विश्लेषण की सुविधा प्रदान करती हैं। वेल्ड की सटीक जांच हेतु सभी टीमों को डिजिटल वेल्ड टेस्टर भी प्रदान किए गए हैं, जिससे वेल्डिंग खामियों का सटीकता से पता लगाया जा सके। ट्रैक जांच के दौरान संपूर्ण कार्य का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, जिसे विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। वर्ष 2024-25 में मंडल के स्तर पर 10,000 किलोमीटर ट्रैक, 34,000 वेल्ड, 4704 टर्नआउट और 4498 स्वीच एक्सपेंशन जॉइंट्स की सूक्ष्मता से जांच की गई। इस जांच के दौरान 861 फ्लॉ चिन्हित किए गए, जिनकी तत्काल मरम्मत कर दी गई, जिससे ट्रेनों के संचालन में कोई व्यवधान न आए और संरक्षा मानकों का पूर्ण पालन हो सके। भोपाल मंडल के USFD इंजीनियरों को समय-समय पर आरडीएसओ लखनऊ एवं इरिसेन पुणे जैसे संस्थानों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण हेतु भेजा जाता है, ताकि वे नवीनतम तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य कर सकें और संरक्षा में निरंतर सुधार किया जा सके। USFD तकनीक आज भारतीय रेलवे की संरक्षा प्रणाली का एक अविभाज्य अंग बन चुकी है। यह न केवल ट्रैक की विश्वसनीयता और स्थायित्व को सुनिश्चित करती है, बल्कि समय रहते खतरों की पहचान कर संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में भी सहायक सिद्ध हो रही है। भोपाल मंडल इस तकनीक के कुशल क्रियान्वयन से ट्रेनों के संरक्षित संचालन की दिशा में लगातार सफलताएं अर्जित कर रहा है। recent visitors 24

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इटौरा में भेड़ौरा नदी तथा उसके घाटों की साफ-सफाई की गई

भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में स्वयं सेवी कार्यकर्ता और प्रशासनिक अमला संगठित होकर पानी बचाने के कार्य में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे है। राज्य के जिलों में इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे है। अभियान में प्राचीन धरोहर के तालाबों और बावड़ियों के संरक्षण का कार्य पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा है। भेड़ौरा नदी के पुनर्जीवन के लिए उठे सैकड़ों हाथ रीवा जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इटौरा में भेड़ौरा नदी तथा उसके घाटों की साफ-सफाई की गई। सीईओ जिला पंचायत तथा उपस्थित श्रमदानी नागरिकों ने नदी में उतर कर घाटों की सफाई की।  जन संवाद में बताया गया कि जल के सभी स्त्रोत जीवन सभ्यता के लिए अनिवार्य है। इनका संरक्षण करना समाज की जिम्मेदारी है। अभियान में नदियों, तालाबों, बावड़ियों, पोखरों व अन्य जल संरचनाओं का संरक्षण व संवर्धन किया जा रहा है। जल विरासतों को सहजने का अभियान राजगढ़ जिले की राजमहल एवं पुरानी बावड़ी अपने समृद्ध इतिहास को बयां करती हैं। जल संवर्धन अभियान अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा इन ऐतिहासिक बावड़ियों की साफ-सफाई कर इनके जीर्णोद्धार का कार्य हाथ में लिया गया है। जीर्णोद्धार के बाद ये बावड़ियां अपने समृद्ध इतिहास की जीवंत तस्वीर बन सकेंगी। जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग से सूचीकृत मोरपीपली की बावड़ी, माचलपुर की चोर बावड़ी, हाडीरानी की बावड़ी एवं सेमली जागीर की बावड़ी इसके अलावा नरसिंहगढ स्थित उम्मेदा बाई की बावड़ी एवं छतरी सहित राजगढ़ के राजमहल स्थित बावडी के जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले के नगरीय क्षेत्रों में जल संवर्धन अभियान अंतर्गत प्याऊ की स्थापना भी की जा रही है। इसमें प्रत्येक नगरीय क्षेत्र के हर वार्ड में एवं सार्वजनिक स्थानों पर 300 प्याऊ स्थापित करने का कार्यक्रम है। नदियों के कटाव को रोकने के लिए नगरीय क्षेत्रों में 5 एकड़ में हरित क्षेत्र भी जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत तैयार किया जा रहा हैं। जिले में नगरीय क्षेत्रों में शासकीय एवं बड़े भवनों की रैन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के सुधार का कार्य भी हाथ में लिया गया है, ताकि बरसात के सीजन में इन संरचनाओं से भूमिगत जल स्तर में वृद्धि हो सके। आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी नगरीय क्षेत्रों में नल कनेक्शनों में आवश्यक रूप से टोंटी लगाने का कार्य भी अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में बाग-बगीचों का भी उन्नयन किया जा रहा है। यह बाग-बगीचे नगरीय वन के रूप में विकसित किये जाएंगे। राजगढ़ जिले में 734 कूपों पर काम शुरू कर दिया गया है। विभाग द्वारा जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया गया। इसी क्रम में भारत सरकार के MY Bharat पोर्टल में जिले के कुल 90911 युवाओं का रजिस्ट्रेशन Youth Volunteer for Bharat में कराया गया। पोर्टल पर फोटोग्राफ अपलोड किये। जिले में कुल 68 नवीन तालाब का स्थल चयन कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है| राजगढ़ जिले में 140 ग्राम पंचायतों में प्रभात फेरियां, जागरूकता रैली, ग्राम सभाएं एवं चौपाल तथा नुक्कड नाटकों का आयेाजन किया जा चुका है। इसी तरह जन सहभागिता से 64 ग्राम पंचायतों में 04 बोरी बंधान/चैक डेम, 43 सोख्ता गडडों तथा 62 अन्य जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही 158 ग्राम पंचायतों में नदियों, तालाबों एवं कुआ बावडि़यों की साफ-सफाई का कार्य किया गया है। कदवाल नदी पर किया गया श्रमदान श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा सवंर्धन अभियान चलाया जा रहा है। कदवाल नदी गुप्तेश्वर महादेव मंदिर घाट पर स्वच्छता श्रमदान किया गया और नदी के गहरीकरण कार्य की शुरूआत की गई। इसी के साथ 30 लाख रूपये लागत की बाउन्ड्री वॉल निर्माण कार्य के लिए भूमि-पूजन किया गया। नगरपालिका परिषद श्योपुर एवं ग्राम पंचायत बगवाज के तत्वाधान में गुप्तेश्वर महादेव मंदिर कदवाल नदी पर आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गुप्तेश्वर मंदिर के घाट पर साफ-सफाई की गई। सुंदरदादर घाट मे 180 बोरियो का बोरी बंधान किया गया उमरिया जिले में अपनी मिट्टी अपना जल को संरक्षित करने हेतु जन सहयोग के माध्यम से बोरी बंधान के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। सुंदरदादर के आमा घाट मे 180 बोरियो का बोरी बंधान किया गया। ताप्ती नदी पर चलाया स्वच्छता अभियान बैतूल जिले में  जल गंगा संवर्धन अभियान में लगातार गतिविधियाँ जारी है। वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाना होगा। चुनौती नहीं,बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। ताप्ती नदी के घाटों की सफाई की गई तथा जल में फैली गंदगी,प्लास्टिक की बोतलें, कपड़ें, पन्नियां, थर्माकोल इत्यादि को समेट कर उचित निस्तारण किया गया। कार्यक्रम में मानव श्रृंखला बनाकर जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। recent visitors 28

कूनों नेशनल पार्क में आए नन्हें मेहमान, चीता निर्वा ने दिया 5 शावकों को जन्म, सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई

  ग्वालियर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी आई है। मादा चीता निर्वा ने पांच नन्हें शावकों को जन्म दिया है। जिसके बाद कूनो में अब चीतों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी आई है। मादा चीता निर्वा ने पांच नन्हें शावकों को जन्म दिया है। जिसके बाद कूनो में अब चीतों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। सीएम डॉ मोहन यादव ने इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने नन्हें शावकों की तस्वीर भी शेयर की है। सीएम ने शेयर की खुशखबरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर इस खुशखबरी को साझा किया। उन्होंने कूनो नेशनल पार्क की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह भारत के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों की सफलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रकृति संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।मध्य प्रदेश के मुखिया CM डॉक्टर मोहन यादव ने भी देशवासियों के साथ यह खुशी साझा की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर वीडियो पोस्ट करते हुए प्रदेश की जनता को बधाई दी और साथ ही लिखा कि "कूनो में नए मेहमानों का स्वागत है…अत्यंत प्रसन्नता है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है. हाल ही में 5 वर्षीय नीरवा ने 5 शावकों को जन्म दिया है. इन नन्हे शावकों का आगमन चीता प्रोजेक्ट की सफलता और भारत की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है. प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी के मार्गदर्शन में वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाया गया अनुकूल वातावरण आज समृद्ध हो रहा है. कूनो नेशनल पार्क की पूरी टीम, वन्यजीव विशेषज्ञों और संरक्षण में जुटे हर कर्मठ साथी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई.'' निर्वा दूसरी बार मां बनी चीता निर्वा ने इससे पहले 25 नवंबर 2024 को दो शावकों को जन्म दिया था, उनके शव क्षत विक्षत हालत में मिले थे। निर्वा अब दूसरी बार मां बनी है। कूनो में इससे पहले ज्वाला 5, आशा 3, गामिनी 4 और वीरा चीता दो 2 शावकों को जन्म दे चुकी है। दो चीते गांधी सागर अभयारण्य भेजे गए इसमें से एक शावक मुखी दो साल की तो कई शावक सवा साल तक के हो चुके हैं। कूनो में चीतों की संख्या 12 थी, जिनमें से दो चीते प्रभाष और पावक गांधी सागर अभयारण्य भेज दिए गए हैं। सात साल की हो चुकी निर्वा चीता दक्षिण अफ्रीका के मेपस रिजर्व से लाई गई थी। भारत में सबसे ज्यादा शावकों की मां बनी नीरवा बता दें कि, भारत की धरती पर जन्में जीवित शावकों की संख्या अब 19 हो चुकी है. हालांकि मादा चीता नीरवा इससे पहले 22 नवंबर 2024 को भी मां बन चुकी है उसने तब 4 शावकों को जन्म दिया था. लेकिन 5 दिन बाद उसके 2 शावकों के शव मिले थे. अब 5 और चीता शावक के जन्म के साथ कूनो में नीरवा के 7 चीता शावक जीवित हैं. 17 सितंबर, 2022 को भारत आए थे चीते 17 सितंबर, 2022 को अफ्रीका के नामीबिया से 8 चीते भारत आए थे. उन्हें मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया था. फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कुनो लाए गए. इन पांच शावकों के जन्म से पहले, पार्क में 24 चीते थे, जिनमें 14 भारत में जन्मे शावक थे. इनमें से दो चीतो को अब गांधी सागर अभ्यारण्य में स्थानांतरित कर दिया गया है. कूनो नेशनल पार्क में चीता परियोजना के तहत अफ्रीकी देशों से लाए गए चीतों के प्राकृतिक वातावरण में सफल प्रजनन को वन विभाग और विशेषज्ञों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया जा रहा है. हाल ही में कूनो से 2 चीते मंदसौर के गांधीसागर अभ्यारण्य में शिफ्ट किए गए थे, जिससे पार्क में चीतों की संख्या 24 रह गई थी. लेकिन अब नीरवा के पांच शावकों के आगमन से यह आंकड़ा फिर से 29 पर पहुंच गया है. भारत में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है. recent visitors 58

आईपीएल में नंबर वन फिनिशर कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं, बल्कि विदेशी खिलाड़ी है, जो स्पिनरों की कमर तोड़ता है

नई दिल्ली IPL में जब फिनिशर का नाम सामने आता है तो आपके दिमाग में एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों की छवि बनती है, लेकिन असल में पिछले कुछ समय से आईपीएल में नंबर वन फिनिशर कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं, बल्कि विदेशी खिलाड़ी है, जो स्पिनरों की कमर तोड़ता है, तेज गेंदबाजों के परखच्चे उड़ाता है, ऑफ साइड में दमदार ड्राइव लगाता है और ऑन साइड में लंबे-लंबे छक्के लगाता है। ये खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि ट्रिस्टन स्टब्स हैं, जो इस समय दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे हैं। आईपीएल के मौजूदा आंकड़ों और पिछले साल से अब तक के आंकड़ों को देखा जाए तो ट्रिस्टन स्टब्स आईपीएल में बेस्ट फिनिशर हैं। रन बनाने की बात हो, स्ट्राइक रेट की बात हो, डॉट बॉल कम खेलने की बात हो या फिर चौके-छक्के लगाने की बात हो, ट्रिस्टन स्टब्स कहर बरपा रहे हैं। हेनरिक क्लासेन भी लिस्ट में हैं, लेकिन वे स्टब्स से दूर हैं। दिनेश कार्तिक, श्रेयस अय्यर और लियाम लिविंगस्टोन भी लिस्ट का हिस्सा हैं, लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स की बात अलग है। आईपीएल 2024 में स्टब्स ने 13 पारियों में बल्लेबाजी की और उनका औसत 54 का रहा। वे 378 रन बनाने में सफल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 190.90 का था। 32 बार दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजों ने आईपीएल में 350 रनों का मार्क क्रॉस किया, लेकिन किसी भी बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट इतना नहीं था। यहां तक कि ट्रिस्टन स्टब्स ने 61 फीसदी रन पारी के आखिरी ओवरों में बनाए हैं। आईपीएल 2024 से आईपीएल 2025 के 45वें गेम तक सिर्फ टिम डेविड ने 25 छक्के लगाए हैं, जो ट्रिस्टन स्टब्स से एक हिट ज्यादा है। उन्होंने 24 छक्के लगाए हैं। आईपीएल 2024 के बाद से जिस बल्लेबाज ने 16 से 20 ओवर में 50 से ज्यादा गेंद खेली हैं। उन बल्लेबाजों में ट्रिस्टन स्टब्स टॉप पर हैं। वे 363 रन बना चुके हैं और सिर्फ 147 गेंदों का सामना उन्होंने किया है। औसत उनका 121 का है और स्ट्राइक रेट 246.93 का है। उनका डॉट बॉल पर्सेंटेज महज 11.5 का है। वे 32 चौके और 24 छक्के इस दौरान जड़ने में सफल रहे हैं। दूसरे नंबर पर हेनरिक क्लासेन हैं। उन्होंने इस अवधि में 292 रन 136 गेंदों में बनाए हैं, लेकिन वे 8 बार आउट भी हुए हैं, जबकि स्टब्स सिर्फ 3 बार आउट हुए हैं। उनका औसत 36.5 का है और स्ट्राइक रेट 214.7 का है। डॉट बॉल पर्सेंटेज 22.7 है। वे 21 चौके और 21 छक्के लगा चुके हैं। तीसरे नंबर पर दिनेश कार्तिक हैं, लेकिन वे रिटायर हो चुके हैं। इतना ही नहीं, आईपीएल 2021 के बाद से जिस बल्लेबाज ने 16 से 20 ओवर में टी20 क्रिकेट में कम से कम 500 गेंदों का सामना किया है। उनमें बेस्ट स्ट्राइक रेट ट्रिस्टन स्टब्स का ही है। वे 198.55 के स्ट्राइक रेट से 1370 रन बनाने में सफल रहे हैं। निकोलस पूरन का स्ट्राइक रेट 196.52 का है और हेनरिक क्लासेन का स्ट्राइक रेट 194.13 का है। लियाम लिविंगस्टोन ने 194.06 और रिंकू सिंह ने 192.53 के स्ट्राइक रेट से इस अवधि में रन बनाए हैं। recent visitors 33

खरगोन : कथास्थल की सफाई के लिए जा रहे थे कर्मचारी, हादसे का शिकार, एक की मौत

खरगोन खरगोन शहर के टेमला रोड पर नगर पालिका सफाई कर्मचारी से भरा वाहन पलटा। इसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई और 12 घायल हो गए हैं। सभी कर्मचारी खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार के गृहग्राम टेमला में कथास्थल की सफाई करने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार सोमवार को सुबह 9.15 बजे टेमला रोड पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 26 वर्षीय राजेश पुत्र राजू निवासी मुगल बड़ा रहीमपूरा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 कर्मचारी घायल बताए हुए हैं। चालक भी बुरी तरह से घायल हुआ हैं। सफाई करने जा रहे थे सफाई कर्मचारी संघ के संजय करोसिया ने बताया कि सभी कर्मचारी मल्टी में सफाई करने गए थे। उसके बाद खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार के ग्राम टेमला में 5 मई से आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा की तैयारियों में सफाई करने जा रहे थे। वाहन अनियंत्रित होने से हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों के परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस बल मौके पर मौजूद है, घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। 10 साल पहले भी तीन मजदूरी की मौत हुई थी विधायक बालकृष्ण पाटीदार की जीनिंग परिसर में बंगला निर्माण हुआ था उस दौरान गुजरात से टाइल्स बुलाई थी। टाइल्स खाली करने में तीन मजदूर दब गए थे। उनकी मौत हो गई थीं। recent visitors 32

राफेल एम जेट आईएनएस विक्रांत से संचालित होंगे और मौजूदा मिग-29के बेड़े का सहयोग करेंगे, भारत आज करेगा फ्रांस से बड़ी डील

नई दिल्ली भारत और फ्रांस 28 अप्रैल 2025 यानी आज 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील करेगा. यह समझौता भारतीय नौसेना के लिए होगा. इस समझौते की कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपये है. इसमें 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है. पाकिस्तान समंदर में भी चोट खाएगा. क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी.   दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: 9500 लीटर Su-30: 9400 लीटर Rafale-M… 11,202 लीटर… यानी ज्यादा देर तक उड़ान संभव. ज्यादा अच्छी डॉग फाइट. स्पीड में सिर्फ एक चीनी फाइटर जेट से पीछे J-10: 2205 km/hr J-15: 2963 km/hr Su-30: 2120 km/hr. Rafale-M… 2205 km/hr. यानी J-15 से कमजोर लेकिन सुखोई से ऊपर और जे-10 के बराबर. कॉम्बैट/फेरी रेंज… में सबसे बेहतर राफेल J-10: 1240 km (कॉम्बैट रेंज) J-15: 3500 km (फेरी रेंज) Su-30: 3000 km (फेरी रेंज) Rafale-M… कॉम्बैट रेंज 1850 km और फेरी रेंज 3700 km. यानी सबसे बेहतर. अधिकतम ऊंचाई… इसी मामले में कमजोर है J-10: 59 हजार फीट J-15: 66 हजार फीट Su-30: 57 हजार फीट Rafale-M… 52 हजार फीट. यानी तीनों चीनी फाइटर जेट से पीछे.   किस तरह के फाइटर जेट्स हैं… J-10/J-15 चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट्स हैं. Su-30 मल्टीरोल एयर सुपरीरियॉरिटी जेट है. Rafale-M 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. राफेल में ज्यादा हथियार लगाने की क्षमता चीन के जे-10 फाइटर जेट में 11 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी चार तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, 90 मिलिमीटर के अनगाइडेड रॉकेट्स, 23 मिलिमीटर की गन और चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. जे-15 फाइटर जेट में 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. जिनमें 9 तरीके के हथियार लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा बम भी. इसमें 30 मिलिमीटर की गन लगी होती … Read more