अप्रैल माह में बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) की उपयोगिता का प्रतिशत भारतीय रेल में अव्वल

     भोपाल भारतीय रेलवे में रेलवे ट्रैक मेन्टेनेंस के लिए भी मॉर्डन टेक्नोलॉजी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप रेल गति एवं एक्सल लोड की क्षमता में वृद्धि हो रही है। रेल ट्रैक को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। साथ ही गुणवत्तायुक्त रखरखाव के लिए आधुनिक तकनीक की मशीनों के इस्तेमाल से संरक्षा में वृद्धि हुई है।     इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा नई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इन नई तकनीक की आधुनिक मशीनों के द्वारा रेल ट्रैक के रखरखाव से संबंधित अनेकों प्रकार के कार्य सरलता से किये जाते हैं। इन नई तकनीक की मशीनों के द्वारा कार्य में लागत अत्यधिक कम आती है, और रेल ट्रैक की भारी संरचना के कार्य को भी सरल एवं सुरक्षित तरीके से सम्पादित किया जा रहा है।      पश्चिम मध्य रेल में पाँच प्रकार की टैम्पिंग मशीन को उपयोग कर रेलवे ट्रैक का रखरखाव उच्च तकनीक से किया जा रहा है। जिसमें 3X/सीएसएम/ डब्ल्यूएसटी/एमपीटी मशीनों, बीसीएम मशीन, टी-28 मशीन (टर्नआउट रिन्युअल मशीन), यूएनआईएमएटी मशीन (टर्नआउट टैम्पिंग मशीन) एवं एफआरएम (शोल्डर ब्लास्ट क्लीनिंग मशीन) मशीन शामिल है। जिसमें 3X, सीएसएम, डब्ल्यूएसटी एवं एमपीटी मशीनों के द्वारा मेन ट्रैक का अनुरक्षण कार्य किया जाता है। जबकि बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) से ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग कार्य किया जाता है। बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) की उपयोगिता के मामले में चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम माह में पश्चिम मध्य रेल सम्पूर्ण भारतीय रेलवे में सर्वोच्च स्थान पर है। 01 अप्रैल 2025 से 28 अप्रैल 2025 तक की अवधि में बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) की उपयोगिता का प्रतिशत 78 % रहा जो संपूर्ण 17 क्षेत्रीय रेलों में प्रथम स्थान पर है। जबकि पूर्व रेलवे दूसरे स्थान पर एवं ईस्ट कोस्ट रेलवे तीसरे स्थान पर रही।   इस मशीनों से रेलवे में कई फायदे सिद्ध हुए हैं:- * उच्च तकनीक के उपयोग से गति में वृद्धि। * कॉशन ऑर्डर कम समय के लिए लेना पड़ता है। * मेंटेनेस मे कम ख़र्चा लगता है। * ट्रैकों की उच्च विश्वनीयता, प्रतिधारण और संरक्षा सुनिश्चित होती है । * उच्च गुणवत्ता के चलते कम समय में ज्यादा उत्पादन किया जा सकता है।  * उच्च मानक ट्रैक मेंटेनेस के कारण जर्क रहित होने से यात्रियों के लिए सुविधाजनक है।        पश्चिम मध्य रेल संरक्षा एवं सुरक्षा के लिए कृतसंकल्पित है। पमरे आधुनिककरण एवं आधुनिक मशीनों की उपयोगिता में आगे भी इसी तरह भारतीय रेलवे में अपना बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

पेड़ से टकराई अनियंत्रित बाइक, तीन युवकों की मौत

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. तीन युवक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए. दरअसल, वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के पेंडारी गांव में तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई. दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है. जानकारी के मुताबिक, तीन व्यक्ति एक बाइक पर सवार होकर आर्केस्ट्रा प्रोग्राम देखने के लिए गए हुए थे. जहां से देर रात लौटने के दौरान पेंडारी गांव के पास उनकी बाइक अनिंयत्रित हो गई और सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई. टक्कर के बाद तीनों छिटककर फेका गए. दुर्घटना में बाइक के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, हेडलाइट बुरी तरह टूट गया. तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम कर तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल तीनों व्यक्ति की शिनाखती नहीं हो पाई. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड आदिवासी चित्रकला और नर्मदा परिक्रमा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में किया शामिल

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की पहल यूनेस्को की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी ने राष्ट्रीय सूची में किया शामिल   भोपाल मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों को सफलता प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल पर यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गेनाइजेशन (यूनेस्को) की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी ने मध्य प्रदेश की तीन विरासतों को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में सम्मिलित किया है। इन विरासतों में भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड आदिवासी चित्रकला और नर्मदा परिक्रमा हैं। आगामी वर्षों में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की अंतर्राष्ट्रीय सूची में इन्हें सम्मिलित किया जा सकता है। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में हम मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासतों को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है। यह प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। सूची में नामांकित होने से यह अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेंगे। यह होती हैं अमूर्त सांस्कृतिक विरासत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में वे परंपराएं, प्रथाएं, ज्ञान और कौशल शामिल हैं, जो हमारे पूर्वजों से विरासत में मिले हैं और भविष्य की पीढ़ियों को दिए गए हैं। मूर्त विरासतों में स्मारक या भौतिक कलाकृतियां शामिल होती हैं, वहीं अमूर्त सांस्कृतिक विरासत एक संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्तियों को संदर्भित करती है। इसमें मौखिक परंपराएं, कलाएंं, सामाजिक अनुष्ठान, उत्सव के कार्यक्रम, प्रकृति के बारे में ज्ञान और पारंपरिक शिल्प शामिल होते हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने किया था आवेदन भारत के किसी भी हिस्से से किसी भी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की मान्यता के लिए आवेदन यूनेस्को की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी को प्रस्तुत किए जाते हैं। यह एजेंसी राष्ट्रीय सूची को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में शामिल करने के लिए मध्य प्रदेश के भगोरिया आदिवासी नृत्य, नर्मदा परिक्रमा और गोंड आदिवासी चित्रकला इंटेजिबल कल्चरल हेरीटेज (आईसीएच) को नामांकित करने के लिए आवेदन विगत वर्ष 2024 में किया था। गोंड आदिवासी चित्रकला, पाटनगढ़ पाटनगढ़ की गोंड आदिवसी चित्रकला, कला का ऐसा रूप से जो स्थानीय गोंड जनजाति द्वारा 1400 वर्षों से अधिक समय से सहेजी गई है। यह कला प्रकृति और संस्कृति के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है। दीवार के भित्त चित्र हों या जीवन शैली के उत्पाद, इन सभी को जीवंत रंगों, जटिल रचनाओं और मनमोहक अभिव्यक्ति के माध्यम से तैयार किया जाता है। चूंकि यह समुदाय प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए उनसे प्रेरणा लेकर वे इसे चित्रकला में प्रदर्शित भी करते हैं। परंपरागत रूप से यह कला एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंचती हैं। इन चित्रकलाओं में जहां पेड़–पौधों को कैनवास पर उकेरा जाता है वहीं पशुओं के साथ–साथ आकाश, सूर्य, चंद्रमा आदि का भी सुंदर चित्रण देखने को मिलता है। आकार और प्रयोग में लाई गई जटिलताओं के आधार पर इन्हें बनाने में 2 दिन से लेकर 2 महीने तक का समय लगता है। कई बार बड़ी कलाकृतियों को समूहों में तैयार किया जाता है।     नर्मदा परिक्रमा यह एक पवित्र आध्यात्मिक तीर्थयात्रा है, जिसमें देवी के रूप में पूजनीय मां नर्मदा नदी के चारों ओर 3500 किलोमीटर नंगे पैर परिक्रमा की जाती है। यह यात्रा भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है। यह ऐतिहासिक घाटों, मंदिरों और पवित्र शहरों से होकर गुजरती है। नर्मदा परिक्रमा की यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जिसका वर्णन महाकाव्यों और प्राचीन पवित्र ग्रंथों में मिलता है। यह परिक्रमा छह से आठ महीनों की अवधि में की जाती है। नर्मदा का तट ध्यान और तपस्या की भूमि भी रहा है, जिसे सांस्कृतिक रूप से कई महान ऋषियों और संतों की तपोभूमि के रूप में जाना जाता है। श्रद्धालु चलते समय लगातार मां नर्मदा की स्तुति करते हुए “नर्मदे हर!” का जाप करते हैं। यात्रा अमरकंटक स्थित मां नर्मदा के उद्गम से शुरू होकर पुन: उस बिंदु पर वापस आने के बाद पूरी मानी जाती है। तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद, भक्तों को ओंकारेश्वर मंदिर जाना होता है जो भगवान शिव को समर्पित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।   भगोरिया आदिवासी नृत्य भगोरिया आदिवासी नृत्य और महोत्सव भील जनजाति के बीच खुशी, एकता और परंपरा का एक जीवंत उत्सव है। भगोरिया आदिवासी नृत्य भील समुदाय के भगोरिया त्यौहार का एक अभिन्न अंग है, जो होली के त्यौहार से सात दिन पहले मनाया जाता है। यह त्यौहार पूरे समुदाय व रिश्तेदारों से मिलने के साथ–साथ आनंद से सराबोर होने का अवसर होता है। यह त्यौहार फसल कटाई के मौसम का भी प्रतीक है। भील समुदाय के साथ-साथ भीलाला और पटेलिया जैसे स्थानीय आदिवासी समुदाय भी यह त्यौहार मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह त्यौहार भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने की परंपरा के रूप में शुरू हुआ था। गांव भगोर में भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित एक मंदिर भी मौजूद है (ऐसा माना जाता है कि यह नाम शिव और पार्वती के लिए एक और नाम भाव-गौरी से लिया गया है)। इस दौरान सभी गांवों के निवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पैदल आते हैं। पुरुष धोती और सिर पर साफा पहनते हैं। वे अपने पारंपरिक हथियार और कमर में घंटी की बेल्ट भी पहनते हैं। महिलाएं दुपट्टे के साथ घाघरा और पोल्की पहनती हैं। जनजातीय पुरुष और महिलाएं चांदी के पारंपरिक आभूषण पहनते हैं। समूह पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों जैसे मांदर, कुंडी, पीतल की थाली और बांसुरी का वादन करते हुए समूह नृत्य करते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया … Read more

वाई-फाई के फुल सिग्नल के लिए आजमाएं ये आसान हैक्स

नई दिल्ली आज वाई-फाई सभी घरों में बेहद आम है लेकिन इसके साथ आने वाली एक समस्या भी आम तौर पर सभी घरों में मिलती है। दरअसल कई बार ऐसा होता है कि वाई-फाई के सिग्नल सही से पूरे घर में नहीं आते। इसकी वजह से इंटरनेट स्लो हो जाता है या बार-बार रुकने लगता है। ऐसी समस्या हो सकता है आप भी झेल रहे हों और घर के किसी भी कोने में आपको भी वाई-फाई के कम सिगनल मिल रहे हों। ऐसा खासकर पर तब होता है जब घर बड़ा हो या दीवारें मोटी हों। लोग इसे ठीक करने के लिए नया राउटर या महंगे डिवाइस पर पैसे खर्च करने के बारे सोचने लगते हैं लेकिन ऐसा ज़रूरी नहीं है। कुछ आसान और घरेलू तरीकों से भी वाईफाई के सिग्नल को बेहतर किया जा सकता है। आज हम ऐसे ही 5 तरीके बताएंगे, जिन्हें कोई भी खुद घर पर बिना किसी टेक्निकल जानकारी के आजमा सकते हैं और अपने वाई-फाई को कहीं ज्यादा तेज और मजबूत बना सकते हैं। राउटर की जगह सोच कर चुनें घर में वाईफाई के सिग्नल अच्छे से आ पाएं इसके लिए राउटर को हमेशा घर के बीचों बीच और खुली जगह पर रखने की सलाह दी जाती है। अगर आपने राउटर किसी कोने में या अलमारी के अंदर रखा है, तो सिग्नल को पूरे घर में ट्रैवल करने में समस्या आएगी। एक्सपर्ट कहते हैं कि राउटर को ऊंचाई पर रखना चाहिए, जैसे किसी मेज या ऊंचे शेल्फ पर। आज चाहें तो इसे छत पर भी अटैच करवा सकते हैं। अक्सर दफ्तरों में राउटर सीलिंग के साथ अटैच करके इस्तेमाल किए जाते हैं। एक ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि राउटर के आस-पास माइक्रोवेव, वायरलेस फोन या बड़े मेटल के सामान न रखें हों क्योंकि ये सिग्नल को जाम करते हैं। अगर आप राउटर को सही जगह पर रखते हैं, तो सिग्नल पूरे घर में आसानी से पहुंच पाएगा। पुराने राउटर का सॉफ्टवेयर अपडेट करें जैसे मोबाइल में सॉफ्टवेयर अपडेट जरूरी होता है, वैसे ही वाईफाई राउटर का फर्मवेयर अपडेट करना भी जरूरी होता है। राउटर के लिए आने वाले अपडेट में बेहतर सिक्योरिटी और तेज नेटवर्क फीचर्स दिए जाते हैं। अगर आपके राउटर में स्पीड या सिग्नल से जुड़ी को समस्या आ रही है, तो हो सकता है कि कंपनी उसे नए अपडेट में ठीक कर चुकी हो। ऐसे में अगर आपका राउटर बहुत पुराने सॉफ्टवेयर पर चल रहा है, तो उसकी परफॉर्मेंस कमजोर हो सकती है। आप राउटर की सेटिंग्स में जाकर उसका फर्मवेयर अपडेट कर सकते हैं।​ राउटर को रीस्टार्ट करते रहें अक्सर देखा गया है कि लोग एक बार राउटर को लगाने के बाद उसे कभी ऑफ नहीं करते। इससे वाईफाई की स्पीड धीमी हो जाती है क्योंकि राउटर में बहुत ज्यादा लोड या छोटे-छोटे एरर आ जाते हैं। जैसे इंसानों को लगातार काम करने से थकावट होती है वैसे ही आपका राउटर भी थक कर स्लो हो जाता है। इसे ठीक करने के लिए हफ्ते में एक बार राउटर को बंद करके 1-2 मिनट बाद फिर से चालू करना चाहिए। ऐसा करने से राउटर का सिस्टम रिफ्रेश होता है और नेटवर्क की छोटी-मोटी दिक्कतें अपने आप ठीक हो जाती हैं। अगर आपके राउटर में ऑटोमैटिक रीस्टार्ट का ऑप्शन है, तो उसे ऑन रखना चाहिए। वाईफाई रिपीटर या बूस्टर का इस्तेमाल करें अगर आपका घर काफी बड़ा है और सिग्नल एक कोने से दूसरे कोने तक नहीं पहुंच पाता, तो वाईफाई रिपीटर या बूस्टर का इस्तेमाल करें। इस डिवाइस की मदद से आप राउटर के सिग्नल की पहुंच को बढ़ा सकते हैं। इसे प्लग में लगाकर आसानी से सेट किया जा सकता है। इसकी मदद से घर के दूर-दराज के हिस्सों में भी तेज वाईफाई सिग्नल पहुंच सकते हैं। यह तरीका बड़े घरों, दफ्तरों या दो मंजिल वाले मकानों के लिए बहुत अच्छा रहता है। बता दें कि आप पुराने राउटर को भी रिपीटर या बूस्टर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।​ बेकार के डिवाइस नेटवर्क से हटाएं घर में जब बहुत सारे डिवाइस एक साथ वाईफाई से जुड़े रहते हैं, तो नेटवर्क पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में वाइफाई की परफॉर्मेंस कमजोर होना लाजमी है। ऐसे में जिन डिवाइसेज की जरूरत न हो, उन्हें वाईफाई से डिस्कनेक्ट कर देना बेहतर होता है। आप राउटर की सेटिंग में जाकर चेक कर सकते हैं कि कौन-कौन से डिवाइस उससे कनेक्ट हैं। इसके बाद आप आसानी से उन डिवाइसेज को राउटर से डिस्कनेक्ट कर सकते हैं जो बेकार ही आपके राउटर का लोड बढ़ा रहे हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 54

हिरण के सींग के साथ वन विभाग की टीम ने 2 शिकारियों को किया गिरफ्तार

रायपुर राजधानी रायपुर में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. विभागीय टीम ने मोवा इलाके में हिरण के सींग और अवशेषों के साथ 2 आरोपियों नाम यासिर खान और फराज खान को गिरफ्तार किया है. इस दौरान आरोपियों ने गिरफ्तारी का काफी विरोध किया, लेकिन वन विभाग की टीम ने किसी तरह उन्हें काबू में कर लिया. इस पूरे ऑपरेशन का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टीम की सक्रियता साफ देखी जा सकती है. यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख राव साहब के निर्देशन और रायपुर वन मंडलाधिकारी व संयुक्त वन मंडलाधिकारी के नेतृत्व में की गई. ऑपरेशन में उड़नदस्ता अधिकारी और रायपुर रेंजर दीपक तिवारी की अगुवाई में BFO अमृत पाल सिंह, BFO भूपेंद्र खैरवार, BFO दीपक वर्मा, BFO गोस्वामी और सहयोगी यशपाल शामिल रहे. वन विभाग की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है. विभाग ने टीम को इस साहसिक अभियान के लिए बधाई दी है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 24

पहलगाम हमले के बाद देशभर में अलर्ट, दिल्ली में हाईलेवल बैठक

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का महौल है। साथ ही सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी सिलसिले में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने की। इसमें बीएसएफ, एनएसजी और असम राइफल्स के प्रमुखों के साथ-साथ एसएसबी और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में शामिल हुए ये अधिकारी बैठक में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के प्रमुख ब्रिघु श्रीनिवासन, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और एसएसबी की अतिरिक्त महानिदेशक अनुपमा नीलेकर चंद्रा मौजूद थीं। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों का एक्शन वहीं सोमवार को जम्मू और कश्मीर पुलिस ने डोडा जिले में 13 स्थानों पर छापे मारे, ताकि आतंकवादी ठिकानों का पर्दाफाश किया जा सके और आतंक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, श्रीनगर पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के सहयोगियों के घरों पर व्यापक छापेमारी की। मामले में जारी पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार श्रीनगर पुलिस ने 63 व्यक्तियों के घरों की तलाशी ली। इन कारणों से की जा रही छापेमारी मीडिया रिपोर्ट की माने तो यह छापेमारी कानूनी प्रक्रिया के तहत और जम्मू और कश्मीर पुलिस के अधिकारियों की निगरानी में की गई, ताकि हथियार, दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण आदि जमा किए जा सकें और किसी भी संभावित आतंकवादी गतिविधि को रोकने के लिए सबूत जुटाए जा सकें। पहलगाम आतंकी हमला, एज नजर पहलगाम में मंगलवार 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं। टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28

सीएम साय का बड़ा बयान, बोले-पानी नहीं, छाया नहीं, फिर भी 44 डिग्री तापमान में जवानों ने संभाला है मोर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी है. कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर जवानों ने नक्सलियों को घेर रखा है. ऑपरेशन में जवानों ने 3 महिला नक्सलियों को ढेर किया है. इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सबसे बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने रणभूमि पर डटे जवानों के हौसले को सराहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर जारी एंटी नक्सल ऑपरेशन पर आज कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ और तेलंगाना बॉर्डर के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर चल रहे सबसे बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर जानकारी ली है. रणभूमि में हमारे वीर जवान 44 डिग्री की तीव्र गर्मी, पानी की कमी और बिना छांव जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भी डटे हुए हैं। उन्होंने जवानों के शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए सराहना की है. बता दें कि छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सरहदी इलाके के कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर जवानों और नक्सलियों के बीच काफी दिनों तक मुठभेड़ चली. अभी भी जवानों ने नक्सलियों को घेर रखा है. मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें से 3 के शव और हथियार बरामद किए गए हैं. हीटवेव के शिकार हो चुके 40 जवान बड़े नक्सली लीडर की सूचना मिलते ही तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ की फोर्स को मिलाकर एक स्पेशल ऑपरेशन प्लान किया गया. युवा और जांबाज जवानों की टीम तैयार की गई, जो इन दुर्गम पहाड़ियों में टिक सके, लड़ सके और जीत सके. अब तक इस ऑपरेशन को 7 दिन हो चुके हैं. जवानों ने चारों तरफ से पहाड़ियों को घेर लिया है और धीरे-धीरे चोटी की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि गर्मी ने भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. अब तक 40 जवान हीटवेव का शिकार हो चुके हैं, जिन्हें एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इस ऑपरेशन को सफल बनाने बिहार, झारखंड से भी सुरक्षा बल के जवानों को बुलाया गया है. नक्सलियों के पास महीनेभर का है राशन करीब 1 महीने का राशन और पहाड़ पर प्राकृतिक पानी के स्रोत नक्सलियों को ताकत दे रहे हैं. ऑपरेशन के दौरान जवानों को एक गुफा भी मिली, जिसमें एक शिवलिंग स्थापित था, लेकिन वहां कोई नक्सली नहीं मिला. कर्रेगट्टा की पहाड़ियों पर ये बड़े नक्सली लीडर हैं मौजूद सूत्रों के मुताबिक, कर्रेगट्टा की पहाड़ियों पर नक्सली लीडर हिड़मा, दामोदर, बल्ली प्रकाश, आजाद ये सभी बड़े सीसी मेंबर मौजूद हैं. इनके साथ चंद्रन्ना, सुजाता, विकल्प, विज्जा, उर्मिला, गंगा, अभय, पापा राव और देवा के अलावा बटालियन नंबर 1 और 2 के लगभग सभी बड़े नक्सली भी वहां मौजूद हैं. यानी अगर ये ऑपरेशन सफल होता है तो बस्तर में नक्सलवाद की कमर टूट जाएगी. नक्सल ऑपरेशन पर पूरे देश की नजर फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन को निर्णायक दौर में पहुंचा दिया है. हर दिन नक्सलियों के लिए आखिरी सुबह साबित हो रही है. कुछ दिन पहले ही पुलिस ने तीन महिला नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की थी. साथ ही कई हथियार भी बरामद किए गए थे. पुलिस ने साफ कह दिया है कि जब तक नतीजा नहीं निकलेगा ऑपरेशन जारी रहेगा. यह बस्तर के इतिहास का सबसे बड़ा ऑपरेशन है और अब पूरे देश की नजर इस निर्णायक लड़ाई पर टिकी है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25