कर्रेगुट्टा में नए सुरक्षा शिविरों से माओवादियों के लिए खतरे की घंटी बजना तय, गढ़ को ध्वस्त करने में मिलेगी सफलता

जगदलपुर छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर माओवादियों के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा बल इलाके में नवीन सुरक्षा शिविर (एफओबी) तैयार करेंगे। माओवादियों के सबसे सुरक्षित आश्रय स्थल कर्रेगुट्टा तक पहुंचने के बाद अब यहां कई एफओबी खोलकर तेलंगाना सीमा को माओवादियों के लिए पूरी तरह से बंद करने की तैयारी की जा रही है। इधर, लगातार आठवें दिन भी सुरक्षा बल के जवानों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर अभियान जारी रखते हुए पहले दिन से तैनात जवानों को आराम देने का निर्णय लेते हुए उनकी जगह नए जवानों की तैनाती की गई है। क्सलियों के खिलाफ चल रहे सबसे बड़े ऑपरेशन को छत्तीसगढ़ की फोर्स अकेले ही हैंडल कर रही है। हालांकि केंद्र से CRPF का सपोर्ट है लेकिन तेलंगाना अब इस पर बैकफुट पर दिख रही है। तेलंगाना में अब बड़े नेता शांति वार्ता के पक्ष में खुलकर बोल रहे हैं। अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना और महाराष्ट्र से भी फोर्स कर्रेगुट्टा के पहाड़ को घेर रही है। ऑपरेशन करीब 7 दिन से चल रहा है। कुछ जवान जब ऑपरेशन के पांचवें-छठवें दिन मौके से लौटे तब ऑपरेशन से जुड़ी और जानकारी बाहर आई। पता चला कि, इस ऑपरेशन में सिर्फ छत्तीसगढ़ की ही फोर्स है। छत्तीसगढ़ में बस्तर के IG सुंदरराज पी ने इस नक्सल ऑपरेशन को निर्णायक जंग बताया था। अब आपको बताते हैं तेलंगाना में इसे लेकर कैसा माहौल है और राजनेताओं का क्या रुख है? अभियान अंतिम परिणाम आने तक चलता रहेगा इससे स्पष्ट है कि माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों का यह अभियान अंतिम परिणाम मिलने तक चलता रहेगा। बस्तर में माओवादियों के सबसे मजबूत ठिकाने तक शनिवार को फोर्स के जवान पहुंच गए थे। इसके बाद से लगातार पहाड़ी पर सर्चिंग जारी है। इस बीच जवानों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी से अब तक 150 से अधिक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) व माओवादियों के दर्जनों बंकर भी ढहा दिए हैं। 45 से 48 डिग्री तापमान के बीच अभियान कर रहे जवानों को चोटी पर पानी का एक प्राकृतिक सोता भी मिला है, इससे भी जवानों का हौसला बढ़ा है। तेलंगाना सीमा पर निर्णायक बढ़त छत्तीसगढ़ व तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ी लंबे समय से माओवादियों का ठिकाना हुआ करती थी, वहां आठ दिन से चल रहे अभियान के बाद सुरक्षा बलों ने निर्णायक बढ़़त बना ली है। बीते चार दशक से कर्रेगुट्टा की खड़ी चढ़ाई के कारण इस पहाड़ी शृंखला तक पहुंचने में सुरक्षा बल को कभी कामयाबी नहीं मिली थी, पर अब वहां भी फोर्स पहुंच चुकी है। बस्तर में माओवादियों क्षेत्रों में लगातार एफओबी की स्थापना से एक-एक कर माओवादियों के गढ़ छिनते चले गए। इसके बाद यह सूचना मिल रही थी कि माओवादी संगठन दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी), तेलंगाना स्टेट कमेटी (टीएससी) व बटालियन नंबर एक के शीर्ष नक्सलियों ने कर्रेगुट्टा को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए हैं। 10 हजार से अधिक जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ी को घेरा आठ दिन पहले माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों की ओर से एक निर्णायक लड़ाई छेड़ी गई। दस हजार से अधिक जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ी को घेर लिया। पहली बार 12 किमी की चढ़ाई कर जवान पहाड़ के ऊपर तक पहुंचने में सफल रहे। इस अभेद्य कुर्रेगुटा की पहाड़ी शृंखलाओं के बड़े हिस्से पर सुरक्षा बल ने कब्जा कर लिया है। जवान एक सप्ताह से यहां के चप्पे-चप्पे की छानबीन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस पहाड़़ी पर कई एफओबी स्थापित किए जाएंगे, जिसके बाद ढाई सौ वर्ग किमी की यह पहाड़ी शृंखला माओवादियों के लिए सुरक्षित नहीं रह जाएगी। तेलंगाना में राजनीति शुरू नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना में राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व CM के. चंद्रशेखर राव ने इस ऑपरेशन को गलत ठहराया है। उन्होंने केंद्र से माओवादियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन कगार’ को रोकने का आग्रह किया है। तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट भी एक्शन मोड पर नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद का खात्मा करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में भी BJP की सरकार है। जबकि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। यहां विपक्ष में भी लोकल पार्टी BRS है। यही वजह है कि नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट एक्शन मोड पर नहीं है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि, इस इलाके को घेरने के लिए तेलंगाना की लोकल पुलिस को एक्टिव ही नहीं किया गया। जबकि जहां नक्सल ऑपरेशन चल रहा है, वहां का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा तेलंगाना में ही है। शांतिवार्ता समिति ने CM से की मुलाकात छत्तीसगढ़ की फोर्स ने नक्सलियों के टॉप कैडर्स को पिछले 8 दिनों से घेर रखा है। जवान लगातार पहाड़ की चढ़ाई चढ़ रहे हैं। बड़े कैडर्स फंस चुके हैं। वहीं तेलंगाना में शांति वार्ता समिति के दुर्गा प्रसाद, प्रोफेसर हरगोपाल, प्रोफेसर अनवर खान और संयोजक न्यायमूर्ति चंद्रकुमार समेत अन्य सदस्यों ने तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी से बातचीत की है। इसमें शांति वार्ता के लिए पहल करने और ऑपरेशन रुकवाने पर जोर दिया है। समिति के सदस्यों ने इस बैठक में मुख्यमंत्री से कर्रेगुट्टा में युद्ध विराम के लिए केंद्र पर दबाव डालने को कहा है। रेड्डी ने भी आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए जना रेड्डी से मिलेंगे। तेलंगाना में राजनीति शुरू नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना में राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व CM के. चंद्रशेखर राव ने इस ऑपरेशन को गलत ठहराया है। उन्होंने केंद्र से माओवादियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन कगार’ को रोकने का आग्रह किया है। तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट भी एक्शन मोड पर नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद का खात्मा करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में भी BJP की सरकार है। जबकि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। यहां विपक्ष में भी लोकल पार्टी BRS है। यही वजह है कि नक्सल ऑपरेशन को लेकर तेलंगाना स्टेट गवर्नमेंट एक्शन मोड पर नहीं है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि, इस इलाके को घेरने के लिए तेलंगाना की लोकल पुलिस को एक्टिव ही नहीं किया गया। जबकि जहां नक्सल ऑपरेशन चल रहा है, वहां का लगभग 40 से 50 प्रतिशत … Read more

दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हरदा के एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया

हरदा  सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हरदा के एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया. यह पहला मौका है जब हरदा के किसी मरीज को एयर एंबुलेंस से इलाज के लिए किसी दूसरे शहर भेजा गया. सीएमएचओ के निर्देश के बाद घायल को एयरलिफ्ट किया गया. पीड़ित युवक के भाई ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की सराहना की. भीषण दुर्घटना का शिकार हुआ था युवक दरअसल, जिले के रोलगांव निवासी 28 वर्षीय दिनेश गोंड का 3 दिन पहले हरदा में रोड एक्सीडेंट हो गया था. वह बाजार से घर लौट रहा था, इसी दौरान सामने से एकाएक एक भैंस आ गई और उसे बचाने के चक्कर में दिनेश बिजली के पोल से टकरा गया. हादसे में उसका पैर 3 जगह से टूट गया और कंधे की हड्डी भी टूट गई. गंभीर रुप से घायल युवक को पुलिस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां 2 दिन तक उपचार के बाद सोमवार को भोपाल रेफर किया गया. 35 मिनट में हरदा से पहुंचाया भोपाल गंभीर रूप से घायल दिनेश को वाया रोड भोपाल ले जाने में जान का खतरा था. डॉक्टरों ने अंदेशा जताया कि रोड पर झटके लगने से मरीज कोमा में भी जा सकता है, जिसके बाद सीएमएचओ की पहल पर घायल को पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना के तहत हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध कराई गई. इससे मरीज को मात्र 35 मिनट में भोपाल पहुंचाया गया. एयर एम्बुलेंस के डॉक्टर निर्भय सिंह ने बताया, '' मरीज के बाएं पैर की हड्डी कई टुकड़ों में टूटने के कारण उसे भयानक दर्द था और ऐसी स्थिति में वह कोमा में भी जा सकता था.'' घायल के भाई ने कहा- ये हमारे लिए बड़ी मदद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचपी सिंह ने बताया, '' हमारे अस्पताल में दिनेश के इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं थी, इसलिए उसे भोपाल भेजा गया. पैर की हालत को देखते हुए उसे साधारण एम्बुलेंस से भेजना संभव नहीं था. इसलिए हमने एयर एंबुलेंस की मदद ली.'' घायल युवक के भाई महेश गोंड ने कहा, '' सरकार की इस सुविधा से हमें बहुत राहत मिली है. भाई की हालत ऐसी थी कि वह सड़क मार्ग से यात्रा नहीं कर सकता था. हेलीकॉप्टर से उसे भोपाल भेजा जा रहा है, यह हमारे लिए बड़ी मदद है.'' तत्काल बेहतर इलाज के लिए शुरू की गई है योजना पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की थी. इस योजना का उद्देश्य गंभीर रूप से घायल या बीमार मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना है. खासकर तब, जब सड़क मार्ग से ले जाना संभव न हो या इसमें बहुत समय लग सकता हो. यह योजना गरीब और दूरदराज के इलाकों में रहने वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

कमलापति स्टेशन परिसर में पुलिसकर्मी दौलत खान की पिटाई करने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार

भोपाल  राजधानी भोपाल के कमलापति स्टेशन परिसर में पुलिसकर्मी दौलत खान की पिटाई करने और वर्दी फाड़ने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आज सभी का जुलूस निकला। पुलिस ने उसी जगह इन आरोपियों का जुलूस निकाला, जहां इन्होंने घटना को अंजाम दिया था। रेल SP राहुल लोढ़ा ने बताया कि घटना वाले दिन एक आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। अन्य 2 आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दिलीप अहिरवार और अमन यादव करोंद के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उनके हिंदू और मुस्लिम को लेकर कमेंट करने के आधार पर BNS की 196 के तहत धारा बढ़ाई गई है। सभी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि राजधानी भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन परिसर में 26 और 27 अप्रैल की दरमियानी रात शराब पीने से मना करने के दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मी की पिटाई कर दी थी। 3 लड़के और एक लड़की स्कोर्पियो कार में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान GRP पुलिसकर्मी दौलत खान ने उन्हें शराब पीने से मना किया तो उन्होंने हमला कर दिया। आरोपियो ने पुलिसकर्मी दौलत खान का नाम देखकर धार्मिक टिप्पणी करते हुए उन्हें जमकर पीटा और वर्दी तक फाड़ दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी दिलीप अहिरवार, अमन यादव, जितेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

UPSC Mains क्लियर हुआ है तो मिलेंगे पैसे, छत्तीसगढ़ सरकार देगी 1 लाख, नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर.  छत्तीसगढ़ में यूपीएससी की तैयारी कर रहे प्रतिभागियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने संघ लोकसेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को 1 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। बता दें कि राज्य शासन द्वारा नगर निगमों में महापौर सम्मान राशि दी जाती है। यूपीएससी के प्रतिभागियों को 1 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि इसी निधि के अंतर्गत दी जाएगी। हाल ही में UPSC 2024 के नतीजे जारी हुए हैं, जिसमें बिलासपुर की पूर्वा अग्रवाल ने 65वां रैंक हासिल किया है। मुंगेली के अर्पण चोपड़ा ने 313वां रैंक हासिल किया है। वहीं बस्तर के जगदलपुर की मानसी जैन ने 444वीं रैंक, अंबिकापुर के केशव गर्ग ने 496वीं रैंक और अंबिकापुर की ही शची जायसवाल ने 654वीं रैंक हासिल की है। महापौर सम्मान निधि से मिलेगा लाभ सरकार की इस पहल के तहत UPSC की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को यह राशि नगर निगमों की ‘महापौर सम्मान निधि’ के अंतर्गत दी जाएगी। यह निर्णय न केवल युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी सहयोग प्रदान करेगा। छत्तीसगढ़ के युवाओं का शानदार प्रदर्शन हाल ही में घोषित हुए UPSC 2024 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पूर्वा अग्रवाल (बिलासपुर) ने 65वीं रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। अर्पण चोपड़ा (मुंगेली) ने 313वीं रैंक हासिल की। मानसी जैन (जगदलपुर, बस्तर) को 444वीं रैंक मिली। केशव गर्ग और शची जायसवाल (दोनों अंबिकापुर से) ने क्रमशः 496वीं और 654वीं रैंक हासिल की। यूपीएससी में नवोदय विद्यालय का जलवा कायम  यूपीएससी 2024 में नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस साल एनवीएस के 35 पूर्व छात्रों ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपना और स्कूल का नाम रोशन किया. शिक्षा मंत्रालय ने भी इस उपलब्धि की सराहना की है. एनवीएस ने ग्रामीण प्रतिभाओं को बड़ा मंच दिया है. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) 2024 के नतीजों में नवोदय विद्यालय (NVS) के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस वर्ष एनवीएस के कई छात्रों ने देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा को पास कर इतिहास रचा है. इन छात्रों की सफलता से न सिर्फ उनके स्कूल का मान बढ़ा है बल्कि पूरे देश में नवोदय शिक्षा मॉडल की ताकत भी दिखाई दी है. शानदार सफलता हासिल की नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के 35 पूर्व छात्रों ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में सफलता हासिल कर सभी का गर्व बढ़ाया है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 22 अप्रैल को परीक्षा के नतीजे जारी किए, जिसमें कुल 1009 से ज्यादा उम्मीदवारों का चयन हुआ. टॉप 3 में भी चमके प्रतिभाशाली छात्र इस बार प्रयागराज के शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है. वहीं, हर्षिता गोयल ने रैंक 2 और डोंगरे अर्चित पराग ने रैंक 3 हासिल कर शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है. शिक्षा मंत्रालय ने दी बधाई शिक्षा मंत्रालय ने भी नवोदय विद्यालयों की इस शानदार उपलब्धि की सराहना की. मंत्रालय ने कहा कि नवोदय स्कूल ग्रामीण छात्रों को बेहतरीन शिक्षा देकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के काबिल बना रहे हैं. यह सफलता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में बताए गए समावेशी और समान शिक्षा के सपनों को साकार करती है. चयनित छात्र अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और केंद्र सरकार की ग्रुप ‘A’ और ‘B’ सेवाओं में नियुक्त होंगे. यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर पूरी मेरिट लिस्ट देखी जा सकती है. व्यक्तिगत अंक (स्कोरकार्ड) 15 दिनों के भीतर जारी किए जाएंगे. यूपीएससी ने नियमों के अनुसार एक सामान्य आरक्षित सूची भी तैयार की है. साथ ही, फिलहाल 241 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को अनंतिम तौर पर रखा गया है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

अहमदाबाद में पहलगाम हमले के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बुलडोजर एक्शन, अवैध निर्माण किए जा रहे ध्वस्त

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद के शाहआलम इलाके के पास चंडोला तालाब क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अवैध निर्माण पर मंगलवार से बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। गुजरात पुलिस ने सोमवार रात से ही इसकी तैयारियां शुरू कर दी थीं। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए 50 बुलडोजर और 36 डंपर को लगाया गया है। अहमदाबाद प्रशासन ने सुबह-सुबह अतिक्रमण के खिलाफ शुरू किए अभियान में चंडोला तालाब पर बनी अवैध झोपड़ियां और आलीशान फार्म हाउस को जमींदोज कर दिया है. नगर निगम की इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. वहीं, नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोग गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर HC ने सुनवाई करने से इनकार कर याचिका खारिज कर दी है. मंगलवार सुबह इस इलाके के 2000 स्क्वेयर यार्ड में फैले एक आलीशान फार्महाउस ढहाया गया है। पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसओजी, साइबर क्राइम और एसआरपी की टीमें इलाके में तैनात हैं। अब यह मामला गुजरात हाईकोर्ट पहुंच गया है। क्षेत्र के निवासियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि कानूनी प्रक्रिया और नियमों का पालन किए बिना ही तोड़फोड़ की जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि यहां रहने वालों के बांग्लादेशी होने का कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। बता दें कि अहमदाबाद पुलिस ने बीते दो दिन में शाहआलम इलाके से 890 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से 143 लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू की गई। 2000 गज के फार्महाउस को देख चौंके कमिश्नर कार्रवाई के लिए पहुंचे पुलिस कमिश्नर उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने झुग्गियों के बीच 2000 वर्ग गज में फैला आलीशान फार्महाउस देखा। जांच में पता चला कि यह आलीशान फार्महाउस लल्ला बिहारी नाम के शख्स का है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही लल्ला बिहारी फरार हो गया। इस अवैध फार्महाउस को ध्वस्त कर दिया गया है। गुजरात हाईकोर्ट पहुंचा मामला इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि कोई व्यक्ति अवैध विदेशी है या नहीं, इसका फैसला सिर्फ फॉरेन ट्रिब्यूनल ही कर सकता है। इसके अलावा घर गिराने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और पुनर्वास की कोई व्यवस्था भी नहीं की गई। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की है। इस पर आज सुनवाई की संभावना है। क्या बोले पुलिस कमिश्नर? अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि “बंगाल वास एक ऐसा इलाका है, जहां कई अवैध बांग्लादेशी रहते हैं। इनके खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है। पहले भी तोड़फोड़ की गई है। 3 दिन पहले पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें 180 से ज़्यादा अवैध बांग्लादेशियों की पहचान की गई थी और यह प्रक्रिया जारी है। पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि हमने एक एफआईआर भी दर्ज की है, जिसमें लल्लू बिहारी नाम के एक व्यक्ति और उसके कुछ लोगों के नाम हैं। वह फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाता था, ताकि आधार बनवाया जा सके। उसने यहां एक बड़ा फार्महाउस बनाया था। उसका घर, जो उसने अवैध रूप से बनाया था, उसे ध्वस्त कर दिया गया है और अभी भी तोड़फोड़ की प्रक्रिया चल रही है। सिंह ने कहा कि हमें पता चला है कि कुछ लोगों ने अवैध रूप से पासपोर्ट भी बनवा लिए हैं, इसलिए हमने लल्लू बिहारी और उसके गिरोह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और पुलिस निश्चित रूप से जांच करेगी। 'दो हजार पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई' डिमोलिशन ड्राइव के बारे में जानकारी देते हुए ज्वाइंट सीपी (क्राइम) शरद सिंघल ने बताया, 'सियासतनगर बंगाल वास था, जहां अधिकांश बांग्लादेशी रहते थे… एएमसी ने एक सर्वेक्षण किया, जिसमें पाया गया कि अवैध निर्माण किया गया था. ध्वस्तीकरण अभियान चल रहा है. कुल 50 जेसीबी यहां काम कर रही हैं और लगभग 2,000 पुलिसकर्मी यहां तैनात हैं.' उन्होंने बताया कि साल 2009 में भी यहां कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इन लोगों ने तालाब पर मिट्टी डालकर अपने घर बना लिए थे. बीते दिनों अहमदाबाद नगर निगम ने सर्वे किया था, जिसके बाद ये कार्रवाई की जा रही है. बुलडोजर एक्शन पर HC से राहत नहीं वहीं, अहमदाबाद नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोग गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. स्थानीय लोगों ने तुरंत सुनवाई की मांग करते हुए नगर निगम की कार्रवाई को चुनौती दी. हालांकि, हाईकोर्ट ने स्थानीय लोगों को राहत ना देते हुए नगर निगम की कार्रवाई पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया और याचिका को खारिज कर दिया. '6,500 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हिरासत में' पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहाय ने कहा कि अहमदाबाद और सूरत में बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद पूरे राज्य में इसी तरह के अभियान चलाए गए, जिसमें लगभग 6,500 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिया गया और उनकी पहचान सत्यापित की गई. उन्होंने बताया, 'अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद गुजरात के सभी जिलों और पुलिस आयुक्तालयों को यह कार्य (बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने का) करने को कहा गया. मेरे पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हमने करीब 6,500 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है.' आईपीएस अधिकारी ने कहा, 'अभी तक दस्तावेजी सबूतों के आधार पर करीब 450 बांग्लादेशी नागरिकों के यहां (गुजरात में) अवैध रूप से रहने की पुष्टि हो चुकी है. बाकी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है. हमें लगता है कि हम बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशियों की पहचान स्थापित करने में सफल होंगे.' उन्होंने कहा कि एक बार बांग्लादेशी नागरिक के रूप में उनकी पहचान स्थापित हो जाने पर, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के समन्वय से उनके निर्वासन के लिए कदम उठाए जाएंगे. अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद हिरासत में लिए गए 1,000 से ज़्यादा संदिग्ध बांग्लादेशियों से पूछताछ की जा रही है। सहाय ने बताया कि उनके निर्वासन के लिए कदम उठाने से पहले उनकी राष्ट्रीय पहचान स्थापित करने के लिए दस्तावेजी और … Read more

पहलगाम हमले में आतंकियों का पाक कनेक्शन, हाशिम मूसा को कुख्यात आतंकवादी, 12 लोगों के सिर में मारी गोली

श्रीनगर  पहलगाम आतंकी हमले के पीछे दो पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ माना जा रहा है। सुरक्षा बल उन्हें पकड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। ये आतंकी करीब डेढ़ साल पहले पाकिस्तान से जम्मू और कश्मीर में घुसे थे। उन्होंने सांबा-कठुआ क्षेत्र से घुसपैठ की थी। तब से वे कई आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं। सेना, राष्ट्रीय राइफल्स और पैरामिलिट्री फोर्स अनंतनाग के ऊपरी इलाकों में आतंकियों को ढूंढ रही हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस ने आतंकियों की पहचान अली भाई उर्फ तल्हा और हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान के रूप में की है। पुलिस ने एक स्थानीय लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य आदिल हुसैन ठोकर का स्केच भी जारी किया है। माना जा रहा है कि ठोकर भी पहलगाम हमले में शामिल था। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। आतंकियों की कैसे पहचान कर रही जांच एजेंसी? दरअसल हाशिम मूसा पर पिछले साल 20 अक्टूबर को सोनमर्ग में जेड-मोड़ टनल पर हमला करने का शक है। उस हमले में एक निर्माण इकाई में काम करने वाले सात लोग मारे गए थे। सूत्रों ने बताया कि चश्मदीदों, पर्यटकों और स्थानीय गाइडों की ओर से रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज और सुरक्षा बलों के पास घाटी में सक्रिय आतंकियों के बारे में मौजूद जानकारी को मिलाकर तीनों हमलावरों की पहचान की गई। एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि चश्मदीदों को सक्रिय आतंकियों की कई तस्वीरें दिखाई गईं। उन्होंने मूसा को एक तस्वीर से पहचाना। इसके बाद सभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर अन्य हमलावरों की पहचान की गई। हाशिम मूसा की कैसे हुई पहचान? सूत्रों ने बताया कि मूसा की पहचान जिस तस्वीर से हुई, वह मारे गए स्थानीय लश्कर ए तैयबा आतंकी जुनैद अहमद भट के फोन से मिली थी। भट को पिछले दिसंबर में दाचीगम के जंगलों में मार गिराया गया था। जेड-मोड़ टनल हमले को अंजाम देते हुए वह CCTV कैमरे में कैद हुआ था। पुलिस ने उसके शव से एक फोन बरामद किया था। इसमें मूसा सहित अन्य आतंकियों के साथ उसकी तस्वीरें थीं। सूत्रों ने बताया कि अली भाई भी उसी समूह का हिस्सा था। चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस ने ठोकर को हमले में शामिल लश्कर का स्थानीय सदस्य बताया है। आतंकियों का पाक कनेक्शन अनंतनाग के बिजबेहरा का रहने वाला ठोकर 2018 में वाघा बॉर्डर पार करके स्टूडेंट वीजा पर पाकिस्तान गया था। वहां उसने लश्कर ए तैयबा के टेरर ट्रेनिंग कैंप में बकायदा ट्रेनिंग ली। सूत्रों ने बताया कि वह डेढ़ साल पहले दो पाकिस्तानी आतंकियों के साथ वापस आया था। पाकिस्तान जाने से पहले ठोकर कश्मीर में एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था। इन घटनाओं में होने का शक सूत्रों ने बताया कि आतंकी तब से पूंछ-राजौरी, बारामूला और दक्षिण कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या वे 24 अक्टूबर 2024 को बोटापथरी हमले में शामिल थे। उस हमले में तीन आर्मी के जवान और दो पोर्टर मारे गए थे। हालांकि उस हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली थी, जो जैश-ए-मोहम्मद का एक हिस्सा है। आतंकियों में मूसा सबसे बड़ा कातिल सूत्रों ने बताया कि मूसा को बहुत स्किल्ड माना जाता है और वह जंगल में रहने का माहिर है। सूत्रों ने यह भी बताया कि वह उन घुसपैठियों में से हो सकता है जिन्होंने पिछले तीन सालों में जम्मू में आतंक मचाया है। उन्होंने सटीक फायरिंग और चुपके से की गई गतिविधियों से 50 से ज्यादा आर्मी के जवानों को मारा है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या यही समूह अगस्त 2023 में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में तीन आर्मी के जवानों की हत्या में शामिल था। 12 लोगों के सिर में मारी गोली सूत्रों ने बताया कि आतंकियों पर पिछले साल मई में जम्मू के पूंछ जिले में हुए हमले में भी शामिल होने का शक है। उस हमले में एयरफोर्स का एक जवान मारा गया था और चार अन्य घायल हो गए थे। उधर, पहलगाम आतंकी हमले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में यह भी पता चला है कि फायरिंग के दौरान आतंकियों ने अपने साथियों से जल्दी करने को कहा ताकि वे जा सकें। शव की ऑटोप्सी रिपोर्ट से पता चला कि 12 पीड़ितों के सिर में गोली लगी थी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

मौनी रॉय का जबरदस्त डांस वीडियो वायरल, फैंस ने की तारीफ

मुंबई मौनी रॉय जितनी कमाल की एक्टिंग करती हैं, उतनी ही दमदार डांसर भी हैं। वह कई फिल्मों और डांस शोज से लेकर रियलिटी शोज में अपने डांस का जलवा दिखा चुकी हैं। मौनी असल जिंदगी में भी खूब डांस करती हैं और रील्स सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। अब उन्होंने अपना एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह 'बावरा मन देखने चला एक सपना' पर क्लासिकल डांस करती नजर आ रही हैं। मौनी रॉय ने अपने इस वीडियो को 29 अप्रैल को इंटरनेशनल डांस डे के मौके पर शेयर किया। मौनी रॉय की एक-एक अदा, एक्सप्रेशंस और डांस मूव्स देख फैंस हैरान हैं। वो एक्ट्रेस की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। मौनी रॉय के इस डांस वीडियो को बेस्ट फ्रेंड और एक्ट्रेस दिशा पाटनी ने भी लाइक किया है। मौनी का डांस देख किसी को शर्मिला टैगोर आईं याद तो किसी ने बताया 'क्वीन' मौनी के इस डांस वीडियो पर एक फैन ने कमेंट किया है, 'डांस मूव्स तो एकदम लिक्विड जैसे हैं।' एक फैन ने लिखा, 'एकदम खूबसूरत, आपने शर्मिला टैगोर की याद दिला दी।' एक कमेंट है, 'कितनी ग्रेसफुल हो। मन करता है देखता रहूं।' एक और कमेंट है, 'आपको तो डांस मूवी करनी चाहिए।' एक फैन बोला, 'क्या डांस मूव्स हैं। क्लासिकल में तो कोई हरा नहीं सकता।' एक ने लिखा, 'आपकी टक्कर में कोई नहीं।' 'भूतनी' के लिए 45 रातों तक शूट किया डांस सीक्वेंस मौनी रॉय ने अपनी आने वाली फिल्म 'भूतनी' में भी एक जोरदार डांस सीक्वेंस किया है, जिसका शूट 45 रातों तक चला था। इसके लिए वह रोजाना 10-11 घंटे शूट करती थीं। मौनी रॉय ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस डांस सीक्वेंस के बारे में बताया था कि यह उनके लिए कितना चैलेंजिंग था। मौनी ने यह डांस ग्रैविटी और हार्नेस के साथ शूट किया था। रातभर पेड़ पर लटकी रहती थीं मौनी रॉय मौनी रॉय को कई बार चोट भी लगी और बताया था कि वह शूट के दौरान लगभग पूरी रात पेड़ पर लटकी रहती थीं। 'भूतनी' में पलक तिवारी और संजय दत्त भी हैं। यह फिल्म 1 मई को रिलीज होगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36