Friday, July 10, 2026 6:12 am

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुने जाने का फैसला टलने का फायदा एमपी को भी

भोपाल भारतीय जनता पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में काफी वक्त लगा रही है। इसके साथ ही कई राज्यों के अध्यक्षों के निर्वाचन भी अटक गए हैं। इस बीच देश में जो दुखद घटना हुई है। ऐसे हालातों में पार्टी ने चुनाव टालने का फैसला लिया है। इस खबर के सामने आने के बाद मध्यप्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। बता दें कि बीजेपी ने फिलहाल अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को टाल दिया है। पहलगाम में हुए हमले के बाद देश में मौजूदा हालात को देखते हुए भाजपा ने यह निर्णय लिया है। अब साफ हो गया है कि अध्यक्ष जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे। पार्टी के इस निर्णय का असर एमपी बीजेपी पर भी पड़ेगा। पद पर बने रहेंगे वीडी शर्मा अध्यक्ष पद का चुनाव टलने के फैसला टलने के बाद अब राजनीतिक विश्लेषक यह कयास लगा रहे हैं कि एमपी बीजेपी के अध्यक्ष वीडी शर्मा भी अपने पद पर बने रहेंगे। जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक राज्यों को लेकर निर्णय होना आसान नहीं है। इस फैसले के बाद बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार और लंबा हो जाएगा। मौजूदा हालात में लिया फैसला गौरतलब है कि जेपी नड्डा वर्ष 2019 से अध्यक्ष पद पर काबिज हैं और उनका कार्यकाल पहले भी बढ़ाया गया था। भाजपा का मानना है कि इस समय संगठन की स्थिरता और सरकार की नीति को मजबूती से आगे बढ़ाना जरूरी है। ऐसे में पार्टी के आंतरिक चुनाव को फिलहाल प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। जेपी नड्डा के चुनाव टलने का फायदा एमपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भी मिल सकता है। शर्मा के पास 2019 से है कमान वीडी भी वर्ष 2019 से प्रदेश अध्यक्ष हैं। अब संभव है कि चुनाव टलने के बाद मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष एमपी बीजेपी के मुखिया बने रहेंगे। हालांकि अब चुनाव टलने के बाद नए नेतृत्व को लेकर सस्पेंस और गहरा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के इतिहास को देखें तो अब तक सभी अध्यक्ष आपसी सहमति से ही चुने गए हैं। फिलहाल बीजेपी ने नए अध्यक्ष की घोषणा को लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है।   recent visitors 61

कटनी में मिले 23 पाकिस्तानी नागरिक, हिंदू शरणार्थी और एक मुस्लिम महिला शामिल, ह मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई

कटनी एमपी के कटनी में पुलिस ने 23 पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान की है। ये सभी लोग लंबे समय से वीजा पर यहां रह रहे हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। इन लोगों में हिंदू शरणार्थी और एक मुस्लिम महिला शामिल हैं। पुलिस ने इनकी जानकारी गृह मंत्रालय को भेज दी है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय ने पाकिस्तानियों के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। 24 घंटे के अंदर ही 23 पाकिस्तानियों की पहचान कर ली गई। 30-35 साल से यहां रह रहे पुलिस के अनुसार ये सभी 23 पाकिस्तानी नागरिक पिछले 30-35 सालों से कटनी में रह रहे हैं। ये सभी हिंदू शरणार्थी हैं। उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी किया है। इन लोगों में एक मुस्लिम महिला भी शामिल है। वह पहले कैमोर में रहती थी। उसकी शादी पाकिस्तान में हुई थी। शादी के बाद वह कटनी आ गई। बाद में उसने अनूपपुर में दूसरी शादी कर ली। अब वह वहीं रह रही है। लॉन्ग टर्म वीजा पर रहने की छूट कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कटनी में मिले सभी पाकिस्तानियों को लॉन्ग टर्म वीजा पर रहने की छूट मिली हुई है। पुलिस विभाग ने गृह मंत्रालय से इस बारे में जानकारी मांगी थी। जानकारी के साथ सभी दस्तावेज उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। इसके अलावा, एक मुस्लिम महिला की भी पहचान हुई है, जो फिलहाल अनूपपुर में रह रही है। कटनी पुलिस सभी पहलुओं पर ध्यान रख रही है। recent visitors 106

सफलता की सीढ़ी चढ़ना है तो इन जगहों पर नहीं करना चाहिए संकोच और शर्म

शर्म और लिहाज को सभ्य व्यक्ति की निशानी माना जाता है। वहीं बात अगर महिलाओं की करें तो उनके लिए ये दो गुण गहनों के समान महत्वपूर्ण बताए गए हैं। बावजूद इसके चाणक्य ने अपनी किताब नीति शास्त्र में 5 ऐसे मौके बताए गए हैं, जहां शर्म करने से व्यक्ति को हमेशा असफलता का मुंह देखना पड़ता है। इन जगह पर शर्म या संकोच करने से व्यक्ति सफलता की सीढ़ी नहीं चढ़ पाता है। आइए जानते हैं ऐसे कौन से वो 5 मौके हैं, जहां व्यक्ति को बिल्कुल भी शर्म नहीं करना चाहिए। भोजन करते समय न करें शर्म आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति भोजन करते समय शर्म या संकोच महसूस करता है, वह हमेशा ही नुकसान में रहता है। ऐसे व्यक्ति का पेट खाली रहता है और उसका ध्यान भूख की वजह से किसी और काम में नहीं लगता है। चाणक्य नीति के अनुसार भूखे व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है। जिसकी वजह से वो कई बार जीवन में गलत फैसले ले सकता है। पैसों से जुड़े मामले में शर्म चाणक्य नीति के अनुसार किसी भी व्यक्ति को पैसों के लेन-देन के मामले में शर्म नहीं करनी चाहिए। अगर आप किसी को उधार दिए पैसों को मांगने में शर्म करेंगे तो आपको हमेशा पैसों से जुड़े नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। ऐसे में बिना किसी झिझक के आपको दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार दिए पैसे वापस मांग लेने चाहिए। शिक्षा लेने में शर्म आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति को हमेशा नई-नई चीजें सीखते रहनी चाहिए। कई बार आपसे कम उम्र का व्यक्ति भी आपको कई नई चीजें सीखा सकता है। ऐसे में कभी भी नई चीज सीखने में संकोच महसूस ना करें वरना जीवन में आगे बढ़ने में आपको काफी परेशानी हो सकती है। अपनी बातों रखने में शर्म आचार्य चाणक्य के अनुसार एक व्यक्ति को अपनी बात दूसरों के सामने रखने से कभी भी संकोच महसूस नहीं करना चाहिए। अगर आपको किसी दूसरे व्यक्ति की कोई बात बुरी या गलत लग रही हो तो उसे तुरंत कह डालें। याद रखें, जो व्यक्ति अपने मन की बात दूसरों के सामने रखने में संकोच महसूस करता है, वह जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाता है। मेहनत करने में शर्म जो व्यक्ति कठिन परिश्रम करने में संकोच या आलस महसूस करता है, वह भी अपने जीवन में कभी सफलता का मुंह नहीं देख पाता है। एक सफल जीवन की बुनियाद कड़ी मेहनत ही है। दोस्तों या आलस के चक्कर में मेहनत करने से ना बचें। recent visitors 60

तुलसी के पौधे को इस दिन भूलकर भी न छुए

  सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को पौधा नहीं देवी की संज्ञा दी गई है. हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत महत्व दिया गया है. कहा जाता है कि तुलसी के पौधे में स्वयं लक्ष्मी जी का वास होता है और कोई भी विष्णु और लक्ष्मी पूजा तुलसी पत्र के बिना पूरी नहीं होती. शास्त्रों में घर की सुख समृद्धि और घर में शुभता के लिए तुलसी की रोज पूजा का विधान बताया गया है. घर के आंगन में तुलसी होना घर में सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है प्राचीन काल से लोग तुलसी में दिया रखते आ रहे हैं, तुलसी की पूजा करते आ रहे हैं और उसे एक देवी की तरह पूजते आ रहे हैं. तुलसी को छूने के ये हैं नियम वैसे तो तुलसी को छूने, जल देने, दीपक दिखाने के कई नियम और कायदे हैं. कई ऐसे दिन है जिन दिनों तुलसी को छूना या उसके पत्तों को तोड़ना वर्जित बताया गया है, जैसे कि रविवार, मंगलवार, एकादशी इन दिनों में तुलसी के पत्ते तोड़ना, जल देना और छूना मना है. लेकिन इन सब दिनों में एक दिन ऐसा है जिस दिन अगर गलती से भी आपने तुलसी को छू लिया तो आपको घोर पाप का भागी बनना पड़ता है. साल में 12 एकादशी आती है सभी पर तुलसी को छूना वर्जित है, लेकिन निर्जला एकादशी पर अगर आपने तुलसी को छुआ तो आपको महा पाप का भागी बनना पड़ेगा ऐसा शास्त्रों में वर्णित है. कहा जाता है कि माता लक्ष्मी और तुलसी मैया दोनों ही भगवान विष्णु के लिए निर्जला एकादशी का व्रत रखती हैं और किसी के उन्हें छू लेने से यह उपवास भंग हो जाता है, इसलिए निर्जला एकादशी के दिन तुलसी के पत्तों को तोड़ना, उसमें जल देना, और उन्हें छूना वर्जित बताया गया है. कहा जाता है ऐसा करने वाले को पाप लगता है और वह नरक का वासी बनता है. इस दिन कर सकते हैं तुलसी पूजा इसका मतलब यह नहीं की निर्जला एकादशी पर तुलसी पूजा वर्जित है इस दिन तुलसी के पास 11 दिए रखना उसकी परिक्रमा करना और उनसे दूर से ही आशीर्वाद लेना अत्यधिक फल देने वाला बताया गया है. recent visitors 43

महानदी भवन में विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक जारी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक जारी है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये जा सकते हैं। बैठक में सरकार कुछ अहम योजनाओं को लेकर फैसला ले सकती है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए लोगों के लिए गाइडलाइन जारी होने की संभावना है। वहीं श्रमिकों और किसानों के लिए सरकार नई योजना लाने की तैयारी में है। जमीन नामांतरण के लिए भी आज गाइडलाइन जारी हो सकती है। दरअसल, हाल ही में विष्णु सरकार ने जमीन के नामांतरण करने का नियम बदला है। ऐसे में इसे लेकर गाइडलाइन जारी की जा सकती है। recent visitors 37

यूनियन कार्बाइड कचरे को ट्रायल रन में जलाने में 15-20 किलो मरकरी की आशंका

भोपाल एक एनजीओ ने एमपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) और अन्य एजेंसियों पर एमपी हाई कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाया है। एनजीओ का कहना है कि इन एजेंसियों ने जानबूझकर पीथमपुर फैक्ट्री में यूनियन कार्बाइड कचरे के निपटान के दौरान मरकरी के खतरनाक मुद्दे को छुपाया। एनजीओ का आरोप है कि पीथमपुर फैक्ट्री में मरकरी को ठीक करने की क्षमता नहीं है। मरकरी एक बहुत ही हानिकारक भारी धातु है जिसे बिना उपचार के लैंडफिल में डाला जा रहा है। बीजीपीएसएसएस नामक एनजीओ की सदस्या साधना कर्णिक ने कहा कि ट्रायल रन में कमियां थीं। उन्होंने कहा कि 1 मई से बचे हुए 307 मीट्रिक टन कचरे को जलाना शुरू होने की संभावना है। कर्णिक ने आरोप लगाया कि एमपी हाई कोर्ट को सौंपी गई ट्रायल रन की रिपोर्ट में मरकरी को ठीक करने या सोखने का कोई जिक्र नहीं था। बीजीपीएसएसएस ने दी जानकारी उन्होंने कहा कि मरकरी को सोखना एक मुश्किल काम है और पीथमपुर की सुविधा इसे संभालने में सक्षम नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पीथमपुर सुविधा में तीन ट्रायल रन में जलाए गए 30 मीट्रिक टन जहरीले कचरे में कम से कम 15 से 20 किलो मरकरी थी। बीजीपीएसएसएस की सदस्या साधना कर्णिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया। ट्रायल रन की रिपोर्ट का किया विश्लेषण उन्होंने आगे कहा कि एमपीपीसीबी और अन्य एजेंसियां अदालत को गलत जानकारी दे रही हैं। उनके अनुसार, पीथमपुर फैक्ट्री में मरकरी को ठीक करने की क्षमता नहीं है, जो कि एक बड़ी समस्या है। कर्णिक ने बताया कि उन्होंने यह निष्कर्ष एमपीपीसीबी द्वारा ट्रायल रन पर दी गई रिपोर्ट के आंकड़ों का विश्लेषण करके निकाला है। उन्होंने आगे कहा कि जलाए जाने के दौरान मरकरी से छुटकारा पाने के लिए सल्फर और सल्फर डाइऑक्साइड का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन मरकरी का अवशोषण आसान नहीं है क्योंकि यह अक्सर खुद को अलग कर लेता है। अधिकारी का कहना एमपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी ब्रजेश शर्मा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कार्बाइड में तत्वों की पहचान करने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई थी। उनकी जानकारी के अनुसार एक्सपर्ट कमेटी द्वारा पहचाने गए तत्वों में मरकरी शामिल नहीं था। उन्होंने जोर देकर कहा कि एमपीपीसीबी नहीं बल्कि एक्सपर्ट कमेटी ने कचरे को परिभाषित किया और पीथमपुर सुविधा में इसके निपटान के लिए हरी झंडी दिखाई। recent visitors 48

प्रशासन ने रेत उत्खनन करते 1 चैन माउंटेन मशीन और अवैध परिवहन में लगे 2 हाइवा वाहन किये जब्त

आरंग रायपुर जिले के आरंग में प्रशासन ने रेत अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ एक्शन लिया है। हरदीडीह रेत खदान में रेत उत्खनन करते 1 चैन माउंटेन मशीन और अवैध परिवहन में लगे 2 हाइवा वाहन को मंगलवार देर रात जब्त किया गया है। यह कार्यवाई नायब तहसीलदार समोदा गजानंद सिदार और खनिज विभाग के सुपरवाइजर सुनीलदत्त शर्मा ने की है। जब्ती की कार्रवाई के बाद मशीन और वाहन को आरंग थाना के सुपुर्द किया गया है। बता दें कि इन दिनों आरंग क्षेत्र में महानदी से रेत के अवैध खनन और परिवहन की लगातार शिकायत मिल रही है। इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक कुछ रेत खदान के अवैध नीलाम होने की जानकारी भी मिल रही। इसके लिए ग्रामीणों को मोटी रकम भी दी गई है। अब देखने वाली बात है कि गौरभाट के बाद अवैध रूप से नीलाम होने वाले रेत खदानों पर प्रशासन कब कार्रवाई करती है। recent visitors 119